Monday, July 6, 2026 2:26 am

साली की सुपारी के लिए जीजा ने लिया बैंक से पर्शनल लोन, दोस्‍तों के साथ मिलकर किया गैंगरेप, फिर की हत्या

मुजफ्फरनगर उत्‍तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 21 साल की लड़की के साथ हुए गैंगरेप, हत्‍या और फिर शव को जलाने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने लड़की के जीजा को गिरफ्तार कर लिया है। इस जीजा ने बैंक से पर्सनल लोन लेकर दो साथियों को 30 हजार रुपए में अपनी साली की सुपारी दी थी। साली की हत्‍या से पहले उसने दोनों साथियों के साथ मिलकर उसके साथ गैंगरेप भी किया। इसके बाद गला दबाकर उसे मार डाला। हत्या करने के बाद शव की पहचान छिपाने के लिए तीनों ने मिलकर पेट्रोल डालकर उसे जला दिया। मृतका अपने जीजा को काफी समय से ब्लैकमेल कर रही थी। मामले का खुलासा करने के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। इसमें मुजफ्फरनगर के एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि 23 जनवरी को बुढ़ाना थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने बताया कि उसकी बेटी को दामाद आशीष निवासी काल गांव थाना मवाना अपने साथी शादी शुभम और दीपक के साथ ले गया था। तभी से उसकी बेटी लापता चल रही थी। एसपी देहात ने बताया कि बुढ़ाना थाना प्रभारी आनंददेव मिश्र ने शक के आधार पर पुलिस ने आरोपी आशीष को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। उसने हत्या की बात को कबूल कर लिया। निशानदेही पर मिली खोपड़ी, कपड़े-बाल-अंगूठी और निरोध भी बरामद उसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर पुलिस को नानू नहर की कच्ची पटरी पर स्थित बांस की झाड़ियों से युवती के जले हुए शव के अवशेष मिले। पुलिस ने वहां से मानव खोपडी, अधजले कपडे़, अंगूठी, बालों का कलेचर, बाल, निरोध आदि बरामद किया है। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसकी शादी चार साल पहले हुई थी। शादी के बाद पत्नी की छोटी बहन से उसकी बातचीत होने से नजदीकियां बढ़ गईं। दोनों के बीच संबंध बन गए। पिछले दो महीने से साली रुपये और सामान का दबाव उस पर बना रही थी। उसे ब्‍लैकमेल कर रही थी। आरोपी दौराला के आर्यवृत अस्पताल में काम करता है। तंग आकर उसने अपने साथी शुभम व दीपक निवासी गांव मडियाई थाना सरधना जिला मेरठ के साथ मिलकर हत्या की योजना तैयार की। आरोपी ने बैंक से पर्सनल लोन लेकर 30 हजार रुपये हत्या करने के लिए अपने साथियों को दिए थे। योजना के मुताबिक तीनों आरोपी युवती को लेकर युवती को साथ लेकर नानू नहर की कच्ची पटरी पर लेकर पहुंचे। पहले आरोपियों ने बारी-बारी से युवती के साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद चुन्नी से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। मौके से फोरेंसिक टीम ने मानव खोपड़ी, मृतका का क्लेचर आदि बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी को चालान कर दिया है, जबकि उसके साथियों की पुलिस तलाश कर रही है। recent visitors 19

एसए20 : डरबन सुपर जायंट्स ने 11 रन की रोमांचक जीत के साथ किया अपने अभियान का अंत

जोहान्सबर्ग डरबन सुपर जायंट्स ने वांडरर्स में जोबर्ग सुपर किंग्स पर 11 रन की रोमांचक डीएलएस जीत के साथ सीजन-3 में अपने अभियान का अंत किया। इस नतीजे के साथ जेएसके ग्रुप स्टेज लॉग स्टैंडिंग में चौथे स्थान पर रहा और बुधवार को सेंचुरियन में एलिमिनेटर में तीसरे स्थान पर रहने वाली सनराइजर्स ईस्टर्न केप का सामना करेगा। डीएसजी के हेनरिक क्लासेन ने 47 गेंदों पर नाबाद 76 रन बनाकर मेहमान प्रशंसकों को खुश होने का मौका दिया। इस प्रक्रिया में, क्लासेन एसए-20 में 1000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। क्लासेन ने केन विलियमसन (22) के साथ 43 गेंदों पर 64 रन और वियान मुल्डर (नाबाद 30) के साथ 43 गेंदों पर 70 रन की दो मजबूत साझेदारियां की, जिससे डीएसजी 173/4 पर पहुंच गया। सुपर किंग्स के तेज गेंदबाज लुथो सिपामला ने एक बार फिर 1-12 के चार ओवरों में शानदार प्रदर्शन किया। इसमें ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर मार्कस स्टोइनिस का बड़ा विकेट भी शामिल था। बारिश के कारण जेएसके के रन-चेज में जब बाधा आई और मेजबान टीम का स्कोर 3.1 ओवर के बाद 31/1 था। जब खेल फिर से शुरू हुआ, तो जेएसके की पारी को 16 ओवर की कर दिया गया और उनके सामने नया लक्ष्य 147 रनों का रखा गया। डीएसजी के लेग स्पिनर नूर अहमद ने 3-25 के शानदार स्पेल से जेएसके को पीछे धकेल दिया और खेल फिर से शुरू होने के बाद घरेलू टीम वापसी नहीं कर पाई। डीएसजी ने रूकी सीजे किंग को भी एसए20 डेब्यू का मौका दिया और युवा खिलाड़ी ने इंग्लैंड के डबल व्हाइट-बॉल विश्व चैंपियन मोइन अली का विकेट लेकर अपनी पहली बड़ी सफलता हासिल की। लेकिन इसके बाद डोनोवन फरेरा क्रीज पर आए और जेएसके के इस ऑलराउंडर ने सिर्फ 21 गेंदों पर सीजन 3 का सबसे तेज अर्धशतक जड़ दिया, जिससे अंतिम चार गेंदों पर लक्ष्य 17 रन रह गया। हालांकि, डीएसजी के ऑलराउंडर ड्वेन प्रीटोरियस ने फरेरा और सिपामला को लगातार गेंदों पर आउट करके मुकाबला अपने नाम कर लिया।   recent visitors 35

कल लोकसभा में पेश होगी वक्फ विधेयक की समीक्षा के लिए गठित संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट

नई दिल्ली वक्फ (संशोधन) विधेयक की समीक्षा के लिए गठित संसद की संयुक्त समिति (JPC) की रिपोर्ट सोमवार को लोकसभा में पेश की जाएगी। वहीं पैनल में मौजूद कई विपक्षी सांसदों का कहना है कि उनके असहमति नोट को बिना उनकी जानकारी के ही हटा दिया गया। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी बुलेटिन में कहा गया है कि समिति के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल और सदस्य संजय जायसवाल सोमवार को लोकसभा में रिपोर्ट पेश करेंगे। समिति ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को रिपोर्ट सौंप दी थी। समिति ने बुधवार को बहुमत से रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था, जिसमें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के सदस्यों द्वारा सुझाए गए संशोधन शामिल किए गए थे। जिसके बाद विपक्ष ने इस प्रक्रिया को वक्फ बोर्डों को नष्ट करने का प्रयास करार दिया। वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति ने मसौदा कानून पर रिपोर्ट को 15-11 बहुमत से अपनाया। विपक्षी सदस्यों ने रिपोर्ट पर असहमति जताई। भाजपा सदस्यों ने जोर देकर कहा कि पिछले साल अगस्त में लोकसभा में पेश किया गया यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में आधुनिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की व्यवस्था करता है। दूसरी ओर, विपक्ष ने इसे मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक अधिकारों पर हमला और वक्फ बोर्डों के कामकाज में हस्तक्षेप करार दिया। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि उन्होंने असहमति पत्र दिया था जिसे हटा दिया गया। ऐसे में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, बिना मेरी जनकारी के ही डिसेंट नोट को हटा दिया गया। वक्फ विधेयक पर बनी जॉइंट कमेटी का पहले ही तमाशा बना दिया गया। वहीं अब विपक्षी सांसदों को भी दरकिनार कर दिया गया। हमें चुप कराने के लिए यह सब क्यों किया जा रहा है। इससे पहले शुक्रवार को असदुद्दीन ओवैसी ने भी इसी तरह के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि विधेयक पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट पर उनके विस्तृत असहमति नोट को समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने उनकी जानकारी के बिना हटा दिया। समिति के सदस्य ओवैसी ने इस रिपोर्ट पर 231 पृष्ठों का असहमति नोट दिया था। ओवैसी ने ‘एक्स’ पर लिखा, था‘मैंने वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ संयुक्त समिति को एक विस्तृत असहमति नोट सौंपा था। यह चौंकाने वाली बात है कि मेरे नोट के कुछ हिस्सों को मेरी जानकारी के बिना संपादित किया गया। हटाए गये खंड विवादास्पद नहीं थे; उनमें केवल तथ्य बताए गए थे।’ उन्होंने कहा, ‘‘(समिति के) अध्यक्ष जगदंबिका पाल जैसी रिपोर्ट चाहते थे, वैसी रिपोर्ट तैयार करवा ली , लेकिन विपक्ष की आवाज को क्यों दबाया गया? चूंकि उन्होंने मेरी रिपोर्ट को बदलने के लिए एक नियम का दुरुपयोग किया है, इसलिए मैं जल्द ही अपना पूरा असहमति नोट जनता को पढ़ने के लिए जारी करूंगा।’ recent visitors 28

4 हजार विद्यार्थियों को डिग्री और 16 को मिले गोल्ड मैडल, छत्तीसगढ़-रायपुर के कृषि विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के 10वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश के लगभग 30 करोड़ बच्चे और युवा विभिन्न स्तरों पर शिक्षा प्राप्त कर रहें हैं। इस समूह के उज्जवल भविष्य के लिए गुणवत्ता भोजन, शिक्षा एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना हम सभी की प्राथमिकता है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू कर पूरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम खोले गए हैं, जिसमें डिग्री के साथ कौशल विकास को प्राथमिकता दी गई है। भारत को 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 10 वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने से पूर्व विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर उनका पुण्य स्मरण किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम और इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजिनियरिंग एण्ड बायोटेक्नोलॉजी, नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक डॉ. वांगा शिवा रेड्डी विशेष रूप से उपस्थित थे। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के सभागार में आयोजित भव्य एवं गरिमामय दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 तक उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधियां वितरित की गई। मेधावी विद्यार्थियों को 16 स्वर्ण, 18 रजत एवं 4  कास्य पदक प्रदान किए गए। साथ ही लगभग 4200 विद्यार्थियों को ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और पी.एच.डी की उपाधि प्रदान की। recent visitors 41

भव्य आयोजन की जोरों पर तैयारियां, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में 12 फरवरी से नए मेला स्थल पर होगा राजिम कुंभ कल्प

गरियाबंद/रायपुर। छत्तीसगढ़ का प्रयागराज कहे जाने वाला राजिम में कुंभ मेला आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। इस साल यह आयोजन 12 से 26 फरवरी तक चलेगा। साथ ही मेला स्थल भी दूसरा रहेगा। यह कुंभ कल्प माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक आयोजित होता है, जहां देशभर से संत-महात्मा, श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ राज्य के सबसे प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है, जिसे छत्तीसगढ़ का प्रयागराज भी कहा जाता है। राजिम कुंभ कल्प न केवल धार्मिक श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा देने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। इस आयोजन में शाही स्नान, संत समागम, प्रवचन, गंगा आरती और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजिम कुंभ कल्प 2025 में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तत्परता के साथ तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है, जिससे यह आयोजन ऐतिहासिक और भव्य रूप में संपन्न हो सके। इस साल नए मेला स्थल पर यह आयोजन किया जाएगा। मेलार्थियों के लिए समुचित सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए निर्माण कार्य तेजी से जारी है। इस लेकर राजिम सर्किट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें रायपुर संभागायुक्त महादेव कावरे, पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य, गरियाबंद कलेक्टर दीपक अग्रवाल सहित धमतरी और रायपुर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के बाद अधिकारियों ने नए मेला स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में संभागायुक्त महादेव कावरे ने राजिम कुंभ कल्प को भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें और पांच फरवरी तक सभी कार्यों को पूरा करें। बैठक अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मुख्य मंच, दुकानों, विभागीय स्टॉल, मीना बाजार, फूड ज़ोन और अन्य आवश्यक स्थलों का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए। इसके अलावा, श्रद्धालुओं के लिए वृहद स्तर पर पार्किंग सुविधा विकसित की जा रही है और हेलीपैड का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। संभागायुक्त और कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने अधिकारियों को नदी किनारे कनेक्टिंग रोड निर्माण, गंगा आरती स्थल से नए मेला स्थल तक सड़क निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। पूरे मेला परिसर में हाईमास्ट लाइटों पर्याप्त संख्या में शौचालय और डस्टबिन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में निर्देश दिए गए कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंट्रोल रूम और सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बस स्टैंड से नए मेला स्थल तक निर्धारित शुल्क पर बस सेवा उपलब्ध कराने, मेला स्थल पर एम्बुलेंस, मेडिकल टीम और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेला परिसर में साधुओं के लिए कुटिया, जलाऊ लकड़ी और आवश्यक वस्तुओं की समुचित व्यवस्था, मेला क्षेत्र में पेयजल के लिए पाइपलाइन बिछाई जाए और पर्याप्त संख्या में दाल-भात केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सुरक्षा के लिए पुलिस बल, सीसीटीवी निगरानी और अग्निशमन दल तैनात किया जाए। बैठक के बाद संभागायुक्त कावरे, पर्यटन बोर्ड के एमडी आचार्य और कलेक्टर अग्रवाल ने नए मेला स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्य मंच, वीआईपी पार्किंग, सामान्य पार्किंग, मीना बाजार, फूड ज़ोन, कंट्रोल रूम, श्रद्धालुओं के आवागमन मार्ग और हेलीपैड स्थल का जायजा लिया। इसके अलावा, राजीव लोचन मंदिर, संत समागम स्थल और गंगा आरती स्थल से नए मेला स्थल तक आने वाले मार्ग के कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। recent visitors 47

रायबरेली में 52 हजार जन्म प्रमाण पत्र होंगे निरस्त, पाकिस्तान-बांग्लादेश समेत अन्य देशों से जुड़े तार

रायबरेली जिले एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है. यहां 52 हजार से ज्यादा जन्म प्रमाण पत्रों को निरस्त किया जाना है. डीपीआरओ ने इन प्रमाण पत्रों को निरस्त कराने के लिए शासन को सूची उपलब्ध कराई है. ताकि इनके दुरुपयोग को रोका जा सके. आरोपी, वीडीओ विजय यादव की यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करके ये फर्जी प्रमाण पत्र बनाए गए थे. इस फर्जीवाड़े के तार पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल सहित कई अन्य देशों से जुड़े हुए हैं. इसके अलावा, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, केरल, और पंजाब जैसे प्रांतों के लोगों के लिए भी फर्जी प्रमाण पत्र बनाए गए थे. 18 जुलाई 2024 को सलोन में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था. जिसके बाद यूपी एटीएस के आईजी नीलाब्जा चौधरी और लखनऊ रेंज के आईजी अमरेंद्र सेंगर ने जांच की. इस मामले में मास्टरमाइंड मोहम्मद जीशान, रियाज और सुहेल खान को गिरफ्तार किया गया था. एक दिन में 1000 फर्जी प्रमाण पत्र खुलासा हुआ कि एक दिन में 1000 के करीब फर्जी प्रमाण पत्र बनाए गए थे. सलोन ब्लॉक के गांवों की जांच में मिले इन 52 हजार से ज्यादा फर्जी प्रमाण पत्रों को निरस्त कराने की प्रक्रिया शासन स्तर से होगी. जिसके लिए डीपीआरओ ने एक्ट में दिए गए प्रावधानों का हवाला दिया है. recent visitors 26

ढाई किलो का ट्यूमर निकल कर सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने बचाई युवती की जान

इंदौर इंदौर शहर के शासकीय अस्पतालों में अब जटिल सर्जरी होने लगी है, इससे लोगों को लाभ मिलने लगा है। सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में फाइब्रोमैटोसिस बीमारी से पीड़ित 22 वर्षीय युवती के फेफड़े और दिल के पास से डॉक्टरों ने 2.50 किलो का ट्यूमर निकाला। अधीक्षक डॉ. सुमित शुक्ला ने दावा किया कि प्रदेश के किसी भी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय में यह इस तरह की पहली सर्जरी है। विशेषज्ञों ने बताया कि छाती के दुर्लभ ट्यूमर की जटिल सर्जरी की गई है। यह सर्जरी आजाद नगर निवासी युवती की हुई। फेफड़ों और दिल के करीब था ट्यूमर युवती फाइब्रोमैटोसिस नामक अत्यंत दुर्लभ बीमारी से ग्रसित थी। आठ माह से वह परेशान हो रही थी। इस तरह के ट्यूमर की सर्जरी करने में काफी समस्या आती है, क्योंकि यह बीमारी फेफड़ों और दिल के काफी नजदीक थी, इसलिए इन अंगों को बचाकर इसे सुरक्षित तरीके से निकालना चुनौतीपूर्ण था। साथ ही निकाले गए हिस्से का पुनर्निर्माण ऐसा किया जाना था कि भविष्य में भी वे अंग सुरक्षित रहें। अहमदाबाद से कृत्रिम इम्प्लांट बुलवाकर किया छाती का पुनर्निर्माण डॉ. भावेश बंग ने बताया कि यह ट्यूमर छाती के सामने के हिस्से में होने से इसे निकालकर छाती का पुनर्निर्माण जटिल था। सही तरीके से छाती का पुनर्निर्माण नहीं होने की स्थिति में स्तन के छाती के अंदर धंसने की आशंका थी। मरीज की पसलियों को बीमारी ने जकड़ रखा था, जिनके निकलने के बाद फेफड़ों के बाहर आने की आशंका थी। छाती का ढांचा स्थिर नहीं होकर सांस लेने की वजह से लगातार चलता रहता है। इसलिए यह भी सुनिश्चित करना आवश्यक था कि सर्जरी के बाद मरीज को सांस लेने में समस्या नहीं हो। आयुष्मान योजना के तहत फ्री में हुई सर्जरी छाती के पुनर्निर्माण में उपयोग आने वाले कृत्रिम इम्प्लांट शहर में उपलब्ध नहीं थे, जिसे अहमदाबाद से विशेषतौर पर बनवाकर बुलवाया गया। 25 जनवरी को युवती की सर्जरी हुई थी। इस तरह की सर्जरी का खर्च पांच से छह लाख रुपये आता है, लेकिन आयुष्मान योजना के अंतर्गत यह निश्शुल्क हुई। इस टीम ने दिया सर्जरी को अंजाम यह सर्जरी अधीक्षक डॉ. सुमित शुक्ला के नेतृत्व में सीटीवीएस सर्जन डॉ. अंकुर गोयल, कैंसर सर्जन डॉ. भावेश बंग, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. मुनीर अहमद खान की टीम ने किया। इसमें बृजपाल वास्कले, मोना कुरील, आकाश मेहरा, नर्स ऐश्वर्या अतरवेल, सोनम बनसे, प्रतिभा डण्डारे, हनी बघेल, रजनी सिसोदिया आदि का सहयोग रहा। recent visitors 20