Tuesday, July 7, 2026 2:44 am

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को एफआरयू बनाने के लिये आवश्यक व्यवस्थाएं करें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न विषयों की गहन समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्यों के साथ ही वहां आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता और आवश्यक मैनपॉवर की भर्ती की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। इससे स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं का सुचारू और समय पर प्रदाय सुनिश्चित होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ब्लड स्टोरेज यूनिट की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में विकसित करने के लिये अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ भी की जायें। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ होंगी और जिला अस्पतालों पर बढ़ते भार को भी कम किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के सशक्तीकरण से संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित किया जा सकेगा, जिससे मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में महत्वपूर्ण सुधार होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मेडिकल टीचर्स की लंबित मांगों पर हुई कार्यवाही की जानकारी भी प्राप्त की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक विषयों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य श्री तरुण राठी, एमडी एमपी-पीएचएससीएल श्री मयंक अग्रवाल उपस्थित रहे।   recent visitors 48

एक जिला-एक औषधीय उत्पाद” की शुरुआत चयनित 5 जिलों से करें: आयुष मंत्री परमार

"धरती आबा अभियान" अंतर्गत पोषण वाटिका एवं औषधीय उद्यान (हर्बल गार्डन) विकसित करने की बनाएं कार्य योजना आयुष मंत्री की अध्यक्षता में मप्र राज्य औषधीय पादप बोर्ड की बैठक हुई भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने देवारण्य योजना 2.0 के अंतर्गत "एक जिला-एक औषधीय उत्पाद" योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रथम चरण में प्रदेश के 5 जिलों का चयन कर, समग्र कार्य योजना बनाकर आवश्यक क्रियान्वयन के निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार मंत्रालय में म.प्र. राज्य औषधीय पादप बोर्ड के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मंत्री श्री परमार ने बोर्ड के कार्यों की प्रगति एवं आगामी कार्य योजना की गहन समीक्षा कर, विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक चर्चा की। उन्होंने प्रदेश का औषधीय मैप तैयार करने एवं अन्य फसलों की तरह समस्त औषधीय फसलों को फसल गिरदावरी में सम्मिलित कराने के लिए व्यापक कार्य योजना तैयार कर क्रियान्वयन करने को भी कहा। मंत्री श्री परमार ने औषधीय पौधों की एम.एस.पी. के निर्धारण के लिए वन विभाग, मनरेगा, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग तैयार कर समन्वय कर व्यापक कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने "धरती आबा अभियान" में पोषण वाटिका एवं रेसिडेंशियल स्कूलों में भी औषधीय उद्यान के विकास के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने आयुष विभाग अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों में औषधीय उद्यान (हर्बल गार्डन) विकसित करने को भी कहा। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त आयुष श्रीमति उमा आर. माहेश्वरी और अपर सचिव आयुष एवं बोर्ड के सीईओ श्री संजय कुमार मिश्र सहित विभिन्न अधिकारीगण उपस्थित थे।   recent visitors 49

आयुष मंत्री ने मंत्रालय में आयुष महाविद्यालय के लिए की विभागीय समीक्षा

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि वैद्यों के परम्परागत ज्ञान को, शोध के आधार पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में दस्तावेजीकरण करने की आवश्यकता है। इसके लिए प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों सहित समस्त क्षेत्रों में पीढ़ी दर पीढ़ी कार्य कर रहे पारम्परिक वैद्यों का, प्रदेशव्यापी पंजीयन कर उनके ज्ञान को सहेजने के लिए आवश्यक कार्य योजना बनाएं। मंत्री श्री परमार मंगलवार को मंत्रालय में आयुष विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त आयुष श्रीमति उमा आर. माहेश्वरी और अपर सचिव आयुष श्री संजय कुमार मिश्र सहित विभिन्न अधिकारीगण शामिल थे। आयुष मंत्री श्री परमार ने विभाग के अंतर्गत संचालित संस्थाओं में मानव संसाधनों की जानकारी प्राप्त कर, रिक्त पदों की पूर्ति प्रक्रिया नियत समयावधि पर पूर्ण करने को कहा। उन्होंने अनुकम्पा नियुक्ति सम्बंधी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए। लोक सेवकों की सीआर ऑनलाइन करने, विभागीय जांच एवं न्यायालयीन प्रकरणों को यथाशीघ्र निराकरण करने को कहा। श्री परमार ने कहा कि निजी आयुष महाविद्यालयों के शिक्षण शुल्क का पारदर्शितापूर्व पूर्ननिर्धारण कर ताकि विद्यार्थियों को प्रवेश के समय कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। मंत्री श्री परमार ने आयुष महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं अकादमिक कैलेंडर का दृढ़ता से पालन करने के लिए और विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के परीक्षण के लिए व्यापक कार्य योजना के साथ क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग अंतर्गत संचालित संस्थाओं की गुणवत्ता वृद्धि के लिए संसाधनों की पूर्ति, निर्माण एवं सुधार कार्यों के लिए वास्तविक आवश्यकता अनुरूप उपलब्ध बजट का उपयोग सुनिश्चित करें। मंत्री ने कहा कि निर्माण एजेंसी के साथ नियमित बैठक कर विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें। आयुष मंत्री श्री परमार ने राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत किए जा रहे निर्माण कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने यूनानी फार्मेसी भोपाल एवं आयुर्वेद फार्मेसी ग्वालियर की क्षमता वृद्धि के लिए मानव संसाधन, भवन उन्नयन, उपकरण एवं मशीनरी आदि की उपलब्धता नियत समयावधि पर सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्रदेश के समस्त आयुर्वेद महाविद्यालयों में फार्मेसी एवं औषधीय उद्यान विकसित करने के लिए व्यापक कार्य योजना के साथ क्रियान्वयन करें। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में पाई जाने वाली दुर्लभ औषधियों के दस्तावेजीकरण करने को कहा। उन्होंने प्रदेश के समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पदस्थ मानव संसाधनों के उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण के साथ, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का एनएबीच प्रमाणीकरण करने के लिए व्यापक प्रयास करने को भी कहा। उन्होंने महाविद्यालयों एवं चिकित्सालयों में ओपीडी एवं आईपीडी को ऑनलाइन करने सहित आवश्यक सुधार को लेकर भी कार्य योजना तैयार करने को कहा। मंत्री श्री परमार ने समस्त आयुष महाविद्यालयों एवं चिकित्सालयों को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में अधिमान्यता प्राप्त किए जाने के लिए सार्थक प्रयास करने को कहा। उन्होंने यूनानी चिकित्सा शिक्षा को हिन्दी भाषा में अध्ययन की सुविधा प्रदान करने के लिए, यूनानी पाठ्यक्रमों का हिन्दी भाषा में शीघ्र अनुवाद सुनिश्चित कर, हिंदी में पाठ्यक्रम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।   recent visitors 54

अमेरिका में रैबिट फीवर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी, जाने रैबिट फीवर के कारण, लक्षण, और बचाव के तरीके

वाशिंगटन अमेरिका में रैबिट फीवर (Rabbit Fever) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सीडीसी के मुताबिक, पिछले एक दशक में इस बीमारी के मामलों में 50% से ज्यादा का उछाल देखा गया है। रैबिट फीवर, जिसे टुलारेमिया भी कहा जाता है, एक जूनोटिक बीमारी है जो खरगोशों और अन्य जानवरों से इंसानों में फैलती है। यह बीमारी गंभीर हो सकती है और बुखार, थकान और त्वचा पर घाव जैसे लक्षण पैदा कर सकती है। ऐसे में, आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं रैबिट फीवर के कारण, लक्षण, और बचाव के तरीके। रैबिट फीवर क्या होता है? टुलारेमिया, जिसे आम भाषा में रैबिट फीवर कहा जाता है, एक गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन है जो फ्रांसीसेल्ला टुलारेन्सिस बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया मुख्य रूप से खरगोश, चूहे और अन्य छोटे स्तनधारियों में पाया जाता है। मनुष्य में यह संक्रमण संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आने, उनके काटने, संक्रमित मांस का सेवन करने या संक्रमित मिट्टी या पानी के संपर्क में आने से हो सकता है। किन लोगों को है ज्यादा खतरा? टुलारेमिया एक गंभीर संक्रमण हो सकता है जो हल्के लक्षणों से लेकर जानलेवा स्थिति तक ले जा सकता है। अगर इसका सही इलाज न किया जाए, तो रैबिट फीवर 60% मामलों में मौत की वजह बन सकता है। यह बीमारी आमतौर पर 5 से 9 साल के बच्चों, बुजुर्गों और आदिवासी समुदायों में देखी जाती है। रैबिट फीवर के लक्षण     बुखार: यह सबसे आम लक्षण है। बुखार अचानक और तीव्र रूप से बढ़ सकता है, जो 104°F (40°C) तक पहुंच सकता है।     ठंड लगना: बुखार के साथ अक्सर ठंड लगना भी होता है।     फ्लू जैसे लक्षण: थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, भूख न लगना आदि लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।     सूजन वाले लिम्फ नोड्स: संक्रमण वाली जगह के पास लिम्फ नोड्स सूज जाते हैं और दर्दनाक हो सकते हैं।     त्वचा के घाव: अगर संक्रमण त्वचा के जरिए होता है, तो घाव लाल, सूजा हुआ और दर्दनाक हो सकता है।     गले में खराश: गले में खराश, सूजन और दर्द भी हो सकता है।     आंखों की समस्याएं: आंखों में जलन, सूजन, और लालपन भी हो सकता है।     सांस लेने में तकलीफ: गंभीर मामलों में, सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।     दस्त और उल्टी: कुछ मामलों में, दस्त और उल्टी भी हो सकती है। रैबिट फीवर के कारण रैबिट फीवर का कारण Francisella Tularensis नामक एक बैक्टीरिया है। यह बैक्टीरिया विभिन्न प्रकार के जानवरों, जैसे खरगोश, गिलहरी, चूहे, और टिक्स में पाया जाता है। संक्रमण आमतौर पर संक्रमित जानवर को काटने, संक्रमित जानवर के मांस को खाने, या संक्रमित जानवर के मल या मूत्र के संपर्क में आने से होता है। रैबिट फीवर का इलाज रैबिट फीवर का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है। एंटीबायोटिक दवाओं का चुनाव संक्रमण की गंभीरता और रोगी की स्थिति पर निर्भर करता है। रैबिट फीवर से बचाव     संक्रमित जानवरों से संपर्क से बचें।     जंगली जानवरों को न छुएं या न खिलाएं।     खरगोशों या अन्य छोटे जानवरों को पालते समय सावधानी बरतें।     मृत जानवरों को न छुएं।     जंगल में जाते समय लंबे कपड़े और दस्ताने पहनें।     कीटों से बचाव के लिए कीटनाशक का इस्तेमाल करें।     संक्रमित क्षेत्रों में जाने से बचें। रैबिट फीवर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन इसका समय पर इलाज किया जाए तो इससे बचा जा सकता है। अगर आपको रैबिट फीवर के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। recent visitors 92

मुख्यमंत्री यादव 28वें राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के समापन समारोह मे होंगे शामिल

तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल में होगा आयोजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को तात्या टोपे स्टेडियम स्थित बेडमिंटन हॉल में आयोजित 28वें राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता खेल और युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सर्वप्रथम पेंटिंग और विज्ञान मेले के विजेताओं की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगें। तत्पश्चात विजेता युवा कलाकार समूह लोकगीत और समूह लोकनृत्य की प्रस्तुतियों का अवलोकन करेंगें। चयनित युवाओं से मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकसित भारत@ 2047 कार्यक्रम के तहत विभिन्न स्तरों पर आयोजित प्रतियोगिताओं में से चयनित 45 युवाओं से संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से चयनित 45 युवा भारत मंडपम दिल्ली में 11 एवं 12 जनवरी को विकसित भारत के निर्माण में अपने दृष्टिकोण और विचार सांझा करेंगें। राज्य स्तरीय युवा महोत्सव प्रतियोगिता के परिणाम हुये घोषित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव प्रतियोगिता में भाषण में ग्वालियर, कहानी लेखन में रीवा पेंटिंग में जबलपुर, कविता लेखन में मुरैना, विज्ञान मेला में जबलपुर, समूह लोकगीत में सागर, समूह लोकनृत्य में ग्वालियर संभाग बना, विजेता युवा कलाकार मुख्यमंत्री के समक्ष देंगें कला प्रस्तुति। इस वर्ष युवा उत्सव का आयोजन में संभागों के 350 प्रतिभागियों ने कुल 07 विधाओं यथा समूह लोक गीत, समूह लोक गायन, पेंटिंग, भाषण, विज्ञान मेला, कहानी लेखन एवं कविता लेखन में प्रतिभागिता की। युवा उत्सव में जिला स्तर पर दिनांक 18 से 26 दिसम्बर 2024 तक 10500 युवा प्रतिभागी संभागीय एवं जिला स्तरीय 3 से 5 जनवरी 2025 तक 1700 युवाओं ने प्रतिभागिता की थी। राज्य स्तर से चयनित प्रदेश का दल रविवार 12 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित जनवरी 2025 को तात्याटोपे स्टेडियम में आयोजित की गई थी जिसके परिणाम घोषित कर दिये गये है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि बुधवार को 1 बजे तात्याटोपे स्टेडियम स्थित बैडमिंटन हॉल में आयोजित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के समापन कार्यक्रम में सभी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में 28वें राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का समापन होगा। recent visitors 54

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें। ऐसी कार्य-योजना बनायें कि उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाये बगैर बिजली सब्सिडी का भार कम किया जा सके। उन्होंने यह निर्देश मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य को गति दें। इससे होने वाले लाभों के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जले एवं खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को समय-सीमा में बदला जाये। जल्द स्वीकृत होगी संगठनात्मक संरचना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिये सभी बिजली कम्पनियों की संगठनात्मक संरचना (ओ.एस.) का प्रस्ताव प्रस्तुत करें। जल्द ही इसे स्वीकृत किया जायेगा। 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जायेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लक्ष्य को पूरा करने के लिये सुनियोजित कार्य-योजना बनायें। इसकी समय-सीमा तय होना चाहिये। इससे बिजली सब्सिडी में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध करायें। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने संगठनात्मक संरचना स्वीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ट्रांसफार्मर एवं बिजली लाइनों के मेंटीनेंस की कार्य-योजना बनाने और अवैध बस्तियों में रहने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन देने की बात कही। 12 लाख 57 हजार स्मार्ट मीटर लगाये गये बैठक में बताया गया कि आरडीएसएस योजना में 12 लाख 57 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 6 लाख 70 हजार 644, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 77 हजार 100 और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 5 लाख 9 हजार 338 स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। बैठक में अटल गृह ज्योति, अटल किसान ज्योति योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिये गये। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मण्डलोई ने विभागीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 66

अविभावक अपने बच्चों को सैनिक स्कूल में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश दिलवाना चाहते हैं वे 13 जनवरी तक आवेदन करे

नई दिल्ली ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेस एग्जाम (AISSEE 2025) के लिए आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 13 जनवरी 2025 निर्धारित है। ऐसे में जो छात्र या अविभावक अपने बच्चों को सैनिक स्कूल में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश दिलवाना चाहते हैं वे अंतिम दिनों में वेबसाइट पर होने वाली परेशानियों से बचने के लिए तुरंत ही आवेदन कर लें। एप्लीकेशन फॉर्म ऑनलाइन माध्यम से एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट exams.nta.ac.in/aissee पर जाकर भरा जा सकता है। आपकी सहूलियत के लिए इस पेज पर भी आवेदन का डायरेक्ट लिंक उपलब्ध करवा दिया गया है। आवेदन के लिए योग्यता यहां से करें चेक सैनिक स्कूल कक्षा 6 में प्रवेश के लिए छात्र का 5वीं कक्षा उत्तीर्ण होने के साथ ही आयु 10 से 12 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा कक्षा 9 में प्रवेश के लिए छात्र का 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है और साथ ही उम्र 13 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना 31 मार्च 2025 को ध्यान में रखकर की जाएगी। एप्लीकेशन प्रॉसेस ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेस एग्जाम 2025 आवेदन पत्र भरने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट aissee2025.ntaonline.in पर विजिट करें। वेबसाइट के होम पेज पर न्यू कैंडिडेट रजिस्टर हियर लिंक पर क्लिक करके मांगी गई जानकारी भरें और पंजीकरण कर लें। इसके बाद फॉर्म में मांगी गई अन्य डिटेल भरकर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर लें। इसके बाद निर्धारित शुल्क जमा करें और पूर्ण रूप से भरे हुए फॉर्म को सबमिट कर दें। अंत में फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लें। आवेदन शुल्क आवेदन पत्र भरने के साथ अविभावक निर्धारित शुल्क अवश्य जमा करें। एप्लीकेशन फीस कैटेगरी के अनुसार अलग अलग तय की गई है। जनरल, ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस वर्ग से आने वाले उम्मीदवारों को शुल्क के रूप में 800 रुपये का भुगतान करना होगा वहीं एससी/ एसटी के लिए एप्लीकेशन फीस 650 तय की गई है। आवेदन शुल्क डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड एवं नेट बैंकिंग के माध्यम से जमा किया जा सकता है। ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेस एग्जाम (AISSEE 2025) से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए स्टूडेंट्स या माता पिता ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। recent visitors 154