Monday, July 6, 2026 1:28 am

उत्तराखंड के सरकारी कॉलेज में नौकरी का मौका, 250+ पदों पर टीचिंग-नॉन टीचिंग की वैकेंसी

उत्तराखंड टीचिंग और नॉन टीचिंग पदों पर सरकारी नौकरी ढूंढ रहे उम्मीदवारों के लिए नई वैकेंसी का अपडेट आ गया है। उत्तराखंड के गोविंद बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी (GBPUAT) में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, असिस्टेंट लाइब्रेरियन समेत अन्य पदों पर भर्ती निकली है। इस भर्ती के लिए यूनिवर्सिटी ने योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। फॉर्म भरने की लास्ट डेट 28 फरवरी 2025 है। इस दौरान अभ्यर्थी कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट www.gbpuat.ac.in की मदद से आवेदन पत्र भर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स गोविंद बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी ने किस पद के लिए कितनी रिक्तियों के लिए फॉर्म निकाले हैं? इसकी जानकारी अभ्यर्थी नीचे विस्तार से देख सकते हैं। योग्यता इस भर्ती में फॉर्म अप्लाई करने के लिए पदानुसार अलग-अलग योग्यता निर्धारित की गई है। प्रोफेसर के पद के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय से पीएचडी और 10 साल का टीचिंग/रिसर्च का अनुभव होना जरूरी है। वहीं एसोसिएट प्रोफेसर के लिए पीएचडी के साथ 8 साल का टीचिंग/रिसर्च अनुभव एंड रिसर्च पब्लिकेशन का अनुभव होना चाहिए। असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए मास्टर्स की डिग्री NET/Ph.D, असिस्टेंट लाइब्रेरियन के लिए लाइब्रेरी साइंस में मास्टर्स डिग्री, असिस्टेंट डायरेक्टर (PE) के लिए फिजिकल एजुकेशन और स्पोर्ट्स के साथ NET/Ph.D की डिग्री होनी जरूरी है। योग्यता से जुड़ी अन्य डिटेल्स अभ्यर्थी नोटिफिकेशन से भी चेक कर सकते हैं। डाउनलोड करें- GBPUAT Recruitment 2025 Official Notification Download PDF     आयुसीमा- एज लिमिट नियमानुसार तय की गई है। जिसकी स्थिति फिल्हाल जारी नहीं की गई है।     सैलरी- इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों की सैलरी पदानुसार 57,000-1,44,200 रुपये तक मिलेगी।     चयन प्रक्रिया- अभ्यर्थियों का चयन शॉर्टलिस्टिंग, इंटरव्यू या लिखित परीक्षा के जरिए किया जाएगा।     आवेदन शुल्क- फॉर्म अप्लाई करते समय सामान्य, ओबीसी अभ्यर्थियों को 1500 रुपये आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। वहीं ईडब्ल्यूएस को 1000 रुपये और एससी/एसटी अभ्यर्थियों को 750 रुपये एप्लिकेशन फीस सब्मिट करनी होगी। इस भर्ती में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड करना होगा। सभी जानकारी भरने के बाद जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ स्पीड/रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए निर्धारित पते पर भेजना होगा। पता है- "चीफ पर्सनल ऑफिसर (रिक्रूटमेंट सेक्शन), जीबीपीयूएटी, पंतनगर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड (263145)।" इस भर्ती से संबंधित अन्य किसी भी जानकारी के लिए अभ्यर्थी कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। recent visitors 36

जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की बारिश, और हल्की बर्फबारी

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है जबकि गुलमर्ग और पहलगाम जैसे पर्यटन स्थलों सहित कुछ ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी हुई। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की बारिश हुई। जम्मू के कुछ हिस्सों में भी रात भर हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग श्रीनगर ने बताया कि इस दौरान उत्तरी कश्मीर के बारामुल्ला जिले के स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग में 5.1 सेमी , पहलगाम में 2.8 सेमी और कुपवाड़ा में 2.5 सेमी बर्फबारी हुई। दक्षिण कश्मीर में पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला सहित कश्मीर घाटी के कुछ ऊंचे इलाकों में भी हल्की बर्फबारी हुई। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान लगाया है कि अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी, गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना के साथ आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। विभाग ने कहा 'तीन फरवरी की शाम से अलग-अलग स्थानों पर हल्की बर्फबारी और बारिश की संभावना है जबकि चार फरवरी को आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी हाेने की संभावना है।' विभाग ने कहा पांच फरवरी को सुबह या दोपहर के समय छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश एवं बर्फबारी का एक और दौर भी होने का अनुमान है। गुलमर्ग को छोड़कर बर्फबारी के बाद अधिकांश मौसम केंद्रों पर रात का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। विभाग के अनुसार शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि में श्रीनगर में दर्ज न्यूनतम तापमान में सुधार हुआ और यह पिछली रात के 0.8 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले 2.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया और इस अवधि के दौरान यह औसत से 3.1 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। उत्तरी कश्मीर के बारामुल्ला जिले में गुलमर्ग के स्की रिसॉर्ट में तापमान में कुछ डिग्री की गिरावट आई और यहां न्यूनतम तापमान माइनस 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि पिछले साल यह माइनस 7.4 डिग्री सेल्सियस था। यह इस समय मैदानी इलाकों की घाटी के औसत तापमान से 0.2 डिग्री सेल्सियस कम था। मौसम विभाग ने कहा कि पहलगाम के पर्यटक रिसॉर्ट में भी बर्फबारी के बाद गिरावट देखी गई और रविवार को यहां तापमान माइनस 2.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि यहां तापमान माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस था जबकि कोकरनाग में तापमान शून्य से नीचे था जबकि पिछली रात यह माइनस 0.8 डिग्री सेल्सियस था।   recent visitors 25

भारतीय कप्तान निकी प्रसाद ने अंडर-19 विश्व कप जीतकर खोला राज, हमने ‘सफलता का खुमार हावी नहीं होने दिया’

कुआलालंपुर भारतीय कप्तान निकी प्रसाद ने महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप की खिताबी जीत को ‘विशेष क्षण' करार देते हुए रविवार को कहा कि टीम को यह सफलता खिलाड़ियों के धैर्य और काम के प्रति समर्पण से मिली है। भारत ने टूर्नामेंट में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए एकतरफा मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को नौ विकेट से रौंदकर लगातार दूसरी बार अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप खिताब जीत लिया। टीम ने 83 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 52 गेंद शेष रहते प्रभावशाली जीत दर्ज की। गोंगाडी त्रिशा 33 गेंद में नाबाद 44 रन बनाकर भारत की ओर से शीर्ष स्कोरर रहीं जबकि सानिका चाल्के ने भी 22 गेंद में नाबाद 26 रन की पारी खेली। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 48 रन की अटूट साझेदारी भी की। निकी ने मैच के बाद पुरस्कार समारोह में कहा, ‘हम सभी ने धैर्य बनाए रखने की कोशिश की। टूर्नामेंट की शुरुआती मैच में जीत दर्ज करने के बाद भी सफलता का खुमार हावी नहीं होने दिया और अपना काम करते रहे। हम फाइनल जीत कर अपनी क्षमता को दिखाना चाहते थे। हमें बेहतरीन सुविधाएं देने के लिए बीसीसीआई को धन्यवाद। मुझे खुशी है कि मैं यहां खड़ी हूं और यह सुनिश्चित कर रही हूं कि भारत शीर्ष पर रहे। यह एक विशेष क्षण है।' त्रिशा ने इससे पहले गेंदबाजी में भी कमाल करते हुए 15 रन पर तीन विकेट चटकाए। टीम के लिए पारुनिका सिसोदिया (छह रन पर दो विकेट), आयुषी शुक्ला (नौ रन पर दो विकेट) और वैष्णवी शर्मा (23 रन पर दो विकेट) ने भी शानदार गेंदबाजी की जिससे दक्षिण अफ्रीका की टीम 20 ओवर में 82 रन पर सिमट गई। भारतीय कप्तान ने कहा, ‘टूर्नामेंट की शुरुआत में, मैंने कहा था कि हम यहां दबदबा बनाने के लिए आए हैं, यह सुनिश्चित करने के लिए कि भारत यहां शीर्ष पर बना रहे।' उन्होंने कहा, ‘दक्षिण अफ्रीका की टीम भी टूर्नामेंट में वास्तव में अच्छा खेल रही। हम लंबे समय से उनके खिलाफ खेल रहे हैं, उन्होंने मजबूत जज्बा दिखाया। उनके खिलाफ प्रतिस्पर्धा करना वास्तव में अच्छा है।' recent visitors 33

धन और ज्ञान मात्र संग्रह ही नहीं, सदुपयोग भी जरूरी है

एक गांव में धर्मदास नामक एक व्यक्ति रहता था। बातें तो बड़ी ही अच्छी-अच्छी करता था पर था एकदम कंजूस। कंजूस भी ऐसा वैसा नहीं बिल्कुल मक्खीचूस। चाय की बात तो छोड़ो, वह किसी को पानी तक के लिये नहीं पूछता था। साधु-संतों और भिखारियों को देखकर तो उसके प्राण ही सूख जाते थे कि कहीं कोई कुछ मांग न बैठे। एक दिन उसके दरवाजे पर एक महात्मा आए और धर्मदास से सिर्फ एक रोटी मांगी। पहले तो धर्मदास ने महात्मा को कुछ भी देने से मना कर दिया लेकिन तब वह वहीं खड़ा रहा तो उसे आधी रोटी देने लगा। आधी रोटी देखकर महात्मा ने कहा कि अब तो मैं आधी रोटी नहीं, पेट भरकर खाना खाऊंगा। इस पर धर्मदास ने कहा कि अब वह कुछ नहीं देगा। महात्मा रातभर चुपचाप भूखा-प्यासा धर्मदास के दरवाजे पर खड़ा रहा। सुबह जब धर्मदास ने महात्मा को अपने दरवाजे पर खड़ा देखा तो सोचा कि अगर मैंने इसे भरपेट खाना नहीं खिलाया और यह भूख-प्यास से यहीं पर मर गया तो मेरी बदनामी होगी। बिना कारण साधु की हत्या का दोष लगेगा। धर्मदास ने महात्मा से कहा कि बाबा तुम भी क्या याद करोगे, आओ पेट भरकर खाना खा लो। महात्मा भी कोई ऐसा वैसा नहीं था। धर्मदास की बात सुनकर महात्मा ने कहा कि अब मुझे खाना नहीं खाना। मुझे तो एक कुआं खुदवा दो। लो अब कुआं कहां से बीच में आ गया धर्मदास ने साधु महाराज से कहा। धर्मदास ने कुंआ खुदवाने से साफ मना कर दिया। साधु महाराज अगले दिन फिर रातभर चुपचाप भूखा-प्यासा धर्मदास के दरवाजे पर खड़ा रहा। अगले दिन सुबह भी जब धर्मदास ने साधु महात्मा को भूखा-प्यासा अपने दरवाजे पर ही खड़ा पाया तो सोचा कि अगर मैंने कुआं नहीं खुदवाया तो यह महात्मा इस बार जरूर भूखा-प्यासा मर जाएगा और मेरी बदनामी होगी। धर्मदास ने काफी सोच-विचार किया और महात्मा से कहा कि साधु बाबा, मैं तुम्हारे लिये एक कुआं खुदवा देता हूं और इससे आगे अब कुछ मत बोलना। नहीं, एक नहीं अब तो दो कुएं खुदवाने पड़ेंगे, महात्मा की फरमाइशें बढ़ती ही जा रही थी। धर्मदास कंजूस जरूर था, बेवकूफ नहीं। उसने सोचा कि अगर मैंने दो कुएं खुदवाने से मना कर दिया तो यह चार कुएं खुदवाने की बात करने लगेगा इसलिए रामदयाल ने चुपचाप दो कुएं खुदवाने में ही अपनी भलाई समझीं। कुएं खुदकर तैयार हुए तो उनमें पानी भरने लगा। जब कुओं में पानी भर गया तो महात्मा ने धर्मदास से कहा, दो कुओं में से एक कुआं में तुम्हे देता हूं और एक अपने पास रख लेता हूं। मैं कुछ दिनों के लिये कहीं जा रहा हूं लेकिन ध्यान रहे, मेरे कुओं में से तुम्हें एक बूंद पानी भी नहीं निकालना है। साथ ही अपने कुएं में से गांव वालों को रोज पानी निकालने देना है। मैं वापस आकर अपने कुएं से पानी पीकर प्यास बुझाऊंगा। धर्मदास ने महात्मा वाले कुएं के मुंह पर एक मजबूत ढक्कर लगवा दिया। सब गांव वाले रोज धर्मदास वाले कुएं से पानी भरने लगे। लोग खूब पानी निकालते पर कुएं में पानी कम न होता। शुध्द-शीतल जल पाकर गांव वाले निहाल हो गये थे और महात्माजी का गुणगान करते न थकते थे। एक वर्ष के बाद महात्मा पुन:- उस गांव में आए और धर्मदास से बोले कि उसका कुआं खोल दिया जाए। धर्मदास ने कुएं का ढक्कन हटवा दिया। लोग यह देखकर हैरान रह गये कि कुएं में एक बूंद भी पानी नहीं था। महात्मा ने कहा, कुएं से कितना भी पानी क्यों न निकाला जाए, वह कभी खत्म नहीं होता अपितु बढ़ता जाता है। कुएं का पानी न निकालने पर कुआं सूख जाता है, इसका स्पष्ट प्रमाण तुम्हारे सामने है। और यदि किसी कारण से कुएं का पानी न निकालने पर पानी नहीं भी सूखेगा तो वह सड़ अवश्य जायेगा और किसी काम में नहीं आयेगा। महात्मा ने आगे कहा, कुएं के पानी की तरह ही धन-दौलत की भी तीन गतियां होती हैं उपयोग, नाश अथवा दुरुपयोग। धन-दौलत का जितना इस्तेमाल करोगे, वह उतना ही बढ़ता जाएगा। धन-दौलत का इस्तेमाल न करने पर कुएं के पानी की तरह ही सूख जायेगा, समाप्त हो जाएगा और अगर इसके बावजूद बचा रहा तो वह धन-दौलत निरर्थक पड़ा रहेगा। उसका उपयोग संभव नहीं रहेगा या अन्य कोई उसका दुरुपयोग कर सकता है। अत:- अर्जित धन-दौलत का समय रहते सदुपयोग करना अनिवार्य है।   recent visitors 33

श्रद्धालुयो को सत्ता रहा भगदड़ का भय!, प्रयागराज में करीब 25 फीसदी होटलों की बुकिंग कैंसिल

प्रयागराज मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ के बाद तीर्थयात्रियों ने होटलों से बुकिंग कैंसिल कराई. एडवांस पेमेंट करने वाले श्रद्धालु अब आगे की डेट मांग रहे हैं. बताया जा रहा है कि प्रयागराज में करीब 25 फीसदी बुकिंग कैंसिल करा दी गई है. पहले दिन से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. इस वक्त प्रयागराज में 200 होटल संचालित हो रहे हैं. बता दें कि मौनी अमावस्या से ठीक पहली रात को संगम क्षेत्र में भगदड़ मच गई थी. जिसमें 30 लोगों की मौत की पुष्टि हुई. साथ ही बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए. इस हादसे के चलते उस दिन का अमृत स्नान स्थगित कर दिया गया था. हालांकि बाद में अखाड़ों के केवल गिनती के सन्यासी स्नान के लिए आए थे. वो भी बिना किसी शोभायात्रा या गाजे-बाजे के. साधारण तरीके से परंपरा के निर्वहन के लिए अखाड़ों ने उस दिन स्नान किया था. अलर्ट मोड पर प्रशासन हालांकि इधर भगदड़ से सबक लेते हुए शासन-प्रशासन ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया है. वहीं 3 फरवरी यानी कल होने वाले बसंत पंचमी के अमृत स्नान के लिए श्रद्धालु अभी से महाकुंभ नगर पहुंच चुके हैं. प्रशासन ने स्नान की तैयारी पूरी कर ली है. मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है. स्नान घाटों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. साथ ही डीप वाटर बैरिकेडिंग लगाई गई है. श्रद्धालुओं के आने-जाने का मार्ग निर्धारित किया गया है. पुलिस के जवानों को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है. पूरे मेले की सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है. बसंत पंचमी पर करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. recent visitors 38

मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास की कथित मनमानी से नाराज कांग्रेस पार्टी के 10 विधायकों ने गुप्त बैठक की, रेवंत रेड्डी की चिंता बढ़ी

तेलंगाना तेलंगाना में रेवंत रेड्डी की चिंता बढ़ गई है। कांग्रेस पार्टी के 10 विधायकों ने गुप्त बैठक की है। ऐसा कहा जा रहा है कि उनमें असंतोष है। ये सभी विधायक मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास की कथित मनमानी से नाराज हैं। इन्होंने पार्टी आलाकमान से भी इसकी शिकायत की है। इसके बाद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी हरकत में आ गए हैं। रेवंत रेड्डी ने अपने मंत्री श्रीनिवास को बैठक के लिए बुलाया है। इस बैठक से अधिकारियों को दूर रहने के लिए भी कहा गया है। आपको बता दें कि हाल ही में तेलंगाना में विधान परिषद और स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले हैं। कांग्रेस के दस विधायकों में नैनी राजेंदर रेड्डी, भूपति रेड्डी, येनम श्रीनिवास रेड्डी, मुरली नाइक, कुचुकुल्ला राजेश रेड्डी, संजीव रेड्डी, अनिरुद्ध रेड्डी, लक्ष्मीकांत, दोंती माधव रेड्डी और बीरला इलैय्या शामिल हैं। इन्होंने कांग्रेस नेता अनिरुद्ध रेड्डी के फार्महाउस पर यह बैठक की थी। आपको बता दें कि अगर ये 10 विधायक बगावत करते हैं तो रेवंत रेड्डी की सरकार अल्पमत में आ सकती है। फिलहाल कांग्रेस के पास तेलंगाना में 64 विधायक हैं। विधानसभा में जरूरी बहुमत से सिर्फ 4 अधिक है। वहीं, बीआरएस के 39 विधायक हैं। भाजपा के 8 और एआईएमआईएम के 7 विधायक हैं। recent visitors 16

काम दिलाने के बहाने मानव तस्करी का खुलासा, छत्तीसगढ़-जशपुर की दो नाबालिग बच्चियां कर्नाटक से बरामद

जशपुर। जशपुर जिले के एक परिवार की मासूम बच्चियां अचानक गायब हो गईं। जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो इस मामले के पीछे छिपी एक खौफनाक सच्चाई सामने आई। यह एक सुनियोजित मानव तस्करी का मामला था। बागबहार थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले किसान दंपति रोज की तरह जंगल में अपनी बकरियां चराने गए थे। लेकिन जब वे शाम को लौटे, तो उनकी 15 वर्षीय बेटी और 15 वर्षीय भतीजी घर से लापता थीं। परिवार ने गांवभर में खोजबीन की, लेकिन बच्चियों का कोई पता नहीं चला। गांववालों से पूछताछ के बाद पता चला कि मनीराम नामक व्यक्ति, जो टांगरगांव का रहने वाला था, बच्चियों को काम दिलाने के बहाने कर्नाटक ले गया है। ऑपरेशन मुस्कान की टीम ने बचाया मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर ऑपरेशन मुस्कान के तहत एक विशेष पुलिस टीम बनाई गई। टेक्निकल सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस को पता चला कि दोनों नाबालिग लड़कियां कर्नाटक के गुलमर्ग जिले में हैं। बिना देर किए, पुलिस टीम कर्नाटक रवाना हुई और ग्राम मादरी, थाना जयमर्गी से दोनों लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया। यही नहीं, वहां जशपुर की ही दो और लड़कियां भी मिलीं, जिन्हें बहला-फुसलाकर वहां लाया गया था। पुलिस ने चारों बच्चियों को बचाकर जशपुर लाने में सफलता हासिल की। आरोपी गिरफ्तार, ऑपरेशन मुस्कान जारी आरोपी मनीराम पिता अगरसाय (32 वर्ष) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उसने कबूल किया कि वह बच्चियों को काम दिलाने के बहाने कर्नाटक लेकर गया था, लेकिन उनके परिवारों को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। इस ऑपरेशन में थाना प्रभारी सरोज टोप्पो, निरीक्षक हरिशंकर राम, प्रधान आरक्षक अरविंद साय पैंकरा और आरक्षक यशवंत कुजूर की अहम भूमिका रही। एक महीने में 24 गुमशुदा बच्चों को ढूंढ निकाला ऑपरेशन मुस्कान के तहत जशपुर पुलिस ने जनवरी महीने में कुल 24 गुमशुदा बच्चों को उनके परिवारों से मिलवाया। इनमें से 10 बच्चों को झारखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक से बरामद किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को सम्मानित करने की घोषणा की है। साथ ही, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुमशुदा बच्चों की तलाश जारी रहेगी। जशपुर पुलिस की इस  कार्रवाई ने कई परिवारों को उनका खोया हुआ सुकून वापस दिलाया है। लेकिन यह सवाल अब भी बना हुआ है–आखिर ऐसे मानव तस्कर कब तक मासूमों को अपने जाल में फंसाते रहेंगे? recent visitors 43