Sunday, July 5, 2026 10:37 am

जबलपुर हाईकोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर को जारी किया नोटिस, अवैध निर्माण की शिकायत पर क्यों नहीं की गई कार्रवाई

जबलपुर अवमानना मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर को नोटिस जारी किया है. जिसमें कहा गया है कि आदेश के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की गई. हाईकोर्ट ने पूछा कि अवैध निर्माण की शिकायत पर क्यों नहीं कार्रवाई की गई. दरअसल, जबलपुर निवासी मुकेश जैन ने मुस्कान पार्क के निर्माण को लेकर याचिका दायर की थी. उनका आरोप है कि मुस्कान पार्क की बिल्डिंग अवैध तरीके से बनाई जा रही है और 80 फीट चौड़ी सड़क को निर्माण के बाद केवल 50 फीट का कर दिया गया है. इस मामले में हाईकोर्ट ने 24 जून 2024 को शिकायत का निराकरण करने के लिए निर्देश थे. 4 महीने की मोहलत मिलने के बाद भी नगर निगम कमिश्नर कोई एक्शन नहीं लिया. ऐसे अब कोर्ट ने नोटिस जारी कर नगर निगम कमिश्नर पूछा है कि आखिर क्यों अब तक इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई. बता दें कि बिल्डर शंकर मनछानी ने ही मुस्कान पार्क प्रोजेक्ट बनाया है. recent visitors 38

राजस्थान : विधानसभा में मंत्री की टिप्पणी पर गतिरोध जारी, कांग्रेस ने कार्यवाही का किया बहिष्कार

जयपुर,  राजस्थान विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस नेताओं के बीच गतिरोध मंगलवार को भी जारी है और कांग्रेस के छह निलंबित विधायकों को सदन में प्रवेश नहीं करने दिया गया। निलंबित विधायकों का समर्थन कर रहे कांग्रेस के अन्य विधायक भी विधानसभा में प्रवेश नहीं कर पाए। कांग्रेस विधायक विधानसभा परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी की। इस बीच, कांग्रेस के बहिष्कार के बीच सदन के अंदर प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रही। राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर पिछले शुक्रवार से सदन में गतिरोध जारी है। इस गतिरोध के चलते सदन की कार्यवाही सोमवार को बार-बार बाधित हुई थी।। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार को विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में कहा ‘ जिस बात को लेकर गतिरोध हुआ था, मंत्री की वह टिप्पणी आज भी कार्यवाही में मौजूद है और मंत्री एक शब्द नहीं बोल रहे हैं।’’ उन्होंने कहा ‘‘ हमारी मांग आज भी वही है कि मंत्री माफी मांगे… उनके द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री के लिये कहे गये शब्दों को कार्यवाही से हटाया जाए और फिर हमारा निलंबन रद्द कर सदन चले।’’ डोटासरा ने कहा ‘‘ सदन इनको (सरकार को) चलाना है… इनकी आंतरिक कलह है …मुख्यमंत्री की… विधानसभा अध्यक्ष की…, वसुंधरा की…, किरोड़ी मीणा की… उसके चक्कर में पूरे राजस्थान के मुद्दों को नजरअंदाज करना चाहते है।’’ गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने संवाददाताओं से कहा ‘सदन में गतिरोध को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विपक्ष के नेता दिशाहीन हो गए हैं और अनावश्यक मुद्दों पर गतिरोध पैदा कर रहे हैं, उन्हें सदन चलाने में मदद करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता अपनी अंदरूनी लड़ाई को सदन में लाना चाहते हैं। विपक्षी कांग्रेस ने मंत्री से माफी मांगने और विधायकों का निलंबन रद्द करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। विधानसभा में गतिरोध समाप्त करने के लिए अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के कक्ष में सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं और विपक्षी कांग्रेस नेताओं के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन मामला सुलझ नहीं सका, क्योंकि निलंबित कांग्रेस विधायक और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान से अध्यक्ष और संसदीय कार्य मंत्री संतुष्ट नहीं थे। बाद में विपक्षी कांग्रेस ने दिनभर के लिए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। सदन की कार्यवाही सोमवार को व्यवधान के बीच चार बार स्थगित की गई थी। उल्लेखनीय है कि मंत्री अविनाश गहलोत ने शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास संबंधी प्रश्न का उत्तर देते समय विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा था, ‘‘2023-24 के बजट में भी आपने हर बार की तरह अपनी ‘दादी’ इंदिरा गांधी के नाम पर इस योजना का नाम रखा था।’’ इस टिप्पणी के कारण सदन में भारी हंगामा हुआ था, और सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के कारण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, रामकेश मीणा, अमीन कागजी, जाकिर हुसैन, हाकम अली और संजय कुमार सहित छह कांग्रेस विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया था। सदन की बैठक स्थगित होने के बाद कांग्रेस विधायकों ने मंत्री से माफी मांगने और निलंबन रद्द करने की मांग करते हुए विधानसभा में धरना शुरू कर दिया था।   recent visitors 42

मध्यप्रदेश में नियोजित शहरी विकास के लिये केन्द्र सरकार प्रदेश को हरसंभव मदद करेगी:केन्द्रीय मंत्री खट्टर

भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत वर्ष-2047 की कल्पना की है। इस लक्ष्य को हासिल करने में शहरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नियोजित शहरी विकास के लिये केन्द्र सरकार प्रदेश को हरसंभव मदद करेगी। केन्द्रीय मंत्री खट्टर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मंगलवार को नगरीय प्रशासन द्वारा आयोजित अनलॉकिंग लेण्ड वेल्यू विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्री खट्टर ने कहा कि मध्यप्रदेश में शहरों के नियोजित विकास को लेकर जो तीन पॉलिसी जारी की गई है, यह प्रदेश सरकार की ओर से उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में शहरों के विकास की बहुत संभावनाएं हैं। शहरों के समग्र विकास के लिये राज्य सरकार को सघन आबादी वाले शहरों पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने भोपाल, इन्दौर मेट्रो लाईन की चर्चा करते हुए कहा कि मेट्रो लाईन का विस्तार इस तरह से किया जाये कि इसका फायदा समाज के प्रत्येक वर्ग को मिल सके। उन्होंने मेट्रो पॉलिटन सिटी के विकास में एक विस्तृत योजना तैयार करने पर भी जोर दिया। केन्द्रीय मंत्री खट्टर ने बढ़ती शहरी आबादी का आंकलन सही रूप में किये जाने की बात कही। शहरी क्षेत्र के परिवहन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के जरिये पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण और कार्बन क्रेडिट का फायदा देने वाली प्रोत्साहन नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता बताई। शहरी क्षेत्रों के विकास के लिये निवेश को किया जायेगा प्रोत्साहित नगरीय विकास एवं आवास मंत्री विजयवर्गीय ने सत्र में कहा कि प्रदेश में नगरीय निकायों में आय के स्रोत बढ़ाये जाने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी की गयी इन्टीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी से शहरों का समग्र रूप से विकास हो सकेगा। उन्होंने बताया कि आवास से जुड़ी नई नीतियों में डेवलपर्स और बिल्डर्स को कई रियायतें दी गयी हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा हुकुमचंद मिल इंदौर की भूमि के रि-डेवलपमेंट के बारे में जानकारी दी। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश के शहरों को हरा-भरा बनाया जायेगा। कॉलोनी में ग्रीन एरिये को जगह देने वाले बिल्डर्स और डेवलपर्स को राज्य सरकार की ओर से रियायत दी जायेगी। आज के सत्र में एमपी इंटीग्रेटेड पॉलिसी, पुनर्घनत्वीकण और मध्यप्रदेश हाउसिंग रि-डेवपमेंट पॉलिसी पर चर्चा हुई। प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि बिल्डर्स और डेवलपर्स के साथ अब प्रत्येक 3 माह में प्रशासनिक अधिकारी चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के सिंगल विण्डो सिस्टम को और पारदर्शी बनाया जायेगा। कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी एवं भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय विशेष रूप से रही। महापौरों से चर्चा केन्द्रीय मंत्री खट्टर और नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय ने प्रदेश के नगर निगमों के महापौरों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आदर्श नगर निगम बनाने के लिये स्थानीय निकायों को आय बढ़ाने पर ध्यान देना होगा।   recent visitors 76

सौरभ शर्मा से बंद कमरे में पूछताछ कर रही IT

भोपाल काली कमाई और 52 किलो सोने के मामले में सौरभ शर्मा से पूछताछ के लिए दूसरे दिन भी इनकम टैक्स की टीम भोपाल सेंट्रल जेल पहुंची. जहां बंद कमरे में सौरभ शर्मा से पूछताछ की रही जा है. फिलहाल, उसके साथी चेतन सिंह और शरद जायसवाल से इनकम टैक्स ने अब तक पूछताछ नहीं की है. बता दें कि कल भी सौरभ शर्मा से पूछताछ करने इनकम टैक्स की टीम सेंट्रल जेल पहुंची थी. जहां उससे 5 घंटे तक पूछताछ की गई थी. जिसमें सौरभ शर्मा से 52 किलो सोने और 11 करोड़ रुपये की नकदी से भरी इनोवा कार के बारे में सवाल किए गए. सौरभ ने इन संपत्तियों से अपना कोई संबंध होने से इनकार किया. हालांकि, चेतन सिंह गौर पहले ही आईटी को दिए बयान में कार में भरा कैश और सोना सौरभ का होने का दावा कर चुका है. गौरतलब है कि सौरभ शर्मा सोमवार (28 जनवरी) को कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था. लेकिन आवेदन के बाद अदालत ने जांच एजेंसी से डायरी मंगवाई थी. जिसके बाद उसे अगले दिन आने के लिए कहा. वकील के मुताबिक, सुबह 11 बजे जैसे ही सौरभ कोर्ट जा रहा था. लोकायुक्त ने उसे बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया और लोकायुक्त ऑफिस ले गई. जहां उससे 5 घंटे तक पूछताछ की गई. उसकी निशानदेही पर उसके साथी चेतन गौर को भी हिरासत में लिया गया. 18 दिसंबर को लोकायुक्त की रेड, IT ने बरामद किया था सोना और कैश गौरतलब है कि 18 दिसंबर को लोकायुक्त ने राजधानी भोपाल में सौरभ शर्मा के घर छापामार कार्रवाई की थी। वहीं ,19 दिसंबर को मेंडोरी गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को खाली प्लॉट पर खड़ी एक लावारिस क्रिस्टा गाड़ी के होने की सूचना दी थी, जिसमें 6 से 7 बैग रखे हुए थे। 52 किलो सोना और 10 करोड़ कैश मिलने के बाद शुरू हुई जांच कैश का अंदेशा होने की वजह से आयकर विभाग को सूचित किया गया था, जिसके बाद IT की टीम ने कांच तोड़कर अंदर से बैग बाहर निकला। जिसमें 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया था। जिसके बाद से लोकायुक्त के बाद ED और IT भी सक्रिय हो गई। 27 दिसंबर को ED ने कई ठिकानों पर मारा छापा 27 दिसंबर को जांच एजेंसियों ने सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों और सहयोगियों के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित आवास में जांच एजेंसियों ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग ठिकानों पर सर्चिंग के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। 6 करोड़ से ज्यादा की FD बरामद सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ रुपये से अधिक की FD मिली थी। परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक बैलेंस भी मिला। 23 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज पाए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया। recent visitors 41

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही IAS बने लड़के की प्रेरणादायक कहानी

राजस्थान राजस्थान के एक छोटे से गांव से उठकर IAS बने एक लड़के की प्रेरणादायक कहानी इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसे यह भी पता नहीं था कि IAS क्या होता है, आज अपनी मेहनत और संघर्ष से IAS अधिकारी बन गया है। यह कहानी लोगों को अपनी मंजिल पाने के लिए प्रेरित कर रही है। तुम कहीं के कलेक्टर हो क्या? यह कहानी एक ऐसे लड़के की है, जिसका नाम हेमंत है। बचपन में उनकी मां मनरेगा में काम करती थीं और रोजाना केवल 60-70 रुपए ही कमाती थीं, जबकि सरकार द्वारा तय मजदूरी 200 रुपए थी। एक दिन हेमंत की मां घर आईं और बेटे के सामने रोते हुए अपनी दुखभरी कहानी सुनाई। मां ने बताया कि उन्होंने पानी लगाने का काम जानबूझकर कर लिया था, जिससे 20 रुपए ज्यादा मिलते, लेकिन फिर भी उन्हें कम ही पैसे मिले। इस पर हेमंत ने ऑफिस जाकर उस कर्मचारी से सवाल किया कि क्यों उनकी मां को कम पैसे दिए जा रहे हैं। कर्मचारी ने ताना मारते हुए कहा, "तू कहीं का कलेक्टर है क्या? यह ताना हेमंत के दिल को चुभ गया। हेमंत को यह बात बहुत बुरी लगी और उन्होंने ठान लिया कि वे IAS अधिकारी बनेंगे। हालांकि, उस समय उन्हें यह भी नहीं पता था कि IAS होता क्या है। एक दिन कॉलेज में रैगिंग के दौरान जब सीनियर ने पूछा कि वे क्या बनना चाहते हैं, तो हेमंत ने बिना सोचे-समझे कह दिया कि IAS बनना है। तब उन्हें यह भी नहीं पता था कि IAS के लिए क्या करना पड़ता है। इसके बाद हेमंत ने अपने भाई से पूछा और IAS के बारे में जानकारी ली। उनके भाई ने उन्हें यूट्यूब पर वीडियो भेजे और समझाया। हेमंत के पास पढ़ाई के लिए पैसे नहीं थे। उनकी मां मजदूर थीं और परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। दोस्तों और सीनियर की मदद से उन्होंने कॉलेज में दाखिला लिया, लेकिन खर्चों के कारण स्थिति बहुत कठिन हो गई। फिर भी, हेमंत ने हार नहीं मानी और दिल्ली में अपनी पढ़ाई जारी रखी। उनके दोस्त जोगेंद्र सियाग ने उन्हें आश्रय दिया और निशांत सिंह ने बिना पैसे लिए उन्हें सोशियोलॉजी का एडमिशन दिया। हेमंत ने अपनी कठिनाईयों के बावजूद कड़ी मेहनत की और यूपीएससी के दूसरे प्रयास में 884 रैंक प्राप्त की। इस तरह उनका और उनके परिवार का सपना पूरा हुआ। हेमंत की यह कहानी यह साबित करती है कि अगर कोई ठान ले, तो कोई भी सपना बड़ा नहीं होता। उन्होंने अपने संघर्ष और मेहनत से यह साबित किया कि सच्ची लगन से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। recent visitors 56

गृह निर्माण सहकारी समितियों के बायलॉज में संशोधन का मामला उठा सदन में, मूणत बोले – बिना पैसे लिए नहीं मिलता एनओसी

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन गृह निर्माण सहकारी समितियों के बायलॉज में संशोधन का मामला उठा. भाजपा विधायक राजेश मूणत ने कहा कि सहकारी सोसायटी आज भी एनओसी के लिए भटक रही हैं. बिना पैसे लिए एनओसी नहीं दिया जाता. मंत्री केदार कश्यप आश्वस्त किया कि किसी भी तरह की शिकायत एनओसी को लेकर नहीं आएगी. भाजपा विधायक राजेश मूणत के सवाल पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पिछले सत्र में हमने कमेटी का गठन किए जाने की बात कही थी. सरकार ने कमेटी का गठन कर दिया है. कमेटी की दो बैठक हो चुकी है. कमेटी से जो आदर्श प्रारूप सामने आएगा, उसके तहत काम किया जाएगा. जल्द से जल्द हम प्रक्रिया ऑनलाइन करने जा रहे हैं. कहीं से कोई शिकायत नहीं आएगी. राजेश मूणत ने कहा कि मैं इस शहर में चालीस से ज़्यादा सोसाइटियों का नाम गिना सकता हूं, जहां यदि आम आदमी को जाना होता है, तो बगैर पैसे के एनओसी नहीं दी जाती है. जब राज्य से साय सरकार है, और हर काम सांय-सांय चल रहा है तो क्या इसे भी सांय-सांय किया जाएगा. recent visitors 28

लॉजिस्टिक्स-कनेक्टिंग एमपी टू द वर्ल्ड सेशन में विशेषज्ञों ने किए विचार व्यक्त

भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के दूसरे दिन ‘लॉजिस्टिक्स: कनेक्टिंग एमपी टू द वर्ल्ड’ सत्र में मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर विशेषज्ञों और अधिकारियों ने औद्योगिक कॉरिडोर, डिजिटल एकीकरण, निवेश अवसरों और लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर अपने विचार साझा किए। मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स (एलईएडीएस) इंडेक्स में ‘फास्ट मूवर’ के रूप में उभरते हुए इस क्षेत्र में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। नियमों को सरल बनाने, एमएसएमई को बढ़ावा देने और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने से प्रदेश एक लॉजिस्टिक पॉवर हाउस बनाने की ओर अग्रसर है। ऊर्जा दक्षता, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और अत्याधुनिक तकनीकों के समावेश से मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नई संभावनाएं सृजित कर रहा है। लॉजिस्टिक्स पॉवर हाउस में बदलता मध्यप्रदेश सेशन की शुरुआत में एनवीडी विभाग के सचिव, जॉन किंग्सले ने प्रदेश में लॉजिस्टिक्स सेक्टर के मौजूदा परिदृश्य और नए निवेश अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश मजबूत परिवहन नेटवर्क, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स ईकोसिस्टम के व्यापक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स का पावर हाउस बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य स्थित होने की वजह से रोड रेल और एयर कनेक्टिविटी आसान हो गई है। सीईओ एनआईसीडीसी एवं चेयरमैन एनएलडीएसएल, राजत कुमार सैनी ने लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में औद्योगिक कॉरिडोर और डिजिटल टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन की भूमिका पर विशेष संबोधन दिया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स की लागत को प्रभावी बनाने और परिवहन सुविधाओं को डिजिटल माध्यमों से अधिक सशक्त करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। डब्ल्यूएआईपीए के डिप्टी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, दुष्यंत ठाकोर ने वैश्विक निवेश परिदृश्य और मध्यप्रदेश के लॉजिस्टिक्स उद्योग में निवेश अवसरों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का रणनीतिक भौगोलिक स्थान और विकसित लॉजिस्टिक्स नेटवर्क इसे वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बनाता है। द चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ लॉजिस्टिक्स एंड ट्रांसपोर्ट इंडिया के सेक्रेटरी जनरल, संजीव गर्ग ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नवाचार और आपूर्ति शृंखला की दक्षता बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लॉजिस्टिक्स हब बनने की प्रबल संभावनाएं हैं, जिससे विभिन्न उद्योगों को सुगम और लागत प्रभावी परिवहन सुविधाएं मिल सकेंगी। डीपी वर्ल्ड के वाइस प्रेसिडेंट-ऑपरेशंस, रेल एंड इनलैंड टर्मिनल्स, महेंद्र बिरहाडे ने और वेयरहाउसिंग सेक्टर में अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग और मल्टी-मॉडल परिवहन की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्कों और वेयरहाउसिंग सुविधाओं का विस्तार वैश्विक मानकों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। फ्लिपकार्ट ग्रुप के रीजनल डायरेक्टर – वेस्ट एवं साउथ, महेश पंजवानी ने ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स के विकास और सप्लाई चेन मैनेजमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के प्रभाव पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे उद्योगों को निर्बाध आपूर्ति शृंखला सुनिश्चित हो सके। हर्ष ट्रांसपोर्ट प्रा. लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर, डिप्पी वांकानी ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निजी निवेश की संभावनाओं और सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग में निजी निवेश आकर्षित करने के लिए अनुकूल नीतियों पर काम कर रहा है।   recent visitors 57