Wednesday, July 8, 2026 6:53 am

राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हिंदुस्तान के दिल मध्यप्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विविधता के कारण देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यहाँ के घने जंगल, दुर्लभ वन्य जीव, ऐतिहासिक किले, प्राचीन मंदिर और जीवंत संस्कृति हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और योजनाओं के कारण न केवल पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ा है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से मध्यप्रदेश भारत के शीर्ष पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं बता चुके हैं कि मध्यप्रदेश को एक विदेशी मैग्जीन ने दुनिया की श्रेष्ठ टूरिज्म डेस्टिनेशन में से एक माना है। राज्य सरकार की योजनाओं से राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को संरक्षण मिल रहा है। साथ ही इससे प्रदेश वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है। राज्य में 24 वन्यजीव अभयारण्य, 12 राष्ट्रीय उद्यान, 9 टाइगर रिज़र्व और 14 विश्व धरोहर स्थल स्थित हैं, जो इसे भारत के सबसे समृद्ध जैव विविधता वाले राज्यों में शामिल करते हैं। इसके अलावा, 12 ज्योतिर्लिंगो में एक मात्र उज्जैन का दक्षिणमुखी महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग श्रद्धालुओं के लिए अगाध आस्था के केंद्र हैं। टूरिज्म इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया है कि राज्य सरकार पर्यटन को नए आयाम देने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है। पर्यटन परियोजनाओं के लिए 758 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई गई है, जिसमें से 358 हेक्टेयर भूमि 39 निवेशकों को आवंटित की जा चुकी है। इससे राज्य में कई नए होटल, रिसॉर्ट, गोल्फ कोर्स और आधुनिक सुविधाएं विकसित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा लागू की गई पर्यटन नीति-2025 और फिल्म पर्यटन नीति 2025 निवेशकों और उद्यमियों के लिए आकर्षक अवसर प्रस्तुत कर रही हैं। इन नीतियों के कारण पर्यटन क्षेत्र में 3 हजार 372 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आये हैं। इससे 50 हजार 500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। फिल्म निर्माताओं की बन रहा फेवरेट शूटिंग डेस्टिनेशन मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण फिल्म निर्माताओं की फेवरेट शूटिंग डेस्टिनेशन बन चुका है। राज्य में 185 से अधिक फिल्मों और 40 अन्य प्रोजेक्ट्स की शूटिंग की जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई है कि सरकार द्वारा दी जा रही विशेष सुविधाओं और अनुदानों के कारण आने वाले वर्षों में फिल्म पर्यटन और अधिक बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि विगत वर्षों में चंदेरी, ग्वालियर और भोपाल में हुई शूटिंग्स की वजह से इन क्षेत्रों के लिये पर्यटकों में आकर्षण बढ़ा है। साथ ही फिल्म निर्माताओं की नजरों में भी प्रदेश की साफ-सुथरी लोकेशन्स आई हैं। नए निवेश और व्यापक रोजगार अवसर राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में 1,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि चिन्हित की है। इससे निवेश को और गति दी जा सकेगी। साथ ही पर्यटन से जुड़े कई नए प्रोजेक्ट्स विकसित होंगे और लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।   recent visitors 45

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा बुंदेलखंड की धरती शौर्य और साहस के साथ कला और संस्कृति का ऐसा संगम है

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि बुंदेलखंड की धरती शौर्य और साहस के साथ कला और संस्कृति का ऐसा संगम है, जहाँ शस्त्र और शास्त्र के समन्वय की पराकाष्ठा देखने को मिलती है। अद्वितीय वास्तुकला, सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक विरासत की नगरी खजुराहो, भारतीय संस्कृति और कला का अद्वितीय गौरव है। उन्होंने कहा कि खजुराहो नृत्य समारोह ने भारतीय कला और संस्कृति की विविधता में एकता को देश-विदेशों में मजबूत किया है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविधता और समृद्धता को प्रदर्शित करने और विस्तारित करने में समारोह का उल्लेखनीय योगदान है। राज्यपाल पटेल खजुराहो में 51वें खजुराहो नृत्य समारोह के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग के आयोजन में 139 नृत्य कलाकारों ने 24 घंटे, 9 मिनट, 26 सेकंड तक लगातार नृत्य कर, जो गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है। इससे हमारी संस्कृति का गौरव बढ़ा है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिये आयोजकों को बधाई दी है। समारोह मे सुप्रसिद्ध अभिनेत्री और नृत्यांगना सुमीनाक्षी शेषाद्रि की ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति हुई। अपनी प्रस्तुति में उन्होंने नृत्य के अधिपति भगवान शिव की स्तुति की। अगली प्रस्तुति पद्मभूषण राधा—राजा रेड्डी के कुचिपुड़ी नृत्य की हुई। इसके बाद ‘जतीस्वरम’ की राग मांडारी और ताल आदि में निबद्ध प्रस्तुति हुई। यह प्रस्तुति बिना किसी गीत और शब्द के विशुद्ध नृत्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण मानी गई। कलावार्ता : कलाविदों एवं कलाकारों के मध्य संवाद कलावार्ता में मंदिर स्थापत्य और नृत्य कला का दार्शनिक और आध्यात्मिक परिप्रेक्ष्य में कलाविदों एवं कलाकारों के मध्य संवाद हुआ। कलावार्ता का प्रवर्तन दिल्ली से आये कलाविद आनंदवर्धन ने किया। बाल नृत्य महोत्सव में युवा कलाकारों को भी मिला मंच     युवा कलाकारों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिये पहली बार आयोजित खजुराहो नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन मंच प्रदान किया गया। इसमें युवा कलाकारों ने कथक और भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुतियां दीं।   recent visitors 47

मनकामेश्वर महादेव नेवरी मंदिर प्रांगण में मंत्री विश्वास कैलाश सारंग महाआरती में उपस्थित हुए

नेवरी मनकामेश्वर महादेव नेवरी मंदिर प्रांगण में अभाकाम के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश शासन के माननीय सहकारिता एवं खेलकूद व युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, डी.के.सक्सेना, एडवोकेट, सुनील श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव नीलू, वीरेंद्र पाठक,  हिमांशु मिश्रा, अनुराग अमिताभ, अभय प्रधान, मनीष श्रीवास्तव, चंद्रेश सक्सेना, अनिल श्रीवास्तव,  महेंद्र श्रीवास्तव,  दिनेश श्रीवास्तव, मुकेश लोधी, सौरभ पूनीवाला, राजकुमार श्रीवास्तव, बृजेश श्रीवास्तव, सौरभ कुलश्रेष्ठ, प्रमोद श्रीवास्तव, अमोल सक्सेना, रविन्द्र श्रीवास्तव आदि ने महाशिवरात्रि पर्व पर अभिषेक किया ।   इसके बाद भोलेनाथ जी का श्रृंगार हुआ व बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन महाआरती में उपस्थित हुए  । recent visitors 11

जामा मस्जिद बैढ़न सदर का मतदान के दौरान शहनवाज खान बने सदर

सिंगरौली बैढ़न "नूरी जामा मस्जिद" बैढ़न का सदर चुनने हेतु आज सुबह 9:00 बजे से शाम 3:00 तक मतदान हुआ जिसमें कुल 1342 मत पड़े थे जिसमें तीन प्रत्याशी थे नाम इस प्रकार शाहनवाज खान उर्फ मिनहाज खान को 894 मत मिले और वही दूसरे प्रत्याशी रहे मोनिश खान क़ो 354 मत प्राप्त हुये और वही तीसरे प्रत्याशी रफीउल्लाह बेग क़ो 79 मत मिले थे मतदान के   उपरांत गिनती हुयी जिसमें शाहनवाज खान उर्फ मिनहाज खान क़ो निर्वाचन मंडल ने विजयी घोषित कर पुन: सदर बनाया गया और पटाखा फोड़कर माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया और साथ में मिष्ठान लड्डू का वितरण हुआ, शांतिपूर्ण मतदान कराने में बैढ़न कोतवाली पुलिस व निर्वाचन मंडल टीम की अहम भूमिका रही । उक्त निर्वाचन मंडल मे मुख्य रूप से पदाधिकारी मुन्ना सिद्दीकी, इम्तियाज अहमद खान, मुजीब खान, जम्मू बेग,सैब सिद्दीकी, मोबिन अंसारी, सदस्य मो. हदीस, मो. शाहिद (रिंकू), मकसूद रजा, मो.इरशाद, राशिद खान, बालू, सैकड़ो की संख्या में अन्य पदाधिकारी सदस्य भारी संख्या में उपस्थित रहे। recent visitors 37

ऐतिहासिक महाशिवरात्रि: पहली बार, गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने 1000 वर्षों बाद प्रकट किए मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेष

ऐतिहासिक महाशिवरात्रि: पहली बार, गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने 1000 वर्षों बाद प्रकट किए मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेष  180 देशों में लाखों लोगों ने साक्षात और ऑनलाइन देखा यह दिव्य अनावरण  युवा आइकॉन व ग्रैमी-नामांकित अंतरराष्ट्रीय संगीतकार राजा कुमारी ने मोहा लोगों का मन: भारतीय भक्ति संगीत की विरासत को नए अर्थ देने वाले इंडी बैंड्स ने लोगों को भक्ति के रस में किया सराबोर बेंगलुरु विशालाक्षी मंटप की भव्य पृष्ठभूमि में, आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में महाशिवरात्रि का उत्सव एक दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ, जहां भारत के गौरवशाली इतिहास का एक महत्वपूर्ण अंश—जो समय की धारा में विलुप्त माना जा रहा था—प्रकट हुआ। इस ऐतिहासिक क्षण ने 180 देशों के लाखों साधकों को गहरी श्रद्धा में डुबो दिया। इस पावन अवसर पर केंद्रीय विधि एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री माननीय अर्जुन राम मेघवाल भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर गुरुदेव ने कहा, "शिव वही हैं जो हैं, जो थे, और जो होंगे। इस शिवरात्रि पर समर्पित होकर सम्पूर्ण अस्तित्व के साथ एक हो जाएं। आप जैसे हैं, भगवान शिव आपको वैसे ही अपनाते हैं। स्वयं को ऐसे अनुभव करें जैसे आप स्वयं शिव के भीतर स्थित हैं।" उन्होंने शिव के पांच गुणों—सृजन, पालन, रूपांतरण, आशीर्वाद और लय—का उल्लेख करते हुए कहा, "शिवरात्रि वह समय है जब हम इन आशीर्वादों को अनुभव करते हैं और दिव्य ऊर्जा में सराबोर हो जाते हैं। हमें बस इन स्पंदनों में डूब जाना है और भीतर गहराई से उतरना है।"  शिवरात्रि की प्रमुख झलक: मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेषों का दुर्लभ दर्शन बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम, सोमनाथ ने सदैव श्रद्धा और भक्ति का संचार किया है, जिसकी कथा दिव्य रहस्यों में समाई हुई है। प्राचीन शास्त्रों में इसका उल्लेख मिलता है कि यह ज्योतिर्लिंग गुरुत्वाकर्षण को चुनौती देते हुए भूमि से दो फीट ऊपर स्थित रहता था! जब महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर और उसमें स्थित ज्योतिर्लिंग को नष्ट कर दिया, तब कुछ ब्राह्मण इसके खंडित अवशेषों को तमिलनाडु ले गए और उन्हें छोटे शिवलिंगों के रूप में स्थापित किया। ये पवित्र अवशेष पूरे एक सहस्राब्दी तक पीढ़ी दर पीढ़ी गुप्त रूप से पूजे जाते रहे।  लगभग सौ वर्ष पूर्व, संत प्रणवेन्द्र सरस्वती इन्हें कांची शंकराचार्य स्वामी चंद्रशेखरेन्द्र सरस्वती के पास ले गए। शंकराचार्य ने निर्देश दिया कि इन्हें अगले सौ वर्षों तक और गुप्त रखा जाए। वह पावन क्षण इस वर्ष आया, जब वर्तमान संरक्षक, पंडित सीताराम शास्त्री ने वर्तमान कांची शंकराचार्य से दिव्य मार्गदर्शन प्राप्त किया, जहां शंकराचार्य जी ने कहा, "बेंगलुरु में एक संत हैं—गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर। इन्हें उनके पास ले जाइए।" इस प्रकार, जनवरी 2025 में, ये पवित्र अवशेष गुरुदेव के करकमलों में पहुंचे। उनकी दिव्य महत्ता को पहचानते हुए, गुरुदेव ने इन्हें जनमानस को दर्शन के लिए उपलब्ध कराया  जिससे लाखों साधकों को सनातन धर्म की इस कालातीत विरासत से पुनः जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ। " इन पवित्र अवशेषों की पुनर्खोज केवल इतिहास को पुनः प्राप्त करने के विषय में नहीं है; यह हमारी सभ्यता की आत्मा को पुनर्जीवित करने का क्षण है। यह सिद्ध करता है कि सनातन धर्म केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि एक जीवंत परंपरा है जो काल के साथ विकसित होती रही है और सतत् फलती-फूलती है।" – गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जैसे ही अर्धरात्रि निकट आई, बेंगलुरु आश्रम दिव्य ऊर्जा का केंद्र बन गया। "ॐ नमः शिवाय" के गूंजते मंत्रों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा, जब गुरुदेव ने साधकों को गहन ध्यान में ले गए। रुद्रपाठ, प्राचीन वैदिक अनुष्ठान, और आत्मा को छू लेने वाले भजन एक दिव्य लय में समाहित हो गए, जिससे विश्वभर से आए श्रद्धालु भक्ति और आनंद में एक हो गए। संगीत ने भी इस अद्भुत शिवरात्रि को विशेष स्वरूप प्रदान किया। ग्रैमी-नामांकित कलाकार राजा कुमारी ने अपनी भक्ति रचनाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साधो – द बैंड, अभंग रेपोस्ट, और निर्वाण स्टेशन जैसे इंडी बैंड्स ने भी प्रस्तुति दी, जो भारतीय भक्ति संगीत की कालजयी विरासत को नए युग के अनुरूप पुनः परिभाषित कर रहे हैं। इस शुभ दिन का प्रारंभ लाखों श्रद्धालुओं द्वारा आश्रम के पावन शिव मंदिर में जलाभिषेक से हुआ। पूरे उत्सव के दौरान, आर्ट ऑफ लिविंग के  स्वयंसेवकों ने सभी भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया। रात्रि जब परम निस्तब्धता में विलीन हुई, तब साधक शिव तत्त्व की अनुकंपा में डूबे और  भक्ति और कृतज्ञता से परिपूर्ण हो गए। यह महाशिवरात्रि केवल एक उत्सव नहीं था—यह एक ऐतिहासिक क्षण था। पवित्र ज्योतिर्लिंग अवशेषों के भव्य पुनर्प्रतिष्ठापन से पहले उनके प्रथम दर्शन के साथ, यह रात्रि श्रद्धा, भक्ति और सनातन धर्म की अनंत शक्ति का दिव्य प्रमाण बन गई। recent visitors 76

माडा पुलिस ने अफीम की अवैध खेती के खिलाफ की बड़ी कार्यवाही

माडा पुलिस ने अफीम की अवैध खेती के खिलाफ की बड़ी कार्यवाही 450 नग पौधे हुये जप्त, घर के बाउंड्री में अफीम की खेती, हुआ गिरफ्तार सिंगरौली बैढ़न जिले की माडा पुलिस ने आज एक सेवानिवृत एनसीएल कर्मी को अफीम की अवैध खेती करने के आरोप में अफीम के 450 पौधे के साथ गिरफ्तार कर अवैध मादक पदार्थो के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की गयी है। वही जिला पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने आज शाम 4:00 बजे रुस्तम जी सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुये बताया कि  "आपरेशन प्रहार" के तहत जिले भर मे अवैध मादक पदार्थो की तस्करी एवं संग्रहण और खेती में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ लगातार धर पकड़ अभियान चलाया जा रहा है और वही इस दौरान विगत दिवस कल दिनांक 25 फ़रवरी 2025 को मुखबिर द्वारा माडा थाना क्षेत्र के ग्राम धनहरा निवासी गोवर्धन प्रसाद जायसवाल पिता सीताराम जायसवाल उम्र 60 वर्ष द्वारा अपने घर के पीछे बाउंड्री बाल के अंदर अवैध अफीम की खेती करने की सूचना प्राप्त हुयी थीं जिसकी टीम गठित कर एसडीओपी मोरवा कृष्ण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में ड्रोन कैमरे से वीडियो व फोटो लेकर जाँच की गयी जिसमे लगभग 450 नग अफीम के पौधे लगे हुये थे। वही आरोपी के घर छापामार कार्यवाही कर अफीम के पौधों के साथ गिरफ्तार कर जब्ती की गयी जब्त पौधों की बाजार मूल्य एक लाख रूपये आकी गयी है आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस  एक्ट की धारा 8/18सी के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। उक्त कार्यवाही मे जिला पुलिस अधीक्षक श्री खत्री ने बताया कि माडा थाना प्रभारी  निरीक्षक शिवपुजन मिश्रा, एसआई के एस करिहार, शेष नारायण दुबे, प्रधान आरक्षक धीरेन्द्र, संत कुमार, गणेश रावत अनिल गर्ग, आरक्षक राहुल सिंह, अखिल साहू , अजय यादव संदीप सिंह लोधी की अहम भूमिका रही। recent visitors 45

उज्जैन में हुआ विक्रम उत्सव व्यापार मेले का शुभारंभ

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान महाकाल की नगरी में आशीर्वाद प्राप्त होता है, जो आपके जीवन में सुरक्षा प्रदान करता है। मेले लोगों का जो उत्साह है वो अलग ही प्रतीत हो रहा है। प्रथम वर्ष में ही उज्जैन व्यापार मेले मे अनेक उपलब्धियां प्राप्त कर ली थी। इस वर्ष उज्जैन व्यापार मेले में उम्मीद से अधिक व्यापार होने का अनुमान है। उज्जैन में महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय पर्यटन संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एवं जिंबॉब्वे के उप मंत्री मोदी के मुख्य अतिथ्य में उज्जैन के विक्रम व्यापार मेले का शुभारंभ हुआl इस अवसर पर स्थानीय विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा महापौर मुकेश टटवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव और अन्य जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह व्यापार मेला उज्जैन को व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। आज उज्जैन पर्यटन ,संस्कृति, धार्मिक नगरी के साथ व्यापार का भी बड़ा केंद्र बन गया है। उज्जैन विकास के नये आयाम स्थापित कर रहा है। बड़ी-बड़ी कंपनियां यहाँ आकर निवेश कर रही हैl मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30 लाख करोड़ से अधिक का निवेश मध्यप्रदेश को प्राप्त हुआ है। उज्जैन जिले को इसका लाभ मिलेगा उज्जैन में भी अनेक कंपनियों के द्वारा निवेश के प्रस्ताव आए हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का व्यापार विस्तृत प्रकार का रहा होगा, यह मेला उज्जैन के उस काल को याद दिलाता है, जब उज्जैनी को स्वर्ण नगरी भी कहा जाता था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के काल गणना केंद्र के महत्व को भी बताया और यह भी बताया कि राशियों के अध्ययन् केंद्र बिंदु भी उज्जैन रहा है। वैदिक घड़ी इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। राजस्थान के राजा जयसिंह के द्वारा यहां पर कॉल गणना केंद्र स्थापित किया गया जो वैज्ञानिकता का सर्वोच्च उदाहरण है। उज्जैन का हजारों वर्ष प्राचीन इतिहास है। यहां की धरा में अकूत रत्न स्वर्ण मुद्रा,वस्तुएं सोने के सिक्के हैं। उज्जैन व्यापार मेले में भी ऐसे ही सोने के सिक्के कर की छूट के रूप में प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो छूट आपको प्राप्त हो रही है, वह स्वर्ण के समान ही हैं। उज्जैन के नये युवा नवाचार करने के लिए आगे आए और व्यापार में नए आयाम स्थापित करें। उज्जैन नगरी को विक्रमादित्य की स्वर्ण नगरी के रूप में स्थापित करने के लिए आप सभी का सहयोग अपेक्षित है। व्यापार मेले के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राहकों को शुभकामनाएं देते हुए कार की चाबियाँ भी सौंपी। मेला परिसर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा जिला पंचायत की ग्राम पंचायत को गीला-सूखा कचरा एकत्रित करने के लिए 10 कचरा वाहन की चाबी भी सौंपी। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने अपने संबोधन में कहा कि आज उज्जैन का विकास दिख रहा है। उज्जैन नगरी का यह स्वर्णिम काल दिख रहा है आने वाले सिंहस्थ-2028 के पहले उज्जैन वास्तव में अपने उसे वैभव को प्राप्त कर लेगा जो हमने इतिहास में पढ़ा हैl उन्होंने उज्जैन के व्यापार मेले के नये आयाम स्थापित करने के लिये उज्जैन वासियों को शुभकामनाएं दी। केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच और उनकी परिकल्पना से प्रदेश सभी क्षेत्रों मे प्रगति कर रहा है। दो दिनों तक आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इसका उदाहरण है। जिम्बाब्वे के उप मंत्री एम.के. मोदी ने कहा कि यहां आकर लग रहा है कि सरकार के द्वारा आम जनता के लिए बेहतर काम किया जा रहा है। मैं पहली बार देख रहा हूँ कि सरकार टैक्स में भी 50% की छूट देती है। उज्जैन वास्तव में व्यापार का केंद्र बने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयास बहुत ही शानदार हैं। जिम्बाब्वे के लोगों को इसके फायदों से भी हम अवगत कराएंगेl आने वाले समय में जिम्बाब्वे और मध्यप्रदेश एक-दूसरे से सीख कर आगे बढ़ेंगे। उज्जैन विक्रम व्यापार मेले में 10 से अधिक कार कंपिनयों के द्वारा अपने स्टॉल यहां लगाए गए हैं। इसके साथ ही टू-व्हीलर ,इलेक्ट्रिक व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल कंपनी के द्वारा भी अपने स्टॉल लगाए गए हैं।   recent visitors 30