Monday, July 6, 2026 6:38 pm

सेलेना गोमेज ने मंगेतर की गोद में ऐसे गुजारी दिसंबर की ठंड, 2 करोड़ की अंगूठी पर टिकी लोगों की नजर

न्यूयॉर्क सिंगर और एक्ट्रेस सेलेना गोमेज और उनके मंगेतर बेनी ब्लैंको हर दिन कपल गोल्स देकर सिंगल्स की नींदे हराम कर रहे हैं। सेलेना गोमेज और बेनी ब्लैंको कोजी फोटोज शेयर करके सर्दी में बाकी लोगों का दिल जला रहे हैं। उन्होंने फिर से कुछ ऐसा ही किया है। हाल ही में 36 वर्षीय बेनी ब्लैंको ने ठंड में एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वे एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। ब्लैंको और सेलेना को देखकर लोग खूब सारे फनी कमेंट्स भी कर रहे हैं। इस बीच सेलेना भी किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने भी बॉयफ्रेंड के साथ कोजी फोटोज शेयर की हैं। मंगेतर की बांहों में सेलेना गोमेज तस्वीर में सेलेना गोमेज को ब्लैंको की बाहों में बैठे हुए देखा गया और दोनों एक-दूसरे को किस करने में डूबे हुए हैं। ठंड में सेलेना ने टोपी पहनी हुई है और ऊनी कपड़े पहनकर वो मंगेतर की गोद में बैठी हुई हैं। दोनों को ऐसे देखकर फैंस की नजरें उनसे हट नहीं रही हैं और खासकर हर कोई सेलेना की हीरे की रिंग की ही बात कर रहा है। सेलेना की अंगूठी की कीमत रिपोर्ट के मुताबिक, अंगूठी की कीमत करीब 225,000 डॉलर यानी लगभग 2 करोड़ आंकी गई है। जब सेलेना ने पहली बार अपनी रिंग फ्लॉन्ट की थी, तभी से इसे लेकर चर्चा हो रही थी कि ये बेहद शानदार है। सेलेना और ब्लैंको के फैंस अब जल्द से जल्द उनकी शादी का इंतजार कर रहे हैं। सेलेना ने मंगेतर के लिए पकाया मनपसंद खाना सेलेना ने एक वीडियो भी शेयर किया था और इसके साथ लिखा, 'भले ही आप खाना पकाने में बहुत खराब हों, आपके साथी को यह पसंद आएगा क्योंकि आपने इसे बनाया है। अपने साथी से पूछें कि वे क्या खाना चाहते हैं। उन्हें वही खिलाने की कोशिश करें जो वो खाना चाहते हैं। यदि आप इसे पकाना नहीं जानते हैं, तो इसे सीखें।' ब्लैंको ने भी एक पोस्ट शेयर किया और सेलेना के लिए भर-भरके प्यार बरसाया। recent visitors 54

ड्राइवर सहित दो हिरासत में, छत्तीसगढ़-दुर्ग में गाय की खाल से भरा ट्रक पकड़ाया

दुर्ग। कुम्हारी टोल प्लाजा के पास गाय और अन्य जानवरों के खाल भरे ट्रक को पकड़ा गया है. कुम्हारी पुलिस और यातायात पुलिस की कार्रवाई के दौरान पॉयलेटिंग कर रहे दो आरोपी फरार हो गए, वहीं महाराष्ट्र पासिंग (MH 49) ट्रक के चालक के साथ दो लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. बताया जा रहा है कि ट्रक महाराष्ट्र की ओर से आ रही थी, जिसकी जानकारी मिलने पर हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता राजनांदगांव से ट्रक का पीछा करते आ रहे थे. आखिरकार कुम्हारी टोल प्लाजा के पास पुलिस की मदद को ट्रक को पकड़ने में कामयाबी पाई. ट्रक को रोकने की कार्रवाई से पहले ही ट्रक की पायलेटिंग कर रहे दो लोग फरार हो गए, वहीं ट्रक चालक अपने सहयोगी के साथ पकड़ा गया है. recent visitors 88

मौनी रॉय भी निकल पड़ी हैं न्यू ईयर मनाने

मुंबई न्यू ईयर सेलिब्रेट करने के लिए फिल्मी और टीवी सितारे लगातार मुंबई से अपने-अपने डेस्टिनेशंस के लिए रवाना होते दिख रहे हैं। जहां बीती रात एयरपोर्ट पर आलिया भट्ट और रणबीर कपूर अपनी बेटी राहा के साथ दिखे, वहीं शनिवार सुबह मौनी रॉय भी हसबैंड और अपने पेट डॉग के साथ एयरपोर्ट पर नजर आईं। आलिया-रणबीर और राहा के बाद अब एयरपोर्य से मौनी रॉय और उनके हसबैंड सूरज नांबियार की कई सारी तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें दोनों की गोद में उनका Pet डॉग दिख रहा है।     मौनी रॉय की गोद में उनका चहेता थियो दिख रहा है। मौनी अक्सर ही थियो के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर किया करती हैं।  वहीं शादी के तुरंत बाद वाली तस्वीरों में भी थियो मौनी की गोद में दिखा था। इन तस्वीरों में साफ दिख रहा कि थियो मौनी के लिए किसी जिगर के टुकड़े से कम नहीं।     वहीं इन तस्वीरों में कभी थियो मौनी के कंधे तक चढ़ा दिख रहा तो कभी इधर-उधर पलट रहा।  कुछ तस्वीरों में ऐसा लग रहा जैसे थियो भी मौनी के साथ कैमरे के सामने पोज़ दे रहा हो। मौनी ने भी उसे ठीक वैसे ही गोद से चिपका रखा है जैसे कोई मां अपने छोटे बच्चे को लेकर ट्रैवल करती है। बताते चलें कि मौनी रॉय ने 27 जनवरी 2022 को पणजी, गोवा में दुबई-बेस्ड बिजनेसमैन सूरज नाम्बियार से शादी रचाई थी। दोनों बंगाली और मलयाली रीति-रिवाज से एक-दूसरे के साथ शादी के बंधन में बंधे थे।  मौनी रॉय के वर्कफ्रंट की बात करें तो चर्चा है कि साल 2025 में 'सालाकार' में नजर आ सकती हैं। हालांकि, इसे लेकर अभी अनाउंसमेंट का इंतजार है। वहीं 'द वारदात ट्री' नाम की फिल्म को लेकर भी चर्चा हो रही है।   recent visitors 59

पंचतत्व में विलीन हुए पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, राष्ट्रपति – प्रधानमंत्री की उपस्थिति में दी गई मुखाग्नि

नई दिल्ली पूरे राजकीय सम्मान के साथ शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और रक्षा मंत्री सहित तमाम गणमान्य लोगों की उपस्थिति में निगम बोध घाट पर मुखग्नि दी गई। इससे पहले निवास से उनका पार्थिव शरीर कांग्रेस मुख्यालय लाया गया। यहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद निगम बोधी घाट के लिए अंतिम यात्रा रवाना हुई। कांग्रेस मुख्यालय में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा सहित पार्टी के सभी बड़े नेता मौजूद रहे। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी यहां डॉ. सिंह के अंतिम दर्शन किए और श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। गांधी परिवार भी अंतिम यात्रा में शामिल हुआ। निगम बोध घाट पर पहले राष्ट्रपति के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। यहां कई गणमान्य नागरिक पहुंचे। इस दौरान रिंग रोड (महात्मा गांधी मार्ग), निशाद राज मार्ग, बुलेवार्ड रोड, एसपीएम मार्ग, लोथियन रोड और नेताजी सुभाष मार्ग सहित सड़कों पर सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रतिबंध है। मनमोहन सिंह के स्मारक पर राजनीति इस बीच, पूर्व प्रधानमंत्री के स्मारक पर राजनीति भी शुरू हो गई है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर भी राजनीति कर रही है, जबकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपनी तरफ से डॉ. सिंह के लिए स्मारक बनाने का फैसला किया और इसकी जानकारी कांग्रेस नेतृत्व के साथ ही डॉ. सिंह के परिजन को भी दी। इस मुद्दे पर अखिलेश यादव ने भी केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। कांग्रेस नेता अशोक गहलोत और नवजोत सिंह सिद्धू ने सरकार को घेरा। सिद्धू ने कहा कि यदि अटल बिहारी वाजपेयी के साथ ऐसा होता तो भाजपा को कैसा लगता। गहलोत ने कहा कि स्मारक बनाने के बारे में सरकार को खुद ही सोचना था। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह साल 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री रहे थे। साल 1991 में मनमोहन सिंह की राजनीति में एंट्री हुई जब 21 जून को पी.वी. नरसिम्हा राव की सरकार में उन्हें वित्त मंत्री बनाया गया। उस समय देश एक गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा था। पी.वी. नरसिंह राव के साथ मिलकर उन्होंने विदेशी निवेश का रास्ता साफ किया था। वित्त मंत्री रहते उन्होंने देश में आर्थिक उदारीकरण की नीतियों को लागू किया, जिससे विदेशी निवेश को बढ़ावा मिला और भारत को विश्व बाजार से जोड़ा जा सका। वह 1991 में पहली बार असम से राज्यसभा के सांसद चुने गए। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कई सुधार किए, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर हुई। वह 1998 से 2004 तक विपक्ष के नेता भी रहे। हालांकि, साल 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को मिली जीत के बाद उन्होंने 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने यूपीए-1 और 2 में प्रधानमंत्री का पद संभाला। मनमोहन सिंह ने पहली बार 22 मई 2004 और दूसरी बार 22 मई, 2009 को प्रधानमंत्री के पद की शपथ ली थी।   recent visitors 50

कलेक्टर ने एक वर्ष के लिए लगाया प्रतिबंध, छत्तीसगढ़-दुर्ग में दो गुंडा बदमाश जिला बदर

दुर्ग। दुर्ग जिला कलेक्टर ने दो गुंडा बदमाश को जिलाबदर का  आदेश जारी की है। जिसमे एक दुर्ग और एक भिलाई का रहने वाला है। जिसके खिलाफ कई थाना क्षेत्र में कई अपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों बदमाश दुर्ग – रायपुर के अलावा 5 अन्य जिलों सीमावर्ती में एक वर्ष के लिए प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। दो बदमाशों को जिलाबदर किया है। मोहम्मद इमरान और तेजिंदर उर्फ टोनी सरदार अदातन अपराधी हैं। जिनके कई अपराधिक रिकॉर्ड हैं। मो. इमरान इमामबाड़ा कैम्प दो शीतला मंदिर के पास थाना छावनी का रहने वाला है। वहीं, दूसरा अपराधी तेजिंदर उर्फ टोनी सरदार पचरीपारा गुरूद्वारा के पास संतराबाड़ी मोहन नगर का रहने वाला बताया जा रहा है। दोनों ही बदमाशों को एक वर्ष तक न केवल दुर्ग जिला ही नही बल्कि आसपास के सीमावर्ती 7 जिलों कि सीमाओं से भी बाहर रहने के आदेश दिए गए हैं। दोनों बदमाश दुर्ग के अलावा रायपुर, बेमेतरा, राजनांदगांव, बालोद, खैरागढ़ छुई खदान गंडई, धमतरी जिले के सीमावर्ती में बिना आदेश का प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। आपको बता दें कि नगरी निकाय चुनाव के पहले तक ऐसे और भी अपराधियों को जिला बदर किया जा सकता है। इमरान के खिलाफ 18 अपराधिक मामले हैं। वहीं, तेजिंदर उर्फ टोनी सरदार के खिलाफ 9 अपराधिक मामले दर्ज हैं। जिसमें हत्या, गुंडागर्दी, मारपीट, सट्टा खिलाने और वाहन चोरी जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। recent visitors 60

कार ने बाइक सवारों को मारी टक्कर, छत्तीसगढ़-कांकेर में सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत

कांकेर। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाने के तहत एक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। कार ने बाइक सवार पांच लोगों को अपनी चपेट में ले लिया जिससे पांचों की मौके पर ही मौत हो गई। शुक्रवार को भानुप्रतापपुर से अंतागढ़ मार्ग पर खंडी नदी के पास ये हादसा हुआ है। वहीं घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मरने वालों की शिनाख्त करने में जुटी है। छत्तीसगढ़ में दुर्घटनाओं का ग्राफ साल दर साल बढ़ता जा रहा है। लोगों को यातायात नियमों के बारे में जागरुक किया जा रहा है,बावजूद इसके सड़क दुर्घटनाओं में कमी नहीं हो रही है। कांकेर जिले में सड़क दुर्घटनाओं में छह साल में 1100 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। वहीं 2084 लोग घायल हुए हैं। छह साल में 2012 सड़क दुर्घटनाओं के प्रकरण दर्ज किए गए हैं। recent visitors 59

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का आलेख

कमलनाथमध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार का एक साल का कार्यकाल 13 दिसंबर को पूरा हो गया। अब बीजेपी इस एक साल को स्वर्णिम कार्यकाल बताकर अपनी पीठ थपथपा रही है। लेकिन मोहन सरकार ने गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, दलितों और सभी वर्गों के लोगों के लिए क्‍या किया है यह विचारणीय है। महिला सुरक्षा, दलित और आदिवासी सुरक्षा के मामले में मध्यप्रदेश का रिकॉर्ड और भी खराब हो गया है। स्वास्थ्य शिक्षा का हाल यह है कि मध्यप्रदेश की पहचान व्यापमं और नर्सिंग जैसे घोटालों से होने लगी है। समाज की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था, हर पहलू पर इतनी नाकामी क्यों हासिल हो रही है? इससे बढ़कर चिंता की बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार इन सारे विषयों पर एकदम चुप है। क्या जनता के विकास के ये सबसे महत्वपूर्ण पैरामीटर सरकार की प्राथमिकता से बाहर हो गए हैं? ऐसा लगता है कि मध्य प्रदेश की सरकार ने जमीनी सच्चाई से पूरी तरह पीठ फेर ली है और प्रदेश को उसके हाल पर छोड़ कर, खुद सिर्फ झूठी ब्रांडिंग से अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त हो गई है। हकीकत से मुंह फेर कर मोहन सरकार झूठे प्रचार-प्रसार में मस्‍त है। जबकि चुनावों के पहले बीजेपी ने बड़े-बड़े वादे कर जनता को गुमराह करने का काम किया। आज प्रदेश की जनता खुद सरकार से सवाल करना चाहती है कि वादों का क्‍या हुआ? सरकार कर्ज पर कर्ज लेकर अपनी गाड़ी को चला रही है। और सपने ऐसे दिखाए जा रहे हैं कि प्रदेश ने विकास के कई सोपान गढ़ लिए हैं। पिछले एक साल में प्रदेश में दलितों पर काफी अत्‍याचार हुए हैं। वह चाहे शिवपुरी की घटना हो या सागर की घटना हो। सारे प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्‍याचारों से यही लगता है कि यह साल दलित अत्‍याचार पर केन्द्रित रहा है। शिवपुरी के इंदरगढ़ में एक दलित युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मध्यप्रदेश के सागर जिले के ग्राम बरोदिया नोनागिर में दलित युवती द्वारा छेड़छाड़ की शिकायत से गुस्साए गुंडों ने युवती के भाई की पिछले वर्ष अगस्त माह में हत्या कर दी थी। हत्या में बीजेपी नेताओं पर आरोप लगे। पीड़ित परिवार समझौते के लिये तैयार नहीं हुआ तो दो दिन पूर्व पीड़िता के चाचा की भी हत्या कर दी गई। मंदसौर जिले के एक गांव में एक महिला का पीछा करने के आरोप में दलित व्यक्ति को चेहरा काला करके, गले में जूतों की माला डालकर घुमाया गया। यह दोनों घटनाएं तो सिर्फ ऐसी थी जो सुर्खियों में ज्‍यादा रहीं लेकिन‍ ऐसी न जाने हजारों घटनाएं हैं जो रोज दलितों से साथ घटती रहीं। दुर्भाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस तरह के विषयों पर कुछ भी कहने से बचते रहे और दलितों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने में पूरी तरह नाकाम रहे। मध्य प्रदेश में कर्ज दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसा कोई महीना नहीं बीतता है जब सरकार कर्ज न ले रही हो। सरकार पिछले 11 महीनों में 40 हजार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। राज्य यादव सरकार के एक साल पूरे होने के साथ कर्ज का आंकड़ा 52.5 हजार करोड़ तक पहुंचने वाला है। दिसंबर 2023 से अब तक सरकार ने 47.5 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। साल 2024 के अंत तक राज्य पर कुल कर्ज 4 लाख करोड़ से अधिक हो जाएगा। पिछले 6 माह में हर महीने 05-05 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक 30 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा चुका है। 31 मार्च 2025 तक मप्र सरकार का कर्ज 4.21 लाख करोड़ पहुंचेगा। मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार अपनी जरूरतों के लिए लगभग 25 हजार करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेगी। पिछले साढ़े चार साल में मप्र सरकार पर कर्ज का बोझ सबसे तेजी से बढ़ा है। मार्च 2020 की स्थिति में सरकार पर लगभग 2.01 लाख करोड़ का ही कर्ज था, लेकिन पिछले साढ़े चार साल में यह दोगुना हो गया है। सरकार अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने का जश्न मना रही है। लेकिन‍ अपने वादों को भूल गई है। चुनावों के समय जो वादे किये थे उन पर ध्‍यान ही नहीं है। लाडली बहनों को 3,000 रुपये की राशि देने का वादा, किसानों को उपज का दाम मिलना, युवाओं को रोजगार देने का वादा, महिलाओं को सुरक्षा देने का वादा, भ्रष्‍टाचार मुक्‍त प्रदेश बनाने का वादा ऐसे तमाम वादे थे जो एक साल में शुरू ही नहीं हुए हैं। मध्य प्रदेश में खाद की कमी के कारण किसानों की आय पर भी काफी असर पड़ा है। किसानों ने खाद की कमी के कारण अपनी फसल ही नहीं बोई। किसानों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पहले साल के कार्यकाल में ऐसे मामले हैं जहां मोहन यादव की सरकार बैकफुट पर नजर आई। 13 दिसंबर 2023 को मोहन यादव राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। मोहन यादव के पहले कार्यकाल में मध्य प्रदेश में क्राइम के कई ऐसे मामले आए जिसके राज्य सरकार की किरकिरी हुई। वैसे तो प्रदेश को शांति का टापू कहा जाता है लेकिन प्रदेश में दिनोंदिन बढ़ रहे अपराधों ने मध्‍यप्रदेश को बदनाम किया है। अपराधों के आंकड़ों में लगातार इजाफा हो रहा है। क्‍या महिलाएं क्‍या बच्चियां, कोई सुरक्षित नहीं है। साइबर क्राइम भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। राज्य के युवाओं को साधने के लिए मोहन यादव की सरकार ने एक लाख पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। दिसंबर महीने से भर्ती शुरू होनी थी लेकिन कई विभाग ऐसे हैं जो यह रिपोर्ट तक नहीं दे पाए हैं कि उनके विभाग में कितने पद खाली हैं। बीते एक साल से भर्ती नहीं होने पर युवाओं में ओवरएज होने का डर है। राज्य में नर्सिंग घोटाले के बाद प्रदेश सरकार की छवि धूमिल हुई है। राज्य में कॉलेजों की संख्या कम की गई है। नर्सिंग घोटाले सामने आने के बाद समय पर परीक्षाएं नहीं हो पाई हैं। पूरे मामले की निगरानी कोर्ट में चल रही है। सरकार ने पूरे मामले में लीपापोती कर हजारों बच्‍चों के भविष्‍य के साथ खिलवाड़ की है। राज्य के कई छात्र संगठन भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे … Read more