Sunday, July 5, 2026 6:03 pm

IAS अधिकारी आकाश त्रिपाठी अपनी प्रतिनियुक्ति अवधि खत्म होने के पहले राज्य सरकार के आग्रह पर एमपी लौटेंगे

भोपाल   केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ एमपी कैडर के दो आईएएस अधिकारी इसी माह मध्यप्रदेश लौटने वाले हैं। आईएएस अधिकारी आकाश त्रिपाठी अपनी प्रतिनियुक्ति अवधि खत्म होने के पहले राज्य सरकार के आग्रह पर एमपी लौटने वाले हैं वहीं दिल्ली में स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ रूही खान अपने व्यक्तिगत कारणों एमपी लौटेंगी। प्रमुख सचिव स्तर के 1998 बैच के आईएएस अधिकारी आकाश त्रिपाठी एमपी में इंदौर कलेक्टर रहने के साथ विभिन्न विभागों में उपसचिव और सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। त्रिपाठी अक्टूबर 2022 से भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन मंत्रालय में माय जीओवी के सीईओ के तौर पर काम कर रहे हैं। मोहन यादव सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर आकाश त्रिपाठी को एमपी वापस भेजने का आग्रह किया है जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है और माना जा रहा है कि आकाश त्रिपाठी इसी माह एमपी वापस लौट सकते हैं। उनकी वापसी के बाद मोहन सरकार उन्हें किसी महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी सौंपने वाली है। दूसरी ओर राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस पद पर प्रमोट होने वाली 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रूही खान अपने व्यक्तिगत कारणों की वजह से केंद्र में प्रतिनियुक्ति अवधि खत्म होने के पहले एमपी लौटने वाली हैं। केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण मंत्रालय ने इसे मंजूरी देते हुए उन्हें पैरेंटल कैडर मध्यप्रदेश लौटने की सहमति दे दी है। रूही खान भी जल्दी ही भोपाल में मंत्रालय में अपनी आमद देने वाली हैं। खान अभी दिल्ली में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में उपसचिव के पद पर पदस्थ हैं।   recent visitors 212

संजीव खन्ना, बीआर गवई के बाद सूर्यकांत 2025 में SC को मिलेंगे तीन चीफ जस्टिस और रिटायर होंगे सात जज

 नई दिल्ली नए साल 2025 में सुप्रीम कोर्ट तीन मुख्य न्यायाधीशों के नेतृत्व में काम करेगा. इस साल दो चीफ जस्टिस समेत सात जज रिटायर होंगे. मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना 13 मई 2025 को सेवानिवृत्त होंगे. जस्टिस खन्ना दिल्ली हाईकोर्ट से 18 जनवरी 2019 को सुप्रीम कोर्ट में आए थे. चीफ जस्टिस के रूप में उनका कार्यकाल 11 नवंबर 2024 से 13 मई 2025 तक होगा. सीजेआई खन्ना के बाद जस्टिस बी.आर गवई चीफ जस्टिस बनेंगे. वह अगले छह महीने यानी 23 नवंबर तक इस पद पर रहेंगे. इसी साल तीसरे चीफ जस्टिस सूर्यकांत बनेंगे. उनका कार्यकाल करीब सवा साल फरवरी 2027 तक होगा. इस साल 2025 में सेवानिवृत्त होने वाले अन्य पांच जजों में जस्टिस सी.टी. रवि कुमार सबसे पहले हैं. वो तीन साल से अधिक का कार्यकाल पूरा कर 5 जनवरी 2025 को रिटायर होंगे. जस्टिस रवि कुमार 31 अगस्त, 2021 को केरल हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में आए थे. इसके बाद जस्टिस हृषिकेश रॉय चार साल से अधिक का सेवाकाल पूरा कर 31 जनवरी को रिटायर होंगे. जस्टिस हृषिकेश रॉय गुवाहटी हाईकोर्ट और फिर केरल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहे. जस्टिस रॉय 23 सितंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट आए थे. न्यायमूर्ति अभय श्रीनिवास ओक 24 मई, 2025 को अपना तीन साल से अधिक का सेवाकाल पूरा कर रिटायर होंगे. वह बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने फिर 2019 में कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाए. जस्टिस ओक 31 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट आए थे. जस्टिस ओक के रिटायरमेंट के अगले महीने जस्टिस बेला माधुर्य त्रिवेदी 9 जून, 2025 को रिटायर होंगी. वह 31 अगस्त 2021 को गुजरात हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट आईं थीं. इसके बाद जस्टिस सुधांशु धूलिया 9 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त होंगे. ये उत्तराखंड हाईकोर्ट से जनवरी 2021 में गुवाहटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस नियुक्त किए गए थे. जस्टिस धूलिया वहां से 9 मई, 2022 को सुप्रीम कोर्ट आए थे. इसके बाद चीफ जस्टिस पद से जस्टिस बी.आर. गवई 23 नवंबर, 2025 को रिटायर होंगे. जस्टिस गवई बॉम्बे हाईकोर्ट से 24 मई, 2019 को सुप्रीम कोर्ट आए. वो मई में चीफ जस्टिस बनेंगे और छह महीने से ज्यादा वक्त तक देश की सर्वोच्च न्यायपालिका का नेतृत्व करेंगे. सुप्रीम कोर्ट के कितने न्यायाधीश 2025 में होंगे रिटायर? जस्टिस सीटी रविकुमार साल 2025 में सबसे पहले जस्टिस सीटी रविकुमार रिटायर होंगे. उन्होंने 31 अगस्त 2021 में सुप्रीम कोर्ट में बतौर न्यायाधीश के तौर पर सेवा देना शुरू किया था. जस्टिस सीटी रविकुमार इसी हफ्ते 5 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं. उन्होंने केरल राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष, केरल न्यायिक अकादमी के अध्यक्ष और केरल राज्य मध्यस्थता और सुलह केंद्र के अध्यक्ष सहित कई प्रमुख पदों पर काम किया है. बतौर न्यायाधीश उनके कुछ अहम फैसलों में पॉक्सो अधिनियम के अनुपालन से जुड़े मामलों पर महत्वपूर्ण फैसले, चुनावी वादों का सरकार के वित्त पर असर और गुरमेल सिंह मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 149 की व्याख्या शामिल है. हाल के फैसलों (2024) में, उन्होंने जुवेनाइल जस्टिस समय-सीमा और बाल हिरासत मामलों पर अहम फैसले लिए हैं. जस्टिस ऋषिकेष रॉय जस्टिस ऋषिकेष रॉय इस साल रिटायर होने पर दूसरे सुप्रीम कोर्ट जज होंगे. 31 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में उनका आखिरी दिन होगा. इससे पहले वह केरल हाईकोर्ट में बतौर चीफ जस्टिस कार्यरत थे. चीफ जस्टिस संजीव खन्ना चीफ जस्टिस संजीव खन्ना इसी साल मई में रिटायर हो जाएंगे. उन्हें साल 2019 में दिल्ली हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट किया गया था. पिछले साल नवंबर में संजीव खन्ना शीर्ष न्यायालय के चीफ जस्टिस बने थे. उन्होंने एक ऐतिहासिक 7 न्यायाधीशों के बेंच के फैसले में अहम भूमिका निभाई थी. इस फैसले में बिना मुहर वाले मध्यस्थता समझौतों पर कानून को स्पष्ट किया था. बतौर न्यायाधीश चीफ जस्टिस संजीव खन्ना शिल्पा शैलेश बनाम वरुण श्रीनिवासन केस (2023) में एक अहम संवैधानिक पीठ के फैसले में शामिल थे. इस फैसले में अनुच्छेद 142 के तहत तलाक के लिए एक वैध आधार की व्याख्या की थी. इसमें तय किसी गया था कि 'जब किसी शादी में जुड़ाव की कोई गुंजाइश न बच जाए' तो वह तलाक का आधार माना जा सकता है. इसके अलावा अन्ना मैथ्यूज बनाम भारत का सर्वोच्च न्यायालय (2023) मामले में, उन्होंने न्यायिक नियुक्तियों में पात्रता और उपयुक्तता के बीच महत्वपूर्ण अंतर को परिभाषित किया था. यह फैसला देते हुए कि पात्रता न्यायिक समीक्षा के अधीन है, उपयुक्तता इसके दायरे से बाहर है. जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका भी मई में रिटायर होंगे. 24 मई में सुप्रीम कोर्ट में उनका आखिरी दिन होगा. जस्टिस अभय बॉम्बे हाईकोर्ट में न्यायाधीश थे, इसके बाद वह कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने. साल 2021 में जस्टिस अभय सुप्रीम कोर्ट में जज बने थे. जस्टिस बेला एम त्रिवेदी जस्टिस बेला एम त्रिवेदी भी इसी साल रिटायर होंगी. 9 जून 2025 को सुप्रीम कोर्ट में उनका आखिरी कार्यदिवस होगा. जस्टिस बेला 2021 के अगस्त में सुप्रीम कोर्ट की जज बनी थीं, इससे पहले वह गुजरात हाईकोर्ट में जज रही चुकीं हैं. जस्टिस सुधांशु धुलिया जस्टिस सुधांशु धुलिया 9 अगस्त 2025 को रिटायर होंगे. 9 मई 2022 को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में बतौर न्यायाधीश पद की शपथ ली थी. इससे पहले वह उत्तराखंड हाईकोर्ट में जज रह चुके हैं. साल 2021 से मई 2022 तक वह गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भी रह चुके हैं. जस्टिस बीआर गवई जस्टिस बीआर गवई इसी साल 23 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो जाएंगे. रिटायरमेंट से पहले मई 2025 में चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की जगह ले लेंगे. बीआर गवई उस पीठ का हिस्सा थे जिसने अधिवक्ता प्रशांत भूषण (2020) के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई की थी और न्यायिक गरिमा बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हुए 1 रुपये का प्रतीकात्मक जुर्माना लगाया था. इसके अलावा बीआर गवई ने पट्टाली मक्कल काची मामले (2022) में आरक्षण नीति पर महत्वपूर्ण फैसला दिया था. उन्होंने पुराने डेटा पर निर्भरता के कारण वन्नियार समुदाय के लिए तमिलनाडु सरकार के 10.5% आरक्षण के खिलाफ फैसला सुनाया था. जस्टिस बीआर गवई को न्याय से जुड़े फिलॉस्फी के जानकार के तौर पर माना जाता है. उन्होंने एक बार कहा था, कानून की प्रैक्टिस सीखने की एक शाश्वत प्रक्रिया है … Read more

विदाई / सम्मान समारोह के आयोजन से शासन प्रशासन में संस्कार, संस्कृति और परम्परा का समावेश अजाक्स

Inclusion of rituals, culture and tradition in the administration by organizing farewell / felicitation ceremony Ajax सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल । मंत्रालय अजाक्स इकाई के अध्यक्ष घनश्याम भकोरिया ने बताया कि भारत की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्री बाई फूले की जयंती के शुभ अवसर दिनाक 03 जनवरी 2025 दिन शुक्रवार को दोपहर 1:30 बजे वल्लभ भवन के सामने स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में मंत्रालय सेवा से वर्ष 2024 में (31 जनवरी से 31 दिसम्बर, 2024 तक) सेवानिवृत्त हुए सभी वर्गों के अधिकारी एवं कर्मचारियों का विदाई समारोह का आयोजन किया गया। माता सावित्री बाई फुले और बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर जी के छायाचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर देश भक्ती गीत और मध्यप्रदेश गायन से कार्यक्रम की सुआत की गई। इस अवसर पर माता सावित्री बाई फुल द्वारा भारत की महिलाओं के लिए किये गये सघर्ष  योगदान व समाजहित में समर्पित जीवन पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री  जगदीश देवडा थे। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को बधाई एवं शुभकानाए दी और दीर्घ आयु स्वास्थ्य जीवन की कामना की। साथ ही कहा आप  शासन की सेवा से सेवानिवृत्त हुए है। हमारे लिए आप सदा महत्वपूर्ण रहेंगे आपको जब भी कोई परेशानी हो बिना संकोच के मुझे बताये हर समय मदद आपकी की जावेगी। उन्होंने कहा मंत्रालय अजाक्स शाखा के अध्यक्ष घनश्याम भकोरिया एवं जे.एन कांसोटिया जी और उनकी टीम द्वारा जो सभी वर्गा का प्रत्येक वर्ष विदाई समरोह का आयोजन विगत 05 वर्षों से किया जा रहा है वह अत्यंत सराहनी कार्य है। सामाजिक दायित्व के निर्वहन के साथ समरसता व भाईचारा और वरिष्ठो के प्रति सम्मान की प्रतीक है। वर्ष 2024 में  कुल 84 शासकीय सेवक सेवानिवृत्त हुए है। सभी का  उपमुख्यमंत्री एवं कांसोटिया द्वारा साल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। पूरे समय कार्यक्रम में उपस्थित रहें । मध्यप्रदेश अजाक्स क प्रांतीय अध्यक्ष जेएन. कांसोटिया, वरिष्ठ (आईएएस) महानिदेश आर. सी. व्ही. पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल द्वारा  सभी शासकीय सेवको को शुभकामनाये दी अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने और अपने अनुभव का उपयोग युवाओ के लिए करने का अग्रह किया।  अजाक्स की मंत्रालय इकाई के अध्यक्ष भकोरिया ने कहा अजाक्स द्वारा वर्ष में एक बार सभी सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को आमांत्रेत कर, एक साथ विदाई समारोह के आयोजन द्वारा उनका सम्मान किया जाना वरिष्ठों के प्रति सम्मान के साथ शासन प्रशासन में संस्कार, संस्कृति और एक नई परम्परा की पहल माध्यप्रदेश अजाक्स द्वारा की जा रही है, इससे वरिष्ठों के प्रति सम्मान और आपसी समन्वय की भावना जागृत होगी और शासकीय कार्य का सम्पादन सहजता सरलता होगी । सुभाष वर्मा ने मंत्रालय के शासकीय सेवकों की लंबित मांगें मान. उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखी पदोन्नति, चौथा समयमान वेतनमान  आदि और अजाक्स मंत्रालयीन  शाखा द्वारा किये जा रहे कार्य की सराहना की। इस अवसर पर गौतम पाटिल, ए आर सिंह, एन पी प्रजापति, कमल मेहरा,  विमला हिरकने एस सी ओसले, विनोद बट्टी, संजय राठौर, आबिद खान, प्रहलाद नरवारे, हरिमोहन अहिरवार, घनश्याम  इनवाती, हरिशंकर अहिरवार, सच्चिदानंद धुर्वे, प्रतीक मेहरा, रामजीलाल कोली, बसंत मेश्राम, नरेश धौलपुरिया recent visitors 423

आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास वर्ष-2025 में 20 अद्वैत जागरण युवा शिविर आयोजित करेगा

भोपाल आचार्य शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन और शिक्षाओं से युवाओं को परिष्कृत और सुसंस्कृत बनाने के लिए आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास वर्ष-2025 में 20 अद्वैत जागरण युवा शिविर आयोजित करेगा। 10 आचार्यों की दिव्य सान्निध्य में देश-विदेश के 18 वर्ष से 40 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली युवा अद्वैत वेदान्त अध्ययन कर सकेंगे। शिविर में शामिल होने के लिए इच्छुक युवा www.oneness.org.in पर जाकर पंजीयन करा सकते हैं। वर्ष-2025 का प्रथम शिविर 17 से 26 जनवरी तक आयोजित होगा। इसमें चिन्मय गार्डन, कोयम्बटूर, तमिलनाडु की स्वामिनी विमलानंद सरस्वती मनीषा पंचकम के माध्यम से युवाओं को अद्वैत से जोड़ेंगी। इसके बाद 1 से 10 फरवरी एवं 1 अगस्त से 10 अगस्त तक आर्ष विद्या गुरुकुलम्, कोयम्बटूर, तमिलनाडु में स्वामी परमात्मानंद सरस्वती तत्वबोध पर, 8 से 17 फरवरी तक ओंकारेश्वर आश्रम, मध्यप्रदेश में स्वामी प्रबुद्धानंद सरस्वती तत्वबोध पर, 15 से 24 फरवरी एवं 22 जून से 1 जुलाई तक अद्वैत आश्रम, मायावती, उत्तराखंड में स्वामी शुद्धिदानंद विवेक चूड़ामणि पर, 01 से 10 अप्रैल तक चिन्मय तपोवन, सिद्धबाड़ी, हिमाचल प्रदेश में स्वामी मित्रानंद सरस्वती, साधना पंचकम् पर, 4 से 13 अप्रैल एवं 21 से 30 मई तक तपोवन कुटी, उत्तरकाशी, उत्तराखंड में स्वामी हरिब्रह्न्द्रानंद तीर्थ तत्वबोध पर, 14 से 23 जुलाई तक चिन्मय इंटरनेशनल फाउंडेशन, केरल में स्वामी स्वात्मानंद सरस्वती साधना पंचकम पर युवाओं को अद्वैत वेदान्त का अध्ययन कराएंगे। युवाओं को 12 से 21 अगस्त एवं 23 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चिन्मय गार्डन, कोयम्बटूर, तमिलनाडु की स्वामिनी विमलानंद सरस्वती मनीषा पंचकम पर 27 अगस्त से 5 सितंबर एवं 24 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चिन्मय विभूति, पुणे, (महाराष्ट्र) में स्वामी अद्वैतानंद सरस्वती तत्वबोध पर, 4 से 13 अक्टूबर तक ओंकारेश्वर आश्रम, मध्यप्रदेश में स्वामिनी प्रव्राजिका दिव्यानंद प्राण तत्वबोध पर, 1 से 10 नवंबर तक आर्ष विद्या मंदिर, राजकोट, गुजरात के स्वामी परमात्मानंद सरस्वती तत्वबोध पर, 21 से 30 नवंबर तक चिन्मय तरंगिणी, चेन्नई, तमिलनाडु में स्वामी मित्रानंद सरस्वती भज गोविंदम् पर तथा इस वर्ष के अंतिम शिविर में 5 से 14 दिसंबर तक ओंकारेश्वर आश्रम में स्वामी प्रबुद्धानंद सरस्वती तत्वबोध पर युवाओं को व्याख्यान देंगे।   recent visitors 68

राजस्थान पुलिस में पहली बार किसी इंस्पेक्टर ने ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया और वो भी विजेता बनी, थानेदार ने रच दिया इतिहास

राजस्थान  राजस्थान पुलिस ने एक नई मिसाल पेश की है दरअसल वैशाली नगर थाने में पोस्टेड महिला सब इंस्पेक्टर हेमलता शर्मा ब्यूटी कांटेस्ट जीत गईं। 'मिसेज इंडिया ग्लैम' का टाइटल जीतकर हेमलता ना सिर्फ पुलिस महकमे बल्कि समाज में भी एक प्रेरणास्त्रोत बन चुकी है । यह पहली बार था जब हेमलता ने किसी ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया और वो भी विजेता बनकर उभरीं। पहली बार किया पार्टिसिपेट, जीता टाइटल हेमलता शर्मा, जो जयपुर के वैशाली नगर थाने में सब इंस्पेक्टर के रूप में तैनात हैं, इस इवेंट के पहले किसी भी ब्यूटी कॉन्टेस्ट में शामिल नहीं हुई थीं। हालांकि आयोजकों से संपर्क होने के बाद उन्होंने अपनी नकारात्मक सोच को बदलते हुए इस प्रतियोगिता में भाग लेने का निर्णय लिया। इवेंट के आयोजकों ने हेमलता को आश्वासन दिया कि इस प्रतियोगिता में दो श्रेणियाँ हैं, जिनमें से एक मिसेज कैटेगरी में वे भाग ले सकती हैं। घरवालों का मिला साथ, प्रैक्टिस से मिली जीत हेमलता ने जब अपने घरवालों को इस इवेंट के बारे में बताया, तो उन्होंने भी उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद हेमलता ने रैंप वॉक की प्रैक्टिस की और एक्सपर्ट से मार्गदर्शन लिया। हालांकि शुरुआत में वह थोड़ी नर्वस भी थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रहीं। जयपुर में आयोजित इस प्रतियोगिता में 15 प्रतियोगी थे, लेकिन हेमलता का रैंप वॉक सभी से अलग था और सबसे ज्यादा सराहा गया। परिणामस्वरूप, उन्हें ‘मिसेज इंडिया ग्लैम’ का खिताब जीतने का गौरव प्राप्त हुआ। उनकी जीत ने यह साबित कर दिया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में मुकाम हासिल कर सकती हैं, चाहे वो पुलिस विभाग हो या फिर ब्यूटी कॉन्टेस्ट। पुलिस विभाग की ओर से बधाई हेमलता शर्मा की इस उपलब्धि पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनकी मेहनत व समर्पण को सराह रहे हैं। हेमलता की जीत ना केवल उनके लिए बल्कि पूरे राजस्थान पुलिस के लिए गर्व की बात है। recent visitors 62

वंदे भारत स्लीपर का ट्रायल, 180 किलोमीटर की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ी

नई दिल्ली वंदे भारत ट्रेन ने लोगों का सफर पहले से आरामदायक बना दिया है. अब वंदे भारत स्लीपर को चलाने की तैयारियां आखिरी चरण में है. इसके लिए राजस्थान, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन किया जा रहा है. रेल यात्री लंबे समय से वंदे भारत स्लीपर का इंतजार कर रहे हैं. फिलहाल देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन चल रहा है. कोच में वजन लोड किया जा रहा ट्रायल राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में रेलवे पटरियों पर वंदे भारत स्लीपर को फर्राटा भरते हुए देखा जा सकता है. मध्यप्रदेश के खजुराहो, यूपी के महोबा रेल खंड और राजस्थान के कोटा रेल खंड पर वंदे भारत स्लीपर का ट्रायल रन हो रहा है. ट्रायल रन के दौरान स्लीपर वंदे भारत के खाली कोचों में वजन लोड कर किया जा रहा है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन लखनऊ स्थित रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) द्वारा किया जा रहा है. किस जगह पर ट्रायल हुआ पूरा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन पिछले सप्ताह शुरू हुआ था और इसे दो चरणों में दो स्थानों पर चलाया जाएगा. इनमें से आरडीएसओ ने सोमवार 30 दिसंबर, 2024 को उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के झांसी डिवीजन में ट्रायल रन पूरा कर लिया.  वंदे भारत स्लीपर का विभिन्न मोडों – लोडेड (फुलाया/डिफ्लेट किया हुआ) और खाली (फुलाया/डिफ्लेट किया हुआ) में 180 किमी प्रति घंटे (परीक्षण गति) तक दोलन परीक्षण वंदे स्लीपर जेएचएस डिवीजन में कार्य पूरा हो चुका है. जल्द वंदे भारत स्लीपर में कर सकेंगे सफर अब ट्रायल रन का दूसरा चरण पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के कोटा डिवीजन में हुआ है. कोटा डिवीजन में किए जाने वाले वंदे स्लीपर ट्रायल के दूसरे चरण में शामिल हैं. विभिन्न मोड में 180 किमी प्रति घंटे (टेस्ट स्पीड) तक ऑसिलेशन ट्रायल, विभिन्न ब्रेकिंग मोड में ब्रेक परफॉर्मेंस ट्रायल और विभिन्न ऑपरेटिंग + ब्रेकिंग मोड में कपलर फोर्स ट्रायल किया गया है. ट्रायल रन पूरा होने के बाद वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात देश वासियों को मिलेगी. 26 जनवरी से पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल सकती है. वंदे भारत की 180KM स्पीड, रेलमंत्री वैष्णव ने वीडियो किया ट्वीट देश की पहली AC स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल हो गया है। कोटा रेल मंडल में दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ ट्रेन का ट्रायल किया गया। लखनऊ की रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) ट्रेन का ट्रायल कर रही है। मूवमेंट इंस्पेक्टर सुशील जेठवानी और लोको निरीक्षक आरएन मीना ने RDSO लखनऊ टीम के साथ को-ऑर्डिनेट किया। नागदा, सवाई माधोपुर से कोटा के बीच ट्रायल किया गया। ट्रायल का वीडियो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने X हैंडल पर पोस्ट किया। वीडियो में देख सकते हैं कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 180 की स्पीड से दौड़ रही है और वीडियो में ट्रेन के एक कोच में रखा पानी का गिलास भी नजर आएगा, जिसे देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि वंदे भारत ट्रेन की इतनी ज्यादा स्पीड होने पर भी गिलास डगमगाया नहीं। इससे पानी छलका तक नहीं। ट्रेन का ट्रायल अलग-अलग इलाकों में जनवरी के पूरे महीने तक चलता रहेगा। ट्रायल पूरा होने के बाद रिपोर्ट रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। एक रूट पर अलग-अलग स्पीड से लिया गया ट्रायल मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान को इस साल वंदे भारत AC स्लीपर ट्रेन मिलेगी, जो मारवाड़ से रवाना होकर दिल्ली-मुंबई रूट पर दौड़ेगी। इसका किराया चेयर कार और एग्जीक्यूटिव कैटेगरी जितना ही होगा। वहीं ट्रेन के फीचर्स ऐसे होंगे कि यात्रियों को जरा-सी परेशानी न होगी। ट्रेन के नए AC स्लीपर मॉडल के लिए जोधपुर में सेंट्रलाइज मेंटेनेंस डिपो बनेगा, जिसे बनाने पर करीब 166 करोड़ खर्च होंगे। सिर्फ यही ट्रेन नहीं, बल्कि पूरे देश में जो भी वंदे भारत ट्रेन दौड़ेंगी, उनका मेंटेनेंस यहीं होगा। सीनियर DCM सौरभ जैन ने बताया कि वंदे भारत को कोटा के नागदा रेल खंड में रोहल खुर्द और चौमहला के बीच दौड़ाया गया और इसमें यात्रियों के बराबर वजन रखकर ही ट्रायल किया गया था। 31 दिसंबर को पहले 130, फिर 140 और फिर 150 की स्पीड से ट्रायल हुआ। 1 जनवरी 2025 को 160 और रोहल खुर्द विक्रमगढ़ के बीच 177 किलोमीटर की स्पीड से ट्रायल किया गया। इसके बाद रोहल खुर्द से कोटा के बीच 40 किलोमीटर की दूरी ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तय की।   recent visitors 79

केंद्रीय कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी, कर्मचारियों-पेंशनरों को नए साल में मिलेगा बड़ा गिफ्ट

नईदिल्ली केंद्र सरकार नए साल में केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा दे सकती है। सरकार जनवरी में महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 3-4 प्रतिशत तक की DA बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है। डीए में यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2025 से लागू मानी जाएगी। हालांकि, अगर पिछले सालों का रिकॉर्ड देखें तो सरकार जनवरी के डीए बढ़ाने का ऐलान मार्च में करती है। सरकार डीए बढ़ाने का ऐलान कभी भी करें लेकिन इसे लागू 1 जनवरी से ही माना जाता है। सरकार साल में 2 बार डीए बढ़ाती है 1 जनवरी और 1 जुलाई। अभी 53 फीसदी है महंगाई भत्ता और महंगाई राहत पिछले साल भी DA में बढ़ोतरी अक्टूबर के पहले सप्ताह में की गई थी। लेकिन इसे लागू 1 जुलाई से माना गया था। सरकार ने अक्टूबर में डीए में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। तब डीए बढ़कर 53 फीसदी हो गया था। इससे पहले मार्च 2024 में डीए 4 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। तब महंगाई भत्ता 4 प्रतिशत बढ़ने से बेसिक पे का 50 प्रतिशत हो गया था। अब डीए बेसिक सैलरी का 53 फीसदी है। साथ ही पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) भी 53 फीसदी है। DA और DR हर साल दो बार बढ़ाए जाते हैं। DA केंद्रीय कर्मचारियों को दिया जाता है, जबकि DR पेंशनर्स को दिया जाता है। क्या 57 फीसदी होगा महंगाई भत्ता? अगर सरकार 4 फीसदी डीए बढ़ाती है तो डीए बढ़ाकर 57 फीसदी होगा। अगर सरकार नए साल में डीए 3 फीसदी बढ़ाती है तो ये बढ़कर 56 फीसदी होगा। COVID-19 के दौरान रुके हुए DA बकाए का क्या होगा? हाल ही में संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार COVID-19 महामारी के दौरान रोके गए 18 महीने के DA और DR के बकाए को जारी करने की संभावना नहीं देख रही है। मंत्री पंकज चौधरी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के 18 महीने के DA और DR बकाए को जारी करने पर विचारनहीं कर रही है जिसे COVID-19 के दौरान रोका गया था। कोविड महामारी के कारण आर्थिक परेशानी के चलते जनवरी 2020, जुलाई 2020 और जनवरी 2021 की तीन किश्तों को रोका गया था। recent visitors 56