Monday, July 6, 2026 1:36 pm

स्मार्ट सिटी योजना से नागरिकों की जीवनशैली में सुधार के कार्य प्रमुख रूप से किये जा रहे

भोपाल स्मार्ट सिटी योजना के माध्यम से शहरों का समुचित विकास, आर्थिक सुधार और नागरिकों की जीवनशैली में सुधार के कार्य प्रमुख रूप से किये जा रहे हैं। योजना में पिछले एक वर्ष में सातों स्मार्ट सिटी शहरों में 1253 करोड़ 65 लाख रूपये की 21 कार्य पूरे किये जा चुके हैं। वर्तमान में 828 करोड़ के 43 कार्य प्रगति में है। प्रदेश के 7 शहरों में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और सतना शहर शामिल है। सीआईटीआईआईएस में 2 शहरों का चयन स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा 'द सिटी इन्वेस्टमेंटस् टू इनोवेट इंटीग्रेट एण्ड सस्टेन' (सीआईटीआईआईएस 2.0) प्रोग्राम के कम्पोनेन्ट-1 अंतर्गत राज्य के 2 स्मार्ट सिटी शहर उज्जैन एवं जबलपुर का चयन किया गया है। योजना के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिये चयनित प्रत्येक शहर को 135 करोड़ रूपये के मान से अनुदान राशि प्राप्त होगी। चैंलेज कंपोनेंट-2 के अंतर्गत नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर केन्द्र सरकार को स्वीकृति के लिये भेजा है। जबलपुर-इंदौर स्मार्ट सिटी को सम्मान केन्द्र सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा नर्चरिंग नेबरहुड 1.0 के अंतर्गत किये गये कार्यों के लिये जबलपुर और इंदौर स्मार्ट सिटी को सम्मानित किया जा चुका है। जबलपुर स्मार्ट सिटी द्वारा आंगनवाड़ी, पार्कों का‍विकास कार्य और सिविल अस्पतालों में बच्चों के लिये वैक्सीनेशन सेंटर का निर्माण प्रमुख रूप से किया गया है। इंदौर स्मार्ट सिटी द्वारा सार्वजनिक स्थलों और ज्यादातर बस्तियों में विकास कार्य किये गये हैं। इंदौर स्मार्ट सिटी में जिज्ञासारत उमंग वाटिका और कर्मरथ आदि विकास कार्य प्रगति पर हैं। जबलपुर और पीथमपुर के प्रस्ताव केन्द्र सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार इन्क्यूबेशन ऑफ न्यू सिटीज चैलेंज के अंतर्गत जबलपुर टैक्सटाइल एण्ड लॉजिस्टिक क्लस्टर एवं पीथमपुर स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप सेक्टर-7 के प्रस्ताव तैयार कर नई दिल्ली भेजे गये हैं। चयनित शहर को व्हीजीएफ के रूप में एक हजार करोड़ रूपये की राशि प्राप्त होगी। उज्जैन शहर में यूनिटी मॉल केन्द्र सरकार की स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेटस् अंडर पार्ट-VI के अंतर्गत 'एक जिला-एक उत्पाद' के प्रचार-प्रसार और विक्रय के लिये उज्जैन शहर में 284 करोड़ रूपये लागत से यूनिट मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को प्रथम किश्त के रूप में 142 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है। योजना से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन के साथ जिलों में छोटे-मझोले व्यापारियों को अपने उत्पादों के विक्रय के लिये उपर्युक्त स्थान प्राप्त होगा। यह कार्य अगस्त 2025 तक पूरा किये जाने का लक्ष्य तय किया गया है।   recent visitors 52

उज्जैन के बीजेपी लोक शक्ति कार्यालय पर इन दिनों शहर और जिला अध्यक्ष पद को लेकर गहमा गहमी देखने को मिल रही

उज्जैन मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के संगठन चुनाव चल रहे हैं जिनमें हाई प्रोफाइल सीटों पर जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गृह नगर उज्जैन की हाई प्रोफाइल सीट पर शहर और जिला अध्यक्ष पद की दौड़ में कई नेता शामिल हैं. भारतीय जनता पार्टी के प्रभारी विधायकों द्वारा रायशुमारी चल रही है. धार्मिक नगरी उज्जैन के बीजेपी लोक शक्ति कार्यालय पर इन दिनों शहर और जिला अध्यक्ष पद को लेकर गहमा गहमी देखने को मिल रही है. उज्जैन में शहर और जिला अध्यक्ष पद को लेकर 24 नाम पर विचार चल रहा है. उज्जैन के नगर निगम के पूर्व सभापति सोनू गहलोत के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी में निर्वाचन प्रक्रिया के तहत शहर और जिला अध्यक्ष का चयन होता है लेकिन यह सब सौहार्दपूर्ण माहौल में रायशुमारी के साथ हो जाता है. इस बार भी भारतीय जनता पार्टी में कई योग्य दावेदार हैं, जिनका चयन चल रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि 31 दिसंबर के पहले ही नए अध्यक्ष का नाम सामने आ जाएगा. भाजपा नेता सौदान सिंह के मुताबिक शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोगों नेताओं के नाम पर रायशुमारी चल रही है. विधायक भगवान दास सबनानी ने कई नेताओं से बातचीत कर शहर और जिला अध्यक्ष को लेकर नाम की पैनल तैयार की है. उज्जैन में रायशुमारी, भोपाल से लगेगी मुहर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक उज्जैन में राय सोमारी का दौर चल रहा है लेकिन आखिरी मुहर भोपाल से ही लगेगी. भोपाल से ही शहर और जिला अध्यक्ष नाम की घोषणा होगी. हालांकि बीजेपी में यह देखने में आता है कि महामंत्री को आगे शहर और अध्यक्ष की कमान मिलती है. इसी तरह के समीकरण उज्जैन में भी देखने को मिल रहा है. recent visitors 56

देश के पांच प्रदेशों के छः वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख का प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

उज्जैन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों के नवनियुक्त वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख को प्रथम चरण अंतर्गत नार्म, हैदराबाद में प्रशिक्षण उपरांत द्वितीय चरण: प्रबंध विकास कार्यक्रम, कृषि विज्ञान केन्द्र, उज्जैन का भा.कृ.अनु.प. नई दिल्ली द्वारा सर्वोत्तम संस्था के रूप में चयनित होने पर, पांच प्रदेशों के छः वरिष्ठ वैज्ञानिकों क्रमश: डॉ. व्ही. दामोदरण (अंडमान), डॉ.राजीव सिंह (हमीरपुर, उ.प्र.), डॉ. दुष्यंत के. राघव (मालदा, प.बं.), डॉ.संतोष कुमार (निकोवार द्वीप), डॉ.दीपक राय (कुंठी, झारखंड) तथा डॉ.मानधाता सिंह (देवरिया,उ.प्र.) को संस्था प्रमुख डॉ.ए.के. दीक्षित के सानिध्य में दस दिवसीय 14-23 दिसम्बर 2024 तक विभिन्न पहलुओं जैसे कार्ययोजना तैयार कर किसानों के खेतों पर रणनीत अनुसार लागू करने साथ ही समय-समय पर प्रभावी निरीक्षण, वित्तीय प्रबंधन आदि पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों द्वारा दी गई।   प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऑनलाईन एवं ऑफलाईन माध्यम से विभिन्न तकनीकी जानकारियों एवं अनुभवों को ऑनलाईन मोड में प्रोफेसर ए.के.शुक्ला (कुलगुरू, रा.वि.सिं.कृ.वि.वि.ग्वालियर), प्रोफेसर ए.के.सिंह (कुलपति, केन्द्रीय कृषि विष्वविद्यालय, झांसी), डॉ.एस.के. चतुर्वेदी (निदेशक, भारतीय दलहन अनुसंधान कानपुर), डॉ. नंदकिशोर वाजपेयी (निदेशक विस्तार सेवायें, कृषि विश्वविद्याालय, बांदा) साझा किया गया।       ऑफलाईन मोड में डॉ.दिलीप कुमार, पूर्व वैज्ञानिक अन्तर्राष्ट्रीय खाद्य एवं कृषि संगठन (एफ.ए.ओ.), एवं मुख्य तकनीकी सलाहकार, राष्ट्रीय कृषि कार्ययोजना परिषद, डॉ. एस.आर.के.सिंह, निदेशक अटारी जोन-9 म.प्र एवं छत्तीसगढ, डॉ.के.एच.सिंह, निदेशक सोयाबीन अनुसंधान केन्द्र,भा.कृ.अनु.के. इंदौर, प्रोफे. केशव, प्रधान वैज्ञानिक, भारतीय कृषि अनुसंधान केन्द्र, नई दिल्ली, प्रोफेसर मुकेश श्रीवास्तव, पादप रोग विज्ञान, चंद्रशेखर कृषि विश्वविद्यालय, कानपुर, डॉ. डी.के.पालीवाल, वैज्ञानिक सस्य विज्ञान, रा.वि.सिं.कृ.वि.वि.,ग्वालियर द्वारा नवनियुक्त वरिष्ठ वैज्ञानिकों एवं प्रमुखों को कृषि विज्ञान केन्द्रों के महत्वता एवं प्रतिपादित किये जाने वाले कार्यो तथा कृषकों के हित में स्थानीय स्तर पर अनुसंधान उपरांत नवीन तकनीकियों को प्रयोगशाला से खेत तक एवं देखकर सीखने आदि जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर अपने अनुभवों को साझा किया। जिससे भविष्य के चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। संस्था प्रमुख डॉ.ए.के.दीक्षित ने कृषि विज्ञान केन्द्र की सुचारूबद्व योजनायें, क्रियान्वयन एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण पावर पाईंट के माध्यम से समझाया। डॉ. रेखा तिवारी, वरिष्ठ वैज्ञानिक द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण एवं पोषण सुरक्षा, डॉ.सविता कुमारी, तकनीकी अधिकारी द्वारा मृदा के स्वास्थ्य (कार्बनिक द्रव्य के कमी की चुनौति) के साथ ही मानव जगत के स्वास्थ्य जैसे मुद्दे पर अपनी बात रखी एवं दस दिवसीय कार्यक्रम के संचालन डॉ. सविता कुमारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में एच.आर.जाटव, वैज्ञानिक की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में डॉ. एस.के.कौशिक, वरिष्ठ वैज्ञानिक, डी.के.सूर्यवंशी, वैज्ञानिक एवं डॉ.मौनी सिंह, सहा.मुख्य तकनीकी अधिकारी, अजय गुप्ता, श्रीमति सपना, श्रीमति रूचिका चौहान उपस्थित रहें।       उपरोक्त 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के प्रगतिषील किसान डॉ. योगेन्द्र कौषिक (अजड़ावदा), अष्विनी सिंह (पिपलियाहामा), सतीश शर्मा, (बिछडोद) हाकम सिंह आंजना (बूचाखेड़ी), राजेन्द्र सिंह (बरखेड़ी), राजेन्द्र सिंह (निनौरा), ईश्वर सिंह (गुराडिया गुर्जर) द्वारा अपनी जुबानी अपने अनुभवों को साझा किया। प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिकों द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र, उज्जैन के गांव पालखेडी तालौद में प्राकृतिक खेती एवं उद्यानिकी आधारित समन्वित खेती प्रणाली एमआईटी कॉलेज का भ्रमण किया, इसके साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र, आगर मालवा, कुण्डालिया डेम, प्रगतिशील कृषक राधेश्याम परिहार, के द्वितीयक खेती जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा कर अनुभव प्राप्त किया गया। recent visitors 40

रिलायंस की 27 कंपनियों के मार्केट कैप में $1 अरब से ज्यादा गिरावट दर्ज

मुंबई  रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत कई दिग्गज कंपनियों के निवेशकों के लिए यह साल निराशाजनक रहा। भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज 10 साल में पहली बार निगेटिव रिटर्न ओर बढ़ रही है। इस साल बीएसई 500 में शामिल कम से कम 27 कंपनियों के मार्केट कैप में एक अरब डॉलर यानी करीब 8,500 करोड़ रुपये से अधिक गिरावट आई है। इनमें रिलायंस के अलावा एशियन पेंट्स, एचयूएल, टाइटन, बजाज फाइनेंस, अडानी ग्रीन एनर्जी और डीमार्ट शामिल हैं। वैल्यू के हिसाब से एशियन पेंट्स को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। परसेंटेज के हिसाब से सबसे ज्यादा नुकसान में जी एंटरटेनमेंट रही। इसके शेयरों में इस साल 54% गिरावट आई है। इस कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा मार्केट कैप गिरावट एशियन पेंट्स में रही। देश की सबसे बड़ी डेकोरेटिव पेंट्स कंपनी के शेयरों में इस दौरान अब तक लगभग 33% की गिरावट आई है। उसका मार्केट कैप में 1.07 लाख करोड़ रुपये गिरा है। कंपनी कमजोर मांग और मार्जिन दबाव से जूझ रही है। साथ ही उसे JSW तथा बिड़ला ग्रुप से भी तीव्र प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। रिलायंस का नुकसान भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज 10 साल में पहली बार निगेटिव रिटर्न की ओर बढ़ रही है। रिलायंस के शेयरों में इस साल 5 फीसदी से अधिक गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप 93,000 करोड़ रुपये से अधिक घटकर लगभग 16.5 लाख करोड़ रुपये रह गया है। हालांकि मार्केट कैप के हिसाब से यह अब भी भारत की सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है। अडानी ग्रीन एनर्जी (89,648 करोड़ रुपये), एचयूएल (76,843 करोड़ रुपये), इंडसइंड बैंक (51,475 करोड़ रुपये) और अडानी एंटरप्राइजेज (50,951 करोड़ रुपये) मार्केट कैप के लिहाज से सबसे बड़े नुकसान में शामिल हैं। इसके अलावा नेस्ले इंडिया, कोटक महिंद्रा बैंक, बर्जर पेंट्स, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, एलटीआईमाइंडट्री, जी एंटरटेनमेंट, बंधन बैंक, टाटा एलेक्सी, टाटा कंज्यूमर और टाटा टेक्नोलॉजीज के मार्केट कैप में एक अरब डॉलर से ज्यादा गिरावट आई है। recent visitors 127

उज्जैन आईटीआई में स्थापित होने वाली मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब को सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज के सीएसआर से बनाया जायेगा

भोपाल मध्यप्रदेश में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा देने के लिए कौशल विकास संचालनालय और सीमेंस लिमिटेड के बीच इन्डो-जर्मन इनिशिएटिव फॉर टेक्निकल एजुकेशन (IGnITE) प्रोग्राम के दूसरे चरण के तहत द्विपक्षीय समझौता (MoU) संपन्न हुआ। इस अवसर पर कौशल विकास संचालनालय के संचालक गिरीश शर्मा (आईएएस) और सीमेंस लिमिटेड के धर्मवीर सिंह ने इस समझौते का आदान-प्रदान किया। IGnITE प्रोग्राम, जो जर्मन ड्यूल वीईटी (दोहरे व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण) मॉडल पर आधारित है। इस प्रोग्राम के तहत प्रदेश के चार प्रमुख इंडस्ट्री क्लस्टर—ग्वालियर/शिवपुरी, जबलपुर/कटनी, सागर/दमोह और रीवा/सतना के अंतर्गत 40 शासकीय आईटीआई का चयन किया गया है। इन संस्थानों में 10 प्रमुख ट्रेड्स, जैसे इलेक्ट्रीशियन, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, फिटर, टर्नर, और वेल्डर के छात्रों को उद्योग आधारित "इन-प्लांट ट्रेनिंग" दी जाएगी। सीमेंस लिमिटेड के विशेषज्ञ न केवल इन ट्रेड्स के छात्रों को प्रशिक्षण देंगे, बल्कि आईटीआई के प्राचार्यों, प्रशिक्षण अधिकारियों और ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट ऑफिसर्स की क्षमता निर्माण पर भी काम करेंगे। यह प्रोग्राम उद्योगों की जरूरतों और छात्रों के कौशल के बीच पुल का काम करेगा, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। इसके अलावा, सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और कौशल विकास संचालनालय के बीच एक अन्य महत्वपूर्ण समझौता भी संपन्न हुआ। इस समझौते के तहत उज्जैन स्थित शासकीय संभागीय आईटीआई में एक अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब स्थापित की जाएगी। यह लैब डिज़ाइन, सीएनसी प्रोग्रामिंग, 3डी प्रिंटिंग और डिजिटल टेक्नोलॉजीज के माध्यम से कौशल विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। यह पहल प्रदेश के युवाओं को वैश्विक मानकों पर आधारित तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाने का प्रयास है। उज्जैन स्थित शासकीय संभागीय आईटीआई में स्थापित होने वाली मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब को सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज के सीएसआर से बनाया जायेगा। यह लैब औद्योगिक डिजिटलीकरण और उन्नत तकनीकों का केंद्र बनेगी। इसमें छात्रों को डिज़ाइन और मॉडलिंग कौशल विकसित करने के लिए सीएडी तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही, सी एन सी प्रोग्रामिंग और सिमुलेशन का व्यावहारिक अनुभव फिजिकल और वर्चुअल सिमुलेटर्स के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। लैब में एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, 3D प्रिंटिंग की अत्याधुनिक तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो छात्रों को उत्पाद निर्माण की नई प्रक्रियाओं से परिचित कराएगा। इसके अलावा, डिजिटल कौशल और इंडस्ट्री 4.0 के अनुरूप आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर, छात्रों को भविष्य के उद्योगों की जरूरतों के लिए तैयार किया जाएगा। कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने इसे युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि यह लैब न केवल प्रशिक्षण का केंद्र बनेगी, बल्कि नवाचार और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देगी। उज्जैन में आईटी पार्क के भूमि-पूजन के बाद आईटीआई उज्जैन में मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब की स्थापना, उज्जैन और प्रदेश को तकनीकी और औद्योगिक शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करेगी।   recent visitors 46

महाकुंभ में मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक मेले में एक विशेष लंगर सेवा का आयोजन किया जाएगा

 महाकुंभ नगर मकर संक्रांति से लेकर महाशिवरात्रि तक आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले में एक विशेष लंगर सेवा का आयोजन किया जाएगा। यह सेवा विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विदर्भ प्रांत की ओर से संचालित की जाएगी, जो श्रद्धालुओं और साधु-संतों के लिए भोजन उपलब्ध कराएगी। विश्व हिंदू परिषद द्वारा साधु-संतों के लिए निवास की व्यवस्था की जाएगी और वहीं पर यह लंगर सेवा चलाई जाएगी। लंगर सेवा की टाइमिंग? इस सेवा का मुख्य उद्देश्य महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं को बिन मांगे भोजन देना और उनके धार्मिक कर्तव्यों में सहयोग करना है। महाकुंभ मेला 13 जनवरी से 27 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान रोजाना सुबह 10:00 बजे से रात 10:00 बजे तक यह लंगर सेवा चलती रहेगी। यह सेवा विश्व हिंदू परिषद के सेवा विभाग, धर्माचार्य संपर्क विभाग और मंदिर अर्चक पुरोहित आयाम विदर्भ प्रांत की ओर से संचालित की जाएगी। 15,000 श्रद्धालुओं के लिए इंतजाम इस सेवा का लाभ प्रतिदिन करीब 15,000 श्रद्धालु उठाएंगे। कुंभ मेले में आने वाले साधु-संतों को विशेष सम्मान के साथ चौरंग और पाटे पर बैठाकर भोजन कराया जाएगा। यह सेवा उन लाखों श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है जो हर साल इस महाकुंभ में भाग लेने के लिए दूर-दूर से आते हैं। अयोध्या की तर्ज पर प्रयागराज में इससे पहले 2023 में अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान भी विश्व हिंदू परिषद के विदर्भ प्रांत ने एक महीने तक लंगर सेवा का आयोजन किया था, जिसमें लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराया गया था। प्रयागराज में यह सेवा उसी तर्ज पर चलाए जाने की योजना है। भोजन सामग्री दान करने की अपील महाकुंभ मेला हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण और पवित्र आयोजन है, जो हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है। इस मेले में करोड़ों श्रद्धालु अपने पुण्य लाभ के लिए डुबकी लगाते हैं। महाकुंभ मेले में इस बार लगभग 35 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। विश्व हिंदू परिषद ने महाकुंभ के आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं से आह्वान किया है कि वे इस पुण्य अवसर पर अनाज और अन्य भोजन सामग्री दान करें। recent visitors 59

BJP के प्रदेश अध्यक्ष पद पर किसकी ताजपोशी होगी? इस बात की चर्चा भोपाल से लेकर दिल्ली तक

भोपाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष पद पर किसकी ताजपोशी होगी? इस बात की चर्चा भोपाल से लेकर दिल्ली तक चल रही है. 15 जनवरी तक बीजेपी की मध्य प्रदेश इकाई को नया अध्यक्ष मिल जाएगा, लेकिन किसके नाम का ऐलान होगा? इसे लेकर हर कोई अलग-अलग नाम पर चर्चा कर रहा है. मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के जिला और शहर अध्यक्ष पद को लेकर नेताओं के बीच रायशुमारी चल रही है. सभी जिला और शहर अध्यक्षों की घोषणा के बाद प्रदेश अध्यक्ष का चयन होगा. प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में इस बार कई नेताओं के नाम शामिल हैं. मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव हारने वाले कई नेता प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं. इसके अलावा प्रदेश पदाधिकारी के लिए भी कई नामों का जिक्र हो रहा है. हालांकि, अभी आलाकमान का पूरा फोकस शहर और जिला अध्यक्ष पर किया है. शहर, जिला अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधि मिलकर प्रदेश अध्यक्ष का चयन करेंगे. प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा को 4 साल का कार्यकाल मिला है. लोकसभा चुनाव की वजह से पिछले साल होने वाले चुनाव को इस बार संपन्न कराया जा रहा है. प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया के मुताबिक, 15 जनवरी तक नए अध्यक्ष का नाम सामने आ जाएगा. उन्होंने बताया कि अभी शहर और जिला अध्यक्ष को लेकर विचार-विमर्श चल रही है. सांसद ही बनते आ रहे हैं प्रदेश अध्यक्ष, इस बार क्या होगा? अगर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के पद की बात की जाए तो लंबे समय से यह देखने में आ रहा है कि सांसदों को ही ये जिम्मेदारी दी जा रही है. इनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सत्यनारायण जटिया, नंदू चौहान, राकेश सिंह, विष्णु दत्त शर्मा जैसे कई नाम शामिल हैं. इस बार भी यह कोशिश की जा रही है कि किसी सांसद को ही प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान मिले. वर्तमान अध्यक्ष भी दौड़ में शामिल वरिष्ठ पत्रकार सुनील जैन के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी दोबारा कार्यकाल की दौड़ में शामिल नजर आ रहे हैं. उनके कार्यकाल में ही बीजेपी की दो बार सरकार बन चुकी है. जब उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था, उस समय मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी. इसके बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद बीजेपी की सरकार बन गई. इसके पश्चात विधानसभा चुनाव 2023 में भी विष्णु दत्त शर्मा का ही कार्यकाल था, जब बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की. recent visitors 59