Bijapur Attack: 4 साल पहले की प्लानिंग, बिछाया था 70 किलो IED, ले ली जवानो की जान

जगदलपुर बीजापुर जिला मुख्यालय से 55 किमी दूर कुटरू-बेदरे मार्ग पर अंबेली गांव के पास चार वर्ष पहले बिछाए गए 70 किलो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के डेटोनेटर को ट्रिगर कर नक्सलियों ने सोमवार की दोपहर जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) जवानों के स्कॉर्पियो एसयूवी वाहन को उड़ाया था। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि जहां विस्फोट हुआ वहां सीमेंट की एक फीट मोटाई की सड़क फट गई और वहां दस फीट गहरा और 25 फीट व्यास का गड्ढा बन गया। विस्फोट के बाद जवानों के शरीर के अंग व स्कार्पियो एसयूवी वाहन के कलपुर्जे 500 मीटर के दायरे में बिखर गए। क्या होता है ट्रिगर आईईडी, कैसे बिछाया था कुटरु से बेदरे तक की सड़क लगभग दस वर्ष पहले डामरीकरण हुआ था। कुछ वर्ष बाद पुल और सड़क का हिस्सा बारिश में बह गया। 2020 में मरम्मत की गई तो नक्सलियों ने सड़क के मध्य जोड़ वाले हिस्से में ट्रिगर आईईडी बिछा दिया। नक्सिलयों ने फॉक्स होल तकनीक से सुरंग खोदकर 70 किलो से अधिक वजनी ट्रिगर आईईडी बिछाया, ताकि जवानों को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाया जा सके। सालों बाद अब उनके मंसूबे कामयाब भी रहे। ट्रिगर आईईडी वह होता है, जिसमें आईईडी को किसी बैटरी, रिमोट कंट्रोल, इंफ्रारेड, मैग्नेटिक या ट्रिप वायर की सहायता से ट्रिगर किया जा सके। अब मौका देखकर इस आईईडी काे ट्रिप वायर तकनीक से ट्रिगर कर विस्फोट कर दिया। पेड़ के नीचे दबाया स्वीच, 300 मीटर दूर से विस्फोट नक्सलियों ने सड़क के नीचे बिछे आईईडी को ट्रिगर करने पास ही एक पेड़ की जड़ के पास डेटोनेटर को जोड़ता हुआ स्वीच जमीन के नीचे दबाकर ऊपर से मिट्टी और पत्थर डाल दिया था, ताकि बम निरोधक दस्ता इसका पता ना लगा सके। निशानी के लिए पेड़ की छाल को छील दिया गया था, ताकि वक्त आने पर इसमें विस्फोट किया जा सके। सोमवार को जब सुरक्षा बल के जवान बेदरे से निकले, तो नक्सलियों ने विस्फोट की तैयारी कर ली। पेड़ के नीचे दबे स्वीच को तार से जोड़कर वहां से लगभग 300 मीटर दूर जंगल तक एक पेड़ के नीचे तक ले जाया गया। वहीं से निशाना साधकर जवानों के कारकेड के 11 वें नबंर की गाड़ी को विस्फोट से उड़ाया गया। इस विस्फोट से 200 मीटर पीछे चल रही वाहन का कांच भी टूट गया। 1990 के दशक में पहला विस्फोट नक्सलियों के आईईडी के प्रयोग की योजना बनाने का पहला साक्ष्य 1986 के दशक में तत्कालीन आंध्र प्रदेश के वारंगल जिले के नचिनापल्ली गांव में गोलीबारी के दौरान पुलिस को मिले एक नोटबुक में था। इसमें बताया गया था कि नक्सली बारूदी सुरंग बिछाने और आइईडी का प्रयोग की तकनीक सीख रहे हैं। इसके बाद 1990 के दशक में अविभाजित बस्तर जिले के कोंटा क्षेत्र में नक्सलियों ने पहली बारूदी सुरंग विस्फोट कर पुलिस के वाहन को निशाना बनाया था। इसके दो वर्ष बाद 1992 में उत्तर बस्तर के बड़े डोंगर में चुनाव वाहन को उड़ाने के बाद से नक्सलियों ने बारूदी सुरंग विस्फोट को अपना प्रमुख हथियार बना लिया, क्योंकि इससे बिना किसी खतरे के अधिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से पिछले 24 वर्ष में अब तक 1197 बारुदी सुरंग विस्फोट की ऐसी घटनाओं में 1313 सुरक्षा बल के जवान व आम नागरिक मारे जा चुके हैं। recent visitors 59

4 की मौत और 3 घायल, अजमेर दरगाह से लौट रहे इंदौर के परिवार की कार टैंकर से भिड़ी

अजमेर/उज्जैन। उज्जैन जिले के नागदा में आज सुबह 5:30 बजे एक भयानक हादसा हो गया। जहां अजमेर से जियारत कर लौट रहे इंदौर के परिवार का जावरा नागदा रोड पर स्थित गांव बेड़ावन्या के पास एक्सीडेंट हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि इनोवा के परखच्चे उड़ गए। ड्राइविंग सीट पर फंसे शव को निकालने के लिए कार काटनी पड़ी। हादसे में कार सवार 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 घायल हैं। सभी मृतक इंदौर के रहने वाले थे। कार में सवार ऐजाज को कोई चोट नहीं लगी है। ऐजाज ने बताया- हम आठ लोग इंदौर से 23 अक्टूबर को अजमेर के लिए निकले थे। शुक्रवार सुबह लौटते वक्त एक पेट्रोल टैंकर और एक ट्रक हमारी गाड़ी के पीछे थे। कुछ देर बाद टैंकर ने हमारी कार को ओवरटेक किया। इसी दौरान गाड़ी टैंकर से जा भिड़ी। हादसे में इनकी गई जान 1. इमरान पुत्र इज्जत नूर, 40 साल, निवासी कड़ाव घाट, इंदौर 2. आसिफ पुत्र अहमद मंसूरी, 35 साल, निवासी पिंजारा बाखल, इंदौर 3. अब्दुल मन्नान पुत्र अब्दुल गफ्फार, निवासी झलारिया, इंदौर 4. समीर पुत्र हाजी हफीज खान, निवासी झलारिया, इंदौर ये हुए घायल 1. जुबैर पुत्र जाकिर, 30 साल, इंदौर 2. समीर पुत्र रशीद, 25 साल, निवासी सांवेर, इंदौर 3. ओसामा पुत्र सिद्दीक, 25 साल, निवासी सांवेर, इंदौर recent visitors 96

स्कूली बच्चों से 4 की मौत, झारखंड-रामगढ़ में ट्रक ने ऑटो रिक्शा को रौंदा

रांची। बुधवार को झारखंड के रामगढ़ में दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां एक स्कूली रिक्शा और ट्रक की टक्कर में 3 बच्चों समेत चार की मौत हो गई। इस दुर्घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि मामला बुधवार की सुबह का है। यहां के गोला पुलिस थाना क्षेत्र में ऑटोरिक्शा और ट्रक की टक्कर में तीन बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना को लेकर जानकारी देते हुए रामगढ़ के एसपी अजय कुमार ने बताया कि स्कूल के छात्र ऑटोरिक्शा से स्कूला जा रहे थे। इस दौरान एक ट्रक ने सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी खतरनाक थी कि ऑटोरिक्शा में बैठे तीन स्कूली बच्चों समेत ड्राइवर की भी मौत हो गई। मामला रामगढ़ के गोला थाना क्षेत्र का है। यहां के गुडविल स्कूल के बच्चे रिक्शे से जा रहे थे। ऑटोरिक्शा तिरला मोड़ पर पहुंचने के बाद हादसा हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में तीन बच्चों समेत ड्राइवर की मौत हो गई। इसके साथ ही दर्जनभर बच्चे घायल भी हुए हैं। कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। recent visitors 78

BSF इंस्पेक्टर से ठगी मामले की जाँच पड़ताल तेज, चार बैंक खातों में ट्रांसफर हुई थी रकम

ग्वालियर बीएसएफ टेकनपुर के इंस्पेक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी गई 71.25 लाख की रकम कर्नाटक, औरंगाबाद और गुड़गांव के चार बैंक खातों में पहुंची है। जांच में पता चला है कि जिन बैंक खातों में ठगी के रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है, उनमें से दो खाते बंधन बैंक, एक खाता बैंक ऑफ सिंगापुर, एक बैंक ऑफ बड़ौदा का है। जैसे ही इस बात का पता चला साइबर टीम ने इन खातों की पड़ताल करना शुरू कर दी है। ठगों ने बीएसएफ टेकनपुर में पदस्थ इंस्पेक्टर अबसार अहमद को मुंबई साइबर और क्राइम ब्रांच के नकली अफसर बनकर ठगी था। एसपी ऑफिस पहुंचकर सुनाई थी आपबीती इंस्पेक्टर अबसार अहमद निवासी मऊ जिला, उत्तर प्रदेश ने ग्वालियर के एसपी ऑफिस पहुंचकर आपबीती सुनाई थी। उन्होंने बताया था कि दो दिसंबर 2024 को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया था। सामने वाले ने खुद को पुलिस अफसर बताते हुए कहा कि आपके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तारी वारंट है। इसके अलावा कई और आरोप लगाते हुए पूरे परिवार को गिरफ्तार करने की बात कही। बचने के लिए रुपये जमा कराने के लिए कहा था। इस दौरान तकरीबन 34 ट्रांजेक्शन हुए, जिसमें 71.25 लाख रुपये बीएसएफ इंस्पेक्टर ने वीडियो कॉल करने वाले ठगों के खाते में जमा करा दिए थे। कियोस्क सेंटर संचालक से आठ हजार की ठगी ठगी के एक अन्य मामले में ग्वालियर के कैलारस कस्बे में मंगलवार की दोपहर एक कियोस्क सेंटर संचालक ठगी का शिकार हो गया। हुआ यूं, कि लक्ष्मण पुत्र जगन्नाथ धाकड़ की एमएस रोड स्थित इंडियन पेट्रोल पंप के पास स्थित कृष्णा कंप्यूटर नाम से कियोस्क सेंटर है। मंगलवार की दोपहर एक युवक आया, जिसने एक मोबाइल नंबर देते हुए, लक्ष्मण से कहा, कि मैं आपको आठ हजार रुपये नगद दे रहा हूं, इस नंबर पर आठ हजार रुपये ट्रांसफर कर दीजिए, इसके बदले में जो फीस लगती है वह भी दे दूंगा। बकौल लक्ष्मण धाकड़, उसने बताए गए नंबर पर आठ हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए, इसके बाद वह युवक बिना आठ हजार रुपये की नगदी दिए वहां से भाग गया। कैलारस पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ ठगी की धाराओं में केस दर्ज किया है। recent visitors 56

ताजा पोस्ट से भड़की सरकार और बढ़ा तनाव, कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बनाने पर तुले ट्रंप

वाशिंगटन। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाथ धोकर कनाडा के पीछे पड़ गए हैं। ट्रंप, कनाडा को आर्थिक ताकत के बल पर अमेरिका का हिस्सा बनाने की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं। अब एक ताजा सोशल मीडिया पोस्ट में कनाडा और अमेरिका का साझा नक्शा पोस्ट किया और उसे संयुक्त राज्य अमेरिका लिखा। ट्रंप के इस पोस्ट पर कई कनाडाई नेताओं ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। गौरतलब है कि ट्रंप ने फ्लोरिडा स्थित अपने आवास में मीडिया से बात करते हुए कनाडा को अमेरिका में मिलाने और उसे अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की इच्छा व्यक्त की थी। कनाडा के पीएम ने जताई नाराजगी अब कनाडा और अमेरिका का साझा नक्शा पोस्ट कर उसे संयुक्त राज्य अमेरिका बताने वाली ट्रंप की पोस्ट पर कनाडा के नेताओं ने नाराजगी जताई। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ट्रंप के बयान पर कहा कि कनाडा के अमेरिका का हिस्सा बनने की कोई संभावना नहीं है। कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जॉली ने कहा कि ट्रंप का बयान 'कनाडा को एक मजबूत देश बनाने वाली चीजों के बारे में समझ की कमी को दिखाती है। हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत है। हमारे लोग मजबूत हैं।' उन्होंने कहा, 'हम खतरों के सामने कभी पीछे नहीं हटेंगे।' ट्रंप के बयानों से बढ़ा तनाव उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने पनामा नहर और ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए सैन्य बल के इस्तेमाल की संभावना से भी इनकार नहीं किया। उन्होंने दोनों पर अमेरिका के नियंत्रण को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। ट्रंप ने कहा कि पनामा नहर हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण है। हमें राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों के लिए ग्रीनलैंड की भी जरूरत है।' गौरतलब है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है, जो लंबे समय से अमेरिका का सहयोगी और नाटो का संस्थापक सदस्य है। ट्रम्प ने डेनमार्क पर टैरिफ लगाने का भी प्रस्ताव दिया है कि अगर डेनमार्क, ग्रीनलैंड को खरीदने के उनके प्रस्ताव को अस्वीकार करता है तो वे डेनमार्क पर टैरिफ लगा सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर पनामा और डेनमार्क ने दी प्रतिक्रिया पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-आचा ने ट्रम्प की धमकी को दृढ़ता से खारिज करते हुए कहा, 'नहर पनामा के नियंत्रण में है, और यह हमारे ही नियंत्रण में रहेगी।' वहीं डेनमार्क ने भी दृढ़ता से कहा कि ग्रीनलैंड 'बिक्री के लिए नहीं है।' डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने मंगलवार रात कहा, 'मुझे नहीं लगता कि जब हम करीबी सहयोगी और साझेदार हैं, तो वित्तीय मुद्दों पर एक दूसरे पर टकराना अच्छी बात नहीं है।' recent visitors 84

सेना और एनडीआरएफ ने निकाला एक शव, असम की कोयला खदान धसने से आठ श्रमिक दबे

दिशपुर/नई दिल्ली। असम के पास दीमा हसाओ जिले में सोमवार को कोयला खदान में पानी भरने के बाद नौ श्रमिक फंस गए थे। बुधवार सुबह सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान के दौरान खदान से एक शव बरामद किया। खदान में अभी भी आठ श्रमिक फंसे हुए हैं। इसके बाद सेना, असम राइफल्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान तेज कर दिया है। दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो के तीन किलो क्षेत्र में कोयला खदान में सोमवार को 300 फीट गहरे खदान में अचानक पानी भर गया था। इस खदान में नौ श्रमिक फंस गए थे। इसके बाद भारतीय सेना और स्थानीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने त्वरित और प्रभावी तरीके से बचाव अभियान की शुरुआत की। मंगलवार शाम को बचाव अभियान को रोक दिया गया था। बुधवार सुबह इसे फिर से शुरू किया गया। इसके बाद बचाव टीमों ने खदान से एक शव बरामद किया। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि 21 पैरा गोताखोरों ने खदान से एक शव बरामद किया है। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। वहीं एनडीआरएफ के कमांडेंट एन तिवारी ने बताया कि श्रमिकों को निकालने के लिए 24 घंटे काम चल रहा है। जल्द ही हम श्रमिकों तक पहुंच जाएंगे। अभी सेना की टीम यहां काम कर रही है। जल्द ही नौसैनिक भी यहां पहुंच जाएंगे। वहीं खदान में काम करने वाले एक श्रमिक ने बताया कि मेरा भाई खदान में फंसा है। खदान में अचानक लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि पानी भर रहा है। 30-35 लोग बाहर आ गए और 15-16 लोग फंस गए। एक युवक गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज मामले में असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि पुलिस ने घटना की जांच के लिए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(1) के साथ धारा 3(5)/105 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह एक अवैध खदान लगती है। मामले के संबंध में पुनीश नुनिसा नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। मैंने माननीय केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डर से भी बात की। उनसे उमरंगसू में बचाव अभियान के लिए सहायता मांगी है। उन्होंने तुरंत कोल इंडिया मुख्यालय को निर्देश जारी किए हैं। इस मिशन में असम सरकार को पूर्ण सहयोग देने के लिए मैं उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। वाटरिंग पंप मंगाया जा रहा खदान में भरे पानी को निकालने के लिए डी वाटरिंग पंप मंगाया गया है। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि बचाव अभियान जोरों पर है। सेना और एनडीआरएफ के गोताखोर खदान में उतर चुके हैं। नौसेना के जवान मौके पर हैं और उनके बाद गोता लगाने की अंतिम तैयारियां कर रहे हैं। इस बीच एसडीआरएफ के डी-वाटरिंग पंप उमरंगशु से घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। ओएनजीसी के डी-वाटरिंग पंप को कुंभीग्राम में एमआई-17 हेलीकॉप्टर पर लोड किया गया है।     21 Para divers have just recovered a lifeless body from the bottom of the well. Our thoughts and prayers are with the grieving family.     — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 8, 2025 recent visitors 74

भोपाल को यूनेस्को की साहित्य नगरी के रूप में मिलेगी वैश्विक पहचान : राज्य मंत्री लोधी

भोपाल बनेगा विश्व का साहित्यिक और सांस्कृतिक केंद्र : महापौर श्रीमती राय भोपाल की साहित्यिक विरासत को दुनिया के सामने लाने का प्रयास : प्रमुख सचिव श्री शुक्ला महापौर ने भोपाल को साहित्य के क्षेत्र में नामित किए जाने के लिए यूनेस्को को भेजे जाने वाले एप्लीकेशन और डिक्लेरेशन पर किए हस्ताक्षर भोपाल पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा है कि समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और नैसर्गिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध भोपाल को यूनेस्को में विश्व की साहित्य नगरी के रूप में पहचान दिलाई जाएगी। भोपाल को साहित्य सृजन, संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में वैश्विक पहचान मिलेगी। राज्य मंत्री श्री लोधी, मुल्ला रमूजी संस्कृति भवन में यूनेस्को की क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में भोपाल को साहित्य के क्षेत्र में नामित करने के प्रस्ताव पर हितधारक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि इससे भोपाल के साहित्य और साहित्यकारों को वैश्विक मंच मिलेगा। साथ ही भोपाल के शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को गति मिलेगी। महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय ने भोपाल को साहित्य के क्षेत्र में नामित किए जाने के लिए एप्लीकेशन और डिक्लेरेशन पर हस्ताक्षर किए। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि यूनेस्को द्वारा भोपाल को साहित्य नगरी घोषित किए जाने के हर संभव प्रयास किए जायेंगे। इस उपलब्धि से भोपाल शहर का गौरव बढ़ेगा। आने वाले समय में भोपाल विश्व का साहित्यिक और सांस्कृतिक केंद्र बनेगा। प्रमुख सचिव संस्कृति, पर्यटन और प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि यूनेस्को की क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में भोपाल को साहित्य के क्षेत्र में नामित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे भोपाल की साहित्यिक विरासत दुनिया के सामने आयेगी। यूनेस्को ने साहित्य के क्षेत्र में 39 देशों के 53 शहरों को क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में शामिल किया है। पिछले वर्ष केरल के कोझिकोड शहर को यूनेस्को ने साहित्य के क्षेत्र में शामिल किया था। भोपाल को देश का दूसरा शहर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्वालियर को यूनेस्को द्वारा म्यूजिक सिटी का दर्जा दिए जाने के बाद से ग्वालियर में युवाओं में संगीत के प्रति रुझान बढ़ा है। इसी तरह भोपाल को साहित्य नगरी का दर्जा मिलने के साथ ही युवा भी साहित्य सृजन और पठन के प्रति आकर्षित होंगें। भोपाल को यूनेस्को की क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में शामिल किए जाने के डोजियर को मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा तैयार किया गया है। इसे संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार को भेजा जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय द्वारा अनुमोदित होने पर डोजियर यूनेस्को को मूल्यांकन के लिए प्रेषित किया जाएगा। संगोष्ठी में हितधारकों को यूनेस्को के क्रिएटिव सिटी नेटवर्क की जानकारी देते हुए बताया गया कि यूनेस्को द्वारा शहरों को 7 श्रेणियों में मान्यता दी जाती है। इसमें शिल्प और लोक कला, रचना, फिल्म, पाक कला, साहित्य, संगीत और मीडिया आर्ट शामिल है। महाराजा भोज के द्वारा 1010 ईसवी में साहित्य सृजन से शुरू हुई स्वर्णिम विरासत भोपाल को साहित्य सृजन और संरक्षण के क्षेत्र में विशेष बनाती हैं। हिंदी के साथ साथ उर्दू, सिंधी, पंजाबी आदि भाषाओं में साहित्यकारों द्वारा भोपाल में साहित्य सृजन किया गया है। भोपाल में संस्कृति विभाग द्वारा 150 से ज्यादा सांस्कृतिक और साहित्यिक आयोजन और भारत भवन द्वारा 20 से अधिक वार्षिक आयोजन किए जाते हैं। भोपाल में 70 से अधिक लाइब्रेरी और रीडिंग सेंटर्स है। इसके साथ ही समुदायों और संस्थाओं के सहयोग से विभिन्न साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन भोपाल में किया जाता है। संगोष्ठी में प्रेजेंटेशन से हितधारकों को भोपाल को साहित्य नगरी का दर्जा दिलाने के लिए शहर में हो रहे साहित्यिक कार्यक्रम और गतिविधियों, संकलन, एग्जिबिशन और आयोजन की जानकारी के साथ अगले 4 वर्षों में साहित्य के प्रचार-प्रसार और संवर्धन के लिए किए जाने वाले प्रयासों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर संचालक संस्कृति श्री एन.पी. नामदेव, अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड सुश्री बिदिशा मुखर्जी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद के अन्तर्गत उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी, आदिवासी लाके कला एवं बोली विकास अकादमी, साहित्य अकादमी, कालिदास संस्कृत अकादमी, सिंधी साहित्य अकादमी, मराठी साहित्य अकादमी, भोजपुरी साहित्य अकादमी, पंजाबी साहित्य अकादमी आदि के निदेशक और प्रतिनिधि, साहित्यकार और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहें।   recent visitors 141