Friday, July 3, 2026 6:44 pm

शिवपुरी में दूल्हे के पिता ने मिसाल की पेश, सगुन की बड़ी राशि लौटा दी

 शिवपुरी शिवपुरी जिले के करैरा बीआरसी कार्यालय में पदस्थ शिक्षक अमर सिंह लोधी ने मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने बेटे की सगाई में 40 लाख  रुपए के सगुन की राशि ठुकरा दी है। सिर्फ 501 रुपए लेकर दहेज प्रथा के खिलाफ साहसिक कदम उठाया है। उनके इस फैसले से दुल्हन पक्ष के लोग भावुक हो गए। दहेज प्रथा के खिलाफ कदम उठाकर इस सामाजिक कुरीति से दूर रहने का आह्वान समाज बंधुओं से किया है। दरअसल, बीआरसी कार्यालय में बीएससी की पदस्थ शिक्षक अमर सिंह लोधी के पुत्र कपिल लोधी की सगाई समारोह आयोजित किया गया था। उनका बेटा रेलवे में सहायक उपयंत्री के पद पर चयनित हुआ है। बेटे की अच्छी नौकरी के बाद संबंध पक्का हुआ। संबंध पक्का होने के बाद सगाई समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में वधु पक्ष के द्वारा 40 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की गई। इस घोषणा के बाद कार्यक्रम में अमर सिंह लोधी खड़े हुए और उन्होंने इस दहेज को ठुकराने की घोषणा कर दी। उन्होंने समाज के सभी बंधुओं के सामने कहा कि इन पैसों से मैं अमीर नहीं बन सकता। इस सोच से हम सभी लोगों को दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा ने हमारी परंपराओं को कलंकित कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले सगाई एक शुभ सगुन होता था लेकिन हमने इसे दहेज में बदल दिया। इसलिए हमें हम सभी लोगों को इसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने इस कार्यक्रम में 40 लाख रुपए का जो ऑफर आया था, उसे लेने से इंकार कर दिया। साथ ही कहा कि मुझे तो केवल 501 रुपए का सगुन दे दीजिए। दूल्हे के पिता की मुंह से यह बात सुनकर दुल्हन पक्ष के लोग भावुक हो गए। साथ ही उनके साहसिक कदम की खूब तारीफ हो रही है। अपने बेटे की सगाई समारोह के दौरान 40 लाख रुपए की राशि लेने से इंकार करने वाले अमर सिंह लोधी ने इस सगाई समारोह मौजूद समाज के अन्य बंधुओं से भी अपील की। उन्होंने कहा कि वह इस कुरीति से दूर रहे और समाज में एक जुटता का परिचय देते हुए दहेज प्रथा के खिलाफ खड़े हो। अमर सिंह लोधी इससे पहले तेरहवीं के भोज को लेकर भी अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। वहीं, लोधी समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष हरिओम नरवरिया ने अमर सिंह लोधी के बेटे की सगाई में दहेज प्रथा के खिलाफ उठाए गए इस कदम का स्वागत किया। हरिओम नरवरिया ने कहा कि समाज के अन्य बंधुओं को भी इस तरह आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में दहेज प्रथा के अलावा तेरहवीं पर होने वाले भोज को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। कई लोगों ने समाज में तेरहवीं का भोज बंद भी कर दिया है। इस तरह की सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ हम आपस में एकजुटता दिखाते हुए काम कर रहे हैं। recent visitors 34

कुंभ के पानी को सबसे दूषित बताने पर अब VHP यानी विश्व हिंदू परिषद ने उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की

लखनऊ समाजवादी पार्टी सांसद जया बच्चन की गिरफ्तारी की मांग उठ रही है। उन्होंने कुंभ के पानी को सबसे दूषित बताया था। उन्होंने दावा किया था कि भगदड़ में जान गंवाने वालों की लाशें पानी में फेंक दी गई थीं। इसके बाद अब VHP यानी विश्व हिंदू परिषद ने उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के नेताओं, धार्मिक संगठनों ने भी बच्चन के बयान पर आपत्ति दर्ज कराई थी। मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा, 'गलत और झूठे बयानों के जरिए सनसनी फैलाने के लिए जया बच्चन को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'महाकुंभ आस्था और भक्ति का आधार हैं, जहां धर्म, कर्म और मोक्ष मिलता है। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ी हैं।' क्या बोलीं जया बच्चन संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए सपा सांसद बच्चन ने कहा, ‘अभी सबसे ज्यादा दूषित पानी कहां है? कुंभ में… वहां मची भगदड़ में जिन लोगों की मौत हुई, उनके शव नदी में फेंक दिए गए हैं, जिससे पानी दूषित हो गया है। असली मुद्दों पर कोई बात नहीं कर रहा। सपा सांसद ने इसके साथ ही महाकुम्भ में आने वाले लोगों की संख्या पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘कुंभ में आने वाले आम लोगों को कोई विशेष सुविधा नहीं दी जा रही, उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं है। यह झूठ बोला जा रहा है कि वहां करोड़ों लोग आ चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोग किसी भी समय एक जगह पर कैसे इकट्ठा हो सकते हैं? जया बच्चन का यह बयान ‘एक्स पर दिनभर टॉप ट्रेंड में रहा। भाजपा ने इसे हिंदू आस्था और कुंभ मेले का अपमान करार दिया है। वहीं कई धार्मिक नेताओं और संगठनों ने जया बच्चन से माफी की मांग की है और उनके बयान को ‘गुमराह करने वाला और असंवेदनशील बताया है। recent visitors 50

अमेरिका से वापस भेजे जा रहे भारतीय, पर इससे भी होने वाला है एक बड़ा फायदा, जाने कैसे

वाशिंगटन अमेरिका से भारत लौट रहे अवैध प्रवासियों की पहली फ्लाइट चर्चा में है लेकिन इस वापसी के पीछे एक और बड़ा फायदा होने वाला है। पंजाब पुलिस ने लगभग 100 कुख्यात अपराधियों की पूरी हिस्ट्री तैयार कर ली है, जिनमें से 20 के अमेरिका में छिपे होने की आशंका है। अब यह संभावना बढ़ गई है कि अमेरिका से अपराधियों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज हो सकती है। अमेरिका में छिपे हैं पंजाब के वॉन्टेड अपराधी दी ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका में पंजाब के कई कुख्यात अपराधी छिपे हुए हैं। इनमें सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के आरोपी अनमोल बिश्नोई (गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई), पुलिस प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड हमलों में शामिल हैप्पी पासिया, ड्रग तस्कर सरवन भोला, और गोपी नवांशहरिया जैसे नाम शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू भी पंजाब में हिंसा फैलाने और अवैध प्रवास को बढ़ावा देने में शामिल हैं, ऐसे में उसके तैयार किए गए गुर्गे भी इस वापसी में शामिल हो सकते हैं। इस लिहाज से अमेरिका द्वारा अवैध प्रवासियों को वापस भेजने की शुरुआत इस दिशा में भी मददगार साबित हो सकती है। अमेरिकी नीति से मिल सकता है फायदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अवैध प्रवासियों और अपराधियों पर सख्ती की नीति ने पंजाब पुलिस के लिए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आसान बनाने का मौका दिया है। पुलिस के काउंटर-इंटेलिजेंस यूनिट, एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स पहले से ही इन अपराधियों की फाइलें तैयार कर रही थीं। अब यह जानकारी अमेरिकी एजेंसियों को सौंपने की प्रक्रिया तेज़ कर दी गई है। क्या कहती है पंजाब पुलिस? एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “हम अवैध प्रवासियों की वापसी को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हैं, लेकिन उन ट्रैवल एजेंट्स की जांच करेंगे, जिन्होंने इन लोगों को गैरकानूनी तरीके से विदेश भेजा। प्रत्यर्पण और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जैसी औपचारिकताएं जरूरी हैं, जिन पर तेजी से काम किया जा रहा है।” कौन हैं वो लोग जो लौट रहे हैं? अब तक पंजाब पुलिस को इस बात की कोई जानकारी नहीं मिली है कि अमेरिका से भेजे गए अवैध प्रवासियों में कौन-कौन शामिल हैं। इस पर जानकारी के लिए पुलिस विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय जांच एजेंसी के संपर्क में है। पंजाब में अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क को कमजोर करने के लिए यह एक अहम मौका है। यदि अमेरिका ने पंजाब के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की, तो राज्य में संगठित अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। यह सिर्फ अवैध प्रवासियों की वापसी नहीं, बल्कि पंजाब में अपराधियों की धरपकड़ का भी एक बड़ा मौका साबित हो सकता है। recent visitors 48

भोपाल के मोतीनगर में चौथी लाइन के लिए टूटेंगी 400 झुग्गियां, टाली गई झुग्गियों को हटाने की कार्रवाई

भोपाल राजधानी भोपाल के मोती नगर बस्ती में करीब 400 मकान-झुग्गियों और 110 दुकानों को हटाने की कार्रवाई कुछ समय के ली टाल दी गई है. जिला प्रशासन, नगर निगम और रेलवे ने इससे पहले 4 फरवरी तक बस्ती को खाली करने का नोटिस जारी किया था.   इस बस्ती में रहने वाली राहेला की आज शादी है और उसके हाथों में मेहंदी सजी हुई है. लेकिन शादी की तैयारी छोड़ दुल्हन और उसका परिवार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है. दरअसल, नोटिस के बाद से बस्ती में रहने वालों को बेघर होने का डर सता रहा है. सोमवार को कई लोग दुल्हन राहेला को लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे और मोहलत देने की मांग की. इसके अलावा, अभी परीक्षाओं का समय चल रहा है. ऐसे में बस्ती में रहने वाले बच्चों के सामने भी पढ़ाई का संकट खड़ा हो जाएगा, इसलिए रहवासियों ने फिलहाल प्रशासन से कार्रवाई नहीं करने की मांग की है. बता दें कि सुभाष नगर आरओबी की ​थर्ड लेग के निर्माण और चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए मोती नगर बस्ती को हटाने की कार्रवाई होनी है. फिलहाल बस्ती खाली करने के लिए 4 फरवरी तक की मोहलत दी गई थी, लेकिन रहवासियों की तकलीफों को देखते हुए कार्रवाई को कुछ समय के लिए टाल दिया गया है. लेकिन कार्रवाई कब तक के लिए टाली गई है? यह फ़िलहाल यहां रहने वालों को पता नहीं चल पाया है.   recent visitors 36

सौरभ, चेतन, शरद पहुंचे जेल, 17 फरवरी तक रिमांड पर, लोकायुक्त अदालत ने मंजूर की न्यायिक हिरासत

भोपाल  भोपाल की लोकायुक्त अदालत ने आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा, उसके सहयोगी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल को 17 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।  7 दिन की रिमांड के बाद भी लोकायुक्त के हाथ कोई ठोस जानकारी नहीं लगी। मंगलवार (4 फरवरी) को सौरभ शर्मा, चेतन गौर और शरद जायसवाल को लोकायुक्त ने कोर्ट में पेश किया। लोकायुक्त ने अदालत में तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की। इससे पहले लोकायुक्त टीम तीनों आरोपियों को पीछे के रास्ते से ही अदालत पहुंची थी। इससे पहले इनका हमीदिया हॉस्पिटल में मेडिकल चेकअप कराया गया। फिर दो गाड़ियों से कोर्ट पहुंचाया गया। लोकायुक्त ने नहीं मांगी सौरभ शर्मा की रिमांड बता दें कि लोकायुक्त ने तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग कोर्ट से की थी. लोकायुक्त ने कोर्ट में कहा कि पूछताछ पूरी हो गई. जरूरत पड़ने पर तीनों से जेल में जाकर पूछताछ करेंगे. बता दें कि ED और आईटी के अधिकारी भी कोर्ट परिसर में मौजूद हैं. इससे पहले मंगलवार सुबह लोकायुक्त की टीम सौरभ, चेतन और शरद को लेकर मेडिकल चेकअप के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंची। यहां से तीनों को दो गाड़ियों में कोर्ट ले जाया गया। पीछे के रास्ते से कोर्ट में दाखिल कराया। पेशी के बाद लोकायुक्त के अधिकारी इसी रास्ते से कोर्ट से बाहर निकले। सौरभ के कर्मचारी, रिश्तेदारों को आरोपी बनाया जा सकता है सौरभ और चेतन को 28 जनवरी को लोकायुक्त ने कोर्ट में पेश कर छह दिन की रिमांड पर लिया था जबकि 29 जनवरी को शरद की 5 दिन की रिमांड दी गई थी। आगे लोकायुक्त मेमोरेंडम में सौरभ के अन्य कर्मचारी, रिश्तेदार और करीबी परिचितों को भी आरोपी बनाया जा सकता है। सौरभ-शरद के भरोसेमंद कर्मचारी लोकायुक्त की रडार में ‘धनकुबेर’ सौरभ शर्मा ने अब तक 55 किलो सोना और 10 करोड़ कैश कांड का राज नहीं खोला है। उसके दोनों राजदार साथी चेतन गौर और शरद जायसवाल से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। इस बीच लोकायुक्त पुलिस को कुछ इनपुट मिले हैं। जिसके बाद इनकी कंपनी के कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ सकती है। भरोसेमंद कर्मचारी लोकायुक्त की रडार में! दरअसल, लोकायुक्त को जानकारी मिली है कि सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल ने अपनी कंपनी के भरोसेमंद कर्मचारियों के नाम से भी प्रॉपर्टी खरीदी है। अविरल इंटरप्राइजेज, अविरल कंस्ट्रक्शन, फिशरीज के साथ कई कंपनियां बनाई गई हैं। जिसकी प्रॉपर्टी उनके कर्मचारियों के नाम पर है। जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस इसके दस्तावेज तलाशने में जुट गई। आशंका है कि इन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए जांच एजेंसी कभी भी कार्यालय बुला सकती है। पंजीयकों को पत्र भेजकर बेनामी संपत्ति की जानकारी मांगी बता दें कि हाल ही में लोकायुक्त ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के पंजीयकों को पत्र भेजकर बेनामी संपत्ति की जानकारी मांगी थी। सौरभ के घर से 50 प्रॉपर्टी के दस्तावेज और कई पावर ऑफ अटॉर्नी भी मिली थी, जो अन्य लोगों के नाम पर हैं। इस मामले में हवाला के एंगल पर भी तेजी से जांच की जा रही है, जिसमें दुबई और अन्य देशों में हवाला की गतिविधियों की आशंका व्यक्त की गई है। 18 दिसंबर को लोकायुक्त की रेड, IT ने बरामद किया था सोना और कैश गौरतलब है कि 18 दिसंबर को लोकायुक्त ने राजधानी भोपाल में सौरभ शर्मा के घर छापामार कार्रवाई की थी। वहीं ,19 दिसंबर को मेंडोरी गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को खाली प्लॉट पर खड़ी एक लावारिस क्रिस्टा गाड़ी के होने की सूचना दी थी, जिसमें 6 से 7 बैग रखे हुए थे। 52 किलो सोना और 10 करोड़ कैश मिलने के बाद शुरू हुई जांच कैश का अंदेशा होने की वजह से आयकर विभाग को सूचित किया गया था, जिसके बाद IT की टीम ने कांच तोड़कर अंदर से बैग बाहर निकला। जिसमें 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया था। जिसके बाद से लोकायुक्त के बाद ED और IT भी सक्रिय हो गई। 27 दिसंबर को ED ने कई ठिकानों पर मारा छापा 27 दिसंबर को जांच एजेंसियों ने सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों और सहयोगियों के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित आवास में जांच एजेंसियों ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग ठिकानों पर सर्चिंग के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। 6 करोड़ से ज्यादा की FD बरामद सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ रुपये से अधिक की FD मिली थी। परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक बैलेंस भी मिला। 23 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज पाए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया। recent visitors 48

SC ने बांग्लादेशियों उनके देश भेजने के बजाय सुधार गृहों में रखने के संबंध में केंद्र सरकार से जवाब मांगा

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने भारत में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की अनिश्चितकालीन हिरासत पर सवाल उठाया है। अदालत ने इन्हें उनके देश भेजने के बजाय पूरे भारत के सुधार गृहों में लंबे समय तक हिरासत में रखने के संबंध में केंद्र सरकार से जवाब मांगा। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने इस बात पर बल दिया कि जब किसी अवैध बांग्लादेशी प्रवासी को पकड़ा जाता है और विदेशी अधिनियम 1946 के अंतर्गत उसे दोषी ठहराया जाता है, तो उसकी सजा पूरी होने के तुरंत बाद उसे निर्वासित किया जाना चाहिए। पीठ ने पूछा कि विदेशी अधिनियम के अंतर्गत अपनी सजा पूरी करने के बाद फिलहाल कितने अवैध आप्रवासियों को विभिन्न सुधार गृहों में हिरासत में रखा गया है? शीर्ष अदालत ने लगभग 850 अवैध प्रवासियों की अनिश्चितकालीन हिरासत पर चिंता व्यक्त की। एससी ने 2009 के परिपत्र के खंड 2 (v) का पालन करने में सरकार की विफलता पर सवाल उठाया, जो निर्वासन प्रक्रिया को 30 दिनों में पूरा करने का आदेश देता है। न्यायालय ने इस बात पर भी केंद्र से ठोस स्पष्टीकरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार से क्या कदम अपेक्षित हैं। 'सजा पूरी होने के बाद सुधार गृहों में कैद' माजा दारूवाला बनाम भारत संघ का मामला 2013 में कलकत्ता उच्च न्यायालय से उच्चतम न्यायालय में भेजा गया था। यह मामला मूल रूप से 2011 में शुरू हुआ जब एक याचिकाकर्ता ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की दुर्दशा पर प्रकाश डाला, जिन्हें उनकी सजा पूरी होने के बाद भी पश्चिम बंगाल सुधार गृहों में कैद रखा गया था। शीर्ष अदालत में स्थानांतरित होने से पहले कलकत्ता एचसी ने इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लिया था। पीठ ने कहा कि ये प्रथाएं मौजूदा दिशा-निर्देशों के विपरीत हैं, जो तेजी से निर्वासन प्रक्रियाओं की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। मामले की अगली सुनवाई 6 फरवरी को होगी। recent visitors 51

यूक्रेन को मिलने वाली US मदद पर रोक, जंग के बीच ट्रंप का बड़ा फैसला

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को संकेत दिया कि वह रूस के खिलाफ युद्ध में अमेरिकी समर्थन इस शर्त पर जारी रखने पर सहमत हैं कि यूक्रेन अपनी धरती पर मिलने वाले दुर्लभ खनिज तत्वों तक अमेरिकी पहुंच को लेकर समझौता करे। ट्रंप ने ‘ओवल ऑफिस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यालय) में पत्रकारों से कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन को अपने यूरोपीय सहयोगियों की तुलना में कहीं अधिक सैन्य और आर्थिक सहायता भेजी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम यूक्रेन के साथ एक ऐसा समझौता करना चाहते हैं, जिसके तहत हम उन्हें जो कुछ भी दे रहे हैं, उसके बदले में वे हमें अपने दुर्लभ खनिज तत्व दें।’’ ट्रंप ने सुझाव दिया कि उन्हें यूक्रेन की सरकार से यह संदेश मिला है कि वह आधुनिक उच्च प्रौद्योगिकी वाली अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण तत्वों तक अमेरिका को पहुंच प्रदान करने संबंधी एक समझौता करने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने कहा, ‘मैं धरती पर मिलने वाले इन दुर्लभ खनिज तत्वों का संरक्षण चाहता हूं। हम सैकड़ों अरब डॉलर खर्च कर रहे हैं। उनके पास बहुत बढ़िया दुर्लभ खनिज तत्व हैं और मैं इन दुर्लभ खनिज तत्वों का संरक्षण चाहता हूं। वे ऐसा करने के लिए तैयार हैं।’ ट्रंप ने पहले कहा था कि वह युद्ध को तेजी से समाप्त करेंगे औ इसके लिए बातचीत जारी है। ट्रंप ने कहा, ‘हमने रूस और यूक्रेन के मामले में बहुत प्रगति की है। देखते हैं कि क्या होता है। हम उस बेतुके युद्ध को रोकने जा रहे हैं।’ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) को कहा कि उनके देश की मौजूदगी के बिना अमेरिका और रूस के बीच कोई भी बातचीत अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ट्रंप प्रशासन के संपर्क में है, लेकिन ये चर्चाएं अभी सामान्य स्तर पर हैं और उनका मानना ​​है कि अधिक विस्तृत समझौते के लिए आमने-सामने की बैठकें जल्द होंगी। जेलेंस्की ने कहा, ‘हमें इस पर और काम करने की जरूरत है।’ recent visitors 69