Sunday, July 5, 2026 6:37 am

शिविर में प्रत्येक हितग्राही को चिन्हित कर जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से लाभान्वित करायेः-आयुक्त

 सिंगरौली प्रदेश सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर शासन के निर्देशानुसार जिले के नगरीय क्षेत्र में नगर पालिक  निगम सिंगरौली के  आयुक्त डी.के शर्मा के निर्देशन में जनकल्याण शिविर का आयोजन निर्धारित तिथियो के अनुसार निगम क्षेत्र के सभी वार्डो में किया जा रहा है। इसी क्रम में आज नगर पालिक निगम के वार्ड क्रमांक 18 में जन कल्याण शिविर का आयोजन कर पात्र हितग्राहियों से आवेदन प्राप्त कर पात्रता अनुसार उन्हे योजनाओं के लाभ से लाभान्वित कराया गया।  शिविर के दौरान हितग्राहियों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, संबल योजना, पात्रता पर्ची, कल्यणी पेशन योजना, दिव्यांग जन पेशन योजना, कर्मकार मण्डल, राष्ट्रीय योजनाओं के लाभ, और स्थानीय शिकायतों का समाधान प्रदान किया गया। आयोजित शिविर का नगर निगम आयुक्त के द्वारा अवलोकन किया गया एवं  शिविर में सलग्न अधिकारियों कर्मचारियों को  निर्देश दिये गये कि शिविर में आने वाले प्रत्येक हितग्राही को उनकी पात्रता के अनुसार शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से लाभान्वित कराये। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान यह सुनिश्चित किया जाये कोई भी पात्र हितग्राही शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इस दौरान वार्ड पार्षद, नगर निगम के उपायुक्त आरपी वैश्य सहित बड़ी सख्या में हितग्राही उपस्थित रहे। recent visitors 40

जिले में आबकारी विभाग की अवैध शराब बनाने वालो के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही

जिले में आबकारी विभाग की अवैध शराब बनाने वालो के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही 43 हजार कीमत की 420 किलो महुआ लाहन एवं हथभंठ्ठी शराब जप्त सिंगरौली कलेक्टर श्री चंद्रशेखर शुक्ला के निर्देशन मे एवं जिला आबकारी अधिकारी श्री खेमराज श्याम के मार्गदर्शन में वृत बैढ़न एवं मोरवा के अंतर्गत अवैध शराब के संग्रहण एवं विक्रय की सूचना मिलने पर आबकारी विभाग द्वारा  कार्यवाही की  गई ।      कार्यवाही के दौरान आरोपी  सपना केवट पति आशीष केवट निवासी गोलाई बस्ती जयंत,रिंकी केवट पति गोविंद केवट निवासी जयंत, श्यामकली पति सोनू गुप्ता निवासी जयंत,पार्वती स्वीपर पति संतोष स्वीपर एवं पूजा स्वीपर पति शंकर स्वीपर निवासी स्वीपर बस्ती दुधिच्छुआ के यहां विधिवत तलाशी कार्यवाही के दौरान कुल 420किलोग्राम महुआ लाहन व 12लीटर  हथभट्टी शराब  किमत करीब 43 हजसार 800 रूपयें बरामद कर आरोपियो के विरुद्ध म.प्र. आबकारी अधिनियम 1915की धारा 34 (1)(क) एंव(च) के तहत प्रकरण दर्ज कार्यवाही की गई। recent visitors 31

जल संसाधन मंत्री सिलावट ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया आभार व्यक्त

पीकेसी लिंक प्रोजेक्ट पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया जल संसाधन मंत्री सिलावट ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया आभार व्यक्त भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में मंगलवार जयपुर में पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) लिंक परियोजना पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित होने पर प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया है। मंत्री सिलावट ने कहा है कि यह परियोजना दोनों राज्यों में विकास के नए द्वार खोलेगी। इस परियोजना से न सिर्फ सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा अपितु उद्योगों और पर्यटन का विकास होने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इस परियोजना का कार्य प्रदेश में नियत समय अवधि में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाएगा। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने कहा परियोजना की सौगात मिलना प्रदेश के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है। इस परियोजना से मालवा और चंबल क्षेत्र की तस्वीर एवं तकदीर बदलेगी। सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में तरक्की होगी। इस परियोजना से प्रदेश के मालवा और चंबल क्षेत्र में 6 लाख 13 हजार 520 हेक्टेयर में सिंचाई होगी और 40 लाख की आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त लगभग 60 वर्ष पुरानी चंबल दाईं मुख्य नहर एवं वितरण तंत्र प्रणाली के आधुनिकीकरण कार्य से भिंड, मुरैना एवं श्योपुर जिलों के 1205 ग्रामों में 03 लाख 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कृषकों की मांग अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना से प्रदेश के 13 जिलों गुना, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, इंदौर, धार, आगर मालवा, शाजापुर और राजगढ़ जिलों के 3217 ग्रामों को लाभ मिलेगा। पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना मध्य प्रदेश एवं राजस्थान दोनो़ं राज्यों के किसानों और नागरिकों के लिए वरदान साबित होगी। इससे किसानों को भरपूर सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और विकास के नये द्वार खुलेंगे। परियोजना से दोनों राज्यों में समृद्धि आयेगी। परियोजना से मिलने वाले जल से किसान अपनी उपज को दोगुना कर सकेंगे, जिससे उनके परिवार के साथ प्रदेश भी समृद्ध होगा। पीकेसी लिंक परियोजना की अनुमानित लागत 72 हजार करोड़ है, जिसमें मध्यप्रदेश 35 हजार करोड़ और राजस्थान 37 हजार करोड़ रूपये व्यय करेगा। केन्द्र की इस योजना में कुल लागत का 90 प्रतिशत केन्द्रांश और 10 प्रतिशत राज्यांश रहेगा। परियोजना की कुल जल भराव क्षमता 1908.83 घन मीटर होगी। साथ ही 172 मिलियन घन मीटर जल, पेयजल और उद्योगों के लिये आरक्षित रहेगा। परियोजना अंतर्गत 21 बांध/बैराज निर्मित किये जाएंगे।   recent visitors 42

राजधानी रायपुर में बना हुआ है ठंड का सिस्टम, सरगुजा के तापमान में उतार-चढ़ाव

रायपुर राजधानी में ठंड अपना असर दिखा रही है। बीते 24 घंटे में पारा तीन डिग्री और गिरकर 9.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। इतना ही नहीं राजधानी के आउटर में तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसके अलावा दुर्ग में न्यूनतम पारा सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस गिर गया है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 30.1 डिग्री सेल्सियस सुकमा में तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस बलरामपुर में दर्ज किया गया। राजधानी में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 28 डिग्री और 11 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में हो सकती है बढ़त मंगलवार से बन रहे नए सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश हवा की दिशा में दक्षिण-पश्चिम होने की संभावना है। साथ ही प्रदेश के वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ेगी। इसके प्रभाव से अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में वृद्धि हो सकती है। आगामी 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि हो सकती है। हालांकि, बादल छाए रहने से दिन का तापमान गिर सकता है। सरगुजा के तापमान में उतार-चढ़ाव सरगुजा संभाग के उत्तरी जिलों के तापमान में वृद्धि होगी, लेकिन तेजी से अगले एक सप्ताह तक उतार-चढ़ाव के साथ न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बदलाव जारी रहेगा। 18 दिसंबर से 22 दिसंबर तक बस्तर संभाग और उससे लगे जिलों बहुत हल्की से हल्की वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। राज्य में सबसे अधिक तापमान 30.1 सुकमा में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री बलरामपुर में किया दर्ज। बना हुआ है सिस्टम दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और संबंधित चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। अगले दो दिनों के दौरान इसके और अधिक साफ होने और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर तमिलनाडु तट की ओर बढ़ने की संभावना है। निगम ने की अलाव की व्यवस्था नगर निगम द्वारा शहरवासियों को शीतलहर से बचाव के लिए जगह-जगह अलाव की व्यवस्था की गई है। इससे शहर में आने वाले बाहर के लाेगों को जहां सुविधा मिल रही है। वहीं, शहरवासियों को भी ठंड से राहत मिल रही है। आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने जोन के आयुक्तों, अभियंताओं को इस कार्य की जिम्मेदारी सौंपी है। recent visitors 41

भक्तों की भेंट से भगवान महाकाल का खजाना फिर भर गया, 1 साल में 112 करोड़ रुपए से अधिक की आय

उज्जैन भक्तों की भेंट से भगवान महाकाल का खजाना फिर भर गया है। 1 जनवरी से 13 दिसंबर 2024 तक मंदिर समिति को विभिन्न स्रोतों से 112 करोड़ 31 लाख 85 हजार 988 रुपये की आय हुई है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2024 में शीघ्र दर्शन टिकट व भस्म आरती बुकिंग से आय बढ़ी है। अन्नक्षेत्र में भी गतवर्ष की तुलना में अधिक दान आया है। विविध आय भी दो गुना हो गई है। अभी दिसंबर माह के 18 दिन शेष है। इस अवधि में जो भी आय होगी, इसे मिलाकर इस साल की आय पिछले साल से अधिक रहेगी।   लड्डू प्रसाद की बिक्री से प्राप्त राशि शामिल नहीं     मंदिर प्रशासन के आय के आंकड़े जारी किए हैं। इस राशि में लड्डू प्रसाद की बिक्री से प्राप्त राशि शामिल नहीं है, क्योंकि लड्डू प्रसाद लागत मूल्य पर विक्रय किया जाता है। इसलिए यह आय नहीं है।     1 जनवरी से 31 दिसंबर 2023 तक मंदिर समिति को 14 करोड़ 58 लाख 4 हजार 675 रुपये की आय हुई थी। वहीं वर्ष 2024 में 1 जनवरी से 13 दिसंबर तक 112 करोड़ 31 लाख 85 हजार 988 रुपये प्राप्त हुए हैं।     वर्ष 2023 में जनवरी से जुलाई माह तक 750 रुपये की प्रोटोकॉल दर्शन तथा 1500 रुपये की जल अर्पण रसीद पर गर्भगृह में प्रवेश की व्यवस्था थी। मंदिर समिति को छह माह में इस मद से करीब 21 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई थी।     अगस्त 2023 से गर्भगृह में भक्तों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया। इसलिए वर्ष दो हजार 2024 में यह आय प्रभावित हुई है। दोनों वर्षों की आय का तुलनात्मक अध्ययन करें तो इस मद में राशि प्राप्त नहीं होने से वर्ष 2024 में गतवर्ष के मुकाबले आय बढ़ी है।   recent visitors 47

‘चिकित्सा पेशे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, भारत बन रहा है एक विकसित समाज’

अमरावती राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि चिकित्सा पेशे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनका महत्वपूर्ण योगदान दर्शाता है कि भारत वास्तव में एक विकसित समाज बन रहा है. मुर्मू ने यहां मंगलागिरी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि समग्र स्वास्थ्य को निरंतर बढ़ावा देना तथा सभी के लिए स्वास्थ्य सुनिश्चित करना इस संस्थान के प्रत्येक चिकित्सा पेशेवर का मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए. राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘चिकित्सा पेशे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनका महत्वपूर्ण योगदान यह दर्शाता है कि हम वास्तव में एक विकसित समाज बन रहे हैं. इससे यह तथ्य भी उजागर होता है कि अवसर मिलने पर हमारी बेटियां हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करती हैं.’’ उन्होंने कहा कि सरकार ने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना सहित कई योजनाएं शुरू की हैं और उपचार में कठिनाइयों का सामना करने वालों के लिए इलाज सुलभ बनाया है. मुर्मू ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार के साथ-साथ जागरूक समाज की भी यह जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि कोई भी व्यक्ति वित्तीय या अन्य कारणों से चिकित्सा सेवाओं से वंचित न रहे. राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय चिकित्सक अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के दम पर विकसित देशों में अग्रणी स्थान पर हैं. उन्होंने कहा कि दूसरे देशों से लोग स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए भारत आते हैं. उन्होंने कहा कि भारत विश्व मानचित्र पर किफायती चिकित्सा पर्यटन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है. उन्होंने कहा कि देश के चिकित्सक इस संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने युवा चिकित्सकों से ग्रामीण, आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को चिकित्सा देखभाल और सेवाएं प्रदान करने को प्राथमिकता देने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि समग्र स्वास्थ्य देखभाल के संदर्भ में योगासन और प्राणायाम को आधुनिक दृष्टिकोण से भी स्वीकार किया गया है. इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव, आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. एम्स-मंगलागिरि की आधारशिला 2015 में रखी गई थी और एमबीबीएस छात्रों के पहले बैच को 30 अगस्त, 2018 को शामिल किया गया था, जो आज उत्तीर्ण हुए. recent visitors 72

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया 7 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ

मध्यप्रदेश वन संपदा की दृष्टि से समृद्ध राज्य : राज्यपाल पटेल मध्यप्रदेश के वन, वनोपज और वन्य-प्राणी प्रदेश की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया 7 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ लाल परेड ग्राउंड में 23 दिसंबर तक होगा मेले का आयोजन भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश वन संपदा की दृष्टि से समृद्ध राज्य है। यहां पर औषधीय जड़ी-बूटियों का समृद्ध भंडार है। कोविड महामारी ने विश्व को आयुर्वेद के महत्व से पुन: परिचित कराया है। उन्होंने महामारी के दौरान मरीजों के ईलाज के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा वितरण कार्य के लिए प्रदेश सरकार की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वन मेले का आयोजन, वन संसाधनों की महत्ता, उनके संरक्षण और संवर्धन की जागरूकता प्रसार की दिशा में सुखद संकेत है। राज्यपाल पटेल 10वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हितग्राहियों को लघु वनोपज संघ अंतर्गत प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि का वितरण किया। वन एवं राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ द्वारा 10वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का लाल परेड ग्राउंड भोपाल में 17 से 23 दिसंबर तक आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का अपना महत्व है, लेकिन वनों से प्राप्त औषधियों की विशेष उपयोगिता है। कोरोना के कठिन समय में आयुर्वेद ने लोगों के जीवन बचाने में मदद की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा दिया है। अब चिकित्सा जगत में फिर से आयुष का महत्व बढ़ा है। वन मेले जैसे आयोजन इस नाते बहुत महत्व रखते हैं। वास्तव में यह अंतर्राष्ट्रीय वन मेला अनोखा है। इस मेले की शुरूआत 2001 से हुई और धीरे-धीरे यह प्रदेश से आगे बढ़कर देश तक और फिर वैश्विक हो गया। मेले ने अपनी अलग पहचान बनाई है। आम तौर पर वन और वन-सम्पदा से मेलों का इतना विस्तार होना हम सब के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 10वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे प्रदेश की वन सम्पदा विशिष्ट है। हम तो सौभाग्यशाली हैं कि हमारे यहां वन सम्पदा, वनों का आंतरिक वातावरण भी विशेष है और प्रदेश के वनों की अलग पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य प्राणी हमारे जंगल के आभूषण होते हैं, जिनके कारण जंगल की शोभा होती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश चीतों को पुनर्स्थापित करने में सफलता प्राप्त हुई है। वन्य जीव परम्परा में सभी प्रकार के टाइगर, तेंदुआ, चीता का महत्व है। टाइगर में हम देश में नम्बर वन पर है। वास्तव में पुनर्स्थापना में मध्यप्रदेश की भूमि का चयन होना हमारे लिये गर्व की बात है। जो चीते सम्पर्णू एशिया से ही गायब हो गए थे। इसके लिए वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी बधाई के पात्र हैं। वन विभाग ने यह अनोखा प्रयोग किया है। इस प्रयोग के अच्छे परिणाम उनके लिये आ रहे हैं। धीरे-धीरे हमारे यहाँ नए-नए मेहमान आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है वे कि मध्यप्रदेश का वातावरण अनुकूल हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के वनवासी भी वनों की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच सिंचाई, उद्योग क्षेत्र और पेयजल की दृष्टि से महत्वपूर्ण पार्वती-काली सिंध-चम्बल परियोजना के लिए आज जयपुर में त्रिपक्षीय अनुबंध का अवसर दिया। केंद्र सरकार द्वारा परियोजना के लिए 90 प्रतिशत राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसम्बर से प्रारंभ हुए जनकल्याण पर्व की गतिविधियां 26 दिसम्बर तक चलेंगी। प्रतिदिन प्रदेशवासियों को एक नई सौगात दी जा रही है। हाल ही में राजधानी के निकट लोकार्पित अभ्यारण का नाम पुरातत्वशास्त्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से आहवान किया कि वे वन मेले में प्रदर्शित औषधियों को खरीदें और लाभ प्राप्त करें। उन्होंने वन विभाग को श्रेष्ठ आयोजन के लिए बधाई दी। प्रारंभ में राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन, विदिशा, सिवनी और अन्य जिलों से आए 9 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की बोनस राशि के चेक प्रदान किए। वन्य राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि यह मेला दिव्यता और भव्यता का प्रतीक है। राज्य सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों का मानदेय तीन हजार रुपए से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा किया है। विभाग में अनुकंपा नियुक्ति, दुर्घटना पर राहत राशि के महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। प्रारंभ में लघुवनोपज संघ के एमडी विभाष ठाकुर ने स्वागत भाषण दिया। अतिथियों को बांस की टोकरी एवं अन्य वन्य उत्पाद, स्मृति चिन्ह के रूप में दिए गए। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन मेले में विभिन्न स्टाल्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समाज के पारम्परिक वाद्य यंत्रों को बजाते हुए जनजातीय लोक कलाओं से जुड़े कलाकार दल से भेंट एवं चर्चा की।   recent visitors 29