देवी अहिल्या की नगरी में 17 फरवरी से प्रदेश की मेयर काऊंसिल , मुख्यमंत्री भी होंगे शामिल

इंदौर इंदौर को प्रदेशभर के महापौरों आएंगे। 17 फरवरी को इंदौर में प्रदेश स्तरीय महापौर परिषद का सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्चुअली जुड़ेंगे बतौर मध्यप्रदेश महापौर परिषद के अध्यक्ष होने के नाते पुष्यमित्र भार्गव इस आयोजन की अध्यक्षता करेंगे। दूसरे शहरों के नगरीय निकायों के मेयरों को इंदौर की सैर भी कराई जाएगी। शहर की सफाई व्यवस्था के बारे में जानकारी दी जाएगी। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, ट्रेंचिंग ग्राउंड, गोबरधन प्लांट की सैर भी कराई जाएगी। ब्रिलियंट कन्वेशन सेंटर में आयोजित होने वाली बैठक में अखिल भारतीय महापौर परिषद की अध्यक्ष माधुरी पटेल ,राज्य मंत्री प्रतिभा बागरी समिलित होंगी।साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी ऑन लाईन आयोजन में सम्मिलित होंगे और मेयरों से चर्चा भी करेंगे। इस एक दिनी सम्मेलन में शहरों के विकास से जुड़े मुद्दों बजट आवंटन, महापौर के अधिकार बढ़ाने संबंधी विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा स्मार्ट सिटी के नियमों में बदलाव को लेकर भी चर्चा होगी। मेयर को मालवा के प्रसिद्ध व्यंजन भी परोसे जाएंगे। इसके अलावा 56 दुकान की सैर भी कराई जाएगी। इससे पहले देवास में प्रदेश के मेयरों का सम्मेलन हुआ था। इंदौर में तत्कालीन मेयर कैलाश विजयवर्गीय और कृष्णमुरारी मोघे के कार्यकाल में अखिल भारतीय महापौर सम्मेलन भी हो चुका है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 48

अब तक 31 दिनों में 38 लाख श्रद्धालु महाकुंभ में अदाणी ग्रुप और इस्कॉन द्वारा वितरित महाप्रसाद किया ग्रहण

प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सेवा और आध्यात्मिक तृप्ति के लिए अदाणी ग्रुप और इस्कॉन की पहल सुर्खियों में है। अब तक 31 दिनों में 38 लाख श्रद्धालु महाप्रसाद ग्रहण कर चुके हैं, जिसमें मौनी अमावस्या के दिन महाप्रसाद ग्रहण करने वाले 3.5 लाख श्रद्धालु शामिल हैं। इधर, महाकुंभ परिक्षेत्र में पहुंचने वाले 30 लाख श्रद्धालुओं को गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित 'आरती संग्रह' भी भेंट की जा चुकी है। हर बार की तरह इस बार भी महाकुंभ में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और अदाणी ग्रुप तथा इस्कॉन की यह पहल इस ऐतिहासिक आयोजन को और भी खास बना रही है। यह सेवा न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक है, बल्कि समर्पण और निस्वार्थ सेवा की एक मिसाल भी पेश कर रही है। महाकुंभ में अदाणी ग्रुप और इस्कॉन की साझेदारी से महाप्रसाद सेवा चलाई जा रही है, जिसमें हर दिन लगभग एक लाख श्रद्धालुओं को भोजन वितरित किया जा रहा है। इस सेवा में 18,000 से अधिक सफाईकर्मी भी योगदान दे रहे हैं। इस सेवा को संचालित करने के लिए 5,000 से अधिक स्वयंसेवक प्रतिदिन अपनी निस्वार्थ सेवा दे रहे हैं। श्रद्धालु महाप्रसाद की गुणवत्ता और पवित्रता की लगातार प्रशंसा कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर महाप्रसाद की व्यवस्था इतनी सुचारू रूप से की गई है कि किसी भी श्रद्धालु को किसी तरह की असुविधा नहीं हो रही है। अदाणी ग्रुप ने गीता प्रेस के सहयोग से भक्तों को एक करोड़ 'आरती संग्रह' की प्रतियां वितरित करने का संकल्प लिया है, जिसमें से अब तक 30 लाख प्रतियां श्रद्धालुओं को भेंट की जा चुकी हैं। यह पहल सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और आध्यात्मिक साहित्य के प्रसार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। महाकुंभ में संतों के प्रवचन, रामकथा, श्रीमद्भागवत कथा और अन्य धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सेवा कार्यों को भी विशेष महत्व दिया गया है। अदाणी ग्रुप द्वारा की गई महाप्रसाद सेवा और 'आरती संग्रह' वितरण ने श्रद्धालुओं के अनुभव को और भी दिव्य बना दिया है। इस्कॉन द्वारा गीता सार की पांच लाख प्रतियां श्रद्धालुओं के बीच बांटने की भी योजना बनाई गई है, जिसमें अब तक 3 लाख प्रतियां वितरित की जा चुकी हैं। इसके अलावा, दिव्यांग, बुजुर्ग और छोटे बच्चों के साथ आने वाली माताओं के लिए गोल्फ कार्ट जैसी विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 48

रीवा राजमार्ग पर महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से प्रयागराज जाने वाले यात्रियों का दबाव

 रीवा सड़क मार्ग से प्रयागराज जाने के लिए सबसे ज्यादा ट्रैफिक रीवा की तरफ के राष्ट्रीय राजमार्ग पर मिल रहा है। रीवा से प्रयागराज की दूरी 133 किलोमीटर है,लेकिन उसे तय करने में पांच से सात घंटे लग रहे है। वाहनों की एंट्री तो शुरू हो गई, लेकिन वाहनों को स्पीड ज्यादा नहीं मिल रही है। रीवा वाले रुट पर महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से प्रयागराज जाने वाले यात्रियों का दबाव है। प्रयाग राज जाने वाले कई यात्री ट्रेन से रीवा आ रहे, फिर यहां से टैक्सी किराए पर लेकर प्रयागराज जा रहे है। कैब टैक्सी छह से आठ हजार रुपये में प्रयागराज की ट्रीप करा रही है, लेकिन ट्रैफिक जाम होने पर यात्रियों को ज्यादा कीमत भी चुकाना पड़ रही है। ट्रेवल एजेंसी संचालक फरीद खान का कहना है कि शाम से ट्रैफिक तो बहाल हो गया, लेकिन बीच-बीच में ट्रैफिक जाम मिल रहा है। 130 किलोमीटर की दूरी पांच घंटे में तय हो रही है। इतना ही समय प्रयागराज से आने में लग रहा है। प्रयागराज बाइपास से यदि वाहन भीतर ले जाते है तो समय और ज्यादा लगता है। इस कारण यात्रियों को हम बाइपास पर उतार कर इंतजार करते है। कई लोग ट्रैफिक से बचने के लिए चित्रकूट के घने जंगल वाले सिंगल रोड को भी अपना रहे है। सतना, मणिकपुर से मिल रही मेला स्पेशल ट्रेन प्रयागराज तक जाने के लिए रेल विभाग ने 300 से ज्यादा मेला स्पेशल ट्रेन चलाई है। मध्य प्रदेश के यात्रियों को सतना, झांसी, कटनी से प्रयागराज तक के लिए रेल गाड़ी मिल रही है, हालांकि ट्रेनों में भीड़ भी मिल रही है, लेकिन कोशिशों के बाद ट्रेनों में यात्रियों को जगह भी मिल रही है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 41

नरवाई में आग लगाने के विरूद्ध पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि दण्ड का प्रावधान निर्धारित किया गया : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि पर्यावरण सुरक्षा को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के निर्देशों के अंतर्गत प्रदेश में फसलों विशेषतः धान एवं गेंहूँ की फसल कटाई उपरांत फसल अवशेषों (नरवाई) को खेतों में जलाये जाने को प्रतिबंधित किया गया है। इस संबंध में जारी निर्देशों के उल्लंघन किये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरण विभाग द्वारा नरवाई में आग लगाने के विरूद्ध पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि दण्ड का प्रावधान निर्धारित किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यक व्यवस्था बनाकर बेहतर पर्यावरण जन स्वास्थ्य एवं जीव-जन्तुओं की जीवन सुरक्षा प्राथमिकता से करना सुनिश्चित करें। ऐसा कोई व्यक्ति/निकाय/ कृषक जिसके पास 2 एकड़ तक की भूमि है तो उसको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 2500 रुपये, 2 से 5 एकड़ तक की भूमि है तो 5 हजार रुपये और 5 एकड़ से अधिक भूमि है तो उसको नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति के रूप में 15 हजार रुपये प्रति घटना के मान से आर्थिक दण्ड भरना होगा। दण्ड वसूलने के लिये संबंधित व्यक्ति/निकाय/कृषक जिनके द्वारा नरवाई जलाकर पर्यावरण को क्षति पहुँचाई गई है, को उप संचालक कृषि सूचना-पत्र जारी करेंगे। सूचना-पत्र को तामिल कराने की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी की होगी। संबंधित क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी इसका पर्यवेक्षण करेंगे एवं तामिल किए गए सूचना पत्रों की सूची अनुविभागीय कृषि अधिकारी उप संचालक कृषि को प्रस्तुत करेंगे। कृषि विस्तार अधिकारी, संबंधित ग्राम के हल्का पटवारी एवं पंचायत सचिव के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित थाने से पुलिस बल भी साथ में लिया जा सकता है। आदेश में कहा गया है कि नरवाई जलाने से किसानों को रोकने की जिम्मेदारी कृषि विभाग की है। भारत सरकार की संस्था आईसीएआर-क्रीम्स द्वारा देश में नरवाई में आग लगाने की मॉनिटरिंग सैटेलाईट के माध्यम से की जा रही है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 40

किसान कल्याण योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना किसानों के लिए वरदान है। यह योजना प्रदेश के किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। साथ ही कृषकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से भी 6 हजार रूपये प्रति वर्ष की सहायता मिल रही है। इस प्रकार किसानों को साल में 12 हजार रुपए प्राप्त हो रहे हैं। विगत 10 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा देवास में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 की तृतीय किस्त और कुल 11वीं किस्त का सिंगल क्लिक के माध्यम से भुगतान किया गया। योजना के तहत 81 लाख से अधिक किसानों को लाभ प्राप्त हुआ। किसानों के बैंक खातों में 1624 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई। योजना का लाभ पाकर प्रदेश के किसानों में खुशी की लहर है। छिंदवाड़ा जिले के किसान कमल धुर्वे इसका एक उदाहरण हैं। पहले आर्थिक परेशानियों के चलते उन्हें खेती के काम में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया जिसके बाद पहली किस्त के 2 हजार रुपये उनके खाते में आ गए। कमल धुर्वे कहते हैं कि यह आर्थिक सहायता छोटे किसानों के लिए बड़ा सहारा है। अब वे बिना चिंता के कृषि कार्यों में लग सकते हैं और आदानों की व्यवस्था सुगमता से कर पा रहे हैं। ग्राम गांगीवाड़ा के किसान दिनेश परतेती, ग्राम चारगांव के सेवकराम चौरिया, ग्राम भानादेही के लालसिंह अहके, ग्राम मानेगांव के संदीप सूर्यवंशी, पंकज करपे और राजेश कुमार करपे जैसे किसान भी इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। इन किसानों का कहना है कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना ने उन्हें आर्थिक संबल दिया है, जिससे वे खेती में नए प्रयोग कर रहे हैं और अपनी आय में सुधार कर रहे हैं। यह योजना न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि उन्हें खेती के लिए प्रोत्साहित कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रदेश के लाखों किसानों की उम्मीदों को पंख देने वाली यह पहल आने वाले समय में कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक बदलाव लाने का जरिया बन रही है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 37

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार इंवेस्टमेंट पॉलिसी में बदलाव कर रही, 15 नई नीतियां आएंगी

भोपाल  मध्य प्रदेश में आगामी 24 और 25 फरवरी को राजधानी में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है. इसमें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार इंवेस्टमेंट पॉलिसी में बदलाव कर रही है. बीते 11 फरवरी को आयोजित कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश सरकार ने 5 नीतियों में बदलाव किया है. अब 18 फरवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में 15 और नीतियां आएंगी. सरकार को भरोसा है, कि इन नीतियों में बदलाव से मध्यप्रदेश में निवेश को गति मिलेगी और इसका फायदा प्रदेश की जीडीपी को भी मिलेगा. 2030 में 6 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है जीडीपी अधिकारियों ने बताया कि निवेश की नीतियों में बदलाव करने से मध्य प्रदेश में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. सरकार और जनता को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इसका फायदा मिलेगा. मध्य प्रदेश की वर्तमान जीडीपी 2.9 लाख करोड़ रूपये है. अब सरकार जीआईएस और निवेश नीति में बदलाव कर अगले 5 सालों में इसे 100 प्रतिशत से अधिक तक बढ़ाया जा सकता है. साल 2030 तक मध्य प्रदेश की जीडीपी लगभग 6 लाख करोड़ रूपये को पार कर सकती है. 5 साल में 20 लाख नए रोजगार जीआईएस से पहले निवेशकों को एक समग्र औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. विश्व स्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना का विकास करने, एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने समेत अन्य मुद्दों पर विचार चल रहा है. अधिकारियों का दावा है कि आने वाले 5 साल में 20 लाख नए रोजगार का सृजन होगा. इसके अंतर्गत वृहद और मेगा स्तर की औद्योगिक इकाई को निवेश प्रोत्साहन सहायता, सामान्य सहायता और अतिरिक्त सहायता के प्रावधान शामिल किए गए हैं. निवेशकों को मिलेंगी ये सुविधाएं टैक्सटाइल नीति के अंतर्गत संयंत्र और मशीनरी के लिए गए टर्मलोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान सुविधा 5 वर्षों के लिए अधिकतम, 50 करोड़ रूपये प्रदाय की जाएगी. अपेरल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना पर 25 प्रतिशत सहायता अधिकतम 50 लाख रूपये वित्तीय सहायता प्रदाय की जाएगी. साथ ही 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाईयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टमाइज्ड पैकेज के लिए पात्र होंगी. इसी प्रकार नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण नीति में विकास शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी. गुणवत्ता प्रमाणन लागत का 50 प्रतिशत या 1 लाख रूपये जो भी कम हो, की प्रतिपूर्ति की जाएगी. 250 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाइज्ड पैकज के लिए पात्र होंगे. रोजगार सृजन के लिए भी सरकार देगी प्रोत्साहन परिधान, फुटवियर, खिलौने और सहायक उपकरण नीति में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार प्रति कर्मचारी 5 हजार रूपये प्रति माह 5 वर्षों तक नियोक्ता को दिया जाएगा. प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए 13 हजार रूपये प्रति नए कर्मचारी के लिए 5 वर्षों तक प्रदान किया जाएगा. इसी प्रकार टर्मलोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान, अधिकतम 50 करोड़ रूपये दिया जाएगा. विकास शुल्क में 25 प्रतिशत की रियायत देने के साथ स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क सहायता में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. विद्युत टैरिफ रियायत के रूप में 1 रूपये प्रति यूनिट, अधिकतम 5 वर्षों के लिए प्रदान की जाएगी. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 36

राज्य सरकार ने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी

भोपाल  राज्य सरकार मध्य प्रदेश के सरकारी अधिकारियों के गाड़ियों के शौक पर नकेल कसने जा रही है. प्रदेश में कई अधिकारियों की सेवा में एक से ज्यादा गाड़ियां लगी हुई हैं. वहीं कई अधिकारियों द्वारा नियमों से बाहर जाकर लग्जरी गाड़ियांं में सफर किया जा रहा है. इसको लेकर मिली शिकायतों के बाद अब राज्य सरकार ने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है. तय किया गया है कि सरकारी अधिकारी अब एक से ज्यादा गाड़ी उपयोग नहीं कर सकेंगे. साथ ही राज्य शासन अधिकारियों की गाड़ियों का रिकॉर्ड भी बुला रही है. मनमर्जी को लेकर बुलाई प्रदेश भर से रिपोर्ट प्रदेश में सरकारी अधिकारियों के लिए गाड़ियों की पात्रता के संबंध में पहले से नियम तय हैं. नियम है कि 7600 ग्रेड पे पाने वाले अधिकारी साढ़े 6 लाख रुपए कीमत तक के टैक्सी कोटे के वाहन उपयोग कर सकते हैं. इसी तरह 8700 ग्रेड पे के अधिकारी 8 लाख रुपए कीमत तक के वाहन और 9 हजार या उससे ज्यादा ग्रेड पे पाने वाले अधिकारी 10 लाख रुपए कीमत तक के वाहन टैक्सी कोटे में ले सकते हैं. लेकिन इन नियमों का जमकर उल्लंघन किया जा रहा है. सरकारी अधिकारी एक ही गाड़ी रख सकेंगे राज्य सरकार को इसको लेकर कई शिकायतें मिल चुकी हैं. जिसमें कहा गया है कि अधिकारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर लग्जरी वाहनों का उपयोग किया जा रहा है. उधर राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वाहनों में नियमों का सख्ती से पालन किया जाए. निर्माण एजेंसियों को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें सबसे ज्यादा शिकायतें निर्माण एजेंसियों पीडब्ल्यूडी, नगरीय निकाय, जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास को लेकर मिली हैं. इसको देखते हुए संभाग स्तर तक से गाड़ियों के उपयोग और उनको हुए भुगतान की जानकारी मंगवाई है. जल संसाधन विभाग ने गाड़ियों के उपयोग को लेकर गाइडलाइन जारी की है. जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा के मुताबिक, ''विभाग के सभी अधिकारियों को गाड़ियों को लेकर नई निर्देश दिए गए हैं. अब प्रावधान किया गया है कि टैक्सी कोटे की गाड़ियों का मालिक प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों का रिश्तेदार नहीं होना चाहिए. यदि ऐसा पाया गया तो भुगतान होने वाली राशि से दोगुनी राशि वसूल की जाएगी. साथ ही किराए की गाड़ी सरकारी ड्राइवर द्वारा नहीं चलाई जाएगी.'' Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29