बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी : बुमराह ने किया कमाल, सीरीज में बने ये बड़े रिकॉर्ड

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने भारत को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में 6 विकेट से मात देने के बाद प्रतिष्ठित बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 3-1 से जीत ली। इससे पहले कंगारूओं ने 2014/15 में अंतिम बार भारत को इस ट्रॉफी में अपने घर पर 2-0 से हराया था। इसके बाद भारत ने ऑस्ट्रेलिया में हुई दो बीजीटी सीरीज 2-1 से जीती थी। इस सीरीज की शुरुआत मेजबान टीम की हार के तौर पर हुई जब भारत ने पर्थ टेस्ट में 295 रनों की धमाकेदार जीत दर्ज की थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने अगले चार में तीन टेस्ट मैच जीते। इससे पहले साल 1997 में ऑस्ट्रेलिया ने 0-1 से सीरीज में पिछड़ने के बाद इंग्लैंड को 3-2 से हराया था। जबकि उन्होंने अपनी धरती पर ऐसा 1968/69 में ही किया था जब वेस्टइंडीज टीम को 3-1 से मात दी थी। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में इस बार 1141 गेंदें फेंकी गई जो यहां 1896 के बाद से सबसे कम हैं। यह बताता है कि इस मैच की पिच वाकई में चुनौतीपूर्ण थी और इस मुकाबले में कप्तानी कर रहे जसप्रीत बुमराह ने भी इसे स्वीकारते हुए मैच के बाद कहा था कि उन्होंने पूरी सीरीज में गेंदबाजी के लिए सबसे मुफीद विकेट पर बॉलिंग करना मिस किया। साल 2000 के बाद से यह केवल तीसरी बार हुआ है जब भारतीय क्रिकेट एक टेस्ट सीरीज के किसी दो मैचों की दोनों पारियों में 200 रनों से कम पर आउट हो गई। यह बीजीटी सीरीज में भारतीय क्रिकेट टीम की बल्लेबाजी के संघर्ष को दर्शाता है। भारतीय क्रिकेट में फिलहाल चीजें परफेक्शन से बहुत दूर हैं। सीनियर खिलाड़ियों की फॉर्म, कप्तानी, मैनेजमेंट पर सवालिया निशान हैं। भारत पिछली दो टेस्ट सीरीज में तीन मैच हारा है। इससे पहले टीम इंडिया अपने घर पर न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 0-3 से हार गई थी। खास बात यह है कि 2024/25 सीजन में ऐसा सिर्फ दो ही बार हुआ है। सिडनी टेस्ट में स्कॉट बोलैंड ने मैच में 76 रन देकर 10 विकेट हासिल किए। वह इस मैदान पर साल 1900 के बाद 10 विकेट लेने वाले सिर्फ दूसरे ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज हैं। इससे पहले ग्लेन मैक्ग्रा ने यहां साल 2000 में 103 रन देकर 10 विकेट हासिल किए थे। बोलेंड का प्रदर्शन इस सीरीज में इतना जबरदस्त था कि उन्होंने एक बैकअप बॉलर की छवि को भी तोड़ दिया। वह बैकअप बॉलर के तौर पर आए और 13.19 की औसत के साथ 21 विकेट हासिल किए। वहीं जसप्रीत बुमराह ने सीरीज में सर्वाधिक 32 विकेट हासिल किए और वह 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' साबित हुए। इससे पहले भारत के तेज गेंदबाज कपिल देव ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी घरेलू जमीन पर साल 1979/80 में 32 विकेट हासिल किए थे। भारत का कोई और तेज गेंदबाज एक सीरीज में इससे ज्यादा विकेट नहीं ले पाया है। कपिल देव ने तब 17.68 की औसत से 32 विकेट लिए थे। जबकि बुमराह ने केवल 13.06 की औसत से विकेट लिए। भारतीय गेंदबाजों में ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने जरूर साल 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में 32 विकेट चटकाए थे। recent visitors 80

यूपी में दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला, डीआईजी वैभव कृष्ण को महाकुंभ प्रयागराज की अहम जिम्मेदारी दी

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। 2010 बैच के आईपीएस सुनील कुमार सिंह को आजमगढ़ का नया डीआईजी बनाया गया है। वहीं, आजमगढ़ के डीआईजी वैभव कृष्ण को महाकुंभ मेला प्रयागराज की अहम जिम्मेदारी दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाकुंभ मेला के आयोजन के लिए सुरक्षा और प्रबंधन की दृष्टि से वैभव कृष्ण की नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। उनका अनुभव इस ऐतिहासिक आयोजन को सुरक्षित और सुगम बनाने में मददगार साबित होगा। सरकार ने यह कदम प्रशासनिक दक्षता और बेहतर जनसेवा को ध्यान में रखते हुए उठाया है। अधिकारियों की नई तैनाती से संबंधित क्षेत्रों में प्रभावी प्रशासनिक सुधार की संभावना जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अधिकारियों को तत्काल पदभार ग्रहण करने के लिए कहा गया है। बता दें कि अपनी कुशल प्रशासनिक शैली और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाने वाले वैभव कृष्ण 2010 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वह यूपी के बागपत जिले के निवासी हैं। उन्होंने आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। साल 2009 में पहली बार यूपीएससी परीक्षा में शामिल होकर वैभव कृष्ण ने पूरे भारत में 86वीं रैंक हासिल की और आईपीएस बने।   recent visitors 170

दिल्ली में एक्यूआई पहुंचा 400 पार, खराब वायु गुणवत्ता से लोग परेशान, हाड़ कंपा देने वाली सर्दी ने लोगों का जीना बेहाल किया

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जहां एक तरफ हाड़ कंपा देने वाली सर्दी ने लोगों का जीना बेहाल कर दिया है तो दूसरी तरफ वायु प्रदूषण से भी लोग परेशान हैं। इसने लोगों के बीच स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर दीं हैं। इससे लोगों में आंखों के जलन की समस्या और सांस संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, रविवार सुबह 8:30 बजे तक दिल्ली में औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 374 था। वहीं, दिल्ली एनसीआर के अन्य शहरों में फरीदाबाद का एक्यूआई 188, गुरुग्राम का 278, गाजियाबाद का 260, ग्रेटर नोएडा का 184 और नोएडा का 242 था। दिल्ली के 9 इलाकों में एक्यूआई 400 से ज्यादा और 500 के आसपास था। इनमें बवाना, द्वारका सेक्टर 8, जहांगीरपुरी, मुंडका, फताफतगंज, रोहिणी, सिविल लाइन्स, विवेक विहार और वजीरपुर शामिल हैं। इन इलाकों में एक्यूआई 400 से 426 के बीच था। दिल्ली के बाकी इलाकों में एक्यूआई 300 से 400 के बीच था, जो वायु गुणवत्ता के खराब स्तर को दर्शाता है। वहीं, दिल्ली के कई इलाके में एक्यूआई गंभीर बनी हुई है। इन इलाकों का एक्यूआई 400 से ज्यादा दर्ज किया गया है, जिसमें अशोक विहार 407, द्वारका सेक्टर-8 410, जहांगीरपुरी- 407, मुंडका 424, पटपड़गंज 415, आरके पुरम 403, रोहिणी 411, सिरीफोर्ट 428, विवेक विहार 436, वजीरपुर 425 और बवाना का एक्यूआई 401 दर्ज किया गया हैं। इन इलाकों के अलावा भी दिल्ली के 22 इलाकों का एक्यूआई भी खतरनाक स्थिति में बना हुआ है। उधर, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, आने वाले 6 दिनों तक दिल्ली के वायु गुणवत्ता में कोई भी सुधार होने के आसार नहीं है। दिल्ली में 11 जनवरी तक वायु प्रदूषण की स्थिति जस की तस बनी रहेगी। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने ग्रेप-3 को लागू कर दिया गया है।   recent visitors 77

CM मोहन ने 3 गांवों के नाम बदले- अब गजनीखेड़ी गांव का नाम होगा चामुंडा महानगरी और जहांगीरपुर अब होगा जगदीशपुर

उज्जैन बड़नगर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ी घोषणा करते हुए तीन गांवों के नाम बदलने का ऐलान कर दिया। अब गजनीखेड़ी गांव का नाम होगा चामुंडा महानगरी। ग्राम मौलाना का विक्रम नगर और जहांगीरपुर गांव का नाम जगदीशपुर करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने सीएम राइज स्कूल, बड़नगर का नाम पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर रखा। बड़नगर के गजनीखेड़ी पंचायत को अब चामुण्डा माता नगर, मौलाना को विक्रम नगर और जहांगीरपुरी को जगदीशपुर के नाम से जाना जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार ने बड़नगर, उज्जैन में नवनिर्मित सीएम राइज स्कूल का शुभारंभ किया। सीएम ने ऐलान किया कि स्कूल पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने शिक्षा को युवाओं के स्वर्णिम भविष्य का आधार बताते हुए उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर वर्ग तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, सांसद अनिल फिरोजिया और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पहले भी नामों में परिवर्तन इससे पहले भी जुलाई 2024 में सरकार ने कई गांवों के नाम में परिवर्तन किए थे। मध्य प्रदेश सरकार ने कुंडम का नाम कुंडेश्वर धाम, कूंची का चंदनगढ़ और कुंडिया का कर्णपुर किया था। जिसकी अधिसूचना जारी कर नाम परिवर्तन लागू भी कर दिया गया था। recent visitors 215

ओयो ने अपने पार्टनर होटल्स के लिए नई चेक-इन पॉलिसी लॉन्च की, जिसके अंतर्गत अनमैरिड कपल्स को अब रूम

नई दिल्ली ओयो के जरिए होटल्स रूम बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिलने जा रहा है। कंपनी अपने पार्टनर होटल्स के लिए नई चेक-इन पॉलिसी लॉन्च की है। नई पॉलिसी के अनुसार अनमैरिड कपल्स (अविवाहित जोड़े) को कमरा नहीं दिया जाएग। फिलहाल यह नया नियम उत्तर प्रदेश के मेरठ में लागू किया गया है। लेकिन आने वाले समय में इसे अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है। क्या है ओयो की नई चेक इन पॉलिसी? इस नई पॉलिसी में अविवाहित जोड़े को वैलिड प्रूफ दिखाना होगा। जिससे वो कपल्स साबित हो सकें। यह नियम ऑनलाइन बुकिंग के लिए भी लागू रहेगा। ओयो ने अपने बयान में कहा है कि पार्टनर होटल्स को सामजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कपल्स बुकिंग को कैंसल करने का अधिकार दिया गया है। सबसे पहले मेरठ में लागू हुआ नियम ओयो ने मेरठ स्थित अपने पार्टनर होटल्स को यह नई पॉलिसी को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है। कंपनी मेरठ के अनुभवों के आधार पर आने वाले शहरों में भी इस नियम को लागू कर सकती है। मामले की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के अनुसार “मेरठ में कई सामाजिक संस्थाओं ने कंपनी के सामने इस मुद्दे को उठाया था। इसके अलावा कई अन्य शहरों में अनमैरिड कपल्स को कमरा ना देने को लेकर पिटीशन दाखिल की गई थी।” इसी कारण कंपनी को ये फैसला लेना पड़ा। ओयो के अधिकारी का क्या कहना है? कंपनी के नॉर्थ इंडिया के रीजन के हेड पवास शर्मा ने पीटीआई को बताया, “ओयो सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ काम करने के प्रति प्रतिबध्द है। जहां एक तरफ हम व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं। तो वहीं कानून के दायरे में काम करने को लेकर और सामाजिक संस्थाओं की बातों को भी जिम्मेदारी पूर्वक सुन रहे हैं। हम इस पॉलिसी के प्रभाव और नियमों को समय-समय पर रिव्यू करते रहेंगे।’ ओयो का कहना है कि यह प्रोग्राम कंपनी के प्रति पुरानी धारणाओं को बदलना और परिवार, स्टूडेंट्स, बिजनेस, धार्मिक और अकेले यात्रियों को सुरक्षित अनुभव देने वाले ब्रांड में पेश करना है। कंपनी ने कहा इसके जरिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा रूम बुक करने के लिए भी प्रोत्साहित करना है। recent visitors 205

भारत चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क वाला देश बन गया

नई दिल्ली जब भी दुनिया में मेट्रो ट्रेन की बात होती है, भारत की मेट्रो का भी नाम उसमें प्रमुख रूप से शामिल होता है। दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश में मेट्रो रेल नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। भारत में मेट्रो रेल नेटवर्क बढ़कर 1000 किमी का हो गया है। इतने बड़े नेटवर्क के साथ भारत चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क वाला देश बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन के एक्सटेंशन का उद्घाटन करेंगे। साथ ही वह यूपी के साहिबाबाद और दिल्ली के न्यू अशोक नगर के बीच बने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के 13 किलोमीटर लंबे हिस्से का भी उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही दिल्ली के लोग भी नमो भारत ट्रेन में सफर कर मात्र 35 से 40 मिनट में मेरठ पहुंच सकेंगे। दिल्ली में मेट्रो 2002 में शुरू हुई थी। हालांकि भारत में मेट्रो ट्रेन की शुरुआत 1984 में हो गई थी। कोलकाता में पहली मेट्रो ट्रेन चली थी। कितने राज्यों में चलती है मेट्रो? मेट्रो ट्रेन अब सिर्फ दिल्ली और कोलकाता तक ही सीमित नहीं है। देश के कई राज्यों में इसका विस्तार हो गया है। मेट्रो ट्रेन अब देश के 11 राज्यों के 23 शहरों में चलती है। साल 2014 में यह ट्रेन मात्र 5 राज्यों और 5 शहरों में चलती थी। अभी मेट्रो ट्रेन का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश समेत देश के कई राज्यों में इसे चलाने की तैयारी है। कितना बड़ा हो गया नेटवर्क? भारत मेट्रो रेल नेटवर्क 1000 किलोमीटर का हो गया है। इतने बड़े नेटवर्क के साथ भारत का स्थान चीन और अमेरिका के बाद तीसरे स्थान पर है। साल 2014 में मेट्रो रेल नेटवर्क मात्र 248 किलोमीटर का था। ऐसे में पिछले 10 वर्षों में मेट्रो नेटवर्क में 3 गुना वृद्धि हुई है। पिछले साल एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि अगले दो-तीन साल में भारत मेट्रो नेटवर्क के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़कर दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क होगा। कितने यात्री करते हैं सफर? देशभर में मेट्रो से आज रोजाना करीब एक करोड़ यात्री सफर करते हैं। पिछले 10 वर्षों में यात्रियों की संख्या में ढाई गुना वृद्धि हुई है। यह संख्या और तेजी से बढ़ती जा रही है। देशभर में मेट्रो में सफर करने वालों में सबसे ज्यादा संख्या दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की है। दिल्ली में रोजाना औसतन करीब 75 लाख यात्री सफर करते हैं। देश के दूसरे राज्यों में मेट्रो में कम ही यात्री सफर करते हैं। सिर्फ दिल्ली मेट्रो ही फायदे में! इस समय देश के कई हिस्सों में मेट्रो ट्रेन चल रही है। सबसे ज्यादा फायदे में दिल्ली मेट्रो है। देश के कई शहरों में मेट्रो ट्रेन घाटे में चल रही है। उन ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी नहीं है। वहीं बात अगर नमो भारत ट्रेन की करें तो इसे भी अभी भरपूर यात्री नहीं मिल रहे हैं। इस ट्रेन में रोजाना औसतन 10 हजार यात्री सफर कर रहे हैं। दिल्ली मेट्रो की तुलना करें तो अभी सालभर में जितने यात्री नमो भारत में सफर कर रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा यात्री दिल्ली मेट्रो में एक दिन में सफर कर लेते हैं। दिल्ली से कनेक्ट होने के बाद उम्मीद है कि नमो भारत में यात्रियों की संख्या बढ़ेगी। recent visitors 197

जसोल धाम बना श्रद्धा का केंद्र एवं दर्शनीय स्थल, राजस्थान-बालोतरा पहुंचे शिक्षा मंत्री

जयपुर। शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री श्री मदन दिलावर ने बालोतरा जिले के श्री राणी भटियाणी मन्दिर संस्थान, जसोल (जसोल धाम) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री भैरूजी, श्री खेतलाजी, श्री सवाईसिंह जी एवं श्री लाल बन्नासा मंदिरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर संस्थान समिति सदस्य कुं. हरिश्चंद्र सिंह जसोल ने श्री दिलावर को संपूर्ण मंदिर परिसर में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी। इसके बाद शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और विकास कार्यों की सराहना की। शिक्षा के क्षैत्र में मन्दिर का विशेष योगदान— उन्होंने मंदिर प्रबंधन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मंदिर में शिक्षा, खेल, चिकित्सा सहित पर्यावरण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य हुए है। श्री दिलावर ने मन्दिर संस्थान द्वारा एक विद्यालय को गोद लेने और शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है तथा शिक्षा के प्रति एक मजबूत संदेश देता है। मंत्री ने मंदिर परिसर को श्रद्धा का केंद्र और दर्शनीय स्थल बताते हुए कहा कि बहुत ही कम समय में इतना भव्य और सुंदर धार्मिक स्थल बनकर तैयार हुआ है। उन्होंने कहा, "श्री राणीसा भटियाणीसा (मां जसोल) के दर्शन कर एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हुआ। यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा है, साथ ही यहां से हर कोई सकारात्मक ऊर्जा लेकर जाता है।" दिलावर ने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यहां से प्रेरणा लेकर समाज के विकास और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दें। उन्होंने कहा कि मंदिर का यह वातावरण और विकास कार्य सभी के लिए प्रेरणादायक है। राणी भटियाणी मन्दिर संस्थान, जसोल ने शिक्षा को सर्वोपरि मानते हुए जो संकल्प लिया है, वह पूरे क्षेत्र के लिए एक मिसाल है। मंत्री ने संस्थान की इस पहल को एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि यह भविष्य में समाज को नई दिशा देने का कार्य करेगा। recent visitors 259