Wednesday, July 8, 2026 4:37 am

भारत में हेरोइन तस्करी के मामले में पकड़े गए आठ पाकिस्तानी नागरिकों को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा मिली

मुंबई विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने 2015 में अरब सागर के रास्ते भारत में हेरोइन तस्करी के मामले में पकड़े गए आठ पाकिस्तानी नागरिकों को दोषी ठहराते हुए 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला 600 समुद्री मील की दूरी तय कर पाकिस्तान के कराची से भारत की समुद्री सीमा में प्रवेश करने वाले जहाज "अल यासिर" से जुड़ा हुआ है। इस जहाज को भारतीय तटरक्षक बल ने 232 किलोग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा था। इस हेरोइन की कीमत 6.93 करोड़ रुपये आंकी गई थी। पकड़े गए आरोपी आरोपियों में अलीबख्शा सिंधी, मक्सूद मासिम, मोहम्मद नाथो, मोहम्मद अहमद इनायत, मोहम्मद यूसुफ गगवानी, मोहम्मद यूनुस सिंधी, मोहम्मद गुलहसन सिंधी और गुलहसन सिद्दीक सिंधी शामिल हैं। ये सभी आरोपी 2015 से मुंबई के जेल में बंद हैं। घटना का विवरण 18 अगस्त 2022 को इस मामले से जुड़े 11 बड़े नीले प्लास्टिक के ड्रम येलो गेट पुलिस स्टेशन से मुंबई सिविल कोर्ट, काला घोड़ा ले जाए गए। 2015 में इन्हीं ड्रमों में 232 किलोग्राम हेरोइन भरकर "अल यासिर" जहाज के जरिए पाकिस्तान से भारतीय सीमा में लाया गया था। तटरक्षक बल की कार्रवाई भारतीय तटरक्षक बल के जहाज "संग्राम" के तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर ने विशेष एनडीपीएस कोर्ट में पेश होकर घटना का पूरा ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि किस तरह "अल यासिर" को पकड़ा गया और उसमें मौजूद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा, "कोर्ट में मौजूद आरोपी वही हैं, जिन्हें हमने पाकिस्तानी जहाज 'अल यासिर' पर पाया था।" सजा का ऐलान विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने सभी आरोपियों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS) के तहत दोषी करार देते हुए 20 साल की कठोर सजा सुनाई। इस फैसले से भारत में ड्रग तस्करी पर कड़ा संदेश गया है। यह मामला भारतीय तटरक्षक बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता का प्रमाण है, जिसने नशीले पदार्थों की इस बड़ी खेप को भारतीय बाजार में पहुंचने से पहले ही रोक लिया। recent visitors 97

आयुष म्हात्रे ने तोड़ा यशस्वी जायसवाल का वर्ल्ड रिकॉर्ड, 15 चौके और 11 छक्के लगाकर कर डाला ये कारनामा

मुंबई मुंबई के आयुष म्हात्रे ने लिस्ट-ए क्रिकेट में 150 से अधिक रन बनाने वाले सबसे कम उम्र का खिलाड़ी होने का नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया है. उन्होंने हमवतन यशस्वी जयसवाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. म्हात्रे ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मंगलवार को नगालैंड के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी मैच (वनडे-50 ओवरों का मैच) के दौरान यह रिकॉर्ड तोड़ पारी खेली. म्हात्रे ने 17 साल और 168 दिन की उम्र में भारतीय सलामी बल्लेबाज जायसवाल द्वारा बनाए गए पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया जायसवाल 17 साल और 291 दिन के थे, जब उन्होंने 2019 में झारखंड के खिलाफ मुंबई के लिए खेलते हुए यह उपलब्धि हासिल की थी. इस सीजन की शुरुआत में घरेलू दिग्गज मुंबई के लिए डेब्यू करने वाले म्हात्रे ने 11 छक्कों और 15 चौकों की मदद से केवल 117 गेंदों पर 181 रन बनाए. उनकी इस पारी से मुंबई ने 50 ओवरों में सात विकेट पर 403 रन बनाए. मुंबई के विरार उपनगर के रहने वाले आयुष म्हात्रे ने इस सत्र की शुरुआत में टीम में शामिल होने के बाद से सभी प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन किया है. म्हात्रे ने अब तक 6 फर्स्ट क्लास मैचों के अलावा 5 लिस्ट-ए मुकाबलों में हिस्सा लिया है.   वह ईरानी कप विजेता मुंबई टीम का हिस्सा थे, जिसने अक्टूबर में 27 साल के अंतराल के बाद शेष भारत को हराकर ट्रॉफी जीती थी. रणजी ट्रॉफी में अपने पदार्पण पर म्हात्रे ने 71 गेंदों में 52 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन मुंबई ने यह सत्र का पहला मैच बड़ौदा के खिलाफ गंवा दिया. म्हात्रे ने इसके बाद महाराष्ट्र के खिलाफ 232 गेंदों में 22 चौकों और चार छक्कों की मदद से 176 रनों की शानदार पारी खेली, जिससे मुंबई यह मैच नौ विकेट से जीता था. वह इसके बाद त्रिपुरा और ओडिशा के खिलाफ प्रभाव नहीं छोड़ सके थे, लेकिन सेना के खिलाफ 149 गेंद में 116 रन की पारी के साथ प्रथम श्रेणी में अपना दूसरा शतक ठोका. उन्होंने इसके बाद अंडर-19 एशिया कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया. म्हात्रे ने जापान (54) और यूएई (नाबाद 67) के खिलाफ अर्धशतकीय पारियां खेलीं, लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ फाइनल में सस्ते में आउट हो गए. वह सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में नहीं खेले, लेकिन उन्होंने 50 ओवरों के राष्ट्रीय टूर्नामेंट में कर्नाटक के खिलाफ 78 रनों की शानदार पारी के साथ वापसी की. लिस्ट-ए क्रिकेट में वनडे इंटरनेशनल के अलावा विभिन्न घरेलू मुकाबले शामिल होते हैं. लिस्ट-ए के तहत 40 से 60 ओवरों तक की एक पारी होती है.      recent visitors 63

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर नए वर्ष में मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर रायगढ़ मेडिकल कालेज चिकित्सालय के सुविधाओं में किया गया विस्तार आयुष्मान योजना कक्ष का विस्तार, आईपीडी मरीजों  के लिए अलग से पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं, फीडबैक के लिए लगाई गयी सुझाव पेटी रायपुर रायगढ़ मेडिकल कालेज 35मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर शासकीय अस्पतालों में आम नागरिकों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर नए वर्ष की शुरूआत में ही चिकित्सा सुविधाओं की सभी लोगों को सुगम एवं सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सके, यह प्रयास किया जा रहा है। स्व.श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना की सुविधा हेतु सभी तलों (फ़्लोर )में कक्ष का शुभारंभ 1 जनवरी 2025 को किया गया है।  वित्त मंत्री और रायगढ़ के स्थानीय विधायक श्री ओ. पी. चौधरी ने स्वास्थ्य सेवाओं की सुगम उपलब्धता हेतु किया जा रहे इस पहल का स्वागत किया है। मेडिकल कालेज रायगढ़ के अधिष्ठाता डॉ. विनित कु‌मार जैन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम. के. मिंज के अनुसार इस सुविधा विस्तार से भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी सुविधा होगी।इससे अनावश्यक भीड़ एवं कतार का सामना नहीं करना पड़ेगा और समय की बचत होगी।  पूर्व में यह सुविधा सिर्फ एमआरडी के रजिस्ट्रेशन ओपीडी काऊंटर के समीप ही उपलब्ध थी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम के मिंज के अनुसार आयुष्मान योजना कक्ष के विस्तार के साथ ही चिकित्सालय में अब ओपीडी , आईपीडी मरीज़ के जाँच के लिये अलग से जाँच पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं।  सभी जांच पूर्णतः निःशुल्क है।  ओपीडी की 10 रुपये की पंजीयन पर्ची एवं आईपीडी मरीज के लिये 85 रुपये की पर्ची के अलावा अलग से पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं।  इसके संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही एक नई पहल करते हुए चिकित्सालय में सुझाव एवं शिकायत पेटी (बॉक्स) की व्यवस्था की गई है । साथ ही वार्ड में भर्ती मरीज के इलाज के सम्बन्ध में प्रतिदिन  चिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ता  और व्यावसायिक सलाहकार द्वारा  फीडबैक लिया जा रहा है। सुझाव एवं शिकायत पेटी में प्राप्त पत्र एवं फीडबैक को अस्पताल प्रबंधन द्वारा समिति में रख कर उसका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। recent visitors 41

नए साल की पार्टी डिस्पोजल्स और ड्रिंक्स की बढ़ी बिक्री, कंडोम की बिक्री ने बनाए रिकॉर्ड

नई दिल्ली 31 दिसंबर 2024 की रात पूरी दुनिया ने नए साल का जश्न धूमधाम से मनाया. भारत में भी जश्न का माहौल जबरदस्त रहा. घर-घर में पार्टी का खुमार छाया रहा और इसकी झलक ऑनलाइन ऑर्डर प्लेटफॉर्म्स पर साफ नजर आई. नए साल की पार्टी में भारतीयों का अंदाज जानने के लिए Blinkit और Swiggy Instamart जैसे प्लेटफॉर्म्स ने दिलचस्प आंकड़े साझा किए. उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर की रात पार्टी के मूड में लोगों ने क्या-क्या ऑर्डर किया. स्नैक्स, ठंडे पेय और पार्टी से जुड़े सामानों की डिमांड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए. Blinkit और Swiggy Instamart जैसे प्लेटफॉर्म्स पर आलू भुजिया से लेकर बर्फ के पैकेट्स तक, हर चीज के ऑर्डर की बाढ़ आ गई. घर की पार्टियों के इस अंदाज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत में जश्न मनाने का अंदाज सबसे खास है. Blinkit के CEO अलबिंदर ढींडसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के पोस्ट शेयर करके हाल बताया. आलू भुजिया बनी पार्टी स्टार रात 8 बजे तक Blinkit ने 2.3 लाख पैकेट आलू भुजिया डिलीवर किए. उधर, Swiggy Instamart पर 7:30 बजे प्रति मिनट 853 ऑर्डर चिप्स के लिए किए गए.Swiggy Instamart पर सबसे ज्यादा सर्च किए गए टॉप 5 आइटम्स में दूध, चॉकलेट, अंगूर, पनीर और चिप्स शामिल थे. Swiggy Instamart के को फाउंडर फणी किशन ने भी इसको लेकर एक पोस्ट किया. बर्फ के पैकेट्स की डिमांड आसमान पर Blinkit पर रात 8 बजे तक 6,834 पैकेट बर्फ के लिए ऑर्डर हुए, जबकि BigBasket पर बर्फ के ऑर्डर में 1290% का इजाफा देखा गया. Swiggy Instamart के फाउंडर फानी किशन ने ट्वीट किया, 'रात 7:41 पर 119 किलो बर्फ हर मिनट डिलीवर हो रही थी.' पार्टी डिस्पोजल्स और नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक्स की बढ़ी बिक्री BigBasket ने बताया कि डिस्पोजेबल कप-प्लेट की बिक्री में 325% और नॉन-अल्कोहलिक पेय पदार्थों में 552% की वृद्धि हुई. कंडोम की बिक्री ने बनाए रिकॉर्ड 31 दिसंबर की दोपहर तक Swiggy Instamart ने 4,779 पैकेट कंडोम डिलीवर किए. रात होते-होते Blinkit ने 1.2 लाख पैकेट्स कंडोम डिलीवर किए, जिनमें चॉकलेट फ्लेवर सबसे ज्यादा (39%) पसंद किया गया. इसके बाद स्ट्रॉबेरी (31%) और बबलगम (19%) का नंबर आया. Blinkit के CEO अलबिंदर ढींडसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर नए साल की रात के दिलचस्प आंकड़े शेयर किए. अनचाहे ऑर्डर: ब्लाइंडफोल्ड और अंडरवियर Swiggy Instamart पर एक ग्राहक ने ब्लाइंडफोल्ड( आंखों पर बांधने वाली काली पट्टी) और हैंडकफ्स ऑर्डर किए, जबकि Blinkit पर पुरुषों के अंडरवियर की भी डिमांड देखी गई.नए साल की इस रात ने साफ कर दिया कि भारत में पार्टी मूड ऑन था!   recent visitors 118

गाजा में बीते 14 महीने से जारी जंग, साल के पहले दिन इजरायली हमलों में 9 लोगों की मौत

देइर अल-बलाह इजरायल और गाजा में बीते 14 महीने से जारी जंग का फिलहाल कोई अंत होता नजर नहीं आ रहा है। नया साल शुरू होने की खुशी में एक तरफ जहां पूरी दुनिया जश्न मना रही है, वहीं दूसरी तरफ गाजा के लोगों के लिए नया साल कोई राहत लेकर नहीं आया है। गाजा के अधिकारियों ने बुधवार को बताया है कि ताजा इजरायली हमलों में कम से कम नौ फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है। इनमें से ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। बुधवार को इजरायल ने उत्तरी गाजा के जबालिया इलाके पर एक घर पर हमला किया। जंग के बीच गाजा का यह इलाका सबसे अलग-थलग पद चुका है और बुरी तरह से नष्ट हो चुका है। जबालिया इलाके में इजरायल बीते अक्टूबर की शुरुआत से ही एक बड़ा अभियान चला रहा है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस हमले में एक महिला और चार बच्चों सहित सात लोग मारे गए और कम से कम एक दर्जन से ज्यादा लोग लोग घायल हुए हैं। वहीं गाजा के अल-अक्सा शहीद अस्पताल ने बताया कि बुधवार को मध्य गाजा में बुरेज शरणार्थी शिविर में एक और हमले में एक महिला और एक बच्चे की मौत हो गई है। 45 हजार फिलिस्तीनियों की हो चुकी है मौत गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला कर दिया था जिसमें 1,200 से ज्यादा लोग मारे गए थे। हमास ने लगभग 250 लोगों को बंदी भी बना लिया था। उसके बाद से इजरायल ने गाजा में हमास के लड़ाकों को निशाना बनाकर हमले किए हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक जंग की शुरुआत से इजराइल के हमलों में 45,000 से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है। हैं। मंत्रालय का कहना है कि मरने वालों में आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं। हमास को दोषी ठहराता है इजरायल वहीं इजराइली सेना का कहना है कि वह सिर्फ हमास के आतंकियों को निशाना बनाती है। इजरायल नागरिकों की मौतों के लिए हमास को दोषी ठहराती है। इजरायल ने कहा है कि हमास घनी आबादी वाले क्षेत्रों से हमले करता है जिसकी वजह से लोगों की मौत हो रही है। इजरायली सेना ने कहा है कि उसने अब तक हमास के 17,000 आतंकियों को मार गिराया है। recent visitors 28

26/11 हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को जल्द लाया जायेगा भारत, प्रत्यर्पण के लिए अमेरिका तैयार

मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में 26/11 आतंकी हमले में शआमिल रहा पाकिस्तान मूल का कनाडाई बिजनेसमैन तहव्वुर राणा को जल्द ही भारत को सौंपा जा सकता है। इसके लिए डिप्लोमैटिक चैनल्स पर काम शुरू हो गया है। अमेरिका की एक कोर्ट तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को जायज बता चुकी है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण को लेकर बातचीत चल रही है।  रिपोर्ट के अनुसार, तहव्वुर राणा को राजनयिक माध्यमों से भारत लाने की प्रक्रिया चल रही है। अगस्त 2024 में, नौवें सर्किट के लिए अमेरिकी अपील न्यायालय ने फैसला सुनाया कि तहव्वुर राणा दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत को प्रत्यर्पित किया जा सकता है। अमेरिकी पैनल ने दी प्रत्यर्पण को लेकर जानकारी पैनल ने जिला न्यायालय द्वारा तहव्वुर हुसैन राणा की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज करने के निर्णय की पुष्टि की, जिसमें मुम्बई में आतंकवादी हमलों में कथित भागीदारी के लिए राणा को भारत को प्रत्यर्पित करने योग्य घोषित करने के मजिस्ट्रेट न्यायाधीश के निर्णय को चुनौती दी गई थी। पैनल ने यह भी माना कि भारत ने मजिस्ट्रेट जज के इस निष्कर्ष के समर्थन में पर्याप्त सक्षम साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं कि राणा ने आरोपित अपराध किए हैं। मुंबई पुलिस ने 26/11 हमलों के सिलसिले में 405 पन्नों की चार्जशीट में राणा का नाम शामिल किया है। राणा पर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा का ऑपरेटिव होने का आरोप है। प्रत्यर्पण को लेकर क्या हैं पेच? अदालत ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण संधि में Non Bis is Idem एक अपवाद है, जो कि तब लगा होता है, जब आरोपी को उसी अपराध के लिए पहले दोषी ठहराया जा चुका हो, या बरी किया जा चुका है। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि राणा के खिलाफ भारत में लगाए गए आरोप अमेरिकी अदालतों में उनके खिलाफ चलाए गए मामलों से अलग हैं, इसीलिए नॉन बिस, इन आइडम अपवाद लागू नहीं होता है। बता दें कि 26 नवंबर 2011 को मुंबई में हुई हमलों के लगभग एक साल बाद FBI ने शिकागो में राणा को गिरफ्तार किया था। राणा और उसके साथी कोलमैन हेडली ने मिलकर मुंबई हमलों के लिए जगहों की रेकी की थी, और पाकिस्तान के आतंकवादियों को अंजाम देने के लिए एक खाका तैयार किया गया है। तहव्वुर राणा के खिलाफ सबूत अमेरिकी अदालत ने राणा के प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका खारिज कर दी, जिसमें भारत द्वारा उसके खिलाफ पर्याप्त सबूतों का हवाला दिया गया। उसका नाम 26/11 हमलों के लिए मुंबई पुलिस की चार्जशीट में शामिल है। उस पर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय सदस्य होने का आरोप है। राणा ने कथित तौर पर मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली की मुंबई में संभावित ठिकानों की टोह लेने में मदद की थी। आरोपपत्र में हेडली के साथ मिलकर इन हमलों की योजना बनाने में उसकी संलिप्तता का विवरण दिया गया है। गैर-बिस इन आइडेम क्लॉज नहीं होंगे लागू अदालत ने कहा कि भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि में गैर-बिस इन आइडेम क्लॉज यहां लागू नहीं होता है। यह क्लॉज उस स्थिति में प्रत्यर्पण को रोकता है जब किसी व्यक्ति पर उसी अपराध के लिए कहीं और मुकदमा चलाया गया हो। हालांकि, राणा के खिलाफ भारत और अमेरिका में आरोप अलग-अलग हैं, इसलिए यह अपवाद अप्रासंगिक है। मुंबई हमलों के एक साल बाद शिकागो से गिरफ्तार हुआ राणा मुंबई आतंकी हमलों के करीब एक साल बाद FBI ने राणा को शिकागो में गिरफ्तार किया था। अमेरिका में आरोपों से बरी होने के बावजूद, भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध के कारण वह हिरासत में है। 26/11 की पूरी प्लानिंग तहव्वुर राणा और डेविड कोलमैन हेडली ने मिलकर मुंबई को निशाना बनाने वाले पाकिस्तानी आतंकवादियों के लिए एक योजना बनाई। उनके ब्लूप्रिंट में हमलों के लिए प्रमुख स्थानों की पहचान की गई थी। वर्तमान में, राणा लॉस एंजिल्स की जेल में बंद है और भारत में उसके प्रत्यर्पण के संबंध में आगे की कार्यवाही का इंतजार कर रहा है। recent visitors 64

यूनिटी मॉल परियोजना के लिए केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को दी 200 करोड़ रूपए की स्वीकृति

राष्ट्रीय एकता को मिलेगी मजबूती और विभिन्न राज्यों के बीच बढ़ेगा आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदानप्रदान : मुख्यमंत्री यूनिटी मॉल से स्थानीय उत्पादों और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा     रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राज्य में ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) मॉडल को प्रोत्साहित करने एवं स्थानीय उत्पादों के विक्रय को बढ़ावा देने के लिए यूनिटी मॉल की स्थापना की जा रही है।  यूनिटी मॉल की स्थापना से स्थानीय हस्तशिल्पियों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मॉल में उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय होने से हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य के छोटे उद्यमियों, शिल्पकारों एवं बुनकरों को लाभ मिलेगा। यह स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन एवं विक्रय के लिए ‘‘वन स्टॉप मार्केट प्लेस’’ के रूप में कार्य करेगा।     मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यूनिटी मॉल राज्य के गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं, और नारी शक्ति के विकास के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा। साथ ही यह मेक इन इंडिया और राष्ट्रीय एकता को भी प्रोत्साहित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश वासियों के विकास के साथ राष्ट्रीय एकीकरण एवं मेक इन इण्डिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अपनी प्राथमिकता मानती है। राज्य में स्थापित किये जाने वाले यूनिटी मॉल में अन्य सभी राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानीय उत्पादों का भी प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा। इससे राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलेगी और विभिन्न राज्यों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा।            मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि हस्तशिल्पियों, बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय स्तर पर नवीन रोजगार सृजन करने स्वस्थ इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के इस रिफॉर्म के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है। राज्य में यूनिटी मॉल की स्थापना के लिए केंद्र सरकार ने 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिसमें से 100 करोड़ रुपये राज्य को कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) के तहत अग्रिम रूप में प्रदान किए गए हैं।     वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि यूनिटी मॉल में स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों के साथ-साथ फूडकोर्ट्स में स्थानीय व्यंजनों को भी विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जायेगा। यूनिटी मॉल के माध्यम से प्रत्येक जिले के विशेष उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की योजना है। यूनिटी मॉल की स्थापना का दायित्व रायपुर विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है। यूनिटी मॉल से न केवल राज्य के स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास छत्तीसगढ़ में एक सशक्त और स्थायी इकोसिस्टम का निर्माण करेेगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और शहरी बाजारों तक उत्पादों की पहुंच में मददगार होगा। recent visitors 61