Wednesday, July 8, 2026 10:30 am

जल्द आ सकती है बाहर, पुलिस सतर्क, राजस्थान-जयपुर में बोरवेल में फंसी चेतना के पास पहुंची रेस्क्यू टीम

जयपुर। बोरवेल में गिरी बच्ची को 10वें दिन ट्रेस कर लिया गया है। रेस्क्यू टीम द्वारा किसी भी समय बच्ची को बाहर निकाल लिया जाएगा। तेज बदबू के चलते बच्ची के जीवित नहीं होने की आशंका नजर आ रही है। रेस्क्यू टीम सुरंग में फिनाइल ले जा रही है। जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने बताया कि कुछ देर में चेतना को बोरवेल से निकाल लिया जाएगा। मौके पर एम्बुलेंस और पुलिस जाप्ता तैनात कर दिया गया है। साथ ही बीडीएम अस्पताल में अलग से सुरक्षा लगा दी गई है। मौके पर जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद हैं। गौरतलब है कि किरतपुरा के बड़ियाली की ढाणी में 23 दिसंबर को खेलते वक्त चेतना 700 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थी और करीब 120 फीट की गहराई में फंस गई। पिछले 10 दिनों से चल रहे इस रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिल पाने से परिवार और ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ती जा रही थी। अब जानकारी मिली है कि रेस्क्यू टीम चेतना लगभग करीब पहुंच चुकी है और किसी भी समय मासूम को बाहर निकाला जा सकता है। घटनास्थल से अस्पताल के रास्ते में पुलिस तैनात की गई है ताकि मासूम को तुरंत अस्पताल ले जाया जा सके। दिशा भटकने से रेस्क्यू में देरी – रेस्क्यू टीमों ने सुरंग के जरिए चेतना तक पहुंचने का प्रयास किया था, लेकिन तकनीकी खामियों और दिशा भटकने के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका। बुधवार सुबह अधिकारियों ने बोरवेल की लोकेशन ट्रेस करने का दावा किया है। ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) मशीन की मदद से बोरवेल की स्थिति को ट्रेस किया गया है। बहरहाल रेस्क्यू टीम के रास्ता भटकने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर सुरंग की दिशा गलत कैसे हुई? बहरहाल सभी को मासूम के निकलने का इंतजार है। अब तक के घटनाक्रम पर एक नजर –     23 दिसंबर : दोपहर 2 बजे किरतपुरा के बड़ीयाली ढाणी में गिरी चेतना। सूचना मिलने पर पहुंची रेस्क्यू टीमें। रात 9 बजे एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने रेस्क्यू शुरू किया     24 दिसंबर : देसी जुगाड़ लगाकर 15 फीट ऊपर तक खींचा लेकिन फिर अटका ऑपरेशन।     25 दिसंबर : हरियाणा से आई पाइलिंग मशीन से बोरवेल के पास 40 फीट गहरा गड्ढा खोदने के बाद बंद पड़ी मशीन। गुजरात से नई मशीन बुलाई गई। रात में उत्तराखंड से रैट माइनर्स टीम पहुंची।     26 दिसंबर :  रैट माइनर्स टीम ने 170 फीट गहरा गड्ढा खोदकर सेफ्टी पाइप डाले।     27 दिसंबर : बारिश के कारण काम रुका।     28 दिसंबर : ऑक्सीजन लेवल चेक करने पाइप में उतरे दो जवान। एल आकार में सुरंग की खुदाई की।     29 दिसंबर :  4 फीट तक सुरंग खोदकर बोरवेल में उतरी रेस्क्यू टीम। सुरंग बनाने में पत्थर बने सबसे बड़ी बाधा। पत्थर तोड़ने के लिए मशीन मंगाई।     30 दिसंबर : एसडीआरएफ के कमांडेंट ने रेस्पिरेशन चेक किया। लेजर अलाइनमेंट डिवाइस से जांच की।     31 दिसंबर : दोपहर बाद पता चला कि गलत दिशा में हो रही थी खुदाई। लोकेशन ट्रेक करने के लिए जीपीआर मशीन मंगाई। recent visitors 52

शराब घोटाले से आय का देना होगा जवाब, छत्तीसगढ़-सुकमा में पूर्व मंत्री लखमा और उनके पुत्र को ईडी का समन

सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा में पूर्व मंत्री कवासी लखमा और उनके पुत्र को ईडी का समन भेजा गया है। प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष दोनों को पेश होना पड़ेगा। बीते 28 दिसंबर को सुकमा और रायपुर के ठिकानों पर ईडी ने दबिश दी थी। लखमा के पुत्र और करीबियों के ठिकानों पर भी रेड मारी गई थी। जिसमें रायपुर स्थित आवास से कई अहम सबूत मिले। साक्ष्य से इशारा मिल रहा कि लखमा ने कथित शराब घोटाले से अर्जित अपराध की आय का इस्तेमाल किया। ईडी ने आरोप लगाया है कि लखमा को शराब घोटाले से अर्जित अपराध की आय से मासिक आधार पर बड़ी मात्रा में नकदी मिला करती थी। कांग्रेस शासनकाल में 2019 से 2022 के बीच कथित तौर पर बड़ा शराब घोटाला हुआ था, जो 2 हजार 61 करोड़ रुपये का था। कोंटा विधायक कवासी लखमा इस मामले में पहले ही जांच के दायरे में हैं। recent visitors 62

साल के पहले दिन 24 कैरेट सोना औसतन 372 रुपये महंगा होकर 76534 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट से खुला

मुंबई साल के पहले दिन 1 जनवरी को सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी की चमक बढ़ गई है। आज यानी बुधवार को 24 कैरेट सोना औसतन 372 रुपये महंगा होकर 76534 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट से खुला। वहीं, चांदी के भाव में आज 117 रुपये की गिरावट है। आज चांदी 85900 रुपये के औसत रेट पर खुली। यह रेट आईबीए ने जारी किया है, जिसमें जीएसटी नहीं लगा है। हो सकता है आपके शहर में इससे 1000 से 2000 रुपये का अंतर आ रहा हो। सोना अपने ऑलटाइम हाई से 3147 और चांदी 12440 रुपये सस्ती हो गई है। 23 कैरेट गोल्ड का औसत भाव आज 371 रुपये महंगा होकर 76228 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। 22 कैरेट गोल्ड का भाव भी 341 रुपये चढ़कर 70105 रुपये पर है। 18 कैरेट गोल्ड की कीमत 279 रुपये बढ़कर 57401 रुपये पर पहुंच गई है। 14 कैरेट गोल्ड की कीमत भी 217 रुपये तेज होकर 44772 रुपये पर पहुंच गई है। Gold खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें 1. कीमत की जांच कर लें : जिन दिन खरीदना चाहते हैं, उस दिन का भाव इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट (https://www.ibja.co/) पर जाकर जरूर पता कर लें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। 2. वजन जरूर चेक करें : गहने के वजन का खास ध्यान रखें। इसमें जरा सा भी अंतर होने पर कीमत में बड़ा अंतर आ सकता है। इससे बचने के लिए ज्वेलर्स से सर्टिफिकेट भी मांग सकते हैं। 3. पक्का बिल ही लें : हॉलमार्क वाला सोना लेने के साथ खरीद का प्रामाणिक बिल प्राप्त करें। बिल में प्रत्येक वस्तु का विवरण, कीमती धातु का शुद्ध वजन, कैरेट में शुद्धता और हॉलमार्किंग शुल्क की आवश्यकता होनी चाहिए। 4. मेकिंग चार्ज पर करें मोल-भाव : इस शुल्क पर कोई सरकारी दिशा-निर्देश नहीं है और इसलिए ज्वेलर्स अपनी लागत के हिसाब से 2 फीसदी से 20 फीसदी तक वसलूते हैं। इसलिए मेकिंग चार्ज को लेकर मोल-भाव जरूर करें। ऐसा करने पर ज्वेलर इसमें थोड़ी बहुत छूट देते हैं। recent visitors 55

आरोपी चालक फरार, छत्तीसगढ़-जांजगीर चांपा में कोयला लदे ट्रेलर की टक्कर से बाइक सवार मां की मौत और बेटा घायल

जांजगीर चांपा। जांजगीर चांपा जिले के बम्हनीडीह थाना क्षेत्र के बस स्टैंड के पास तेज रफ्तार ट्रेलर वाहन ने बाइक में सवार मां-बेटे को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी है। हादसे में महिला के सिर को ट्रेलर ने कुचला दिया, जिससे मौके पर ही महिला की मौत हुई है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। जानकारी के अनुसार, कोरबा जिले के सीतामणि की रहने वाली धनबाई प्रजापति (45) वर्ष अपने बेटे योगेश प्रजापति के साथ शक्ति जिले मलदा गांव में कुछ काम से आई हुई थी। योगेश प्रजापति ने बताया कि काम होने के बाद वह अपनी मां धनबाई को लेकर वापस कोरबा जाने को मलदा से निकले थे। मंगलवार की दोपहर करीबन 12 बजे बस स्टैंड के पास पहुंचे थे तभी चांपा की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने टक्कर मार दी, जिसमें कोयला लोड था। जिससे वह सड़क के दूसरी तरफ गिरा वही मां ट्रेलर के नीचे सिर आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी पुलिस को मिलने पर टीम पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बम्हनीडीह थाने में मामला दर्ज कर कोयला लोड ट्रेलर क्रमांक CG 22X 7170 को जब्त कर लिया गया है। मौके पर से ट्रेलर वाहन चालक फरार है, जिसकी तलाश जारी है। recent visitors 54

दर्द से जूझ रहे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज स्टार्क सिडनी टेस्ट में खेलेंगे या नहीं? सामने आई अंदर की बात, दूसरा ऑप्शन भी रेडी

सिडनी ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी को उम्मीद ​​है कि तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क पसली में दर्द के बावजूद भारत के खिलाफ शुक्रवार से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) शुरू होने वाले बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के पांचवें और अंतिम टेस्ट खेलेंगे। इस 34 वर्षीय बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की फिटनेस ऑस्ट्रेलिया की टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। वह बॉक्सिंग डे टेस्ट के तीसरे दिन से ही पसलियों में दर्द से जूझ रहे थे, लेकिन फिर भी टीम के फिजियो की मदद से गेंदबाजी करने में सफल रहे। ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में 2-1 से बढ़त बना रखी है। कैरी ने बुधवार को सिडनी में पत्रकारों से कहा, ‘‘वह ठीक हो जाएगा। उम्मीद है कि वह पांचवा टेस्ट मैच खेलेगा।’’ ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ता संभवत: टेस्ट मैच के करीब स्टार्क की फिटनेस पर फैसला लेंगे, लेकिन कैरी ने कहा कि उन्हें अपने साथी खिलाड़ी की फिटनेस को लेकर कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं लंबे समय से उसके (स्टार्क) साथ खेल रहा हूं। वह दमदार खिलाड़ी है। निश्चित तौर पर उसकी पसली में दर्द है और इससे वह कई बार परेशान हो जाता है लेकिन मुझे विश्वास है कि वह अगले मैच तक खेलने के लिए तैयार हो जाएगा।’’ ऑस्ट्रेलिया को 2014-15 के बाद बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी हासिल करने के लिए पांचवा टेस्ट मैच जीतना होगा या फिर उसे ड्रॉ करना होगा। भारत अगर यह मैच जीतने में सफल रहता है तो वह लगातार पांचवीं बार यह ट्रॉफी अपने नाम करेगा। अगर स्टार्क को आराम दिया जाता है तो तेज गेंदबाज झाय रिचर्डसन को टीम में लिया जा सकता है. जिन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच दिसंबर 2021 में खेला था। रिचर्डसन ने टीम में चुने जाने की संभावना के बारे में कहा, ‘‘मैं इसके बारे में नहीं सोच रहा हूं लेकिन अगर मुझे मौका मिलता है तो मैं उसका फायदा उठाने की पूरी कोशिश करूंगा।’’ recent visitors 57

बफर स्टॉक से ज्यादा कर ली खरीदी मगर उठान नहीं, छत्तीसगढ़-बीजापुर में धान खरीद पर छह जनवरी से रोक

बीजापुर। बफर लिमिट से अधिक खरीद के बावजूद जिले के धान उपार्जन केंद्रों में धान की उठान ना होने से खरीदी केंद्रों में धान जामा की स्थिति बन गई है। आलम ये है कि कई केंद्रों में क्विंटल भर तो दूर किलो भर धान रखने की जगह नहीं हैं, इससे परेशान खरीदी केंद्र प्रभारियों ने सीधे कलेक्टर से धान उठान के लिए गुहार लगाने के साथ मियाद भी दी है कि 5 जनवरी तक बफर लिमिट के ऊपर धान का परिवहन संतोषजनक ना होने की स्थिति में 6 जनवरी से जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी बंद कर दी जाएगी। मिली जानकारी अनुसार 29 दिसंबर तक जिले के 30 उपार्जन केंद्रों में चार लाख 37 हजार 737 क्विंटल धान की खरीद हुई है। जिसमें से महज 51 हजार 850 क्विंटल की उठान हुई है यानि जिले भरी में अब तक महज 11.85 फीसदी धान की उठान हुई है। जबकि 3 लाख 85 हजार 886 क्विंटल धान की उठान होनी बाकी है। ये आंकड़े 29 दिसंबर के हैं। ऐसे में 30 और 31 दिसंबर में हुई खरीदी से शेष मात्रा के आंकड़ों में बढ़ोतरी होनी निश्चित है। उठान में हो रही देरी से धान खरीद करने वाली समितियों की चिंता बढ़ गई है। मार्कफेड की नीति के बावजूद एक महीने से ज्यादा होने की वजह से सूखत बढ़ रही है। लगभग समितियों में बफर स्टॉक से ज्यादा धान की खरीद हो चुकी है। समितियों की मानें तो जिले में एक ही मिलर्स होने से ऐसी स्थिति बनी हुई है। उठान के लिए अंतरजिला डीओ और टीओ जारी किया जाता है तो समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। बहरहाल उठान में हो रही देरी से खरीदी केंद्रों में धान जामा होने की स्थिति बनी हुई है, वहीं कई केंद्रों में धान रखने की जगह ना होने से खरीद भी प्रभावित हो रही है, इतना ही नहीं समितियों को सुखत की चिंता भी सता रही है। हालांकि जिला सहकारी समिति संघ ने ज्ञापन के जरिए प्रशासन का ध्यानाकर्षण जरूर कराया है, लेकिन वस्तुस्थिति से पूरी तरह वाकिफ संघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन को साफ चेतावनी भी दी है कि बफर स्टॉक से ऊपर धान उठान को लेकर प्रशासन कोई कदम नहीं उठाता है तो 6 जनवरी से जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में खरीद बंद कर दी जाएगी। recent visitors 56

रवि शास्त्री ने आज टेस्ट क्रिकेट में 2 टीयर सिस्टम की मांग की, जिससे लाल गेंद के खेल को बचाए रखा जा सकता है

नई दिल्ली भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने बुधवार एक जनवरी को टेस्ट क्रिकेट में 2 टीयर सिस्टम की मांग की, जिससे लाल गेंद के खेल को बचाए रखा जा सकता है। उनकी यह टिप्पणी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबर्न में खेले गए चौथे टेस्ट के बाद आई है। बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में पांच दिनों में रिकॉर्ड 373,691 दर्शक आए। इससे पहले इसी मैदान पर 1936-37 में इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज के दौरान 350,534 दर्शक आए थे। करीब 90 साल के बाद दर्शकों का रिकॉर्ड एमसीजी पर टूटा। ये उस समय की बात है, जब डोनाल्ड ब्रैडमैन का इस खेल पर एकछत्र राज था। बीजीटी में कमेंट्री कर रहे रवि शास्त्री ने कहा कि उन्हें "टेस्ट क्रिकेट के लिए इससे बड़ा विज्ञापन" याद नहीं आता। उन्होंने कहा कि एमसीजी टेस्ट यह साबित करता है कि लगातार बढ़ते टी20 क्रिकेट के सामने पांच दिवसीय खेल अपनी जगह बनाए हुए है। हालांकि, 62 वर्षीय शास्त्री ने कहा कि इससे उनके इस विचार को भी बल मिला कि टेस्ट क्रिकेट को जीवित रहने के लिए सबसे बड़ी टीमों को एक-दूसरे के साथ अधिक मैच खेलने चाहिए। उन्होंने द ऑस्ट्रेलियन अखबार के लिए लिखे अपने कॉलम में कहा, "लगभग एक सदी से चले आ रहे दर्शकों के रिकॉर्ड को तोड़ना… इस बात का प्रमाण है कि जब बेस्ट टीमें खेलती हैं, तो खेल का सबसे कठिन और बेस्ट फॉर्मेट अभी भी जीवित है और फल-फूल रहा है। यह आईसीसी के लिए भी एक अच्छी याद दिलाने वाली बात थी कि टेस्ट क्रिकेट को जीवित रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ खेलना चाहिए। मैं कहूंगा कि अन्यथा बहुत अधिक अव्यवस्था है।" उन्होंने आगे कहा, "यह मैच इस बात पर और जोर देता है कि हमें 2 टीयर सिस्टम की आवश्यकता क्यों है? जिसमें शीर्ष 6-8 टीमें हों और फिर प्रमोशन और डिमोशन शामिल हो। यदि आपके पास दो उचित टीमें नहीं खेल रही हैं तो आपको इस तरह की भीड़ नहीं मिलेगी।" एक तरह से उन्होंने नए डब्ल्यूटीसी फॉर्मेट पर बात की है। मौजूदा फॉर्मेट उतना ज्यादा पसंद फैंस को नहीं आ रही। बता दें कि आईसीसी कई वर्षों से प्रतिस्पर्धी प्रारूप को बनाए रखने के लिए दो-स्तरीय प्रणाली पर विचार कर रहा है, लेकिन योजनाएं कभी जमीन पर नहीं उतर पाईं। 2016 में विश्व शासी निकाय के एजेंडे में शीर्ष सात टीमों की एक वास्तविक प्रीमियर लीग का प्रस्ताव था। हालांकि, शक्तिशाली भारतीय क्रिकेट बोर्ड के विरोध के बाद इसे रद्द कर दिया गया। शास्त्री ने यह भी कहा कि मेलबर्न मैच ने साबित कर दिया है कि टेस्ट मैच पांच दिन के ही रहने चाहिए, इस बात की चर्चा के बीच कि शेड्यूल को सुव्यवस्थित करने के लिए उन्हें घटाकर चार दिन का कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "सोमवार (पांचवें दिन) के अंत में जो नाटकीय घटनाक्रम हुआ, वह इस बात का सबूत है कि हमें एक क्लासिक टेस्ट मैच के लिए पांच दिन की आवश्यकता क्यों है। हालांकि, यदि आप 2 टीयर सिस्टम नहीं बनाते हैं, तो आपके पास एक-दूसरे के खिलाफ बेजोड़ टीमें होंगी और फिर यह बहुत कम संभावना है कि वे खेल को पांचवें दिन तक ले जा सकें। फिर हमेशा चार दिवसीय टेस्ट की बात होगी।" recent visitors 35