Friday, July 3, 2026 7:55 pm

केन्द्र सरकार ने दी मंजूरी, एमपी के 10 शहरों में ‘कचरे’ से बनेगी ‘बिजली’

electricity will be produced from waste in 10 urban bodies of mp नगरीय विकास विभाग ने घरेलू कचरे के निस्तारण के मामले में बड़े जुर्माने से बचने के लिए प्रयास शुरू किए हैं। इसके तहत कहीं कचरे से सीएनजी बनाने के प्लांट लगाए जा रहे हैं तो कहीं कंपोस्टिंग के प्लांट लग रहे हैं। इसी सिलसिले में अब मध्यप्रदेश के 10 शहरों में कचरे से बिजली बनाने के प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन्हें केन्द्र से अनुमति मिल गई है। यह वर्ष 2026 तक शुरू होने की संभावना है। सरकार ने प्रदेश में नगरीय निकायों को वर्ष 2027 तक कचरा प्रबंधन में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है। यहां पहले से बनाई जा रहीरीवा, जबलपुर में कचरे से बिजली बनाने की यूनिट संचालित हैं। प्रतिदिन 950 टन कचरे का प्र-संस्करण कर 18 मेगावॉट बिजली पैदा की जा रही है। लीगेसी वेस्ट खत्म करने में मिलेगी मदद एनजीटी ने 2022 में सॉलिड वेस्ट प्रबंधन में लापरवाही के लिए 3 हजार करोड़ का जुर्माना लगाया था। तत्कालीन सीएस ने छह माह में प्रबंधन करने का शपथ-पत्र दिया था। इसके बाद जुर्माना स्थगित किया गया, लेकिन अब भी निकायों की डंपिंग साइट पर 25 लाख टन से ज्यादा लीगेसी वेस्ट जमा है। बिजली प्लांट बनने से वेस्ट भी खत्म करने में मदद मिलेगी। जुर्माने से बचा जा सकेगा। हाल ही में गीले कचरे की कंपोस्टिंग के लिए कटनी, सागर में स्वचालित यूनिट लगाई गई हैं। इन 10 नई इकाइयों को अनुमति 10 नगरीय निकायों के लिए क्लस्टर आधार पर 1018.85 टन प्रतिदिन क्षमता की इकाइयों के लिए मंजूरी मिली है। इन निकायों में सांची, हरदा, नया हरसूद, शाहगंज, आलीराजपुर, देपालपुर, उन्हेल, बाबई, धारकोटि और इंदौर शामिल हैं। इनमें आसपास के स्थानों को भी जोड़ा गया है। जहां कचरा कम निकलता है वहां समीपस्थ अन्य शहरों को जोड़ा गया है। इंदौर-उज्जैन को मिलाकर 607 टन कचरे से बिजली बनाने की यूनिट्स का काम प्रस्तावित है। इसके शुरू होने से 12.15 मेगावाट बिजली बन सकेगी। recent visitors 125

एटीपी टूर: मेदवेदेव ने कड़े मुकाबले में वावरिंका को हराया

रोटर्डम विश्व के सातवें नंबर के खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव ने कड़ी चुनौती पेश की और दो पूर्व विजेताओं के बीच मुकाबले में स्विस स्टार स्टेन वावरिंका को हराकर एटीपी रोटर्डम ओपन में वापसी की। दूसरे वरीय खिलाड़ी ने पहले सेट में दो सेट प्वाइंट गंवाने के बावजूद साथी पूर्व चैंपियन वावरिंका पर 6-7(8), 6-4, 6-1 से रोमांचक जीत दर्ज की। हालांकि, उन्होंने 2023 में खिताब जीतने के बाद पहली बार इंडोर हार्ड-कोर्ट एटीपी 500 इवेंट में दूसरे दौर में प्रवेश करने के लिए अच्छी वापसी की। इवेंट के राउंड ऑफ 32 के अन्य मैचों में, वाइल्डकार्ड पर खेल रहे छठे वरीय यूनानी खिलाडी स्टेफानोस सितसिपास ने फ्रांस के क्वालीफायर हेरोल्ड मेयोट को सीधे सेटों में 6-1,7-5 से हराया, जबकि पोलैंड के आठवें वरीय ह्यूबर्ट हर्काज़ ने सेंटर कोर्ट पर 77 मिनट तक चले मुकाबले में इटली के फ्लेवियो कैबोली को 6-3,6-2 से हराया। इटली के क्वालीफायर मटिया बेलुची ने सोमवार रात को नीदरलैंड के मीस रोटगेरिंग को राउंड ऑफ 32 के एक अन्य मुकाबले में 6-3, 6-2 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। मेदवेदेव बनाम वावरिंका मुकाबले पर ध्यान केंद्रित था, क्योंकि दोनों पूर्व चैंपियन हैं और मेदवेदेव कुछ वर्षों के बाद इस इवेंट में वापस आ रहे थे। रोटर्डम में 2015 के खिताब विजेता वावरिंका ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरकार मेदवेदेव के जीत की रेखा पार करने के कारण उनकी ऊर्जा खत्म हो गई। 28 वर्षीय मेदवेदेव का अगला मुकाबला इतालवी क्वालीफायर मटिया बेलुची से होगा। अगर मेदवेदेव इस सप्ताह खिताब जीतने में सफल हो जाते हैं, तो यह रोम में 2023 एटीपी मास्टर्स 1000 के बाद उनका पहला खिताब होगा। यह पहली बार भी होगा जब पूर्व विश्व नंबर 1 खिलाड़ी ने एक ही इवेंट दो बार जीता हो, जबकि उनके पिछले 20 खिताब अलग-अलग टूर्नामेंट में आए हैं। मेदवेदेव को पिछले दो एटीपी मुकाबलों में मात देने के बाद, वावरिंका को आगे की चुनौती का एहसास था और इनका गेम प्लान शुरू से ही स्पष्ट था। 39 वर्षीय वावरिंका ने न केवल लम्बी रैलियों में भाग लिया, बल्कि उन्होंने अपनी निरंतर आक्रामकता के साथ मेदवेदेव पर हमला किया। वावरिंका ने 29 शॉट के सेट प्वाइंट को रोक दिया, जो ओपनर की सबसे लंबी रैली के रूप में दोगुना था, उन्होंने अपना प्रभुत्व स्थापित किया और फोरकोर्ट में प्वाइंट को पूरा किया। उन्होंने खेल के इस पैटर्न का इस्तेमाल 69 मिनट के पहले सेट के अधिकांश समय में मेदवेदेव को परेशान करने के लिए किया, जिसके दौरान स्विस खिलाड़ी ने नेट पर 17 में से 12 अंक जीते। मेदवेदेव पहले सेट के अंत में टॉयलेट ब्रेक से पूरी तरह से अलग खिलाड़ी के रूप में लौटे। पीआईएफ एटीपी रैंकिंग में नंबर 7 ने अपनी आक्रामकता का स्तर बढ़ाया, जिसने धीरे-धीरे वावरिंका से अधिक गलतियां कराना शुरू कर दिया और उनके विनर्स की संख्या में भारी कमी आई, जो दो सेटों के बीच 16 से गिरकर 5 हो गई। जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा, वावरिंका को पहले सेट में कोर्ट के सभी कोणों से विनर्स को फायर करने वाली रेंज को फिर से खोजने के लिए संघर्ष करना पड़ा। मेदवेदेव ने अंतिम सेट में शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें उन्हें एक भी ब्रेक प्वाइंट का सामना नहीं करना पड़ा।   recent visitors 62

नर्मदा लोक का काम 150 करोड़ रुपए की लागत से तीन चरणों में, 20 करोड़ से कोरी घाट से नर्मदा घाट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा

नर्मदापुरम उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर नर्मदापुरम में जल्द ही नर्मदा लोक आकार लेना शुरू कर देगा। नर्मदा लोक का काम 150 करोड़ रुपए की लागत से तीन चरणों में किया जाएगा। इसके पहले चरण में 20 करोड़ से कोरी घाट से नर्मदा घाट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। नर्मदापुरम के खर्राघाट से गोंदरी घाट तक 5 किलोमीटर लंबा नर्मदा लोक कॉरिडोर बनेगा। इसकी टेक्निकल स्वीकृति के लिए नगर पालिका ने डीपीआर बनाकर भोपाल भेजी है। स्वीकृति आते ही फरवरी के आखिरी सप्ताह तक टेंडर हो जाएंगे। इसके बाद काम शुरू होगा। नर्मदा लोक की डीपीआर इंदौर की कला आकार एसोसिएट्स ने तैयार की है। नर्मदा लोक कॉरिडोर में खर्राघाट से गोंदरी घाट तक 5 किमी में घाटों की सूरत बदलेगी। पार्किंग, सुरक्षा के मजबूत इंतजाम होंगे। नर्मदा लोक बनाने का काम कामाख्या देवी मंदिर बनाने वाली कंपनी को मिला है। इस प्रोजेक्ट में राजघाट, विवेकानंद घाट और पोस्ट ऑफिस घाट की ड्रॉइंग एक समान रखी गई है। इसमें पूजन-पाठ के लिए गुर्जे बनेंगे। राजघाट पर तर्पण, पिंडदान हो सकेंगे। इसके अलावा घाट का चौड़ीकरण होगा। पोस्ट ऑफिस घाट पर ट्रैक भी बनेगा। नर्मदा लोक कॉरिडोर में ये काम होंगे     प्रवेश द्वारः सेठानी घाट प्रवेश द्वार और कॉरिडोर जयपुरी लाल पत्थरों से बनेगा। द्वार के गेट पर नक्काशी होगी। सलकनपुर की तर्ज पर बाघ का चेहरा और गुंबद रहेगा। कॉरिडोर के बीच में इतिहास की जानकारी मिलेगी।     सेठानी घाटः सेठानी घाट से पर्यटन घाट तक सौंदर्यीकरण किया जाएगा। गुर्जों पर खुले पंडाल बनेंगे। बैठकर नर्मदा दर्शन होंगे। निर्धारित क्षेत्र में जबलपुर के ग्वारी घाट, ओंकारेश्वर की तरह बोटिंग होगी।     210 मीटर का कॉरिडोर: सेठानी घाट से मंगलवारा घाट तक 210 मीटर लंबा कॉरिडोर बनेगा। इसमें पेड़-पौधे, लाइटिंग कर लाल पत्थर से पाथवे का डेवलप होगा।     कोरी घाटः ऊपर पार्किंग बनेगी। ऊपरी हिस्से में ही किड्स प्लाजा बनेगा। घाट पर वाटर एक्टिविटी होगी। पार्क में झूले और पौधे लगेंगे। कोरी घाट से व्यू पॉइंट बनेगा, जिससे नर्मदा का सौंदर्य निहार सकेंगे।     हर्बल पार्क घाटः गोंदरी घाट तक करीब दो किमी के दो वॉकिंग ट्रैक डेवलप होंगे। एक नर्मदा नदी के सामान्य लेवल से सटकर, दूसरा ऊपर हिस्से में बनेगा ताकि बारिश में बाढ़ जैसी स्थिति होने पर भी दूसरा ट्रैक डूबे नहीं। हर्बल पार्क में योग का स्थान भी निर्धारित रहेगा। 12 आसनों की मुद्रा नजर आएगी। पाथ वे और ओपन जिम का उपयोग लोग कर सकेंगे। ट्रैक के दोनों तरफ औषधीय पौधे लगाए जाएंगे।     पर्यटन घाटः पर्यटन घाट को चौपाटी के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां दुकानें बनेंगी। यहां म्यूजिक पॉइंट, सेल्फी पॉइंट, पार्क और लाइट फाउंटेन लगेंगे। बड़ा पार्किंग स्थल बनेगा। श्रद्धालुओं के वाहन सेठानी घाट के बजाय इसी पार्किंग में खड़े होंगे। 2023 में शिवराज ने की थी नर्मदा कॉरिडोर की घोषणा वर्ष 2023 में नर्मदा जयंती पर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी। चौहान नर्मदा जयंती पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा था कि जैसा महाकाल लोक, सलकनपुर में देवी लोक बन रहा है, वैसा ही नर्मदापुरम में मां नर्मदा कॉरिडोर बनाया जाएगा। घोषणा के बाद कॉरिडोर का मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। दो साल तक धीमी गति से चलने के बाद अब जाकर कॉरिडोर बनाने की रूपरेखा तेज हुई है। प्रथम चरण में 20 करोड़ रुपए के काम को टीएस (टेक्निकल स्वीकृति) के लिए भोपाल भेजा गया है। बाढ़ मैनेजमेंट के अनुसार बनाया प्लान लोगों के सुझाव के बाद नर्मदा रिवर फ्रंट के अनुसार डिटेल सर्वे कर डीपीआर बनाई गई है। नगर पालिका सीएमओ हेमेश्वरी पटले ने बताया कि करीब 150 करोड़ रुपए में नर्मदा लोक कॉरिडोर का काम होगा। प्रथम चरण में 20 करोड़ के काम होंगे। टेंडर जारी होने के बाद काम शुरू होगा। बारिश में आने वाली बाढ़ के लेवल को देखते हुए प्लान बनाया गया है। प्रथम चरण की डीपीआर 20 करोड़ रुपए की नगर पालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव ने बताया कि महाकाल लोक जैसा ही नर्मदा लोक कॉरिडोर बनेगा। प्रथम चरण में मंगलवारा घाट से कोरी घाट तक काम होगा। जिसमें सेठानीघाट, नर्मदा लोक द्वार, पर्यटन घाट बनाए जाएंगे। पार्किंग की समस्या खत्म हो जाएगी। दूसरी नदियों की तरह नर्मदापुरम में भी लोग नौका विहार कर सकेंगे। सीएमओ हेमेश्वरी पटले ने कहा कि प्रथम चरण की डीपीआर 20 करोड़ रुपए की बनाई है। टेक्निकल स्वीकृति आते ही टेंडर होगा। प्रथम चरण में सेठानी घाट, कोरी घाट, पर्यटन घाट का काम होगा। बाद में जैसे-जैसे फंड मिलेगा, वैसे-वैसे अगले चरण में मंगलवारा घाट, हर्बल पार्क से गोंदरी घाट तक वॉकिंग खर्रा घाट के काम होंगे। जानिए, नर्मदा जयंती क्यों मनाई जाती है पौराणिक कथाओं के अनुसार, माघ माह में शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मां नर्मदा का अवतरण हुआ था, इसलिए हर साल नर्मदा जयंती मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन नर्मदा नदी में डुबकी लगाने से व्यक्ति के समस्त पापों से छुटकारा मिलता है। ऐसी मान्यता है कि मां नर्मदा की उपासना करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि मिलती है। मध्यप्रदेश के अमरकंटक में नर्मदा जयंती का मुख्य कार्यक्रम होता है। नदी के तट पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। नर्मदापुरम में नर्मदा घाटों को सजाया जाता है। आकर्षक विद्युत साज-सज्जा की जाती है। शाम से देर रात तक सेठानी घाट पर आयोजन नर्मदापुरम में सुबह 9:30 बजे मां नर्मदा जन्मोत्सव मनाया जाएगा। दोपहर 3 बजे मोरछली चौक से भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। शाम 5 बजे से रात 8:30 बजे तक सेठानी घाट पर जल मंच से मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी, जो देर रात तक जारी रहेंगी। recent visitors 24

पडोसी देश पाकिस्तान से 400 हिंदुओं की अस्थियां भारत पहुंची, मृतकों को भारत में मिलेगा मोक्ष; हरिद्वार में होगा गंगा विसर्जन

अमृतसर  पाकिस्तान से लगभग 400 हिंदुओं की अस्थियां लेकर एक समूह भारत आया है। ये लोग इन अस्थियों को हरिद्वार में गंगा नदी में विसर्जित करना चाहते हैं। साथ ही महाकुंभ में प्रयागराज जाकर पवित्र स्नान करने की भी इच्छा रखते हैं। यह तीसरी बार है जब विभाजन के बाद पाकिस्तान से हिंदुओं की अस्थियां भारत लाई गई हैं। पहले 2011 और 2016 में भी अस्थियां लाई जा चुकी हैं। यह समूह सोमवार को अटारी बॉर्डर पहुंचा। दिल्ली के निगम बोध घाट पर 4 से 21 फरवरी तक अस्थियां रखी जाएंगी। 22 फरवरी को हरिद्वार के कनखल में सीता घाट पर विसर्जन होगा। इसके साथ 100 किलो दूध की आहुति भी दी जाएगी। वीजा एक्सटेंशन की उम्मीद पाकिस्तान से आए हिंदू समूह के पास लखनऊ और हरिद्वार जाने का वीजा है। वे प्रयागराज जाने के लिए वीजा एक्सटेंशन की उम्मीद कर रहे हैं ताकि महाकुंभ में पवित्र स्नान कर सकें। कराची के श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत राम नाथ मिश्र महाराज ने बताया कि पाकिस्तान में कई हिंदुओं की इच्छा होती है कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी अस्थियां गंगा में विसर्जित की जाएं। उनके परिजन उनकी यह अंतिम इच्छा पूरी करना चाहते हैं। ऐसे में अस्थियों को मंदिरों में कलश में सुरक्षित रखा जाता है। जब पर्याप्त संख्या में कलश इकट्ठे हो जाते हैं, तो भारत का वीजा लेने का प्रयास किया जाता है। इस तरह मृतक या उनके परिवार की अंतिम इच्छा पूरी होती है। राम नाथ मिश्र ने बताया कि वे लगभग 400 कलश लेकर आए हैं। ये अस्थियां पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों से एकत्रित की गई हैं। 22 फरवरी को कनखल के सीता घाट पर विसर्जन दिल्ली की श्री देवोथान सेवा समिति के महासचिव विजय शर्मा और अन्य लोग अटारी बॉर्डर पर अस्थियां लेने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि 4 से 21 फरवरी तक अस्थियों को दिल्ली के सबसे पुराने और बड़े श्मशान घाट, निगम बोध घाट पर रखा जाएगा। लोग यहां आकर श्रद्धांजलि दे सकेंगे। 21 फरवरी को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अस्थियों को हरिद्वार ले जाया जाएगा। 22 फरवरी को कनखल के सीता घाट पर विसर्जन होगा। इसके साथ 100 किलो दूध की आहुति दी जाएगी। यह एक पारंपरिक हिंदू रस्म है। विजय शर्मा ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वे उन हिंदुओं को वीजा जारी करें जो अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार हरिद्वार में करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे सभी मंचों के माध्यम से अपनी मांग उठाएंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि पाकिस्तानी हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान हो। recent visitors 34

गुजरात में जल्द लागू होगा UCC,सीएम भूपेन्द्र पटेल ने किया कमेटी का ऐलान

अहमदाबाद  उत्तराखंड के बाद अब एक और बीजेपी शासित राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, गुजरात सरकार समान नागरिक संहिता को लागू करने को लेकर मंगलवार को घोषणा कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि गुजरात सरकार आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यूसीसी समिति के बारे में घोषणा कर सकती है। इस समिति में तीन से पांच लोग हो सकते हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूसीसी को लेकर ऐलान करेंगे। गुजरात में वर्तमान में भाजपा की सरकार है, इसे भाजपा का गढ़ भी माना जाता है। पिछले 30 सालों से यहां की सत्ता पर भाजपा काबिज है। उत्तराखंड में यूसीसी लागू गुजरात में 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने यूसीसी को लेकर अपने इरादों को जाहिर किया था। बता दें कि उत्तराखंड में 27 जनवरी को यूसीसी लागू किया गया था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी (समान नागरिक संहिता) पोर्टल और नियम को लॉन्च किया। उन्होंने बताया था कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू करके हम संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उत्तराखंड सरकार ने यूसीसी के लिए काफी बातों पर विचार-विमर्श किया। यूसीसी में अनुसूचित जनजातियों को छूट दी गई है। इसके अनुसार, यूसीसी उत्तराखंड और उससे बाहर रहने वाले राज्यों के निवासियों पर लागू होगा। हालांकि, अनुसूचित जनजातियों को छूट दी गई है। UCC के प्रावधान – विवाह और तलाक के लिए कानून एक समान होगा। एक पुरुष और महिला के बीच विवाह तभी हो सकता है जब वे विवाह के लिए योग्य आयु प्राप्त कर चुके हों और विवाह के समय दोनों पक्षों में से किसी का भी कोई जीवित जीवनसाथी न हो। – कपल को मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए और विवाह के लिए सहमति देने में सक्षम होना चाहिए। – UCC के अनुसार, पुरुष की कानूनी विवाह आयु 21 वर्ष और महिला की 18 वर्ष होनी चाहिए, और दोनों पक्ष निषिद्ध संबंधों के दायरे में नहीं होने चाहिए। – UCC 60 दिनों के भीतर विवाह पंजीकरण को भी अनिवार्य बनाता है। हालांकि, यूसीसी का कहना है कि केवल पंजीकरण न होने के कारण विवाह को अमान्य नहीं माना जाएगा। – जिन व्यक्तियों ने पहले ही नियमों के अनुसार अपना विवाह पंजीकृत करा लिया है, उन्हें फिर से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उन्हें पावती देनी होगी। – विवाह पंजीकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से कराया जा सकता है। पंजीकरण के लिए आवेदन प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर उप-पंजीयक को निर्णय लेना अनिवार्य है। यदि 15 दिनों के भीतर कोई निर्णय नहीं होता है, तो अधिनियम के अनुसार आवेदन स्वचालित रूप से रजिस्ट्रार को भेज दिया जाएगा। – आवेदन खारिज होने पर पारदर्शी अपील प्रक्रिया उपलब्ध है। साथ ही, गलत जानकारी देने पर दंड का प्रावधान है। – राज्य सरकार विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्रार और उप-रजिस्ट्रार नियुक्त करेगी। – यह वसीयत और कोडिसिल (वसीयतनामा उत्तराधिकार) के निर्माण और निरस्तीकरण के लिए एक सुव्यवस्थित ढांचा प्रदान करती है। recent visitors 51

उचित समय पर जांच और इलाज से कैंसर को परास्त किया जा सकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उचित समय पर जांच और इलाज से कैंसर को परास्त किया जा सकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने दिया जागरूकता फैलाएं – कैंसर को हराएं – जीवन को जिताएं का संदेश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व कैंसर दिवस पर कहा है कि सही जानकारी, उचित समय पर जांच और इलाज से कैंसर जैसी बीमारी को परास्त किया जा सकता है। उत्तम स्वास्थ्य ही खुशहाल जीवन का आधार है। उन्होंने कैंसर दिवस पर जागरूकता फैलाएं-कैंसर को हराएं-जीवन को जिताएं का संदेश देते हुए प्रदेशवासियों से कैंसर के संबंध में स्वयं जागरूक रहते हुए समाज को जागरूक करने और स्वस्थ भारत के संकल्प की सिद्धि में सहभागी होने का आव्हान किया है।   recent visitors 47

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न पं. भीमसेन जोशी की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शास्त्रीय गायक, भारत रत्न, पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पं. भीमसेन जोशी ने समर्पण और सतत् लगन से भारतीय संगीत परंपरा को समृद्ध कर विश्व में इसका मान बढ़ाया। उनकी आवाज और कला का जादू अनंतकाल तक अवस्मिरणीय रहेगा।   recent visitors 39