Thursday, July 9, 2026 8:23 pm

मध्यप्रदेश में 12 जनवरी से हल्की बारिश: कल से ठंड का असर फिर बढ़ेगा

Light rain in Madhya Pradesh from January 12: Effect of cold will increase again from tomorrow भोपाल। मध्यप्रदेश में जनवरी महीने में मावठा यानी, बारिश होने का ट्रेंड है। पिछले 10 में से 8 साल मावठा गिरा है। ऐसा ही मौसम इस बार भी रहेगा। मौसम विभाग ने 12 जनवरी से प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश होने का अनुमान जताया है। ऐसा उत्तर-पश्चिम भारत में 10 जनवरी को एक्टिव होने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से हो सकता है। इससे पहले प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर मंगलवार से शुरू होगा। दिन-रात के पारे में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया- अभी उत्तर भारत में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी है। इस वजह से बर्फीली हवा प्रदेश में आने लगेगी। जिसकी रफ्तार तेज होगी। यह ठंड का असर बढ़ाएगी। दिन-रात दोनों के ही तापमान में गिरावट होगी। इधर, शीतलहर के चलते ग्वालियर और मुरैना में 8वीं क्लास तक के स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। वहीं, भिंड में स्कूलों का समय बदला है। बर्फ पिघलने पर और गिरेगा पारा जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी होने से सर्द हवाएं प्रदेश में आ रही हैं। रविवार को 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम चलती रहीं। इस कारण ठंड का असर है। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी। जिससे हवा की रफ्तार तेज होगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 6 जनवरी: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नीमच और मंदसौर में मध्यम से घना कोहरा रहेगा। 7 जनवरी: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, सिंगरौली, नीमच, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और मंदसौर में मध्यम से घना कोहरा रहेगा। 8 जनवरी: प्रदेश में कोहरा छाने का अनुमान नहीं है। ठंड का असर बढ़ा रहेगा। recent visitors 254

भारत वैश्विक खिलौना निर्यातक के रूप में उभर रहा, खिलौना उद्योग में सफलता की नई ऊंचाईयों को छुआ, निर्यात में 239% की वृद्धि

नई दिल्ली भारतीय खिलौना उद्योग ने पिछले कुछ वर्षों में बहुत बड़ी प्रगति की है। एक नए अध्ययन के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में भारतीय खिलौना उद्योग ने वित्त वर्ष 2015 के मुकाबले आयात में 52% की गिरावट और निर्यात में 239% की वृद्धि देखी है। यह रिपोर्ट "भारत में निर्मित खिलौनों की सफलता की कहानी" पर आधारित है, जिसे भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) लखनऊ ने उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के निर्देश पर तैयार किया। सरकारी प्रयासों से बेहतर हुआ विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार के प्रयासों से भारतीय खिलौना उद्योग के लिए एक बेहतर और अनुकूल विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, 2014 से 2020 तक, छह वर्षों के भीतर विनिर्माण इकाइयों की संख्या दोगुनी हो गई। इसके साथ ही आयातित इनपुट पर निर्भरता 33% से घटकर 12% हो गई और सकल बिक्री मूल्य में 10% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से वृद्धि हुई। इस सबका परिणाम यह हुआ कि श्रम उत्पादकता भी बढ़ी है। भारत वैश्विक खिलौना निर्यातक के रूप में उभर रहा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत अब वैश्विक खिलौना मूल्य श्रृंखला में एक प्रमुख निर्यातक के रूप में उभर रहा है। भारत को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में शून्य-शुल्क बाजार पहुंच भी प्राप्त है। इससे भारतीय खिलौनों को इन देशों में एक मजबूत स्थान मिल रहा है। हालांकि, रिपोर्ट ने यह भी कहा कि भारत को चीन और वियतनाम जैसे खिलौना केंद्रों के मुकाबले एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में स्थापित करने के लिए खिलौना उद्योग और सरकार के बीच निरंतर सहयोग की आवश्यकता है। आवश्यक कदम और प्रयास रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि भारत में खिलौना उद्योग को और भी सशक्त बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने चाहिए। इनमें प्रौद्योगिकी में प्रगति, ई-कॉमर्स का अधिकतम उपयोग, साझेदारी को बढ़ावा देना, निर्यात को बढ़ावा देना, ब्रांड निर्माण में निवेश करना, बच्चों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए शिक्षकों और अभिभावकों को जोड़ना, सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय कारीगरों के साथ सहयोग करना शामिल है।   recent visitors 110

केंद्र सरकार ने कहा- 2024 के पहले 11 महीनों के आंकड़े बताते हैं कि कुल 64.5 मिलियन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों ने की यात्रा

नई दिल्ली भारत के विमानन क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। 2024 के पहले 11 महीनों (जनवरी-नवंबर) के आंकड़े बताते हैं कि कुल 64.5 मिलियन अंतरराष्ट्रीय यात्री यात्रा के लिए भारतीय और विदेशी एयरलाइनों द्वारा ले जाए गए, जो कि 2023 की इसी अवधि के मुकाबले 11.4% की वृद्धि है। आंकड़ों के अनुसार, 64.5 मिलियन यात्रियों में से 29.8 मिलियन यात्रियों को भारतीय एयरलाइंस ने यात्रा कराई, जबकि 34.7 मिलियन यात्रियों को विदेशी एयरलाइनों ने सेवाएं दीं। यह दर्शाता है कि भारतीय वाहकों की हिस्सेदारी बढ़ी है, लेकिन विदेशी एयरलाइनों का भी योगदान महत्वपूर्ण रहा। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार, 2024 के पहले 11 महीनों में घरेलू एयरलाइनों ने 1.02 मिलियन उड़ानें संचालित कीं, जिनमें कुल 146.4 मिलियन यात्रियों ने यात्रा की। पिछले साल (2023) इसी अवधि में 0.97 मिलियन उड़ानें थीं, जिनमें 138.2 मिलियन यात्री थे। इससे यह साफ है कि 2024 में घरेलू यात्री संख्या में भी वृद्धि हुई है, जो 5.9% तक पहुंची है। 17 नवंबर, 2024 को एक नया रिकॉर्ड बना जब 5 लाख घरेलू हवाई यात्री एक ही दिन में यात्रा करने लगे। यह भारतीय विमानन क्षेत्र के बढ़ते प्रभाव और यात्री यातायात को दर्शाता है। भारतीय वायुयान अधिनियम 2024 का प्रभाव 1 जनवरी 2024 से लागू भारतीय वायुयान अधिनियम 2024 का उद्देश्य विमानन क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना है। यह पुराने विमान अधिनियम, 1934 को समकालीन आवश्यकताओं और वैश्विक मानकों के अनुरूप संशोधित करता है। सरकार का कहना है कि यह नया कानून 'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भर भारत पहल को बढ़ावा देगा। साथ ही, इसे शिकागो कन्वेंशन और आईसीएओ जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों से भी संरेखित किया जाएगा, ताकि भारत का विमानन क्षेत्र दुनिया के स्तर से मेल खाता हुआ हो। बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण कदम सरकार ने पिछले वर्ष कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास के कामों को आगे बढ़ाया। वाराणसी, आगरा, दरभंगा और बागडोगरा में नए एयरपोर्ट टर्मिनल्स की नींव रखी गई, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरसावा, रीवा, और अंबिकापुर में नए हवाई अड्डों का उद्घाटन किया, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार हुआ। सरकार ने देश भर में 21 ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के निर्माण के लिए 'सैद्धांतिक' मंजूरी भी दी है। यह कदम भारत के विमानन क्षेत्र के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लैंगिक समानता और पर्यावरण पर जोर विमानन क्षेत्र में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय ने सभी हितधारकों से आग्रह किया है कि वे 2025 तक भारतीय विमानन उद्योग में महिलाओं की संख्या को 25 प्रतिशत तक बढ़ाएं। इसके अलावा, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने हवाई अड्डों पर हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय के अनुसार, 80 हवाई अड्डों ने 100% हरित ऊर्जा का उपयोग शुरू कर दिया है और 12 हवाई अड्डे 2024 तक इस दिशा में कदम उठा लेंगे।   recent visitors 115

9वें अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध महोत्सव के प्रसार-प्रचार के लिए पोस्टर विमोचन

Poster released for promotion of 9th International Buddhist Festival भोपाल। “दी बुद्धभूमि धम्मदूत संघ” के तत्वावधान में 5 जनवरी को दोपहर 03 बजे बुद्धभूमि महाविहार मॉनेस्ट्री, चूनाभट्टी कोलार रोड भोपाल में ‘9वें अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध महोत्सव’ की तैयारियों और प्रचार-प्रसार के लिए पैम्फलेट (पोस्टर) का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो (मुख्य संयोजक) और नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी द्वारा भगवान बुद्ध और डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित करके किया गया। भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो ने उपस्थित सभी उपासक-उपासिकाओं को त्रिशरण पंचशील प्रदान किया। भगवान बुद्ध के विचारों को हर वर्ग तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है महोत्सव : सूर्यवंशी कार्यक्रम में निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भगवान बुद्ध के महान विचारों और आदर्शों को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस महोत्सव को शांति, करुणा, अहिंसा, मैत्री और सत्य के मूल्यों को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। साथ ही उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की। वैश्विक स्तर पर बौद्ध महोत्सव की पहचान को मजबूत करना : भंते शाक्यपुत्र आशीर्वचन देते हुए भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो (मुख्य संयोजक) ने कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से भगवान बुद्ध के सिद्धांतों को समाज के सभी वर्गों तक पहुँचाना, इसे वैश्विक स्तर पर बौद्ध महोत्सव की पहचान को मजबूत करना और शांति, करुणा व मैत्री के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प दिलाना है। महोत्सव की तैयारियों और उद्देश्यों पर विचार-विमर्श बैठक में बुद्धभूमि महाविहार उपासक संघ एवं मैत्रीय बुद्ध महाविहार उपासिका संघ के पदाधिकारियों ने महोत्सव की तैयारियों और उद्देश्यों पर विचार-विमर्श किया। इस महोत्सव में थाईलैंड, श्रीलंका, वियतनाम, म्यांमार, लाओस, और कंबोडिया सहित कई देशों के बौद्ध धर्मगुरु भाग लेंगे। कार्यक्रम के अंत में भंते राहुलपुत्र ने सभी अतिथियों, उपासकों, उपासिकाओं और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर चंद्रप्रकाश गोलाइत, वंदना मुलताईकर, रामप्रसाद सिलोरिया, सुनीता शेजवाल, सुशीला गजभिये, रवींद्र बांगरे, धनंजय जाँभूलकर, संदीप वकोड़े, पी जे पूसे, बीडी अहिरवार, डॉ विक्रम चौधरी, सोनू बरसाकर आदि शेकड़ों उपासक- उपासिका विशेष रूप से उपस्थित थे। recent visitors 110

युवा शिक्षित व संगठित होकर कार्य करें तो प्रगति होगी : किशन सूर्यवंशी 

If the youth work in an educated and organized manner, there will be progress: Kishan Suryavanshi  भोपाल। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा है कि युवा शिक्षित और संगठित होकर कार्य करें और समाज एवं देश का नाम रोशन करें। अध्यक्ष सूर्यवंशी ने बसोर वंशकार समाज युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में व्यक्त किए। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने रविवार को हिन्दी भवन में प्रगतिशील कर्मयोगी बसोर समाज विकास संगठन द्वारा आयोजित बसोर वंशकार समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।  निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने परिचय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह के आयोजन पर आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि निश्चित ही समाज द्वारा इस प्रकार के आयोजन एवं इसमें युवक-युवती द्वारा प्रदर्शित आत्म विश्वास अन्य समाजों को भी दिशा देने का कार्य करेगा। सूर्यवंशी ने भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अम्बेड़कर के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहब ने शिक्षा पर जोर दिया है और समाज को शिक्षित, संगठित व संघर्षशील रहने का मंत्र दिया है।  सूर्यवंशी ने बाबा साहब के आदर्शों का अनुसरण करने का आव्हान भी किया। सूर्यवंशी ने परिचय सम्मेलन के सहभागी युवक-युवतियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी। इस अवसर पर आयोजकों द्वारा अध्यक्ष श्री सूर्यवंशी का सम्मान भी किया गया। सम्मेलन में पार्षद शिवलाल मकोरिया, प्रगतिशील कर्मयोगी बसोर समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शारदा प्रसाद बम्हन के अलावा अशोक सैनी, राकेश कुकरेजा, मेवालाल कनर्जी सहित बड़ी संख्या में समाज संगठन के पदाधिकारी एवं स्व जातीय बंधु व गणमान्य नागरिक मौजूद थे। recent visitors 115

रतलाम में पुलिस ने चलाया अभियान, भगवान भरोसे चल रहा ATM, बैंकों में गार्ड नदारद, प्रशासन ने उठाया ये कड़ा कदम

रतलाम सुरक्षा प्रबंधन की पड़ताल करने के लिए जब रतलाम पुलिस ने अभियान चलाया तो पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए. कई बैंक में सुरक्षा गार्ड तक नहीं मिले. इसके अलावा एटीएम भी भगवान भरोसे चल रहा था. पुलिस प्रशासन अधिकारियों को सुरक्षा प्रबंधन को लेकर निर्देश दिए हैं. रतलाम एसपी अमित कुमार के निर्देश पर जिलेभर में बैंकों की सुरक्षा को लेकर अभियान चलाया गया है. इस अभियान के तहत सभी थाना क्षेत्र में स्थित बैंक और एटीएम को सुरक्षा दृष्टि से चेक किया गया. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बैंक प्रबंधन से सीसीटीवी कैमरे की जानकारी लेने के साथ-साथ रिकॉर्डिंग के संबंध में भी जांच पड़ताल की गई. इसके अलावा सुरक्षा गार्ड के बारे में भी पुलिस ने लिखित जानकारी रजिस्टर में दर्ज की. बैंक अधिकारियों से यह भी पता लगाया गया कि उनके बैंक में सुरक्षा अलार्म सिस्टम चालू है या नहीं. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा. बैंकों को गार्ड रखने के निर्देश पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रत्येक दिन बीट अधिकारी द्वारा बैंक या एटीएम की जांच के बाद रजिस्टर में एंट्री की जाती है. पुलिस अधिकारियों ने रजिस्टर भी चेक किया तथा इस बात की भी तस्दीक की गई कि समय पर बीट अधिकारी द्वारा बैंक और एटीएम की जांच की जा रही है या नहीं. पुलिस कप्तान ने बताया कि जिन बैंकों में सुरक्षा गार्ड नहीं है, वहां पर गार्ड रखने के निर्देश भी प्रबंधन को दिए गए हैं. बैंकिंग फ्रॉड से बचने के तरीके बताए गए इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे की लगातार मॉनिटरिंग करने को भी कहा गया है पुलिस प्रशासन की ओर से कुछ और कमियां भी सुरक्षा की दृष्टि से बताई गई है, जिसे पुलिस अधिकारियों ने सार्वजनिक नहीं किया है. पुलिस ने बैंक के सुरक्षा प्रबंधन की जांच करने के साथ-साथ बैंकिंग फ्रॉड से बचने के तरीके से भी ग्राहकों का अवगत कराया. डिजिटल अरेस्टिंग, ऑनलाइन ट्रेंडिंग एप फ्रॉड के बारे में भी ग्राहकों को जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक किया. recent visitors 61

ग्वालियर में शीतलहर को देखते हुए 7 जनवरी से 31 जनवरी तक स्कूलों का समय बदला, आज रहेगी छुट्टी

ग्वालियर ग्वालियर में कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए 6 जनवरी को अवकाश घोषित किया है। 7 जनवरी से 31 जनवरी तक स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक कर दिया गया है। यह आदेश सरकारी और गैर-सरकारी सभी स्कूलों, आईसीएससी और सीबीएसई स्कूलों पर लागू होगा। परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार को निर्देशित किया, जिसके बाद यह आदेश जारी किया गया। आदेश में यह भी उल्लेख है कि परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी। इससे पहले, 5 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश के चलते स्कूल बंद थे। स्कूलों के समय में बदलाव बच्चों को ठंड से बचाने के उद्देश्य से लिए गए इस निर्णय के तहत स्कूलों के समय में बदलाव कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन ने सभी स्कूलों को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय जिले में बढ़ती ठंड और गिरते पारे को देखते हुए लिया गया है, जिससे बच्चों को शीतलहर से बचाया जा सके। recent visitors 56