Friday, July 10, 2026 2:12 pm

फिर अतुल सुभाष जैसा मामला सामने आया, पत्नी से परेशान TCS मैनेजर ने लगाई फांसी, माता-पिता को कोई परेशान न करे

आगरा आगरा में अतुल सुभाष जैसा सुसाइड सामने आया है। यहां पत्नी से परेशान TCS मैनेजर ने फांसी लगा ली है। मानव ने फंदा डालकर रोते हुए वीडियो बनाया। मानव ने कहा कि उनके माता-पिता को कोई परेशान न करे। यूपी में एक बार फिर अतुल सुभाष जैसा मामला सामने आया है। मल्टीनेशनल कंपनी टीसीएस के एक मैनेजर ने पत्नी से तंग आकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने एक वीडियो सोशल मीडिया पर डाला और उसमें रोते हुए अपना सारा दर्द बयां किया। टीसीएस मैनेजर मानव शर्मा ने आत्महत्या से पहले बनाई वीडियो में खुलासा किया कि वो पत्नी के उत्पीड़न से परेशान हैं। साथ ही उसने मांग की कि कानून पुरुषों को भी सुरक्षा दे। मानव शर्मा ने गले में फंदा लगाकर वीडियो बनाया और कहा कि उनके माता-पिता को कोई परेशान न करे। गले में फंदा बांधकर बनाया वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट की 6 मिनट 56 सेकेंड के वीडियो में मानव शर्मा गले में फंदा लगाकर बात कर रहे हैं। फंदे का एक छोर पंखे से बंधा है। इस वीडियो में मानव कह रहे हैं कि ये उन अधिकारियों के लिए जो पुलिस और कानून से जुड़े हैं। कानून पुरुषों को सुरक्षित रखने के लिए होना चाहिए नहीं तो ऐसा समय आएगा कि कोई आदमी बचेगा नहीं जिस पर इल्जाम लगा सको। मैं अपना बताता हूं मेरा सभी की तरह ही है। मेरी पत्नी का पता चला कि किसी के साथ संबंध है। लेकिन कोई बात नहीं। मुझे जाने से कोई दिक्कत नहीं है। मैं तो जाना चाहता हूं। मर्दों का सोचो। मर्दों के बारे में कोई तो बात करे। बेचारे बहुत अकेले हैं। माता-पिता से मांगी माफी इसके बाद मानव शर्मा वीडियो में रोते हुए दिखे। उन्होंने इसके बाद अपने परिवार से माफी मांगी। उन्होंने कहा पापा सॉरी, मम्मी सॉरी। मेरे जाते ही सब कुछ ठीक हो जाएगा। अच्छा मैं समझ रहा हूं कि कैसे मरते हैं। लेकिन तब तक फिर गुजारिश करुंगा कि अपनी जिंदगी में शामिल मर्दों के बारे में सोचो। मैं हमेशा सब छोड़ने वालों में से रहा। मैंने पहले भी सुसाइड की कोशिश की है कई बार। उन्होंने अपनी कलाई पर लगे कट के निशान भी दिखाए। रोते हुए बयां किया दर्द मानव शर्मा ने वीडियो में कहा कि मुझे छोड़ो बस आप लोग अपना सभी ध्यान रखो। उन्होंने कहा चलो ठीक है पीस आउट। तुम्हारा लॉ एंड ऑर्डर, लॉ एंड ऑर्डर, लॉ एंड ऑर्डर ढंग से करो अगर करना है लेकिन नहीं तो फिर ठीक है जाएंगे कोई दिक्कत नहीं है। माता-पिता को नहीं करना टच मानव शर्मा ने आखिर में कहा कि इतना मैं कहना चाहता हूं कि मेरे मां-बाप को टच नहीं करना। इतना कहते हुए वीडियो बीच में बंद होता दिखा। इसके बाद बताया जा रहा है कि मानव शर्मा ने आत्महत्या कर ली। पुलिस वीडियो का संज्ञान लेकर मामले की जांच में जुटी है। recent visitors 56

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के पास अलीबाग में समुद्र में एक नाव में आग लग गई है, 20 लोग थे सवार

मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के पास अलीबाग में समुद्र में एक नाव में आग लग गई है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इस नाव पर 18-20 यात्री सवार थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार रात करीब 10 बजे एक मछली पकड़ने वाली नाव में भीषण आग लग गई। आग लगने का वास्तविक कारण क्या है, इसके बारे में फिलहाल सटीक जानकारी सामने नहीं आई है। आग लगने की इस घटना में नाव 80 प्रतिशत जल गई। नाव के ऊपर लगा जाल भी जल गया है। बताया जा रहा है कि नाव पर 18 से 20 लोग सवार थे। सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। नाव का मालिक साखर गांव का राकेश मारुति है। प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी। स्थानीय लोगों की मदद से नाव को किनारे पर लाया गया और आग बुझाने का काम जारी है। रायगढ़ एसपी ने घटना की जानकारी देते हुए कहा, ''रायगढ़ जिले के अक्षी अलीबाग में तट से 6-7 समुद्री मील दूर राकेश गण नामक व्यक्ति की मछली पकड़ने वाली नाव में सुबह 3-4 बजे के आसपास आग लग गई। भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना ने नाव से सभी 18 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया।'' इससे पहले भी एक नाव में आग लग चुकी है। 2 दिसंबर 2023 को अलीबाग के मांडवा पोर्ट पर एक निजी स्पीड बोट में आग लग गई थी। दुर्घटना में दो लोग घायल हो गए थे। मुंबई गेटवे से मांडवा बंदरगाह में प्रवेश कर रही एक नाव में आग लग गई थी। आग नाव में लगे जनरेटर के कारण लगी थी। नाव घाट से लगभग 300 मीटर दूर खड़ी थी। इस दुर्घटना में नाव को लाखों रुपए का नुकसान हुआ था। सौभाग्यवश, दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। दो लोग मामूली रूप से घायल हो गए। recent visitors 40

दिल्ली कैपिटल्स महिला और मुंबई इंडियंस महिला के बीच आज होगी भिड़ंत

बेंगलुरु दिल्ली कैपिटल्स महिला और मुंबई इंडियंस महिला के बीच विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) का 13वां मैच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। यह दोनों टीमों के बीच एक रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों टीमें इस सीजन में शानदार फॉर्म में हैं और अंक तालिका में शीर्ष दो स्थानों पर काबिज हैं।   दोनों टीमों का अब तक का प्रदर्शन मुंबई इंडियंस महिला : मौजूदा चैंपियन मुंबई इंडियंस इस सीजन में भी मजबूत स्थिति में है। टीम ने अब तक लगातार तीन मैच जीते हैं, जिसमें उनकी एकमात्र हार दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ वडोदरा में हुई थी। नैट सिवर-ब्रंट इस टीम की सबसे बड़ी ताकत रही हैं, जिन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी कप्तान हरमनप्रीत कौर और युवा भारतीय खिलाड़ियों ने भी टीम को संतुलित बनाया है। हालांकि, टीम में कुछ कमजोरियां हैं, लेकिन सिवर-ब्रंट के ऑलराउंड प्रदर्शन ने इन्हें ढक दिया है। दिल्ली कैपिटल्स महिला : दिल्ली का यह सीजन अब तक मिला-जुला रहा है। हाल ही में गुजरात जायंट्स के खिलाफ आसान जीत ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। उस मैच में जेस जॉनासन को नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिए प्रमोट करने का फैसला सही साबित हुआ था। हालांकि, कप्तान मेग लानिंग की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले सीजन में मुंबई के खिलाफ 45 से अधिक के औसत से रन बनाने वाली लानिंग इस बार अभी तक अपनी लय हासिल नहीं कर पाई हैं। दूसरी ओर, युवा ऑफ-स्पिनर संस्कृति गुप्ता ने हालिया मैच में प्रभावित किया है और अपनी जगह पक्की करने की कोशिश में हैं। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड दोनों टीमों के बीच अब तक महिला प्रीमियर लीग में 5 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें मुंबई ने तीन और दिल्ली ने दो में जीत हासिल की है। इस सीजन की शुरुआत में दिल्ली ने मुंबई को वडोदरा में रोमांचक मुकाबले में 2 विकेट से हराया था। मुंबई बदला लेने की उम्मीद में होगी। पिच और वेदर रिपोर्ट एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार होती है, लेकिन स्पिनरों को भी यहां सफलता मिलती है। मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जिससे पूरा मैच बिना किसी रुकावट के हो सकता है। टॉस जीतने वाली टीम संभवतः पहले गेंदबाजी करना पसंद करेगी, ताकि लक्ष्य का पीछा करने की रणनीति बनाई जा सके। मुंबई के लिए अहम है यह मैच दोनों टीमें छह-छह अंकों के साथ मजबूत स्थिति में हैं, लेकिन दिल्ली की एक अतिरिक्त हार उन्हें मुंबई से थोड़ा पीछे रखती है। अगर दिल्ली अपनी रणनीति को ढंग से लागू कर पाई, तो वह मुंबई को चुनौती दे सकती है। दूसरी ओर, मुंबई की गहराई और अनुभव उन्हें हल्की बढ़त देती है। दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग 11 दिल्ली कैपिटल्स : शैफाली वर्मा, मेग लैनिंग (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, मारिजैन कप्प, एनाबेल सदरलैंड, जेस जोनासेन, सारा ब्राइस (विकेटकीपर), निकी प्रसाद, शिखा पांडे, मिन्नू मणि, तितास साधु मुंबई इंडियंस : यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), हेले मैथ्यूज, नैट साइवर-ब्रंट, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), अमेलिया केर, अमनजोत कौर, सजीवन सजना, जी कमलिनी, संस्कृति गुप्ता, शबनिम इस्माइल, जिन्तिमानी कलिता recent visitors 54

होलिका दहन के लिए मिलेगा सिर्फ 1 घंटा का ही समय

होली हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला एक पावन त्योहार है. दिवाली के बाद होली को हिंदू धर्म में दूसरा प्रमुख त्योहार माना जाता है. होली के दिन चारों ओर रंग बिखरे रहते हैं. इस दिन लोग एक दूसरे को गुलाल, अबीर और रंग आदि लगाते हैं. होली के त्योहार को आनंद, क्षमा और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. होली के पर्व से पहले होलिका का दहन किया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल फाल्गुल माह की पुर्णिमा तिथि पर होलिका को दहन किया जाता है. होलिका दहन के अगले दिन होली का त्योहार मनाया जाता है और रंगों से होली खेली जाती है. मान्यता है कि होली से पहले होलिका दहन में सभी नकारात्मक शक्तियां जलकर नष्ट हो जाती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल होलिका दहन कब किया जाएगा. इसका शुभ मुहूर्त क्या है और इस साल होलिका दहन के लिए कितना समय मिलेगा? होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और समय इस साल फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 13 मार्च गुरुवार सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर होगी. वहीं इस तिथि का समापन 14 मार्च शुक्रवार को 12 बजकर 23 मिनट पर हो जाएगा. इस साल होलिका दहन 13 मार्च को किया जाएगा, लेकिन भद्रा काल में होलिका दहन नहीं किया जाता. 13 मार्च को भद्रा पूंछ शाम 6 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगा. ये रात 8 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. इसके बाद भद्रा मुख का समय शुरू होगा जो रात 10 बजकर 22 मिनट तक रहेगा. ऐसे में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात के 11 बजकर 26 मिनट पर शुरु होगा. ये शुभ मुहूर्त रात के 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. ऐसे में इस साल होलिका दहन के लिए 1 घंटा 4 मिनट का समय मिलेगा. पूजा विधि     होलिका दहन के दिन सुबह स्नान कर लेना चाहिए.     फिर पूजा स्थल पर पर गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की मूर्ति बनानी चाहिए.     इसके बाद कच्चा सूत, गुड़, हल्दी,मूंग, बताशे और गुलाल नारियल अर्पित करना चाहिए.     फिर मिठाइयां और फल अर्पित करने चाहिए,     होलिका पूजन के साथ ही भगवान नरसिंह की भी अराधना करनी चाहिए.     अंत में होलिका के चारों ओर परिक्रमा करनी चाहिए. होलिका दहन का महत्व पौराणिक कथाओं में होलिका दहन का महत्व बताया गया है. होलिका जलाने से लोगों की आत्मा शुद्ध हो जाती है. साथ ही मन पावन हो जाता है. होलिका दहन पर पूजन से संतान सुख की प्राप्ति होती है. इसके अलावा घर में सुख शांति बनी रहती है और जीवन में आने वाले कष्टों से छुटकारा मिलता है. recent visitors 54

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विद्यार्थियों और युवाओं को किया संबोधित

भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में गढ़े हैं नए कीर्तिमान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विज्ञान आधारित कार्यप्रणाली, जिज्ञासु प्रवृत्ति और नवीनतम तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहन से देश को मिली उपलब्धि भारत में वैज्ञानिक व्यवस्थाओं के विकास की प्राचीन परंपरा विद्यमान है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विद्यार्थियों और युवाओं को किया संबोधित "विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व में भारतीय युवाओं को सशक्त बनाने" की थीम पर विज्ञान भवन में आयोजित हुआ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्टेम एजुकेशन का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों द्वारा विज्ञान मॉडल और नवाचारों पर लगाई प्रदर्शनी का किया अवलोकन मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद तथा वीआईटी भोपाल के मध्य, अकादमिक और वैज्ञानिक क्षेत्र में सहयोग के लिए हुआ एम.ओ.यू. मुख्यमंत्री ने प्रौद्योगिकी परिषद के छह पोस्टरों का किया विमोचन मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी की पत्रिका "रचना" का किया विमोचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विज्ञान के आधार पर व्यवस्थित कार्यप्रणाली, जिज्ञासु प्रवृत्ति को प्रोत्साहन और नवीनतम तकनीकों के उपयोग ने देश को विश्व के शीर्ष राष्ट्रों में गिने जाने का मार्ग प्रशस्त किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन से ही यह उपलब्धि संभव हो पाई है। राज्य सरकार शिक्षा सहित शासकीय कार्य प्रणाली और सामान्य व्यवस्थाओं के संचालन में विज्ञान का अधिक से अधिक उपयोग कर आम आदमी के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर "विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व में भारतीय युवाओं को सशक्त बनाने" की थीम पर भोपाल में विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके पूर्व उन्होंने नोबल पुरूस्कार से सम्मानित महान वैज्ञानिक सीवी रमन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर "सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्टेम एजुकेशन" का विज्ञान भवन में शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंटर में प्रस्तुत मॉडल तथा विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न सिद्धांत, सरलता से समझाने में सहायक उपकरणों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए मॉडल और नवाचारों के संबंध में उनसे चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक पेड़ माँ के नाम के अंतर्गत वृक्षारोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीकमगढ़ से आए प्रगतिशील कृषक पूरनलाल कुशवाहा से भेंट कर उनके द्वारा सिंचाई के लिए विकसित किए गए पवन और पानी से चलने वाले पंप का अवलोकन कर जानकारी भी प्राप्त की। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, निदेशक विक्रमादित्य शोधपीठ तथा मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फसल बीमा के लिए क्षमता विकास कार्यक्रम, 13वें मध्यप्रदेश कारीगर विज्ञान सम्मेलन, विज्ञान मंथन यात्रा, उद्यमिता विकास कार्यक्रम, विक्रमोत्सव-2025 के अंतर्गत राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन और विज्ञान उत्सव तथा पेटेंट और प्रौद्योगिकी आधारित प्रशिक्षण व केंद्र स्थापना पर विकसित पोस्टरों का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद तथा वीआईटी भोपाल के मध्य अकादमिक और वैज्ञानिक क्षेत्र में परस्पर सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी की पत्रिका "रचना" का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का स्वर्णिम काल चल रहा है। भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नए कीर्तिमान गढ़े हैं, जिसमें कोविड के दौर में टीकाकरण और डिजिटल पेमेंट्स जैसे अनेकों नवाचार और व्यवस्थाएं शामिल हैं। कोविड काल में अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों में व्यवस्थाएं प्रभावित हुई, लेकिन भारत जैसे बड़ी आबादी वाले देश में यही कार्य बड़ी ही निपुणता और प्रतिबद्धता से पूर्ण किया गया। भारत में जिज्ञासा और विज्ञान के आधार पर व्यवस्थाओं के विकास की प्राचीन परंपरा रही है। पश्चिम में दूरबीन के अविष्कार के पहले से भारत में नवग्रह की पूजा की जाती रही है। भारत ने विश्व में सबसे पहले खगोल विज्ञान के अनेकों सिद्धांतों को प्रतिपादित किया। भगवान श्रीकृष्ण ने 'यत पिंडे-तत् ब्रह्माण्डे' के माध्यम से सृष्टि और मानव शरीर की एकरूपता का संदेश दिया। इसी प्रकार चरैवेति-चरैवेति में समय की निरंतरता का बोध होता है। गुरुत्वाकर्षण का नियम भी प्राचीन भारतीय शास्त्रों में निहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ब्रह्माण्ड में कई रहस्य बिखरे हुए है, इन्हें खोजना और समस्याओं का हल करना ही विज्ञान है। महान भारतीय वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट (सीवी) रमन ने 28 फरवरी 1928 को रमन प्रभाव की खोज की थी। इसीलिए इस दिन को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय ज्ञान परंपरा और भारत में विकसित खगोल शास्त्र के विभिन्न सिद्धांतों पर विद्यार्थियों से संवाद किया। महानिदेशक मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद अनिल कोठारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विज्ञान एवं नवाचार, अनुसंधान और स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा राज्य में विज्ञान के प्रति जागरूकता तथा विज्ञान नवाचार में शोध को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन ने विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में स्वर्णिम अध्याय लिखा है।   recent visitors 34

कियारा आडवाणी बनने वाली हैं मां, पोस्ट के साथ यूं किया प्रेग्नेंसी का ऐलान

मुंबई 7 फरवरी 2023 में शादी करने वाले कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा पेरेंट्स बनने वाले हैं, जिसका ऐलान उन्होंने फैंस के साथ एक पोस्ट शेयर करते हुए किया है. इंस्टाग्राम पर कपल ने एक कोलाब पोस्ट शेयर किया, जिसमें दोनों का हाथ एक-दूसरे के हाथ में है. वहीं उन्होंने छोटे छोटे जुराबों को लिया हुआ है. इस फोटो को शेयर करते हुए कियारा-सिद्धार्थ ने कैप्शन दिया, हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा जल्द आ रहा है. इसके साथ एक हार्ट, ईवल आय और हाथ जोड़ने वाली इमोजी शेयर की है. इस पोस्ट को शेयर करते ही फैंस ने हार्ट इमोजी की बहार कमेंट सेक्शन में लगा दी है. वहीं शिबानी दांडेकर, शारवरी जैसे बॉलीवुड सितारों ने बधाई देना शुरु कर दिया है. इसके अलावा एक यूजर ने लिखा, आप दोनों बेस्ट मॉम एंड डैड बनेंगे. दूसरे यूजर ने लिखा, बेबीज के बेबी होने वाले हैं. वहीं फैंस ने भी कपल को बधाई दी है.   हुमा कुरैशी से लेकर नेहा धूपिया ने दी है बधाई इस पोस्ट को देखते ही उनके फैन्स की खुशियां सातवें आसमान पर नजर आने लगी हैं। वहीं इंडस्ट्री के दोस्त भी कपल को लगातार बधाइयां देते नजर आ रहे हैं। हुमा कुरैशी से लेकर नेहा धूपिया जैसे तमाम सितारों ने उन्हें बधाइयां दी हैं। एकता कपूर ने किया है सबसे मजेदार कॉमेंट हुमा कुरैशी ने लिखा- OMG, बधाई। नेहा धूपिया ने लिखा- आप दोनों को बधाई, सबसे प्यारी खबर। अथिया शेट्टी ने भी इस खबर को सुनकर कपल के लिए प्यार बरसाया है। मसाबा गुप्ता ने भी उन्हें बधाई दी है। एकता कपूर ने मजेदार कॉमेंट किया है और लिखा है- अब तो रातां सच में लम्बियां होनेवाली हैं, अब शुरू होगी स्लीपलेस नाइट्स। शिल्पा शेट्टी, मनीष पॉल, गौहर खान जैसे तमाम सिलेब्रिटीज़ ने कियारा और सिद्धार्थ की इस खुशखबरी पर उन्हें बधाई दी है। हाल ही में कपल ने अपनी शादी की दूसरी सालगिरह सेलिब्रेट की बता दें कि 21 दिन पहले ही कपल ने अपनी शादी की दूसरी सालगिरह सेलिब्रेट की थी। कियारा और सिद्धार्थ की मुलाकात साल 2021 में आई उनकी फिल्म 'शेरशाह' के सेट पर हुई थी। इस फिल्म में सिद्धार्थ परमवीर चक्र पानेवाले दिवंगत कैप्टन विक्रम बत्रा की भूमिका में थे और वहीं फिल्म में कियारा ने उनकी गर्लफ्रेंड डिंपल का किरदार निभाया था। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों की नजदीकियां बढ़ी थीं और वे डेट करने लगे। 2023 को जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में हुई थी शादी यहां ये भी बताते चलें कि कियारा और सिद्धार्थ 7 फरवरी, 2023 को जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में शादी के बंधन में बंधे थे। अब शादी के दो साल बाद ये पैरेंट्स बनने वाले हैं। recent visitors 30

उद्योग,निवेश और रोजगार की स्वर्ण गाथा रचते मोहन

भोपाल भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर सम्मिट सफलता पूर्वक संपन्न हुई है। आठ विश्व स्तरीय औद्योगिक सम्मेलन में राजधानी भोपाल में सफलतापूर्वक संपन्न हुई यह पहली ग्लोबल इनवेस्टर मीट है।यह विक्रमादित्य सम पुरूषार्थी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रबल इच्छा शक्ति,दूर दृष्टि और आत्म बल का परिणाम है।उन्होंने राजधानी भोपाल में इनवेस्टर सम्मेलन आयोजित करने का नवाचार किया है।भोपाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों को सम्पन्न करने हेतु विशाल कन्वेंशन सेंटर निर्माण का संकल्प भी लिया है।राजधानी भोपाल में ग्लोबल इनवेस्टर समिट के सफल आयोजन हेतु भागीरथी, पुरूषार्थी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को साधुवाद है। जीआईएस में सरकार को 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। विभिन्न एमओयू साइन किये गये हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 100 से अधिक एक्सपटर्स और उद्योगपतियों सहित करीब 25000 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इसमें 60 से अधिक देशों के निवेशक डेलीगेट भोपाल आए। जीआईएस में लगभग 5000 बिजनेस-टू-बिजनेस और 600 बिजनेस-टू-गर्वनमेंट मीटिंग्स आयोजित हुई।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सहित दस केंद्रीय मंत्री गणों ने इस ग्लोबल इनवेस्टर मीट में भागीदारी की।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेक्सटाइल,टूरिज्म और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर फोकस करने का मंत्र मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सरकार और उद्यमी मित्रों को दिया है। 78000 करोड़ रुपए के इन्वेस्टमेंट प्रपोजल टेक्नोलॉजी सेक्टर में प्राप्त हुए हैं।मध्यप्रदेश में टूरिज्म की अपार संभावनाएँ हैं। टूरिज्म क्षेत्र में 65000 करोड़ रुपए के इन्वेस्टमेंट प्रपोजल प्राप्त हुए हैं। टेक्सटाइल सेक्टर में मध्यप्रदेश को केंद्र की ओर से धार में एक टेक्सटाइल प्रोजेक्ट मिला है।नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 5.72 लाख करोड़ रुपए,ऊर्जा क्षेत्र में 1.47 लाख करोड़ रुपए,उद्योग विभाग में 8.61 लाख करोड़ रुपए, खनिज क्षेत्र में 3.22 लाख करोड़ रुपए,नगरीय विकास विभाग में 1.97 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।पिछली सभी रीजनल इंडस्ट्रियल कानक्लेव,रोड शो और माइनिंग कानक्लेव और इस जीआईएस के सभी प्रस्ताव का कुल योग तीस लाख सतहत्तर हजार करोड़ रुपए है।इनमें 17.34 लाख रोजगार सृजित होंगे। मध्य प्रदेश की औद्योगिक विकास दर लगभग 24 प्रतिशत है।अगले पाँच वर्षों में राज्य की सकल घरेलू उत्पाद में उद्योग का योगदान 2.9 लाख करोड़ रुपए से दुगुना बढ़ाकर 6 लाख करोड़ रुपए करने का लक्ष्य मोहन सरकार ने लिया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उद्योग क्षेत्र में पहला नवाचार क्षेत्रीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) का आरंभ कर किया।इस नवाचार से संभाग स्तर पर औद्योगीकरण और निवेश को और अधिक प्रोत्साहन दिया गया। इससे मध्य प्रदेश का सर्व समावेशी विकास होगा।स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से पलायन में कमी होगी।क्षेत्रीय असंतुलन कम होगा।आरआईसी के बहुत अच्छे परिणाम और अनुभव का प्रतिफल जीआईएस की सफलता में स्पष्ट रूप से झलक रहा है। मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाने और निवेशकों का हौसला बढ़ाने के लिए निवेश नीतियों में कई बदलाव किए हैं।18 नई निवेश नीतियों की उद्योग जगत ने सराहना की है।इनमें निवेश मूल्य के 52 प्रतिशत की आर्थिक सहायता सब्सिडी देने का संकल्प मोहन सरकार ने लिया है।मध्य प्रदेश के नागरिक भी उद्यम स्थापित कर इन नवीन 18 नीतियों से लाभ प्राप्त करेंगे।मोहन यादव सरकार ने वर्ष-2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष घोषित किया है। मोहन सरकार ने एक नया उद्योग अधिनियम 'उद्योग की कल्पना एवं परिसंचालन' बनाया है।यह मोहन सरकार का एक क्रांतिकारी कदम है,नवाचार है।अनेक राज्यों की तुलना में मध्य प्रदेश का इन्वेस्टमेंट पोर्टल यूजर फ्रेंडली है।डेलिगेट्स ने इसकी तारीफ की है। इसे और यूजर फ्रेंडली बनाया जा रहा है। जैसे ही कोई इन्वेस्टर मध्य प्रदेश में आता है,शासन के अधिकारी इनवेस्टर को बार बार संपर्क करेंगे कि कैसे वह निवेश लक्ष्य तक पहुंचे और उनकी निवेश यात्रा में सहयोगी बनें। रचनाधर्मी और नवाचारी गुणों से परिपूर्ण मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सरकार ने ग्लोबल इन्वेस्टर सबमिट के लोगों को भी नया रूप दिया गया है।गणित अंक अनंत, इनफिनिटी से उद्धृत है।उद्योग,निवेश और रोजगार की अपार संभावनाओं वाले प्रदेश के रूप में अत्यधिक आकर्षक बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प आत्मनिर्भर भारत और वर्ष 2047 के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।आगामी समय में मध्य प्रदेश देश के प्रथम पाँच शीर्ष राज्यों में सम्मिलित होगा। सम्राट विक्रमादित्य सम यशस्वी,प्रतापी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उनके मंत्रीगण मध्य प्रदेश में उद्योग, निवेश और रोजगार की स्वर्ण गाथा को रच रहे हैं। इति श्री। लेखक-सत्येंद्र जैन,स्तंभकार   recent visitors 26