Sunday, July 5, 2026 12:02 pm

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में पर्यटकों की सुविधा और स्थानीय लोगों को आजीविका उपलब्ध कराने प्रशासन की पहल

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही छत्तीसगढ़ का गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जिला) प्राकृतिक धरोहरों से भरा हुआ है. यहां साल के घने वन, प्राकृतिक झरने, 8 नदियों, पहाड़ों, और गुफाओं का अद्भुद सौंदर्य देखकर सभी मंत्रमुग्ध हो जाते हैं. दूर-दूर से पर्यटक यहां के खूबसूरत नजारे का लुत्फ उठाने आते हैं. 10 फरवरी 2020 में सत्ता के विकेन्द्रीकरण के तहत बिलासपुर से अलग इस जिले का गठन किया गया था. पृथक जिला बनने के बाद से जीपीएम जिले को पर्यटन जिला के नाम से एक नई पहचान दिलाने जिला प्रशासन द्वारा पर्यटन स्थलों का विकास, पर्यटकों की सुविधा और स्थानीय लोगों को आजीविका उपलब्ध कराने के लिए सार्थक पहल किया जा रहा है.  जीपीएम जिले में पर्यटन की असीम संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने गगनई नेचर कैंप के विस्तृत जलाशय में नौकायन शुरू करा दिया है. राजमेरगढ़, ठाड़पथरा, लक्ष्मणधारा, माई का मड़वा, झोझा जलप्रपात, जोगी गुफा आदि स्थानों पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सौंदर्यीकरण के साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए कैंटीन एवं बैरियर का निर्माण किया गया है. इन स्थानों पर ट्रैकिंग, कैंपिंग व अन्य गतिविधियां कराई जा रही हैं. पर्यटन स्थलों की देखरेख एवं संधारण के लिए स्थानीय पर्यटन समितियों का गठन किया गया है. पर्यटन समितियों को रात्रि भ्रमण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं. स्थानीय युवाओं को ट्रैकिंग, हॉस्पिटैलिटी आदि का प्रशिक्षण दिया गया है.  स्थानीय पर्यटन समितियों के माध्यम से बस्ती बगरा और सोन बचरवार में होम स्टे संचालित किया जा रहा है. झोझा जलप्रपात घूमने आने वाले पर्यटक प्रकृति की वादियों में बसे आदिवासी ग्राम बस्ती बगरा में संचालित होम स्टे का आनंद ले सकते हैं. कम्युनिटी विलेज स्टे भी लमना ग्राम पंचायत में स्थानीय पर्यटन समिती द्वारा संचालित कराया जा रहा है, जिसमें पर्यटकों को पारंपरिक संस्कृति से भी जोड़ा जाता है. सोन बचरवार जहां से सोन नदी का उद्गम स्थल माना जाता है, और पूरे विश्व में सिर्फ एक मात्र मंदिर जहां पर मां नर्मदा और शोणभद्र जी की एक साथ प्रतिमा देखने को मिलती है, यहां पर माघ पूर्णिमा में एक विशाल मेले का भी आयोजन कराया जाता है. यह गांव धार्मिक महत्वता के लिए भी प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है यहां पर भी सोन बचारवार होम स्टे है, जो कि पर्यटन समिति द्वारा संचालित कराए जा रहे हैं. पर्यटन स्थल ठाड़पथरा में मड हाउस बनाया जा रहा है, इसका भी संचालन स्थानीय पर्यटन समिति द्वारा किया जाएगा.  जिले में धनपुर एक पुरातत्विक् स्थल है, जहां पर पर्यटन समिति के द्वारा विशालकाय पत्थर पर उभरी हुई मूर्ति बेनीबाई को संरक्षित किया जा रहा है. यहां खुदाई से प्राप्त मूर्तियों एवं अवशेषों का संरक्षण भी किया जा रहा है. धनपुर में मूर्ति संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है. पर्यटन विकास के तहत मलनिया डैम में खनिज न्यास मद से एक्वा टूरिज्म एवं वाटर स्पोर्ट्स की स्वीकृति दी गई है, जिसका संचालन मछुआ सहकारी समिति द्वारा किया जाना है. प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण जिले का पर्यटन स्थल स्थानीय पर्यअकों को ही नही बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी खूब भा रहा है. जिला प्रशासन जिले के सभी दुर्लभ एवं आकर्षक पर्यटन क्षेत्रों के विकास के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है. कबीर चबूतरा से लेकर समुदलई तक प्रत्येक पर्यटन स्थल की जीवंतता एवं सुरम्यता आने वाले दिनों में पूरे देश में जिले की ख्याति बढ़ाएगी. जिले के पर्यटन स्थलों के प्रचार प्रसार के लिए जिला प्रशासन द्वारा कॉफी टेबल बुक बनाई गई है तथा जिले की पर्यटन स्थलों को इंटरनेट के माध्यम से लोगो तक पहुंचाने के लिए www.gpmtourism.com वेबसाइट बनाई गई है. इस वेबसाइट के माध्यम से पर्यटन समितियों द्वारा संचालित कैम्पिंग, ट्रैकिंग, होमस्टे, कम्युनिटी विलेज स्टे एवं मडहाउस की बुकिंग भी की जाती है. जीपीएम कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने कहा कि गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले की प्राकृतिक सुन्दरता और पर्यटन की भरपूर संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा पर्यटन क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ स्थानीय जनजीवन के लिए भी कार्य किया जा रहा है. recent visitors 68

छत्तीसगढ़ की हाउसिंग सोसाइटी सौर ऊर्जा से होंगी रोशन, क्रेडा ने शुरू किया सर्वे

रायपुर राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ऊर्जा अक्षय विकास अभिकरण (क्रेडा) ने हाउसिंग सोसाइटियों को सोलर ऊर्जा से रोशन करने की तैयारी की है। क्रेडा के अधिकारी आवासीय सोसाइटियों का सर्वे भी कर रहे हैं। बीते दिनों क्रेडा ने हाउसिंग सोसाइटियों की बैठक भी ली थी। अधिकारियों का कहना है कि आवासीय सोसाइटी में सोलर प्लांट लगाने से यहां के रहवासियों को लाभ होगा। इसका खर्च भी आवासीय सोसाइटी और रेस्को (रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी) मिलकर करेंगे। वहीं, केंद्र सरकार ने सोलर ऊर्जा के माध्यम से 2030 तक देश में 500 बिलियन वॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। दो योजनाएं होगी लांच सोसाइटियों में सौर संयंत्र लगाने के लिए रेस्को और कैपेक्स जैसी दो योजनाएं लांच की जा रही हैं। कैपेक्स मॉडल के अंतर्गत सोसाइटियों को इसका पूरा खर्च वहन करना होगा। वहीं, रेस्को के तहत वेंडर पूरा सिस्टम लगाएगा और कॉलोनी के लोग न्यूनतम दर पर बिजली खरीदेंगे। क्रेडा के सीईओ राजेश सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश की सभी छोटी बड़ी कॉलोनियों को ग्रीन एनर्जी से जोड़ने के लिए इस दिशा में काम हो रहा है। सर्वे शुरू हो चुका है। इससे बिजली बिल भी कम आएगा। यह होता है रेस्को मॉडल रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी (रेस्को) मॉडल के तहत बिजली की मांग के अनुसार सोसाइटी में सोलर पावर प्लांट लगाया जाता है। इसमें शुरुआती खर्च रेस्को करता है। उत्पादित होने वाली बिजली को तय कीमत पर आवासीय सोसाइटी को बेचा जाता है। यह बिजली बिल की तुलना में एक तिहाई होता है। एक समय के बाद यह संयंत्र सोसाइटी के हवाले कर दिया जाता है। यह होता है कैपेक्स मॉडल कैपिटल एक्सपेंडिचर मॉडल (कैपेक्स) के तहत आवासीय सोसाइटी सोलर प्लांट लगाने का पूरा खर्च वहन करती है। इसमें सोसाइटी का ही मालिकाना हक होता है। प्लांट से उत्पादित बिजली का उपयोग यूटिलिटी बिजली भार में किया जाता है। इतने रुपये की होगी बचत रेस्को मॉडल के तहत 100 किलोवॉट का सौर संयंत्र लगाया जाता है, तो हर महीने 90 हजार की बचत होगी। वहीं कैपेक्स माडल से 1.13 लाख रुपये प्रति माह की बचत होती है। 100 किलोवॉट क्षमता का प्लांट लगाने के लिए 800 से 850 वर्ग मीटर जगह होनी जरूरी है। recent visitors 51

देश भर में 404 शक्ति सदन काम कर रहे हैं, जहां 29,315 महिलाओं को पुनर्वास और सहायता मिली:मंत्री सावित्री ठाकुर

नईदिल्ली भारत में संचालित 802 वन स्टॉप सेंटर से 10 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता मिली है। देश भर में 404 शक्ति सदन काम कर रहे हैं, जहां 29,315 महिलाओं को पुनर्वास और सहायता मिली है। राज्यसभा में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। वन स्टॉप सेंटर क्या है ? वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के मिशन शक्ति के अंतर्गत चलाए जा रही संबल पहल का घटक है। यह घरेलू और सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं को हिंसा और संकट से निपटने के लिए एक ही छत के नीचे एकीकृत सहयोग और सहायता प्रदान करता है। यह जरूरतमंद महिलाओं को चिकित्सा सहायता, कानूनी सहायता और सलाह, अस्थायी आश्रय, पुलिस सहायता और मनो-सामाजिक परामर्श जैसी सेवाएं प्रदान करता है। देश भर में 802 ओएससी चालू हैं वर्तमान में स्वीकृत 878 वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) में से, देश भर में 802 ओएससी चालू हैं और इनमें 31 अक्टूबर, 2024 तक 10.12 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा, शक्ति सदन मिशन शक्ति के तहत सामर्थ्य पहल का एक घटक है। यह तस्करी करके लाई गई महिलाओं सहित संकटग्रस्त महिलाओं के लिए एकीकृत राहत और पुनर्वास गृह है। इसका उद्देश्य संकट की स्थिति में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सक्षम वातावरण बनाना है, ताकि वे कठिन परिस्थितियों से बाहर आ सकें। आज की तारीख में, देश भर में 404 शक्ति सदन काम कर रहे हैं और वर्तमान में 29,315 महिलाओं को सहायता दी गई और पुनर्वास दिया गया है। किन जगहों पर अतिरिक्त ओएससी स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है ? दरअसल ओएससी योजना आश्‍वयकता के आधार पर काम करती है इसलिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक जिले में कम से कम एक ओएससी स्थापित करने और उन जिलों में अतिरिक्त ओएससी स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिनमें महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर अधिक है या जिनका भौगोलिक क्षेत्र बड़ा है और जो आकांक्षी जिलों में गिने जाते हैं। सरकार ओएससी में नियुक्ति एवं भर्ती के लिए 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करती है गौरतलब हो, केंद्र सरकार राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को प्रति ओएससी 13 जनशक्ति संसाधनों की नियुक्ति एवं भर्ती के लिए 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करती है। ओएससी योजना का समग्र कार्यान्वयन राज्य सरकारों व केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के पास है।   recent visitors 55

गाबा टेस्ट में एक बार फिर ऋषभ पंत से उम्मीद रहेगी कि तीसरे टेस्ट मैच में ऋषभ पंत एक बड़ी पारी खेलें।

गाबा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेली जा रही है। इस टेस्ट सीरीज में अब तक दो टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं। जिसमें दोनों टीमों ने एक-एक मुकाबला अपने नाम किया है। जिसके चलते अभी यह सीरीज बराबरी पर है। 14 दिसंबर से इस सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा। वही इस टेस्ट मैच में भारत के दो खिलाड़ी बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं। ऋषभ पंत और मोहम्मद सिराज के पास इस टेस्ट मैच में रिकॉर्ड बनाने का शानदार मौका रहेगा। दरअसल गाबा क्रिकेट स्टेडियम में होने वाला टेस्ट मैच दोनों ही टीमों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारतीय टीम इस टेस्ट मैच को जीत का सीरीज में बढ़त बनाने की कोशिश करेगी। यह टेस्ट मैच 14 से 18 दिसंबर तक खेला जाएगा। ऋषभ पंत कर सकते हैं कमाल वहीं गाबा में होने वाले इस टेस्ट मैच में ऋषभ पंत के पास एक शानदार मौका रहेगा। दरअसल ऋषभ पंत इस मैच में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं। अगर ऋषभ 63 और रन बना लेते हैं, तो वह गाबा के मैदान पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे। बता दें इससे पहले पंत ने 2021 में गाबा क्रिकेट ग्राउंड पर एक शानदार पारी खेली थी। उन्होंने 138 गेंद पर 89 रनों की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई थी। ऐसे में एक बार फिर ऋषभ पंत से उम्मीद रहेगी कि तीसरे टेस्ट मैच में ऋषभ पंत एक बड़ी पारी खेलें। मोहम्मद सिराज के पास भी शानदार मौका इसके साथ ही 14 दिसंबर से खेले जाने वाले इस टेस्ट मैच में मोहम्मद सिराज के पास भी एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका रहेगा। मोहम्मद सिराज ने गाबा में अभी एक टेस्ट मैच खेला है। जिसकी दो पारियों में उन्होंने 6 विकेट अपने नाम किए है। मोहम्मद सिराज अगर तीन विकेट और अपने नाम कर लेते हैं, तो गाबा में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बन जाएंगे। अभी यह रिकॉर्ड ईरापल्ली प्रसन्ना के नाम दर्ज है। उन्होंने दो मैच में कुल 8 विकेट अपने नाम किए थे। recent visitors 74

कभी प्यासे रहे बुंदेलखंड में योगी सरकार के प्रयास से पेयजल की समस्या का समाधान हो गया

 लखनऊ/महाकुंभनगर  योगी सरकार महाकुंभ 2025 में 'हर घर जल गांव' बसाएगी। पेयजल का समाधान, मेरे गांव की पहचान थीम पर यह 'गांव' 40 हजार स्क्वायर फिट एरिया में बसेगा। इसमें एक तरफ जहां 'जल जीवन मिशन' बुंदेलखंड में हर घर तक नल से जल पहुंचाने की कहानी सुनाई जाएगी, वहीं दूसरी तरफ महाकुंभ में नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के नए गांवों की सफलता की दास्तां से भी श्रद्धालु, पर्यटक व कल्पवासी परिचित होंगे। योगी सरकार के मार्गदर्शन में ग्रामीण जलापूर्ति व नमामि गंगे विभाग महाकुंभ में इसकी तैयारी कर रहा है। कभी प्यासे रहे बुंदेलखंड में योगी सरकार के प्रयास से पेयजल की समस्या का समाधान हो गया है। सफलता की इस कहानी को लेकर 'पेयजल का समाधान, मेरे गांव की नई पहचान' थीम पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी 5 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगी। 51 दिन तक चलने वाली प्रदर्शनी में अलग-अलग कार्यक्रम भी होंगे। प्रदर्शनी में बुंदेलखंड के ग्रामीण महिलाओं को मंच मुहैया कराया जाएगा, जिसमें वे बुंदेलखंड में बदलाव की कहानी बयां करेंगी। बांदा, झांसी, चित्रकूट के जिन गांवों में पानी न होने के कारण शादी नहीं हो पाती थी, वहां भी योगी सरकार ने ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल पहुंचाया। ललितपुर व महोबा के उन गांवों की महिलाएं, पानी ढोने के कारण जिनके सिर से बाल गायब हो गए थे। वे भी डबल इंजन सरकार के अतुलनीय कार्य को महाकुंभ में शुद्ध पानी से जीवन में आए बदलाव की कहानी को बयां करेंगी। ललितपुर से सटे मध्य प्रदेश के बॉर्डर के 'बाल विहट' गांव में एक ही कुआं था। इसमें सांप रहते थे, इसके बावजूद यहां के लोग कभी उसी कुएं का पानी पीते थे। मोदी-योगी सरकार ने इस गांव के लोगों को भी शुद्ध पेयजल पहुंचाया। यहां के ग्रामीण भी बदलाव की गाथा बयां करेंगे। महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों व हिस्सों से श्रद्धालु, पर्यटक आएंगे। इसलिए प्रदर्शनी में हर जानकारी बहुआयामी भाषाओं में मिलेगी। यहां हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, तेलगू और मराठी में लोग जल जीवन मिशन के माध्यम से बदले यूपी के बारे में अवगत हो सकेंगे। प्रदर्शनी में जल जीवन मिशन से विंध्य-बुंदेलखंड में आए बदलाव को लेकर सफलता की कहानी का भी संकलन पुस्तक के माध्यम से प्रदर्शित होगा। ग्रामीण जलापूर्ति व नमामि गंगे विभाग की तरफ से महाकुंभ में 'जल मंदिर' भी बनाया जाएगा। 'जल मंदिर' में भगवान शिव की जटा से गंगा धरती पर आएंगी। इसके जरिए संदेश दिया जाएगा कि जल प्रसाद है। जल जीवनदायी है। इसे बर्बाद न करें, बल्कि इसका संरक्षण करें। 'जल मंदिर' में सुबह-शाम जल आरती भी होगी। इस आरती में जल जीवन मिशन की गाथा, जल संरक्षण का संदेश भी होगा। recent visitors 95

गत श्रावण मास में 1 करोड़ से अधिक संत-महंत-श्रध्दालुओं ने त्रिनेत्रधारी अवंतिकानाथ भगवान महाकाल के दर्शन किए

उज्जैन उज्जयिनी एक महान धार्मिक सांस्कृतिक, साहित्यिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक सिध्द नगरी है। पृथ्वी के नाभिस्थल पर स्थित होने से कुण्डलिनी शक्ति-जागरण के सुविज्ञ योगियों एवं आध्यात्मविदों के लिए यह सफलदायी महत्ती सिध्द भूमि है। यहां पर प्रत्येक 12वें वर्ष में सिंह राशि में गुरू के स्थित होने पर कुम्भ महापर्व का आयोजन सुदीर्घकाल से होता आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव प्रदेश के साथ-साथ उज्जैन के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं और निरंतर विकास के कार्य कर रहे हैं। उज्जयिनी नगरी का विश्व प्रसिध्द बारह ज्योर्तिलिंगों में से एक दक्षिणमुखी भगवान महाकालेश्वर का मंदिर उज्जैन की जीवन शैली का केन्द्र बिन्दू है। अवंतिकानाथ भगवान महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल महालोक बनने के बाद से देश-विदेश से श्रध्दालुओं का अधिकाधिक संख्या में आगमन हो रहा है और निरंतर श्रध्दालुओं की संख्या में वृध्दि हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव की मंशानुरूप भगवान महाकालेश्वर की श्रावण-भादौ मास की सवारियों व राजसी सवारी ने सम्पूर्ण भारतवर्ष का ध्यान आकर्षित किया। भगवान महाकालेश्वर का राजसी वैभव व ठाट-बाट देखने देश-विदेश से 1 करोड़ से अधिक श्रध्दालु सिर्फ श्रावण के एक माह में पधारें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव के निर्देशानुसार इस वर्ष सवारी में आकर्षण का केन्द्र देश की विभिन्न जनजातिय दलों के कलाकारों द्वारा लोक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां, पुलिस बैंड द्वारा मधुर धुन की सवारी मार्ग में प्रस्तुति, डमरूवादन का विश्व रिकॉर्ड व राजसी सवारी में भगवान महाकालेश्वर की पालकी रामघाट पहुंचने पर हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा रही। श्रावण मास 22 जुलाई 2024 से 19 अगस्त 2024 में 1 करोड़ से अधिक श्रध्दालुओं ने उज्जैन आकर भगवान महाकाल के देव दर्शन कर महाकाल महालोक को निहारा व सवारियों में सम्मिलित हुए। उज्जयिनी में दिन-प्रतिदिन श्रध्दालुओं की संख्या में वृध्दि होने से उज्जैन, मालवा क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन, आर्थिक, सामाजिक केन्द्र बनकर उभरा है। व्यापार के क्षेत्र में बढ़ोतरी होने से नागरिकों को बहुआयामी रोजगार प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुरूप सम्राट विक्रमादित्य के समय का गौरव अवंतिका नगरी पुन: प्राप्त करें इसके लिए सम्पूर्ण भारतवर्ष के साधु-संत-महंत, विद्वानों, चिन्तकों, विचारकों, साहित्यकारों, अनुसंधानकर्ताओं का केन्द्र उज्जैन विभिन्न आयोजनों, सेमीनार, संगोष्ठी, महोत्सवों से सम्पूर्ण वर्ष रहा। क्षिप्रा नदी के पावन तट रामघाट पर चैत्र नवरात्रि गुडी पड़वा के अवसर पर "शिवज्योति अर्पणम" भव्य कार्यक्रम आयोजित कर दीप दान किया गया। विक्रमोत्सव व अखिल भारतीय कालिदास महोत्सव के अंतर्गत विविध सांस्कृतिक, साहित्यिक, धार्मिक व विज्ञान के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में देश-विदेश की महान विभूतियां पधारी और उज्जैन निरंतर वर्ष भर साहित्यकारों, विचारकों, चिंतकों और वैज्ञानिकों का केन्द्र बना रहा।  recent visitors 184

मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक, वित्त मंत्री देवड़ा सत्र के दूसरे दिन अनुपूरक बजट पेश करेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक चलने वाला है. इसी सत्र के दौरान अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा. मोहन कैबिनेट ने भी बजट को मंजूरी दे दी है. जिसके बाद वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा सत्र के दूसरे दिन ही मध्य प्रदेश का अनुपूरक बजट पेश करेंगे. इसके अलावा भी इस सत्र में मोहन सरकार से चार से पांच अहम प्रस्ताव भी ला सकती है, जिनकी सदन से मंजूरी मिल सकती है. बता दें कि इस बार विधानसभा के सत्र के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मिलाकर 1700 से भी ज्यादा प्रश्न लगे हुए हैं. 17 दिसंबर को पेश होगा सप्लीमेंट्री बजट मोहन कैबिनेट ने हाल ही में हुई बैठक में सप्लीमेंट्री बजट को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद वित्तमंत्री और राज्य के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा अनुपूरक बजट पेश करेंगे. इस बार का सप्लीमेंट्री बजट 15 हजार करोड रुपए से ज्यादा होगा. 3 महीने के लिए योजनाओं को गति देने के लिए सरकार शीतकालीन सत्र में बजट पेश करेगी, जबकि साल 2025-26 में पूर्ण बजट पेश करने के लिए वित्त विभाग ने 15 जनवरी तक सभी विभागों से सुझाव मांगे हैं. पांच दिन का इस बार सत्र मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार पांच दिन तक चलेगा. जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. वहीं कांग्रेस सत्र की अवधि बढ़ाए जाने की मांग कर रही है. इसके अलावा सदन में कई मुद्दों पर कांग्रेस और बीजेपी में तीखी बहस देखने को मिल सकती है. माना जा रहा है कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार तकरीबन 11 विधेयक लेकर आ सकती है, जिन पर चर्चा होगी. तीन नए विधायक लेंगे शपथ वहीं विधानसभा के शीतकालीन सत्र में तीन नए विधायक भी शपथ लेंगे, जिसमें अमरवाड़ा उपचुनाव में चुने गए बीजेपी के कमलेश शाह, बुधनी उपचुनाव में चुने गए बीजेपी के रमाकांत भार्गव और विजयपुर उपचुनाव में चुने गए कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर शपथ दिलाएंगे.  recent visitors 45