Friday, July 3, 2026 9:08 pm

चुनाव से पहले पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी घायल भी हुआ है और 3-4 बदमाशों को गिरफ्तार किया

नई दिल्ली 5 फरवरी को दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं। मगर एक दिन पहले पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ की खबर सामने आई है। घटना बाहरी दिल्ली के भलस्वा इलाके की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां एक बिल्डिंग में कई बदमाश छिपे हैं। इन्हें पकड़ने पहुंची टीम पर फायरिंग हुई तो पुलिस ने भी जवाबी कार्रावाई की। इस मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी घायल भी हुआ है और 3-4 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि भलस्वा इलाके की एक बिल्डिंग में कुछ बदमाश छिपे हैं। इसके बाद रानीबाग थाने के एसएचओ पुलिस टीम के साथ हथियारों से लैस होकर बदमाशों को पकड़ने गए थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने बदमाशों को हथियार डालने को कहा, लेकिन उन्होंने पुलिस का कहा नहीं माना और फायरिंग करनी शुरू कर दी। सरेंडर करने के बजाय बदमाशों की तरफ से फायरिंग होती देख पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और जवाबी एक्शन किया। इस बीच बदमाशों की तरफ से हुई अचानक फायरिंग में एक गोली एसएचओ को छूते हुए भी निकली। मगर उन्होंने एक बदमाश को मजबूती से पकड़ लिया और फिर उसे नहीं छोड़ा। थानेदार की गिरफ्त से बचने के लिए बदमाश ने एसएचओ के सिर में हथियार का बट मार दिया, जिससे वो घायल हो गए। पुलिस ने इस मुठभेड़ में बिल्डिंग से 3 से 4 बदमाशों को पकड़ा है। ये लोग किस गैंग से जुड़े हैं, इसके बारे में पुलिस पता लगा रही है। बदमाशों के पास से हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। recent visitors 47

दुर्ग में बाइक सवार को ठोकर मार खंभे से जा टकराई हाइवा, केबिन में घंटों फसे रहे ड्राइवर-हेल्पर

दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग में आज सुबह तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है. एक ओवरलोड रेत से भरी हाईवा बाइक सवार को ठोकर मारते हुए एक लोहे के पोल से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हाईवा का सामने का हिस्सा पूरी तरह से अंदर धंस गया, और उसमें बैठे चालक और परिचालक दोनों अंदर फंस गए. दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने दोनों को बाहर निकाला. बता दें, यह हादसा टाउनशिप और पावर हाउस को जोड़ने वाले ओवर ब्रिज पर हुआ, जहां भारी वाहनों को पहले ही प्रतिबंधित किया गया था. तेज रफ्तार हाईवा सेक्टर 1 से नंदिनी जाने वाले ओवर ब्रिज पर आ रहा था. जैसे ही हाईवा ब्रिज से नीचे उतरा, वह अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे बीएसपी कर्मचारी को ठोकर मार दिया. ठोकर लगने से कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत सेक्टर 9 अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई में जुट गई है. recent visitors 26

चेल्सी की शानदार वापसी, वेस्ट हैम को 2-1 से हराया

लंदन चेल्सी ने शुरू में पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए वेस्ट हैम को 2-1 से हराकर इंग्लिश प्रीमियर लीग फुटबाल टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा। चेल्सी की यह आठ मैचों में दूसरी जीत है जिससे वह अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। वह अब मैनचेस्टर सिटी से दो अंक ऊपर और तीसरे स्थान पर मौजूद नॉटिंघम फ़ॉरेस्ट से चार अंक पीछे है। वेस्ट हैम 15वें स्थान पर है। पैर की चोट के कारण पिछले छह मैच में नहीं खेल पाने वाले इंग्लैंड के फारवर्ड जारोड बोवेन ने मध्यांतर से तीन मिनट पहले गोल करके वेस्ट हैम को बढ़त दिला दी। जब लग रहा था कि वेस्ट हैम मैच पर नियंत्रण बना रहा है तब चेल्सी ने 64वें मिनट में पलटवार किया। एंज़ो फर्नांडीज के शॉट को लाइन पर रोक दिया गया था, लेकिन स्थानापन्न पेड्रो नेटो ने रिबाउंड पर गोल कर दिया। इसके 10 मिनट बाद वेस्ट हैम के डिफेंडर आरोन वान बिसाका ने आत्मघाती गोल किया जो आखिर में निर्णायक साबित हुआ।   recent visitors 47

विश्लेषण: प्रयागराज महाकुम्भ 2025 मेले में हुई त्रासदी के बाद उठ रहे हैं कई सवाल

Analysis: Many questions are being raised after the tragedy at the Prayagraj Maha Kumbh 2025 fair (सम्पादकीय लेख) भोपाल। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के समर्थक चाहे जितनी कोशिश कर लें, कुम्भ मेले में हुई त्रासदी के पीछे उनके प्रशासन की लापरवाही और कुप्रबंधन को छिपाया नहीं जा सकता। जैसे-जैसे नए विवरण सामने आ रहे हैं, हादसे की भयावहता बढ़ती ही जा रही है। यह भी पता चला है कि 29 जनवरी की सुबह पहली भगदड़ के बाद, कुछ ही घंटों के भीतर थोड़ी दूरी पर दूसरी भगदड़ भी हुई थी। इसके अलावा कुम्भ में कुछ मर्तबा आगजनी की घटनाएं भी हुई हैं, जिनमें सरकार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से बनाए गए दर्जनों आलीशान टेंट जलकर राख हो गए। आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या 30 बताई गई है। लेकिन मौनी अमावस्या के दिन स्नान के लिए जिस पैमाने पर भीड़ उमड़ी थी, उसके मद्देनजर यह संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। कपड़ों, जूतों, कम्बलों और अन्य निजी सामानों के अवशेष हर जगह बिखरे पड़े थे, जो इस बात के जीवंत साक्ष्य थे कि भीड़ में कुचलने के भय से श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने पर मजबूर हो गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी के कुछ ही घंटों के भीतर एक्स पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कर दी थीं, लेकिन उत्तर प्रदेश प्रशासन बहुत समय तक यही दिखावा करता रहा कि कुछ हुआ ही नहीं है। इसके बाद मोदी ने यूपी सीएम से चार बार फोन पर बात की, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी एक्स पर पोस्ट किया, तब जाकर यूपी प्रशासन को अपनी चुप्पी तोड़ने और सच्चाई स्वीकारने के लिए मजबूर होना पड़ा। हादसे के पूरे 17 घंटे बाद, 29 जनवरी को शाम 7 बजे उन्होंने भगदड़ की जिम्मेदारी लेते हुए बयान जारी किया और ऐसी घटना दोबारा होने से रोकने के इंतजाम करने का वादा किया। उसके बाद से, यूपी सरकार ने भीड़ को सफलतापूर्वक प्रबंधित करने का प्रत्यक्ष अनुभव रखने वाले दो वरिष्ठ अधिकारियों को ड्यूटी पर लगाया है, अतिरिक्त बल तैनात किए हैं और वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए नए सिरे से यातायात योजना बनाई है, लेकिन नुकसान पहले ही हो चुका था। जोशीमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हादसे के बाद योगी के इस्तीफे की मांग की है और उन पर इस मामले में देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। अन्य प्रमुख संतों और साधुओं ने सार्वजनिक रूप से तो कुछ नहीं कहा, लेकिन माना जा रहा है कि कई लोग मन ही मन शंकराचार्य की भावनाओं को समर्थन करते हैं और वे इस बात से नाराज हैं कि मौनी अमावस्या का पवित्र दिन तीर्थयात्रियों के शवों से दागदार हो गया। शंकराचार्य ने कहा कि अगर उन्हें भगदड़ और उसके परिणामस्वरूप हुई मौतों के बारे में पता होता, तो वे मृतकों के लिए उपवास करते और आनुष्ठानिक रूप से तीर्थस्नान नहीं करते। यूपी के सीएम के रूप में आठ साल के अपने कार्यकाल में योगी ने खुद को हिंदुत्व के एक प्रखर चेहरे के रूप में स्थापित कर दिया है। इससे न केवल उन्हें संघ का समर्थन मिला जिसने लोकसभा चुनावों में यूपी में भाजपा की करारी हार के बावजूद हर परिस्थिति में उनका साथ दिया बल्कि उन्हें खुद को देश भर में एक लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिली। आज वे मोदी के बाद भाजपा के दूसरे सबसे लोकप्रिय प्रचारक हैं। लेकिन कुम्भ हादसे के बाद एक सक्षम प्रशासक के रूप में उनकी छवि को झटका लगा कुम्भ का निर्बाध आयोजन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की साख को मजबूत कर सकता था। किंतु प्रयागराज में हुए हादसे के बाद अब यूपी प्रशासन से सवाल पूछे जा रहे हैं। यह किसी से छुपा नहीं है कि यूपी की भाजपा में अंतर्कलह है। है। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि वे कुम्भ शुरू होने से पहले और बाद में लगभग हर दूसरे दिन प्रयागराज का दौरा कर रहे थे, वे व्यक्तिगत रूप से वहां की व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे थे और इस पर बारीकी से नजर रखे हुए थे कि कुम्भ के प्रबंधन के लिए जो प्रशासनिक मशीनरी उन्होंने लगाई थी, वह सुचारु रूप से काम कर रही है या नहीं। बीवीआईपी के लिए विशेष व्यवस्था, उनकी गाड़ियों की अनियंत्रित आवाजाही और आम श्रद्धालुओं को नदी तक पहुंचने के लिए 20 किलोमीटर से अधिक पैदल चलना, खाने-पीने की चीजों की ऊंची लागत आदि को लेकर भी अनेक श्रद्धालुओं में गुस्सा है। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम का निर्बाध आयोजन हिंदुत्व के प्रतीक और कुशल प्रशासक के रूप में योगी की साख को मजबूत करता, किंतु प्रयागराज में अफसरों की लापरवाही से हुए हादसे के बाद अब उनके नेतृत्व वाले प्रशासन से सवाल पूछे जा रहे हैं। यह किसी से छुपा नहीं है कि यूपी की भाजपा में अंतर्कलह है। 26 फरवरी को मेला समाप्त होने के बाद यूपी की राजनीति में बहुत कुछ देखने को मिल सकता है। [/more] recent visitors 270

चाकूबाजों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर न्यायधानी के सरकण्डा थाना क्षेत्र में रविरात हुई चाकूबाजी के 7 आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है. आरोपी मुन्नू खान, रिंकू खान, अकबर खान, असरफ खान, सलमान खान, खिजाम खान, सहाजद खान ने छट्ठी कार्यक्रम के दौरान 3 लोगों से आपसी विवाद के चलते मारपीट और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है. इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है. इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है. जानकारी के अनुसार, सरकण्डा के अशोक नगर मुरूम खदान निवासी ओमप्रकाश मानिकपुरी उर्फ गब्बर (23 वर्ष), पिता दयादास मानिकपुरी ने बीते दिन 2 फरवरी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह रात में करीब 9.30 बजे खाना खाकर घर के बाहर खड़ा था, तभी मोहल्ले का संजू दौड़ते हुये आया और बताया कि पप्पू साहू के घर छट्ठी कार्यक्रम के दौरान श्रवण साहू और मुन्नू खान लोगों से झगड़ा विवाद हो रहा है. इस पर उसने मौके पर जाकर देखा तो श्रवण साहू को उक्त 7 आरोपी मिलकर लात मुक्के डंडे से मारपीट कर रहे थे. ओमप्रकाश ने मारपीट को रोकने की कोशिश की, तो रिंकू खान ने पीछे से पकड़ा और मुन्नू खान मेरी हत्या करने के नियत से चाकू निकालकर पेट में ताबड़तोड़ वार कर चोट पहुंचाया, इसी बीच पीछे से भी किसी ने उसके सिर पर डण्डे से वार किया, जिससे वह बुरी तरह घायल होकर गिर गया. प्रार्थी ओमप्रकाश ने शिकायत में यह भी कहा कि सभी 7 आरोपियों ने एक राय होकर श्रवण साहू और मुझे हत्या करने के नियत से मारपीट और चाकू से हमलाकर मौके से फरार हैं. मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने अप.क्र. – 195/2025, धारा – 109, 191(2), 191(3), 190 बीएनएस,  25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध पंजीबंद्ध कर सभी फरार आरोपियों की पतासाजी कर आज धर दबोचा है. पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया है. पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कुबूल किया है, जिसके बाद सभी को आज न्यायालय में पेश किया गया है. आरोपियों की पहचान: 01. मोह. मुख्तार खान उर्फ मुन्नू पिता करीम खान उम्र 19 वर्ष. 02. मोह. मिराज उर्फ रिंकू पिता मोह. अन्नू उम्र 21 वर्ष. 03. अकबर खान पिता अमजद खान उम्र 19 वर्ष. 04. असरफ खान पिता अमजद खान उम्र 19 वर्ष. 05. सलमान उर्फ बौना खान पिता मुन्ने खान उम्र 24 वर्ष. 06. खिजाम खान पिता सद्दाम खान उम्र 19 वर्ष. 07. सहाजद खान उर्फ छोटू पिता बन्ने खान उम्र 20 वर्ष.     सभी निवासी अशोक नगर एकता कालोनी सरकण्डा,थाना सरकण्डा जिला बिलासपुर (छ.ग.). recent visitors 31

एसए 20 के तीसरे सत्र में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद राशिद खान ने कहा- वैसे ही कप्तानी करना चाहता था

गक्बेरहा एसए 20 के तीसरे सत्र में एमआई केपटाउन के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद आत्मविश्वास से ओतप्रोत कप्तान राशिद खान ने कहा कि वह उसी तरह से कप्तानी करना चाहते थे जैसी पिछले साल टी20 विश्व कप में अफगानिस्तान की थी। पिछले दो सत्र में खराब प्रदर्शन और प्लेआफ में जगह नहीं बना पाने के बाद एमआई केपटाउन एसए20 के तीसरे सत्र में नौ मैचों में छह जीत दर्ज करके तीस अंक के साथ शीर्ष पर है। राशिद की कप्तानी में पिछले साल टी20 विश्व कप में अफगानिस्तान की टीम ने सभी को चौंकाते हुए सुपर आठ चरण में आस्ट्रेलिया को हराया और फिर अंतिम चार में पहुंची थी। राशिद ने पार्ल रॉयल्स के खिलाफ पहले क्वालीफायर की पूर्व संध्या पर मीडिया से कहा, ‘‘मैं एमआई केपटाउन की कप्तानी उसी तरह से करना चाहता था जैसे विश्व कप में अफगानिस्तान के लिये की थी। कोच रॉबी पीटरसन ने भी मुझसे यही कहा। इस साल मैं खिलाड़ियों को बेहतर समझता था और उनके साथ काफी समय बिताया था जिससे मुझे पता था कि किस गेंदबाज का इस्तेमाल कब करना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सबसे अहम बात खिलाड़ियों से स्पष्ट संवाद रखना था। उन्हें पता होना चाहिये कि कप्तान के दिमाग में क्या चल रहा है और मुझे पता होना चाहिये कि वे क्या सोच रहे हैं। पहले साल में इससे बेहतर कर सकता था लेकिन हम सब लगातार सीखते हैं।’’ इस अनुभवी लेग स्पिनर ने कहा कि इस बार हर खिलाड़ी जिम्मेदारी लेकर खेला है जिससे उनका काम आसान हो गया। उन्होंने कहा,‘‘पिछले दो साल हमने अच्छी क्रिकेट खेली लेकिन फिनिशिंग नहीं कर सके। इस बार हमने टीम प्रयास से अच्छा किया और जिसे भी मौका मिला, उसने योगदान दिया है। चाहे वह बल्लेबाज हो, गेंदबाज या फील्डर। सबसे अहम बात है कि हम खेल का मजा ले रहे हैं और नतीजों की परवाह नहीं कर रहे।’’ उन्होंने कहा कि टीम में नेतृत्व दल होने से उन्हें काफी मदद मिल रही है। राशिद ने कहा, ‘‘टीम में एक अच्छा नेतृत्व दल होना जरूरी है। खासकर मेरे जैसे विदेशी खिलाड़ी के लिये यहां आकर कप्तानी करना आसान नहीं था लेकिन बाकी सीनियर खिलाड़ियों ने मेरी काफी मदद की। सभी ने मिलकर जिम्मेदारी ली है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिये मुझे यह नहीं सोचना पड़ता कि मैं अकेले फैसले ले रहा हूं। मैं दूसरों की भी सुनता हूं जो काफी अनुभवी हैं। ये खिलाड़ी इन हालात में काफी खेल चुके हैं और यहीं बड़े हुए हैं। उन्हें हालात की अच्छी समझ है और मुझे उनसे काफी मदद मिलती है।’’   recent visitors 37

SP-DSP समेत 500 पुलिस वालों ने डाली रेड, मिली 20 करोड़ की अफीम, अफीम की खेती को की नष्ट

रोहतास नशे के खिलाफ बिहार में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 20 करोड़ की अफीम की खेती को नष्ट किया है। बताया जा रहा है कि रोहतास जिले में बिहार- झारखंड के सीमा पर स्थित नौहट्टा थाना के बेलौजा सोनडीला पर एसपी रौशन कुमार के नेतृत्व मे बड़ी छापेमारी की गई। इस दौरान बीस करोड़ के अफीम की खेती को नष्ट किया गया। इस दौरान शराब की कई भट्ठियों को भी ध्वस्त किया गया है। बताया जा रहा है कि एसपी-डीएसपी, 23 थानाध्यक्ष समेत करीब पांच सौ पुलिस बल छापामारी में शामिल थे। इतनी बड़ी संख्या में पुलिस की इस छापेमारी से हड़कंप मच गया। पुलिस ने इस दौरान अफीम की खेती को नष्ट कर नशे पर जोरदार प्रहार किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रोहतास जिले के सुदूर सिंहपुर गांव में अफीम की यह खेती की जा रही है। इसके बाद पुलिस ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने पूरे इलाके को सीज कर दिया। ट्रैक्टर ला कर पुलिस ने पूरी फसल को नष्ट कर दिया। कहा जा रहा है कि अफीम की यह पूरी खेती 10 एकड़ में की गई थी। 10 एकड़ की अफीम की खेती की कीमत 20 करोड़ बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि फसल के पूरी तरह से तैयार होने के बाद इसकी कीमत और भी ज्यादा हो सकती है। खुले आसमान के नीचे अफीम की यह फसल लहलहा रही थी और अफीम की मोटी-मोटी गांठें लहरा रही थीं। हालांकि, अफीम की यह खेती किसने की थी अभी इसके बारे में पुलिस की तरफ से विशेष जानकारी नहीं दी गई है। recent visitors 69