Saturday, July 4, 2026 10:48 pm

मोहन यादव सरकार पर लगातार बढ़ रहा कर्ज का बोझ, आज फिर कर्ज ले रही सरकार

भोपल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार एक बार फिर 5 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। इस कर्ज के मिलते ही मोहन सरकार एक साल के कार्यकाल में 52.5 हजार करोड़ की कर्जदार हो जाएगी। बता दें कि दिसंबर 2023 से अब तक राज्य सरकार ने 47.5 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। वहीं आज  26 दिसंबर को 5 हजार करोड़ का नया कर्ज लेने के बाद ये आंकड़ा और बढ़ जाएगा। राज्य सरकार ने आरबीआई के माध्यम से सिक्योरिटी बेचकर दो किश्तों में 5 हजार करोड़ के कर्ज की मांग का नोटिफिकेशन जारी किया है।  बता दें कि मोहन सरकार पिछले 6 महीने से लगातार 5-5 हजार करोड़ का कर्ज ले रही है। अब तक 8 बार ये कर्ज ले चुकी मोहन सरकार एक बार फिर 9वीं बार 5 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। पिछले 6 महीने में 8 बार लिए 5-5 हजार करोड़ साल 2024 के अंत तक राज्य पर कुल कर्ज 4 लाख करोड़ से भी ज्यादा हो जाएगा। बता दें कि पिछले 6 महीने से राज्य की मोहन यादव सरकार हर महीने 5-5 हजार करोड़ का कर्ज ले रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक 30 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा चुका है। मार्च 2025 तक 4.21 लाख करोड़ की कर्जदार होगी सरकार जानकारी के मुताबिक 31 मार्च 2025 तक मध्य प्रदेश सरकार का कर्ज 4.21 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। मौजूदा वित्त वर्ष- 2024-2025 में सरकार अपनी जरूरतों के मुताबिक करीब-करीब 25 हजार करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेगी। साढ़े चार साल में दोगुना हुआ कर्ज पिछले साढ़े चार साल में मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज का बोझ सबसे तेजी से बढ़ा है। मार्च 2020 की स्थिति में सरकार पर लगभग 2.01 लाख करोड़ का ही कर्ज था, लेकिन पिछले साढ़े चार साल में यह दोगुना हो गया। साढ़े चार साल में सरकार अब तक करीब 2 लाख करोड़ का कर्ज ले चुकी है। मोहन सरकार ने एक साल के कार्यकाल में लिया कर्ज     26 दिसंबर 2023 को लिया 2 हजार करोड़ का कर्ज     24 जनवरी 2024 को लिया 2.5 हजार करोड़ का कर्ज     7 फरवरी 2024 को लिया 3 हजार करोड़ का कर्ज     20 फरवरी 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     28 फरवरी 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     27 मार्च को 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     6 अगस्त 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     28 अगस्त 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     24 सितंबर 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     8 अक्टूबर 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     26 नवंबर को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज आमजन पर पहले से 3 लाख 75 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज बता दें कि मोहन यादव सरकार लगातार कर्ज ले रही है। जबकि मध्य प्रदेश सरकार पर पहले से ही कर्ज का बोझ है। 31 मार्च 2024 को खत्म हुए वित्त वर्ष में प्रदेश की जनता पर 3 लाख 75 हजार 578 करोड़ रुपए का कर्ज था। अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक एक साल में सरकार 44 हजार करोड़ का कर्ज ले चुकी है। जबकि इससे पहले 31 मार्च 2023 में भी मध्य प्रदेश सरकार पर 3 लाख 31 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज था। recent visitors 70

RTO के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी

भोपाल परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक और सैकड़ों करोड़ के घोटाले के मास्टरमांग सौरभ शर्मा के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है। बीते दिनों जांच एजेंसी द्वारा की गई छापेमारी में सौरभ शर्मा के ठिकानों से करोड़ों रुपए की संपत्ति और सोना चांदी बरामद हुई थी। इसके बाद ईडी ने मामला दर्ज किया था। अब करोड़ों की काली कमाई करने वाले शर्मा के खिलाफ एलओसी जारी किया गया है। जानकारी के अनुसार आयकर विभाग द्वारा पूर्व आरक्षक के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है। इसके बाद एयरपोर्ट पर ही सौरभ शर्मा को गिरफ्तार किया जा सकेगा। बताया जा रहा है कि, छपेमारी से पहले ही सौरभ शर्मा दुबई रवाना हो गया था। लोकायुक्त और आयकर विभाग द्वारा सौरभ शर्मा के खिलाफ जांच की जा रही है। छापेमारी में सौरभ शर्मा के ठिकानों से करोड़ों रुपए की संपत्ति मिली थी। लोकायुक्त की छापेमारी के बाद अब ईडी ने भी इस केस में एंट्री कर ली है। सौरभ शर्मा और उसके दोस्त चेतन सिंह गौर के खिलाफ ईडी ने केस दर्ज कर लिया है। सौरभ शर्मा के परिजनों को भी जांच के दायरे में लाया जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन विभाग के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा और उनके सहयोगी चेतन सिंह गौर के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है। सौरभ शर्मा के अरेरा कॉलोनी ई – 7 स्थित ठिकाने पर छापेमारी कर लोकायुक्त ने करोड़ों रुपए की संपत्ति जब्त की थी। सात साल की नौकरी के बाद सौरभ शर्मा ने वीआरएस ले लिया था। इसके बाद सौरभ शर्मा ने रियाल एस्टेट बिजनेस में हाथ आजमाना था। अनुकंपा नियुक्ति में नियमों से हुआ खिलवाड़ भोपाल में सौरभ शर्मा पर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक की नियुक्ति पर भी गड़बड़ी सामने आई है। अनुकंपा नियुक्ति में नियमों से साथ खिलवाड़ हुआ है। पिता के निधन के बाद सौरभ ने आवेदन किया था। जानकारी के अनुसार सौरभ का भाई छत्तीसगढ़ में अधिकारी है। सौरभ शर्मा नियुक्ति के लिए पात्र नहीं था यह जानकारी भी सामने आई है। recent visitors 100

मप्र में चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक, नियम तोड़ा तो हो सकती है जेल

खरगोन खरगोन में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कर्मवीर शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत सम्पूर्ण खरगोन जिले में चायनीज मांजे के क्रय विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। 14 एवं 15 जनवरी को मकर सक्रांति का पर्व जिले में मनाया जाएगा। इस अवसर पर बच्चों एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा पतंगबाजी की जाती है। चाइनीज मांजे के उपयोग से पक्षियों के घायल होने एवं मौत की घटना होती है। चायनीज मांजे से सड़क पर चलने वाले और बाइक सवार व्यक्तियों के भी घायल होने एवं मृत्यु की आशंका रहती है। चायनीज मांजा बिजली के तारों में उलझने से कई बार बिजली सप्लाई प्रभावित होती है। चाइनीज मांजा प्लास्टिक, सिन्थेटिक मटेरियल से निर्मित होता है। चाइनीज मांजे में आग लगने पर हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस संबंध में दिये गए आदेश में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान, मार्ग मकान की छत पर पतंग उड़ाने के दौरान चीनी मांजे का उपयोग नहीं करेगा। जिले के समस्त थोक व्यापारी एवं विक्रेता चाइनीज मांजे का विक्रय नहीं करेंगे। पतंग उड़ाने पर उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक सिंथेटिक मटेरियल से निर्मित चाइनीज नायलॉन मांजे से पक्षी एवं मानव पर वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए इसका उपयोग प्रतिबंधित किया गया है। मकर संक्रांति पर्व पर पतंग बाजी के लिए इस तरह की डोर का क्रय विक्रय एवं निर्माण किया जाए जिससे किसी भी व्यक्ति, पशु व पक्षियों को किसी भी प्रकार की शारीरिक क्षति न हो। कुल मिलाकर, देखा जाए तो मध्यप्रदेश के खरगोन में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कर्मवीर शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत सम्पूर्ण खरगोन जिले में चायनीज मांजे के क्रय विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। recent visitors 53

एमपी में स्वास्थ्य विभाग में 46491 भर्तियों पर कैबिनेट की लगी मोहर

भोपल  मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा करने के लिए मोहन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार राज्य स्तरीय मानक अनुसार स्वास्थ्य संस्थाओं में नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। पदों का सृजन होते ही इन पर भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। बता दें कि स्टाफ की कमी के कारण आए दिन मरीजों को परेशानी और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी तथा सुलभ बनाया जा सके। मोहन कैबिनेट ने ये फैसला लिया है। 46 हजार से ज्यादा नए पदों का सृजन मध्य प्रदेश सरकार अब अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर करने में लग गई है। मोहन कैबिनेट ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सशक्त करने के लिए संशोधित मानव संसाधन मानदंडों (आईपीएचएस) को मंजूरी दी। इसके तहत राज्य स्तरीय मानक अनुसार स्वास्थ्य संस्थाओं में 46491 नवीन पदों (नियमित, संविदा, आउटसोर्स) के सृजन की स्वीकृति दी गई है। दो साल में भरे जाएंगे पद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सा सेवाओं की स्थिति की समीक्षा के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि 27 हजार 838 पदों की पूर्ति एनएचएम के और शेष 18 हजार 653 पदों की पूर्ति स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाएगी। इन पदों पर आगामी दो वित्तीय वर्षों में की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने IPHS मानकों के अनुरूप नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने नवीन जिला चिकित्सालयों में रिक्त पदों की पूर्ति और निर्माणाधीन कार्यों की सतत निगरानी करने की बात की है। स्वास्थ्य संस्थानों में पूर्व में 47 हजार 949 नियमित पद स्वास्थ्य संस्थानों में पूर्व में 47 हज़ार 949 नियमित पद स्वीकृत थे. कैबिनेट द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों के लिए नए 18 हज़ार 653 (जो लगभग 39 प्रतिशत की वृद्धि है) पदों की स्वीकृति से कुल 66 हज़ार 602 नियमित पद हो जाएंगे. प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 7 हज़ार 182, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 5 हज़ार 346, सिविल अस्पतालों में 2 हज़ार 712 और जिला चिकित्सालयों में 3 हज़ार 458 नवीन पद की स्वीकृति कैबिनेट द्वारा प्रदान की गयी है. स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के हैं प्रयास आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश विज़न में भारतीय लोक स्वास्थ्य मानकों के आधार पर स्वास्थ्य संस्थाओं में मानव संसाधन की पूर्ति करना प्रदेश की सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया है. सशक्त आत्मनिर्भर प्रदेश के लिए नागरिकों का स्वास्थ्य आधारशिला है. गुणवत्तापूर्ण लोक स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदान सुनिश्चित करना इसके लिए महत्वपूर्ण है. इन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आई.पी.एच.एस. मानक निर्धारित किए गए हैं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की प्रतिबद्धता से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के लगातार प्रयास हो रहे हैं. इसी क्रम में कैबिनेट ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सशक्त करने के लिए संशोधित मानव संसाधन मानदंडों (आईपीएचएस) को मंजूरी दी है. 24 घंटे क्रियाशील होंगे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समस्त स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य जांच सुविधा के प्रदाय में सहूलियत होगी. आई.पी.एच.एस. की अनुसंशा के अनुसार मानव संसाधन की उपलब्धता से मध्यप्रदेश में समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को पूरे समय क्रियाशील रखा जा सकेगा. समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पूरे 24 घंटे प्रसव सुविधाएं मिल सकेगी. समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक औषधियां एवं आवश्यक पैथोलॉजी जांचे और आवश्यक प्राथमिक उपचार और रेफरल सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी. बीमारियों को समय से पहचाना जाएगा मरीज के स्वास्थ्य पर प्रभाव होने से पहले इलाज करने में सहायता होगी एवं बीमारियों की पहचान करने के लिए स्क्रीनिंग तथा निदान के बाद बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिए प्रबंध करना संभव हो सकेगा. संचारी एवं असंचारी रोग तथा अन्य गंभीर बीमारी जैसे मल्टीप्ल स्क्लेरोसिस, हार्ट अटैक, पैरालिसिस आदि का गुणवत्तापूर्ण इलाज संभव हो सकेगा. नवजात एवं शिशु मृत्यु दर में आएगी कमी  गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, हाईरिस्क प्रेगनेंसी की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन, सुरक्षित प्रसव एवं परिवार कल्याण संबंधी परामर्श/पीपीआईयूसीडी की सुविधा सुलभ होगी. इससे लंबे समय में मातृ मृत्यु दर में गिरावट लाने में सफलता हासिल होगी. आवश्यक नवजात शिशु देखभाल, शीघ्र स्तनपान, टीकाकरण, कमजोर/बीमार शिशु की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन समुदाय के समीप उपलब्ध होगा. प्रदेश में नवजात एवं शिशु मृत्यु दर तथा सकल प्रजनन दर में कमी लाई जा सकेगी. मेडिकल रिकॉर्ड का डिजीटाईजेशन समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में डाटा डिजीटाईजेशन की दिशा में ई-हॉस्पिटल सॉफ्टवेयर संचालित किया जाने में नवीन पद सहायक होंगे. रोगियों का ऑनलाईन पंजीकरण की सुविधा मिल सकेगी साथ ही मरीजों का रिकॉर्ड (डिस्क्रिपशन, जांच तथा अन्य) का भी डिजिटल संग्रहण किया जा सकेगा. साथ ही रोगियों के मेडिकल रिकॉर्ड का डिजीटाईजेशन का कार्य किया जा सकेगा. समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में ई-फाईलिंग सिस्टम, सी.सी.टी.वी., पी.एस. सिस्टम इत्यादि जैसे आई.टी. टूल्स का उपयोग किया जा सकेगा. recent visitors 51

मोहन सरकार छत्तीसगढ़ को आठ बाघ, राजस्थान को चार बाघिन और ओडिशा को तीन बाघ देगी, बांधवगढ़, पेंच और कान्हा टाइगर रिजर्व से भेजे जाएंगे

भोपाल  गुजरात के बाद अब छत्तीसगढ़, राजस्थान और ओडिशा में भी मध्य प्रदेश के बाघ दहाड़ेंगे। राज्य सरकार इन तीनों राज्यों को 15 बाघ देगी। इनमें छत्तीसगढ़ को आठ बाघ (दो बाघ, छह बाघिन), राजस्थान को चार बाघिन एवं ओडिशा को तीन (एक बाघ, दो बाघिन) दिए जाएंगे। इसको लेकर सहमति बन गई है। मध्य प्रदेश वन विभाग मुख्यालय ने वन्यप्राणी शाखा के पीसीसीएफ सुभरंजन सेन से कहा है कि बांधवगढ़, पेंच एवं कान्हा टाइगर रिजर्व से ये बाघ भेजे जाएंगे। इसके लिए यह शर्त भी रखी गई है कि बाघ एवं बाघिन को भेजने की प्रक्रिया पशु चिकित्सकों की टीम की देखरेख में की जाए। एमपी में 785 बाघ हैं बाघों के जीवन को किसी प्रकार का खतरा न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। बाघों को भेजने का पूरा खर्च संबंधित राज्य को ही उठाना होगा और इसकी विधिवत अनुमति भारत सरकार से लेनी होगी। उल्लेखनीय है कि टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश में 785 बाघ हैं। बता दें कि जिन तीनों राज्यों को बाघ भेजे जाएंगे, वे भाजपा शासित हैं तथा ये तीनों राज्य लंबे समय से मध्य प्रदेश से बाघ मांग रहे थे। चूंकि मध्य प्रदेश में देश के सर्वाधिक बाघ हैं और यह टाइगर स्टेट है, इसलिए इनकी प्रजाति का अस्तित्व अन्य राज्यों में भी बनाए रखने के लिए इन्हें वहां भेजने की स्वीकृति दी गई है। गुजरात को दो बाघ दे चुकी है मप्र सरकार, बदले में मिले शेर मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में नंदनी और बांधवगढ़ नामक दो बाघों का जोड़ा गुजरात सरकार को दिया है। बदले में मध्य प्रदेश को गिर के दो शेर मिले हैं। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल से गुजरात के इंड्रोडा नेचर पार्क को दो बाघ भेजे गए थे। वहीं, जूनागढ़ के शक्कर बाघ जू से वन विहार राष्ट्रीय उद्यान को शेर मिले हैं। दोनों ही राज्यों में बाघ और शेर की आबादी बढ़ाने पर काम किया जाएगा। असम को जंगली भैंसे लेकर दिए जाएंगे बाघ मध्य प्रदेश लंबे समय से जंगली भैंसों को लाने के लिए प्रयासरत है। ये भैंसे असम से लाए जाने हैं और इनके बदले मध्य प्रदेश असम को बाघ देगा। यह बाघ इंदौर या ग्वालियर स्थित चिड़ियाघर से देने की तैयारी है। वहीं असम से मिलने वाले भैसों को कान्हा टाइगर रिजर्व में बसाया जाएगा। तीन जुलाई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को जंगली भैंसे देने के लिए पत्र लिखा था। कहा था कि कई साल पहले मध्य प्रदेश में जंगली भैंसे हुआ करते थे, लेकिन बाद में ये खत्म हो गए। बता दें कि मध्य प्रदेश में वर्ष 1979 तक जंगली भैंसे पाए जाते रहे हैं, लेकिन इसके बाद नहीं देखे गए। आखिरी भैंसा पन्ना के रैपुरा क्षेत्र के रूपझिर गांव के पास दिखाई देने की बात सामने आई। recent visitors 112

नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन में आरएसएस की दखल बढ़ा, संघ की पृष्ठभूमि वाले नेता को ही इस पद की जिम्मेदारी मिलेगी!

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की तैयारी में जुट गई है। फरवरी महीने के अंत तक भगवा पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने की संभावना है। फिलहाल सत्तारूढ़ पार्टी बूथ, जिला और विभागीय अध्यक्षों के चुनाव में व्यस्त है। जल्द ही प्रदेश अध्यक्षों का चयन होगा। इस बात की संभावना है कि आधे से अधिक राज्यों के अध्यक्ष बदले जा सकते हैं। इसके बाद नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान किया जाएगा। इस रेस में कई नाम चल रहे हैं। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि सारी अटकलों पर पानी फिर सकता है। हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव में भाजपा को मिली शानदार जीत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। इसे देखते हुए नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन में आरएसएस की दखल बढ़ने की संभावना है। ऐसी चर्चा है कि जेपी नड्डा के एक विवादास्पद बयान के बाद आरएसएस और भाजपा के बीच दूरी बन गई थी। इसका खामियाजा पार्टी को लोकसभा चुनाव में उठाना पड़ा था। लेकिन हरियाणा और महाराष्ट्र के नतीजों के बाद आरएसएस और भाजपा के बीच रिश्ते सामान्य होने की बात भी कही जाने लगी है। इन नामों की चर्चा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए जिन नामों की चर्चा है उनमें केंद्रीय मंत्रियों मनोहर लाल खट्टर, शिवराज सिंह चौहान, भूपेंद्र यादव, धर्मेन्द्र प्रधान और भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े का नाम शामिल है। हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन नामों पर विचार करना अभी जल्दबाजी हो सकती है। अंतिम निर्णय भले ही पीएम मोदी और अमित शाह लेंगे, लेकिन आरएसएस को नजरअंदाज करना मुश्किल होगा। ऐसे में संघ की पृष्ठभूमि वाले नेता को ही इस पद की जिम्मेदारी मिलेगी, जो कि भविष्य में दोनों संगठनों की बीच सामंजस्य बनाकर चल सके। बीजेपी एक दलित नेता को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने पर विचार कर सकती है। अमित शाह के द्वारा संसद में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को लेकर दिए गया बयान के बाद भाजपा फिलहाल बैकफुट पर दिख रही है। वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे भी दलित समुदाय से आते हैं। ऐसे में बीजेपी दलित मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों का जवाब दे सकती है। ऐसे में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पार्टी महासचिव दुष्यंत गौतम और उत्तर प्रदेश मंत्री बेबी रानी मौर्य के नाम की भी चर्चा होने लगी है। recent visitors 65

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की दी चेतावनी

भोपाल मध्य प्रदेश के मौसम में इस हफ्ते बड़ा उलटफेर नजर आ सकता है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान एमपी के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो एक मजबूत वेदर सिस्टम के कारण मध्य भारत में मौसम बदल जाएगा। इस वेदर सिस्टम के कारण मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 28 दिसंबर को बारिश और ओलवृष्टि देखी जा सकती है। इस दौरान गरज चमक के साथ तेज हवाएं भी चलेंगी। बंगाल की खाड़ी की हवाओं से बदलेगा मौसम मौसम विभाग की मानें तो दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर एक निम्न दबाव क्षेत्र बना है। इसके साथ एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है। एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के क्षेत्रों में देखा जा रहा है। आईएमडी के वैज्ञानिक नरेश कुमार की मानें तो 27 और 28 दिसंबर के दौरान बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं मध्य भारत के विभिन्न हिस्सों में बारिश कराएंगी। कुछ जगहों पर ओले भी पड़ सकते हैं। इन जिलों में होगी बारिश वहीं मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश के मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, श्योपुरकलां, टीकमगढ़, निवाड़ी जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक के साथ बौछारें या बारिश देखी जा सकती है। इन इलाकों में छाएगा कोहरा मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरया, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, मैहर जिलों के अलग-अलग हिस्सों में हल्का से मध्यम कोहरा छाने की संभावना जताई है। इसको लेकर विभाग की ओर से यलो अलर्ट जारी किया गया है। 27 दिसंबर को बारिश का अलर्ट एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नरेश कुमार ने कहा- 27 और 28 दिसंबर तक बंगाल की खाड़ी से नम हवाएं आएंगी जिसके कारण उत्तर पश्चिम भारत, मध्य भारत और दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। 27 दिसंबर को मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मध्य भारत के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि होने की भी संभावना है। 27 दिसंबर को इन जिलों में झंझावात मौसम विभाग ने 27 दिसंबर को मध्य प्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार, अलिराजपुर, बड़वानी, खरगौन और खंडवा जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक और तेज हवाओं के साथ झंझावात की चेतावनी दी है। इस दौरान कुछ जगहों पर बौछारें भी पड़ सकती है। वहीं सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनुपपुर में कोहरा छाने का अनुमान है। इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। 28 दिसंबर को ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 28 दिसंबर को मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं सूबे के श्योपुरकला, भिंड, मुरैना, विदिशा, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिहोर, छिंदवाड़ा, बैतूल, होशंगाबाद, देवास, हरदा, खंडवा, इंदौर, खरगौन जिलों में अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले पड़ने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बुरहानपुर में भारी ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। recent visitors 47