अरविंद केजरीवाल का एक और वादा- अपने-अपने इलाकों में स्कियोरिटी गार्ड नियु्क्त करने के लिए सरकार पैसा देगी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए बड़ा वादा कर दिया है। उन्होंने दिल्ली की कॉलोनियों और गली-मोहल्ले की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आरडब्लूए को सिक्योरिटी गार्ड नियुक्त करने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर पैसे दिए जाने का वादा किया है। उन्होंने कहा है कि अगर उनकी पार्टी फिर सत्ता में आती है तो जितनी भी RWA हैं, उन्हें अपने-अपने इलाकों में स्कियोरिटी गार्ड नियु्क्त करने के लिए सरकार पैसा देगी। उन्होंने कहा, इसके लिए कुछ मापदंड तय किए जाएंगे कि किस RWA को कितने सिक्योरिटी गार्ड के लिए पैसे दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, वैसे तो पुलिस की जगह कोई नहीं ले सकता लेकिन यह सिक्योरिटी गार्ड्स इलाकों में बेसिक सुरक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा, हमने पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगवाए। उससे अपराधी को पकड़ना आसान हो जाता है। ऐसे ही हम RWA को सिक्योरिटी गार्ड रखने के लिए पैसे मुहैया कराएंगे। इसी दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, बीजेपी की केंद्र सरकार ने दिल्ली को देश की क्राइम कैपिटल बना कर रख दिया है। लोग बहुत ज्यादा डरे हुए हैं। बीजेपी और इनकी केंद्र सरकार को दिल्ली के लोगों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, ये लोग दिल्ली के लोगों से नफरत करते हैं, इसीलिए बीजेपी 25-27 सालों से दिल्ली की सत्ता में नहीं आ पाई है। recent visitors 116

अभिषेक दत्त ने कहा- अगर केजरीवाल जी पूर्वांचलियों से प्यार करते तो यमुना की सफाई कर देते, घर वापसी का समय आया

नई दिल्ली दिल्ली की सियासी जंग में इन दिनों जमकर पूर्वांचली कार्ड खेला जा रहा है। आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त कार्यालय में अधिकारियों से मुलाकात कर नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में हेराफेरी का आरोप लगाया। जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें पूर्वांचली विरोधी बताया। अब कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने उन्हें लेकर बड़ा दावा किया है। दत्त का कहना है कि केजरी वाल की घर वापसी का समय आ गया है। वे जल्द आरएसएस दफ्तर में दिखाई देंगे। पूर्वांचली वोटर्स पर केजरीवाल के बयान पर कस्तूरबा नगर विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक दत्त ने कहा, ‘अगर अरविंद केजरीवाल जी पूर्वांचलियों से प्यार करते तो यमुना की सफाई कर देते। वे कभी पूर्वांचलियों की सेवा नहीं कर पाए। पूर्वांचली भाई-बहन यमुना में पूजा करते थे। खुद स्वर्गीय शीला दीक्षित जी पूरी कैबिनेट के साथ वहां जाती थीं। आज वहां जाने पर भी प्रतिबंध लग जाता है, इतना प्रदूषण होता है। केवल बोलकर पूर्वांचलियों के लिए प्यार नहीं होता।’ पूर्व सीएम की घर वापसी का दावा करते हुए दत्त ने कहा, 'मैं पूछना चाहता हूं कितने पूर्वांचलियों को उन्होंने सरकारी नौकरी दी? कितने पूर्वांचलियों की उन्होंने सेवा की? केवल वोट के लिए पूर्वांचली नहीं होते, काम के लिए भी होते हैं। वो सच्चा पूर्वांचली है जो छठ के समय उनसे झूठा वादा नहीं करता। अरविंद केजरीवाल जी ने यमुना की सफाई का पूर्वांचलियों से झूठा वादा किया था। पिछली बार भी माफी मांगी थी। कहा था 2025 तक का टाइम दे दो, वो वीडियो चल रहा है, अब 2025 आ चुका है। अब अरविंद केजरीवाल जी की घर वापसी का समय आ गया है। बहुत जल्द अरविंद केजरीवाल आपको आरएसएस के दफ्तर पर फिर से दिखाई देंगे।' पूर्वांचलियों का अपमान कर रही आप भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गुरुवार को हमला बोलते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में हार के डर से केजरीवाल उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने यूपी-बिहार के हमारे लोगों को फर्जी मतदाता कहकर उनका अपमान किया है। दिल्ली की जनता सत्ता से उखाड़कर उन्हें इसका जवाब जरूर देगी। recent visitors 99

नगरीय विकास एवं आवास विभाग फायर सेफ्टी संबंधी निर्देशों में करेगा संशोधन

भोपाल मध्य प्रदेश में कारखाना अधिनियम 1948 के अंतर्गत स्थापित उद्योगों को नगरीय निकायों से अलग से फायर सेफ्टी संबंधी प्रमाण पत्र नहीं लेना होगा। औद्योगिक संगठनों की मांग पर राज्य सरकार इस प्रविधान में संशोधन करने जा रही है। दरअसल, नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने आग लगने की घटनाओं को देखते हुए फायर सेफ्टी के प्रविधानों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए थे। इसके अनुसार उद्योगों को नोटिस दिए जा रहे थे। प्रदेश सरकार वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मना रही है। उद्योगों को हो रही है परेशानी विभिन्न रीजनल इन्वेस्टर्स समिट में उद्योगपतियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर नियम, प्रक्रियाओं में संशोधन किया जा रहा है। इसी कड़ी में फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र की अनिवार्यता के कारण उद्योगों को हो रही परेशानी को देखते हुए दिशा-निर्देश में संशोधन किया जा रहा है। फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र अनिवार्य नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने आग लगने की घटनाओं को देखते हुए नेशनल बिल्डिंग कोड के नियम के तहत 15 मीटर से ऊंचे सभी भवन, एक तल पर 500 वर्गमीटर से ज्यादा क्षेत्रफल पर भवन, होटल और अस्पताल के लिए फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र लेने अनिवार्य किया था। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया था। प्रमाण पत्र न लेने के कारण उद्योगों को नोटिस दिए गए तो उन्होंने विभाग से इसमें संशोधन करने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, मांग को व्यावहारिक मानते हुए विभाग ने नियम में संशोधन की तैयारी शुरू कर दी है। प्रमाण पत्र लेने के लिए छूटी दी जाएगी इसमें उन उद्योगों को फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र लेने की छूट दी जाएगी, जो कारखाना अधिनियम 1948 और कारखाना नियम 1962 के अंतर्गत आते हैं। नियम में यह प्रविधान है कि फायर सेफ्टी के प्रविधान करने के बाद ही अनुमति दी जाएगी। प्रविधान का पालन किया गया या नहीं, यह संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा देखते हैं। जब एक बार प्रक्रिया हो गई तो फिर उसे दोहराने का कोई मतलब नहीं है, इसलिए निर्देश संशोधित किए जा रहे हैं। recent visitors 52

सीवीएस से भविष्य में जन्म लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होगा: एम्स भोपाल

भोपाल एम्स भोपाल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने कोरियोनिक विलस सैंपलिंग (सीवीएस) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की है। यह प्रक्रिया भ्रूण में किसी भी आनुवांशिक विकार की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कोरियोनिक विलस सैंपलिंग (सीवीएस) एक प्रीनेटल टेस्ट है, जिसमें गर्भवती महिला के प्लेसेंटा से एक छोटा नमूना लिया जाता है। इस नमूने की जांच करके भ्रूण में किसी भी तरह की आनुवांशिक समस्या का पता लगाया जा सकता है। आनुवांशिक बीमारियों की हिस्ट्री चिकित्सकों का कहना है कि प्रसवपूर्व यह परीक्षण उन गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जिनके परिवार में आनुवांशिक बीमारियों का इतिहास रहा हो या जिनकी उम्र 35 साल से अधिक हो चुकी है। भ्रूण की हेल्थ पता चलेगी वे अब एम्स भोपाल में भ्रूण के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगी। एम्स भोपाल में विजिटिंग फीटल मेडिसिन कंसल्टेंट डॉ. मनुप्रिया माधवन ने यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की है। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया सुरक्षित और प्रभावी है। एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह का कहना है कि सीवीएस सफलतापूर्वक पूरा होना हमारे संस्थान में फीटल मेडिसिन सेवाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। क्या होंगे लाभ भ्रूण में आनुवांशिक विकारों का शीघ्र पता लगाना : सीवीएस के माध्यम से गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में ही भ्रूण में आनुवंशिक विकारों का पता लगाया जा सकता है। भविष्य में जन्म लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार : सीवीएस के माध्यम से जन्म के साथ दोषों को रोका जा सकता है। इससे भविष्य में जन्म लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होगा। recent visitors 106

मुकेश चंद्राकर हत्याकांड: 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा खंगाले, पुलिस को भटकाने 60 किमी दूर फेंके मोबाइल

जगदलपुर पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या भले ही एक जनवरी की रात की गई, पर मुख्य साजिशकर्ता सुरेश चंद्रकार और उसके भाई रितेश व दिनेश ने चार दिन पहले ही इसका षड्यंत्र रच लिया था। इस पूरे प्रकरण में सुरेश चंद्रकार की योजना खुद को इससे अलग दिखाने की थी, ताकि मुकेश के साथ सड़क के भ्रष्टाचार को लेकर हुए विवाद के कारण उस पर संदेह ना हो। एक जनवरी की रात जब मुकेश की हत्या की गई तो वह तय योजना के अनुसार जगदलपुर में था। इसके बाद भी पुलिस की विशेष जांच दल (एसआइटी) ने आर्टिफिशियल इंटलीजेंस (एआई) के साथ ओपन सोर्स इंटलीजेंस टूल (ओएसआईएनटी) का प्रयोग कर इस घटना में सुरेश की संलिप्तता के साक्ष्य जुटा लिए हैं। एनआईए करती है इसका उपयोग ओएसआईएनटी ऐसा टूल है जिसका प्रयोग राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी भी करती है, जिसमें कई माध्यमों से सूचना जुटाई जा सकती है। एसआइटी के अनुसार 27 दिसंबर को सुरेश ने बैंक से बड़ी रकम भी निकाली थी ताकि इन रुपयों का प्रयोग हत्या, साक्ष्य छिपाने व भागने के लिए किया जा सके। 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा खंगाले एसआईटी की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। ऐसा पहली बार हुआ है कि पुलिस ने हत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरा, डिजिटल व भौतिक साक्ष्य के साथ ही इसके अलावा घटनास्थल चट्टानपारा में फोरेंसिक जांच टीम ने दो बार रिक्रेयेशन कर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस को उलझाने के लिए 60 किमी दूर फेंके मोबाइल आरोपितों ने पुलिस को उलझाने के लिए घटनास्थल से 60 किमी दूर नेलसनार नाले के पास मुकेश के दोनों फोन को चालू स्थिति में ले जाकर उसे पत्थर से तोड़कर नाले में फेंक दिया। हत्या में प्रयुक्त चार गाड़ियां, मिक्सर मशीन, लोहे का छड़ व अन्य हथियार बरामद कर लिए हैं। सुनियोजित हत्या, ताकि सच कभी बाहर न आ पाए एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए बताया कि पत्रकार मुकेश ने सुरेश चंद्रकार के भ्रष्टाचार को उजागर किया था इसलिए आरोपितों ने सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या की है। ताकि किसी को संदेह ना हो आरोपितों ने षड्यंत्र रचते हुए छोटी से छोटी बात का ध्यान रखा ताकि उन पर संदेह ना हो और यह हत्याकांड कभी उजागर ना हो सके। एक जनवरी को जिस दिन हत्या हुई उसी दिन मुख्य साजिशकर्ता सुरेश चंद्रकार व दिनेश चंद्रकार जगदलपुर को निकल गए। मोबाइल को भी ठिकाने लगाया हत्या करने की जिम्मेदारी रितेश व सुपरवाइजर मुकेश रामटेके को दी गई। रात लगभग आठ से दस बजे के बीच मुकेश की हत्या के बाद ही तय योजना अनुसार सुरेश व दिनेश लौटे। इसके बाद दिनेश, रितेश व मुकेश ने मिलकर मुकेश का शव सेप्टिक टैंक में डालकर ठिकाने लगाने के बाद हथियार व मुकेश के मोबाइल को भी ठिकाने लगाया। रिमांड पर जेल भेजा गया इसके बाद सुरेश हैदराबाद तो रितेश दिल्ली भाग गया, जिन्हें दिल्ली व हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया। दिनेश व महेंद्र को बीजापुर में गिरफ्तार किया गया। चारों आरोपितों को 15 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। recent visitors 69

मुंगेली हादसा, गर्म राख से भरा कंटेनर गिरने से एक की मौत और कई दबे

बिलासपुर मुंगेली जिले के सरगांव क्षेत्र अंतर्गत रामबोड़ में स्पंज आयरन फैक्ट्री में दोपहर गर्म राख से भरा कंटेनर (साइलो) श्रमिकों के ऊपर गिर गया। इसमें वहां पर काम कर रहे श्रमिक दब गए। प्रशासन की ओर से देर रात तक एक मौत की पुष्टि की है। आनन-फानन में बचाव कार्य शुरू करते हुए दो श्रमिकों को निकालकर अस्पताल भेजा गया है। कई श्रमिक लापता हैं। प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी है। राख में दबे श्रमिकों की तलाश की जा रही है। संभागायुक्त महादेव कावरे ने बताया कि मुंगेली जिले के सरगांव क्षेत्र अंतर्गत रामबोड़ में कुसुम इंड्रस्ट्रीज स्पंज आयरन फैक्ट्री है। इसमें करीब 350 श्रमिक अलग-अलग शिफ्ट में काम कर रहे हैं। गुरुवार की दोपहर श्रमिक फैक्ट्री में काम कर रहे थे। लंच का समय होने पर ज्यादातर श्रमिक काम छोड़कर लंच करने चले गए थे। इसी दौरान चिमनी के पास गर्म राख से भरा कंटेनर वहां काम कर रहे श्रमिकों के ऊपर गिर गया। राख के गुबार के बीच वहां काम कर रहे श्रमिक लापता हो गए। इधर हादसे की जानकारी लगते ही फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की जानकारी तत्काल सरगांव पुलिस को दी गई। साथ ही प्रशासन को इस घटना से अवगत कराया गया। मौके पर मौजूद श्रमिकों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया। श्रमिकों ने किसी तरह दो श्रमिकों को बाहर निकाल लिया है। उन्हें गंभीर अवस्था में सिम्स भेजा गया। इधर दो श्रमिक अब भी लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही है। हादसे में दगोरी निवासी मनोज कुमार की मौत हो गई है। वहीं, जयंस साहू, अवधेश कश्यप लापता बताए जा रहे हैं। एक घायल लखन साहू को बिलासपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारी पहुंचे मौके पर, सिम्स में अलर्ट हादसे की जानकारी लगते ही संभागायुक्त महादेव कावरे, आइजी डा संजीव शुक्ला, मुंगेली कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंच गए हैं। कंटेनर को हटाकर श्रमिकों की तलाश की जा रही है। राहत कार्य तेज करने बड़े क्रेन मंगाकर कंटेनर को हटाया गया है। इसके साथ ही सिम्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है। दो घायलों को सिम्स भेज दिया गया है। कई लोगों के राख में दबे होने की आशंका हादसे की जानकारी लगते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में फैक्ट्री के गेट के सामने जमा हो गए। इधर प्रशासनिक अमला और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में बचाव कार्य चल रहा है। फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिकों ने गर्म राख के ढेर में कई लोगों के दबे होने की आशंका व्यक्त की है। इधर प्रशासनिक अधिकारी भी राख के ढेर में कुछ लोगों के दबे होने की बात कह रहे हैं। हालांकि राख के ढेर में कितने लोग दबे हैं इसकी पुष्टि कोई नहीं कर रहा है। कलेक्टर और एसपी ने संभाला मोर्चा हादसे की जानकारी लगते ही मुंगेली कलेक्टर राहुल देव और पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस की टीम और स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है। एंबुलेंस फैक्ट्री के अंदर तैनात है। राख के ढेर को हटाने का काम चल रहा है। प्रशासन ने स्वास्थ विभाग की टीम को अलर्ट मोड पर रहने कहा है। पहले सिम्स में किया अलर्ट, फिर निजी अस्पताल भेजा मुंगेली कलेक्टर के निर्देश पर सिम्स में अलर्ट किया गया था। इसके बाद सिम्स प्रबंधन की ओर तैयारी कर ली गई। इसके बाद हादसे में घायल दो श्रमिकों को बिलासपुर के ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान एक श्रमिक की मौत हो गई। दूसरे लखन साहू का उपचार चल रहा है। पैर फंस जाने के कारण भाग नहीं पाया मनोज हादसे में गंभीर रूप से घायल मनोज घृतलहरे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जाता है कि मनोज गुरुवार की दोपहर साइलो के नीचे काम कर रहा था। ऊपर गर्म राख से भरा साइलो जब गिरने लगा तो मनोज ने वहां से भागकर जान बचाने कोशिश की। इसी दौरान उसका पैर किसी चीज में फंस गया। इससे वह भाग नहीं पाया। गर्म राख से मनोज बुरी तरह झुलस गया था। देर शाम उसकी अस्पताल में मौत हो गई। रायपुर से मंगाई क्रेन हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बचाव कार्य चल रहा है। देर रात तक राख के ढेर के ऊपर से साइलो हटाया नहीं जा सका। इसके बाद अधिकारियों ने रायपुर से बड़ा क्रेन मंगाई है। अधिकारियों ने बताया कि क्रेन रायपुर से निकल गई है। अभी साइलो के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। recent visitors 59

सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री काश्यप ने किया उद्योग संघों के प्रतिनिनिधों से संवाद

भोपाल सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने उद्योग संघों के प्रतिनिनिधों से कहा है कि प्रदेश सरकार ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नई एमएसएमई (MSME) पॉलिसी के साथ ही भूमि आवंटन नियम और प्रोत्साहन की ऐसी पॉलिसी लाएगी जिससे मध्यप्रदेश में स्थानीय उद्यमिता का विकास विदेशी निवेशकों को प्रदेश में उद्योग लगाने के लिये आकर्षित करने के साथ सर्वाधिक रोजगार सृजन वाले प्रदेश के रूप में उभरे। मंत्री श्री काश्यप गुरुवार को मंत्रालय में उद्योग संघों के पदाधिकारियों से एमएसएमई की प्रचलित पॉलिसी पर चर्चा और सुझाव संगोष्ठी में संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह, सचिव सुश्री प्रियंका दास और उद्योग आयुक्त श्री दिलीप कुमार भी उपस्थित थे। मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि उद्योग प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझाव को नई पॉलिसी में शामिल करने से का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार नये औघोगिक क्षेत्रों के विकास और निर्यात संवर्धन पर मजबूत पहल करेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि एमएसएमई में प्रोत्साहन के लिये और भी अधिक पारदर्शी नीति बनाई जाएगी और स्टार्ट-अप के साथ क्लस्टर के विकास का नया ईको-सिस्टम बनेगा। यह नव उदमियों, अनुसूचित जाति, जनजातीय और महिलाओं की इकाईयों के लिए मददगार होगा। एमएसएमई मंत्री ने कहा कि वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने की मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप ऐसी पॉलिसी बनाई जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर निवेश और उद्योग का विकास हो सके। उन्होंने ने कहा कि संभाग स्तर पर हो रही रीजनल इंडस्ट्री कॉन्कलेव के अच्छे परिणाम परिलक्षित हुए हैं। इससे नजदीकी जिलों के उद्योगपतियों के सहभागिता से निवेश और रोजगार की संभावनाएं बनी है। मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि अलगे सप्ताह निर्यात को बढ़ाने के लिए एक वृहद कार्यशाला होगी। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर स्थापित किए गए निवेश सेंटर वन, स्टॉप सेंटर के रूप में उद्योगपतियों से निरंतर संवाद स्थापित करेगी। मंत्री श्री काश्यप कहा कि कलेक्टर्स इस समिति को लीड करेंगे। मंत्री श्री काश्यप ने बताया कि एमएसएमई की प्रोत्साहन सब्सिडी को बढ़ाकर 700 से 1100 करोड़ रूपए कर दिया गया है। उद्योग परिसंघों ने सरकार की इस पहल पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि एक ऐसा पोर्टल विकसित किया जा रहा है जिसमें पॉलिसी और नीतियों के साथ उद्योगपतियों का एक ही जगह डाटा संग्रहित होगा। उद्योग संघों के प्रतिनिधियों को प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र सिंह ने भी आश्वस्त किया कि नई पॉलिसी में उद्योगों के बेहतर विकास की नीति अपनाई जाएगी। संवाद में एमएसएमई विकास नीति के संबंध में मुख्य रूप से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ट्रांसपोर्ट अनुदान, नवकरणीय ऊर्जा मुख्यत: सोलर प्लांट को सहायता, जेड प्रमाणन को बढ़ावा देने, इंडस्ट्रियल अवशिष्ट के लिए सहायता एवं टेस्टिंग लैब को बढ़ावा देने के सुझाव प्रतिनिधियों के द्वारा दिए गए। औघोगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने दोहरे कराधान को समाप्त करने, भूखंड हस्तानांतरण नीति को सरल किए जाने, महिला उद्मियों द्वारा संचालित व्यवसायों को अधोसंरचना प्रदान करने, बड़े शहरों के साथ सभी जिलों में एमएसएमई के लिए नए औदयोगिक क्षेत्र विकसित करने, प्रोत्साहन नीति में डाइ मोल्ड एंड फिक्चर क्षेत्र को शामिल करने, बड़े शहरों में बहुमंजिला औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण तथा वर्तमान उद्योगों की उत्पादन लागत कम करने गुणवत्ता बढ़ाने नवीन तकनीक एवं के प्रयोग एवं आधुनिकीकरण पर अतिरिक्त अनुदान प्रदान करने जैसे सुझाव दिए। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती गोविंदपुरा इंडस्ड्री, एसोसियेशन फिक्की, दलित इण्डियन चेम्बर ऑफ कामर्स (डिक्की), सी.आई.आई., एमडी सुव्रत इण्डस्ट्रीयल सिस्टम, पीएचडीसीसीआई एसोचेम, मण्डीदीप इण्ड, एसोसियेशन, एसोसिएशन ऑफ इण्डस्ट्रीज इन्दौर, अवंतिका उद्योग संघ उज्जैन, एमआईएमपी उज्जैन, मावे जबलपुर एवं बगरोदा औद्योगिक संघ भोपाल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।   recent visitors 52