FARMER GOOD NEWS: फार्मर आईडी बनाने जिलों में लगाए जाएंगे शिविर, दस रुपए देगी सरकार

भोपाल। राज्यों में कैंप लगाकर किसान आईडी बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को इनसेंटिव देगी। इसमें प्रति कैंप 15,000 रुपये तक दिए जाएंगे। इसके अलावा हर आईडी बनाने पर केंद्र की ओर से राज्य सरकार को 10 रुपये दिए जाएंगे। दरअसल कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने राज्यों से किसान पहचान पत्र को तेजी से बनवाने के लिए कैंप लगाने को कहा है। किसान पहचान पत्र या किसान आईडी एक आधार से जुड़ी अनूठी डिजिटल पहचान है, जो राज्य के लैंड रिकॉर्ड से जुड़ी हुई है। इसके अलावा इसमें डेमोग्राफी, बोई गई फसल और जमीन के मालिकाना हक जैसी जानकारी भी होती है। किसान आईडी के माध्यम से बनाए गए डेटाबेस को किसान रजिस्ट्री के रूप में जाना जाएगा। यही वजह है कि केंद्र ने अब राज्यों से किसान आईडी देने के लिए कैंप-मोड अपनाने को कहा है।केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 27 नवंबर को इस संबंध में मध्यप्रदेश सराकर को एक पत्र भेजा था। केंद्र के पत्र के बाद आयुक्त भू-अभिलेख ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को इस संबंध में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि राजधानी सहित प्रदेश भर में करीब 87 लाख 90 हजार किसानों की आईडी जनरेट होनी हैं, जबकि अकेले भोपाल में करीब 65 हजार किसानों की फार्मर आईडी बननी है। आयुक्त भू-अभिलेख अनुभा श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि फार्मर आईडी क्रियेशन के लिए राज्यों को इंसेंटिवाइज करने के लिए भारत सरकार द्वारा स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस स्कीम घोषित की गई है।फार्मर आईडी क्रियेशन कार्य यथाशीघ्र पूर्ण करने की दृष्टि से इसे राजस्व महाअभियान 3.0 में भी शामिल किया गया है। फार्मर आईडी जनरेट करने की कार्रवाई अभियान के रूप में पूर्ण करने के लिए कैम्प आयोजित कर शीघ्र कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने दिए हैं। भारत सरकार द्वारा प्रति कैप राशि 15000 रुपए तीन किश्तों में प्रदान की जाएगी। इसकी प्रक्रिया भी केंद्र सरकार के निर्देश में विहित की गई है। जरूरत इसके लिए आपको आधार कार्ड की कॉपी, जमीन की जानकारी के लिए नकल की कॉपी, फसल के नाम, किस्में, बोनी का समय, बैंक पासबुक की डिटेल देनी होगी। हमेशा ध्यान रखें कि आधार नंबर और मोबाइल नंबर देते समय उसे चेक कर लें। आधार नंबर 12 अंकों का और मोबाइल नंबर 10 अंकों का होना चाहिए। प्रदेश में फार्मर आईडी बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को इनसेंटिव देगी। इसमें प्रति कैंप 15,000 रुपये तक दिए जाएंगे। इसमें गांवों में क्लस्टर से पीएम किसान डाटाबेस अनुसार कम-से-कम 50 फीसदी किसानों को रजिस्टर करना होगा। पहली किश्त 5000 रुपए प्रथम 15 फीसदी किसान आईडी जनरेट करने पर, दूसरी किश्त 5000 रुपए आगामी 15 प्रतिशत आईडी जनरेट करने पर और तीसरी किश्त 5000 आगामी 20 फीसदी फार्मर आईडी जनरेट करने पर प्राप्त होगी। प्रति फार्मर आईडी जनरेशन पर राशि 10 रुपए राज्य को प्राप्त होगी। यह राशि राजस्व महाअभियान 3.0 में फार्मर आईडी व खसरा आधार लिकिंग के लिए नियत कर्मचारी को दी जाएगी। इसके लिए किसानों को खुद का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन में गांव के पटवारी या सर्वेयर से किसान संपर्क कर सकते हैं। राजस्व का मैदानी अमला किसानों की किसान पहचान पत्र के लिए रजिस्ट्रेशन में मदद करेंगे। आप चाहें तो यह काम खुद भी कर सकते हैं। यह काम मोबाइल से कम्प्यूटर से भी किया जा सकता है। इसमें दी गई लिंक पर क्लिक करते ही आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी दर्ज करें और कैप्चा कोड भरना होगा। इसके बाद आपको नया यूजर अकाउंट बनाना होगा। अकाउंट बनने के बाद आपका किसान आईडी के लिए रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। recent visitors 244

राज्यसभा में जगदीप धनखड़ ने खुद को बताया किसान का बेटा, खरगे बोले- मेरा संघर्ष आपसे भी ज्यादा, जमकर हंगामा

नई दिल्ली राज्यसभा में अविश्वास प्रस्ताव और हंगामे को लेकर सभापति जगदीप धनखड़ विपक्ष पर बुरी तरह भड़क गए। सदन में शोरशराबे के बीच जगदीप धनखड़ ने कांग्रेस नेता प्रमोत तिवारी से कहा कि आप लोग तो 24 घंटे यही काम करते हैं। लेकिन मैं किसान का बेटा हूं और कमजोर नहीं हूं। मैं देश के लिए मर जाऊंगा लेकिन मैंने झुकना नहीं सीखा है। यहां एक किसान का बेटा क्यों बैठा है। मैंने बहुत कुछ बर्दाश्त किया। आपको किसी के खिलाफ प्रस्ताव लाने का अधिकार है लेकिन आप तो संविधान का ही अपमान कर रहे हैं। सभापति धनखड़ की इस बात पर राज्यसभा में विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वह दूसरे दलों के नेताओं के खिलाफ बोलने के लिए बीजेपी के नेताओं का उत्साहवर्धन करते हैं। उन्होंने कहा, मैं भी किसान का बेटा हूं। मैंने आपसे ज्यादा संघर्ष किया है। आप हमारी पार्टी के नेताओं का अपमान कर रहे हैं। आप कांग्रेस का अपमान कर रहे हैं। हम यहां आपकी प्रशंसा सुनने नहीं बल्कि चर्चा करने आए हैं। धनखड़ ने कहा, मैं पीड़ा महसूस कर रहा हूं। मेहरबानी करके आप भी कुछ सोचिए। मैंने आपको इज्जत देने में कई कमी नहीं की है। मैंने बहुत दुख बर्दाश्त किया है। उन्होंने कहा, आज किसान खेत तक सीमित नहीं बल्कि हर जगह काम कर रहे हैं। वे उद्दोगों में हैं और नौकरियों में भी हैं। आप लोगों ने संविधान की धज्जियां उड़ा दीं। आपका प्रस्ताव आ गया है और अब 14 दिन बाद इसपर फैसला हो जाएगा। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने विपक्ष पर नाराजगी जताते हुए और कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी को संबोधित करते हुए कहा कि आप अनुभवी नेता हैं फिर भी आपने हमें क्या-क्या नहीं कहा। आपने एक मुहिम चला रखी है। प्रमोद तिवारी जी, आपने तुम-तुम कर क्या बात की है। खरगे जी की इज्जत करता हूं। मैं अनुरोध करता हूं कि मान्यवर मुझपर कृपा करिए। जो समय ठीक लगे मुझसे मिलने का समय निकालिए। आप नहीं आ सकते तो मैं खुद आऊंगा। इसके बाद खरगे और धनखड़ के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। धनखड़ ने कहा, सबकी सुनूंगा। किसी भी हालत में कमजोर नहीं पड़ूंगा। आपको कल समय दिया आप बोल नहीं पाए। खरगे ने कहा कि आपको अगर सदन को चलाना है तो आपको भेदभाव नहीं करना चाहिए। इसके बाद धनखड़ ने होथ जोड़कर कहा, आपने समय का कैसे उपयोग किया। कुछ तो दिल पसीजा होगा। उन्होंने कहा, आप खुद सोचिए और सोने से पहले चिंतन कीजिए कि आपके लोग क्या करते हैं। खऱगे ने कहा, मैं तो किसान मजदूर का बेटा हूं। आप सबको बोलने दे रहे हैं और आप हमारी पार्टी के लोगों का अपमान कर रहे हैं। अगर आप ऐसे ही सदन चलाना चाहते हैं तो इसकी जिम्मेदारी आपकी है। खरगे ने कहा, यहां हम आपकी तारीफ करने नहीं आए हैं। इसपर धनखड़ ने तंज कसते हुए कहा, पूरा देश जानता है कि आपको किनकी तारीफ पसंद है। recent visitors 108

मातृ शक्ति को सशक्त कर रही है साय सरकार

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। सरकार महिलाओं के सिर्फ विकास की ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और सशक्तिकरण की सरकार बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास का जिम्मा महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को सौंपा है। जिसे श्रीमती राजवाड़े बखूबी निभा रही हैं।       छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से, जब लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता और आत्मनिर्भरता का सहारा मिला, तो यह केवल एक वित्तीय मदद नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार, आत्मविश्वास और उनकी शक्ति को पहचानने का एक मार्ग है। मार्च 2024 से दिसम्बर 2024 तक, 70 लाख महिलाओं के खाते में 6530.41 करोड़ रुपये की राशि पहुंचाई जा चुकी है। यह योजना अब सिर्फ एक राज्य की योजना नहीं, बल्कि एक आंदोलन बन चुकी है, जहां महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि अपने घर-परिवार में भी निर्णय लेने में बराबरी का हक महसूस कर रही हैं। प्रदेश के 31 जिलों में 201 पालना केंद्रों की स्थापना से कामकाजी महिलाओं को अपने बच्चों की देखभाल का सशक्त समाधान मिला है। ये केंद्र केवल सुविधा नहीं, बल्कि हर बच्चे के अधिकार की रक्षा का एक माध्यम हैं। बालकों के भविष्य को मजबूत करने के लिए, डबल इंजन सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।       छत्तीसगढ़ के बच्चों को पोषण, शिक्षा और समुचित देखभाल देने के लिए 4750 आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाया गया है। इनमें बच्चों को न केवल पोषण दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें  BaLA (Building as Learning Aid)  के माध्यम से शिक्षा और कौशल के अवसर भी मिल रहे हैं। एलईडी टीवी और पोषण वाटिका जैसी सुविधाएं बच्चों और महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध वातावरण बना रही हैं। 530 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति पिछले 10 माह में की गई और 4900 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को मुख्य आंगनबाड़ी केंद्रों में उन्नत किया गया, जिससे वहां अतिरिक्त व्यवस्थाओं का विस्तार हुआ। लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व और विष्णु देव साय जी के मार्गदर्शन में आंगनबाड़ी अधोसंरचना से संबंधित डप्ै पोर्टल तैयार किया गया है। इस पोर्टल के बन जाने से आंगनबाड़ी केन्द्रों की अधोसंरचना संबंधी सभी जानकारी जैसे बिजली, पेयजल, शौचालय, निर्माण संबंधी नियोजन, कार्य की प्रगति का अनुश्रवण आदि मुख्य आधारभूत जानकारी राज्य स्तर पर एक क्लिक पर उपलब्ध है।       छत्तीसगढ़ में कुपोषण पर प्रहार करते हुए सरकार ने पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से 0 से 5 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रखी और कुपोषण की दर में ऐतिहासिक गिरावट हासिल की। एक नेतृत्व तब सशक्त होता है, कमजोर वर्ग के बारे में सोचता है और उनके जीवन में वास्तविक बदलाव लाता है। बच्चों और महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) और महिला हेल्पलाइन (181) का संचालन 24/7 हो रहा है। साथ ही, हर जिले में वन स्टॉप सेंटर्स का विस्तार कर एक मजबूत और सुरक्षित नेटवर्क तैयार किया गया है, जो हर संकट में नागरिकों के लिए एक आश्रय बन कर खड़ा है। यह सुरक्षा केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि समाज में विश्वास और साहस का प्रतीक है।       भारत सरकार की मिशन शक्ति योजना के तहत राज्य महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) की स्थापना की गई है, जो महिलाओं के लिए समर्पित योजनाओं में प्रभावी समन्वय और कार्यान्वयन को सुनिश्चित करती है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत, अब 50 हजार रुपये में से 35 हजार रुपये सीधे वधु के खाते में भेजे जाते हैं, और शेष 15 हजार रुपये सामूहिक विवाह आयोजन पर खर्च होते हैं। इस साल अब तक 6543 कन्या विवाह सफलतापूर्वक सम्पन्न हो चुके हैं। वहीं, पी.एम. जनमन योजना के तहत 17 जिलों में 48 हजार पिछड़ी जनजाति परिवारों का सर्वे किया गया। इस पहल के अंतर्गत 70 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन हो रहा है, 54 भवन निर्माणाधीन हैं और 2024-25 में 95 और केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। नियद नेल्लानार योजना के तहत बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और कांकेर जिलों में 132 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। बालक कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड के अंतर्गत राज्य के 33 जिलों में अध्यक्ष, सदस्य और सामाजिक सदस्य पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन और साक्षात्कार प्रक्रिया चल रही है, जिससे बच्चों और किशोरों की भलाई और सुरक्षा के लिए एक मजबूत संरचना तैयार हो रही है।       डबल इंजन सरकार ने 27 नवंबर 2024 से बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की शुरुआत की है। यह सिर्फ एक कानून का कार्यान्वयन नहीं, बल्कि समाज की मानसिकता को बदलने का अभियान है। हर गांव और कस्बे में बाल विवाह के खिलाफ जनजागरूकता फैलाते हुए, सरकार द्वारा ने एक आदर्श स्थापित किया है। विष्णु के सुशासन के एक वर्ष में छत्तीसगढ़ में नया आत्मविश्वास, एक नया विश्वास और एक नई दिशा दिखती है। मुख्यमंत्री श्री साय की नीतियों और योजनाओं ने छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया है। recent visitors 54

नामपल्ली कोर्ट से अल्लू अर्जुन को झटका, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

'पुष्पा 2' स्टार अल्लू अर्जुन को जेल हो गई है। उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह एक्शन उनकी फिल्म की स्क्रीनिंग में मची भगदड़ में एक महिला की मौत के मामले में लिया गया। कोर्ट में सुनवाई के बाद एक्टर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एक्टर के लिए बड़ा झटका है। इससे उनके फैंस को भी शॉक लगा है। इससे पहले शुक्रवार, 13 दिसंबर को अल्लू अर्जुन को चिक्कड़पल्ली पुलिस ने उनके घर से हिरासत में लिया था। अल्लू अर्जुन के खिलाफ BNS की धाराओं- 105 और 118 (1) के तहत चिक्कड़पल्ली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था। उन्हें वहां से पूछताछ के लिए चिक्कड़पल्ली पुलिस स्टेशन लाया गया, और फिर कोर्ट में पेश किया गया। अल्लू अर्जुन से पूछताछ के बाद मेडिकल जांच और कोर्ट में पेशी पूछताछ के बाद अल्लू अर्जुन का बयान दर्ज किया गया। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया और फिर कोर्ट में पेश किया गया। यहां एक्टर को 14 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। अल्लू अर्जुन पर क्या है आरोप? अल्लू अर्जुन पर आरोप है कि 4 दिसंबर को वह संध्या थिएटर में अपनी फिल्म 'पुष्पा 2' के प्रीमियर पर बिना बताए पहुंच गए। इस कारण वहां भगदड़ मच गई। भारी भीड़ थिएटर में घुसने की कोशिश करने लगी। इसमें 39 वर्षीय महिला रेवती और उसका बेटा दब गए। सांस घुटने से दोनों बेहोश हो गए। पुलिस जब रेवती और उसके बेटे को अस्पताल ले गई, तो डॉक्टरों ने रेवती को मृत घोषित कर दिया। वहीं बेटे की हालत नाजुक बताई। मृतक महिला के परिवार ने दर्ज करवाया केस, लगीं ये धाराएं रेवती के पति और परिवार के लोगों ने अल्लू अर्जुन को इसका जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ चिक्कड़पल्ली स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अल्लू अर्जुन और उनकी सिक्योरिटी टीम के अलावा थिएटर मैनेजमेंट के खिलाफ BNS की धाराओं 105 और 118 (1) के तहत केस दर्ज किया। इस मामले में थिएटर के मालिक, मैनेजर और बालकनी के सुपरवाइजर की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है और तीनों न्यायिक हिरासत में हैं। recent visitors 59

अतुल सुभाष मामले में अब घर पहुंची पुलिस, लेकिन देर रात भागे थे ससुरालवाले, नोटिस भी चस्पा किया

नई दिल्ली इंजीनियर अतुल सुभाष की हत्या के मामले में पुलिस ऐक्शन तेज हो गया है। खबर है कि बेंगलुरु पुलिस ने जौनपुर स्थित अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया के आवास पर दस्तक दी है। हालांकि, परिवार बीती रात से ही फरार है। कर्नाटक पुलिस ने निकिता, उसकी मां निशा सिंघानिया, भाई अनुराग सिंघानिया और अंकल सुशील सिंघानिया के खिलाफ अतुल के भाई की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली थी। पुलिस कार्रवाई का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं। कर्नाटक पुलिस ने जांच के लिए नोटिस चस्पा कर दिया है। हाल ही में एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कथित तौर पर निकिता के भाई अनुराग और मां निशा घर के बाहर मौजूद पत्रकारों को धमकी देते हुए नजर आ रहे थे। अतुल ने सुसाइड नोट में चारों सदस्यों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। घर से भागे अतुल सुभाष के ससुरालवाले पुलिस के एक अधिकारी ने गुरुवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से पुष्टि की कि रात करीब एक बजे निकिता की मां निशा सिंघानिया और उनका बेटा अनुराग उर्फ पीयूष सिंघानिया यहां खोवा मंडी इलाके में अपने घर से मोटरसाइकिल से निकले और तब से वापस नहीं लौटे। सोशल मीडिया पर कथित वीडियो क्लिप में भी उन्हें आधी रात के आसपास घर से निकलते हुए दिखा जा सकता है। घर के बाहर बढ़ाई सुरक्षा जौनपुर के पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए खोवा मंडी क्षेत्र में नियमित स्तर पर पुलिस की तैनाती की गई है। इस बीच, कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश मिश्रा ने कहा कि पुलिस को निशा सिंघानिया और अन्य को गिरफ्तार करने, उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकने या उन्हें नजरबंद करने का कोई आदेश नहीं मिला है। परिवार चाहे सख्त ऐक्शन बुधवार को सुभाष के भाई विकास ने कहा, 'मैं चाहता हूं कि मेरे भाई को न्याय मिले। मैं चाहता हूं कि इस देश में एक ऐसी कानूनी प्रक्रिया हो जिसके जरिए पुरुषों को भी न्याय मिल सके। मैं उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहता हूं जो विधिक पद पर बैठे हैं और भ्रष्टाचार कर रहे हैं, क्योंकि अगर यह जारी रहा तो लोग न्याय की उम्मीद कैसे कर पाएंगे।' सुभाष का शव सोमवार को मराठाहल्ली पुलिस थाना क्षेत्र के मंजूनाथ लेआउट इलाके में स्थित उनके घर में फंदे से लटका मिला था। recent visitors 60

शनिवार 14 दिसंबर को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन

रायपुर आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार 14 दिसंबर को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर की ओर से प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों और व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे। यह वर्ष 2024 की चतुर्थ लोक अदालत होगी। लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय और व्यवहार न्यायालय में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता और मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरण एवं बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है। नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। जो विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे। इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जावेगा।   recent visitors 53

अजिंक्य रहाणे की शानदार 98 रन की पारी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा मुंबई

बेंगलुरु अजिंक्य रहाणे की शानदार 98 रन की पारी और सूर्यांश शेज की संयमित फिनिशिंग की बदौलत मुंबई ने बड़ौदा पर 6 विकेट से जीत दर्ज करके सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2024 के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। 159 रनों का पीछा करते हुए रहाणे की शानदार पारी ने मुंबई के लिए जीत की नींव रखी। अनुभवी बल्लेबाज ने 56 गेंदों की अपनी पारी में 11 चौके और पांच छक्के लगाए और बड़ौदा के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं। वह शतक से चूक गए, लेकिन उनके प्रदर्शन ने सुनिश्चित किया कि मुंबई पूरे लक्ष्य का पीछा करते हुए नियंत्रण में रहे। रहाणे को श्रेयस अय्यर का अच्छा साथ मिला जिन्होंने 30 गेंदों पर 46 रनों की तेज पारी खेली। दोनों ने 88 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की जिसने मुंबई को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया। अय्यर के आउट होने के बाद सूर्यकुमार यादव एक रन बनाकर आउट हो गए और शिवम दुबे ने लय बनाए रखी, इससे बाद सूर्यांश शेज ने डेब्यू करने वाले शाश्वत रावत की गेंद पर छक्का लगाकर मैच को अपने नाम किया। मुंबई ने 16 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। बड़ौदा के गेंदबाजों ने मुंबई की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप पर दबाव बनाने में विफल रहते हुए कड़ी चुनौती पेश की। अतीत शेठ और अभिमन्यु सिंह राजपूत ने एक-एक विकेट लिया, जिसमें राजपूत ने पारी के अंत में रहाणे को आउट किया – मुंबई को जीत की ओर ले जाने वाला एक सांत्वना विकेट। रहाणे की शानदार पारी ने उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिलाया जिसने मुंबई के सफल लक्ष्य का पीछा करने में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। इस जीत के साथ मुंबई फाइनल में पहुंच गई, जहां उनका लक्ष्य एक चुनौतीपूर्ण प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ चैंपियनशिप जीतना है। इससे पहले बड़ौदा ने शिवालिक शर्मा की देर से की गई आतिशी पारी की बदौलत 158/7 का प्रतिस्पर्धी लक्ष्य रखा। हालांकि शेज और तनुश कोटियन की अगुआई में मुंबई के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण ने उन्हें पारी के अधिकांश समय तक काबू में रखा। बड़ौदा की पारी ने अंतिम ओवरों में गति पकड़ी जिसमें शर्मा ने 24 गेंदों पर 36 रन और महेश पिथिया ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाया। अतीत शेठ ने 14 गेंदों पर 22 रन की तेज पारी खेली, जिससे स्कोर और मजबूत हुआ। शार्दुल ठाकुर ने एक महत्वपूर्ण विकेट लिया, लेकिन वह महंगे साबित हुए और अपने चार ओवरों में 46 रन दिए। स्थिर शुरुआत के बाद बड़ौदा का मध्यक्रम लड़खड़ा गया। हार्दिक पांड्या सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए, दुबे की चतुर विविधताओं के सामने वे हार गए। शाश्वत रावत ने 29 गेंदों पर 33 रन की उपयोगी पारी खेली, लेकिन कोटियन की गेंद पर बोल्ड हो गए। मुंबई के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया खासकर पावरप्ले में। शेज ने 2/11 के आंकड़े से प्रभावित किया जिसमें विष्णु सोलंकी को आउट करने के लिए एक शानदार रिटर्न कैच भी शामिल था जबकि अथर्व अंकोलेकर ने 1/25 के साथ मैच को संभाला। recent visitors 78