Tuesday, July 7, 2026 12:21 am

सुभाष नगर में पुलिस के दखल के बाद मोतीनगर बस्ती में दुकानदारों ने समान हटाना शुरू

भोपाल राजधानी भोपाल के सुभाष नगर मार्केट में करीब 110 दुकानों को हटाने की नगर निगम, पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई 8 फरवरी को होगी. गुरुवार को पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर लोगों को स्वेच्छा से दुकान हटाने को कहा. इसके बाद दुकानदार आज सुबह से सामान हटाते नजर आए. 4 दिन से पुलिस फोर्स न होने के चलते दुकानों पर बुलडोजर नहीं चल पा रहा था. जिला प्रशासन, नगर निगम और रेलवे ने इससे पहले 4 फरवरी तक बस्ती को खाली करने का नोटिस जारी किया था. जिसके बाद से बस्ती में रहने वालों को बेघर होने का डर सता रहा है. हालांकि, रहवासियों की मांग और परीक्षाओं को देखते हुए बस्ती हटाने पर 2 महीने तक रोक लग गई है, लेकिन दुकानों को हटाने पर रोक नहीं लगी है और इसलिए दुकानों को शनिवार को तोड़ना शुरू कर दिया जाएगा.   दरअसल, भोपाल में सुभाष नगर आरओबी की ​थर्ड लेग के निर्माण के लिए सुभाष नगर मार्केट और चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए मोती नगर बस्ती को हटाने की कार्रवाई होनी है. डीसीपी जोन-1 प्रियंका शुक्ला ने पुलिस अफसरों के साथ  मुआयना भी किया। वहीं, एडीएम प्रकाश नायक और एमपी नगर एसडीएम एलके खरे ने निरीक्षण किया था। अफसरों की समझाइश के बाद कई दुकानदारों ने सामान हटाना भी शुरू कर दिया, लेकिन कई अभी भी अड़े हैं। ऐसे में शुक्रवार को प्रशासन इन्हें नगर निगम के अमले की मदद से हटाने की कार्रवाई करेगा। 4 फरवरी को ही होनी थी कार्रवाई बता दें कि 4 फरवरी तक बस्ती खाली करने का समय था, लेकिन पुलिस फोर्स नहीं मिलने की वजह से कार्रवाई नहीं हो सकी। दो दिन तक कार्रवाई अटकी रही। बस्ती में कुल 384 मकान मोतीनगर बस्ती में कुल 384 मकान हैं। यहां 110 पक्की दुकानें भी हैं। इन दुकानों को हटाने से कार्रवाई की शुरुआत होगी। नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। दुल्हन को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच चुके कांग्रेसी मोतीनगर बस्ती को हटाने का विरोध भी किया जा रहा है। तीन दिन पहले कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला एक दुल्हन को लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के पास पहुंच गए थे। शुक्ला ने कहा था, जिला प्रशासन की कार्रवाई के पहले मोतीनगर से कई मानवीय पहलू सामने आ रहे हैं। यदि प्रशासन मौजूद सैकड़ों परिवारों को मोहलत नहीं देता है तो उनके सामने आर्थिक संकट के अलावा नैतिक संकट भी खड़े हो रहे हैं। किसी के घर में बेटी के हाथ पीले होने हैं तो कहीं बेटे की शादी की तैयारी हो रही है। इस स्थिति में भी कार्रवाई होती है तो कई शादियां भी टालनी होगी। दूसरी ओर, बच्चों की परीक्षाएं भी हैं। हालांकि, बच्चों की संख्या को लेकर प्रशासन ने सर्वे भी किया है।   recent visitors 22

हाथ मिलाने का तरीका आपकी पर्सनालिटी से जुड़े खोलता है ये राज

सफल लोगों में कुछ खास आदतें होती हैं जिनकी वजह से वे आम लोगों से अलग दिखते हैं। ये आदतें उनके बोलने, खाने, रहने और जीवन को देखने के नजरिए से जुड़ी हो सकती हैं। व्यक्ति की पर्सनालिटी उसके जीवन से जुड़े कई राज बिना कहे भी खोल सकती है। ऐसा ही एक राज उसके हाथ मिलाने के तरीके से भी खुल सकता है। आइए जानते हैं व्यक्ति के हाथ मिलाने के तरीके से उसके व्यक्तित्व के बारे में क्या पता चलता है। कसकर हाथ मिलाना कई लोगों को दूसरे व्यक्ति से कसकर हाथ मिलाने की आदत होती है। ऐसे लोग आत्मविश्वासी प्रवृत्ति के होने के साथ सामने वाले व्यक्ति को सम्मान देना अच्छी तरह जानते हैं। ये लोग दूसरे लोगों में भेद नहीं करते हैं। ऐसे लोगों को ज्यादातर लोग पसंद करते हैं। दोनों हाथों से पकड़कर हाथ मिलाना अगर कोई व्यक्ति अपने दोनों हाथों से सामने वाले व्यक्ति की हथेली को थामकर हाथ मिलाता है तो उस पर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल होता है। ऐसे लोगों को जीवन में सफलता बड़े संघर्ष के बाद मिलती है। ये लोग सिर्फ अपना हित देखकर आगे बढ़ने पर विश्वास रखते हैं। कंधे पर हाथ रखना कई लोग सामने वाले व्यक्ति से हाथ मिलाते समय उसके कंधे पर हाथ रख देते हैं। ऐसे लोग स्वभाव से सब का भला सोचने वाले होते हैं और अपने आसपास के लोगों की उन्नति और समृद्धि की चाहत रखते हैं। ऐसे लोग अपने दोस्त-रिश्तेदारों का हर सुख-दुख और हंसी-खुशी में साथ देते हैं। देर तक हाथ पकड़ना अगर कोई व्यक्ति हाथ मिलाते समय देर तक सामने वाले व्यक्ति का हाथ पकड़कर रखता है तो इसका मतलब होता है उसे दूसरों पर नियंत्रण करना अच्छा लगता है। ऐसे लोग चाहते हैं कि सभी लोग इनकी बातें माने और जब ऐसा नहीं होता तो यह चिढ़ जाते हैं। वहीं कुछ लोगों का यह भी मानना है कि ऐसे लोग सामने वाले व्यक्ति में गहरी रुचि और भरोसे को दर्शाते हैं। हल्का हाथ मिलाना जो लोग हल्का हाथ मिलाते है, यह उनकी झिझक और आत्मविश्वास की कमी को दिखाता है। recent visitors 50

सरवणकुमार ने 14 साल बाद अपने कर्मचारियों से किया गया वादा पूरा किया और स्टाफ को बांटा 14 करोड़ रुपए का बोनस

नई दिल्ली तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित एक एआई स्टार्टअप कोवई.को ने अपने कर्मचारियों को 14 करोड़ रुपए का बोनस दिया है, जो किसी भी स्टार्टअप के लिए एक बड़ा सपना होता है। इस कंपनी में कुल 140 कर्मचारी काम करते हैं, और उन्हें यह बोनस उनकी मेहनत और योगदान के लिए दिया गया है। कोवई.को की स्थापना 2011 में सरवणकुमार नामक एक व्यक्ति ने की थी। यह कंपनी बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) सास समाधान (SaaS solutions) प्रदान करती है। सरवणकुमार ने 14 साल बाद अपने कर्मचारियों से किया गया वादा पूरा किया और उन्हें यह बोनस दिया।   बड़े क्लाइंट्स के साथ कंपनी का नाम कोवई.को के पास बीबीसी, बोइंग और शेल जैसी बड़ी कंपनियां अपने ग्राहक के रूप में हैं। कंपनी का नाम कोयंबटूर शहर पर रखा गया है, जहां इसकी शुरुआत हुई थी। सरवणकुमार कोयंबटूर के मूल निवासी हैं, हालांकि वह पिछले 25 वर्षों से लंदन में रहते हैं। स्टार्टअप शुरू करने का फैसला सरवणकुमार ने बताया कि वह एक दशक से ज्यादा समय तक आईटी कर्मचारी थे, लेकिन उन्हें बाजार में कुछ कमी महसूस हुई। इसके बाद उन्होंने कोवई.को स्टार्टअप शुरू करने का निर्णय लिया। यह कंपनी पूरी तरह से बूटस्ट्रैप्ड है और इसने कोई बाहरी फंडिंग नहीं ली है। कर्मचारियों को 14 करोड़ रुपए का बोनस दिया आपके स्टार्टअप ने इतना बड़ा बोनस क्यों दिया है? तो सरवणकुमार ने कहा कि स्टार्टअप में काम करने वाले लोग एक दिन अमीर बनना चाहते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें सिर्फ कागजी शेयर मिलते हैं। सरवणकुमार ने तीन साल पहले अपने कर्मचारियों से वादा किया था कि वह उन्हें जनवरी 2025 तक छह महीने का वेतन बोनस के रूप में देंगे। अब उन्होंने वह वादा पूरा किया और 14 करोड़ रुपए का बोनस दिया।   कंपनी का रेवेन्यू 100 मिलियन डॉलर पहुंचाना मकसद सरवणकुमार ने यह भी कहा कि वह कोवई.को को एक यूनिकॉर्न बनाना चाहते हैं। उनकी योजना 2030 तक कंपनी का रेवेन्यू 100 मिलियन डॉलर तक पहुंचाने की है। उन्होंने यह भी मजाक करते हुए कहा कि उन्होंने बुगाटी कार खरीदने का विचार छोड़ दिया है, और अब वह अपनी कर्मचारियों को बोनस देने के लिए उसी पैसे का उपयोग करना चाहते हैं। यह स्टार्टअप और इसके संस्थापक सरवणकुमार की एक प्रेरणादायक कहानी है, जो न केवल अपने कर्मचारियों के साथ विश्वास कायम कर रहे हैं, बल्कि अपने स्टार्टअप को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।   recent visitors 51

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के संचालन के लिए नए समय कार्यक्रम की घोषणा की, मंदिर अब सुबह छह बजे खुलेगा

अयोध्या अयोध्या में स्थित श्री राम मंदिर में दर्शन और अनुष्ठान के समय में अब बदलाव किया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के संचालन के लिए नए समय कार्यक्रम की घोषणा की है। इस बदलाव के बाद, मंदिर अब सुबह छह बजे खुलेगा, जबकि पहले यह सुबह सात बजे खोला जाता था। इस समय में बदलाव श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि सभी श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें और मंदिर में चल रहे विभिन्न अनुष्ठानों का भी समुचित लाभ उठा सकें। नया समय कार्यक्रम: – मंगला आरती: सुबह 4 बजे     मंगला आरती तड़के चार बजे होगी, जिसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। यह आरती मंदिर में विशेष रूप से भगवान श्री राम की पूजा के समय होती है।   – श्रृंगार आरती: सुबह 6 बजे     श्रृंगार आरती सुबह 6 बजे होगी, इसके साथ ही मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए भी खोल दिया जाएगा। श्रद्धालु अब इस समय से मंदिर में दर्शन कर सकेंगे। श्रृंगार आरती मंदिर के महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक है, जिसमें भगवान राम की सजावट की जाती है। – राजभोग: दोपहर 12 बजे     राजभोग अनुष्ठान दोपहर 12 बजे होगा। इसके बाद भी श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे, और मंदिर में भोग के समय भी श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलेगा।   – संध्या आरती: शाम 7 बजे     संध्या आरती शाम सात बजे होगी। इस समय मंदिर के पट 15 मिनट के लिए बंद रहेंगे। फिर पुनः मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। संध्या आरती में विशेष रूप से दीप जलाने का कार्य किया जाता है, जो श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का कारण है। – शयन आरती: रात 10 बजे     शयन आरती रात 10 बजे होगी, जबकि पहले यह 9:30 बजे होती थी। यह आरती भगवान राम को सोने के लिए तैयार करने का एक अनुष्ठान है, जिसके बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते समय का विस्तार श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि के कारण मंदिर में दर्शन के समय और अनुष्ठान कार्यक्रम में यह बदलाव किया गया है। अब दिन में आधा घंटा और सुबह में डेढ़ घंटा अतिरिक्त समय जोड़ा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और वे आराम से दर्शन कर सकें। इसके अलावा, प्रसाद के समय भी श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। आगंतुकों की संख्या में भारी वृद्धि अयोध्या में पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक पर्यटन में शानदार वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में आगंतुकों की संख्या में बहुत बढ़ोतरी हुई है। 2020 में अयोध्या में आगंतुकों की संख्या लगभग 60 लाख थी, जो 2024 में बढ़कर 16 करोड़ से अधिक हो गई है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार, राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या के धार्मिक पर्यटन में इस तरह की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। राम मंदिर का निर्माण कार्य राम मंदिर के निर्माण कार्य के बारे में बात करें तो, 22 जनवरी 2024 को मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह हुआ था, जब मंदिर के आंशिक निर्माण को पूरा किया गया था। अब तक मंदिर के पूरे ढांचे का निर्माण कार्य चल रहा है, और श्रद्धालु इसके हर चरण में शामिल हो रहे हैं। राम मंदिर के पूरा होने के बाद, यह धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बन गया है, और हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।   recent visitors 38

भीलवाड़ा के मांडलगढ़ में सड़क दुर्घटना में 8 युवकों की अंत्येष्टि में कलेक्टर भी हुए शामिल, बंद रहा बड़लियावास

भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बड़लियावास के 8 युवकों की गुरुवार देर शाम जयपुर के पास दूदू में हुए भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद बड़लियास सहित आसपास के गांवों में गमगीन माहौल है। बड़लियास गांव पूरी तरह से बंद रहा, जहां पांच मृतकों की अंत्येष्टि संपन्न हुई, जबकि तीन मृतकों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांवों में किया गया। भीलवाड़ा के जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू शुक्रवार सुबह बड़लियास पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और मुख्यमंत्री की ओर से शोक संवेदना प्रकट की। उन्होंने घोषणा की कि प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बड़लियास में पांच मृतकों की अंत्येष्टि के दौरान सैकड़ों लोग शामिल हुए। जानकारी के अनुसार मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बड़लियास और आसपास के गांवों के ये युवक महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज जा रहे थे। हादसा उस समय हुआ जब जोधपुर से आ रही एक रोडवेज बस का टायर फट गया और बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करके श्रद्धालुओं की कार से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह पिचक गई और उसमें सवार सभी आठ युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में रविकांत पुत्र मदनलाल, बाबू रैगर पुत्र मदनलाल, नारायण निवासी बड़लियास, दिनेश कुमार पुत्र मदनलाल रैगर, बबलू मेवाड़ा पुत्र मदन मेवाड़ा, किशन पुत्र जानकीलाल, प्रमोद सुथार पुत्र मूलचंद निवासी मुकुंदपुरिया), मुकेश कुमार शामिल थे। एक ही जगह पर पांच चिताएं जलती देख पूरा गांव गमगीन हो गया। सैकड़ों लोगों ने अंतिम संस्कार में भाग लिया। जिला कलेक्टर ने बताया कि सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के तहत भी मृतकों के परिजनों को सहायता दी जाएगी। वहीं ग्राम सरपंच प्रकाश रैगर ने मृतकों के परिवारों के लिए 21 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। मांडलगढ़ विधायक गोपाल खंडेलवाल ने इस भीषण सड़क हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। विधायक खंडेलवाल ने कहा कि वे हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हादसे के वक्त वे विधानसभा सत्र में थे, लेकिन सूचना मिलते ही तुरंत दूदू मोर्चरी पहुंचे। उन्होंने पुलिस को पंचनामा तैयार करवाने और शवों का पोस्टमार्टम कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। रात में सभी शवों को एंबुलेंस से उनके गांवों तक पहुंचाया गया।   recent visitors 37

किसानों और लघु उद्यमियों को सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से मिलेगा दीर्घकालीन ऋण

36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को 130 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य आवंटित जयपुर,  राज्य भूमि विकास बैंक प्रदेश के 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को 130 करोड़ रुपये के दीर्घकालीन ऋण वितरण करेगा। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने बताया कि राज्य के सभी जिलों के किसानों और लघु उद्यमियों को अब सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से दीर्घकालीन कृषि एवं अकृषि ऋण उपलब्ध हो पाएंगे। सहकारिता मंत्री ने बताया कि कृषकों और लघु उद्यमियों को यह ऋण राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप क्रमश: 7 प्रतिशत एवं 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के तहत उपलब्ध करवाये जाएंगे। उन्होंने बताया कि नाबार्ड से पुनर्वित्त के अभाव में काफी समय से अधिकांश भूमि विकास बैंकों द्वारा उक्त योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण नहीं हो पा रहा था। विगत दिनों नाबार्ड द्वारा पुनर्वित्त जारी करने एवं एनसीडीसी द्वारा ब्याज दरों में कमी किये जाने के परिणामस्वरूप अब ऋण वितरण संभव हो सकेगा। श्री दक ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ब्याज अनुदान उपलब्ध करवाये जाने के फलस्वरूप भूमि विकास बैंकों द्वारा वितरित दीर्घकालीन कृषि ऋण मात्र 5.05 प्रतिशत एवं दीर्घकालीन अकृषि उत्पादक ऋण मात्र 7.05 प्रतिशत की ब्याज दर पर उपलब्ध होगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ऐसे लगभग 15 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों, जहां पिछले 5-6 वर्षों से दीर्घकालीन ऋण वितरण नहीं किया जा रहा था, को भी ऋण वितरण के लक्ष्य आवंटित किये गये हैं। इनमें अजमेर, केकड़ी, टोंक, हिण्डौन, सवाई माधोपुर, जालौर, पाली, सिरोही, बारां, बूंदी, झालावाड़, कोटा, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक शामिल हैं। प्रदेश की दीर्घकालीन सहकारी साख संरचना के पुनरुद्धार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। recent visitors 34

जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण ट्रेनें 9 से 26 फरवरी तक रद्द रहेंगी

जम्मू मसीत स्टेशन पर उच्चीकरण कार्यों के बीच, जम्मूतवी और हरदोई-बालामऊ स्टेशन के बीच ब्लॉक के चलते कई महत्वपूर्ण ट्रेनें 9 से 26 फरवरी तक रद्द रहेंगी। इस माह ट्रेनों से लंबी दूरी की यात्रा कठिन होगी। जम्मूतवी और हरदोई-बालामऊ स्टेशन के बीच मसीत स्टेशन पर उच्चीकरण के कार्यों के बीच ब्लॉक के चलते शुक्रवार से ट्रेनों का निरस्तीकरण शुरू हो जाएगा।इसके चलते 15655 कामाख्या-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस नौ, 16, 23 फरवरी, 15656 श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-कामाख्या एक्सप्रेस 12,19, 26 फरवरी, 12491 बरौनी-जम्मूतवी एक्सप्रेस नौ, 16, 23 फरवरी, 12492 जम्मूतवी-बरौनी एक्सप्रेस सात, 14, 21 व 28 फरवरी, 15119-20 वाराणसी-देहरादून एक्सप्रेस 15 से 17 फरवरी तक निरस्त रहेंगी।  इनमें शामिल हैं: 15655 कामाख्या-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस (9, 16, 23 फरवरी) 15656 श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-कामाख्या एक्सप्रेस (12, 19, 26 फरवरी) 12491 बरौनी-जम्मूतवी एक्सप्रेस (9, 16, 23 फरवरी) 12492 जम्मूतवी-बरौनी एक्सप्रेस (7, 14, 21, 28 फरवरी) 15119-20 वाराणसी-देहरादून एक्सप्रेस (15-17 फरवरी) इन ट्रेनों के रद्द होने के चलते, लंबी दूरी की यात्रा करना अधिक कठिन हो सकता है।  recent visitors 27