ट्रक और पिकअप के बीच आमने-सामने की भिड़त में 2 लोग गंभीर रूप से घायल

सूरजपुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में अभी-अभी एक भीषण सड़क हादसा हो गया. प्रतापपुर-बलरामपुर मार्ग पर एक ट्रक और पिकअप में आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिससे पिकअप चालक और क्लीनर गंभीर रूप से घायल हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को अस्पताल भेजा, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को मेडिकल कालेज अम्बिकापुर रेफर कर दिया गया है. जानकारी के अनुसार, ट्रक रामानुजनगंज से प्रतापपुर आ रही थी, जबकि पिकअप प्रतापपुर से बलरामपुर की तरफ जा रही थी. इसी दौरान दोनों के बीच आमने-सामने की भिड़ंत हो गई. यह पूरी घटना प्रतापपुर थाना क्षेत्र की है. recent visitors 31

उमरिया बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक पर्यटक की हार्ट अटैक से मौत

उमरिया  कोलकाता से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व घूमने आए एक पर्यटक की मौत हो गई है। इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक पर्यटक का नाम अरुण कुमार दास पिता आनंद मोहन दास उम्र 79 साल निवासी साल्ट लेक कोलकाता बताया गया है। पर्यटक के साथ उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद हैं। उनके बेटे ने सुबह तकलीफ होने के बाद अरुण कुमार दास को होटल के कर्मचारियों की मदद से जिला स्वास्थ्य अस्पताल पहुंचाया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सुबह आया हार्ट अटैक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला में स्थित अरण्यक रिजॉर्ट के कर्मचारियों ने बताया कि सुबह लगभग 4 बजे के बीच अरुण कुमार दास को तकलीफ होना शुरू हो गई थी। उन्हें सीने में दर्द हो रहा था। क्योंकि एके दास हार्ट पेशेंट थे और पहले भी बीमार हो चुके थे इसकी जानकारी उनके परिवार को थी। इसलिए उन्होंने तुरंत ही उन्हें अस्पताल ले जाने की इच्छा जताई। इसके बाद रिसोर्ट के कर्मचारियों ने वहां की व्यवस्था करवाई जिस एके दास को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान अरुण कुमार दास ने दम तोड़ दिया। अस्पताल में हुई मौत इस बारे में जानकारी देते हुए जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ केसी सोनी ने बताया कि बांधवगढ़ से एक पर्यटक को अटैक आने के बाद उमरिया अस्पताल लाया गया था। जिला अस्पताल में पहुंचने तक उनकी स्थिति काफी खराब हो चुकी थी। फिर भी उनके यहां उपचार शुरू किया गया और उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल जिला अस्पताल प्रबंधन ने घटना की सूचना पुलिस को दे दी इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी। recent visitors 30

कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट दे सकता हैं आपके करियर को नई दिशा

फाइनेंशियल, सर्विस और इंडस्ट्रियल सेक्टर्स में लगातार विकास हो रहा हैं पर विकास की इस दौड़ में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट भी पीछे नही हैं. किसी भी प्रोजेक्ट को प्रॉपर हैंडल करने के लिए कंस्ट्रक्शकन मैनेजर्स की डिमांड बढ़ती जा रही हैं. यदि आप इंफ्रास्ट्रक्चर से रिलेटेड फील्ड में रूचि रखते हैं तो कंस्ट्रक्शसन मैनेजमेंट बनकर आप अपने करियर को बेहतर बना सकते हैं. जानिए कंस्ट्रक्शंन मैनेजर से सम्बंधित जानकरी… क्या है कंस्ट्रक्शान मैनेजमेंट? जब कोई नया कंस्ट्रक्शन या नया प्रोजेक्ट शुरू किया जाता हैं तो उसका पूरा प्लान तैयार करना, उसको कोर्डिनेट करना कंट्रोल करना यह सब काम होता हैं कंस्ट्रक्शन मैनेजर का. कंस्ट्रक्शन मैनेजर को कंस्ट्रक्शनन प्रोजेक्ट मैनेजमेंट भी कहा जाता हैं. कंस्ट्रक्शतन मैनेजर का काम कंस्ट्रक्शनन इंडस्ट्री से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करना होता है. कंस्ट्रक्शलन इंडस्ट्री पांच सेक्टर्स में डिवाइडेड होती है- रेसिडेंशियल, कमर्शियल, हेवी सिविल, इंडस्ट्रीयल और एन्वॉयरमेंटल कंस्ट्रक्शलन मैनेजर की वर्क प्रोफाइलः- प्रोजेक्ट की डिजाइन बनाना, कॉन्ट्रैक्टर्स का सिलेक्शिन, वर्कर्स को हायर और सुपरवाइज करना, सप्लायर्स को मॉनिटर करना, कंस्ट्रक्शान साइट्स पर प्लानिंग, डायरेक्टिंग और कॉर्डिनेशन एक्टिविटीज में शामिल होना यह सारे काम कंस्ट्रक्शन मैनेजर के जिम्मे होते हैं. मैनेजर्स को प्रोजेक्ट के बजट और काम की प्रोग्राम रिपोर्ट भी बनाना होती हैं. फील्ड के लिए जरूरी स्किल्सः- इस फील्ड में प्रवेश करने के लिए कौन-सी स्किल्स जरूरी होती हैं? ऐसे युवा जो की कंस्ट्रक्शंन मैनेजर बनने की इच्छा रखते हैं उनके लिए क्रिटिकल थिंकिंग, कॉर्डिनेशन, इंस्ट्रक्टिंग, निगोशिएशन, टाइम मैनेजमेंट, ऑपरेशन एनालिसिस, प्रॉब्ललम सॉल्विंग, एक्टिव लर्निंग, जजमेंट एंड डिसीजन मेकिंग, मैथमैटिक्स, कम्यूनिकेशन, रिपेयरिंग, इक्विपमेंट सिलेक्शॉन और इंस्टॉलेशन जैसी स्किल्स का होना जरूरी होता हैं. यह सभी स्किल्स यदि आपमें होती हैं तो आप एक सक्सेसफुल कंस्ट्रक्शसन मैनेजर बन सकते हैं. रिलेटेड कोर्स:- इस क्षेत्र से सम्बंधित डिप्लोमा, अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज उपलब्ध होते हैं. अंडरग्रेजुएशन: ग्रेजुएशन के कोर्स में एडमिशन के लिए उम्मीदवारों को 12वीं पास होना जरूरी हैं. पोस्टग्रेजुएशनः पोस्टग्रेजुएशन कोर्स के लिए उम्मीदवारों को ग्रेजुएट होना जरूरी हैं. इसके अलावा उन्हें कैट या मैट या जैट एग्जाम में क्वॉलिफाई होना भी जरूरी हैं. एडवांस्ड डिप्लोमाः इस डिप्लोमा कोर्स को करने के लिए उम्मीदवारों को 12वीं पास या ग्रेजुएट होना जरूरी हैं. इस कोर्स की ड्यूरेशन 6 माह या 1 साल हो सकती हैं. जॉब स्कोपः- इस क्षेत्र से सम्बंधित कोर्स को करने के बाद इंडिविजुअल्स कंस्ट्रक्शसन कंपनीज, मल्टीनेशनल कंपनीज जैसी बड़ी कम्पनीज में अच्छी सैलेरी वाली जॉब पा सकते हैं.   recent visitors 34

छिंदवाड़ा : पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष ने की आत्महत्या, कमरे में बंद कर खुद को मारी गोली

छिंदवाड़ा  दो बार छिंदवाड़ा के नगर पालिका अध्यक्ष रह चुके भाजपा के वरिष्ठ नेता कन्हाईराम रघुवंशी ने गणेश कॉलोनी स्थित निवास पर लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव, सीएसपी समेत बड़ी संख्या में आमजन मौके पर पहुंच गए। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष छिंदवाड़ा कन्हाईराम रघुवंशी ने मकान के प्रथम तल में सर्विस रिवाल्वर से गोली मार ली। उनके दो बेटे हैं बड़े बेटे राकेश रघुवंशी ने दरवाजा तोड़कर शव निकाला। राकेश रघुवंशी ने बताया कि आम दिनों की तरह वो मॉर्निंगवॉक पर गए थे, करीब 11 बजे सुसाइड किया। बीते कुछ दिनों से बीमारी के कारण परेशान चल रहे थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल मौजूद है। यहां भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का तांता लग गया है। इधर… दो ग्रामीणों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत सौंसर तहसील के ग्राम रोहाना में एक ही दिन में दो लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से गांव में हड़कंप मचा हुआ है। ग्रामीणों में जो चर्चा है, उसके अनुसार अति शराब सेवन से मौत होने की खबर सामने आ रही है । एक व्यक्ति की मौत सौंसर सिविल अस्पताल में होने के बावजूद पोस्टमार्टम नहीं होने से हो हल्ला होने पर पुलिस ने दोनों के शव को अस्पताल लाकर गुरुवार को पोस्टमार्टम किया है। पीएम रिपोर्ट आने बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। रोहना में चार दिन पहले ही पंचायत उपचुनाव संपन्न हुआ है। जानकारी के अनुसार बुधवार की देर रात एक खबर सामने आई कि गांव में एक के बाद एक दो ग्रामीणों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। गांव में चर्चा थी की अधिक शराब के सेवन से यह मौत हुई है। बुधवार की सुबह शेषराव बावने (60) का शव घर में मृत अवस्था में मिला, तो वहीं श्रावण बावने (48) की हालत बिगड़ी तो उपचार के लिए सौंसर अस्पताल लाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। अचानक मौत होने से गर्माया मामला पुलिस का कहना है कि दोनों शराब का सेवन करते थे लेकिन एक व्यक्ति दिव्यांग था और बीमार चल रहा था वहीं एक को उल्टी होने के बाद अचानक मौत हुई है। इधर ग्रामीणों में जो चर्चा हो रही है उसके अनुसार रोहना में 9 दिसंबर को पंचायत चुनाव के दौरान जो शराब यहां बांटी गई थी उसका सेवन ग्रामीण जमकर कर रहे हैं। रोहाना में एक व्यक्ति की घर पर ही तो दूसरे की अस्पताल में मौत हुई थी। डॉक्टरों ने मृतक के स्वजनों से पोस्टमार्टम करने कहा लेकिन स्वजन शव को वापस गांव लेकर चले गए थे। इसके बाद मौत की खबर तेजी से फैलने लगी। इसके बाद पुलिस ने दोनों मृतक के शव को अस्पताल लाकर गुरुवार को पोस्टमार्टम किया है। इस संबंध में डॉक्टर हेमराज बोकड़े का का कहना है कि मैंने मृतक के स्वजनों से बार बार निवेदन किया था कि मृतक का पीएम करें लेकिन स्वजन नहीं माने और शव लेकर चले गए। इस बारे में थाना प्रभारी, सौंसर एबी मर्सकोले का कहना है कि रोहाना में दो लोगों की मौत किस कारण से हुई जांच की जा रही है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारण सामने आ पाएगा।   recent visitors 20

प्रदेश में अवैध निर्माण होंगे वैध, 25% पार्किंग की जगह होना अनिवार्य

रायपुर प्रदेश में अवैध निर्माण को वैध कराने के लिए एक बार फिर मौका मिलेगा. लेकिन इसके लिए आपके पास 25 प्रतिशत पार्किंग की जगह होना अनिवार्य है. पिछले बार उन सभी अवैध निर्माण को वैध किया गया था, जिनके पास एक कार की भी पार्किंग नहीं थी. भाजपा सरकार नियमितीकरण कराने के मामले में एक बड़ा संशोधन किया जा रहा है. इस बार उन लोगों के अवैध निर्माण को वैध किया जाएगा, जिनके पास कुल निर्माण का 25 फीसदी जगह पार्किंग के लिए खाली हो या जिसे खाली कराया जा सकता हो. अफसरों का कहना है कि पिछली सरकार ने जीरो पार्किंग पर भी अवैध निर्माण को वैध कर दिया था. दावा किया गया था कि जुर्माने की रकम से पार्किंग की जगह बनाई जाएगी, लेकिन पांच साल में किसी भी जिले में एक इंच जमीन भी पार्किंग के लिए नहीं खरीदी गई. इस वजह से इस बार जीरो पार्किंग के बजाय 25 प्रतिशत पार्किंग की जगह अनिवार्य करने का फैसला लिया जा रहा है. पिछली कांग्रेस सरकार ने जब अवैध निर्माण को वैध करने का मौका दिया था, तब रायपुर में ही 18 हजार से ज्यादा लोगों ने अवैध निर्माण को वैध कराने के लिए आवेदन दिया था. वहीं राज्य के सभी जिलों में औसतन पांच हजार लोगों ने अवैध निर्माण को वैध करने आवेदन दिया था. पिछली सरकार में इस संशोधन के बाद यह नियम तय किया गया था कि घर के नक्शे में पार्किंग के लिए निर्धारित 100% जमीन पर निर्माण कराने वाले लोगों को प्रत्येक कार के लिए दो लाख रुपए जुर्माना देना होगा. इसके बाद निर्माण को नियमित किया जा सकेगा. सरकार को इससे करीब 100 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था. इससे जुड़े आवेदनों को मंजूरी देने के लिए कलेक्टरों की अध्यक्षता में हर जिले में नियमितिकरण समिति बनाई गई थी. इस बार भी आवेदन और मंजूरी की प्रक्रिया ऐसे ही होगी. पार्किंग के लिए निगम को मिलेगा फंड पिछली बार नियमितिकरण के लिए जो पार्किंग शुल्क मिला ,था उसे निगम को ट्रांसफर किया जाएगा. इस रकम से निगम वाले जहां-जहां बिना पार्किंग वाले भवनों को वैध किया गया था, वहां पार्किंग के लिए जमीन खरीदेंगे. निगम अफसरों का कहना है कि जब तक फंड ट्रांसफर नहीं होगा वो जमीन खरीदी की प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकते हैं, क्योंकि फंड कितना आ रहा है उसी आधार पर यह तय होगा कि जमीन कितनी खरीदी जाए. पिछली सरकार ने नहीं दिखाई थी गंभीरता पिछली सरकार ने इस फंड को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई थी. लेकिन इस बार भाजपा सरकार ने फैसला किया है कि पार्किंग की जगह खरीदने के लिए जब शुल्क लिया गया है तो उसे हर हाल में सभी निगमों में ट्रांसफर किया जाएगा. इससे भवनों के सामने पार्किंग नहीं होने की समय बहुत हद तक कम होगी. पार्किंग पर होगा विशेष ध्यान इस संबंध में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने एक समाचार पत्र से चर्चा में नियमितीकरण की नई पालिसी पर हामी भरते हुए कहा कि नई पॉलिसी को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है. जल्द ही जरूरी संशोधन कर अवैध निर्माण को वैध कराने के लिए लोगों को मौका दिया जाएगा. इस बार पार्किंग पर विशेष ध्यान दिया गया है. recent visitors 27

कीजिए झीलों के शहर भोपाल की सैर

भारत का ह्रदय कहा जानें वाला मध्यप्रदेश देश-विदेश में अपने पर्यटन स्थलों, खान-पान, शिल्पकारी, बुनकरों के लिए जाना जाता है। मध्यंप्रदेश राज्यश की ही राजधानी भोपाल जिसे झीलें का शहर कहा जाता भी है। यह शहर देश के सबसे स्वाच्छं और हरे-भरे स्थाकनों में से माना जाता है। तो जानिए क्या खास है भोपाल शहर में जहां हर कोई होने को खिंचा चला आता है। हम आपको अपनी खबर में यहां के विश्व प्रसिद्ध मंदिरों, मस्जिद और झीलों के बारे में बताएंगे। लोअर लेक और अपर लेक जैसी दो सुंदर झीलों के कारण ही भोपाल को झीलों का शहर कहा जाता है। बड़ा तालाब भारत की सबसे सुंदर झीलों में से एक बड़ा तालाब को माना जाता है। यह देश की सबसे पुरानी मानव-निर्मित झील है। जो 11 वीं सदी में बनी थी। छोटा तालाब लोअर झील भी पर्यटकों के बीच उतनी ही विख्यानत है जितनी अपर लेक। हालांकि, वर्तमान में मानव बस्तियों के कारण अब यह झील अपना आकर्षण खोती जा रही है। लक्ष्मीनारायण मंदिर बिरला मंदिर के नाम से विख्याचत यह मंदिर अरेरा पहाडियों के निकट बनी झील के पास है। यहां पर बने एक संग्रहालय में मध्य प्रदेश के रायसेन, सेहोर, मंदसौर और सहदोल से लाई गईं मूर्तियां रखी गईं हैं। यह संग्रहालय प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है और सोमवार को बन्द रहता है। मोती मस्जिद मस्जिद की शैली दिल्लीश में बनी जामा मस्जिद के समान है। मस्जिद में गहरे लाल रंग की दो मीनारें हैं, जो ऊपर नुकीली हैं और सोने के समान लगती हैं। इस मस्जिद को कदसिया बेगम की बेटी सिकंदर जहां बेगम ने 1860 ई. में बनवाया था। ताज-उल-मस्जिद भारत की सबसे विशाल मस्जिदों में एक ताज-उल-मस्जिद है। गुलाबी रंग की इस विशाल मस्जिद की दो सफेद गुंबदनुमा मीनारें हैं, जिन्हें मदरसे के रूप में इस्तेामाल किया जाता है। तीन दिन तक चलने वाली यहां की वार्षिक इजतिमा प्रार्थना पूरें भारत के लोगों को अपनी ओर ध्याइन खींचती है। शौकत महल शौकत महल शहर के बीचोंबीच चैक एरिया के प्रवेश द्वार पर बना है। यह महल इस्लािमिक और यूरोपियन शैली का मिश्रित रूप है। यह महल लोगों की पुरातात्विक जिज्ञासा को जीवंत कर देता है। गोहर महल, भोपाल झील के किनारे बना यह महल शौकत महल के पीछे बना है। यह महल हिन्दुल और मुगल वास्तुरशिल्पं का बेहतरीन नमूना का एक अनूठा उदाहरण है। यहां पर ज्यादातर हस्तशिल्प की वस्तुओं की प्रदर्शिनी लगाई जाती है। पुरातात्विक संग्रहालय इस संग्रहालय में मध्य प्रदेश के विभिन्नो हिस्सोंर से लाई गई मूर्तियों और विभिन्नो स्कूवलों से लाई गई पेंटिग्सन, बाघ गुफाओं की चित्रकारियों की प्रतिलिपियां, अलक्ष्मी और बुद्ध की प्रतिमाएं यहां पर सहेजकर रखी गई हैं। भारत भवन भारत के सबसे अनूठे राष्ट्री य संस्थाानों में एक भारत भवन है। यहां भारत के विभिन्नो पारंपरिक शास्त्री य कलाओं के संरक्षण का यह प्रमुख केन्द्री है। इस भवन में एक म्युहजियम ऑफ आर्ट, एक आर्ट गैलरी, ललित कलाओं की कार्यशाला, भारतीय काव्य् की पुस्तंकालय बना हुआ है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय यह अनोखा संग्रहालय शामला की पहाडियों पर 200 एकड के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर भारत के विभिन्नद राज्योंल की जनजातीय संस्कृगति की झलक देखी जा सकती है। भीमबेटका गुफाएं भीमबेटका की गुफाएं प्रागैतिहासिक काल के जीवन का वर्णन चित्रकारियों के माध्यम से किए जाने के कारण लोकप्रिय हैं। यह गुफाएं चारों तरफ से विन्य्ंि  पर्वतमालाओं से घिरी हुईं हैं, जिनका संबंध नवपाषाण काल से है। यहां की सबसे प्राचीन चित्रकारी को 12 हजार वर्ष पूर्व की मानी जाती है। भोजपुर यह शहर भगवान शिव को समर्पित भोजेश्वरर मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर को पूर्व का सोमनाथ भी कहा जाता है। मंदिर की सबसे खास विशेषता यहां के लिंगम का विशाल आकार है। लिंगम की ऊंचाई लगभग 2. 3 मीटर की है और इसकी परिधि 5. 3 मीटर है। यह मंदिर 11 वीं शताब्दीं में राजा भोज ने बनवाया था। शिव रात्रि का पर्व यहां बडी धूमधाम से मनाया जाता है।   recent visitors 49

राज्य सरकार विकास, जन कल्याण और सुराज के लिए प्रतिबद्ध-विधायक अनूपपुर बिसाहूलाल सिंह

  अभियान के अंतर्गत चिन्हित योजनाओं का सभी पात्र हितग्राहियों को दिलाया जाएगा लाभ-कलेक्टर ग्राम फुनगा में मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान के अंतर्गत जनकल्याण शिविर का किया गया आयोजन अनूपपुर विधायक अनूपपुर श्री बिसाहूलाल सिंह ने कहा है कि अनूपपुर जिले में जनकल्याण पर्व 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर 2024 तक और 11 दिसम्बर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नागरिकों को लाभान्वित करने के लिए मौके पर ही शिविर लगाकर जन समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। हमारी सरकार विकास, जन कल्याण और सुराज के लिए प्रतिबद्ध है। जनकल्याण शिविर के अंतर्गत भारत सरकार एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का पूरा लाभ पात्र हितग्राहियों को समय सीमा में पहुंचे इस हेतु सरकार अनेक कदम उठा रही है। हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 12 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली गई थी, तब से आज तक हमारे मुख्यमंत्री प्रतिबद्धता, लगन एवं निष्ठा के साथ लोगों के भलाई का कार्य कर रहे हैं। विधायक अनूपपुर श्री बिसाहू लाल सिंह आज अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत फुनगा में आयोजित मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान के अंतर्गत जन कल्याण शिविर को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, नगरपालिका पसान के अध्यक्ष श्री राम अवध सिंह, जनपद पंचायत जैतहरी के अध्यक्ष श्री राजीव सिंह, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर एवं सहायक कलेक्टर श्री महिपाल सिंह गुर्जर, तहसीलदार श्री अनुपम पांडेय एवं नायब तहसीलदार श्री मंगला दास चक्रवर्ती, जनप्रतिनिधि श्री अजय द्विवेदी एवं श्री सिद्धार्थ शिव सिंह, ग्राम पंचायत फुनगा की सरपंच श्रीमती रेखा सिंह तथा जनपद सदस्य सहित जिले के विभिन्न विभागों के विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।     शिविर को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने कहा कि मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान के अंतर्गत सभी पात्र हितग्राहियों को चिन्हित केन्द्र और राज्य सरकार की 34 चिन्हित शत प्रतिशत सैचुरेशन की हितग्राही मूलक योजनाओं और 11 लक्ष्य आधारित योजनाओं के साथ विभिन्न विभागों से संबंधित 63 सेवाएं आमजन तक पहुँचाकर उन्हें लाभान्वित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत ग्राम स्तर पर हितग्राहियों को लाभ दिलाने हेतु रजिस्टर भी संधारित किया जा रहा है। जिसका समय समय पर उनके द्वारा समीक्षा भी की जाएगी तथा पात्र हितग्रहियों को लाभ दिलाया जाएगा। शिविर में कलेक्टर ने ग्राम पंचायत फुनगा सहित पाली, मझगवां, धनगवां पश्चिमी, बम्हनी, छिल्पा, अमलई, देवरी, मुडधोबा, धुम्मा एवं कदमटोला के मैदानी अमला का ग्रामवार नोडल अधिकारी, पटवारी, सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा एएनएम के संयुक्त प्रयासों से संधारित की गई रजिस्टर पंजी का अवलोकन करते हुए समीक्षा किया तथा निर्देश दिए कि भारत सरकार और राज्य सरकार की चिन्हित हितग्राही मूलक योजनाओ में शत प्रतिशत सिचुरेशन एवं लक्ष्य आधारित योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को दिलाएं। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत किसी प्रकार की लापरवाही एवं उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डोर टू डोर सर्वेकर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाए। कलेक्टर ने उन्हें अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किया। कार्यक्रम को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तन्मय वशिष्ठ ने भी संबोधित करते हुए योजनाओं की जानकारी प्रदान की। जनकल्याण शिविर का शुभारंभ विधायक अनूपपुर श्री बिसाहू लाल सिंह, कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों ने भारत माता के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर शुभारंभ किया। विभागीय अधिकारियों द्वारा दी गई योजनाओं की जानकारी कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग सहित अन्य विभिन्न विभागों के विभागीय अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान अंतर्गत चिन्हित योजनाओं के संबंध में नागरिकों को जानकारी देकर पात्रता के संबंध में भी अवगत कराया।  हितग्राहियों को किया गया हितलाभ वितरण शिविर में विधायक अनूपपुर श्री बिसाहूलाल सिंह, कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा ने पीएम जनमन आवास योजना के स्वीकृत पत्र श्री राजेश बैगा एवं सुमन बैगा, दिव्यांग पेंशन योजना हितग्राही दीपक पनिका एवं पचवटी पटेल तथा निःशुल्क साइकिल वितरण योजना के अंतर्गत 22 विद्यार्थियों को साइकिल का वितरण किया गया।  विभिन्न विभागों द्वारा लगाया गया स्टॉल मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविर में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, खाद्य विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, उद्योग विभाग, लोक निर्माण विभाग, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, जल संसाधन विभाग, खनिज विभाग, शिक्षा विभाग, बैंकर्स सहित अन्य विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे तथा लोगों को योजनाओं की जानकारी दी जा रही थी। recent visitors 22