Sunday, July 5, 2026 6:09 am

झीलनगर की तीन हजार की आबादी को जलभराव और गंदगी से मुक्ति मिलेगी-राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल की झील नगर बस्ती को मिलेगी जल भराव और गंदगी से मुक्ति-राज्यमंत्री श्रीमती गौर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने सवा करोड़ के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन  झीलनगर की तीन हजार की आबादी को जलभराव और गंदगी से मुक्ति मिलेगी-राज्यमंत्री श्रीमती गौर भोपाल भोपाल के अयोध्या नगर मुख्य सड़क से लगी बस्ती झीलनगर की तीन हजार की आबादी को जलभराव और गंदगी से मुक्ति मिलेगी। बस्ती में नाली निर्माण की मांग के अनुसार पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंखयक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने बुधवार को झील नगर बस्ती में नाली निर्माण का भूमि-पूजन किया। उन्होंने नाली निर्माण कार्य को 90 दिन की तय समय सीमा से पहले निर्माण पूरा करने के निर्देश निर्माण एजेन्सी को दिए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अयोध्या नगर क्षेत्र की बस्तियों में एक करोड 30 लाख रुपए लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरे होना चाहिए। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि जिन कार्यों का उनके द्वारा भूमि-पूजन किया गया है, उनका लोकार्पण भी जल्दी होगा। सभी कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ निर्माण एजेंसियों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करना होगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बुधबार को झील नगर में नाली और सी.सी. रोड, अहिंसा नगर में सी.सी. रोड, अयोध्यानगर हनुमान मंदिर के पास नाली निर्माण और पार्क निर्माण, अयोध्या नगर जी, एच और एल सेक्टर में सड़क डामरीकरण, मारुति विहार डी सेक्टर में नाली निर्माण एवं जे. सेक्टर में पार्क बाउंड्री वाल निर्माण का भूमि-पूजन किया। पार्षद श्रीमती उर्मिला मौर्य, श्रीमती शिरोमणी शर्मा, विकास पटेल, भीकम सिंह बघेल और छोटू पंडित सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।   recent visitors 84

शिक्षा से बड़ा कोई सशक्तिकरण का माध्यम नहीं है – मंत्री श्रीमती उईके

भोपाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने कहा कि शिक्षा से बड़ा कोई सशक्तिकरण का माध्यम नहीं है। वंचित वर्गों के बच्चों को शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए। सिंगरौली में अजाक्स निःशुल्क कोचिंग के लिए भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह भवन उन छात्रों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जो संसाधनों के अभाव में प्रतिस्पर्धा परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते है। मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि बदलते समय के साथ प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता की चुनौती बढ़ गई है। राज्य सरकार निःशुल्क कोचिंग के माध्यम से ऐसे छात्रों को बैंकिंग, एमपीपीएससी, एसएससी और अन्य परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देकर उनके सपनों को साकार करने का प्रयास कर रही है। यह कदम न केवल शिक्षा का विस्तार करेगा, बल्कि छात्रों को आत्मनिर्भर बनने की राह भी दिखाएगा। उन्होंने कहा कि यह सुविधा उन्हें शिक्षा के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जुड़ने और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर प्रदान करेगी। मंत्री श्रीमती उईके ने इस पहल को समाज के लिए एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह निःशुल्क कोचिंग भवन छात्रों को ज्ञान और आत्मविश्वास के नए आयाम देगा। सरकार की इस पहल ने समाज के कमजोर वर्गों के लिए सशक्तिकरण और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। मंत्री श्रीमती उईके ने इसे वंचित वर्गों के बच्चों के लिए न केवल एक सुविधा, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव बताया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।   recent visitors 51

एक साल बेमिसाल- मोहन का उद्योग-जाल 

सत्येंद्र जैन मध्य प्रदेश में महाराजा विक्रमादित्य की भाँति परम प्रतापी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कार्यकाल का पहला साल पूर्ण हुआ है।उद्यमशीलता के पर्याय यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मध्य प्रदेश में निवेश और उद्यमों को संवर्धित करने के लिए सर्वस्व उद्यम अर्पण कर रहे हैं।एक समय वर्ष 2003 में प्रदेश की औद्योगिक विकास दर माइनस में थी।भाजपा की शिवराज सिंह चौहान , उमा भारती और स्वर्गीय बाबूलाल गौर की सरकार के परिश्रम और उद्योग हितैषी नीतियों के माध्यम से आज प्रदेश की औद्योगिक विकास दर लगभग 24 प्रतिशत है।मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश विकास के पथ पर सरपट दौड़ रहा है। आज मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश लगभग 4 लाख करोड़ रुपए है।आज औद्योगिक क्षेत्र भी सैकड़ों हैं।भाजपा की मोहन सरकार का भविष्य में इस निवेश को 20 लाख करोड़ रुपए तक ले जाने का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गहन अनुसंधान कर मध्य प्रदेश के विकास के रोडमैप को, ब्लू प्रिंट को तैयार किया है।यह भलीभांति अनुभव किया है कि प्रदेश के तीव्र आर्थिक विकास के लिए उद्योगों को,व्यापार वाणिज्य को बढ़ावा देना आवश्यक है।उद्यम क्षेत्र में अपार संभावनाएं विद्यमान हैं।इनका समुचित दोहन कर अर्थव्यवस्था को, औद्योगिक विकास को तीव्र गति प्रदान करेगा।यही कारण है कि उद्यमी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव,प्रदेश में उद्योगों का जाल बिछाने के लिए संकल्पित हैं।प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के लिये यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पहली बार संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ ही देश के बड़े महानगरों में रोड-शो किए।विदेशों से भी उद्योगपतियों को आकर्षित कर निवेश लाने की पहल की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के इन प्रयासों से मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से सशक्त होगा और युवाओं को रोजगार के अधिकतम अवसर मिलेंगे। मध्यप्रदेश को औद्योगिक हब,मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बनाने और रोजगार के अवसर सृजित करना मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, सागर और देश के महानगर मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो से 2,76,070 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे 3,28,670 रोजगार सृजन होगा। मध्यप्रदेश में निवेश लाने के लिये डॉ मोहन यादव हर जगह जाने को तैयार हैं। चाहे वह देश के अंदर हो या देश के बाहर हो। उनका प्रयास है कि मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से सबल हो और देश की अर्थव्यवस्था में महती भूमिका निभाए।आज भारत दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।देश की जीडीपी में योगदान 3.5 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 5 प्रतिशत हो गया है। भाजपा की मोहन सरकार देश की पाँच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में 550 बिलियन डॉलर के योगदान की लक्ष्य पूर्ति हेतु संकल्पित है।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की यूके और जर्मनी यात्रा के दौरान विभिन्न सत्रों, वन-टू-वन मीटिंग्स और राउंड-टेबल मीटिंग्स में चर्चा के अनुसार लगभग 78,000 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नर्मदापुरम में रि‍जनल इंडस्‍ट्री कॉन्क्लेव से 31,800 करोड से निवेश प्रस्‍ताव मिले जिससे 40 हजार रोजगार मिलेंगे। मोहन सरकार को प्रदेश में औद्योगिक निवेश हेतु लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव उद्यमियों से प्राप्त हुए हैं।वह दिन दूर नहीं जब मध्य प्रदेश का औद्योगिक निवेश वर्तमान में लगभग 4 लाख करोड़ रुपए है,बढ़कर शीघ्र ही दस लाख करोड़ होगा।खनिज क्षेत्र में भी राजस्व वर्तमान में 10 हजार करोड़ रुपए से 50 हजार करोड़ रुपए अर्जित करने के लिए संकल्पित हैं।विभिन्न प्रकार की औद्योगिक सब्सिडी भी उद्योगों को प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के औद्योगिक लक्ष्यों की पूर्ति हेतु सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री चेतन कश्यप भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रहे हैं। कुशल प्रशासक महाराजा विक्रमादित्य की भाँति यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः अर्थात परिश्रम से कार्य सिद्ध होते हैं, मनोरथ से नहीं इस मंत्र को आत्मसात कर मध्य प्रदेश में उद्योगों का जाल बिछा ,समृद्धि और सुख के सहस्रों प्रवेशद्वार खोल रहे हैं।भाजपा सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को एक साल बेमिसाल की हार्दिक बधाई।आप जनकल्याण क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान गढ़ते जाएं। इति श्री। recent visitors 32

भगवद्गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरणा है – मंत्री श्रीमती उइके

भोपाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने गीता जयंती महोत्सव में गीता के उपदेशों को मानव जीवन का सार बताते हुए कहा कि गीता हमें कर्म और धर्म का पाठ पढ़ाती है। उन्होंने जिले के अग्रणी महाविद्यालय बैढ़न में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा, "भगवद्गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरणा है। भगवान कृष्ण ने 'कर्म करो, फल की चिंता मत करो' का संदेश देकर हमें अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। गीता के सिद्धांत न केवल हमारे व्यक्तिगत जीवन को मार्गदर्शन देते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी सहायक हैं।" मंत्री श्रीमती उईके ने केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा गीता के महत्व को विश्व पटल पर ले जाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मानव कल्याण के लिए गीता के सिद्धांतों को आत्मसात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गीता के मार्ग पर चलकर सच्चाई, धर्म और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने जीवन को सफल बनाया जा सकता है। मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि गीता के मार्ग पर चलकर हम न केवल अपने जीवन को सफल बना सकते हैं, बल्कि समाज को भी नई दिशा दे सकते हैं।कार्यक्रम में छात्रों द्वारा भगवान कृष्ण और राधा की लीला को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया। गीता जयंती का यह जिला स्तरीय आयोजन भारतीय संस्कृति और जीवन दर्शन के प्रति समाज को जागरूक करने का एक प्रयास रहा। इस अवसर पर सिंगरौली विधायक उपस्थित रहे।   recent visitors 51

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज छकतला में करेंगे 1700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की सोंडवा उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन

अलीराजपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 दिसम्बर 2024 को अलीराजपुर के प्रथम प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव छकतला में सोंडवा उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन कर जिले को सौगात देंगे। 1700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार होने वाली इस परियोजना के माध्यम से जिले के 169 ग्रामों की 55 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी एवं पीने के पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल संसाधन विभाग, लोक सेवा यांत्रिकी विभाग सहित कई अन्य विभागों की योजनाओं का भूमि-पूजन भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव छकतला में कृषि विकास केंद्र द्वारा मोटे अनाज (अन्न) के प्रचार-प्रसार एवं जिले में उत्पादन के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रदर्शनी, उद्योग विभाग द्वारा डायमंड पोलिसिंग कार्य प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अलीराजपुर प्रवास के दौरान कृष्ण प्रणामी संप्रदाय के कार्यक्रम में भी सम्मिलित होंगे।   recent visitors 48

ऊर्जा विभाग के पदों के लिए परीक्षा मार्च में, सिलेबस एक सप्ताह में अपलोड होगा

भोपाल मप्र ऊर्जा विभाग के अधीन विभिन्न छः बिजली कंपनियों में 2573 पदों के लिए हो रही भर्ती के लिए परीक्षा मार्च 2025 में कराने की तैयारी हैं। इसकी तिथि समय रहते घोषित कर दी जाएगी। भर्ती प्रक्रिया की नोडल कंपनी मप्रपक्षेविविकं इंदौर की प्रबंध निदेशक सुरजनी सिंह ने बताया कि परीक्षा एमपी ऑन लाइन द्वारा ली जाना हैं। इसके फार्म 24 दिसंबर से ऑनलाइन लिए जाएंगे, सभी फार्म जमा होने के उपरांत परीक्षा तिथि की विधिवत घोषणा कर दी जाएगी। प्रबंध निदेशक सुरजनी सिंह ने बताया कि कंपनी के अधिकारी एमपी ऑन लाइन की टीम से सतत संपर्क में हैं, परीक्षाओं को लेकर जारी सिलेबस भी आगामी एक सप्ताह में वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। तकनीकी पदों के लिए विषय आधारित और सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे जाएंगे, वहीं गैर तकनीकी पदों के लिए सामान्य ज्ञान आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। जिन पदों पर भर्ती हो रही हैं, उनमें कार्यालय सहायक श्रेणी – 3, लाईन परिचालक (वितरण), सुरक्षा उप निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता (संयंत्र) मैकेनिकल, कनिष्ठ अभियंता (संयंत्र) इलेक्ट्रॉनिक, कनिष्ठ अभियंता/सहायक प्रबंधक (सिविल), कनिष्ठ अभियंता/सहायक प्रबंधक ( ट्रांस./वितरण/संयंत्र-इलेक्ट्रिकल) सहायक विधि अधिकारी/ विधि सहायक आदि शामिल हैं। साथ ही सहायक प्रबंधक (मा.सं.), सहायक प्रबंधक (सू. प्रौ.), संयंत्र सहायक- मैकेनिकल, संयंत्र सहायक (इलेक्ट्रिकल), औषधि संयोजक, भंडार सहायक, कनिष्ठ शीघ्र लेखक, एएनएम, ड्रेसर (पट्टी बंधक), स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, रेडियोग्राफर, ईसीजी टेक्नीशियन, अग्निशामक, सुरक्षा सैनिक, प्रोग्रामर, कल्याण सहायक, सिविल परिचारक इत्यादि शामिल हैं। विस्तृत जानकारी मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की वेबसाइट mpwz.co.in पर जाकर कैरिअर लिंक पर अथवा www.mponline.gov.in से प्राप्त की जा सकती है।   recent visitors 50

विरासत से विकास की संकल्पना के मूल विचार में सनातन परम्परायें, मान्यतायें और उसके कल्याणकारी सामाजिक परिणाम रहे हैं- मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के मुख्य आतिथ्य में बुधवार को नरसिंहपुर जिले के नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम, गोटेगाँव में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। कार्यक्रम में सांसद मंडला फग्गन सिंह कुलस्ते सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री पटेल ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि 8 से 11 दिसम्बर की अवधि में चलने वाले इस महोत्सव में हमें गीता के ज्ञान और इसके महत्व को जानने तथा व्यवहार में आत्मसात करने का अवसर मिला है। विरासत से विकास की संकल्पना के मूल विचार में सनातन परम्परायें, मान्यतायें और उसके कल्याणकारी सामाजिक परिणाम रहे हैं। इसी क्रम में गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध पक्षों और श्रीमद्भगवद गीता के सार्थक संदेशों से नागरिकों को अवगत कराना है। मंत्री पटेल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन के रहस्य की जो बात श्रीमद्भगवद गीता में समझाई है, वह हम सभी के लिए पाथेय के रूप में है, जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रासंगिक है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा जो बातें कहीं गई, वह आज भी सम-सामयिक है। श्रीमद्भगवद गीता आज भी पूरे संसार के लिए एक अद्भुत ग्रंथ है। व्यक्तित्व विकास की आधुनिक पुस्तकों में ऐसा कोई सूत्र नहीं जिसका वर्णन श्रीमद्भगवद गीता में न हो। श्रीमद्भगवद गीता भारतीय दर्शन और चिंतन का मूल आधार है। मंत्री पटेल ने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी को इन धर्म ग्रंथों के बारे में जानना आवश्यक है। इनके ज्ञान से अपने व्यक्तित्व और भविष्य को बेहतर किया जा सकता है। भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन को सफलता के लिए अपने धर्म के पालन और एकाग्रता के साथ कर्मशीलता पर ही बल दिया है। आपका अधिकार केवल कर्म पर है, कर्म के फल पर नहीं। इसलिए फल की चिंता किये बिना कर्म को ही कर्तव्य मानकर कार्य करो, उसी पर तुम्हारा अधिकार है। गीता की अमूल्य शिक्षा तथा मूल्यों से प्रेरणा लें। अपने जीवन में आत्मसात करें। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद बच्चों से कहा कि जब भी कभी जीवन में आप परेशानी महसूस करें तो गीता अवश्य पढ़े। उन्होंने कहा कि हमने गीता को आस्था का केंद्र मानकर पूजा करनी शुरू की है, लेकिन इसके श्लोकों को अपनी समस्या के समाधान के रूप में खोजना भूल गए। कार्यक्रम में पधारे संयासी रामकृष्ण मठ एवं मिशन रामकृष्ण शारदा सेवा आश्रम रातीकरारखुर्द करेली के स्वामी मानदानंद जी महाराज, नरसिंह साधुमंडल के अध्यक्ष व प्रांत संयोजक संत मार्गदर्शक मंडल विश्व हिंदू परिषद के महंत बालकदास जी महाराज, देवरामजानकी बड़ा मंदिर बरमान के स्वामी रघुनाथ दास जी महाराज, संस्थापक आचार्य गीता निकुंज आध्यात्मिक संस्थान एवं विश्व गीता प्रतिष्ठानम् के जिला प्रतिनिधि शशिकांत मिश्र का शाल श्रीफल व तुलसी माला से सम्मान किया। कार्यक्रम में सस्वर श्रीमद्भगवद गीता के 12 एवं 15 अध्याय का पाठ किया गया। इस अवसर पर विधायक महेन्द्र नागेश, कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले, पुलिस अधीक्षक श्रीमती मृगाखी डेका, पूर्व राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल, महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी, साधु- संत, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी- कर्मचारी और नागरिक मौजूद थे।   recent visitors 126