Wednesday, July 8, 2026 3:37 am

प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्रियों ने जो किया वही करने जा रहे हैं, सीएम मोहन

भोपाल ! मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव नए साल में नया प्रयोग करने जा रहे हैं। सीएम मोहन यादव, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और उमा भारती की तरह सीएम आवास पर जनता दरबार लगाएंगे। सीएम मोहन यादव लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उसका समाधान करेंगे। सीएम आवास पर पहले जनता दरबार का आयोजन 6 जनवरी को होगा। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मोहन यादव से पहले राज्य के दो पूर्व सीएम उमा भारती और दिग्विजय सिंह जनता दरबार लगा चुके हैं। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में कभी पहल नहीं की। सूत्रों के अनुसार, पहला जनता दरबार 6 जनवरी को सुबह 10 से 12 बजे तक होगा। सीएम हाउस पहुंचे लोगों से मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे। लोगों की समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग विभाग के अधिकारी भी मौजूद करेंगे जो लोगों की समस्या का तुरंत समाधान करेंगे। बताया जा रहा है कि जनता दरबार में ट्रांसफर और पोस्टिंग जैसे मुद्दों की कोई सुनवाई नहीं होगी। यहां केवल केवल बीमारी और जरूरतमंदों के आवेदनों पर ही सुनवाई होगी। बताया जा रहा है कि जनता दरबार में ग्रामीण इलाके से आए लोगों को प्राथमिकता मिलेगी। सीएम खुद उन लोगों की समस्या को सुनेंगे। पहले जनता दरबार में 500 से भी ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए विभाग स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मोहन यादव से पहले पूर्व सीएम उमा भारती भी जनता दरबार लगा चुकी हैं। पूर्व सीएम उमा भारती 2003 में राज्य की मुख्यमंत्री बनीं थी। वह लोगों की समस्या सुनकर उसका समाधान करती थीं। कहा जाता है कि जनता दरबार में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायत लेकर पहुंचते थे जिस कारण से इसे बंद करना पड़ा था। मध्य प्रदेश में सबसे पहले दिग्विजय सिंह ने जनता दरबार लगाने की शुरुआत की थी। दिग्विजय सिंह 1993 से 2003 तक लोगों की समस्या सीएम आवास पर खुद सुनते थे। recent visitors 264

डिप्टी सीएम शर्मा ने गन्ना किसानों के अध्ययन दल को महाराष्ट्र के लिए रवाना किया

कवर्धा छत्तीसगढ़ के डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज गन्ना किसानों के एक अध्ययन दल को महाराष्ट्र के लिए रवाना किया. इस दल में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना और सरदार पटेल सहकारी शक्कर कारखाना के कार्यक्षेत्र के शतक से अधिक किसान शामिल हैं. यह यात्रा किसानों को गन्ने की आधुनिक खेती की उन्नत तकनीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित की गई है. इस दौरान डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने अपने संबोधन में किसानों को कृषि के क्षेत्र में नई जानकारियों और तकनीकों के महत्व को बताया. उनके साथ प्राधिकृत अधिकारी और कलेक्टर गोपाल वर्मा भी उपस्थित थे, जिन्होंने बताया कि यह यात्रा किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से वे गन्ने की खेती में नवीनतम अनुसंधान और तकनीकी जानकारी हासिल करेंगे. यह अध्ययन दल 1 जनवरी की सुबह कवर्धा से प्रस्थान कर महाराष्ट्र के पुणे स्थित वसंत दादा पाटिल शुगर इंस्टीट्यूट पहुंचेगा, जहां किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस प्रशिक्षण में गन्ने की आधुनिक किस्मों, अधिक उत्पादन और उच्च रिकवरी प्राप्त करने की तकनीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी. इसके बाद किसान महाराष्ट्र के पड़ेगांव गन्ना रिसर्च सेंटर और बारामती कृषि विज्ञान केंद्र का दौरा करेंगे, जहां उन्हें गन्ने की खेती में अनुसंधान आधारित नवीनतम तकनीकों की जानकारी मिलेगी. यात्रा के दौरान किसान पंढरपुर स्थित शक्कर कारखाने का भी भ्रमण करेंगे और शक्कर उत्पादन की प्रक्रिया को गहराई से समझेंगे. इसके बाद, सतारा में किसानों के साथ एक विशेष बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें गन्ने की खेती से जुड़े व्यावहारिक अनुभवों का आदान-प्रदान किया जाएगा. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य किसानों को गन्ने की खेती में आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी देना है, ताकि वे अपनी फसल में अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित कर सकें. इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि जिले में गन्ना उत्पादन को एक नई दिशा भी मिलेगी. इस अवसर पर दोनों शक्कर कारखानों के प्रबंधसंचालक, कैलाश चंद्रवंशी, भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे. recent visitors 39

‘हम नई ऊर्जा और संकल्प के साथ विकसित बनने अग्रसर’, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नववर्ष पर संदेश

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नववर्ष 2025 की पूर्व संध्या पर मंगलवार को प्रदेशवासियों के नाम एक पत्र लिखकर भावपूर्ण संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि वर्ष 2024 हमारे देश और राजस्थान के लिए उपलब्धियों और गर्व भरा रहा। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। इस वर्ष 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ और करोड़ों देशवासियों की अभिलाषा पूरी हुई। शर्मा ने कहा कि राजस्थान के लिए भी 2024 उपलब्धियों का वर्ष रहा। वर्षों से लंबित ईआरसीपी (पीकेसी) लिंक परियोजना की सौगात हमें इस वर्ष प्राप्त हुई। साथ ही, देवास परियोजना का काम शुरू होने तथा यमुना जल समझौते से प्रदेश के विकास और जल संकट के स्थाई समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनते ही हमने युवाओं को पेपरलीक के अभिशाप से मुक्ति दिलाते हुए भर्ती माफिया तंत्र का अंत किया और पेपरलीक मुक्‍त परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहली बार भर्ती परीक्षाओं का 2 साल का कैलेंडर जारी करते हुए युवाओं को मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव के माध्यम से रोजगार भी प्रदान किए। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए हमने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का सफल आयोजन किया, जिसमें 35 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी राजस्‍थान देश का अग्रणी प्रदेश बना है। हमारे किसान भाइयों को वर्ष 2027 तक दिन में बिजली उपलब्‍ध करवाने के संकल्‍प को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में 2 लाख 24 हजार करोड़ रुपये के एमओयू किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस हाइवे बनाने के निर्णय से प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी। इन सभी निर्णयों और केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं से विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य की नींव रखी गई है। राज्य सरकार ने लिए कल्याणकारी फैसले— श्री शर्मा ने कहा राज्य सरकार ने राज्य के विभिन्न वर्गों के हित में कई कल्याणकारी फैसले लिए हैं। जिनमें किसानों की सम्मान निधि बढ़ाना, मातृवंदन योजना के तहत साढ़े चार लाख महिलाओं को सहायता, एक हजार नए आंगनबाड़ी केंद्र और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए लाडो प्रोत्साहन योजना शुरू करना तथा 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने जैसे निर्णय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, मा वाउचर योजना और रामाश्रय वार्ड की स्थापना से हमने स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित किए हैं। साथ ही, 35 हजार जरूरतमंदों को जमीन के पट्टे, 1 लाख 80 हजार घरों के निर्माण की स्वीकृति तथा 10 लाख परिवारों को पेयजल कनेक्शन देकर उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि खेल जगत में भी इस वर्ष प्रदेश का नाम देश-दुनिया में रोशन हुआ। पेरिस पैरा ओलंपिक में हमारे प्रदेश के आठ खिलाड़ियों ने भाग लेकर तीन पदक जीते। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2025 में सभी प्रदेशवासी नई ऊर्जा, नए संकल्प और नए उत्साह के साथ विकसित राजस्थान की ओर अग्रसर होंगे तथा नववर्ष प्रदेश के लिए उपलब्धियों भरा रहेगा। recent visitors 57

नए साल में भीषण एक्सीडेंट: दर्शन के लिए निकला था परिवार, हुआ भीषण सड़क दुर्घटना, चार लोगों की मौत

नई दिल्ली नए साल की खुशियां महाराष्ट्र में एक दुखद हादसे से फीकी पड़ गईं। 1 जनवरी को अक्कलकोट के मिंदारगी के पास हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि सात से आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा इतना भयावह था कि सड़क पर बिखरे मंजर ने मौके पर मौजूद हर शख्स को हिला कर रख दिया। श्रद्धालुओं की यात्रा में आया मातम घटना उस समय हुई जब नांदेड़ जिले का एक परिवार स्कॉर्पियो गाड़ी से अक्कलकोट के श्री स्वामी समर्थ मंदिर में दर्शन के लिए गंगापुर जा रहा था। मिंदारगी के पास सामने से आ रहे वाहन ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में चार श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। घायलों का इलाज और राहत कार्य हादसे की सूचना मिलते ही अक्कलकोट पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल अक्कलकोट के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। दुर्घटना के कारण सड़क पर यातायात ठप हो गया था। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात को बहाल किया।   दुर्घटना की वजह का पता लगाने की कोशिश पुलिस ने बताया कि दुर्घटना की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। शुरुआती जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा ड्राइवर की लापरवाही का नतीजा था या फिर खराब मौसम, धुंध, या सड़क की स्थिति इसके पीछे कारण थी। सड़क सुरक्षा की अहमियत यह हादसा सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने और सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर एक बड़ा संदेश देता है। नए साल की शुरुआत में हुई इस घटना ने सभी को गहरा झटका दिया है और परिवारों के लिए यह खुशी का दिन मातम में बदल गया। recent visitors 144

भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024′ आज से लागू हो गया, 90 साल पुराना कानून होगा खत्म

नई दिल्ली भारत सरकार द्वारा विमान निर्माण और डिजाइन को प्रोत्साहन देने और विमानन क्षेत्र में कारोबार को आसान बनाने के लिए बनाए गए 'भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024' आज से लागू हो गया है। यह अधिनियम 90 वर्ष पुराने 'विमान अधिनियम, 1934' का स्थान लेगा। सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर 1 जनवरी, 2025 से इस अधिनियम को प्रभावी करने की घोषणा की। संसद ने इसे पिछले साल दिसंबर महीने की शुरुआत में मंजूरी दी थी। इस कानून का उद्देश्य विमान डिजाइन, निर्माण, रखरखाव, स्वामित्व, उपयोग, संचालन, बिक्री, निर्यात और आयात के नियमन और नियंत्रण को सुनिश्चित करना है। साथ ही यह विमानन क्षेत्र में सुधार और पारदर्शिता लाने का प्रयास करता है। नए कानून की प्रमुख विशेषताएं: अधिनियम विमान निर्माण और डिजाइन में भारतीय कंपनियों को सशक्त बनाएगा। यह पुराने कानून में मौजूद 21 बार संशोधन की गई जटिलताओं को दूर करेगा। भारत के तेजी से बढ़ते नागरिक विमानन बाजार को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने में सहायक होगा। यह अधिनियम केंद्र सरकार को वायुयान निर्माण, डिजाइन, मेंटेनेंस, स्वामित्व, इस्तेमाल, परिचालन, बिक्री, निर्यात और आयात पर पूरा नियंत्रण प्रदान करता है। वायुयान से जुड़े अन्य मामलों में भी नियमन और नियंत्रण का अधिकार केंद्र सरकार का होगा। अधिनियम में विमान को खतरनाक तरीके से उड़ाने, विमान में हथियार या विस्फोटक ले जाने, हवाई अड्डों के पास कूड़ा-कचरा फैलाने या जानवरों का वध करने को अपराध माना गया है। इन अपराधों के लिए तीन साल तक की कैद, एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून न केवल भारत को विमानन उद्योग में आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी एक मजबूत स्थिति प्रदान करेगा। 'भारतीय वायुवान अधिनियम, 2024' का लागू होना भारतीय विमानन क्षेत्र में सुधार और इनोवेशन का संकेत है। इससे देश में न केवल विमान निर्माण और डिजाइन के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि रोजगार और तकनीकी उन्नति के लिए भी नए द्वार खुलेंगे। recent visitors 47

भाजपा को लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता जरूर मिल गई, लेकिन अहम होगा 2025, बिहार चुनाव तय करेगा

नई दिल्ली भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार 2024 में सत्ता में आई थी, लेकिन अब उसके लिए नया साल 2025 बहुत कुछ तय करने वाला होगा। भाजपा को लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता जरूर मिल गई, लेकिन अपने दम पर 240 सीटें ही मिल पाने के चलते वह सत्ता से चूक गई। ऐसी स्थिति में उसके लिए जेडीयू की 12 और लोजपा की 5 सीटें अहम हैं। वहीं आंध्र की सत्ताधारी पार्टी टीडीपी की 14 और एकनाथ शिंदे गुट की 9 सीटें 272 के आंकड़े को बनाए रखने के लिए अहम हैं। भाजपा ने लोकसभा चुनाव के बाद आई अपेक्षाकृत निराशा को हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव में बड़ी जीत हासिल करके दूर किया है, लेकिन अभी बिहार चुनाव में उसकी परीक्षा होगी। खासतौर पर बिहार की राजनीति के पल-पल बदलते मिजाज को देखते हुए यदि साल के अंत तक कोई उलटफेर हो जाए तो वह भी हैरानी भरा नहीं होगा। बिहार में नीतीश कुमार करीब दो दशक से ऐसी ताकत बने हुए हैं, सत्ता जिनके इर्द-गिर्द ही घूमती है। चाहे आरजेडी के सहयोग से बने या फिर भाजपा के साथ, सीएम नीतीश कुमार ही होते हैं। ऐसे में जब अटल जी की जयंती पर डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भाजपा की बिहार में अपने दम पर सरकार होना ही अटल जी के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगा तो यह बात जेडीयू को चुभ गई। फिर जो पोस्टर जेडीयू ने लगाए थे, उसने भी साफ कर दिया कि बिहार में नीतीश कुमार के नाम पर कोई समझौता नहीं होगा। जेडीयू ने साफ लिखा- 'बात जब बिहार की हो तो चेहरा सिर्फ नीतीश कुमार का हो।' इस तरह बिहार चुनाव से महीनों पहले ही रस्साकशी शुरू हो चुकी है। इस रस्साकशी के बीच भी भाजपा पर दबाव होगा कि वह बिहार यूनिट के नेताओं को साधे रखे और नीतीश कुमार से हार्ड बारगेनिंग भी कर ले। दोनों दलों के लिए सीट बंटवारा भी आसान नहीं होगा। इसके अलावा चिराग पासवान, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा जैसे नेताओं को भी भाजपा साधे रखना चाहेगी। दरअसल बिहार का चुनाव नतीजा दिल्ली तक असर डाल सकता है। यदि यहां एनडीए को चुनाव में पराजय झेलनी पड़ी तो फिर भाजपा और जेडीयू में खींचतान दिख सकती है और इसका सीधा असर दिल्ली तक दिखेगा। इसलिए भाजपा के लिए बिहार का चुनाव महाराष्ट्र और हरियाणा से कम महत्व नहीं रखता। अगले ही महीने दिल्ली में भी विधानसभा चुनाव हैं। यहां का नतीजा भाजपा के लिए अहम जरूर है, लेकिन इसका असर केंद्र की सरकार पर नहीं दिखेगा। यहां भाजपा के ही 7 सांसद हैं और विधानसभा के नतीजों से इस स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा। ऐसे में सभी की नजर बिहार और नीतीश कुमार पर होगी। recent visitors 35

भूमि रामतलीकरण से हेमला नंदा के जीवन में आई ख़ुशहाली

कसान की आर्थिक समस्या का हुआ समाधान, समतलीकरण से मरान भूमि में उगा धान सुकमा, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन तथा जिला सीईओ श्रीमती नम्रता जैन के मार्गदर्शन में जिले में हितग्राहीमूलक कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयसीमा में पूर्ण किया जा रहा है। इसका सकारात्मक असर गांव और ग्रामीणों में आसानी से देखा जा रहा है।        कोंटा विकासखंड के ग्राम पंचायत सामस‌ट्टी के ग्रामीण हेमला नंदा पिता जोगा के पास लगभग 01 एकड़ भूमि मरान पड़ी हुई थी। जमीन होने के बावजूद भी जमीन फसल के लायक नहीं थी जिसके लिए हितग्राही द्वारा ग्राम पंचायत में मनरेगा के अंतर्गत भूमि समतलीकरण के लिए विधिवत आवेदन किया गया। कार्य स्वीकृत होने पश्चात् ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक द्वारा विशेष रूची लेकर भूमि समतलीकरण कार्य को समयावधि में पूर्ण किया गया।       पूर्व में हितग्राही हेमला नंदा की भूमि बंजर पड़ी हुई थी जिसका भूमि रामतलीकरण किया गया। उनके द्वारा भूमि समतलीकरण के उपरांत अपने खेत में धान फसल का उत्पादन किया जा रहा है और उत्पादित फसल को धान उपार्जन केंद्र के माध्यम से बेचा जा रहा है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और घर-परिवार में खुशहाली आ रही है। फसल उत्पादन के द्वारा आय के अतिरिक्त स्रोत मिल जाने से परिवार के सभी सदस्य खुश हैं।        भूमि समतलीकरण होने पर हितग्राही हेमला नंदा के द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया विष्णुदेव साय और शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। recent visitors 98