Sunday, July 5, 2026 5:16 am

खाटूश्यामजी मेले से पहले बस में लगी आग से टला बड़ा हादसा, 50 यात्रियों ने कूदकर बचाई जान

सीकर विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी लक्खी मेले से पहले राजस्थान में सीकर-जयपुर नेशनल हाईव पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अचानक एक राजस्थान रोड़वेज बस में आग लग गई। गनीमत रही की सवारियों से भरी बस के खिड़कियां और दरवाजे खुले थे जिसके चलते आग का गोला बनी एक्सप्रेस श्रेणी की बस में सवार लोगों ने कूदकर जान बचा ली। कहा जा रहा है कि अगर यही बस एसी या वोल्वो श्रेणी की होती तो बस के खिड़कियां और दरवाजा पैक होते और ऐसी स्थिति में खाटूश्यामजी आते भक्तों के साथ बड़ा हादसा हो सकता था। आग की भेंट चढ़ी खाटूश्यामजी से जाती रोड़वेज बस दरअसल, राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर जयपुर सीकर मार्ग पर सीकर जिले के रींगस थाना क्षेत्र के सरगोठ गांव के पास एक रोड़वेज बस भयंकर आग की भेंट चढ़ गई। तकरीबन 50 से अधिक सवारियों से भरी हुई बस जयुपर से खाटूश्यामजी आ रही थी कि अज्ञात कारणों के चलते बस में आग लगनी शुरू हो गई। बस में आग लगने का आभास होते देखकर चालक पुष्पेदसिंह ने जयपुर सीकर मार्ग पर स्थित एक होटल के पास रोका। आग लगातार बढ़ती देखकर सवारियों में अफरा तफरी का माहौल बन आया। किसी ने बस के दरवाजे से उतरकर तो किसी ने बस की खिड़कियों से उतरकर जान बचाई। आग लगने से बस कबाड़ में हो गई तब्दील आग की सूचना पर रींगस नगर पालिका की दमकल मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी से पानी की बौछारे होती रही। बड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर कबाड़ में तब्दील हो चुकी थी। क्यों लगी सवारियों में भरी बस में आग रींगस थानाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि जयपुर डिपो की रोडवेज बस में आग लगने की सूचना मिली। जिस पर पालिका की दमकल गाड़ी को रवाना करने के साथ पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। बस में करीब 50 यात्री सवार थे जो सकुशल है। प्रांरभिक जानकारी में सामने आया कि जयपुर आगार की रोडवेज बस खाटूश्याम जी जा रही थी जो सरगोठ गांव के समीप पहुंचने पर आग की भेंट चढ़ गई। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। कहा जा रहा है कि चालक पुष्पेद्रसिंह की सूझबूझ से समय रहते आगजनी का पता लगा और सवारियों को सकुशल बस से उतार दिया गया। अन्यथा बड़ा हादसा घटित हो सकता था। recent visitors 51

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025: दो संस्थाओं ने एक हजार करोड़ का निवेश रखा प्रस्ताव

भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में इन्वेस्टिंग इन ह्यूमन केपीटल-कौशल विकास विषय पर केंद्रित सत्र में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करने की रणनीतियों पर गहन मंथन हुआ। कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन सबसे महत्वपूर्ण कारक है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रगति के साथ ही प्रदेश के युवाओं को नवीनतम तकनीकों में दक्ष बनाना सरकार की प्राथमिकता है, जिससे वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप अपनी भूमिका सुनिश्चित कर सकें। मंत्री टेटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार "शासन कम, सुशासन अधिक" की नीति के साथ काम कर रही है, जिसमें केवल सरकारी स्तर पर पहल न होकर निजी क्षेत्र की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रणाली विकसित हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश ने कौशल विकास को औद्योगिक नीति का अभिन्न अंग बनाया है, जिससे प्रदेश के युवाओं को आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा सके। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आपकी भागीदारी अभिनंदनीय है। शिक्षा में मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। तकनीकी शिक्षा में निवेश कर सरकार के सहभागी बनें। आप कैम्पस चयन की तरह ही संस्थाओं का चयन कर उनमें सेंटर खोलें, ताकि स्किल्ड युवा मिल सकें। प्रदेश में हम परम्परागत कोर्स को बदलकर इण्डस्ट्री की मांग अनुसार कोर्स सम्मिलित करते जा रहे हैं। मंत्री परमार ने तकनीकी एवं उच्च शिक्षा में निवेश करने का भी आह्वान निवेशकों से किया। 1000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सत्र में मध्यप्रदेश के शिक्षा और कौशल विकास परिदृश्य में दो महत्वपूर्ण निवेश की घोषणाएँ की गई हैं, जो प्रदेश को शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक नई ऊँचाई पर ले जाएंगी। पहली निवेश योजना जागरण सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा प्रस्तुत की गई है, जिसका प्रतिनिधित्व संस्था के अध्यक्ष हरि मोहन गुप्ता कर रहे हैं। श्रियुसबरी स्कूल, यूके की संस्थान भोपाल में पूरी तरह से आवासीय अंतरराष्ट्रीय विद्यालय की स्थापना करने जा रहा है। 500 करोड़ रु. के इस निवेश से अगस्त 2025 से विद्यालय का संचालन शुरू होगा, जो 11 से 18 वर्ष की आयु के छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करेगा और 500 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करेगा। डॉ. भरत अग्रवाल, अध्यक्ष, विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी द्वारा दूसरी निवेश योजना प्रस्तावित की गई है। विश्वकर्मा समूह अगले 3 से 5 वर्षों में 500 करोड़ रु. का निवेश कर मध्यप्रदेश में एक स्व-वित्तपोषित निजी विश्वविद्यालय की स्थापना करेगा। इस विश्वविद्यालय में 25,000 छात्रों को शिक्षा प्रदान करने की योजना है, जिससे 2,000 से अधिक रोजगार उत्पन्न होंगे और शोध एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। एक हजार करोड़ रूपये के दोनों निवेश मध्यप्रदेश को शिक्षा और कौशल विकास का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। इससे प्रदेश के युवाओं को उज्जवल भविष्य की दिशा में सशक्त किया जाएगा। प्रदेश में कौशल विकास को गति देने के लिए नई भागीदारी सत्र के दौरान प्रदेश सरकार और औद्योगिक संस्थानों के बीच महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। निजी औद्योगिक समूह ट्राइडेंट ग्रुप ने एसएसआर ग्लोबल कौशल पार्क में एफआईएएटी योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण सामग्री, तकनीकी शिक्षण प्रणाली और प्रशिक्षण के प्रभावी संचालन में सहयोग प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस भागीदारी के तहत ट्राइडेंट ग्रुप द्वारा 100 युवाओं के प्रशिक्षण और नियोजन के लिए निवेश किया गया है। कौशल विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए आठ प्रमुख औद्योगिक और शैक्षणिक संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। सत्र में प्रमुख संस्थाओं ने प्रदेश के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई। प्रदेश सरकार ने जीआईजेड और श्नाइडर, जीआईजेड और सीमेंस, साइंटेक टेक्नोलॉजीज, अपना टाइम टेक प्राइवेट लिमिटेड, मार्तंडक सोलर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, उन्नति फाउंडेशन और वन वर्ल्ड अलायंस जापान के साथ ही समझौते किये गये। पैनल चर्चा में औद्योगिक विशेषज्ञों ने रखे विचार सत्र के दौरान आयोजित पैनल चर्चा में कौशल विकास के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं और उद्योगों की आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस चर्चा का संचालन एलएंडटी कौशल विकास मिशन के प्रमुख के. रामकृष्णन ने किया। चर्चा में सिंगापुर के आईटीई शिक्षा सेवा के मुख्य परिचालन अधिकारी लिम बून टियॉन्ग, ईवाई के वरिष्ठ भागीदार गौरव तनेजा, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मानव संसाधन प्रमुख वैभव गोयल, इंडो-जर्मन ग्रीन कौशल परियोजना के प्रमुख मोहम्मद बदरान, श्नाइडर इलेक्ट्रिक की नवाचार टीम की प्रमुख मेरी कैस्टेला और एक्सेंचर के प्रबंध निदेशक नवीन गुप्ता ने अपने विचार रखे। पैनल में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सरकार और उद्योग जगत को मिलकर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने चाहिए। चर्चा में कौशल विकास को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप रूपांतरित करने और नवीनतम तकनीकों को प्रशिक्षण में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। प्रदेश सरकार की नीतियों से निवेशकों का भरोसा मजबूत सत्र में उपस्थित उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए एक फवरेट डेस्टिनेशन बन रहा है। जागरण सोशल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष हरि मोहन गुप्ता और विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी पुणे के अध्यक्ष भरत अग्रवाल ने कहा कि सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता से प्रदेश में निवेश की असीम संभावनाएं बनी हैं। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव रघुराज एम. राजेंद्रन ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगों के साथ साझेदारी को मजबूत कर रही है और इस दिशा में नए निवेशकों को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह समिट केवल निवेशकों को आकर्षित करने का मंच नहीं है, बल्कि यह उद्योगों की आवश्यकताओं को समझकर प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करने की नीति-निर्माण का भी अवसर प्रदान कर रहा है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक कौशल विकास को मिलेगा नया आधार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के इस महत्वपूर्ण सत्र ने प्रदेश में औद्योगिक कौशल विकास … Read more

कटनी ,शिवभक्तों का संगम: नीलकंठेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर विशेष आयोजन

Katni, Confluence of Shiva devotees: Special event on Mahashivratri at Neelkantheshwar Dham कटनी ! जिले से 35 किलोमीटर दूर स्थित भगवान शिव की नगरी नीलकंठेश्वर धाम में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। हर साल की तरह इस वर्ष भी हजारों शिवभक्त यहां पहुंचेंगे और भगवान शिव-पार्वती के विवाह महोत्सव एवं भव्य बारात का हिस्सा बनेंगे। नीलकंठेश्वर धाम: आध्यात्मिक शांति का केंद्रनीलकंठेश्वर धाम मंदिर कटनी जिले के कैमोर क्षेत्र के पडखुंडी ग्राम में स्थित है। चारों ओर ऊँची पहाड़ियों से घिरा यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। यहां आयोजित अखंड मानस पाठ और भक्तिमय कीर्तन दूर-दूर तक गूंजते हैं। मंदिर के पुजारी के अनुसार, इस भव्य मंदिर का निर्माण कटनी के प्रतिष्ठित व्यवसायी मदन लाल ग्रोवर द्वारा सन् 1991 में कराया गया था। मंदिर की सुंदरता और धार्मिक महत्व के कारण कटनी और आसपास के जिलों से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। इस बार भक्तिगीत गायिका शहनाज अख़्तर अपनी प्रस्तुति देंगी, जिससे श्रद्धालुओं की भक्ति भावना और प्रबल होगी। इसके अलावा, मंदिर में हर वर्ष विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किए जाते हैं, जिसके उपरांत हजारों श्रद्धालुओं को भंडारे में प्रसाद वितरित किया जाता है। 35 वर्षों से हो रहा अखंड रामचरितमानस पाठनीलकंठेश्वर धाम में पिछले 35 वर्षों से अखंड रामचरितमानस पाठ और भगवान शिव के कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। महाशिवरात्रि से 42 दिन पूर्व शिवलिंग निर्माण प्रारंभ होता है, जिन्हें विधि-विधान से पूजन के बाद विसर्जित किया जाता है। महाशिवरात्रि पर निकलती है भव्य शिव बारातमहाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव की बारात धूमधाम से निकाली जाती है, जिसमें कटनी सहित आसपास के जिलों से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। भव्य बाजे-गाजे, झांकियां और कीर्तन मंडलियां इस शोभायात्रा का आकर्षण बढ़ाते हैं। 5 एकड़ में फैला विशाल मंदिर परिसरकरीब 5 एकड़ में फैले इस मंदिर परिसर में मां जगदंबा, भगवान गणेश, श्रीहरि विष्णु-मां लक्ष्मी सहित कई देवी-देवताओं के मंदिर स्थित हैं। हालांकि, श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र तीन मंजिला ऊँचा भगवान शिव और गौरी माता का भव्य मंदिर है। इस पावन धाम में हर वर्ष महाशिवरात्रि पर होने वाले धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धालुओं को एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं। [/more] recent visitors 255

सेक्स सीडी कांड : भूपेश बघेल सहित सभी आरोपी कोर्ट में पेश, अगली सुनवाई 4 मार्च को

रायपुर  छत्तीसगढ़ के चर्चित कथित सेक्स सीडी कांड मामले की सुनवाई आज रायपुर कोर्ट में हुई. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कोर्ट पहुंचे और हाजिरी देने के बाद बघेल विधानसभा के लिए रवाना हुए. वहीं कांग्रेस सरकार में मीडिया सलाहकार रहे विनोद वर्मा कोर्ट, कैलाश मुरारका समेत अन्य आरोपी कोर्ट में पेश हुए. इस मामले की अगली सुनवाई अब 4 मार्च को होगी. बता दें कि कोर्ट ने सीडी कांड मामले में सभी आरोपियों को समन जारी किया था. न्यायाधीश भूपेश कुमार बसंत के रायपुर कोर्ट में हाजरी देने के बाद भूपेश बघेल विधानसभा के लिए रवाना हो गए. वहीं विनोद वर्मा, कैलाश मुरारका समेत अन्य आरोपी कोर्ट में मौजूद रहे. बता दें कि इस केस के एक आरोपी रिंकू खनूजा की मौत हो चुकी है. बचाव पक्ष के वकील फैसल रिजवी ने बताया, कैलाश मुरारका सहित अन्य को कोर्ट में पेश किया गया. मामले में अब 4 मार्च को बहस होगी. CBI ने बताया है कि 2017 बॉम्बे के मानस नाम ने CD को जारी किया है. उससे पैसे का लेन-देन हुआ है. बता दें कि पिछले करीब 7 साल से सीडी कांड की सुनवाई रुकी थी. सीबीआई ने राज्य में 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद केस दिल्ली ट्रांसफर के लिए अर्जी लगाई थी, क्योंकि उसमें तत्कालीन सरकार के प्रभावशाली लोगों के नाम भी थे. सीबीआई की अर्जी दिल्ली की कोर्ट में विचाराधीन रही. इस वजह से फैसला ही नहीं हुआ कि केस की सुनवाई कहां होगी. पिछले माह दिल्ली की कोर्ट ने फैसला किया है कि केस ट्रांसफर नहीं होगा. यानी अब रायपुर की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में केस की सुनवाई होगी. उसके बाद केस डायरी दिल्ली से रायपुर कोर्ट भेजी थी. कोर्ट ने सभी आरोपियों को समन जारी किया था. इस मामले में आज सुनवाई हुई. जानिए क्या है सीडी कांड मामला चर्चित अश्लील सीडी कांड की शुरूआत 27 अक्टूबर, 2017 को पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बंगले से हुई थी. दरअसल भूपेश बघेल ने 27 अक्टूबर की सुबह 6 बजे एक प्रेस कांफ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने मीडिया को एक सीडी बांटी थी. इस सीडी में एक आपत्तिजनक वीडियो था, जिसे लेकर भूपेश ने दावा किया था कि महिला के साथ बेहद आपत्तिजनक स्थिति में दिखने वाला व्यक्ति मंत्री राजेश मूणत है. इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ, लेकिन सीडी के सामने आने के बाद मंत्री राजेश मूणत ने इसका खंडन करते हुए सीडी को फर्जी बताया और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की थी. कथित सीडी के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गाजियाबाद से वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व सीएम भूपेश बघेल के मीडिया सलाहकार विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया था. इस मामले में पुलिस ने दावा किया था कि उनके निवास से इस अश्लील सीडी के वीडियो क्लिप की 500 सीडी और 2 लाख नगद जब्त किया था. यह कार्रवाई प्रकाश बजाज नामक एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर की गई थी. recent visitors 44

MWC 2025 में Realme दिखाएगी नया Ultra, स्मार्टफोन में DSLR जैसा कैमरा

नई दिल्ली Realme की स्मार्टफोन मार्केट में अलग इमेज है। सस्ते स्मार्टफोन से लेकर प्रीमियम डिवाइस तक में Realme की अलग पहचान है। हाल ही में Realme ने साफ कर दिया है कि वह बारसेलोना में होने जा रहे MWC 2025 में मौजूद रहेगी। इसके साथ ब्रांड ने टीजर जारी करते हुए बताया कि कंपनी इवेंट में अल्ट्रा फ्लैगशिप स्मार्टफोन भी ला सकती है। इस फोन का पूरा फोकस फोटोग्राफी पर होने वाला है। फोन में कटिंग-एज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि ब्रांड की तरफ से क्लियर नहीं किया गया है कि फोन का शोकेस होगा या इसे पूरी तरह लॉन्च किया जाएगा। फ्लैगशिप फोन्स जैसे शानदार हो सकते हैं फीचर्स टीजर इमेज बताती है कि फोन में बड़ा सर्कुलर मॉड्यूल हो सकता है। फोन में अल्ट्रा लार्ज सेंसर और ऑप्टिकल टेलीफोटो लेंस का इस्तेमाल किया जा सकता है। रियलमी ने कहा कि अल्ट्रा फोन में मिलने वाले कैमरा सेंसर मौजूदा फ्लैगशिप स्मार्टफोन से काफी बड़े होने वाले हैं। ब्रांड की तरफ से जूम की तुलना करते हुए भी शॉट्स (फोटो सैंपल) शेयर किए गए हैं। कंपनी के इन फोन्स के कैमरा सेंसर iPhone 16 Pro Max और Samsung Galaxy S25 Ultra जैसे हो सकते हैं। क्योंकि दोनों ही फोन्स में 1-इंच सेंसर और 10X ऑप्टिकल जूम मिलता है। टीजर वीडियो में सामने आया लुक टीजर वीडियो में फोन का लुक नजर आया है। साथ ही कंपनी दावा करती है कि इसमें DSLR-Level की फोटोग्राफी मिलने वाली है। लैंस अटेचमेंट सिस्टम को भी दुरुस्त किया जा सकता है। रियलमी अल्ट्रा फोन में इंटरचेंज लैंस फंक्शन भी मिल सकता है। स्मार्टफोन फोटोग्राफी में रियलमी का ये कदम सबको हैरान करने वाला है। क्योंकि फोन में बिल्कुल DSLR की तरह लैंस में बदलाव करने का ऑप्शन दिया जाता है। अभी तक साफ नहीं है कि ये डिवाइस कमर्शियल मॉडल होगा या इसे सभी के लिए रोल आउट किया जा सकता है। Realme के नए फोन्स का हो रहा इंतजार Realme Ultra फ्लैगशिप को 3-6 मार्च के बीच MWC 2025 में अनवील किया जा सकता है। अगर ये मार्केट में आता है तो इसका सीधा मुकाबला अन्य ब्रांड के फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स से होने वाला है। इसमें Samsung Galaxy S25 Ultra, Xiaomi 15 Ultra, Vivo X200 Ultra, Oppo Find X8 Ultra का नाम शामिल है। Realme 14 Pro सीरीज के ग्लोबल लॉन्च का इंतजार किया जा रहा है। भारत में भी 14 Pro सीरीज के नए फोन्स की एंट्री हो सकती है। Realme 14 Pro और 14 Pro+ की कीमत $440 और $590 हो सकती है। recent visitors 88

अन्नदाताओं के खाते में हमने एक लाख करोड़ रुपए भेजे : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के भागलपुर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी की। इसके तहत देश भर के 9.8 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 22,000 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। इनमें छत्तीसगढ़ के 25 लाख 95 हजार 832 किसान शामिल हैं। इन किसानों खाते में 599 करोड़ 38 लाख रुपए की सम्मान निधि भेजी गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी पीएम किसान सम्मान निधि कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में किसान सम्मान निधि प्राप्त करने वाले किसानों को बधाई दी और उन्हें सम्मानित भी किया।     मुख्यमत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाताओं का सम्मान माँ अन्नपूर्णा के सम्मान की तरह है। चौदह महीनों के अंतराल में हमने किसान भाइयों के खाते में करीब एक लाख करोड़ रुपए भेजा है। अन्नदाताओं को अच्छा मूल्य मिलने से उनके जीवन खुशहाली आयी है। किसान आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। किसानों की समृद्धि से ही मजबूत ग्रामीण विकास का आधार तैयार हुआ है और शहरी अर्थव्यवस्था भी इससे बेहतर हुई है। अन्नदाताओं के श्रम से मिली शक्ति और उत्साह से ही हम छत्तीसगढ़ को संवार रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़-विकसित भारत बनाने में किसानों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में अब तक 9712 करोड़ 58 लाख रुपए की सम्मान निधि प्रदेश के किसानों को दी जा चुकी है। वर्ष 2023-24 की तुलना में 2 लाख 75 हजार से अधिक किसान भाइयों को इस योजना का लाभ मिला है। इस योजना का लाभ हमारे 2 लाख 34 हजार वन पट्टा धारी किसानों और 32 हजार 500 विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों को भी मिल रहा है। विशेष पिछड़ी जनजाति के किसान भाइयों को योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए कृषि भूमि की अनिवार्यता को शिथिल किया गया।         मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों को मोदी जी ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की गारंटी दी थी। हमारी सरकार ने यह वायदा निभाया है। साथ ही किसानों को दो साल का बकाया बोनस देने की गारंटी भी दी गई थी। शपथ ग्रहण के एक पखवाड़े के भीतर ही हमने 13 लाख किसानों के खाते में बोनस की 3716 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी थी। पिछली बार हमने 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की। किसानों को दिये गये धान के मूल्य के साथ बोनस राशि शामिल कर लें तो पिछले खरीफ सीजन में किसान भाइयों के खाते में 49 हजार करोड़ रुपए भेजे गए। इस खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की रिकार्ड खरीदी हमने की। इस सीजन में विभिन्न योजनाओं से मिलने वाली राशि मिला लें तो लगभग 52 हजार करोड़ रुपए की राशि किसानों के खाते में हमने भेजी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। इसके लिए उनका जोर उद्यानिकी फसलों, फसल विविधीकरण तथा पशुपालन पर भी है। हम उद्यानिकी तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने विशेष कार्य कर रहे हैं। साथ ही पशुपालन को प्रोत्साहन देते हुए दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी के साथ हमने एमओयू भी किया है। इससे दुग्ध क्रांति की दिशा में प्रदेश अग्रसर हो गया है। हमारी सरकार लगातार किसानों की आकांक्षाओं को पूरा कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 5 लाख 62 हजार भूमिहीन किसानों के खाते में दस-दस हजार रुपए की राशि भी हमने दी है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वनोषधि बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय कुलपति गिरिश चंदेल, कृषि उत्पादन आयुक्त सुश्री शहला निगार, कृषि विभाग के संचालक डॉ सारांश मित्तर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।     recent visitors 46

मध्यप्रदेश को इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम, प्रमुख सड़क परियोजनाओं पर व्यापक चर्चा

भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 के पहले दिन “सड़क अवसंरचना में तेजी: निवेश, नवाचार और संभावनाएं” थीमैटिक सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी, विदेशी निवेश संभावनाओं, सतत एवं स्मार्ट अवसंरचना विकास, बहु-मोडल कनेक्टिविटी और प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में निवेश के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। सत्र में एमपीआरडीसी के प्रबंध निदेशक भरत यादव, सेवानिवृत्त महानिदेशक, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय आई.के. पांडेय, क्षेत्रीय अधिकारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एस.के. सिंह, मुख्य परिचालन अधिकारी क्यूब हाईवेज डॉ. राजू, प्रबंध निदेशक पाथ इंडिया नितिन अग्रवाल, कार्यकारी उपाध्यक्ष एसबीआई कैप्स मुकुल मोदी सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। मध्यप्रदेश में सड़क अवसंरचना क्षेत्र में निवेश और विकास की संभावनाओं पर गहन विमर्श हुआ। सत्र की शुरुआत में एमपीआरडीसी के प्रबंध निदेशक यादव ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें मध्यप्रदेश के सड़क नेटवर्क, निवेश अवसरों और नवाचारों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश तेजी से भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश 47 राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा हुआ है और 3.5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क इसे देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से जोड़ता है। इसके अलावा, राज्य में 6 वाणिज्यिक हवाई अड्डे, 26 एयर-प्स और एक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा हैं, जो वैश्विक कनेक्टिविटी को और अधिक सशक्त बना रहे हैं। राज्य सरकार बहु-मोडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा दे रही है, जिससे औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियां सुगम हो रही हैं। थीमैटिक सत्र में राज्य में चल रही और आगामी प्रमुख सड़क परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इनमें अटल प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, नर्मदा प्रगति पथ, मालवा-निमाड़ विकास पथ, बुंदेलखंड विकास पथ और मध्य भारत विकास पथ जैसी परियोजनाएँ शामिल हैं। इनका उद्देश्य प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति देना और निवेशकों के लिए लॉजिस्टिक्स एवं परिवहन सुविधाओं को सुगम बनाना है। सत्र में यह भी बताया गया कि राज्य में 75 हजार करोड़ रूपये की सड़क परियोजनाएँ वर्तमान में निर्माणाधीन हैं, 50 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाएँ डीपीआर चरण में हैं और 1.3 लाख करोड़ रूपये की सड़क परियोजनाएँ पाइपलाइन में हैं। इसके अलावा, मध्यप्रदेश सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को सफलतापूर्वक लागू करते हुए अब तक 137 से अधिक सड़क परियोजनाएँ पूरी की हैं। इससे निवेशकों का भरोसा और अधिक बढ़ा है। प्रदेश सरकार ने निवेशकों को पारदर्शिता, सुरक्षा और लाभदायक अवसरों का आश्वासन दिया है। निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ई-टेंडरिंग, डिजिटल भुगतान सुविधा, समय से पहले परियोजनाओं को पूरा करने पर बोनस और विभिन्न सरकारी सहयोगी योजनाओं का लाभ दे रही है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे तेज़ी से विकसित होते राज्यों में से एक है और इंफ्रास्ट्रक्चर लीडर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश उनकी विकास यात्रा का एक सशक्त भागीदार बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। सत्र में एक पैनल चर्चा भी हुई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस चर्चा में आई.के. पांडेय (सेवानिवृत्त महानिदेशक, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय), एस.के. सिंह (क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई), डॉ. राजू (मुख्य परिचालन अधिकारी, क्यूब हाईवेज), नितिन अग्रवाल (प्रबंध निदेशक, पाथ इंडिया) और मुकुल मोदी (कार्यकारी उपाध्यक्ष, एसबीआई कैप्स) ने भाग लिया। इस पैनल चर्चा में सड़क अवसंरचना के तेज़ी से विकास के लिए निवेश के अवसरों, नवीन तकनीकों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल, टिकाऊ सड़क निर्माण तकनीकों और बुनियादी ढांचे के विकास में वित्तीय संस्थानों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। सड़क अवसंरचना में ऐतिहासिक निवेश, एक लाख करोड़ रूपये के एमओयू पर हस्ताक्षर सत्र से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की उपस्थिति में राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बीच एक लाख करोड़ रूपये के ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के विकास के लिए एक लाख करोड़ रूपये के निवेश को सुनिश्चित करेगा, जिससे लगभग 4010 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं का निर्माण एवं विकास किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस अवसर पर भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया को त्वरित एवं सुगम बनाने का संकल्प लिया, जिससे निवेशकों को बिना किसी बाधा के अपने प्रोजेक्ट्स को कार्यान्वित करने में सुविधा होगी।   recent visitors 51