मंडला में EOW की बड़ी कार्रवाई, आय से अधिक संपत्ति के मामले में नगर परिषद कर्मचारी के घर छापा

मंडला मध्य प्रदेश के मंडला में जबलपुर आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने शनिवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई की। टीम ने नगर परिषद बिछिया के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शिव झरिया के घर पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई। EOW की टीम महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच कर रही है और घर में मौजूद कारों सहित अन्य संपत्तियों का भी मूल्यांकन कर रही है। जांच में सामने आया कि शिव झरिया शिवंशी इंडिया निधि लिमिटेड बैंक का भी संचालन करते हैं। शिवकुमार झरिया पूर्व में मंडला जिले के मोहगांव जनपद (मनरेगा) में कैशियर थे। वहां आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों के बीच उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी। जांच में करीब 37 लाख रुपयों का गबन भी सामने आया। जिसकी बिछिया थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में शिवकुमार झरिया सह आरोपी हैं और वर्तमान में जमानत पर हैं। recent visitors 53

एक अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति में शराब दुकानों के लिए लाइसेंस लेने वाले ठेकेदारों को बैंक गारंटी सिर्फ ई-बैंक गारंटी के रूप में ही मिलेगी

भोपाल मध्यप्रदेश में 19 पवित्र शहरों और गांवों में शराब दुकानों को एक अप्रैल से बंद किया जाएगा। उनसे होने वाली आय की भरपाई के लिए सरकार संबंधित जिले की बाकी दुकानों में 25 फीसदी तक की वृद्धि करेगी। रेस्तरांं में ओपन एरिया में बिकने वाली शराब के लिए भी फ्लोर एरिया बढ़ाने की सहमति दी गई है। विभाग ने कमर्शियल आयोजनों के लिए भी व्यक्तियों की संख्या के आधार पर लाइसेंस फीस तय की है। ई-बैंक गारंटी की वैधता 30 अप्रैल 2026 तक एक अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति में शराब दुकानों के लिए लाइसेंस लेने वाले ठेकेदारों को बैंक गारंटी सिर्फ ई-बैंक गारंटी के रूप में ही मिलेगी। इसके माध्यम से ही शराब दुकानों का आवंटन किया जा सकेगा। ई-बैंक गारंटी की वैधता अवधि कम से कम 30 अप्रैल 2026 तक होगी। इसके लिए एफडी स्वीकार नहीं की जाएगी और पहले से जमा एफडी का नवीनीकरण भी नहीं किया जाएगा। जो ई-बैंक गारंटी दी जाएगी उसका कहीं और प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। नई आबकारी नीति जारी करते हए आबकारी विभाग ने कहा है कि ई-बैंक गारंटी को लेकर ठेकेदार से प्रमाणित दस्तावेज भी लिए जाएंगे कि ई-बैंक गारंटी पर पहला हक उस ठेके के लिए होगा जो ठेकेदार को मिलेगा। यह बैंक गारंटी सिर्फ साइबर ट्रेजरी के माध्यम से जमा ई चालान या स्वीकार्य बैंकों की ई-गारंटी के रूप में मंजूर की जाएगी। पवित्र शहरों और गांवों के लिए भी बताए प्रावधान आबकारी नीति में प्रदेश के पवित्र शहरों और गांवों की शराब दुकानों को बंद किए जाने के बाद सरकार ने उसकी भरपाई के लिए विकल्प तैयार किए हैं। इसमें कहा है कि अगर किसी शराब दुकान का वार्षिक मूल्य 500 करोड़ रुपए है और इनमें से बंद की जाने वाली शराब दुकानों का वर्ष 2024-25 का वार्षिक मूल्य 100 करोड़ रुपए है तो ऐसी स्थिति में शेष वार्षिक मूल्य 400 करोड़ रुपए की शराब दुकानों के रिजर्व मूल्य की गणना नए फॉर्मूले के आधार पर की जाएगी। फॉर्मूले में कहा है कि बंद की जाने वाली दुकान के वर्ष 2024-25 के कुल वार्षिक मूल्य का जिले की शेष शराब दुकानों के इसी वर्ष के कुल वार्षिक मूल्य का प्रतिशत निकाला जाएगा जो 25 प्रतिशत होगा। विभाग ने इसे उदाहरण के साथ समझाते हुए कहा है कि अगर किसी दुकान का वर्ष 2024-25 में वार्षिक मूल्य 10 करोड़ रुपए है तो वर्ष 2024-25 के वार्षिक आधार मूल्य में 20 प्रतिशत वृद्धि कर उसका अंतरिम रिजर्व मूल्य निकाला जाएगा, जो 14.50 करोड़ रुपए होगा। दुकानों को कहीं शिफ्ट भी नहीं किया जाएगा नई आबकारी नीति में कहा है कि 13 नगरीय निकायों और 6 ग्राम पंचायतों में एक अप्रैल से शराब दुकानों का संचालन नहीं किया जाएगा। यहां किसी भी प्रकार के बार और वाइन आउटलेट के लाइसेंस एक अप्रैल 2025 से नहीं दिए जाएंगे। इनके संचालन की भी अनुमति नहीं होगी। यहां की दुकानों को कहीं शिफ्ट भी नहीं किया जाएगा। नीति में कहा है कि भौगोलिक एरिया के आधार पर अधिकतम चार शराब दुकानों को मिलाकर आवश्यकता के आधार पर एकल समूह बनाया जा सकेगा लेकिन इससे अधिक दुकानों के समूह के मामले में आबकारी आयुक्त ही फैसला करेंगे। नीति में यह भी कहा है कि सभी शराब दुकानों पर पाइंट आफ सेल (POS) मशीनें लगाई जाएंगी और शराब की बोतल पर चस्पा एक्साइज एडहेसिव लेवल को स्कैन कर ही बिलिंग और बिक्री की जाएगी। ऐसा नहीं किए जाने पर पहली बार 25 हजार रुपए और इसके बाद हर जांच में पांच हजार रुपए प्रति केस पेनल्टी में वृद्धि की जाती रहेगी। यानी दूसरी बार तीस हजार, तीसरी बार पैंतीस हजार रुपए पेनल्टी लगाई जाएगी। ओपन एरिया में शराब बांटने का दायरा बढ़ाया अभी रेस्त्रां बार लाइसेंस को अपने डाइनिंग एरिया के अतिरिक्त अन्य फ्लोर और खुली छत पर भी संचालित कर सकते हैं। ऐसे एक्स्ट्रा फ्लोर के लिए 500 वर्गफीट का एरिया जरूरी होता है और हर फ्लोर के लिए 10 प्रतिशत अधिक लाइसेंस फीस देना होती है। नए वित्त वर्ष में यह पात्रता एक्स्ट्रा फ्लोर और खुली छत के सात रेस्त्रां के उसी फ्लोर पर खुले स्थान को भी शर्तों के साथ दी जा सकेगी। यह पात्रता रेस्त्रां बार के साथ लो एल्कोहलिक बेवरेज बार को भी होगी। कमर्शियल आयोजनों के लिए लाइसेंस दिए जा सकेंगे आबकारी विभाग ने कहा है कि कमर्शियल किस्म के आयोजनों के लिए प्रासंगिक लाइसेंस दिए जा सकेंगे जिसके लिए अलग लाइसेंस फीस होगी। इस दौरान शराब का उपयोग किया जा सकेगा। इसके लिए जो फीस तय की गई है उसके मुताबिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों की संख्या के आधार पर लाइसेंस फीस वसूली जाएगी।     500 व्यक्तियों के लिए 25 हजार लाइसेंस फीस होगी।     एक हजार व्यक्तियों के लिए 50 हजार रुपए लाइसेंस फीस होगी।     दो हजार व्यक्तियों के लिए 75 हजार रुपए लाइसेंस फीस होगी।     5 हजार व्यक्तियों के लिए 1 लाख रुपए लाइसेंस फीस होगी।     पांच हजार से अधिक व्यक्तियों के लिए दो लाख रुपए लाइसेंस फीस होगी। recent visitors 47

बाड़मेर के इस नेता को मिला MP का प्रभार, कांग्रेस ने संगठन में किया बड़ा बदलाव

भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस में बदलाव का दौर जारी है. अब प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव हुआ है. भंवर जितेंद्र सिंह को प्रभारी पद से हटाया गया है. उनकी जगह हरीश चौधरी मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी बनाए गए हैं. भंवर जितेंद्र सिंह के पास दो राज्यों की जिम्मेदारी थी. जितेंद्र सिंह मध्य प्रदेश के अलावा असम के प्रभारी थे. कांग्रेस ने 13 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में नए प्रभारी नियुक्ति किए हैं. हरीश चौधरी राजस्थान में गहलोत सरकार में मंत्री रह चुके हैं. वर्तमान में बाड़मेर जिले की बायतु विधानसभा क्षेत्र से राजस्थान विधान सभा के MLA हैं. हरीश चौधरी को गांधी परिवार का बेहद करीबी माना जाता है. हरीश चौधरी मध्य प्रदेश में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के साथ मिलकर कांग्रेस संगठन का काम देखेंगे.   पटवारी ने भाजपा पर निशाना साधा इधर, भोपाल में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भाजपा पर निशाना साधा. MP करप्शन के मामले में टॉप 3 में है. अधिकारियों के 300 से अधिक प्रकरण लंबित है. 21 साल पुराने मामले पर उनके और उनके परिवार पर FIR कर दी है. हेमंत कटारे हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे. मेरा सवाल मोहन यादव से है. क्या एक ही ऐसा केस है पूरे MP में ऐसा? ऐसे कितने ही एमपी में कैसे हैं और यह कैस तो सिविल का है. कांग्रेस के नेताओं पर दबाव बनाने के लिए FIR दर्ज कराई जा रही है. सौरभ शर्मा केस कैसे रफा दफा हो जाए सरकार उसमें जुटी है. कांग्रेस ने गिनाए घोटाले पटवारी ने कहा कि BJP के नेता की बैलेंस शीट बढ़ी है. चोरी कलंकित, करप्शन आप करो FIR कांग्रेस के नेता पर कर रहे हो. परिवहन घोटालों पर ध्यान दो और लोकायुक्त में जांच चल रही उसे पूरा करो. जांच की जाए तो मंत्रालय में बैठे सभी मंत्री जेल में चले जाएंगे. पटवारी ने नल जल योजना को लेकर कहा कि मैं पत्रकारों को चुनौती देता हूं जहां भी 100 प्रतिशत योजना पहुंची हो तो मैं उस पत्रकार ओर व्यक्ति का स्वागत करूंगा. मुख्यमंत्री के विधानसभा में, मंत्री संपत्तियां उईके के विधानसभा हो या किसी विधायक के विधानसभा का एक भी गांव ऐसा बता दो जहां नल-जल योजना से पानी मिल रहा हो. नल जल योजना में 65 प्रतिशत का घोटाला है.  recent visitors 69

हरदोई में ठेकेदार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर चोरी की घटना को दिया अंजाम, मंदिर की चुराई मूर्तियां

हरदोई उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में बिजनेस में घाटा होने पर एक ठेकेदार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। आरोपी ने हीरा जड़ित मूर्तियों को चुरा लिया। जिसकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने छानबीन की और कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। इस दौरान हिन्दू संगठन ने पुलिस का घेराव भी किया। ठाकुर मंदिर में हुई थी करोड़ों की मूर्ति चोरी यह पूरा मामला जिले के सांडी थाना क्षेत्र के बरौली गांव का है। जहां के ठाकुर मंदिर से करोड़ों की मूर्ति चोरी कर ली गई थी। अब इस मामले में हरदोई पुलिस ने बड़ा खुलासा किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिनमें लघु सिचाई विभाग के ठेकेदार शरद कुमार वर्मा उर्फ लाला वर्मा, बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के राहुला निवासी गरुण और माधौगंज थाना क्षेत्र के रुकना पुर निवासी शिवजीत उर्फ कुक्कू को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार ग्रामीणों ने बताया कि चोरी गई मूर्तियों में से एक मूर्ति में करोड़ों की कीमत का हीरा भी जड़ा हुआ था। इस घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय हिन्दू संगठन के लोगों ने रास्ता जाम करके गुस्से का इज़हार किया था। पुलिस ने कई संदिग्ध पकड़ लिए थे। यहां तनाव जैसे हालात भी बन गए थे। मगर पुलिस की सूझबूझ से मामला निपट गया। लघु सिचाई विभाग के ठेकेदार शरद कुमार वर्मा को बिजनेस में घाटा हो गया था। जिसकी भरपाई करने के लिए आरोपी ने चोरी की घटना को अंजाम दिया था। recent visitors 63

भूपेश बघेल का गढ़ माना जाता है पाटन, बीजेपी ने कांग्रेस उम्मीदवार को चुनाव हारा दिया, अमलेश्वर में भी कांग्रेस की हार हुई

दुर्ग  छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनावों के रिजल्ट आज घोषित हो रहे हैं। दुर्ग नगर निगम में बीजेपी बड़ी जीत की तरफ आगे बढ़ रही है। वहीं, पूर्व सीएम भूपेश बघेल को बड़ा झटका लगा है। भूपेश बघेल की नगर पंचायत पाटन में कांग्रेस उम्मीदवार की हार हुई है। भूपेश बघेल, दुर्ग जिले की पाटन विधानसभा सीट से विधायक हैं। ऐसे यहां कांग्रेस की हार के बाद एक बार फिर से संगठन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पाटन नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी योगेश निक्की भाले ने 601 वोटों से जीत दर्ज की है। कांग्रेस की हार की वजह आपसी गुटबाजी और बागी उम्मीदवारों का चुनाव मैदान में उतरना बताया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ अमलेश्वर नगर पंचायत में भी बीजेपी को जीत मिली है। अमलेश्वर नगर पंचायत में पहली बार चुनाव हुए थे। इससे पहले यह ग्राम पंचायत थी। भूपेश बघेल के कार्यकाल में ही अमलेश्वर को नगर पंचायत घोषित किया गया था। भूपेश बघेल को झटका पाटन नगर पंचायत में कांग्रेस की हार पूर्व सीएम भूपेश बघेल के लिए बड़ा झटका है। यहां कांग्रेस के कई सीनियर नेताओं ने चुनाव प्रचार किया था। पाटन नगर पंचायत में बीजेपी की जीत से कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। यहां जीत का जश्न मनाया जा रहा है। अमलेश्वर में भी बीजेपी जीती अमलेश्वर नगर पंचायत में भी बीजेपी ने जीत दर्ज की है। अमलेश्वर नगर पंचायत भी पाटन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यहां से बीजेपी उम्मीदवार दयानंद सोनकर 319 मतों से अपना चुनाव जीत गए हैं। वहीं, नगर निगम की बात करें तो बीजेपी सभी 10 नगर निगम में बड़ी बढ़त के साथ आगे चल रह है। महासचिव बने हैं भूपेश बघेल नगरीय निकाय चुनाव के रिजल्ट के एक दिन पहले ही कांग्रेस ने भूपेश बघेल को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। भूपेश बघेल को कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव घोषित किया गया है। भूपेश बघेल को पंजाब राज्य का प्रभार भी सौंपा गया है। recent visitors 46

पूर्व सीएम केजरीवाल के शीशमहल के रिनोवेशन की जांच होगी, CVC ने दिया आदेश

नई दिल्ली अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक सीएम आवास पर सीपीडब्ल्यूडी द्वारा एक तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) ने 13 फरवरी को 6 फ्लैगस्टाफ बंगले (पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल का निवास) के नवीनीकरण की जांच का आदेश दिया। CVC ने सीपीडब्ल्यूडी से इन आरोपों की विस्तृत जांच करने को कहा है कि 40,000 वर्ग गज (8 एकड़) में फैली एक भव्य हवेली के निर्माण के लिए भवन निर्माण मानदंड जारी किए गए थे। केजरीवाल ने जो भ्रष्टाचार किया वो सबके सामने आया है-विजेंद्र गुप्ता वहीं पर इस पूरे मामले पर भाजपा नेता और रोहिणी से विधायक विजेंद्र गुप्ता (vijender gupta) ने कहा- 'शीशमहल' को लेकर आप और अरविंद केजरीवाल का भ्रष्टाचार अब खुलकर सामने आ गया है। सीवीसी ने तथ्यों के आधार पर संज्ञान लिया है। मैंने 14 और 21 अक्टूबर को सीवीसी को दो पत्र लिखे। मैंने सीवीसी को लिखा कि 'शीशमहल' का क्षेत्रफल मूल रूप से 10,000 गज से कम था, लेकिन बगल के बंगलों और 8 टाइप-5 फ्लैटों को खाली करा लिया गया और इसमें 50,000 गज के करीब विलय कर दिया गया। पूरी संरचना अवैध है। मैंने यह भी लिखा कि करोड़ों रुपये की बेहिसाब विलासिता की वस्तुएं स्थापित की गईं। मेरे द्वारा लिखे गए दो पत्रों के आधार पर, सीवीसी ने सीपीडब्ल्यूडी से एक तथ्यात्मक रिपोर्ट देने को कहा है। सीवीसी ने सीपीडब्ल्यूडी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर जांच का आदेश दिया है। मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी दिया बयान वहीं पर इस मामले पर बोलते हुए राजौरी गार्डन से भाजपा के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) ने कहा कि मैं यह जानकर हैरान हूं कि बंगले का क्षेत्रफल 8 एकड़ है। अरविंद केजरीवाल को रहने के लिए 8 एकड़ के घर की जरूरत थी। मैं इसके खिलाफ सतर्कता जांच का स्वागत करता हूं। recent visitors 40

अंबिकापुर नगर निगम चुनाव में भाजपा की मंजूषा ने जीता महापौर का चुनाव

अंबिकापुर  उत्तर छत्तीसगढ़ के अहम नगरीय निकायों में से एक अंबिकापुर नगर निगम में डॉ. अजय तिर्की का तिलस्म टूट गया है. दो बार महापौर रह चुके कांग्रेस के डॉ. तिर्की पर भाजपा की मंजूषा भगत ने 10 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से महापौर पद का चुनाव जीता. अंबिकापुर नगर निगम चुनाव में महापौर पद के लिए कांग्रेस ने एक बार फिर डॉ. अजय तिर्की पर भरोसा जताया था. लगातार दो बार से अंबिकापुर के महापौर रह चुके आर्थोपेडिक डॉक्टर अजय तिर्की में कांग्रेस के इतर खुद का अपना एक मुकाम है. इसके साथ पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव की भी क्षेत्र में पकड़ है. यही वजह है कि छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के लिए महापौर की एक सीट कम से कम पक्की मानी जा रही थी, लेकिन पहले भी महापौर चुनाव में शिकस्त खा चुकी मंजूषा भगत ने इस बार पार्टी के साथ पूरा जोर लगाया और आखिरकार 10 हजार पांच सौ मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की. बात करें अंबिकापुर नगर निगम में पार्षद चुनाव की तो पूरे प्रदेश की तस्वीर यहां भी झलक रही है. भाजपा के 31 पार्षद प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है, वहीं कांग्रेस के 15 प्रत्याशी जीत हासिल करने में कामयाब रहे. वहीं दो निर्दलीय पार्षद प्रत्याशियों ने भी जीत हासिल कर अपनी पहचान बनाई है. recent visitors 27