Sunday, July 5, 2026 9:32 am

बांग्लादेश के सीनियर खिलाड़ियों की बार-बार विफलताओं की आलोचना करते हुए कहा, फिर दबाव में ढह गए

नई दिल्ली पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर ने आईसीसी इवेंट्स में बांग्लादेश के सीनियर खिलाड़ियों की बार-बार विफलताओं की आलोचना करते हुए कहा कि रावलपिंडी में चैंपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड से पांच विकेट से हारने में वे एक बार फिर दबाव में ढह गए। बांग्लादेश के हालिया बाहर होने का एक बहुत ही जाना-पहचाना पैटर्न था: बल्लेबाजी का पतन, औसत से कम स्कोर। अच्छे गेंदबाजी प्रयासों के बावजूद, प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाने में बांग्लादेश की विफलता ने उन्हें लगातार हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रभावी रूप से नॉकआउट मैच में, बांग्लादेश ने अपने 50 ओवरों में 9 विकेट पर 236 रन बनाए, जाफर का मानना है कि रावलपिंडी की सतह पर यह कुल स्कोर कम से कम “50 से 60 रन कम” था, जिस पर गेंदबाजों के लिए बहुत कम जगह थी। जाफर ने ईएसपीएनक्रिकइंफो के मैच डे पर कहा, “हमने शाकिब (अल हसन) को शायद केवल 2019 वनडे विश्व कप में देखा है, जहां वह एक बेहतरीन खिलाड़ी थे। लेकिन मुझे नहीं पता कि यह उन पर दबाव है या वे खुद पर बहुत अधिक दबाव डालते हैं; वे बस खेलते ही नहीं। वे उस पिच पर आसानी से 300 से अधिक रन बना सकते थे, लेकिन वे 50 से 60 रन कम रह गए। उन्हें खुद को दोष देना चाहिए।” न्यूजीलैंड की टीम को 240 से कम स्कोर पर ऑल आउट करने के लिए गेंदबाजी इकाई से बहुत अधिक उम्मीद करना है। प्रमुख बल्लेबाजों के खराब शॉट चयन ने उनकी परेशानी को और बढ़ा दिया। बांग्लादेश के दो सबसे अनुभवी खिलाड़ी मुशफिकुर रहीम और महमूदुल्लाह 27वें ओवर में लापरवाह स्ट्रोक्स का शिकार हो गए, जिससे उनकी टीम मुश्किल में फंस गई। उन्होंने कहा, “आज हमने जो शॉट चयन देखा, वह भी बहुत निराशाजनक था। मुशफिकुर रहीम ने वह शॉट खेला, महमूदुल्लाह ने वह बेतहाशा शॉट खेला। और यह एक ऐसा मैच है जिसे जीतना ही होगा। आप चाहते हैं कि वे इस तरह के मैचों में आगे बढ़ें और खुद को साबित करें। दुर्भाग्य से, आईसीसी इवेंट्स में यही कहानी रही है।” बल्लेबाजी क्रम के बाकी खिलाड़ी भी अपनी कमजोरी को नहीं समझ पाए। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने 77 रन बनाए, जबकि बाकी सभी बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन वे उसे मैच जीतने वाले योगदान में बदलने में विफल रहे। फील्डिंग विभाग में, बांग्लादेश ने ऐसे मौके गंवाए, जो खेल को बदल सकते थे। मैच जीतने वाली पारी खेलने वाले रचिन रवींद्र को दो बार ड्रॉप किया गया- पहले 93 रन पर मेहदी हसन मिराज ने रन आउट का मौका छोड़ा और फिर 106 रन पर महमूदुल्लाह ने। हार के बावजूद, न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज शेन बॉन्ड ने बांग्लादेश के गेंदबाजी आक्रमण में उम्मीद देखी। बॉन्ड ने कहा, “मुझे उनके गेंदबाजी आक्रमण का रूप पसंद है।उनके पास गर्मी है; उनके पास बाएं हाथ का गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान है, जो न्यूजीलैंड और इंग्लैंड जैसी टीम के पास नहीं है। स्पिनर अच्छे हैं।” बॉन्ड ने कहा, “अगर आप रन आउट के मौके चूक जाते हैं या कैच छोड़ देते हैं, तो वे गेम जीतने या हारने के बीच का अंतर होते हैं। अगर उन्होंने उन मौकों का फायदा उठाया होता, तो यह गेम पूरी तरह से अलग हो सकता था। उनके गेंदबाजी आक्रमण पर काम करने के लिए बहुत कुछ है। मुझे लगता है कि अंत में उनकी बल्लेबाजी ही समस्या थी।”   recent visitors 55

न्यायधानी में 5 साल की बच्ची की लाश मिली लाश, दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या करने की आशंका

बिलासपुर न्यायधानी के स्वर्णिम ईरा कॉलोनी में 5 साल की बच्ची की हत्या होने से इलाके में सनसनी फैल गई है. दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या करने की आशंका जताई जा रही है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची है और मामले की जांच कर रही. निर्माणाधीन मकान में बच्ची की लाश मिली है. छत पर पूरी रात शव पड़ा रहा. बच्ची की पहचान सिमर लाल की रहने वाली बृहस्पति बाई पिता मनोज कुमार की 5 साल की बेटी कनिका के रूप में हुई है. इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. बिल्डर के खिलाफ लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है. recent visitors 43

असम की अर्थव्यवस्था 6 लाख करोड़ रुपए तक पहुंची, यह डबल इंजन सरकार के प्रभाव को दर्शाता है: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुवाहाटी में एडवांटेज असम 2.0 निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर शिखर सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भाजपा शासन में असम की अर्थव्यवस्था दोगुनी होकर 6 लाख करोड़ रुपए हो गई है। उन्होंने कहा कि यह "डबल इंजन" सरकार के प्रभाव को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर की भूमि एक नए भविष्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने एडवांटेज असम पहल को असम की क्षमता और प्रगति से दुनिया को जोड़ने का एक भव्य अभियान बताया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से पूर्वी भारत ने भारत की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अब, जब भारत विकास की ओर बढ़ रहा है, तो पूर्वोत्तर अपनी ताकत दिखाने के लिए तैयार है। विशेषज्ञ भारत के तेज़ विकास को लेकर आश्वस्त पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपनी स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत कर रहा है और विभिन्न वैश्विक क्षेत्रों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर रहा है। उन्होंने पूर्वी एशिया के साथ बढ़ती कनेक्टिविटी और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे के उभरने का उल्लेख किया, जो कई अवसरों को खोलता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, कई विशेषज्ञ भारत के तेज़ विकास को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने इस आत्मविश्वास का श्रेय भारत की युवा और तेज़ी से कौशल प्राप्त करने वाली आबादी, इसके नए मध्यम वर्ग की बढ़ती आकांक्षाओं और देश के 140 करोड़ लोगों से राजनीतिक स्थिरता और नीतिगत निरंतरता के लिए समर्थन को दिया। उन्होंने सरकार के सुधारों और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत करने की प्रशंसा की। रेल बजट में हुई वृद्धि पर भी प्रकाश डाला उन्होंने असम के बढ़ते योगदान पर जोर देते हुए कहा कि 2018 में एडवांटेज असम का पहला संस्करण लॉन्च किया गया था, जब राज्य की अर्थव्यवस्था लगभग 2.75 लाख करोड़ रुपए थी। अब यह बढ़कर 6 लाख करोड़ रुपए हो गई है, जो भाजपा शासन के तहत छह साल में अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का प्रदर्शन करती है, जो डबल इंजन सरकार की सफलता को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने असम के रेल बजट में हुई वृद्धि पर भी प्रकाश डाला, जो 2009 से 2014 के बीच औसतन 2,100 करोड़ रुपए से बढ़कर वर्तमान सरकार के तहत 10,000 करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे, उद्योग और नवाचार में महत्वपूर्ण निवेश कर रही है, जो भारत की प्रगति की नींव के रूप में काम करते हैं। मिशन मोड पर काम कर रहा भारत प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत "मेक इन इंडिया" पहल के तहत अपने विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मिशन मोड पर काम कर रहा है, जिससे कम लागत वाले विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि असम ने 2030 तक 143 बिलियन अमरीकी डॉलर का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, और उन्होंने राज्य के लोगों की क्षमता और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के कारण इस लक्ष्य को प्राप्त करने की राज्य की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने यह कहते हुए समापन किया कि असम दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत के बीच एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है। इस क्षमता को बढ़ाने के लिए सरकार ने उत्तर-पूर्व औद्योगिकीकरण परिवर्तन योजना, 'उन्नति' शुरू की है। प्रधानमंत्री ने असम के चाय उद्योग को राज्य की क्षमता का एक उदाहरण बताया। 200 साल पूरे करने के बाद, असम चाय राज्य को अन्य क्षेत्रों में भी उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करती है।   recent visitors 53

भोपाल गैस कांड के निपटारे पर सख्त सुप्रीम कोर्ट, 27 फरवरी को होनी है अगली सुनवाई

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 1984 की भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े यूनियन कार्बाइड के खतरनाक कचरे के निपटारे को लेकर अधिकारियों से यह बताने को कहा है कि इस प्रक्रिया में कौन-कौन से एहतियाती कदम उठाए गए हैं। यह मामला मध्य प्रदेश के धार जिले के पीथमपुर क्षेत्र में कचरे के निपटारे से जुड़ा है, जहां 377 टन जहरीले कचरे को स्थानांतरित किया गया था। अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी। सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों से सवाल सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह बेंच ने अधिकारियों से जवाब मांगा है कि क्या निपटारे से जुड़े सुरक्षा उपाय पर्याप्त हैं? अदालत ने कहा कि हम इस प्रक्रिया को तभी रोकेंगे, जब हमें इस पर गंभीर आपत्ति लगे। अदालत ने अधिकारियों को स्पष्ट करने को कहा कि क्या निवासियों की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखा गया है? लगातार दो महीने सरकार को फटकार दिसंबर 2023 और जनवरी 2024 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद यूनियन कार्बाइड का कचरा न हटाने पर फटकार लगाई थी। हाईकोर्ट ने चार सप्ताह की समय-सीमा देते हुए सरकार को कचरे को हटाने का आदेश दिया था, अन्यथा अवमानना कार्रवाई की चेतावनी दी थी। 1 जनवरी 2024 की रात, 12 सीलबंद कंटेनर ट्रकों में यह कचरा पीथमपुर ले जाया गया। याचिकाकर्ता ने जताई आपत्ति याचिकाकर्ता की अर्जी में कहा गया है कि चार से पांच गांव पीथमपुर में कचरा निपटारे स्थल के 1 किलोमीटर के दायरे में आते हैं। गंभीर नदी इस निपटारे स्थल के पास से बहती है और यशवंत सागर बांध में मिलती है, जो इंदौर की 40% आबादी को पीने का पानी उपलब्ध कराता है। आरोप है कि अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को खतरे से अवगत नहीं कराया और कोई स्वास्थ्य परामर्श जारी नहीं किया। हाईकोर्ट के आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के इन आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने तर्क दिया कि पीथमपुर में कचरे का निपटान किए जाने से गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरणीय खतरे उत्पन्न होंगे। जनता को न तो कोई परामर्श दिया गया, न ही सुरक्षा उपायों पर चर्चा हुई। क्या है चुनौतियां पीथमपुर संयंत्र के पास आबादी बसी हुई है। तरापुरा गांव (105 मकान) सिर्फ 250 मीटर की दूरी पर है, लेकिन लोगों को विस्थापित करने की कोई योजना नहीं बनाई गई। भीर नदी के पास संयंत्र स्थित है, जिससे जल प्रदूषण होने का खतरा है। याचिका में मांग की गई है कि पीथमपुर में कचरे का निपटान न किया जाए। छोटे-छोटे हिस्सों में अलग-अलग जगहों पर सुरक्षित तरीके से कचरे को नष्ट किया जाए। प्रभावित नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के बारे में जानकारी दी जाए और उचित सुरक्षा उपाय किए जाएं। पीथमपुर में 1250 से अधिक उद्योग हैं और यह घनी आबादी वाला क्षेत्र है। यह इंदौर से सिर्फ 30 किमी दूर है, जिससे इंदौर के नागरिकों पर भी खतरा मंडरा रहा है। तीन ट्रायल में होगा निपटारा 18 फरवरी के आदेश में हाईकोर्ट ने कहा था कि 30 मीट्रिक टन कचरे का परीक्षण निपटारा (ट्रायल रन) किया जाएगा। पहला ट्रायल 27 फरवरी को 10 टन कचरे का होगा, जिसकी प्रक्रिया 3-4 दिन चलेगी। यदि कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं होता, तो दूसरा ट्रायल 4 मार्च और तीसरा ट्रायल 10 मार्च 2025 को होगा। परीक्षण के नतीजों के आधार पर बाकी कचरे का निपटारा किया जाएगा और एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित है यह देखेगा सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट अगली सुनवाई में यह देखेगा कि क्या खतरनाक कचरे के निपटारे में सुरक्षा सुनिश्चित हुई है? अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई गंभीर खतरा प्रतीत हुआ, तो कचरे के निपटारे पर रोक लगाई जा सकती है। वहीं, सरकार और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि कचरे का निपटारा पूरी सुरक्षा और वैज्ञानिक मानकों के तहत किया जाए। भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े 337 मीट्रिक टन जहरीले कचरे के निपटान को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आगे का रास्ता तय होगा। recent visitors 42

12वीं बोर्ड परीक्षा का हुआ आगाज, 39 केंद्रों पर कड़ी निगरानी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बुरहानपुर जिले में माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा का आगाज हो गया है। परीक्षा 39 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जिनमें से 3 केंद्रों को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया गया है। परीक्षा में नकल और अनियमितताओं को रोकने के लिए 7 उड़नदस्ते तैनात किए गए हैं। इस वर्ष कुल 4,983 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, जिनमें 4,392 नियमित और 591 प्राइवेट परीक्षार्थी हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संचालित हो सके। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो और परीक्षार्थियों को स्वच्छ परीक्षा माहौल मिले। recent visitors 21

रायपुर में दो बसों में भिड़ंत, हादसे में 5 यात्री घायल

रायपुर शहर के टाटीबंध इलाके में तेज रफ्तार बस ने खड़ी बस को ठोकर मार दी. हादसे में 5 यात्री घायल हुए हैं. वहीं दोनों बसों के बीच एक महिला फंस गई थी, जिसकी हालात गंभीर है. घायलों को एम्स अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. घटना आमानाका थाना क्षेत्र की है. मिली जानकारी के मुताबिक, टाटीबंध ब्रिज के निचे सवारी बस खड़ी हुई थी. इस बीच सरोना की ओर से आ रही तेज रफ्तार बस ने खड़ी हुई बस को ठोकर मार दी. हादसे में 5 यात्री घायल हो गए. भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि एक बस बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई. एक महिला दोनों बसों के बीच में फंस जाने से गंभीर रूप से घायल हो गई. सभी घायलों को एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है. recent visitors 49

महासमुंद के तीन खिलाड़ियों का पैरा एथलेटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन, सुखदेव केवट ने 400 मीटर दौड़ में जीता सिल्वर मेडल

रायपुर,   दुबई में 6 से 14 फरवरी 2025 तक आयोजित पैरा एथलेटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप ग्रांट फिक्स 2025 में महासमुंद जिले के फॉर्च्यून नेत्रहीन हायर सेकेंडरी स्कूल, करमापटपर बागबाहरा खुर्द के तीन खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। सुखदेव केवट ने अपनी शानदार खेल प्रतिभा का परिचय देते हुए 400 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का परचम लहराया। इससे पहले, 23वें नेशनल पैरा एथलेटिक्स 2025, चेन्नई (17-20 फरवरी) में उन्होंने 1500 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल और 400 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर भी अपनी श्रेष्ठता साबित कर चुके है। इस प्रतियोगिता में महासमुंद के दो अन्य खिलाड़ियों ने भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराईनिखिल यादव ने 1500 मीटर दौड़ में 7वाँ स्थान और 500 मीटर दौड़ में 6वाँ स्थान प्राप्त किया जबकि लक्की यादव (टी-11 कैटेगरी, बालक वर्ग) ने 1500 मीटर दौड़ में 8वाँ स्थान और 400 मीटर दौड़ में 6वाँ स्थान हासिल किया। महासमुंद जिले के इन होनहार खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उनकी सफलता से प्रदेश के अन्य खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। सुखदेव  केंवट और उनके साथियों की इस उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। महासमुंद जिले के इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की उपलब्धि पर जिला कलेक्टर श्री विनय कुमार लंहगें, जिला सीईओ श्री एस. आलोक और उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह ने उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष श्री निरंजन साहू, प्राचार्य रश्मि साहू और वार्डन लक्ष्मीप्रिया साहू भी उपस्थित थे। recent visitors 26