Monday, July 6, 2026 4:58 am

कंगना रणौत पहुंची दतिया स्थित विख्यात शक्ति पीठ पीतांबरा पीठ, वनखंडेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक

दतिया बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना राणावत ने शनिवार को दतिया स्थित विख्यात शक्ति पीठ पीतांबरा पीठ पर पहुंचकर मां बगलामुखी देवी के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने पीठ परिसर में स्थित वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक भी किया। कंगना राणावत ने पूजा-अर्चना कर मां बगलामुखी और महादेव से आशीर्वाद लिया। मंदिर में दर्शन के दौरान कई पुजारियों ने उनके साथ सेल्फी ली, वहीं कुछ ने तस्वीरें खिंचवाईं। इस दौरान मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों ने कंगना का स्वागत किया। इससे पहले बाॅलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत ने अपने जन्मदिन पर भी शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर और बगलामुखी माता मंदिर पहुंचीं थी। तब उन्होंने मां के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके साथ ही ज्वालामुखी मंदिर के पुजारी अभिनव शर्मा ने उन्हें गर्भ गृह में विधिवत पूजा अर्चना करवाई। recent visitors 164

जिला शिक्षा अधिकारी का सघन निरीक्षण आगामी बोर्ड परीक्षा की समीक्षा एवं दिए कड़े निर्देश

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी मनेंद्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर के जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने आगामी बोर्ड परीक्षा 2025 की तैयारी की सिलसिले में जिले के विभिन्न विद्यालयों शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनेंद्रगढ़, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय  बेलबहरा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोगापानी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लालपुर का सघन निरीक्षण किया तथा प्राचार्य एवं समस्त स्टाफ की बैठक ली तथा छमाही परीक्षा के रिजल्ट की समीक्षा की तथा 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा परीक्षा तैयारी के संबंध में कड़े  निर्देश दिए । सभी विषय  शिक्षकों से अलग-अलग चर्चा की साथ ही उन्होंने अन्य विभागीय कार्य परीक्षा पे चर्चा, अपार आईडी, नशा मुक्ति विद्यालय, छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की उपस्थिति, व छात्रवृत्ति संबंधी कार्यों की समीक्षा की उक्त समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी के साथ डॉ विनोद पांडेय प्राचार्य शासकीय स्कूल पिपरिया उपस्थित रहे। recent visitors 29

बैढ़न कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत हिर्वाह गनियारी रेलवे क्रॉसिंग के बगल में नदी में अवैध खनन का कारोबार जोरों पर

सिंगरौली जिले के बैढ़न कोतवाली थाना क्षेत्र के रेलवे क्रॉसिंग मुक्तिधाम के बगल के नदी में खुलेआम अवैध मुरूम मिट्टी की खनन चल रहा है। रेलवे क्रॉसिंग के बगल में नदी के सीने को छल्ली कर रहे है अवैध खनन माफिया द्वारा बेखौफ तरीके से अपना कारोबार संचालित किया जा रहा है। ट्रैक्टरों की लगातार आवाजाही और उनकी तेज रफ्तार ने स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। अवैध खनन पर प्रशासन द्वारा गनियारी,बलियारी,जमुना के क्षेत्र में आखिर कार्रवाई क्यों नहीं ? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध खनन करने वाले माफिया बेखौफ होकर प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं। ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट और उनकी तेज रफ्तार से ऐसा लगता है जैसे अधिकारियों को इस गतिविधि की कोई जानकारी ही नहीं है। या फिर जानबूझकर इस मुद्दे पर आंखें मूंदी जा रही हैं। यह अवैध गतिविधि जिला मुख्यालय और कोतवाली थाना क्षेत्र के इतने नजदीक हो रही है कि इसे नजरअंदाज करना लगभग असंभव है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या प्रशासन की मिलीभगत के बिना इस तरह का बड़ा खेल संभव है…? नाबालिग बच्चों के हाथों ट्रैक्टर की कमान बड़े हादसे को आमंत्रण स्थानीय लोगों के मुताबिक, अवैध खनन में इस्तेमाल किए जाने वाले जीसीबी व ट्रैक्टर अक्सर नाबालिग बच्चों द्वारा चलाए जाते हैं। इन ट्रैक्टरों की तेज रफ्तार और लापरवाही बड़े सड़क हादसों को न्योता दे रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन ट्रैक्टरों के कारण कई बार सड़क पर हादसे होते-होते बच चुके हैं। मौजूदा स्थिति पर स्थानीय प्रशासन की चुप्पी चिंता का विषय है। इस अवैध गतिविधि के चलते क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिकारियों के पास शिकायतें पहुंचने के बावजूद इस मामले पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में स्थानीय जनता का विश्वास प्रशासन से उठता हुआ नजर आ रहा है। अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि यह क्षेत्र की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गया है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि इस अवैध गतिविधि पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जिसे की सिंगरौली के गनियारी क्षेत्र में चल रहा अवैध मुरूम खनन और प्रशासन की उदासीनता पर कई सवाल खड़े कर राहें है क्या जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध कारोबार के पीछे छिपे खेल को उजागर करेंगे, या फिर जनता को प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ेगा? यह समय की मांग है कि इन सवालों का जवाब दिया जाए और अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। recent visitors 119

राज्य सरकार एवं विधानसभा के पत्रों को प्राथमिकता से करें डिस्पोजल, राजस्थान-प्रमुख सचिव ने सहकारिता विभाग में कार्य संस्कृति सुधार के दिये टिप्स

जयपुर। प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता मंजू राजपाल ने कहा कि वर्ष 2025 में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक संकल्प लेना चाहिये कि वे विभाग में राज्य सरकार, लोकायुक्त, विधानसभा आदि के स्तर से प्राप्त पत्रों, प्रश्नों एवं निर्देशों के संबंध में त्वरित कार्यवाही करेंगे और इनके निस्तारण में लगने वाले समय को न्यूनतम स्तर तक लायेंगे और सहकारिता विभाग को एक उदाहरण के रूप में पेश करेंगे। राजपाल ने शुक्रवार को नेहरू सहकार भवन स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुये कहा कि सभी फंक्शनल अधिकारी अनुभाग में प्राप्त पी.यू.सी. के निस्तारण के लिये साप्ताहिक कार्य योजना बनाकर काम करें और उनका दैनिक मॉनिटरिंग भी करें ताकि उनका समयबद्ध तरीके से डिस्पोजल हो सके। उन्होंने कहा कि इसके लिये अपने कार्मिकों के बीच कार्य विभाजन को परिभाषित करें और उनके मध्य रोटेशन ऑफ ड्यूटीज भी करते रहें ताकि किसी विशिष्ट अवधि में कार्मिक की अनुपस्थिति से अनुभाग का कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, लोकायुक्त कार्यालय एवं विधान सभा से प्राप्त पत्रों, प्रश्नों, निर्देशों के संबंध में संबंधित संस्थाओं और कार्यालयों से सामंजस्य स्थापित करते हुये टाइम बाउण्ड तरीके से निस्तारण किया जावे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण में सारगर्भित कार्यालय टीप अंकित की जावे तथा उससे संबंधित विषयों और पत्रों को सही ढंग से फ्लेग किया जावे। ऐसा करने से उच्च स्तर पर त्वरित निर्णय संभव हो सकेंगे। रजिस्ट्रार ने कहा कि सहकारिता विभाग राज्य की कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में एक महत्वपूर्ण विभाग है और विभाग सहकारी संस्थाओं के सहयोग से लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के कार्य निष्पादन प्रदर्शन में सुधार का सीधा प्रभाव योजनाओं के क्रियान्वयन पर पडता है। इसलिये यह हमारी सबकी जिम्मेदारी है कि हम सभी एक टीम के रूप में कार्य करें और गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य कर आमजन को अधिक से अधिक राहत दें। recent visitors 63

प्रधानमंत्री प्रवासी भारतीय दिवस के लिए 8 जनवरी को ओडिशा जाएंगे

भुवनेश्वर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। 8 से 10 जनवरी तक आयोजित होने वाले सम्मेलन का समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। पहली बार आयोजन की जिम्मा संभाल रही ओडिशा सरकार ने 50 देशों से 3,500 प्रवासीओं आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है । राज्य सरकार के अनुमान के अनुसार, तीन दिवसीय सम्मेलन में कुल उपस्थिति लगभग 7,500 होगी, जिसमें स्थानीय भागीदारी भी शामिल है। गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में दैनिक पंजीकरण की संख्या 150 से अधिक हो गई है, जबकि एक सप्ताह पहले यह संख्या केवल 40-50 अनुरोध प्रति दिन थी। क्या है पूरा कार्यक्रम? इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू शामिल होंगी। सम्मेलन की शुरुआत 8 जनवरी को युवा प्रवासी भारतीय दिवस के साथ होगी। इसके अगले दिन, 9 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 18वें प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन करेंगे। सम्मेलन का समापन 10 जनवरी को प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार समारोह के साथ होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस आयोजन को सुशोभित करेंगी और समापन भाषण देंगी। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय से 2003 में आरंभ हुआ यह सम्मेलन को नई दिल्ली, मुंबई, कोच्चि, हैदराबाद, जयपुर, चेन्नई, वाराणसी, बेंगलुरु और इंदौर जैसे शहरों में आयोजन किया जा चुका है। 2021 में कोविड महामारी के दौरान एक वर्चुअल मोड का सम्मेलन भी हुआ था। ग्रैंड वेलकम की है तैयारी भुवनेश्वर पहली बार 2025 के प्रवासी भारतीय दिवस संस्करण की मेज़बानी कर रहा है। शहर की नगर पालिका और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने सम्मेलन के साथ-साथ कई सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इनमें रात का फ्ली मार्केट, आदिवासी मेला, खाद्य महोत्सव, राजरानी संगीत फेस्टिवल, मुक्तेश्वर नृत्य महोत्सव और एकाम्र महोत्सव जैसे प्रमुख आयोजन शामिल हैं। इस विशाल समारोह के आयोजन के लिए राज्य सरकार ने नवंबर महीने में 125 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था। भुवनेश्वर में खास तैयारियां निमंत्रित विशेष अतिथियों के लिए मुंबई से 5 डबल डेकर बसें और 10 प्रीमियम बसें मंगवाई गई हैं। इन बसों के माध्यम से अतिथियों को ओडिशा के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा, जिनमें कलिंग युद्ध स्थली, पुरी जगन्नाथ मंदिर, ब्लू फ्लैग समुद्री तट और कोणार्क के विख्यात सूर्य मंदिर सहित कुल 31 प्रमुख स्थल शामिल हैं। इन स्थलों पर जाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) की ओडिशा शाखा के चेयरमैन गगन सारंगी ने बताया कि राज्य के अधिकांश टूर और ट्रैवल पार्टनर्स ने सम्मेलन के दौरान कैब और वेकेशन स्टे की बुकिंग में वृद्धि की पुष्टि की है। पूर्वोदय मिशन का हिस्सा भुवनेश्वर में आयोजित हो रहा यह 18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन भारत सरकार की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'पूर्वोदय मिशन' के साथ पूरी तरह संरेखित है। इन योजनाओं का उद्देश्य भारत के पूर्वी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और उनकी निवेश क्षमता को उजागर करना है। ओडिशा की 482 किमी लंबी तटरेखा दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के सामने एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती है। recent visitors 86

सौरव गांगुली की बेटी सना सड़क दुर्घटना में बाल-बाल बचीं, कोलकाता में एक बार फिर बस ड्राइवर की लापरवाही सामने आई

कोलकाता कोलकाता में एक बार फिर बस ड्राइवर की लापरवाही सामने आई। पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली की बेटी सना गांगुली एक सड़क दुर्घटना में बाल-बाल बच गईं। एक लग्जरी बस ने सना की कार को टक्कर मार दी। सूत्रों के मुताबिक, सौरव गांगुली की बेटी सना गांगुली ड्राइवर की सीट के बगल में बैठी थीं। उस समय डायमंड हार्बर रोड पर बेहाला चौराहे के पास दो बसें रेस लगा रही थीं और सना की कार से टकरा गईं। यह घटना बीती रात लगभग 10.30 बजे की है। सूत्रों के अनुसार, बस ने ड्राइवर की सीट के दरवाजे को टक्कर मारी। टक्कर की वजह से सना की कार असंतुलित हो गई, लेकिन ड्राइवर की सूझबूझ के कारण सना की कार बच गई। हालांकि, कार क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन सना को चोट नहीं आई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बस अमता जा रही थी। परिवार ने बेहाला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के बाद कोलकाता पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी बस ड्राइवर को गिरफ्तार कर वाहन को भी जब्त कर लिया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि बस ड्राइवर की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ है। पुलिस बस चालक को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।   recent visitors 56

राष्ट्रीय सुरक्षा माह के तहत अभिनव पहल, राजस्थान-जयपुर परवाह अभियान की सड़क सुरक्षा जागरुकता में अहम भूमिका

जयपुर। यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने, सड़क हादसों में कमी लाने एवं  जन-जन को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरुक करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में जिला प्रशासन द्वारा जयपुर परवाह (केयर) अभियान का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी (जयपुर प्रथम) श्री राजेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत संचालित जयपुर परवाह (केयर) अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत संचालित जयपुर परवाह (केयर) अभियान को जन-जन का अभियान बनाने के लिए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में विभिन्न जन जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत स्कूली एवं कॉलेज के विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी प्रदान की जा रही है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जयपुर जिला प्रशासन द्वारा अभिनव पहल करते हुए गुरुवार को जयपुर परवाह (केयर) अभियान का आगाज किया गया। जिला स्तरीय युवा महोत्सव में जयपुर सांसद श्रीमती मंजू शर्मा ने जयपुर परवाह के पोस्टर का विमोचन किया। इस दौरान जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्रीमती कुंतल विश्नोई, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी (जयपुर प्रथम) श्री राजेन्द्र सिंह शेखावत सहित अन्य संबंधित विभागों के कार्मिक मौजूद रहे। recent visitors 62