Monday, July 6, 2026 5:51 am

पति ने पत्नी की हथौड़े से सिर पर वार कर हत्या कर दी, फिल्म दृश्यम स्टाइल में छिपाई थी लाश, पुलिस ने किया गिरफ्तार

रायपुर शादीशुदा युवक के साथ एक 25 वर्षीय युवती को प्रेम होता है… दोनो भागकर 7 जन्मों तक जीने-मरने की कसमें खाते है… लेकिन मामूली से विवाद के बाद पति ने अपनी पत्नी के सिर पर हथौड़े से वार कर उसको दर्दनाक मौत दे दी. पति ने अपनी पत्नी की लाश को छिपाने के लिए अजय देवगन की फिल्म दृश्यम का फार्मूला अपनाया और लाश को मलबे में दबाकर फरार हो गया. लेकिन अब आरोपी पति पुलिस गिरफ्त में है. सीएसपी राजेश देवांगन ने बताया कि हत्या के बाद मृतका की लाश निर्माणाधीन बिल्डिंग में दबा दी गई थी, इसके बाद से पति की तलाश जारी थी, जिसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है. बता दें कि पचपेढी नाका कलर्स मॉल के पास निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में पिथौरा निवासी 25 वर्षीय सुनीता ध्रुव की हत्या करके फरार मृतका के ही पति रामेश्वर दीवान (45 वर्ष) को पुलिस ने दो महीने बाद गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी से पूछताछ में पता चला कि दोनों ने प्रेम विवाह किया था. पिथौरा से आकर कॉम्प्लेक्स में मजदूरी करते हुए लेबर क्वॉर्टर में रहते थे. दिवाली से पहले मजदूरी के रुपए को लेकर दिवाली की रात 31 अक्टूबर को दोनों के बीच विवाद हुआ तो रामेश्वर ने सुनीता के सिर पर हथौड़ा मारकर हत्या कर दी. इसके बाद शव को मलबे में दबाकर फरार हो गया. साथ काम करने वाले मजदूर भी नहीं जानते थे दोनों को राजेन्द्रनगर पुलिस के मुताबिक कॉम्प्लेक्स के मैनेजर विजय तिवारी की सूचना पर 9 नवंबर को शव बरामद किया गया. मृतका की पहचान करने में ही पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. दिवाली के बाद मजदूर कॉम्प्लेक्स में काम करने लौटे, तब शव देखा गया लेकिन मृतका को कोई पहचानता नहीं था. इसके बाद पिथौरा में सुनीता ध्रुव के परिवार वाले मिले. तब पता चला कि सुनीता ने शादीशुदा रामेश्वर दीवान के साथ प्रेम प्रसंग में पड़कर शादी की थी. बेलर पिथौरा निवासी रामेश्वर शादीशुदा व बाल बच्चेदार था. वह सुनीता को भगाकर रायपुर ले आया और दोनों यहीं मजदूरी कर रहे थे. recent visitors 47

विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने पहली लिस्ट में 29 उम्मीदवारों के नाम का किया ऐलान, केजरीवाल के सामने होंगे प्रवेश वर्मा

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की पहली लिस्ट जारी हो गई है. बीजेपी ने इस लिस्ट में 29 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है. केजरीवाल के खिलाफ प्रवेश वर्मा को टिकट दिया गया है. वहीं, सीएम आतिशी के खिलाफ रमेश बिधूड़ी को चुनावी मैदान में उतारा गया है. आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले कैलाश गहलोत को भी पार्टी ने बिजवासन सीट से टिकट दिया है. बिजवासन से कैलाश गहलोत को टिकट बीजेपी ने आदर्श नगर सीट से राजकुमार भाटिया, बादली से दीपक चौधरी, रिठाला से कुलवंत राणा, नांगलोई जाट से मनोज शौकीन, मंगोलपुरी सीट से राजकुमार चौहान, रोहिणी से विजेंद्र गुप्ता, शालीमार बाग से रेखा गुप्ता, मॉडल टाउन से अशोक गोयल, करोल बाग से दुष्यंत कुमार गौतम, पटेल नगर से राजकुमार आनंद, राजौरी गार्डन से सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, जनकपुरी से आशीष सूद, बिजवासन सीट से कैलाश गहलोत को टिकट दिया है. कालकाजी से रमेश बिधूड़ी, पटपड़गंज से रवींद्र सिंह नेगी पर भरोसा इसके साथ ही नई दिल्ली से प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, जंगपुरा से सरदार तरविंदर सिंह, मालवीय नगर से सतीश उपाध्याय, आरके पुरम सीट से अनिल शर्मा, महरौली से गजेंद्र यादव, छतरपुर से करतार सिंह तंवर, अंबेडकर नगर से खुशीराम चुनार, कालकाजी से रमेश बिधूड़ी, बदरपुर में नारायण दत्त शर्मा, पटपड़गंज से रवींद्र सिंह नेगी, विश्वास नगर से ओम प्रकाश वर्मा, कृष्णा नगर से अनिल गोयल, गांधीनगर से अरविंदर सिंह लवली, सीमापुरी से कुमारी रिंकू, रोहतास नगर से जितेंद्र महाजन और घोंडा से अजय महावर को चुनावी मैदान में उतारा गया है. इसके अलावा जनकपुरी विधानसभा सीट से आशीष सूद, बिजवासन से कैलाश गहलोत, नई दिल्ली से प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, जंगपुरा से सरदार तरविंदर सिंह मारवाह, मालवीय नगर से सतीश उपाध्याय, आरके पुरम से अनिल शर्मा, महरौली से गजेंद्र यादव, छतरपुर से करतार सिंह तंवर, अंबेडकर नगर (एससी) से खुशीराम चुनार, कालकाजी से रमेश बिधूड़ी, बदरपुर से नारायण दत्त शर्मा, पटपड़गंज से रविंद्र सिंह नेगी, विश्वास नगर से ओम प्रकाश शर्मा, कृष्णा नगर से अनिल गोयल, गांधीनगर से सरदार अरविंद सिंह लवली, सीमापुरी (एससी) से कुमारी रिंकू, रोहतास नगर से जितेंदर महाजन और गोहाना से अजय महावर को उम्मीदवार बनाया गया है। बता दें कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी अपने उम्मीदवारों की लिस्ट पहले ही जारी कर दी है। recent visitors 68

पानीपुरी बेचने वाले कुछ विक्रेताओं को जीएसटी विभाग से नोटिस मिलने का दावा किया गया, सोशल मीडिया पर खबर वायरल

नई दिल्ली हाल ही में सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाली खबर वायरल हो रही है, जिसमें पानीपुरी बेचने वाले कुछ विक्रेताओं को जीएसटी विभाग से नोटिस मिलने का दावा किया गया है। कारण? ऑनलाइन भुगतान प्लेटफॉर्म जैसे RazorPay और PhonePe के जरिए उनके लेन-देन 40 लाख रुपये से अधिक हो गए हैं। यह खबर जितनी हैरान करने वाली है, उससे ज्यादा मजेदार प्रतिक्रियाओं के कारण सुर्खियां बटोर रही है। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने इस मुद्दे को हल्के-फुल्के अंदाज में लिया। एक यूजर ने लिखा, "अब समय आ गया है कि वह अपने ब्रांड का नाम 'PP Waterballs' रखकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रखें।" वहीं, एक और ने मजाक करते हुए कहा, "पानीपुरी का लंदन में निर्यात करने का बेहतरीन मौका है।" सड़क विक्रेता और जीएसटी आमतौर पर, भारत में छोटे सड़क विक्रेता जीएसटी या आयकर के दायरे में नहीं आते क्योंकि उनकी आय सीमित होती है। जीएसटी पंजीकरण केवल उन कारोबारियों के लिए जरूरी है जिनका वार्षिक टर्नओवर 40 लाख रुपये से अधिक हो। इसी तरह, आयकर उन्हीं पर लागू होता है जिनकी आय 2.5 लाख रुपये सालाना से ज्यादा हो। डिजिटल लेन-देन से बढ़ा प्रभाव आजकल ग्राहक ऑनलाइन भुगतान करना ज्यादा पसंद करते हैं, जिससे इन विक्रेताओं की कुल लेन-देन राशि बढ़ रही है। यह बदलाव छोटे व्यवसायों को टैक्स के दायरे में ला सकता है। नकद लेन-देन की तुलना में ऑनलाइन लेन-देन ट्रैक करना आसान होता है, जिससे ये विक्रेता कर अधिकारियों की नजर में आ रहे हैं। सोशल मीडिया का मजाकिया पक्ष इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। एक यूजर ने लिखा, "अब पानीपुरी से GST वसूलने का वक्त आ गया है!" जबकि दूसरे ने कहा, "शायद करियर बदलने का सही समय है।" हालांकि, मजाक और हल्के-फुल्के अंदाज के बीच यह मामला गंभीर सवाल उठाता है कि डिजिटल भुगतान का बढ़ता चलन छोटे विक्रेताओं के लिए टैक्स नियमों को कैसे बदल सकता है।   recent visitors 48

5 जनवरी से , ‘राइडर्स इन द वाइल्ड 3.0 की शुरूआत

–  भोजपुर में 7 दिवसीय बाइक राइड का 11 जनवरी को होगा समापन। –  'ऑफ बीट डेस्टिनेशन' का बाइकर्स करेंगे भ्रमण। भोपाल मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन्य-प्राणी, प्राकृतिक स्थल, कला-संस्कृति धरोहर के व्यापाक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से बाइकिंग इवेन्ट 'राइडर्स इन द वाइल्ड- 2025 (तृतीय संस्करण)' 05 जनवरी को शुरू किया जा रहा है। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी एवं पर्यटन एवं संस्कृति विभाग प्रमुख सचिव एवं मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री शिवशेखर शुक्ला द्वारा द्वारा सात दिवसीय कार्यक्रम की शुरूआत एमपीटी के होटल 'विंड एंड वेव्स' से की जाएगी। इस अवसर पर देश व प्रदेश के लगभग 25 सुपर बाइकर्स अपनी सुपर बाइक साथ मध्य प्रदेश की राइड पर निकलेंगे। बाइकर्स, भोपाल, राजगढ़, झालाबढ़, गांधी सागर, चंदेरी, खजुराहो, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, परसिली, जबलपुर और भेड़ाघाट आदि पर्यटन स्थल पर जाएंगे और मध्य प्रदेश की सुंदरता को करीब से जानेंगे। कार्यक्रम का समापन 11 जनवरी को रायसेन जिले के भोजपुर में स्थित शिव मंदिर पर किया जाएगा।     recent visitors 30

लम्बित प्रश्नों पर जीरो पेंडेन्सी के साथ आदर्श बनाये, राजस्थान-विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्य सचिव सहित अधिकारियों की बुलाई उच्च बैठक

जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा आमजन की समस्या के समाधान का सशक्त प्लेटफार्म है। विधायकों द्वारा जन समस्याओं के संबंध में उठाये गये मुद्दों के निराकरण विधानसभा के पवित्र सदन में होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारीगण समस्याओं के निराकरण करने में सहयोगी बने और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन समय सीमा में करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मिशन रूप में कार्य करने से ही राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों का परिणाम धरातल पर दिखाई दे सकेगा। श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा से संबंधित प्रश्नों के जवाब के मामले में उल्लेखनीय सुधार हुए है, लेकिन अभी और अधिक बेहतर किये जाने की आवश्यकता है। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी शुक्रवार को यहां विधानसभा में लम्बित प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेख प्रस्तावों, आश्वासनों एवं याचिकाओं के संबंध में राज्य सरकार के मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। अधिकारियों को दिये सख्‍त निर्देश, जवाब समय सीमा में भेजे- श्री देवनानी ने कहा कि प्रश्नों के जवाब लम्बे समय तक विधानसभा को प्राप्त नहीं होना चिन्ता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों को सख्‍त निर्देश दिये कि विधानसभा के प्रश्नों के जवाब समय सीमा में भेजा जाना सुनिश्चित करें। यह महत्वपूर्ण कार्य है। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के तीसरे सत्र से पहले 20 जनवरी तक सभी प्रश्नों के जवाब  विधानसभा को आवश्यक रूप से भेजे। श्री देवनानी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, स्वायत्त शासन विभाग, शिक्षा विभाग, ऊर्जा विभाग, नगरीय विकास विभाग और गृह विभाग का नाम प्रमुखता से लेकर कहा कि इन विभागों में विधानसभा के प्रकरण अधिक संख्या में लम्बित है। श्री देवनानी ने कहा कि इन विभागों को प्राथमिकता से गम्भीर होकर विधानसभा के मामलों का निस्तारण समय सीमा में करना होगा। श्री देवनानी अधिक प्रश्नों के बकाया जवाबों वाले विभागों के अधिकारियों से रूबरू हुए और उनसे प्रश्नों के जवाब नहीं आने के कारणों की जानकारी ली। श्री देवनानी ने कहा की विधानसभा की समितियों की कार्यवाही को भी प्रशासनिक अधिकारी गंभीरता से लें ताकि ऑडिट पैराओ पर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध समय पर कार्रवाई हो सके। प्रश्नों के मामले में दुबारा ना बुलानी पडे बैठक- श्री देवनानी ने कहा कि अधिकारी विधानसभा से संबंधित मामलों में इस तरह की मॉनिटरिंग करें की लम्बित प्रश्नों के मामले में भविष्य में अन्य बैठक बुलाने की आवश्यकता ही ना हो। जनहित के मामलों का निस्तारण विधानसभा में समय सीमा में कराया जाना सशक्त लोकतंत्र के लिये आवश्यक है। कैम्प लगाये और निस्तारण करें- श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा से संबंधित प्रश्नों के मामले में विभाग के अधिकारियों के साथ कैम्प लगाकर युद्ध स्तर पर कार्य निस्तारण की कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि यह गभीर मामले है इन्हें समय से निर्णित किया जाना आवश्यक है। विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि यदि इन मामलों में कोई समस्या है तो बताये और उसके साथ ही समस्या के निराकरण के मार्ग भी सुझाये, ताकि परिणामदायक कार्य हो सके। विधानसभा के प्रति संवेदनशील बने- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि अधिकारीगण विधानसभा के प्रति संवेदनशील बने। सदन में 200 विधायकगण बैठते हैं। राज्य सरकार भी यहां राज्य कार्यों को सम्‍पादित करती है। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण विधानसभा को गम्भीरता से ले। अधिनस्थ अधिकारियों की कार्य व्यवस्था को प्रभावी बनाये और परिणाम देने वाला परिश्रम करें। यह विधानसभा है यहां परिणाम धरातल पर आने चाहिए- श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा का सदन आमजन का सदन होता है। आमजन विधायकों को निर्वाचित कर विधानसभा में भेजते है। जन समस्याओं का निराकरण आवश्यक रूप से प्रभावी तरीके से किया जाना आवश्यक है, ताकि धरातल पर परिणाम दिखाई दे सके। देवनानी ने कहा कि तीस दिन विधानसभा चलती है। एक विभाग के लिये पांच दिन का ही समय आता है। विधानसभा से अधिक महत्वपूर्ण कोई कार्य नहीं हो सकता है। विधानसभा में बैठकों के दौरान वरिष्ठ अधिकारीगण दीर्घा में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जनता को यथा समय जवाब मिलने पर सन्तुष्टि होती है। प्रदेश के अधिकारीगण अनुभवी है। उनके अनुभवों का लाभ राज्य को होना चाहिए। श्री देवनानी ने कहा कि राजस्थान के लोग धैर्यवान है। उनकी कठिनाईयों का निराकरण करना हम सभी का प्रथम दायित्व है। बोर्ड निगमों के प्रतिवेदन नहीं आने पर जिम्मेदारी तय करें- श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा में राज्य के निगमों, बोर्ड आदि के प्रतिवेदन समय पर नहीं आते है। यह ठीक नहीं है। इसे गम्भीरता से ले और जिम्मेदारी तय करें।विभागों में बने प्रकोष्ठों को सुदृढ करें- श्री देवनानी ने अधिकारियों से पूछा कि प्रश्नों के जवाब भेजने में क्या कठिनाई है? क्यों प्रश्नों के जवाब लम्बित रहते है। किस स्तर पर विधानसभा के कार्यों को गम्भीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे पीडा है कि प्रश्नों के जवाब निर्धारित समय सीमा में नहीं आ रहे है। श्री देवनानी ने कहा कि प्रत्येक विभाग में विधानसभा प्रकोष्ठ संचालित होने के बावजूद भी प्रश्नों के जवाब नहीं आना दु:खद है। राज्य सरकार और विधानसभा का उद्देश्य एक ही है- श्री देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार और विधानसभा के कार्यों का उद्देश्य एक ही है। विधायकों द्वारा पूछे जा रहे प्रश्नों के जवाब तय समय सीमा में आये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और विधानसभा के अधिकारीगण प्रश्नों के जवाब में आ रही कठिनाइयों को मिलकर दूर करें और समय पर प्रश्नों के जवाब भेजे जाना सुनिश्चित करें। लोकतंत्र के प्रति लोगों के विश्वास को बनाये रखें- श्री देवनानी ने कहा कि लोकतंत्र में जन महत्वपूर्ण होता है। जनता का लोकतंत्र के प्रति विश्वास को बनाये रखने में हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आप और हम सभी मिलकर लोकतंत्र के लिए प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रहे है। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा के सदन संचालन से संबंधित किसी भी कार्य में ढिलाई बरतने वाले अधिकारी व कर्मचारी पर सख्त कार्यवाही होगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि प्रश्नों के सन्दर्भ में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अनेक बार समीक्षा की जा रही है। राज्य सरकार उनके इस कदम में पूरी तरह से सहभागी … Read more

महाभारत से सीखें लाइफ मैनेजमेंट टिप्स: नए साल में 5 बातें अपनाएंगे तो मुश्किल कामों में भी मिल सकती है सफलता

नया साल 2025 शुरू हो गया है। पिछले साल मिली असफलताओं और अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ेंगे तो इस बार सफलता जरूर मिल सकती है। महाभारत के किस्सों से समझें लाइफ मैनेजमेंट की 5 टिप्स, जिन्हें फॉलो करने से आपकी प्रॉब्लम्स दूर हो जाएंगी और मुश्किल काम में भी सफलता मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी… recent visitors 324

नियम पालन न करने वाले वेटेरिनरी कॉलेजों पर होगी कार्रवाई, राजस्थान-पशुपालन सचिव ने समीक्षा बैठक में दी हिदायत

जयपुर। शुक्रवार को शासन सचिवालय में पशु चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और भविष्य में सुधार की संभावनाओं पर समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। अक्टूबर में इस विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया था। उसी के फॉलोअप के लिए यह बैठक हुई। बैठक में राज्य के पशु चिकित्सा संस्थानों के अधिष्ठाताओं ने अपने कॉलेजों की प्रस्तुति दी। बैठक में शासन सचिव, पशुपालन, गोपालन और डेयरी डॉ समित शर्मा ने प्रस्तुितयों की सराहना करते हुए कहा कि आप सबने अपना काम शुरू कर दिया है, विश्वास है कि हम जल्द ही अपने लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। वेटरिनरी कॉलेज को उत्कृष्टता का केंद्र बनाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। डॉ शर्मा ने भौतिक और मानव संसाधन के बीच संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता के लिए क्षेत्र में काम कर रहे पशु चिकित्सा अधिकारियांे और शिक्षा संस्थानों के बीच तालमेल होना आवश्यक है। उन्हांेने कहा कि विभाग द्वारा ई- नॉलेज बैंक बनाया जा रहा है जिससे कोई भी चिकित्सक अगर कोई सर्जरी कर रहा है और उसे किसी इनपुट की आवश्यकता है तो वह इनपुट उसे ऑनलाइन उपलब्ध हो सके। उन्होंने हैंड्सऑन ट्रेनिंग को भी आवश्यक बताते हुए कहा कि बिना पानी में उतरे कोई व्यक्ति तैरना नहीं सीख सकता। राष्ट्रीय पशु चिकित्सा परिषद के मापदंडों पर काम करते हुए राज्य के पशु चिकित्सा संस्थानों को देश में सर्वाेच्च स्थान पर लाना है। इससे किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कॉलेजों में आधुनिक संरचना के विकास पर जोर देते हुए कहा कि हमें एप आधारित पठन- पाठन सामग्री का उपयोग करना चाहिए, जिससे हमारे भावी पशु चिकित्सकों में उच्च स्तर की व्यवसायिक दक्षता आ सके। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों का समय- समय पर रिफ्रेशर कोर्स और एक्सपोजर विजिट होना चाहिए जिससे उनमें और अच्छा काम करने की ललक पैदा होगी। उन्होंने सभी कॉलेजों को सभी प्रकार के उपकरण और औजार की उपलब्धता और उनका उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए और कहा कि कॉलेज के संचालन और विद्यार्थियांे की एडमिशन प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने मैनेजमेंट कोटे की सीटों को भरने में मनमानी फीस न लेने के सख्त निर्देश दिए और कहा कि ऐसा होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि सभी कॉलेजों को एमएसवीई निर्देशिका एवं वीसीआई रेगुलेशन, 2016 के अनुसार बायोमीट्रिक उपस्थिति, अध्यापकों की पारदर्शी सूची, आम जनता के लिए कॉलेज स्थित पशु अस्पतालों का उपयोग आदि निर्देशों का पालन करें अन्यथा नियमानुसार कॉलेजों की एनओसी निरस्त करने की कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि अपनी कमियों को स्वीकार करने में हमें कोई गुरेज नहीं करना चाहिए बल्कि उन कमियों को दूर करने का प्रयास करते हुए हमें ऊंचाई की तरफ बढ़ना चाहिए। समस्याएं भी आएंगी पर उन सबका मिलकर सामना करते हुए हम निश्चित रूप से प्रदेश को पशु चिकित्सा के क्षेत्र में सर्वाेच्च स्थान दिलाने में कामयाब होंगे। बैठक में शासन उप सचिव श्रीमती संतोष करोल, पशुपालन निदेशक  डॉ आनंद सेजरा, राजुवास के प्रो वाइस चांसलर डॉ हेमंत दाधीच, राज्य के विभिन्न पशु चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिष्ठाता और पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। recent visitors 85