सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी, आबकारी नीति को भी मिली मंजूरी

लखनऊ सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. कैबिनेट बैठक में यूपी सरकार ने 2025-26 की आबकारी नीति को मंजूरी दी है. इससे उत्तर प्रदेश में अंग्रेजी शराब की दुकान, बीयर शॉप या अन्य वाइन शॉप का आवंटन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा. आबकारी विभाग की नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ये फैसला लिया गया है. recent visitors 53

मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने मतदान के दिन छुट्टी देने की मांग को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को लिखा पत्र

रायपुर छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को पत्र लिखकर मतदान के दिन मंत्रालय सहित रायपुर क्षेत्र में स्थित सभी शासकीय कार्यालयों में अवकाश घोषित करने की मांग की है. कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र सिंह राजपूत ने कहा, रायपुर क्षेत्र में 11 फरवरी को मतदान होना है. इस दिन नगरीय निकाय क्षेत्रों में छुट्टी घोषित है. मंत्रालय और अन्य नवा रायपुर स्थित कार्यालय नगरीय निकाय क्षेत्र से बाहर है. मंत्रालय एवं अन्य कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी कर्मचारी नगरीय निकाय क्षेत्र के निवासी मतदाता हैं, इसलिए मतदान के दिन मंत्रालय सहित नवा रायपुर अटल नगर के कार्यालयों में भी अवकाश घोषित किया जाए. छुट्टी होने से अधिकारी-कर्मचारी अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे. recent visitors 39

जयपुर शहर में 300 सीएनजी एसी एवं 150 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन : स्वायत्त शासन मंत्री

जयपुर स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि जयपुर शहर में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा में विस्तार करने के लिए 300 सीएनजी चलित एसी मिडी बसों की निविदा प्रक्रिया जारी है। इसकी तकनीकी निविदा 6 फरवरी को खोली जाएगी एवं तत्पश्चात् परीक्षण कर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। इसके अतिरिक्त पी.एम.ई बस सेवा योजना में नई 150 इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए भी केन्द्र सरकार के स्तर से निविदा 2 जनवरी 2025 को खोली जा चुकी है। स्वायत्त शासन मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि जयपुर शहर में परिवहन की कमी को दूर करने के लिए सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के आपसी समन्वय एवं संसाधनों का सदुपयोग कर नई इलेक्ट्रिक एवं सीएनजी बसें चलाने की कार्यवाही भी की जा रही है। इन बसों का संचालन प्रतिदिन न्यूनतम किराये के अनुसार भुगतान कर किया जायेगा तथा सरकार इन बसों में परिचालक नियुक्त कर आय अर्जित कर पायेगी। इससे आमजन को कम खर्च में बेहतरीन परिवहन सुविधाएँ मिलेंगी। इससे पहले विधायक श्री कालीचरण सराफ के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में स्वायत्त शासन मंत्री ने बताया कि शहरी मामलों के मंत्रालय के मानकों के तहत पब्लिक ट्रांसपोर्ट में 10 हजार की आबादी पर 6 बसों के हिसाब से 40 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए 2 हजार 400 बसों का प्रावधान है। वर्तमान में जेसीटीएसएल द्वारा जयपुर शहर में 27 मार्गों पर 200 बसों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त आमजन को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा के लिए परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित 43 मार्गों पर 2 हजार 424 मिनी बसों पर परमिट जारी हैं। साथ ही 41 हजार 913 ऑटो रिक्शा (थ्री-व्हीलर) एवं 45 हजार 508 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। recent visitors 52

लगभग सभी एग्जिट पोल में भाजपा को बढ़त है, आप के संयोजक केजरीवाल के ये चुनाव बहुत ही मुश्किल दिखाई दे रहा

भोपाल दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग पूरी होने के बाद सभी के मन में एक ही सवाल है कि कौन जीतेगा दिल्ली? क्या आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी को एक बार फिर से जीत दिलवाएंगे, या इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) दिल्ली में अपनी सत्ता फिर से स्थापित करेगी। इस सवाल का जवाब तो वैसे 8 फरवरी को वोटों की काउंटिंग शुरू होने पर ही मिल पाएगा, लेकिन एग्जिट पोल के जरिए हवा के रुख का अनुमान पता लग गया है। जी हां, लगभग सभी एग्जिट पोल में भाजपा को बढ़त है। आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल के ये चुनाव बहुत ही मुश्किल दिखाई दे रहा है। मैट्राइज के एग्जिट पोल में भाजपा सरकार सबसे पहला एग्जिट पोल मैट्राइज का आया है। मैट्राइज के एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाते हुए दिखाया है। भाजपा को 35 से 40 सीटें मिल सकती है। आप 50 प्रतिशत तक अपनी सीटें गंवा सकती है। वह 32 से 37 सीटों पर ही सिमट रही है। कांग्रेस 0 से 1 सीटें ला सकती है।   चाणक्य स्ट्रैटजी के एग्जिट पोल में भाजपा की एकतरफा जीत दिल्ली में चाणक्य स्ट्रैटजी का पोल भाजपा को एकतरफा जीत दिखा रहा है। भाजपा को 39-44 सीटें मिल सकती हैं। वहीं आप 25-28 सीटें जीत सकती है। कांग्रेस 2 से 3 सीटें जीत सकती है। पोल डायरी के एग्जिट पोल ने भाजपा को दी प्रचंड बहुमत पोल डायरी के एग्जिट पोल में भाजपा को दिल्ली में प्रचंड बहुतम मिल रहा है। वह 42 से 50 सीटें जीत सकती है। आप 18 से 25 सीटों पर सिमट सकती है। कांग्रेस को 0-2 सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है। रिपब्लिक भारत के एग्जिट पोल में कांटे की टक्कर रिपब्लिक भारत ने दिल्ली में आप और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर दिखाई है। उनके एग्जिट पोल के अनुसार आम आदमी पार्टी 32 से 37 सीटों को जीत सकती है। भारतीय जनता पार्टी 35 से 40 सीटों को फतह कर सकती है। कांग्रेस 0 से 1 सीट के साथ अपने पिछले प्रदर्शन को जारी रख हुए हैं। P MARQ के एग्जिट पोल में भाजपा की लहर P MARQ के एग्जिट पोल के अनुसार दिल्ली में भाजपा की लहर है। उनके एग्जिट पोल के अनुसार आम आदमी पार्टी 21 से 31 सीटों को जीत सकती है। भारतीय जनता पार्टी 39 से 49 सीटों को फतह कर सकती है। कांग्रेस 0 से 1 सीट के साथ बहुत ही निराशाजनकर प्रदर्शन कर रही है। डीवी रिसर्च का अनुमान भाजपा बनाएगी सरकार डीवी रिसर्च के एग्जिट पोल के अनुसार दिल्ली में भाजपा को पूर्ण बहुमत की सरकार बनने वाली है। भाजपा को 36 से 44 सीटें मिल रही है। आप 26 से 34 सीटों पर सिमट रही है। कांग्रेस का निराशाजनक प्रदर्शन जारी है। वह एक भी सीट नहीं जीत पा रहे हैं। recent visitors 39

सरकार प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि सरकार प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने मंत्रालय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चिकित्सकीय स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति, अधोसंरचनात्मक विकास कार्य, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और प्रदेश के स्वास्थ्य मानकों में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तृत समीक्षा कर दिशा निर्देश दिये। 50 प्रतिशत सीएचसी का एफआरयू में किया जायेगा उन्नयन उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सक एवं सहायक चिकित्सकीय स्टॉफ की भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अगले वर्ष तक प्रदेश के 50 प्रतिशत सीएचसी को एफआरयू में उन्नयन किया जाना है। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों की करें रियल-टाइम मॉनिटरिंग उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए विशेष निगरानी तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की समीक्षा की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जिन जिलों में स्वास्थ्य मानकों की स्थिति ठीक नहीं है, वहां स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने के लिए कारकों का गहन विश्लेषण किया जाए और विशेष प्रयास किए जाएं। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 9 और 25 तारीख़ को आयोजित होने वाले एएनसी जांच दिवस के प्रति व्यापक जागरूकता का प्रसार किया जाए जिससे अधिक से अधिक गर्भवती महिलाएं इसका लाभ उठा सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की गर्भ-धारण से प्रसव पूर्व तक सभी अनिवार्य जांचों को सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि समय पर सभी आवश्यक जांचें न केवल सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करेंगी बल्कि शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का समय पर चिन्हांकन कर आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष निगरानी प्रणाली लागू की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिये कि शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए फोकस्ड एप्रोच अपनाएं। स्वास्थ्य मानको की स्थिति जिन जिलों में ठीक नहीं है वहाँ कारकों को चिन्हांकित करके विशेष प्रयास किये जायें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन जिलों में नियमित दौरा कर जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, संचालक प्रवीण सिंह अढ़ायच, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना, संचालक दिनेश श्रीवास्तव सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 22

तेज़ वॉल्यूम पर लंबे समय तक न सुने गाने, नहीं तो जल्दी ख़राब होगा स्मार्टफोन का स्पीकर

नई दिल्ली आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत इस्तेमाल से आपके फोन के स्पीकर को नुकसान पहुंच सकता है? अक्सर लोग स्पीकर की सही देखभाल नहीं करते, जिससे आवाज़ कम होना, फटने जैसी दिक्कतें आने लगती हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपके स्मार्टफोन का स्पीकर लंबे समय तक बेहतरीन साउंड क्वालिटी प्रदान करे, तो इन सावधानियों का पालन करें। तेज़ वॉल्यूम पर लगातार ऑडियो न चलाएं हाई वॉल्यूम पर लंबे समय तक म्यूजिक या वीडियो चलाने से स्पीकर की परफॉर्मेंस खराब हो सकती है। इससे स्पीकर के अंदर मौजूद डायफ्राम डैमेज हो सकता है और आवाज़ फटने लगती है। बेहतर होगा कि मध्यम वॉल्यूम पर ही ऑडियो सुने। पानी और धूल से बचाएं स्पीकर में पानी या धूल जाने से उसकी साउंड क्वालिटी प्रभावित होती है। बारिश में या नमी वाली जगहों पर फोन इस्तेमाल करने से बचें। अगर फोन में पानी चला जाए, तो तुरंत सुखाने के लिए इसे चावल में रखें या ब्लोअर से हल्की हवा दें। ब्लूटूथ स्पीकर और ईयरफोन का उपयोग करें अगर आप लंबे समय तक गाने या वीडियो देखते हैं, तो बेहतर होगा कि ब्लूटूथ स्पीकर या ईयरफोन का उपयोग करें। इससे आपके फोन के इनबिल्ट स्पीकर पर ज़्यादा लोड नहीं पड़ेगा। सॉफ़्टवेयर अपडेट करें कभी-कभी स्पीकर की खराब आवाज़ का कारण सॉफ़्टवेयर इशू भी हो सकता है। फोन के ऑडियो सेटिंग्स को जांचें और समय-समय पर अपडेट करें। अनावश्यक ऐप्स से बचें कई थर्ड-पार्टी ऐप्स स्पीकर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यदि कोई ऐप अचानक अत्यधिक लाउड साउंड प्ले कर रहा है, तो उसे तुरंत हटा दें। कंप्रेस्ड या लो-क्वालिटी ऑडियो से बचें कम गुणवत्ता वाले या ज़रूरत से ज़्यादा कंप्रेस्ड ऑडियो फाइल्स स्पीकर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं। हमेशा हाई-क्वालिटी म्यूजिक या वीडियो फाइल्स को ही सुनें। स्पीकर साफ करें लेकिन सही तरीके से समय-समय पर स्मार्टफोन के स्पीकर की सफाई करें। इसके लिए सॉफ्ट ब्रश या कॉटन स्वैब का इस्तेमाल करें। पानी या किसी हार्ड केमिकल का उपयोग करने से बचें। अगर आप चाहते हैं कि आपके स्मार्टफोन का स्पीकर लंबे समय तक बेहतर काम करे, तो उपरोक्त सावधानियों का पालन करें। सही देखभाल से न सिर्फ आपके फोन की साउंड क्वालिटी बनी रहेगी, बल्कि यह लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के चलेगा। recent visitors 29

ब्राजील में लगे पशुओं के मेले में भारतीय नस्ल की गाय 40 करोड़ में बिकी, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में बनाई जगह

नई दिल्ली ब्राजील में लगे पशुओं के मेले में भारतीय नस्ल की एक गाय 40 करोड़ रुपये में बिकी है। यह किसी भी गाय के लिए लगी अब तक की सबसे महंगी बोली है, जिसने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बना ली है। यह बोली ब्राजील के मिनास गेरैस में लगी, जहां एक ग्राहक ने वियाटिना-19 नाम की गाय के लिए इतनी ऊंची बोली लगा दी। गाय का वजन 1101 किलो पाया गया है, जो इस नस्ल की अन्य गायों की तुलना में लगभग दोगुना है। नेल्लोर नस्ल की यह गाय चर्चा में आ गई है। यह नस्ल भारत के आंध प्रदेश, तेलंगाना में पाई जाती है। वियाटिना-19 नाम की गाय ने पूरी दुनिया में पहचान हासिल की है। इसकी पहचान असाधारण जीन और शारीरिक सुंदर के लिए है। इस गाय ने मिस साउथ अमेरिका का टाइटल भी जीता था। इसके बाद से ही यह गया चर्चा में है। दुनिया के कई देशों में इस गाय की संतानों को लोग लेकर गए हैं ताकि अच्छी नस्ल गायें तैयार की जा सकें। यही वजह है कि जब इस गाय के लिए बोली लगाई गई तो एक ग्राहक ने 40 करोड़ रुपये तक का ऊंचा मूल्य चुकाने का फैसला लिया। नेल्लोर नस्ल की गायों को ऑन्गोल ब्रीड के तौर पर भी जाना जाता है। इन गायों की विशेषता यह है कि ये बेहद कठिन और गर्म परिस्थितियों में भी रह सकती हैं। इनकी दूध देने की क्षमता प्रभावित नहीं होती। आमतौर पर अत्यधिक गर्म मौमस में गायों का दूध कम हो जाता है। इसके अलावा नेल्लोर नस्ल की गायों की इम्युनिटी भी शानदार होती है और वे बीमारियों से लड़ पाती हैं। यही कारण है कि इनकी दुनिया भर में लोकप्रियता काफी अधिक है। यह गाय बेहद कम देखभाल के साथ भी कठिन परिस्थिति वाले इलाकों में रह लेती हैं। सफेद फर और कंधे पर ऊंचे हंप वाली इन गायों की यह विशेषता है कि ये ऊंटों की तरह लंबे समय तक के लिए खाने और पीने की सामग्री को स्टोर कर लेती हैं। इसके चलते इनका रेगिस्तान, गर्म वाले इलाकों में रहना आसान होता है। यही कारण है कि पूरी दुनिया में नेल्लोर नस्ल की गायों की मांग बढ़ गई है। कई बार चारे आदि की कमी पर पशुओं के लिए सर्वाइव करना मुश्किल होता है। ऐसे में ये गायें एक अच्छा विकल्प हैं। ये गायें फैट की स्टोरेज कर लेती हैं। इसे कठिन परिस्थितियों में भी उनके स्वास्थ्य पर ज्यादा असर नहीं दिखता। नेल्लोर नस्ल की गाय की इतनी ऊंची बोली लगने से साफ है कि इनकी डिमांड काफी तेज है। इन गायों का बीमारियों से बचाव का प्रतिरोधी तंत्र काफी मजबूत होता है। इसके अलावा उनका गर्म मौसम में रहना बहुत कठिन नहीं है। इन गायों की रोग प्रतिरोधक क्षमता ऐसी होती है कि उन्हें कम से कम मेडिकल केयर की जरूरत रहती है। बता दें कि साहीवाल, नेल्लोर, पेंगनूर और बदरी गाय समेत देश में ऐसी कई नस्लें हैं, जिनकी भारत समेत दुनिया भर के देशों में काफी ज्यादा डिमांड है। नेल्लोर नस्ल की गायों को ब्राजील में भी बड़े पैमाने पर पाला जाता है। वर्ष 1800 से ही ब्राजील में इनका पालन हो रहा है। recent visitors 33