मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा को सेवानिवृत्ति पर दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा को सेवानिवृत्ति पर दी शुभकामनाएं पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा को सेवानिवृत्ति पर दी शुभकामनाएं रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने सेवानिवृत्ति के अवसर पर जुनेजा को शुभकामनाएं दीं और उनकी दीर्घकालिक सेवा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि अशोक जुनेजा ने अपनी दीर्घ सेवाअवधि के दौरान पुलिस बल को अधिक सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार और मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत उपस्थित थे। recent visitors 23

मध्यप्रदेश 11 स्वर्ण सहित कुल 23 पदक अर्जित कर मैडल टैली में टॉप 5 में शामिल

भोपाल मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया। राज्य की पुरुष बास्केटबॉल 3×3 टीम ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया, जबकि महिला टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इसके अतिरिक्त, स्लालोम प्रतियोगिता में पल्लवी जगताप ने रजत पदक अर्जित कर मध्यप्रदेश की पदक तालिका को और मजबूत किया। अब तक मध्यप्रदेश ने 11 स्वर्ण, 6 रजत और 6 कांस्य सहित कुल 23 पदक जीतकर मैडल टैली में शीर्ष 5 में अपनी जगह सुनिश्चित की। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने ऐतिहासिक प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पूरी बास्केटबॉल टीम, प्रशिक्षकों, सपोर्ट स्टाफ और मध्यप्रदेश बास्केटबॉल संघ को बधाई दी। उन्होंने कल के मुकाबलों के लिए रोइंग और स्लालोम के खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं। मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ के अध्यक्ष रमेश मेंदोला, सचिव दिग्विजय सिंहऔर संचालक खेल रवि कुमार गुप्ताने भी खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। मध्यप्रदेश की पुरुष बास्केटबॉल 3×3 टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में केरल को 22-20 से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। यह पहला अवसर है जब राज्य की टीम ने किसी सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया है। पदक विजेता पुरुष टीम में सोन कुमार शर्मा, तुषल सिंह, सूर्य प्रताप सिंह और ब्रिजेश तिवारी शामिल हुए। महिला वर्ग में भी मध्यप्रदेश की टीम ने दमदार प्रदर्शन किया और तमिलनाडु की टीम को 14-12 से हराकर कांस्य पदक जीता। पदक विजेता महिला टीम मेंखुशी पाल सिंह, मोना गोस्वामी, रिया प्रमोद खुंगाड्कर और याशिका सिंघ्गल शामिल हुई। C1 वीमेन प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश की पल्लवी जगताप ने 673.426 सेकंड में रेस पूरी कर रजत पदक अर्जित किया। जबकि स्वर्ण:उत्तराखंड की रीना सेन (319.262 सेकंड) और कांस्य:आंध्र प्रदेश की दोड्डी चेतना भगवती (683.154 सेकंड) ने हासिल किया। महिला हॉकी:मध्य प्रदेश की टीम ने पहले मुकाबले में कर्नाटक को 4-1 से हराया। पुरुष हॉकी:मध्य प्रदेश और मणिपुर का मुकाबला 3-3 के स्कोर के साथ ड्रॉ हुआ। रोइंग में पुरुष क्वाड्रूपल व्यक्तिगत मुकाबले में मध्य प्रदेश के सुशिल ने फाइनल में जगह बनाई। बॉक्सिंग में विमेंस लाइट फ्लाई (52 किग्रा):मलिका कुलबीर सिंह (म.प्र.) ने महाराष्ट्र की अंजलि को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। विमेंस फेदर वेट (57 किग्रा):माही अमरनाथ लंबा (म.प्र.) ने चंडीगढ़ की आरती को 5-0 से पराजित किया। मेंस हैवी वेट (92 किग्रा):पारस (म.प्र.) ने चंडीगढ़ के सावन को 5-1 से हराया। विमेन वेल्टर वेट (66 किग्रा):मध्य प्रदेश की मंजू शांतिलाल बामोरिया उत्तराखंड की काजल से 4-1 से हारकर सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकीं। मध्य प्रदेश के खिलाड़ी कल ताइक्वांडो, रोइंग, कयाकिंग, कैनोइंग, स्लालोम, बॉक्सिंग, हॉकी और शूटिंग में अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। रोइंग:मध्य प्रदेश के खिलाड़ी 9 इवेंट्स में स्वर्ण पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। स्लालोम: 2 इवेंट्स में स्वर्ण पदक की दावेदारी। शूटिंग:राइफल 50 मीटर 3 पोजीशन में क्वालिफिकेशन मुकाबले होंगे।   recent visitors 21

अद्वैत एवं आचार्य शंकर पर विमर्श महाकुम्भ की उपलब्धि: स्वामी सोहम् चैतन्य

महाकुम्भ में ‘एकात्म धाम मंडपम्’ में साधना पंचकम् एवं मनीषा पंचकम् पर व्याख्यान मानव जीवन का परम लक्ष्य ब्रह्म जिज्ञासा: स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी अद्वैत एवं आचार्य शंकर पर विमर्श महाकुम्भ की उपलब्धि: स्वामी सोहम् चैतन्य महाकुम्भ में आचार्य शंकर पर केंद्रित प्रदर्शनी ‘अद्वैत लोक‘ आकर्षण का केंद्र भोपाल प्रयागराज महाकुम्भ में आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, संस्कृति विभाग द्वारा अद्वैत वेदान्त के लोकव्यापीकरण एवं सार्वभौमिक एकात्मता की संकल्पना के उद्देश्य से एकात्म धाम मंडपम् में वेदांत पर केंद्रित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को चिन्मय मिशन कोयम्बटूर की प्रमुख स्वामी विमलानंद सरस्वती ने आचार्य शंकर विरचित प्रकरण ग्रंथ मनीषा पंचकम् एवं स्वामी मित्रानंद सरस्वती ने साधना पंचकम् पर अपने विचार व्यक्त किए। केवल दिव्य से ही दिव्यता प्रकट हो सकती है : स्वामी मित्रानंद सरस्वती साधना पंचकम् के अंतिम सत्र में स्वामी मित्रानंद सरस्वती ने आदि शंकराचार्य के अंतिम उपदेशों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि जब कोई कर्म कुशलतापूर्वक, ईश्वर को समर्पित करके व कर्म या फल से आसक्त हुए बिना सम्पादित किया जाता हैं, वह कर्म योग हैं। आत्म ज्ञान से समस्त प्रारब्ध व संचित कर्मों का विलय हो जाता हैं व उनके विलय से ही मोक्ष की प्राप्ति होती हैं। साधना पंचकम् की अंतिम साधना परब्रह्म में स्थित होकर उस स्थिति में स्थिर होना हैं, जो मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य हैं। त्रिवेणी संगम मुक्ति दायक : स्वामिनी विमलानंद सरस्वती स्वामी विमलानंद ने मनीषा पंचकम् पर बोलते हुए कहा कि ‘मनीषा’ का अर्थ ‘निश्चय’ है। मनीषा पंचकम् में दो मुख्य बिंदुओं पर निश्चय होता है—गुरु कौन हैं और ज्ञान क्या है। उन्होंने कहा कि जिसे अद्वैत का सच्चा ज्ञान हो, वही गुरु कहलाने योग्य है। जितनी ऊँची साधना और माँग होती है, उतने ही ऊँचे गुरु की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि हमें भगवान के साथ कोई संबंध जोड़ने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह संबंध पहले से है। हमें केवल उस संबंध को जानने और अनुभव करने की आवश्यकता है। किंतु, गुरु के साथ संबंध जोड़ना अनिवार्य है। उन्होंने माँ गंगा और त्रिवेणी संगम को पाप निवारक एवं मुक्ति दायक बताया, आदि शंकराचार्य के जीवन की प्रेरणादायक घटना का उल्लेख किया। काशी में जब शंकराचार्य ने एक चाण्डाल को रास्ते से हटने को कहा, तो चाण्डाल ने प्रश्न किया—‘आप किसे हटाना चाहते हैं? अन्नमय कोष को अन्नमय कोष से या चैतन्य को चैतन्य से?’ भेद मात्र एक भ्रम है। ईश्वर एक हैं, केवल रूप अनेक हैं। ईश्वर में कभी भेद नहीं हो सकता, भेद केवल रूपों में होता है। सत्र के अंत में लोकमाता विद्याशंकर द्वारा प्रस्तुत साधना पंचकम् के सुमधुर गायन ने उपनिषद सभागार को दिव्यता से भर दिया। शाम के सत्र में परमार्थ साधक संघ के आचार्य स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी ने “अथातो ब्रह्म जिज्ञासा“ पर श्रोताओं को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि वेद का प्रतिपाद्य धर्म हैं, वेदांत का प्रतिपाद्य ब्रह्म हैं। धर्म साधन हैं व ब्रह्म साध्य हैं, यही मानव जीवन का सारभूत उद्देश्य हैं। मानव जीवन की चरम जिज्ञासा ब्रह्म जिज्ञासा हैं। वेदांत का सार ही ब्रह्म जिज्ञासा हैं। सोहम् चैतन्य पुरी ने कहा कि हम सभी के लिए सौभाग्य का विषय है कि मप्र इस बार महाकुम्भ में अद्वैत एवं आचार्य शंकर पर विमर्श हो रहा है, यह महाकुम्भ की उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि वेदांत ब्रह्मविद्या है, इसे प्राप्त करने के लिए गुरू के चरणों में अपना सर्वस्व समर्पण करना पड़ता है। ब्रह्मविद्या प्राप्त करने के लिए गुरू के बिना दूसरा कोई रास्ता नहीं है।   आगामी 6-7 फरवरी को शाम 6 बजे से अभिनेता नीतिश भारद्वाज एवं कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी ‘शंकर गाथा’ की प्रस्तुति देंगी,साथ ही 8 से 12 फरवरी तक राम जन्म भूमि न्यास के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्द देव गिरि प्रतिदिन शंकरो लोकशंकर: आचार्य शंकर के जीवन प्रसंग पर प्रतिदिन शाम 06 बजे से कथा करेंगे। यह महाकुम्भ पूर्व से पश्चिम एवं उत्तर से दक्षिण तक आचार्य शंकर द्वारा स्थापित सांस्कृतिक एकता का साक्षी बने इसी भाव के साथ संन्यास परम्परा के विराट उत्सव के रूप में युग-युगीन सनातन ज्ञान-परम्परा के इस प्रकट-प्रभावी उत्सव में एकात्म धाम शिविर आयोजित है। आचार्य शंकर ने भारतवर्ष का भ्रमण कर सम्पूर्ण राष्ट्र को सार्वभौमिक एकात्मता से आलोकित किया। अद्वैत वेदान्त दर्शन के शिरोमणि, सनातन वैदिक धर्म के पुनरुद्धारक एवं सांस्कृतिक एकता के देवदूत शंकर भगवत्पाद का जीवन-दर्शन अनंत वर्षों तक संपूर्ण विश्व का पाथेय बने, इस संकल्प के साथ आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग आचार्य शंकर की संन्यास एवं ज्ञान भूमि 'ओंकारेश्वर' में भव्य एवं दिव्य 'एकात्म धाम' के निर्माण के लिए संकल्पित है। एकात्मधाम प्रकल्प के अंतर्गत आचार्य शंकर की 108 फीट ऊँची बहुधातु 'एकात्मता की मूर्ति' आचार्य शंकर के जीवन तथा दर्शन पर आधारित संग्रहालय 'अद्वैत लोक' एवं अद्वैत वेदान्त दर्शन के अध्ययन, शोध एवं विस्तार के लिये 'आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदान्त संस्थान' की स्थापना करते हुए एकात्मता के वैश्विक केन्द्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।   recent visitors 27

अचानक यात्री बन ट्रैन सवार हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, यात्रियों से की खूब बाते, जमकर खिलखिलाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को जबलपुर-आरकेएमपी इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन से नर्मदापुरम से रवाना होकर रात्रि करीब 10.16 बजे रानी कमलापति (आरकेएमपी) स्टेशन पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेशन पर मौजूद यात्रियों, उनके परिजनों व अन्य नागरिकों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों को दुलार किया, उनके साथ फोटो/सेल्फी खिंचवाये और सभी की कुशलता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदापुरम में आयोजित मां नर्मदा जन्मोत्सव एवं गौरव दिवस महोत्सव-2025 में सम्मिलित होने के उपरांत ट्रेन से भोपाल आने की इच्छा व्यक्त की। नर्मदापुरम से आरकेएमपी स्टेशन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक सामान्य यात्री की तरह अपनी यात्रा की। उन्होंने रेल की बोगी में मौजूद सभी यात्रियों के साथ बेहद आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप कर रेल यात्रा का भरपूर आनंद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में चर्चा की और उनसे फीडबैक भी लिया।   प्रदेश के लाड़ले सीएम डॉ. यादव ने अपने चिर-परिचित अंदाज में लोगों से मुलाकात की और राज्य के विकास को लेकर खुलकर बातचीत की। इस दौरान एक पल भी ऐसा नहीं लगा कि कोई मुख्यमंत्री लोगों के बीच बैठा है। सीएम डॉ. यादव और उनके स्टाफ ने बाकायदा ट्रेन की टिकट बुक कराई। इस टिकट को टीसी ने चेक भी किया। गौरतलब है कि, इंटरसिटी एक्सप्रेस में एंट्री करते ही सीएम डॉ. यादव लोगों के साथ-साथ बच्चों से घिर गए। उन्होंने बच्चों को दुलार किया और टॉफी खिलाई। इस दौरान जनता से सीधे संवाद के बीच कई बार वे खिलखिलाकर हंस दिए। लोगों के साथ चलती ट्रेन में जमकर खिलखिलाए सीएम सीएम डॉ. यादव ने लोगों से बड़ी देर तक बातचीत की। एक तरफ उन्होंने लोगों को कई संस्मरण सुनाए, तो दूसरी तरफ लोगों ने भी कई किस्से सुनाकर उन्हें उनकी मीठी-मीठी यादों से तरोताजा कर दिया। यह सिलसिला रानी कमलापति रेलवे स्टेशन आने तक लगातार चलता रहा। इस पूरी यात्रा के बीच लोगों को यकीन ही नहीं हुआ कि सीएम डॉ. यादव उनके बीच बैठे हैं। उनके सादगी भरे अंदाज ने लोगों को आकर्षित किया। इधर, इस मुलाकात के बाद लोगों का कहना था कि सीएम डॉ. यादव के बारे में सुना तो था, लेकिन देखा पहली बार। हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कोई मुख्यमंत्री इतनी सादगी के साथ हमसे मुलाकात करेगा। मैं कर्म करने में विश्वास करता हूं- सीएम यादव बता दें, सीएम डॉ. यादव का कहना है कि मैं कर्म में विश्वास करता हूं। मैं इसके अलावा कुछ और नहीं जानता। प्रदेश का मुखिया होने के नाते मेरा कर्तव्य जनता की सेवा करना है। इसके अलावा मेरे मन में कुछ और विचार आता ही नहीं है। एक मुख्यमंत्री तब मुख्यमंत्री कहलाने का अधिकारी है, जब उसकी जनता उससे प्रेम करे और उस पर विश्वास करे। मैं लगातार यही प्रयास करता हूं कि जनता का विश्वास और प्रेम मेरे प्रति कम न हो, और न उनके मन को किसी प्रकार की ठेस लगे। सीएम यादव-स्टाफ ने बुक कराई टिकट गौरतलब है कि सीएम डॉ. मोहन यादव और उनके स्टाफ ने नर्मदापुरम से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन तक बाकायदा इंटरसिटी एक्सप्रेस की टिकट बुक कराई। एक्सप्रेस में मौजूद टीसी ने उनकी टिकट चेक भी किए। बता दें, सीएम डॉ. मोहन यादव इससे पहले भी कई बार सादगी की मिसाल पेश कर चुके हैं। वे जनता से सीधा संवाद की शैली के लिए चर्चित रहे हैं। वे कई बार बिना किसी सुरक्षा और तामझाम के सड़कों पर निकलकर लोगों से मुलाकात कर चुके हैं। उनका यह अंदाज बताता है कि वे जनता से जुड़ने के लिए कितना आतुर रहते हैं। इस संवाद से उन्हें प्रदेश की जनता की मन पढ़ने में मदद मिलती है। दिखी पीएम मोदी की झलक सीएम डॉ. यादव की इस यात्रा के दौरान उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झलक दिखाई दी। जिस तरह पीएम मोदी लोगों के बीच जाकर खुद को भूल जाते हैं, उसी तरह सीएम डॉ. यादव भी जनता के बीच खो से गए। उन्होंने जनता से हाथ मिलाया, उनसे बात की, उनके साथ सेल्फी खिंचवाई। उन्होंने जनता से मन की बात उसी तरह शेयर की, जिस तरह पीएम मोदी करते हैं। इस मौके पर उन्होंने जनता से कहा कि किसी को भी किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनका बेटा उनके साथ है। जनता के कल्याण में किसी भी चीज को रुकावट बनने नहीं दिया जाएगा। उनके कल्याण के लिए जिस हद तक जाना पड़े मैं जाऊंगा। सीएम यादव ने की मां नर्मदा की पूजा गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नर्मदा जयंती के मौके पर नर्मदापुरम में आयोजित मां नर्मदा जन्मोत्सव-गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘त्वदीय पाद पंकजं नमामि देवि नर्मदे…नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर प्राणदायिनी मां नर्मदा जी के दर्शन-पूजन ने मुझे नई ऊर्जा से भर दिया है। आज नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर नर्मदापुरम जिले में आयोजित मां नर्मदा जन्मोत्सव एवं गौरव दिवस कार्यक्रम में सहभगिता कर विचार साझा किए। मैया की कृपा से मध्यप्रदेश के अन्नदाता के घरों में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली है और असंख्य घरों में शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। मां रेवा के आशीर्वाद से चहुंओर समृद्धि एवं सुख के पुष्प पुष्पित और पल्लवित हो रहे हैं। मां नर्मदा की कृपा ऐसे ही अविराम हर घर-आंगन में बरसती रहे, हर घर धन-धान्य से भरा रहे, सर्वदा आनंद के दीप देदीप्यमान रहें, यही प्रार्थना है। नर्मदे हर।’     recent visitors 28

बिजली कंपनी के वॉट्स एप चैटबॉट से बिल डाउनलोड और भुगतान की सुविधा उपलब्ध

बिजली कंपनी के वॉट्स एप चैटबॉट से बिल डाउनलोड और भुगतान की सुविधा उपलब्ध उपभोक्ता सुविधा का उठाएं लाभ भोपाल वॉट्स एप चैटबॉट से बिल डाउनलोड एवं बिल भुगतान सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उपभोक्ता मोबाइल के माध्यम से बिजली बिल डाउनलोड एवं भुगतान सहित अन्य 10 सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने बताया कि चैटबॉट नंबर 0755-2551222 पर ‘Hi‘ (हाय) लिखते ही 10 सुविधाओं की सूची आ जाएगी। घर का बिजली बिल भरने 2 नंबर पर ‘फॉर बिल’ का ऑप्शन दिखता है। मैसेज बॉक्स में 2 लिखते ही 1 नंबर ‘फॉर व्यू एंड पे एलटी बिल’ का ऑप्शन सहित तीन अन्य ऑप्शन भी दिखेंगें। बिल के लिए 1 नंबर लिखने पर दो ऑप्शन आएंगे। इसमें 1 नंबर पर ‘टू यूज मोबाइल नंबर’ और 2 नंबर पर ‘फॉर इंटर कस्टूमर आईडी। इसमें आप अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के लिए जैसे ही ‘टू यूज मोबाइल नंबर’ के लिए 1 नंबर लिखेंगे तो आपके कनेक्शन नंबर दिखेंगे। इसमें जिस नंबर का बिल आपको चाहिए वह नंबर जैसे ही लिखेंगे तो तुरंत मोबाइल पर बिल की पीडीएफ राशि सहित आ जाएगी। इसी में ‘व्यू एंड पे’ तथा ‘पे नाऊ’ का ऑप्शन दिखेगा। यदि बिल देखना चाहते हैं तो ‘व्यू एंड पे’ को टच करेंगे। यदि राशि जमा करना है तो ‘पे नाऊ’ को टच करना होगा। जैसे ही आप ‘पे नाऊ’ को टच करेंगे तो भुगतान के विकल्प पूछे जाएंगे। इसमें पे ऑन वाट्सएप, गूगल पे, फोन पे, पेटीएम सहित अन्य यूपीआई एप्स के ऑप्शन दिखेंगे। यहां पर जिस विकल्प से आपको पेमेंट करना है उसे चयन कर ‘कांटीन्यू’ कर देंगे तो आपके वैलेट से पैमेंट की प्रक्रिया पूरी होगी और मोबाइल पर ही रसीद प्राप्त हो जाएगी। रसीद को मोबाइल में सेव करने का ऑप्शन भी रहेगा। इसके अलावा उसका स्क्रीनशॉट भी ले सकते हैं। इस तरह से उपभोक्ता घर बैठे अपने मोबाइल से बिजली कंपनी की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। वॉट्सएप एवं चैटबॉट पर 10 सुविधाओं का ऑप्शन इनमेंफॉर कंप्लेंट, फॉर बिल (एलटी/एचटी), फॉर व्यू अदर एप्लीकेशंस, फॉर लिंक युअर मोबाइल टू कनेक्शन नंबर, फॉर सैल्फ रीडिंग, टू एप्लाई फॉर न्यू सर्विस कनेक्शन/नेट मीटरिंग, टू एप्लाई फॉर चैंज इन एक्जिस्टिंग कनेक्शन, टू एप्लाई फॉर फिजिकल बिल, फॉर सोलर रूफटॉप (नेट मीटरिंग) एड ऑर रिमूव मोबाइल नंबर उपलब्ध है।   recent visitors 31

मंत्रि-परिषद ने दी “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025” लागू करने की स्वीकृति

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के प्रदेश में क्रियान्वयन की मंत्रि-परिषद ने दी स्वीकृति 5 वर्ष की अवधि में 10 लाख आवासों का किया जायेगा निर्माण मंत्रि-परिषद ने दी "मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025" लागू करने की स्वीकृति प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 4,400 रोजगार होंगे सृजित "मध्यप्रदेश ड्रोन संवर्धन एवं उपयोग नीति 2025" को दी स्वीकृति हुकुमचंद मिल की देनदारियों के निपटान एवं नवीन परियोजना क्रियान्वयन को मंजूरी शासकीय पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालयों में अध्ययनरत इंटर्नशिप छात्रों की स्टायपेण्ड राशि में वृद्धि का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के प्रदेश में क्रियान्वयन करने की स्वीकृति दी गई। योजना अनुसार प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न तथा मध्यम आय वर्ग के पात्र हितग्राही परिवारों को योजना के चार घटकों के माध्यम से लाभान्वित करने के लिए 5 वर्षों की योजना अवधि में 10 लाख आवासों का निर्माण किया जायेगा। इसमें 50 हजार करोड़ रूपये व्यय होंगे। बेनेफिसयरी लेड कंस्ट्रक्शन (बी.एल.सी.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस वर्ग के पात्र हितग्राही को अपनी स्वयं की भूमि पर स्वयं आवास का निर्माण करने के लिए अनुदान प्रदान किया जायेगा। एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.एच.पी.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस वर्ग के पात्र हितग्राहियों को नगरीय निकायों, राज्य की अन्य निर्माण एजेंसियों तथा निजी बिल्डर/डेवलपर के द्वारा आवासों का निर्माण कर प्रदान किया जायेगा। इस घटक अंतर्गत निजी डेवलपर द्वारा क्रियान्वित व्हाइट लिस्टेड/ओपन मार्केट परियोजनाओं में हितग्राहियों द्वारा आवास क्रय करने के लिए रिडीमेबल हाऊसिंग वाउचर (आरएचवी) प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गयी है। एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.आर.एच.) घटक अंतर्गत कामकाजी महिलाओं / औद्योगिक श्रमिकों / शहरी प्रवासियों बेघर निराश्रितों /छात्रों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों के लिए किराये के आवास बनाकर उपलब्ध किया जायेगा। इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम (आई.एस.एस.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी एवं एमआईजी वर्ग के पात्र परिवारों को आवास ऋण पर ब्याज अनुदान बैंक/एचएफसी के माध्यम से प्रदान किया जायेगा योजना अनुसार कल्याणी महिलाओं, सिंगल वूमेन, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों तथा समाज के अन्य कमजोर एवं वंचित वर्गों के व्यक्तियों को वरीयता दी जाएगी। साथ ही सफाई कर्मियों, पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत चिन्हित स्ट्रीट वेंडरों, पीएम विश्वकर्मा योजना के विभिन्न कारीगरों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों, तथा मलिन बस्ती/चॉल के निवासियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बी.एल.सी. घटक के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास तथा ए.एच.पी. घटक की परियोजनाओं के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास की स्वीकृति प्रदान की गई। 10 लाख आवासों के निर्माण के लिए अनुमानित राशि 50,000 करोड़ रूपये का निवेश संभावित है। इसमें केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार से अनुमानित अनुदान राशि 23,025 करोड़ रूपये प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना अंतर्गत पात्र हितग्राही परिवारों के लिए हर मौसम अनुकूल आवासों के निर्माण के साथ साथ समुचित अधोसंरचना जैसे सड़क, जल प्रदाय, मल-जल निकासी, पार्क तथा सामाजिक अधोसंरचना जैसे आंगनवाड़ी, प्राथमिक शाला एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदि विकसित किये जायेंगे। शासन सभी पात्र हितग्राही परिवारों को आवास प्रदान किया जाना सुनिश्चित करेगा। शहरी अवास योजना में बड़े शहरों को मलिन बस्ती मुक्त करने की दिशा में भूमि को संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए पीपीपी मॉडल पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई। ईडब्ल्यूएस वर्ग के हितग्राहियों का अंशदान कम करने के लिए पूर्वानुसार क्रॉस सब्सिडी मॉडल को क्रियान्वित करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग की श्रेणी के आवासों के निर्माण के साथ निम्न आय वर्ग तथा मध्यम आय वर्ग के लिए भी मिश्रित रूप से आवासों, व्यवसायिक इकाइयों का निर्माण तथा भूखंड विकसित करने की स्वीकृति दी गई। एएचपी-लोक परियोजनाओं में हितग्राही अंश की व्यवस्था के लिए हितग्राही, नगरीय निकाय तथा बैंक/एचएफसी के मध्य पूर्वानुसार त्रिपक्षीय अनुबंध के माध्यम से ऋण उपलब्ध किये जाने एवं भूमिहीन पात्र हितग्राही परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा प्रचलित प्रावधान अनुसार उपलब्ध किये जाने की भी स्वीकृति दी गई, जिससे भूमिहीन गरीबों को भी बीएलसी घटक का लाभ प्राप्त हो सके। सेमी कंडक्टर नीति से 14,400 रोजगार होंगे सृजित मंत्रि-परिषद द्वारा "मध्यप्रदेश सेमी कंडक्टर नीति 2025" लागू किये जाने की स्वीकृति दी गयी। उत्कृष्टता केंद्रों के लिए सकारात्मक भूमिका में सहयोगी, 'स्किल इंडिया जैसी पहल और वैश्विक तकनीकी उन्नत कंपनियों के साथ साझेदारी भारतीय कार्य बल को चिप डिजाइन, निर्माण, और सिस्टम एकीकरण में उन्नत कौशल तथा इस क्षेत्र में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित कर आर्थिक विकास को बढ़ावा देने राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र के रूप में विकसित किये जाने की आवश्यताओं के दृष्टिगत राज्य शासन द्वारा "मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025" जारी करने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट में हुए निर्णय अनुसार प्रदेश में निवेश के प्रति निर्मित अनुकूल वातारण को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश में एक स्थायी इको-सिस्टम का विकास होगा। उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से कौशल विकसित होगा। प्रदेश में सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में निवेश आकर्षित होगा। इससे प्रदेश में रोजगार की संभावनाएँ भी बढ़ेगी। इस नीति से राज्य को उच्च तकनीक से जुड़े कुशल कार्यबल का विकास करने का अवसर मिलेगा। राज्य को दीर्घकालिक औद्योगिक विकास की दिशा में अग्रसर करने के लिए सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र सार्थक होगा। वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनने का अवसर प्राप्त होंगे। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। घरेलू और विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति में सुदृढ़ होगी। उद्योगों और स्टार्टअप्स को सहयोग मिलेगा नवाचार को बढ़ावा देकर सेमी कंडक्टर डिज़ाइन, आर एंड डी और विनिर्माण क्षेत्रों को सहायता मिलेगी। निर्यात वृद्धि से राजस्व में राज्य की वैश्विक बाजार में पकड़ मजबूत होगी। देश में 'मेक इन इंडिया और 'डिजिटल इंडिया' की दिशा में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और सेमी कंडक्टर डिजाइन में निवेश के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाया गया है। भारत की युवा और तकनीकी रूप से कुशल जनसंख्या अनुसंधान और विनिर्माण के लिए एक विशाल प्रतिभा पूल प्रदान करती है। इसके अलावा, अमेरिका, जापान, और ताइवान जैसे देशो के साथ भारत के सहयोग ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण में इसकी स्थिति को और मजबूत किया है। भारत का तेजी से बढ़ता स्टार्ट-अप इको-सिस्टम, विशेष रूप से एआई, आईओटी और रोबोटिक्स में, सेमीकंडक्टर … Read more

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने माँ नर्मदा जयंती पर किया पूजन

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने माँ नर्मदा जयंती पर किया पूजन प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने माँ नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर तुलसी नगर स्थित माँ नर्मदा मंदिर में विधि-विधान से माँ नर्मदा का पूजन-अर्चन किया। उन्होंने माँ नर्मदा से प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। नर्मदा सेवा समाज द्वारा मंदिर परिसर में तैयार किए गए "मध्यप्रदेश के ब्राह्मण समाज के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की शौर्य गाथा" के भित्ति चित्र का उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अनावरण किया। उन्होंने भित्ति चित्र की सराहना करते हुए कहा कि यह चित्रों हमारे गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने समाज के उन सेनानियों के योगदान को नमन किया जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज के सदस्यों का सम्मान किया। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, मंदिर समिति के पदाधिकारी, नर्मदा सेवा समाज के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।   recent visitors 20