Monday, July 6, 2026 7:47 pm

ऋषभ पंत पर भड़क उठे सुनील गावस्कर, बोले- बेवकूफाना, वहां दो फील्डर खड़े हैं लेकिन उसके बावजूद यह शॉट खेला

मेलबर्न महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने ‘बेवकूफाना शॉट’ खेलने के लिए ऋषभ पंत को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उसने ऐसे समय पर अपना विकेट गंवा दिया जब टीम को उसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट में भारतीय टीम को उस समय साझेदारी की सख्त जरूरत थी लेकिन पंत ने स्कॉट बोलैंड को फाइन लेग पर स्कूप शॉट खेलने के प्रयास में डीप थर्डमैन में नाथन लियोन को कैच थमा दिया। गावस्कर ने कमेंट्री के दौरान कहा, ‘‘बेवकूफाना, निहायत ही बेवकूफाना। वहां दो फील्डर खड़े हैं लेकिन उसके बावजूद यह शॉट खेला। पिछले शॉट पर चूकने के बावजूद और डीप थर्ड मैन पर कैच दे दिया। यह तो अपना विकेट गंवाना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘और वह भी तब जब टीम इन हालात में है। हालात को भी समझना चाहिए था। आप यह नहीं कह सकते कि यह आपका स्वाभाविक खेल है। यह आपका स्वाभाविक खेल नहीं है। यह बेवकूफाना शॉट था। आपने टीम को निराश किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उसे ड्रेसिंग रूम में नहीं जाना चाहिए। उसे दूसरे ड्रेसिंग रूम में जाना चाहिए।’’ शनिवार को रविंद्र जडेजा (51 गेंद में 17 रन) और पंत ने दिन की अच्छी शुरूआत की। पंत ने कुछ चौके भी लगाए लेकिन लांग लेग पर गैर जरूरी रिवर्स लैप पुल शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा दिया। स्कॉट बोलैंड की गेंद पर जब उन्होंने पहली बार यह शॉट खेलने का प्रयास किया तो गेंद नाभि के पास लगी और वह दर्द में दिखे । वह उठे और उन्हें समझ में नहीं आया कि पैट कमिंस ने डीप फाइन लेग और डीप थर्डमैन पर फील्डर लगा दिया है ताकि रिवर्स और रिवर्स लैप शॉट रोक सके। पंत ने फिर वही शॉट खेला और अतिरिक्त उछाल के कारण गेंद सीधे थर्डमैन पर फील्डर के हाथ में गई। इसके बाद, नीतिश कुमार रेड्डी (नाबाद 105) और वॉशिंगटन सुंदर (50) की 127 रनों की साझेदारी के दम पर भारत ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे दिन स्टंप्स तक 9 विकेट पर 358 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 474 रन जोड़े थे। दोनों खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड साझेदारी करके न सिर्फ फॉलोआन बचाया बल्कि अंतिम एकादश में उन्हें शामिल करने के कोच गौतम गंभीर के फैसले को भी सही ठहराया। नीतीश ने पहला टेस्ट शतक जमाया। recent visitors 53

80 दिन में होंगे 210 प्रश्नपत्र, राजस्थान-लोक सेवा आयोग 31 भर्तियों के लिए करवाएगा 162 परीक्षाएं

जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2025 के जनवरी से दिसंबर माह तक आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रस्तावित कार्यक्रम जारी किया गया है। कार्यक्रमानुसार जनवरी से दिसंबर माह तक 31 भर्तियों के अन्तर्गत कुल 162 परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इसमें आयोग द्वारा 210 प्रश्नपत्रों की परीक्षाओं का आयोजन 80 दिवसों में किया जाएगा। आयोग की परीक्षाओं के संदर्भ में विगत समय से अभ्यर्थियों की अपेक्षा रही है कि संघ लोक सेवा आयोग की भांति राजस्थान लोक सेवा द्वारा भी भर्ती परीक्षाओं का कैलेण्डर जारी किया जाए ताकि परीक्षार्थियों को परीक्षा की तैयारी हेतु समुचित समय मिल सके। इसीके दृष्टिगत आयोग द्वारा परीक्षा की प्रस्तावित परीक्षा दिनांक विज्ञापन के साथ अथवा कुछ समय के बाद ही जारी करते हुए नियत कार्यक्रमानुसार परीक्षाओं के आयोजन का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोग द्वारा वर्ष 2025 में प्रस्तावित परीक्षाओं के कार्यक्रम में 10 भर्ती परीक्षाओं की पूर्व में प्रस्तावित दिनांक में संशोधन एवं 7 अन्य भर्ती परीक्षाओं की प्रस्तावित परीक्षा तिथि को सम्मिलित किया गया है। उक्त सभी परीक्षाओं का विस्तृत कार्यक्रम यथासमय जारी कर दिया जाएगा।                        आयोग द्वारा घोषित आगामी परीक्षाओं की प्रस्तावित परीक्षा दिनांकः- क्रंसं  परीक्षा का नाम                                                                    प्रस्तावित परीक्षा दिनांक 1      असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा-2024                   19/01/2025 2      राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024    2/02/2025 3      लाइब्रेरियन ग्रेड-।। (स्कूल एजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024    16/2/2025 4      आरओ ग्रेड-द्वितीय, ईओ ग्रेड-चतुर्थ प्रतियोगी परीक्षा-2024    23/3/2025 5      एग्रीकल्चर ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024    20/04/2025 6      पीटीआई एंड लाइब्रेरियन (संस्कृत कॉलेज एजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024     4 से 6 मई 2025 7     असिस्टेंट माइनिंग इंजिनियर, जियोलोजिस्ट (माइंस एंड जियोलोजी डिपार्टमेंट) प्रतियोगी परीक्षा- 2024                                                                                    7/5/2025 8    सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024    12 से 16 मई 2025 9    असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा: वि.सं 18/2024-25     12 से 16 मई 2025 10    पब्लिक रिलेशन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024    17 /05/ 2025 11    असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (मुख्य) प्रतियोगी परीक्षा-2024                        1 /06/ 2025 12    असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल एजुकेशन) परीक्षा: वि.सं 23/2024-25        23 जून सेे 6 जुलाई 2025 13    लेक्चरर एंड कोच- (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2024                       23 जून सेे 6 जुलाई 2025 14    टेक्निकल असिस्टेंट (जियोफिजिक्स) प्रतियोगी परीक्षा-2024                  7/07/2025 15    बायोकेमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024                                                  7/07/2025 16    जूनियर केमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024 8/07/2025 17    असिस्टेंट टेस्टिंग ऑफिसर (पीडब्ल्यूडी) प्रतियोगी परीक्षा-2024             8/07/2025 18    असिस्टेंट डायरेक्टर (साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024                                                                                        9/07/2025 19    रिसर्च असिस्टेंट (मूल्यांकन विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024                    10/07/2025 20    डिप्टी जेलर प्रतियोगी परीक्षा-2024                                                     13/07/2025 21    असिस्टेंट फिशरीज डवलेपमेंट ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024               29/07/2025 22    ग्रुप इंस्ट्रक्टर/सर्वेयर/असिस्टेंट अप्रेंटशिप प्रतियोगी परीक्षा-2024              29/07/2025 23    वाइस प्रिंसीपल/सुपरीटेंडेंट आइटीआई प्रतियोगी परीक्षा-2024                 30 जुलाई सेे                                                                                                            1 अगस्त 2025 24    एनालिस्ट कम प्रोग्रामर प्रतियोगी परीक्षा-2024                                      17/08/2025 25    सीनियर टीचर (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024                7 से 12 सितंबर 2025 26    प्रोटेक्शन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024                                            13/09/2025 27    सहायक अभियंता (प्रारंभिक) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2024                      28/09/2025 28    सहायक सांख्यिकी अधिकारी (आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग)         प्रतियोगी परीक्षा-2024                                                                        12/10/2025 29    एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट परीक्षा-2024                                                    12 से 19 अक्टूबर 2025 30    सब इंस्पेक्टर (टेलीकॉम) प्रतियोगी परीक्षा-2024                                      09/11/2025 31    असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024              1 से 12 दिसंबर,                                                                                                             15 से 19 दिसंबर एवं                                                                                                             22 से 24 दिसंबर 2025 recent visitors 79

पुरानी नौकरी से इस्तीफा देने से पहले ध्यान रखें ये बातें

करियर की राह में आगे बढ़ने के लिए पुरानी नौकरी से इस्तीफा देने में कुछ भी गलत नहीं है। पर, यह निर्णय कभी भी जल्दबाजी में नहीं, बल्कि सोच-समझकर लिया जाना चाहिए। लिंक्डइन के द्वारा किए गए एक सर्वे के मुताबिक लगभग 88 प्रतिशत कामकाजी लोग इस साल अपनी नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में चार प्रतिशत ज्यादा है। सर्वे में शामिल 42 प्रतिशत लोग बेहतर वर्क-लाइफ संतुलन के लिए नौकरी बदलना चाहते हैं, तो वहीं 37 प्रतिशत लोग बेहतर सैलरी के लिए नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं। सर्वे में शामिल हर 10 में से आठ लोगों ने माना कि वे अपने वर्तमान प्रोफेशन की जगह किसी और प्रोफेशन में भी अपना भविष्य तलाश सकते हैं। पर, यह भी सच है कि नई नौकरी और नए विकल्प की तलाश करने के लिए पुरानी नौकरी छोड़ने की बात करना जितना आसान है, वास्तव में वैसा कर पाना आसान नहीं है। एक स्थायी नौकरी को छोड़कर नई नौकरी की तलाश करना एक चुनौतीपूर्ण काम है। नौकरी छोड़ने के संबंध में अंतिम निर्णय लेने से पहले आपको अपनी आर्थिक स्थिति से लेकर करियर के किस मोड़ पर आप हैं, जैसे कई मुद्दों पर सोचने की जरूरत है। नौकरी से इस्तीफा देने या करियर से कुछ वक्त का ब्रेक लेने से पहले किन मुद्दों पर गौर करना है जरूरी, आइए जानें: बचत है पर्याप्त? नौकरी से इस्तीफा देने से पहले जरा अपना बैंक बैलेंस जांच कर देखें। आपके पास इतनी बचत होनी चाहिए कि आपको तीन से छह माह का खर्च निकल जाए। आपके पास इतने पैसे होंगे, तो अपने सपनों की नौकरी को तलाशने में आपको जल्दबाजी से काम लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अपना हेल्थ इंश्योरेंस, रिटायरमेंट फंड और वर्तमान नौकरी से मिलने वाले अन्य लाभों पर गौर करने के बाद ही इस्तीफा दें। जॉब मार्केट के क्या हैं हाल? जॉब मार्केट हमेशा एक जैसा नहीं रहता। कभी बहुत ज्यादा भर्तियां होती हैं, तो कुछ वक्त मार्केट पूरी तरह से ठंडा रहता है। वैसे तो नई नौकरी की तलाश किए बिना इस्तीफा देने का निर्णय कई दफा काफी जोखिम भरा साबित हो जाता है। पर, अगर आप पूरी तैयारी करके इंटरव्यू देना चाहती हैं, तो इसमें भी कुछ गलत नहीं। बस उससे पहले यह जरूर जांच-पड़ताल कर लें कि जॉब मार्केट की वर्तमान स्थिति कैसी है। आपके जॉब प्रोफाइल के मुताबिक मार्केट में अभी सैलरी के क्या हालात हैं? इस तरह के शोध करने का लाभ यह होगा कि आपको यह मालूम होगा कि इस नौकरी से इस्तीफा देना आपके लिए फायदे का सौदा साबित होगा या नहीं। जल्दबाजी में नौकरी से इस्तीफा ना दें बल्कि अच्छी तरह से सोच-विचार लें कि नौकरी छोड़ना आपको करियर की राह में लाभ देगा या फिर आप अपने इस निर्णय के कारण प्रोफेशनली थोड़ा और पीछे तो नहीं हो जाएंगी? सेहत पर क्या होगा असर? आपकी वर्तमान नौकरी का आपकी शारीरिक व मानसिक सेहत पर क्या असर हो रहा है, इस्तीफा देने से पहले आपको इस बात पर भी गौर करने की जरूरत है। अगर वर्तमान नौकरी आपकी सेहत बिगाड़ रही है, तो नौकरी से इस्तीफा देने के निर्णय पर आपको पुनर्विचार करने की जरूरत नहीं है। इस बात पर भी गौर करें कि आपकी नौकरी का निजी जीवन व विभिन्न रिश्तों पर क्या असर पड़ रहा है। क्या वर्तमान नौकरी में आप ऑफिस व निजी जिंदगी के बीच संतुलन बना पा रही हैं? अगर आपकी वर्तमान नौकरी आपको अकेलेपन की ओर धकेल रही है और आप अपने परिवार व दोस्तों के लिए वक्त नहीं निकाल पा रही हैं, तो बेहतर होगा कि इस नौकरी से इस्तीफा देकर ऐसी नौकरी तलाशी जाए, जहां बेहतर वर्क-लाइफ संतुलन हो। कैसा है ऑफिस का माहौल? अगर आपको लगता है कि आपके वर्तमान ऑफिस में बहुत ज्यादा राजनीति होती है और वहां का माहौल आपकी मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है, तो इस्तीफा देकर नई नौकरी तलाशने का निर्णय बिल्कुल ठीक है। पर, इस बात को ध्यान में रखें कि लड़ाई-झगड़ा करके नौकरी छोड़ने का निर्णय लेना ठीक नहीं होता। इसका नकारात्मक असर आपके भविष्य पर पड़ सकता है। अकसर कंपनियां किसी को नौकरी पर रखने से पहले पुराने नियोक्ता से उस व्यक्ति का फीडबैक लेती है। खराब व्यवहार के साथ नौकरी कभी न छोड़ें। हमेशा नोटिस पीरियड सर्व करने और अपनी सभी जिम्मेदारियां निभाने के बाद ही इस्तीफा दें। recent visitors 63

अखिलेश महाकुंभ मेले में आकर संगम स्नान करें, उनकी नकारात्मक मानसिकता धुल जाएगी व मां गंगा उन्हें सद्बुद्धि देंगी: नकवी

प्रयागराज प्रयागराज में जनवरी 2025 से महाकुंभ का आयोजन होने वाला है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लगातार महाकुंभ की तैयारियों को लेकर वर्तमान बीजेपी सरकार पर हमलावर हैं. उनका आरोप है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन के लिए अभी तक सारी तैयारियां हो जानी चाहिए थीं, लेकिन योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार इसमें काफी पीछे है. अखिलेश यादव की इस आलोचना पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुख्यतार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को पलटवार किया. उन्होंने कहा कि जिनकी मानसिकता नकारात्मक हो उन्हें काम नहीं दिखता. नकवी ने कहा, 'दुनिया का बड़ा आयोजन है महाकुंभ. वहां मजबूत व्यवस्था होती है. अफसोस है कि कुछ लोग नकारात्मक हैं और भय फैलाते हैं. सपा के मुखिया  भी भय फैलाते हैं. वह महाकुंभ मेले में आकर संगम स्नान करें, उनकी नकारात्मक मानसिकता धुल जाएगी व मां गंगा उन्हें सद्बुद्धि देंगी.' मुख्तार अब्बास नकवी ने ये बातें प्रयागराज सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में कहीं. उन्होंने कहा कि महाकुंभ मेले का काम बड़ी तेजी से हो रहा है और समय रहते सारी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी. नकवी ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण भी किया. बीजेपी नेता ने कहा, 'महाकुंभ मेले पर पूरे विश्व की नजर है. योगी सरकार इसे दिव्य और भव्य बनाने में जुटी है. सुरक्षा के सारे प्रबंध किए गए हैं. इस बार पूरा विश्व महाकुंभ की दिव्य और भव्य छवि को देखेगा.' संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर पूछे गए सवाल पर मुख्तार अब्बास नकवी ने सहमति जताते हुए कहा कि हर धार्मिक स्थल के नीचे मंदिर नहीं खोजना चाहिए, इससे आपसी सौहार्द और सद्भावना बिगड़ेगी. मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'कुछ विदेशी आक्रांताओं ने देश में जो किया उस कलंक को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. राम मंदिर का जिस तरह से समाधान निकला, उसी प्रकार ऐसे विवादित मामलों का संवाद के जरिए शांतिपूर्ण समाधान होगा. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का कहना ठीक है कि ऐसे मामलों का संवाद से समाधान होना चाहिए.' उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया. नकवी ने कहा कि मनमोहन सिंह आर्थिक संकट के दौर में भारत की अर्थव्यवस्था की प्राणवायु बने थे. उनके निधन से भारत ने एक दूरदर्शी राजनेता खो दिया. इसकी भरपाई असंभव है.   recent visitors 33

सोमवती अमावस्या के दिन तुलसी की परिक्रमा करने से मिलेगी सुख-समृद्धि

हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का बहुत अधिक महत्व होता है. इस दिन मां तुलसी की परिक्रमा करने से लोगों की सभी प्रकार की परेशानियां खत्म हो जाती हैं. जीवन में सुख-समृद्धि कायम बनाए रहने के लिए महिलाएं सोमवती अमावस्या के दिन व्रत रखती हैं और सभी दुखों के निवारण के लिए मां तुलसी की परिक्रमा करती हैं. इस दिन मां तुलसी की पूजा करने और उनकी परिक्रमा करने से महिलाओं के कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं. मान्यता है कि इस दिन की गई तुलसी की परिक्रमा से लोगों के सभी दुख दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. मान्यता है कि तुलसी में नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने की शक्ति होती है. इसलिए, तुलसी की परिक्रमा करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है. सोमवार को भगवान शिव का दिन माना जाता है. शिव और पार्वती की पूजा के साथ तुलसी की पूजा करने से सभी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है. तुलसी की परिक्रमा करने की परंपरा की शुरुआत कैसे हुई.आइए जानते हैं… पंचांग के अनुसार, पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 30 दिसंबर को तड़के सुबह 4 बजकर 02 मिनट पर शुरू होगी और 31 दिसंबर को तड़के सुबह 3 बजकर 57 मिनट तक रहेगी. मूल नक्षत्र 29 दिसंबर की रात 11 बजकर 22 मिनट से 30 दिसंबर की रात 11 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. वृद्धि योग 29 की रात 9 बजकर 41 मिनट से 30 दिसंबर की रात 8 बजकर 32 मिनट तक रहेगा. वृद्धियोग में समस्त कार्यों में वृद्धि का योग बनता है. तुलसी की परिक्रमा करने की विधि     सोमवती अमावस्या के दिन सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें.     तुलसी के पौधे को गंगाजल से धोकर साफ करें और उनका श्रृंगार करें.     तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाएं और धूप दें.     तुलसी के पौधे को फूल, चंदन आदि से सजाएं.     तुलसी के पौधे की दक्षिणावर्त दिशा में 108 बार बार परिक्रमा करें.     परिक्रमा करते समय ॐ नमो भगवते वासुदेवाय या ॐ तुलसी माता नमः मंत्र का जाप करें.     मां तुलसी से अपनी मनोकामनाएं मांगें. तुलसी की परिक्रमा कैसे करें.     सोमवती अमावस्या के दिन स्नान करके साफ कपड़े पहनें.     तुलसी के पौधे को गंगाजल से स्नान कराएं.     तुलसी के पौधे के चारों ओर दीपक जलाएं.     तुलसी के पौधे को फूल और चंदन लगाएं.     तुलसी के पौधे की परिक्रमा करते हुए ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करें.     तुलसी के पौधे को भोग लगाएं और जल चढ़ाएं. सोमवती अमावस्या का महत्व सोमवती अमावस्या के दिन तुलसी की परिक्रमा करने की परंपरा बहुत पुरानी और महत्वपूर्ण है. यह परंपरा धार्मिक और आध्यात्मिक दोनों ही दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है. तुलसी की परिक्रमा करने से व्यक्ति को कई लाभ प्राप्त होते हैं. तुलसी को हिंदू धर्म में एक पवित्र पौधा माना जाता है. इसे लक्ष्मी का प्रतीक भी माना जाता है. तुलसी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है. इसलिए, तुलसी की पूजा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं. तुलसी की परिक्रमा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और रोगों से मुक्ति मिलती है. विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए तुलसी की पूजा करती हैं. तुलसी की पूजा करने से मन शांत होता है.   recent visitors 41

मप्र में 2 लाख 4 हजार किसानों ने एमएसपी पर सोयाबीन बेचा, अब तक कुल 5.89 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन ही खरीदा

भोपाल मप्र में पहली बार एमएसपी पर हो रही सोयाबीन की सरकारी खरीदी में किसानों ने वैसा उत्साह नहीं दिखाया , जैसा सरकार को अनुमान था। केंद्र सरकार ने मप्र के लिए एमएसपी पर सोयाबीन खरीदी के लिए 13 लाख मीट्रिक टन का कोटा तय किया था। 25 अक्टूबर से प्रदेश में सोयाबीन खरीदी की जा रही है, जो 31 दिसंबर तक चलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सीएम हाउस स्थित समत्व कार्यालय में प्रदेश में सोयाबीन खरीदी की समीक्षा की, जिसमें सामने आया कि 25 अक्टूबर से 26 दिसंबर तक की स्थिति में 2 लाख 4 हजार किसानों ने एमएसपी पर सरकार को सोयाबीन बेचा है। एमपी में सोयाबीन की खरीदी 31 दिसंबर तक चलेगी एमपी में एमएसपी पर सोयाबीन की खरीदी 31 दिसंबर तक चलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सीएम हाउस स्थित समत्व कार्यालय में प्रदेश में सोयाबीन खरीदी की समीक्षा की, जिसमें सामने आया कि 25 अक्टूबर से 26 दिसंबर तक की स्थिति में 2 लाख 4 हजार किसानों ने एमएसपी पर सरकार को सोयाबीन बेचा है। इन किसानों से सरकार ने अब तक कुल 5.89 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन ही खरीदा गया है। कृषि व सहकारिता विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि 31 दिसम्बर तक प्रदेश में खरीदी 6 लाख मीट्रिक टन से ऊपर नहीं पहुंचेगी। इन किसानों से सरकार ने अब तक कुल 5.89 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन ही खरीदा गया है। कृषि व सहकारिता विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि 31 दिसम्बर तक प्रदेश में खरीदी 6 लाख मीट्रिक टन से ऊपर नहीं पहुंचेगी। किसान लगातार पर सोयाबीन खरीदने की मांग कर रहे थे, इसके बाद सरकार ने घोषणा की थी कि लक्ष्य से ज्यादा सोयाबीन आता है तो सरकार अपने संसाधनों से खरीदी करेगी। सबसे ज्यादा भोपाल और उज्जैन संभाग में खरीदी समीक्षा बैठक में कृषि सचिव ने बताया कि प्रदेश में सोयाबीन की सर्वाधिक खरीदी भोपाल संभाग में हुई है। यहां कुल 1 लाख 80 हजार 198 मीट्रिक टन सोयाबीन खरीदा जा चुका है। इसके बाद उज्जैन संभाग में 1 लाख 49 हजार 974.54 मीट्रिक टन सोयाबीन खरीदा गया है। सागर संभाग में 93 हजार 495 मीट्रिक टन, नर्मदापुरम संभाग में 93 हजार 287 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन खरीदी हुई है। अब तक किसानों को 1957.1 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया है। सोयाबीन की समर्थन मूल्य 4892 रुपए प्रति क्विंटल है। तिलहन- दलहन की फसलों पर भी प्रोत्साहन देने के निर्देश सीएम डॉ. यादव ने बैठक में कहा कि मप्र में सोयाबीन उत्पादन में पिछले सालों में बढ़ोतरी हुई है। इसलिए राज्य सरकार आगे भी सोयाबीन की एमएसपी पर खरीदी जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को सोयाबीन के अलावा दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहन देने पर काम करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए कोई योजना बनाई जाए। उद्यानिकी फसलों में किसानों को ज्यादा आय होती है, किसानों को इसकी जानकारी दी जाए। केंद्रों पर रखा धान भीगा तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें बेमौसम बारिश की आशंका को देखते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को धान खरीदी की समीक्षा करते हुए खरीदी केंद्र पर खुले में रखे सभी धान का जल्द से जल्द परिवहन कराकर जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों और गोदामों में रखवाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के धान खरीदी केंद्रों पर करीब 19.5 लाखा मीट्रिक टन धान रखा हुआ है, जिसका बड़ा हिस्सा खुले में हैं। सीएम ने चेतावनी दी है कि यदि लापरवाही के कारण प्रदेश में कभी भी धान भीगता है तो संबंधित अधिकारी सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहे।   recent visitors 18

उबला अंडा और ऑमलेट दोनों ही स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं

अंडा पोषण से भरपूर सुपरफूड है, जिसमें प्रोटीन, विटामिन्स, मिनरल्स और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं। उबला अंडा और ऑमलेट दोनों ही स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं, अंडा दुनियाभर में सबसे पॉपुलर ब्रेकफास्ट ऑप्शन है। इसे लोग विभिन्न तरीकों से खाना पसंद करते हैं, जो स्वाद और सेहत दोनों के लिए बेहतरीन है। सबसे ज्‍यादा लोग उबले अंडे या फ‍िर ऑमलेट खाना पसंद करते हैं। क्या उबला अंडा ज्यादा फायदेमंद है या ऑमलेट? दोनों के अपने फायदे हैं, आइए जानते हैं वेटलॉस से लेकर ज्‍यादा प्रोटीन इनटेक के ल‍िए दोनों में से कौनसा विकल्‍प खाना ज्‍यादा फायदेमंद हैं। उबले अंडे खाने के फायदे उबले अंडे सेहत के लिए बेहतरीन विकल्प हैं, क्योंकि इन्हें बिना तेल या मसालों के पकाया जाता है, जिससे अतिरिक्त कैलोरी नहीं बढ़ती। एक उबले अंडे में लगभग 70-80 कैलोरी होती है, जो ऊर्जा प्रदान करती है। यह खासतौर पर वजन घटाने वालों और हल्का आहार पसंद करने वालों के लिए फायदेमंद है। इसमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत बनाने और स्वस्थ रखने में मदद करता है। ऑमलेट खाने के फायदे ऑमलेट एक स्वादिष्ट और पोषणयुक्त विकल्प है, जिसमें अंडे के साथ सब्जियां, पनीर या हल्के मसाले मिलाकर इसे और भी हेल्दी बनाया जा सकता है। हालांकि, इसे पकाने के लिए तेल या मक्खन का उपयोग होता है, जिससे कैलोरी बढ़ सकती है। सही मात्रा में तेल और कम मसालों के साथ बनाया गया ऑमलेट सेहतमंद विकल्प बन सकता है। सब्जियां और पनीर मिलाकर यह एक संपूर्ण आहार बन जाता है। दोनों में से क्‍या खाना ज्‍यादा फायदेमंद? उबले अंडे और ऑमलेट दोनों ही सेहतमंद हैं। कम कैलोरी के लिए उबले अंडे बेहतर हैं, जबकि स्वाद और पोषण का संतुलन चाहिए तो ऑमलेट चुनें। यह ऑमलेट की तैयारी पर निर्भर करता है-कम तेल और स्वस्थ सामग्री इसे हेल्दी बनाती है। अंडा सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन संतुलित मात्रा में खाना जरूरी है। रोजाना 2-3 अंडे खाना उचित है। कोलेस्ट्रॉल की समस्या होने पर केवल अंडे का सफेद हिस्सा खाने की सलाह दी जाती है। वेटलॉस वालों को क्‍या खाना चाह‍िए? एक्टिव लोगों के लिए ऑमलेट एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसमें एनर्जी देने वाले फैट्स होते हैं, जो दिनभर ऊर्जा प्रदान करते हैं। वहीं, उबला अंडा कम कैलोरी और हाई प्रोटीन होने के कारण वजन घटाने में मददगार है। recent visitors 67