दरा नाल क्षेत्र में जाम समस्या से मिलेगी निजात चौड़ाई बढ़ाने के लिए 46 करोड़ रुपए स्वीकृत -पंचायती राज मंत्री

जयपुर पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को विधान सभा में शून्यकाल में कहा कि सुगम यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा हमारी सरकार की प्राथमिकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग 52 के दरा नाल क्षेत्र में जाम की गंभीर समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने 46 करोड़ रुपए स्वीकृत किए है। श्री दिलावर ने सदस्य श्री सुरेश गुर्जर के प्रश्न पर जवाब देते हुए कहा कि नाल क्षेत्र में निर्माण कार्य शीघ्र ही शुरू कराया जाएगा। इससे कोटा से झालावाड़ के बीच 6 किलोमीटर के दरा नाल क्षेत्र में सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर दोगुनी की जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे सिंगल लेन में जाम की स्थिति से निजात मिलेगी। recent visitors 54

पंडित दीन दयाल उपाध्याय प्रतिमा का जीर्णोद्धार शीघ्र होगा पूर्ण -गृह राज्य मंत्री

जयपुर गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने शुक्रवार को विधान सभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय देश के लिए सम्माननीय है। डीडवाना स्थित अस्पताल सर्किल पर पंडित दीन दयाल उपाध्याय प्रतिमा पर तोड़फोड़ करने वाले असामाजिक तत्वों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं हो, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा। श्री बेढ़म ने कहा कि स्थानीय प्रशासन ने दोषी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। आमजन से जांच पड़ताल अनुसार वह व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ है। इसके लिए उनके परिजनों को उसे घर पर ही रखने की हिदायत दी गई है। गृह राज्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में इस सर्किल का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। सर्किल की सुरक्षा के लिए नगर परिषद द्वारा सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सर्किल पर विनिर्मित स्तंभ की क्षतिग्रस्त जालियों के स्थान पर स्टील की जालियां और रेलिंग लगाकर स्तंभ का सुदृढ़ीकरण तथा सौंदर्यीकरण कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। recent visitors 43

छिंदवाड़ा में बिल्लियों की मौत के बाद जांच, प्रशासन के सख्त आदेश, 40 हजार अंडे नष्ट किए, मटन-चिकन की बिक्री पर पाबंदी लगाई

छिंदवाड़ा  पिछले कुछ समय से अमेरिका से बर्ड फ्लू (Bird Flu) की खबरें लगातार सामने आ रही थी. अमेरिका में बर्ड फ्लू के मामलों में इजाफा देखने को मिल रहा था. यहां तक कि इसांनों में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आ रहे थे. मगर, अब भारत के स्वास्थ्य विभाग की नींदें उड़ गई हैं. दरअसल, पहली बार देश में पालतू बिल्लियों में बर्ड फ्लू (H5N1) पाया गया है. इससे चिंता बढ़ गई है. यह वायरस इंसानों को भी संक्रमित कर सकता है. इस राज्य का मामला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बर्ड फ्लू का खतरा कम होने का नाम नहीं ले रहा है. जिले में पालतू बिल्लियों में बर्ड फ्लू (H5N1) का पहला मामला सामने आया है. 18 बिल्लियों की मौत के बाद जांच के लिए पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरलॉजी में सैंपल भेजे गए थे, जिनमें से दो बिल्लियों में बर्ड फ्लू पाया गया. बता दें कि, देश में ऐसा पहली बार हुआ है जब बिल्लियों में बर्ड फ्लू पाया गया है. प्रशासन ने लगाई पाबंदियां बिल्लियों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है. उन्होंने 30 दिन के लिए मटन-चिकन और अंडों की खरीदी-बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है. साथ ही संक्रमित क्षेत्र की सभी मटन और चिकन की दुकानों को सील कर दिया गया है. इसके साथ ही बिल्लियों के संपर्क में आए लोगों की भी जांच की जा रही हैं. सभी 65 व्यक्तियों के सैंपल भेजे गए थे. हालांकि, सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आने से फिलहाल छिंदवाड़ा में H5N1 का खतरा टल गया है. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है. प्रशासन के सख्त आदेश कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत सख्त आदेश जारी किए हैं. इसके तहत संक्रमित पोल्ट्री फॉर्म के एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित क्षेत्र घोषित किया गया है, जहां सभी चिकन शॉप और पोल्ट्री फार्म पूरी तरह से बंद रहेंगे. इसके अलावा 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र भी घोषित किया गया है. सभी पोल्ट्री फार्म, बैकयार्ड पोल्ट्री, चिकन शॉप और अंडे की दुकानों को हर रोज कीटाणुरहित और सैनिटाइज किया जाएगा. संक्रमित क्षेत्र में पाए जाने वाले सभी मुर्गियों और उनके उत्पादों को पशु चिकित्सा विभाग और नगर निगम के सहयोग से नष्ट किया जा रहा है. संक्रमित क्षेत्र में चिकन और पोल्ट्री प्रोडक्ट्स की बिक्री और ट्रांस्पोर्टेशन पर एक महीने के लिए पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है. कुछ लोगों के भी सैंपल्स जांच के लिए भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है. सभी 65 व्यक्तियों की रिपोर्ट नेगेटिव शहरी क्षेत्र छिंदवाड़ा में पशु विभाग की ओर से लिए गए सैंपल में 2 बिल्लियों के सैंपल में H5N1 पॉजिटिव पाए जाने के बाद सीएमएचओ ने एक टीम बनाई थी। टीम ने संक्रमित क्षेत्र में बिल्लियों के संपर्क में आए 65 व्यक्तियों के सैंपल H5N1 की जांच के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरलॉजी, पुणे भेजे गए थे। सभी 65 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आने से फिलहाल छिंदवाड़ा में H5N1 का खतरा टल गया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। एक महीने के लिए सभी दुकानें बंद 31 जनवरी को बिल्लियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए संक्रमित क्षेत्रों में 30 दिनों के लिए सभी मटन और चिकन दुकानों को सील कर दिया था। जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मटन और चिकन दुकानों और आसपास के इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया। नगर निगम के वार्ड नंबर 6, 7, 8, 28, 29, 30, 31, 41 और 45 को संक्रमित घोषित किया गया था। इसके साथ ही नगर निगम क्षेत्र और ग्राम पंचायत लिंगा को निगरानी क्षेत्र में रखा गया है। प्रशासन ने उठाए ये कदम:     सभी चिकन दुकानें और पोल्ट्री फॉर्म तत्काल बंद कर दिए गए।     चिकन और पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री व परिवहन पर रोक लगा दी।     संक्रमित क्षेत्र की सभी मुर्गियों और उनके उत्पादों को नष्ट करने का आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट-चिकन और अंडे न खाएं स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में चिकन दुकान मालिकों और पशुपालकों के परिवारों के सैंपल लेने के बाद नागरिकों से अपील की है कि वे चिकन और अंडों का सेवन न करें। साथ ही अपने पालतू जानवरों को कच्चा मांस न खिलाएं। बीमार या मृत पक्षियों की सूचना तत्काल प्रशासन को दें। बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लगातार निगरानी रख रहा है। नागरिकों से भी सतर्क रहने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। कलेक्टर की अपील- गाइडलाइन का पालन करें छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने बताया कि   recent visitors 42

मध्यप्रदेश खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा है। प्रदेश खनिजों की प्रचुरता और सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के कारण देश की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खनन क्षेत्र न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि देश के औद्योगिक विकास और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा खनन के क्षेत्र में सतत विकास हो रहा है। इससे न केवल आर्थिक विकास हो रहा है, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस-भोपाल में खनन एवं खनिज संसाधन के अंतर्गत 3.22 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें 55 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा, जो प्रदेश के लिये बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की सक्रिय नीतियों से खनन क्षेत्र निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। राज्य खनन उद्योग में देश का अग्रणी केन्द्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जीआईएस में निवेश करने वाली कम्पनियाँ और उनके क्षेत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनन क्षेत्र में देश की लीडिंग कम्पनियों ने रुचि दिखाई है। आने वाले समय में अडानी ग्रुप, रीवा, जबलपुर में, गोल्ड क्रेस्ट सीमेंट प्रायवेट लिमिटेड उज्जैन में, ऑरो कोल प्रायवेट लिमिटेड शहडोल में, आदित्य बिड़ला, ईएमआईएल माइंस एण्ड मिन रेस लिमिटेड रीवा में, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, आदित्य बिड़ला ग्रुप रीवा में, स्टॉक्स वर्क्स प्रायवेट लिमिटेड जबलपुर में, सारदा एनर्जी एण्ड मिनरल्स लिमिटेड शहडोल में, जे.के. सीमेंट लिमिटेड शहडोल में, प्राइम-4 इंस्पेक्शन एलएलसी भोपाल में, रेकन केमिकल्स इंदौर में, बिड़ला कॉर्पोरेशन लिमिटेड रीवा में और रामदास वर्मा एण्ड कम्पनी शहडोल में खनिज के क्षेत्र में कार्य करेगी। खनिज संसाधनों में अग्रणी राज्य मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कॉपर अयस्क, मैग्नीशियम अयस्क और हीरे के उत्पादन में भारत में प्रथम स्थान पर है। यह देश का एकमात्र हीरा उत्पादक राज्य है, जो खनन उद्योग में एक विशिष्ट पहचान दिलाता है। प्रदेश रॉक फॉस्फेट में दूसरा, चूना पत्थर (लाइम स्टोन) में तीसरा और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खनिज संसाधन थर्मल पॉवर प्लांट, सीमेंट निर्माण, फेरोएलॉय, संगमरमर कटिंग और पॉलिशिंग इकाइयों तथा रिफैक्ट्री उद्योगों के विकास में सहायक है। इससे खनिज उद्योगों को निरंतर बढ़ावा मिल रहा है और मध्यप्रदेश खनन और औद्योगिक विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। खनन ब्लॉक नीलामी में ऐतिहासिक उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने खनन ब्लॉक नीलामी में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। निवेश अनुकूल नीतियों के कारण वर्ष 2023 में 85 खनन ब्लॉकों की रिकॉर्ड नीलामी कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मध्यप्रदेश को जुलाई-2022 में भारत सरकार द्वारा खनिज नीलामी में सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिये प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। साथ ही लौह-अयस्क, चूना पत्थर और बॉक्साइट के खनिज नीलामी में दूसरा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को वर्ष-2024 में दूसरे राज्य खनन मंत्रियों के सम्मेलन में खनन ब्लॉक नीलामी और सक्रिय खनन पहल के सम्मानित किया गया है। यह राज्य की खनन क्षेत्र में उत्कृष्टता और दूरदर्शी नीतियों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश अनुकूल नीतियाँ बनाते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने खनन के क्षेत्र में सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएँ सुनिश्चित की हैं, जिससे घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिये आकर्षक अवसर उपलब्ध हों। मजबूत अधोसंरचना विकास के अंतर्गत राज्य में खनन हब सड़क, रेल और बंदरगाह उत्कृष्ट रूप से जुड़े हुए हैं। इससे परिवहन और निर्यात में आसानी होगी। राज्य में प्रशिक्षित श्रमिकों की प्रचुर उपलब्धता है, जो खनन और खनिज आधारित उद्योगों की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में सरकार पर्यावरण संवेदनशील और सतत खनन प्रथाओं को बढ़ावा दे रही है। इससे प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग होगा। कॉपर और रणनीतिक खनिज अन्वेषण के लिये एमओयू से सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा जीआईएस-भोपाल में मध्यप्रदेश सरकार, एमपी स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड ने मिलकर नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (एनएमईटी) फण्ड का उपयोग करने के लिये एक समझौता ज्ञापन एमओयू हुआ। इस पहल से हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड तांबे और अन्य रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण का नेतृत्व करेगा। खनिज निष्कर्षण व्यवहारिक पाया जाता है, तो 51:49 की भागीदारी के साथ एक संयुक्त उद्यम स्थापित किया जायेगा। इससे पहले 5 वर्षों में सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा। जीआईएस भोपाल मध्यप्रदेश को खनन क्षेत्र में सिरमौर राज्य बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।   recent visitors 39

फिर मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त करने की मांग, मठ-मंदिर पुजारी संगठन ने HC में लगाई याचिका

इंदौर     मठ-मंदिर पुजारी संगठन ने मध्यप्रदेश शासन के अधिकारियों पर मंदिरों के कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि शासन द्वारा मंदिर और मंदिर संपत्ति/भूमि को सरकारी नियंत्रण में लेने से धार्मिक संप्रदाय के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्‍होंने आरोप लगाए कि प्रदेश के मठ और मंदिरों की जमीन पर कब्‍जे किए जा रहे हैं। हाईकोर्ट में दायर की  याचिका : संगठन ने माननीय उच्च न्यायालय इंदौर में रिट याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने मध्यप्रदेश शासन धर्मस्व विभाग, राजस्व विभाग, आयुक्त इंदौर, कलेक्टर इंदौर को नोटिस जारी करने की मांग की है। मंदिरों की भूमि पर कर रहे कब्जे : संगठन के अध्यक्ष ऋषभ बैरागी ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन के अधिकारी मंदिरों की भूमि पर अवैध कब्जा कर रहे हैं और मंदिरों की संपत्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं। संगठन ने माननीय उच्च न्यायालय से प्रार्थना की है कि धार्मिक संप्रदाय के पुजारियों को अनुच्छेद 26 में प्राप्त मौलिक अधिकार लागू किया जाए और मंदिरों को वर्गीकृत कर अतिक्रमण कब्जा भूमियों से हटाकर मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त किया जाए। याचिका में की गई ये मांग दायर की गई याचिका में धार्मिक समुदाय के पुजारियों को संविधान के अनुच्छेद 26 के तहत मिले मौलिक अधिकार लागू करने की मांग की गई है. इसके अलावा मंदिरों को उनकी श्रेणी के अनुसार वर्गीकृत करने के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाए. मंदिरों पर अतिक्रमण और अवैध कब्जे हटाए जाने और उन्हें सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाने की भी मांग शामिल है. संगठन ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप मठ-मंदिर पुजारी संगठन का कहना है कि यह संगठन शैव, वैष्णव, दशनामी, रामानंद और निंबार्क जैसे धार्मिक संप्रदायों से जुड़े पुजारियों का प्रतिनिधित्व करता है. संगठन के अनुसार, सरकार मंदिरों की जमीन और संपत्तियों को अपने नियंत्रण में लेकर पुजारियों और धार्मिक संगठनों के अधिकारों का उल्लंघन कर रही है. संगठन के अध्यक्ष ऋषभ बैरागी ने कहा कि सरकार के नियंत्रण में आने के बावजूद मंदिरों की संपत्तियों का सही तरीके से प्रबंधन नहीं किया जा रहा है. सरकारी अधिकारियों की मनमानी के कारण मंदिरों की आय का दुरुपयोग हो रहा है. मध्य प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, देवास, गुना, ग्वालियर, धार, रतलाम, नीमच, मंदसौर, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, शाजापुर, राजगढ़, आगर मालवा समेत कई जिलों में करीब 50,000 मंदिर और 1 लाख हेक्टेयर भूमि मंदिरों के नाम पर दर्ज है. संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया तो राज्य भर में "मंदिर मुक्ति अभियान" चलाया जाएगा, ताकि हिंदू धार्मिक स्थलों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जा सके. किन मंदिरों में पाई गईं प्रबंधन गड़बड़ियां? संगठन के अनुसार, कई मंदिरों के प्रबंधन में अनियमितताएं सामने आई हैं. इनमें देपालपुर: रुंजाजी गांव का श्री राम मंदिर, गौतमपुरा का श्री कृष्णेश्वर गोमतश्वर मंदिर, श्री जैन मंदिर और श्री महादेव मंदिर (बारादाखेड़ी) हातोद: अटावदा का श्री गौरा देवी मंदिर, राऊ के सोनवाय गांव का श्री राम मंदिर, महू: पांजारिया गांव का श्री खेड़ापति मंदिर प्रमुख मंदिर हैं. 2008 में धर्मस्व विभाग ने प्रदेश के सभी मंदिरों को तीन श्रेणियों में बांटने के निर्देश दिए थे. सरकार द्वारा संचालित मंदिर, ट्रस्ट द्वारा संचालित मंदिर, निजी स्वामित्व वाले मंदिर. संगठन का आरोप है कि सरकार बिना किसी कानूनी आदेश के मंदिरों की जमीनों पर कब्जा कर रही है. 1964 से पहले दर्ज मंदिरों की संपत्ति पर सरकार का अधिकार नहीं बनता, लेकिन प्रशासन इन्हें जबरदस्ती सरकारी संपत्ति घोषित कर रहा है. 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसला दिया था कि जिला कलेक्टर को मंदिरों के प्रबंधन का अधिकार नहीं है, बावजूद इसके सरकार मंदिरों की संपत्तियों का नियंत्रण अपने हाथ में ले रही है. संगठन ने मांग की है कि मंदिरों की भूमि की नीलामी पर स्थायी रोक लगाई जाए और पुजारियों को उनके अधिकार सौंपे जाएं. recent visitors 37

माइनिंग अधिकारी खुशबू वर्मा भीड़ में फंसी, खड़ी पनडुब्बी पर कार्रवाई करने पहुंची , तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर टीम को लौटाया

सीहोर  मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में ग्रामीणों ने एक खनिज अधिकारी को बंधक बना लिया है। खनिज अधिकारी छिदगांव स्थित काछी में कार्रवाई करने पहुंची थीं। उन्हें सूचना मिली थी कि खलिहान में पनडुब्बी खड़ी है। उसी को जब्त करने वह अमले के साथ पहुंचीं। इस दौरान ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने मैडम को घेर लिया। सूचना के बाद तहसीलदार मौके पर पहुंचे और समझाइश देकर खनिज अधिकारी को भीड़ से निकाला है। लौट गई टीम दरअसल, नर्मदा किनारे छिदगांव में खनिज विभाग का अमला कार्रवाई के लिए पहुंचा था। खनिज इंस्पेक्टर खुशबू वर्मा की नजर खेत में खड़ी पनडुब्बी पर पड़ी, जिस पर वह कार्रवाई करने लगी। खेत में खड़ी पनडुब्बी पर कार्रवाई से ग्रामीण नाराज हो गए और ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। इस दौरान भीड़ के बीच खनिज अधिकारी फंस गईं। सूचना के बाद तहसीलदार पहुंचे सूचना के बाद भेरूंदा के तहसीलदार सौरभ शर्मा पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों ने तहसीलदार को बताया कि पनडुब्बी खलिहान में पिछले 6 महीने से खड़ी है। इसके बाद भी खनिज इंस्पेक्टर के द्वारा इस पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं, तहसीलदार ने ग्रामीणों से बात की। इसके बाद खनिज विभाग के अमल को बैरंग लौटना पड़ा। वहीं, इसके फोटो वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। मामले को लेकर तहसीलदार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर लोगों के बयान लिए गए। इसमें पता चला है कि मशीन जो है खेत में खड़ी थी, जिस पर खनिज विभाग की कार्रवाई गलत है। खड़ी मशीन पर कार्रवाई नहीं की जा सकती है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर ग्रामीणों के बीच घिरी खनिज अधिकारी की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इसके बाद खनिज अधिकारी की फजीहत भी हो रही है। recent visitors 29

शाओमी 15 अल्‍ट्रा स्‍मार्टफोन को चीन में लॉन्‍च

नई दिल्ली शाओमी 15 अल्‍ट्रा स्‍मार्टफोन को चीन में लॉन्‍च कर दिया गया है। यह फोन इसलिए भी चर्चाओं में है, क्‍योंकि मोबाइल वर्ल्‍ड कांग्रेस 2025 (MWC) में शाओमी इसे दिखाने वाली है। Xiaomi 15 Ultra में 16 तक जीबी रैम दी गई है। 6.73 इंच वाली 2K TCL स्‍क्रीन इस फोन में है। यह सबसे फास्‍ट प्रोसेसरों में शामिल Snapdragon 8 Elite से पैक्‍ड है और 6000 एमएएच की बैटरी ऑफर करता है। नए शाओमी फोन में ढेर सारे कैमरे हैं, जिनमें सबसे बड़ा सेंसर 200 मेगापिक्‍सल का है। इसका टॉप मॉडल डुअल सैटेलाइट कम्‍युनिकेशन सपोर्ट के साथ आता है। ग्‍लोबल मार्केट्स में यह फोन कबतक आएगा, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। Xiaomi 15 Ultra कीमत, उपलब्‍धता Xiaomi 15 Ultra फोन को क्‍लासिक ब्‍लैक एंड सिल्‍वर, पाइन और साइप्रस ग्रीन, वाइट और ब्‍लैक कलर्स में लाया गया है। शुरुआती कीमत 6499 युआन यानी करीब 78 हजार रुपये है। टॉप मॉडल में 16GB + 1TB कॉन्‍फ‍िगरेशन मिलता है और वह डुअल सैटेलाइट वर्जन के साथ आता है। कीमत 7999 युआन यानी करीब 96 हजार रुपये है। चीन में यह फोन ऑर्डर के लिए उपलब्‍ध है और 3 मार्च से सेल में जाएगा। Xiaomi 15 Ultra का ग्‍लोबल लॉन्‍च Xiaomi 15 फोन के साथ 2 मार्च को होना है। इंडिया लॉन्‍च भी मार्च में होने वाला है। Xiaomi 15 Ultra स्‍पेसिफ‍िकेशंस, फीचर्स Xiaomi 15 Ultra में 6.73 इंच का 2K OLED डिस्‍प्‍ले दिया गया है। डिस्‍प्‍ले में 3100 x 1440 पिक्‍सल्‍स रेजॉलूशन मिलता है। पीक ब्राइटनैस 3200 निट्स है और यह वेरिएबल रिफ्रेश रेट के साथ आता है। HDR10+, डॉल्‍बी विजन ऐसी खूबियां हैं, जो Xiaomi 15 Ultra में दी गई हैं। डिस्‍प्‍ले में सिरेमिक ग्‍लास प्रोटेक्‍शन दिया गया है। Xiaomi 15 Ultra रैम और प्रोसेसर Xiaomi 15 Ultra रन करता है लेटेस्‍ट Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर पर। फोन में मिनिमम 12 जीबी रैम और अधिकतम 16 जीबी रैम जोड़ी गई है। इंटरल स्‍टोरेज 256 जीबी से 1 टीबी तक है। यह फोन शाओमी हाइपरओएस 2.0 पर काम करता है। Xiaomi 15 Ultra में कितने कैमरे नए शाओमी फोन में ढेर सारे कैमरा दिए गए हैं। 50MP का मेन कैमरा इसमें है, जो लाइका का सेंसर है और ऑप्टिकल इमेज स्‍टेबलाइजेशन को सपोर्ट करता है। फोन में 50MP का अल्‍ट्रा वाइड एंगल कैमरा, 50 एमपी का टेल‍िफोटो कैमरा दिया गया है। 200 एमपी का एक सुपर टेलिफोटो कैमरा इस फोन में है, जो 8K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है। सेल्‍फी कैमरा 32 मेगापिक्‍सल का है। 90वॉट फास्‍ट चार्जिंग का सपोर्ट Xiaomi 15 Ultra में 6 हजार एमएएच की बैटरी दी गई है। यह 90 वॉट की वायर्ड फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है और 80 वॉट की वायरलैस चार्जिंग ऑफर करती है। रिवर्स वायरलैस चार्जिंग का ऑप्‍शन भी फोन में है। अन्‍य खूबियों के तौर पर इस फोन में इन-डिस्‍प्‍ले फ‍िंगरप्रिंट सेंसर, इन्‍फ्रारेड सेंसर जैसी खूबियां हैं। IP68 रेटिंग इसे मिली है, जो फोन को डस्‍ट और वॉटरप्रूफ बनाती है। फोन का वजन करीब 229 ग्राम है। recent visitors 57