Sunday, July 5, 2026 11:18 pm

करण और विवियन की दोस्ती में आई दरार, करण वीर बोले- कुछ लोग ऐसे ही होते हैं

मुंबई 'बिग बॉस 18' भले ही करण वीर मेहरा ने जीता, लेकिन इससे ज्यादा चर्चा विवियन डीसेना की पार्टी की हो रही है। इसमें विवियन ने न तो करण वीर को बुलाया था और ना ही चुम दरांग और शिल्पा शिरोडकर को। तीनों को ही इस बात से काफी शॉक लगा था। करण को भी थोड़ा बुरा लगा। वह वैसे तो कई बार विवियन द्वारा पार्टी में न बुलाए जाने पर रिएक्ट कर चुके हैं, पर अब लेटेस्ट इंटरव्यू में एक बार फिर अपनी भावनाएं जाहिर कीं। करण वीर ने विवियन डीसेना को घमंडी कहा और बताया कि उन्हें उनसे थोड़ी जलन होती है। सिद्धार्थ कनन ने करण वीर से पूछा था कि क्या उन्हें लगता है कि विवियन अपने प्रोफेशनल स्टेटस को लेकर घमंडी हैं, तो करण ने कहा कि उनमें खुद को लेकर थोड़ी हवा भरी है। घमंड है। करण वीर ने कहा, 'विवियन को वैसे ही घमंड है। पता नहीं किस चीज़ का, पर वो है। उसके अंदर खुद को लेकर एक हवा भरी हुई है। अगर वो इस प्रोफेशन में नहीं होता, तो भी वो ऐसा ही होता। कुछ लोग ऐसे होते हैं। उनमें थोड़ी हवा भरी होती है। इसीलिए वो लोग ऐसे होते हैं और इसमें कुछ गलत नहीं है।' 'मैंने विवियन से कहा कि तुझे काफी कुछ आसानी से मिल गया' यह पूछे जाने पर कि क्या विवियन के अंदर इस वजह से हवा भरी है क्योंकि उन्हें लगता है कि वह करण से ज्यादा सफल हैं, तो एक्टर बोले, 'उनका परसेप्शन तो नहीं पता, लेकिन मेरेको तो ये था ना। मेरे अंदर जलन थी। और मैंने उससे कहा है कि तुझे काफी कुछ आसानी से मिल गया। तू लाडला है। तुझे टॉप 2 में घोषित किया गया। और जो गया भी वो टॉप 2 में। तुझे चीजें आसानी से मिल गईं।' 'विवियन से थोड़ी जलन है' करण वीर ने आगे कहा, 'हम दोनों की पर्सनल लाइफ ऊपर नीचे हुई है, लेकिन तुम बेहतर पर्सनल स्पेस में हो। इसलिए मेरे मन में थोड़ी जलन है।' करण और विवियन की दोस्ती में दरार करण वीर मेहरा और विवियन डीसेना की 12 साल पुरानी दोस्ती थी, पर इस दोस्ती में 'बिग बॉस 18' में दरार आ गई। करण ने कहा कि वह और विवियन बिग बॉस के घर में और अच्छे दोस्त बन सकते थे। लेकिन विवियन आगे निकल गए और अविनाश मिश्रा के साथ हाथ मिला लिया। इस कारण उनके बीच दूरियां बढ़ती चली गईं। recent visitors 42

पीएम मोदी ने कहा- अगर आज इंदिरा जी का जमाना होता तो 12 लाख रुपये तक की आय पर 10 लाख रुपये टैक्स में चले जाते

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट के बाद रविवार को कांग्रेस पर टैक्स को लेकर हमला बोला। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी का हवाला देते हुए दावा किया कि उनकी सरकारों ने लोगों की कमाई पर भारी टैक्स लगाया, जबकि मोदी सरकार ने टैक्स का बोझ कम किया और मध्यम वर्ग को अधिक राहत प्रदान की। दिल्ली चुनाव के लिए आरके पुरम में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ''अगर नेहरू जी के जमाने में आप 12 लाख रुपये कमाते तो 12 लाख रुपये की आय पर आपकी एक चौथाई सैलरी सरकार वापस ले लेती। अगर आज इंदिरा जी का जमाना होता तो 12 लाख रुपये तक की आय पर आपके 10 लाख रुपये टैक्स में चले जाते। 10-12 साल पहले तक, कांग्रेस की सरकार में अगर आप 12 लाख रुपये कमाते तो आपको 2 लाख 60 हजार रुपया टैक्स देना होता। भाजपा सरकार के कल के बजट के बाद, साल में 12 लाख कमाने वाले को एक रुपया भी टैक्स नहीं देना पड़ेगा।'' पीएम मोदी ने कहा कि देश के विकास में हमारे मिडिल क्लास का बहुत बड़ा योगदान है। यह बीजेपी ही है, जो मिडिल क्लास को सम्मान देती है, ईमानदार टैक्सपेयर्स को पुरस्कार देती है। बजट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैंने विकसित भारत के निर्माण के लिए चार स्तंभों को मजबूत करने की गारंटी देश को दी थी। ये स्तंभ हैं- गरीब, किसान, नौजवान और नारीशक्ति। कल जो बजट आया है, वो मोदी की ऐसी ही गारंटियों को पूरा करने की गारंटी है। केंद्रीय बजट 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को घोषणा की कि सालाना 12 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों को आयकर नहीं देना होगा। उन्होंने कहा कि यह मध्यम वर्ग की मदद के लिए उठाया गया कदम है। 75,000 रुपये की मानक कटौती के साथ, कर-मुक्त आय सीमा प्रभावी रूप से 12.75 लाख रुपये होगी। उन्होंने कहा, "मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि नई व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई आयकर नहीं लगेगा।'' वहीं, बजट के बाद पीटीआई को दिए गए एक इंटरव्यू में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टैक्स में कटौती के विचार के पूरी तरह से समर्थन में थे, लेकिन नौकरशाहों को समझाने में समय लगा। निर्मला सीतारमण ने कहा, ''…पीएम बहुत स्पष्ट थे कि वह कुछ करना चाहते हैं। मंत्रालय को सहजता से काम करना है और फिर प्रस्ताव पर आगे बढ़ना है। इसलिए, जितना अधिक काम करने की आवश्यकता थी, बोर्ड को यह समझाने की आवश्यकता थी कि संग्रह में दक्षता और ईमानदार करदाताओं की आवाज… यह सब मंत्रालय का काम था, पीएम का नहीं।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरह उनकी सरकार ने भी हमेशा विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की आवाज सुनी है। recent visitors 41

कूल सीजन का हॉट स्टाइल

सर्दी अपने शबाब पर है, इसलिए यह मौसम फैशन के अंदाज से बेहद हॉट होता है, परंतु ऐसे बहुत से युवा हैं जो इस मौसम में लगभग एक जैसे कपड़े पहन कर इसे बोर बना देते हैं। सर्दी से बचने के लिए वे एक ही जैकेट या कोट को इस्तेमाल करते हैं और स्टाइल मानो उनसे कहीं छूट जाता है। इसके लिए जरूरी है कि आप कुछ छोटी-छोटी बातों से अपना अंदाज बदल लें। मफलर, स्कार्फ या शॉल मैच्योर नहीं बल्कि आपको स्टाइलिश लुक भी दे सकते हैं। बस इन्हें अलग अंदाज में कैरी करने के स्टाइल सीख लें, क्योंकि कभी आऊटडेटिड मानी जाने वाली ये चीजें एक बार फिर से फैशन में लौट आई हैं… स्कार्फ से प्रोफैशनल लुक:- स्कार्फ अब स्वयं को ठंड से बचाने के लिए नहीं पहना जाता, बल्कि स्टाइलिश लुक के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। कहीं घूमने जाना है या फिर प्रोफैशनल गैटअप के लिए स्कार्फ इस सीजन में बैस्ट ऑप्शन माना जाता है। यही कारण है कि हर दिन बदलते फैशन में स्कार्फ ने अपनी एक खास जगह बना ली है, क्योंकि यह हर ड्रैस के साथ खूबसूरत लगता है। देखा जाए तो कैजुअल और प्रोफैशनल वियर दोनों के साथ यह परफैक्ट लुक देता है, इसीलिए कॉलेज गोइंग गल्र्ज से लेकर वर्किंग गल्र्ज को भी इस स्टाइल ने आकर्षित किया है। मफलर:- बॉलीवुड में शाहिद कपूर से लेकर रणबीर कपूर तक ने अपनी फिल्मों में खूबसूरत अंदाज में मफलर पहना तो युवाओं ने भी इसे अपना लिया। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आपकी ड्रैस को नोटिसेबल फ्लेयर देते हुए काफी स्टाइलिश दिखते हैं। यही नहीं, ज्यादा सर्दी में ये आपके कानों और गर्दन को भी ठंड से बचाते हैं। आप अपनी पसंद के फैब्रिक्स, कलर्स और पैटन्र्स का मफलर चुन सकते हैं। इसे आप पुलोवर या कार्डिगन के साथ ही नहीं, बल्कि कोट, टी-शर्ट एवं जैकेट के साथ भी पहन सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि मफलर आऊटफिट के साथ कंट्रास्ट में हो या फिर लाइनिंग और चैक में हो तो ज्यादा हॉट लुक देगा। यदि ब्लैक ड्रैस पहन रही हैं तो उसके साथ रैड, पिंक या अन्य कलर का मफलर यूज करें। यूं तो आप इसे दोनों साइड सेम लैंथ पर पहन सकती हैं, जो काफी कॉमन स्टाइल होने के बावजूद अच्छा लगता है। इसके अलावा आप इसे क्रॉस करके टाई की तरह भी ट्राई कर सकती हैं। मफलर में एक गांठ लगा कर भी आप इसे खूबसूरत लुक दे सकती हैं तथा लांग मफलर को आप गले में दो बार लपेट कर भी पहन सकती हैं। युवकों को भी भाया:- स्कार्फ का स्टाइल युवतियों को ही नहीं, बल्कि युवकों को भी भाने लगा है। वे इसे जींस और टी-शर्ट के साथ पहनने लगे हैं, परंतु प्रोफैशनल लुक के हिसाब से यह परफैक्ट नहीं माना जा सकता। युवकों को मफलर के कलर का चुनाव करते समय ज्यादा अलर्ट रहने की जरूरत है। उन्हें अपनी ड्रैस के साथ मैच करके ही स्कार्फ का चयन करना चाहिए। कलर मैचिंग ध्यान से:- भले ही आप इसे मिसमैच का दौर मानें, परंतु डिजाइनर्स के अनुसार गुड लुकिंग के लिए सारा खेल मिसमैचिंग में मैचिंग का है, क्योंकि इसके लिए भी उसी कलर का चयन किया जाता है, जो एक-दूसरे के बिल्कुल अपोजिट होते हुए भी बेमेल न लगते हुए आपको गुड लुक दे। इसलिए स्कार्फ भी ड्रैस के कलर के अनुसार ही चुनें। यदि कुछ समझ न आए तो आप ब्लैक कलर का स्कार्फ भी यूज कर सकती हैं, क्योंकि यह जहां हर कलर की ड्रैस के साथ चलेगा, वहीं यह आपको परफैक्ट लुक भी देगा। इसके अलावा आप व्हाइट और रैड स्कार्फ को भी बिंदास अंदाज में यूज कर सकती हैं। शॉल ड्रेपिंग का बदल दें अंदाज:- कभी ट्रैडिशनल वियरर्स के साथ पै्रफर की जाने वाली शॉल अमूमन मां-दादी को ही भाती थीं, परंतु अपने डिफरैंट ड्रेपिंग स्टाइल के कारण यह मैच्योर लोगों के वार्डरोब से निकल कर यंगस्टर्स के वार्डरोब का भी हिस्सा बनने लगी है। यह उनके लिए स्टाइल स्टेटमैंट बन गई है। आप इसके लिए डिफरैंट साइज, फैब्रिक और डिजाइन की शॉल्स ट्राई कर सकती हैं। केवल कंधों पर पूरी तरह से ओढ़ लेना ही अब शॉल का स्टाइल नहीं रहा, बल्कि इसकी डिफरैंट ड्रेपिंग स्टाइल ने भी इन्हें ट्रैंडी बना दिया है। इसके लिए सिल्क और पश्मीना शॉल विशेष तौर पर पसंद की जाती है, क्योंकि सॉफ्ट फैब्रिक होने के कारण इसे ड्रेप करना आसान होता है।   recent visitors 47

लक्जरी बस गहरी खाई में गिरी, दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौत, 17 घायल

डांग (गुजरात) गुजरात के डांग जिले में सापुतारा हिल स्टेशन के निकट रविवार तड़के तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक निजी लक्जरी बस गहरी खाई में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य 17 घायल हो गए। प्रभारी पुलिस अधीक्षक एसजी पाटिल ने बताया कि यह दुर्घटना सुबह करीब 4-4:30 बजे के आसपास सापुतारा हिल स्टेशन के पास हुई। चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और बस गहरी खाई में जा गिरी। उन्होंने बताया कि बस में 40 से अधिक तीर्थयात्री सवार थे। बस क्रैश बैरियर तोड़कर करीब 35 फीट गहरी खाई में जा गिरी। अधिकारी ने बताया कि पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिसमें दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। अधिकारी ने बताया, "पांच तीर्थयात्रियों की मौत के अलावा 17 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को अहवा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ अन्य को मामूली चोटें आई हैं। बचाव अभियान लगभग पूरा हो चुका है।" उन्होंने बताया कि बस दुर्घटना उस समय हुई, जब ये महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर से 40 तीर्थयात्रियों को लेकर गुजरात के द्वारका जा रही थी। वे 23 दिसंबर से धार्मिक यात्रा पर थे। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "उत्तर प्रदेश में विभिन्न स्थानों का दौरा करने के बाद, पिछली बार कल या परसों वे शिरडी, त्यंरदबकेश्वर, नासिक का दौरा करके आ रहे थे। रविवार सुबह गुजरात के हिल स्टेशन सापुतारा में रुके। उन्होंने चाय पी और फिर 10 मिनट के बाद तीन से चार किलोमीटर के अंदर ही उनकी बस एक गहरी खाई में जा गिरी।" अधिकारी ने बताया कि तीर्थयात्री मध्य प्रदेश के गुना, शिवपुरी और अशोक नगर जिलों के थे।   recent visitors 26

मुन्ना मानकर ने अपने जन्मदिन पर केक काटने के बदले रचनात्मक कार्यों को बढ़ावा देने की पहल की

बैतूल इन दोनों समाज में और खास तौर से युवा वर्ग में अपने जन्मदिन पर केक काटने का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है और इसका दुष्प्रभाव भी यदा कदा देखने को मिल रहा है। जिसे रोकने की दिशा में नवाचार अपनाते हुए एक महत्त्व पुर्ण उद्देश्य को लेकर बैतूल के क्षत्रिण लोणारी कुंबी समाज सेवा संगठन के जिलाध्यक्ष और मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष समाजसेवी मुन्ना मानकर ने अपने जन्मदिन पर केक काटने के बजाय विभिन्न स्थलों पर पौधारोपण करना ज्यादा उचित समझा और वे अपने साथियों के साथ पौधारोपण ही नहीं किया बल्कि त्रिवेणी गौशाला में पहुंचकर गौ माता की सेवा की और वृद्धाश्रम पहुंचकर वृद्धजनों के बीच अपना जन्मदिन मनाया। श्री मानकर ने इस संबंध में बताया कि युवा वर्ग में केक काटने के बढ़ते प्रचलन और परम्परा को धीरे धीरे परिवर्तन करने के उद्देश्य को लेकर मैं अपने जन्मदिन पर अपने साथियों के साथ पौधारोपण करना उचित समझा और आज सबसे पहले ग्रीन टाइगर में पौधारोपण किया उसके बाद केरपानी एवं ताप्ती जी में पूजन अर्चन किया गया। वहीं ताप्ती सूर्य मंदिर में पौधारोपण किया, शिवाजी पार्क बडोरा में पौधारोपण किया। इसके पश्चात्  त्रिवेणी गौशाला पहुंचकर जहां गौ माता की सेवा की उसके बाद वृद्धाश्रम पहुंचकर वृद्धजनों के बीच अपना जन्मदिन मनाया। श्री मानकर का मानना है कि आजकल युवा वर्ग अपने युवा साथियों के साथ केक काटने में मशगूल हो जाते हैं । जबकि बाजार में केमिकल युक्त केक का उपयोग किया जा रहा है जो कि स्वास्थ्य के लिए जहां हानिकारक है वहीं समाज में भी अच्छा प्रभाव नहीं पड़ता । इसलिए वे आज अपने जन्मदिन पर केक काटने की पश्चिमी प्रचलन को परिवर्तन करने के उद्देश्य को लेकर वृक्षारोपण , गौ सेवा और वृद्धजनों की सेवा कर जन्मदिन मनाया है ।  श्री मानकर का मानना है कि युवा वर्ग अगर अपने परिवार में और अपने परिवार के वृद्धजनों के बीच जन्मदिन उत्सव मनाते हैं तो उनका अलग ही आनंद आएगा और इससे समाज में बेहतर वातावरण का निर्माण होगा वही समाज मेंअच्छा संदेश जाएगा। गौरतलब है कि इस पुनीत कार्य में उनके साथ उनके सभी मित्रगण मौजूद थे। recent visitors 20

नितेश राणे ने कहा- मैं बिगड़ा नहीं हूं कि मुझे सुधारा जाए, धर्म की बात करने वाले कभी बिगड़ते नहीं

नागपुर महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता नितेश राणे ने रविवार को कहा कि धर्म की बात करने वाले कभी बिगड़ते नहीं हैं। नितेश राणे ने नागपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए विपक्षी नेताओं के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने राणे को मंत्री बनने के बाद धार्मिक मामलों में टिप्पणी नहीं करने और सुधरने की नसीहत दी थी। नितेश राणे ने कहा, "मैं बिगड़ा नहीं हूं कि मुझे सुधारा जाए। धर्म की बात करने वाले कभी बिगड़ते नहीं हैं। हम लोग सुधरे हुए हैं।" उन्होंने कहा, "उल्टे जो बिगड़े हैं, जिनको इस्लाम अभी तक समझ नहीं आया। उनको यह समझ में नहीं आया कि कुरान में क्या लिखा है? उन लोगों को सुधारने का वक्त आ गया है।" शिवसेना नेता और कैबिनेट मंत्री संजय शिरसाट की शिवसेना के दोनों गुटों – उद्धव और शिंदे गुट – को एक होने की सलाह पर नितेश राणे ने कहा, यह उनका व्यक्तिगत मत है। उनको इस मत के बारे में कभी जाकर एकनाथ शिंदे से पूछना चाहिए कि शिंदे साहब क्या चाहते हैं? उल्लेखनीय है कि शिवसेना के विभाजन पर संजय शिरसाट ने कहा था कि उन्हें शिवसेना के टूटने का आज भी दुख है और वह चाहते हैं कि दोनों शिवसेना एक साथ आ जाए। शिरसाट ने कहा था, "अगर दोनों शिवसेना एक साथ आ जाती है तो यह बहुत खुशी की बात होगी। शिवसेना के दो टुकड़े मंजूर नहीं है। विभाजन क्यों हुआ इसका कारण सबको पता है।" उन्होंने कहा था, "अगर साथ आते हैं तो खुशी की बात है, लेकिन मैं इसके लिए अलग से प्रयास करूंगा ऐसा नहीं है। उनको एक साथ आना है या नहीं, शिंदे साहब क्या निर्णय लेंगे और उद्धव साहब क्या निर्णय लेंगे, मैं कोई विद्वान नहीं हूं जो कहूंगा।"   recent visitors 55

एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु को तलाक के बाद फिर से मिल गया प्यार

मुंबई सामंथा रुथ प्रभु इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस हैं। खूबसूरत सामंथा ने अपनी एक्टिंग और सुंदरता से फैंस का दिल लगातार जीता है। प्रोफेशनल लाइफ के अलावा सामंथा की पर्सनल लाइफ भी हमेशा सुर्खियों में रही। सामंथा की पहली शादी नागा चैतन्य से हुई थी। बाद में दोनों अलग हो गए और अब चैतन्य ने शोभिता धूलिपाला से शादी कर ली है। खैर, पिछले कुछ महीनों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि सामंथा को राज निदिमोरु की बाहों में फिर से प्यार मिल गया है। हाल ही में, सामंथा रुथ प्रभु ने अपने इंस्टा पर वर्ल्ड पिकलबॉल लीग मैच की तस्वीरें शेयर कीं। बता दें कि सामंथा पिकलबॉल टीम चेन्नई सुपर चैंप्स की मालकिन हैं। फोटोज में, सैम जर्सी पहने हुए ग्लैमरस लग रही थीं, जबकि कुछ तस्वीरों में वह काला कोट पहने हुए देखी गईं। उनके साथ राज निदिमोरू की मौजूदगी ने ध्यान खींचा। एक तस्वीर में सामंथा को राज के साथ चलते हुए देखा गया, जबकि एक में वो एक्ट्रेस को देख रहे थे। सामंथा रुथ प्रभु को फिर मिला प्यार? जैसे ही सामंथा रुथ प्रभु ने राज निदिमोरु के साथ तस्वीरें शेयर कीं, ये वायरल हो गईं और नेटिज़न्स ने उस पर रिएक्शन देना शुरू कर दिया। जहां कुछ लोगों ने सामंथा के लिए खुशी दिखाई, वहीं कुछ ने राज के साथ उनकी तस्वीरों को गलत बताया क्योंकि उनका उनकी पत्नी के साथ अभी तलाक नहीं हुआ है। लेकिन ये प्रोसेस में जरूर है। दूसरी ओर, कुछ लोगों ने शेयर किया कि राज और सामंथा केवल दोस्त हैं। लोगों ने कहा- घर तोड़ने वाली एक यूजर ने कमेंट किया- अगर वे डेटिंग कर रहे हैं, तो बता दें वह अभी भी शादीशुदा हैं तो उसने उसके साथ पोस्ट क्यों किया? एक यूजर ने लिखा- उसके लिए अच्छा है??? सच में??? तीसरे यूजर ने लिखा- तो कोई आपका घर तोड़ता है और आप दूसरे का घर तोड़ते हैं। शरमा गई थीं सामंथा लहरें की रिपोर्ट के अनुसार, गैलाटा इंडिया के साथ एक बातचीत के दौरान सामंथा रूथ प्रभु को कथित तौर पर राज निदिमोरू से एक ऑडियो टेक्स्ट मिला था। निदिमोरु 'सिटाडेल: हनी बनी' के डायरेक्टर हैं। जब राज ने ऑडियो में उनकी तारीफ की, तो सामंथा शर्म से लाल हो गईं। तभी से दोनों के रिश्ते को और हवा मिल गई। recent visitors 49