एक और कैमरा NDRF की टीम ने डाला, राजस्थान-जयपुर में 18 घंटे से बोरवेल में मौत के गड्ढे में चेतना

जयपुर। 18 घंटे से बोरवेल में भूखी प्यासी 3 साल की चेतना को बाहर निकलने के प्रयास और तेज हो गया है। बता दें बोरवेल 700 फीट है और चेतना 150 फीट पर फंसी हुई है। जल्द ही दूसरा प्रयास शुरू होगा। जगह कम होने के कारण खाद्य सामग्री नीचे भेजने में प्रशासन फेल हो गया। रिंग रोड और अंब्रेला टेक्नोलॉजी से बच्ची को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। देर रात करीब 1 बजे पहला प्रयास असफल रहा। रिंग बच्ची के कपड़ों में फंसने के बाद बच्ची को बाहर निकाला जाएगा। एनडीआरएफ के सीनियर कमांडेंट योगेश मीणा ने बताया कि रिंग बच्ची को फंसाने के लिए बोरवेल में डाली गई थी। बच्ची के कपड़ों में रिंग उलझ गया था। उस रिंग से बच्ची की बॉडी पर पकड़ नहीं बन पाई। ऐसे में आदि दूरी में पकड़ छूटने के डर से रिंग को दोबारा बाहर निकाल लिया गया। ग्रामीणों को उम्मीद सही-सलामत निकलेगी चेतना घटनास्थल पर काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ है। सभी लोग बच्ची के सकुशल बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। रेस्क्यू टीम लगातार बच्ची को बाहर निकालने का प्रयास कर रही है। वहीं जिला प्रशासन और पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। सरियों की सहायता से बोरवेल में उतारी गई रिंग बांदीकुई व दौसा में बोरवेल में गिरने वालों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन करने वाले तीन युवकों को भी एसडीआरएफ की टीम अपने साथ लेकर पहुंची है। टीम में शामिल जगमाल, नाथूराम व बलराम को बोरवेल में गिरी मोटर बाहर निकालने का अनुभव है। इन्होंने लोहे की रिंग बनाकर सरियों की सहायता से रिंग को नीचे बोरवेल में उतारा है। दो कोशिश नाकाम, अब तीसरी से उम्मीद सोमवार रात करीब 1 बजे रिंग रॉड और अंब्रेला टेक्नीक से बच्ची को निकालने का पहला प्रयास असफल रहा। एनडीआरएफ के सीनियर कमांडेंट योगेश मीणा ने बताया- जो रिंग बच्ची को फंसाने के लिए बोरवेल में फंसाने के लिए अंदर डाला था। वो बच्ची के कपड़ों मे उलझ गया था। उस रिंग से बच्ची की बॉडी पर पकड़ नहीं बन पाई। ऐसे में आधी दूरी में पकड़ छूटने के डर से रिंग को दोबारा बाहर निकाला गया है। अब रिंग को सही कर दोबारा डालेंगे। मंगलवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्ची के दादा व परिवार के अन्य लोगों को रेस्क्यू से जुड़ी जानकारी दी। राजस्थान पुलिस की एडवायजरी प्रदेश में जगह जगह खुले पड़े सूखे बोरवेल, सूखे कुंए लोगों के लिए खतरे का सबब बने हुए हैं। इन गड्ढों में गिरकर बच्चे ही नहीं बड़े भी गंभीर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। कहीं भी खुला बोरवेल या सूखा कुंआ दिखाई दे तो एसडीआरएफ हेल्पलाइन 0141-2759903 या 8764873114 पर सूचित करें।… pic.twitter.com/LmktYeSkEt — Rajasthan Police (@PoliceRajasthan) December 23, 2024 recent visitors 111

Apple AirPods में आएंगे नए हेल्थ फीचर्स

नई दिल्ली इस साल की शुरुआत में, Apple ने AirPods Pro में कुछ हेल्थ फीचर्स पेश किए थे। इनमें एक हियरिंग टेस्ट फीचर और हियरिंग एड्स के रूप में उपयोग करने का विकल्प शामिल है। अब, Bloomberg की एक रिपोर्ट के अनुसार, Apple AirPods में हेल्थ फीचर्स को और उन्नत बनाने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, Apple AirPods में हार्ट रेट मॉनिटर, टेम्परेचर सेंसर और विभिन्न फिजियोलॉजिकल मेट्रिक्स को ट्रैक करने के लिए नए सेंसर्स जोड़ने पर काम कर रहा है। Apple की प्राथमिकता फिलहाल हार्ट रेट मॉनिटरिंग टेक्नोलॉजी पर है, जिसे AirPods में सेंसर के जरिए शामिल करने की योजना है। रिपोर्ट बताती है कि Apple ने AirPods में हार्ट रेट सेंसर का इंटरनल टेस्टिंग किया है। हालांकि, यह Apple Watch जितना सटीक नहीं है लेकिन इससे बहुत ज्यादा पीछे भी नहीं है। नए फीचर्स के लॉन्च की टाइमलाइन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये हेल्थ फीचर्स कब तक लॉन्च किए जाएंगे। संभावना है कि AirPods Pro 3 के साथ कुछ नए फीचर्स आ सकते हैं, लेकिन इसमें अभी कुछ साल लग सकते हैं। कैमरा इंटीग्रेशन पर भी हो रहा है काम Apple केवल हेल्थ फीचर्स पर ही नहीं, बल्कि AirPods में कैमरा इंटीग्रेशन की संभावनाएं भी तलाश रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पहले यह प्रोजेक्ट रोक दिया गया था, लेकिन अब कंपनी के AI-ड्रिवन प्रोडक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करने के कारण इसे फिर से शुरू किया गया है। AI और AirPods टीम के लिए AirPods में कैमरा इंटीग्रेशन प्राथमिकता बन चुका है। हालांकि, AirPods में कैमरा फीचर देखने के लिए कुछ सालों का इंतजार करना पड़ सकता है। साउंड क्वालिटी पर भी कंपनी की तरफ से काफी काम किया जा रहा है। इसमें डिजाइन भी आपको काफी अच्छा मिल रहा है। साथ ही आपको कॉम्पैक्ट डिजाइन के साथ कई चीजें मिलती हैं। recent visitors 87

एमपी में एक बार फिर से बेस्ट ऑफ फाइव योजना को लागू कर दिया गया, अप्रैल 2024 में रद्द किया था

भोपाल एमपी में बोर्ड परीक्षा MP Board Exam में बड़ा बदलाव हुआ है। इसके अंतर्गत परीक्षार्थी 5 पेपर में ही पास हो जाएंगे। हाईस्कूल यानि 10वीं क्लास के 6 प्रश्नपत्रों में से किसी एक में फेल हो जाने पर भी वे पास माने जाएंगे। दरअसल एमपी बोर्ड ने हाईस्कूल के छात्रों के लिए बेस्ट ऑफ फाइव योजना फिर लागू कर दी है। बोर्ड परीक्षार्थियों का मानसिक तनाव कम करने और कमजोर विषयों में राहत देने के उद्देश्य से यह योजना दोबारा लागू की गई है। एमपी बोर्ड परीक्षा में एक बार फिर से बेस्ट ऑफ फाइव योजना को लागू कर दिया गया है। इस योजना से छात्रों को सीधे फायदा होने जा रहा है। दरअसल, बेस्ट ऑफ फाइव योजना के लागू होने के बाद 10वीं बोर्ड के छह प्रश्नपत्रों में से पांच में पास होने वाले परीक्षार्थी पास माने जाएंगे। इसी साल अप्रैल महीने में स्कूल शिक्षा विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर इसे रद्द कर दिया था। हालांकि, एक बार फिर से इसको लागू कर दिया गया है। बेस्ट ऑफ फाइव योजना के बारे में जानिए जानकारी दें कि बेस्ट ऑफ फाइव योजना के तहत छात्रों को 10वीं बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन और सफलता की अधिक संभावना होगी। इसी उद्देश्य के साथ इस योजना को राज्य में लागू किया गया था। योजना के तहत अगर कोई परीक्षार्थी छह अनिवार्य प्रश्नपत्रों में से किसी पांच में पास हो जाता है, तो उसे पास माना जाएगा। इस नियम को छात्रों के ऊपर से परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए और उनके मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। जानिए कैसे काम करेगी ये योजना     कक्षा 10वीं के लिए एमपी बोर्ड के अंतर्गत 6 अनिवार्य विषयों की परीक्षा होती है।     योजना के तहत छात्रों को इनमें से किसी पांच विषय में न्यूनतम पासिंग अंक लाने होते हैं।     अगर कोई छात्र किसी एक विषय में कमजोर है तो उसके लिए ये योजना काफी लाभदायक साबित होगी।     यदि किसी छात्र का एक विषय कमजोर रहता है, तो वह अन्य पांच विषयों में अच्छे अंक लाकर पास हो सकता है।     योजना के लागू होने के बाद छात्रों पर पढ़ाई का दबाव कम होता है।     योजना के लागू होने के बाद छात्रों को अपनी ताकत के अनुसार बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिलता है। पहले योजना को किया गया रद्द उल्लेखनीय है कि इस योजना को इस साल अप्रैल के महीने में रद्द कर दिया गया था। इस योजना को रद्द करने के पीछे का उद्देश्य था कि छात्र सभी विषयों पर समान रूप से ध्यान दे सकें और अच्छा कर सकें। हालांकि, बाद में जनहित और छात्रों की मांग को देखते हुए इसे फिर से लागू किया गया है। किन छात्रों को होगा फायदा गौरतलब है कि ये योजना उन छात्रों के लिए विषेष रूप से लाभकारी साबित होने जा रही है, जो किसी एक विषय में कमजोर हैं। वहीं, वे अन्य विषयों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। माना जा रहा है कि ये योजना छात्रों के भीतर आत्मविश्वास को बढ़ाती है। इसके अलावा उनके मानसिक तनाव को भी कम करती है, जिससे वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। क्यों किया था रद्द अप्रैल 2024 में बेस्ट ऑफ फाइव योजना रद्द कर दी गई थी। तब कहा गया था कि बोर्ड परीक्षार्थियोें को सभी विषयों में समान रूप से मेहनत करने और ध्यान देने के लिए प्रेरित करने के लिए ऐसा किया गया।   recent visitors 142

HC का महत्‍वपूर्ण आदेश, सरकार निजी मेडिकल कॉलेजों की सीटें बढ़ाएं

जबलपुर प्रदेश में अब निजी मेडिकल कॉलेजों में भी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए कोटा होगा। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायाधीश विवेक जैन की युगलपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अगले शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जा सके। अगले सत्र से बढ़ेंगी सीटें- सरकार को आदेश-एक साल में पूरी करे प्रक्रिया युगलपीठ ने इस प्रक्रिया को पूरी करने के लिए सरकार को एक वर्ष का समय दिया है। यह महत्वपूर्ण आदेश जबलपुर निवासी छात्र अथर्व चतुर्वेदी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया। याचिकाकर्ता ने बताया कि उसने ईडब्ल्यूएस वर्ग से नीट परीक्षा में 530 अंक प्राप्त किए थेए लेकिन उसे निजी मेडिकल कॉलेज में सीट नहीं मिली। याचिका में आरोप लगाया गया कि कम अंक प्राप्त करने वाले एनआरआई और अन्य कोटे के छात्रों को प्राथमिकता दी गईए जबकि ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं थी। सरकार का सीटों का बहाना छात्र ने राज्य सरकार के 2024.25 सत्र के प्रवेश नियमों को चुनौती दी, जिसमें निजी मेडिकल कॉलेजों में ईडब्ल्यूएस आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया था। उसने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने 2019 में ईडब्ल्यूएस आरक्षण के लिए अधिसूचना जारी कर दी थी, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने इसे लागू नहीं किया।  नियमों में बदलाव संभव नहीं राज्य सरकार ने अपनी दलील में कहा कि नीट परीक्षा के नियम पहले से तय थे और प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसलिए नियमों में बदलाव संभव नहीं है। साथ ही, नेशनल मेडिकल कमीशन से निजी कॉलेजों में सीटें बढ़ाने का कोई निर्देश नहीं था। जिसके बाद हाई कोर्ट ने सरकार को निर्देशित किया कि वह अगले सत्र से सीटें बढ़ाने और ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया सुनिश्चित करे। ज्ञात हो कि श्याम शाह मेडिकल कॉलेज ने वर्ष 2023 में मेडिकल रिकार्ड आफीसर के पद के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसमें कंडीडेट से आवेदन मांगे गए थे। कई उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। योग्यता के आधार पर तत्कालीन डीन डॉ मनोज इंदूरकर के समय पर आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद पात्र अपात्र की सूची फरवरी 2024 में जारी की गई थी। मेडिकल कॉलेज से जारी लिस्ट में सिर्फ एक उम्मीदवार ही पद के लिए योग्य पाया गया था। लिस्ट जारी होने के बाद भी पात्र कंडीडेट को ज्वाइनिंग  आदेश जारी नहीं किया गया। आठ महीेने बाद 16 दिसंबर को नई स्क्रीनिंग कमेटी गठित की गई। मेडिकल रिकार्ड आफीसर के लिए आए आवेदनों की फिर से जांच कराई गई। इसके लिए डीन ने कमेटी का भी गठन किया। डीन ने पांच लोगों की कमेटी गठित की। फिर स्क्रूटनी और नए सिरे से चयन कार्यवाही किए जाने के बाद 20 दिसंबर को नई लिस्ट जारी कर दी गई। इसमें जो कंडीडेट अपात्र था। उसे पात्र और जो पात्र था उसे वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया। इतना ही नहीं नई लिस्ट सिर्फ दो उम्मीदवारों की ही जारी की गई है। जबकि इसमें 9 उम्मीदवार थे। पहले जारी की गई सूची में सिर्फ एक ही पात्र था सुपर स्पेशलिटी और संजय गांधी अस्पताल दोनों ही जगह मेडिकल रिकार्ड के पदों पर नियुक्ति की जानी थी। दोनों ही जगह के लिए आवेदन मांगे गए थे। गांधी स्मारक चिकित्सालय और संजय गांधी अस्पताल में मेडिकल रिकार्ड आफीसर के लिए 9 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। इसमें अंकुर जैन पिता राजेन्द्र जैन, गगन मारन पिता भोज राज, शुभम श्रीवास्तव पिता सनत श्रीवास्तव, सनेन्द्र चौहान पिता सुरेन्द्र सिंह चौहान, निशांत यादव पिता विक्रम यादव, शिवम पटेल पिता शैलेन्द्र पटेल, विजय शर्मा पिता रमेश चन्द्र शर्मा, रितेश शुक्ला पिता पंकज शुक्ला, संजय दुबे पिता रामकृष्ण दुबे शामिल थे। इनमें से सिर्फ विजय शर्मा हीपात्र निकले थे। इसी तरह सुपर स्पेशलिटी में अंकुर जैन पिता राजेन्द्र जैन, पूनम जैन पिता अशोक कुमार जैन, सत्यम सुडेले पिता रविन्द्र सुडेले, योगेश दुबे पिता कैलाश बाबू दुबे, सनेन्द्र चौहान पिता सुरेन्द्र सिंह चौहान, निशांत यादव पिता विक्रम यादव, विजय शर्मा पिता रमेशचन्द्र शर्मा ने आवेदन किया था। इसमें भी विजय शर्मा ही पात्र पाए गए थे। दो कंडीडेट की लिस्ट हुई जारी श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ सुनील अग्रवाल ने 20 दिसंबर की डेट से दो लोगों की मेडिकल रिकार्ड आफीसर के पद के लिए दो लोगों की लिस्ट जारी की गई। इसमं निशांत यादव का नाम पात्र की श्रेणी में रख दिया है। वहीं जो पहले की सूची में पात्र थे विजय शर्मा उन्हें वेटिंग लिस्ट में रख दिया गया है। इस लिस्ट में सिर्फ दो ही नाम रखे गए हैं। निशांत यादव को भी अपात्र की श्रेणी में पहले रखा गया था। इनके अलावा और भी कंडीडेट थे। इनमें से किसी को भी पात्र नहीं किया गया। नियमों में भी किया गया है हेरफेर मेडिकल रिकार्ड आफीसर के लिए श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में जो योग्यता रखी गई थी। उसमें शासन से तय मापदंडों के विपरीत विज्ञापन निकाला गया था। शासन के गजट नोटिफिकेशन में मेडिकल रिकार्ड आफीसर के लिए अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता मान्यत प्राप्त विश्वविद्याय से स्नातक एवं किसी मान्यता प्राप्त चिकित्सा महाविद्यालय, चिकित्सालय, संस्था में चिकित्सा अभिलेख संधारण का प्रशिक्षण उत्तीर्ण /1 वर्ष का प्रशिक्षण अनिवार्य अंकित है। वहीं श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में जो विज्ञापन जारी किया गया था उसमें शैक्षणिक सहायता को बदलकर अभिलेख और तकनीकी में 1 वर्ष का प्रशिक्षण होना अनिवार्य कर दिया गया। भर्ती के नियम और योग्यता में ही बदलाव कर दिया गया। recent visitors 48

उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचे Varun Dhawan साथ में Atlee रहे मौजूद

 उज्जैन जाने-माने फिल्म अभिनेता वरुण धवन(Varun Dhawan), साउथ एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और वामिका और डाइरेक्टर एटली मंगलवार अल सुबह महाकाल मंदिर पहुंचे। पारंपरिक भस्म आरती में सभी सेलिब्रिटी शामिल हुए। सभी ने भगवान महाकाल(Ujjain Mahakal Temple) का आशीर्वाद लिया और अपनी आगामी फिल्म की सफलता के लिए प्रार्थना की। अभिनेता वरुण धवन समेत सभी स्टार्स ने मंदिर के नंदी हॉल में करीब 2 घंटे तक बाबा महाकाल का ध्यान किया। आरती के बाद सभी ने जल चढ़ाकर पूरे विधि-विधान से महाकाल की पूजा अर्चना की। मीडिया से बातचीत के दौरान वरुण ने कहा कि यहां आकर भस्म आरती देखने और पूजा करने का बहुत अच्छा अनुभव हुआ। हमने भगवान से प्रार्थना की है कि हमारी फिल्म दर्शकों को पसंद आए। बता दें कि अभिनेता वरुण धवन, साउथ एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और वामिका के साथ सोमवार देर शाम इंदौर पहुंचे थे। इस दौरान पूरी टीम शहर के निजी सिनेमा हाल में फिल्म प्रमोशन के लिए मौजूद रही। तीनों कलाकारा फैंस से मिले और फिल्म देखने के लिए अपील की। recent visitors 102

मध्य प्रदेश नेतृत्व से भेजे जाने वाले तीन नामों में से अंतिम अंतिम मुहर दिल्ली से ही लगाई जाएगी

भोपाल भाजपा संगठन चुनाव को लेकर अब जिला अध्यक्षों को चुने जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सोमवार को राष्ट्रीय सहमंत्री शिव प्रकाश, केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडे, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन मंत्री हितानंद की मौजूदगी में जिला अध्यक्ष चुनाव को लेकर बैठक बुलाई गई। बैठक में स्पष्ट हुआ है कि इस बार भाजपा के जिला अध्यक्षों के नाम सांसद-विधायकों की तरह दिल्ली से ही तय होंगे। मध्य प्रदेश नेतृत्व से भेजे जाने वाले तीन नामों में से अंतिम अंतिम मुहर दिल्ली से ही लगाई जाएगी। जिला अध्यक्ष को लेकर चयन समिति बंद लिफाफे में प्रदेश नेतृत्व को नामों का सुझाव देगी। सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय संगठन मध्य प्रदेश मनमानी रोकने की दिशा में यह कार्य कर रहा है। अभी तक क्षेत्रीय क्षत्रप अपने हिसाब से जिला अध्यक्षों का चयन करते थे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिले सीएम मोहन यादव केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सोमवार रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में मुलाकात की। वह आज  भी दोपहर तक दिल्ली में रहेंगे। मुख्यमंत्री यहां कुछ अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर भारत सरकार से जुड़ी योजनाओं का प्रदेश में हो रहे क्रियान्वयन की प्रगति रख सकते हैं। वहीं संगठन के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। केंद्रीय मंत्री चौहान से भी हुई मुलाकात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मिले। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी उनके साथ थे। उन्होंने कृषि से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। recent visitors 57

बॉक्सिंग डे टेस्ट में डेब्यू के लिए कोन्स्टास के डेब्यू की पुष्टि, हेड की फिटनेस पर फैसला बाकी

मेलबर्न युवा खिलाड़ी सैम कोन्स्टास बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बॉक्सिंग डे टेस्ट में डेब्यू करने के लिए तैयार हैं। वहीं, स्टार बल्लेबाज ट्रेविस हेड का फिटनेस टेस्ट अब तक क्लियर नहीं हुआ है। यह अहम मुकाबला 26 दिसंबर से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर शुरू होगा। टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने पुष्टि की है कि 19 वर्षीय कोन्स्टास अपना पहला टेस्ट खेलेंगे। वह एलन क्रेग, मौजूदा कप्तान पैट कमिंस और टॉम गैरेट के बाद बैगी ग्रीन कैप पहनने वाले चौथे सबसे युवा खिलाड़ी बन जाएंगे। बाकी प्लेइंग XI का ऐलान क्रिसमस के दिन किया जाएगा, जब कप्तान पैट कमिंस अपनी प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। चयनकर्ता टोनी डोडेमेड ने मंगलवार सुबह एमसीजी में ट्रेनिंग के दौरान बताया कि कोन्स्टास गुरुवार को भरे हुए स्टेडियम के सामने अपनी कैप प्राप्त करेंगे। इस दिन कोन्स्टास 468वें ऑस्ट्रेलियाई पुरुष टेस्ट खिलाड़ी बन जाएंगे। कोच मैकडॉनल्ड ने कहा, “हम चाहते थे कि टीम मीटिंग से पहले बल्लेबाजी क्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट हो। आमतौर पर हम ऐसा नहीं करते, लेकिन इस बार लगा कि टीम को पहले से पता होना चाहिए। कोन्स्टास टीम में भी वैसे ही हैं जैसे बाहर दिखते हैं – शांत, संयमित और अपने खेल को समझने वाले।” उन्होंने आगे कहा, “कोन्स्टास ने अपने शॉट्स की विविधता और विरोधी टीम पर दबाव डालने की क्षमता दिखाई है। उन्हें मौका मिल रहा है, और हम उनके लिए बेहद उत्साहित हैं। बॉक्सिंग डे टेस्ट सबसे बड़ा मंच होता है, और यह डेब्यू के लिए परफेक्ट मौका है।” हालांकि, ट्रेविस हेड का खेलना अभी तय नहीं है। कोच ने पुष्टि की कि हेड को तीसरे टेस्ट के दौरान बल्लेबाजी करते हुए मांसपेशियों में खिंचाव हुआ था। इसके बावजूद उम्मीद है कि वह मेलबर्न में खेल पाएंगे।   recent visitors 64