Tuesday, July 7, 2026 9:33 pm

अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रयागराज महाकुंभ की प्रशंसा की : सीएम योगी

 लखनऊ उत्तर प्रदेश की विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ का जिक्र किया. उन्होंने मजबूत कानून-व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि महाकुंभ में 33 करोड़ महिलाएं आईं, लेकिन उत्पीड़न/अपराध की एक भी घटना नहीं हुई. कुल 67 करोड़ श्रद्धालु कुंभ आए लेकिन एक भी अपराध की घटना नहीं हुई. वहीं, समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा- "आप(समाजवादी पार्टी) भारत की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं.  आपने कहा कि हमारी सोच सांप्रदायिक है लेकिन आप हमें बताएं कि हम कैसे सांप्रदायिक हो सकते हैं? हम सबका साथ, सबका विकास की बात करते हैं… 45 दिनों के आयोजन(महाकुंभ) ने भारत की विरासत और विकास की एक अनुपम छाप न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में छोड़ी है." प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ पर यूपी विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "महाकुंभ के 45 दिनों में देश और दुनिया से 66 करोड़ से अधिक लोग मेले में आए. महाकुंभ में आए 66 करोड़ लोगों में से आधी संख्या महिला तीर्थयात्रियों की रही होगी, लेकिन उत्पीड़न, लूट, अपहरण या हत्या की एक भी घटना नहीं हुई… महाकुंभ में अपेक्षा से अधिक लोग आए और जो लोग आए और पवित्र स्नान किया, वे अभिभूत होकर लौटे. अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रयागराज महाकुंभ की प्रशंसा की." सीएम योगी ने आगे कहा- "आज की समाजवादी पार्टी डॉ. लोहिया का नाम तो लेती है, लेकिन उनके आदर्शों से दूर हो गई है. डॉ. लोहिया के आचरण, आदर्शों और सिद्धांतों को सपा भूल गई है. उन्होंने कहा कि विष्णु, शंकर और राम भारत की एकता के आधार हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी इसमें विश्वास नहीं करती. हम सबका साथ-सबका विकास की बात करते हैं. महाकुंभ में भारत की विरासत और विकास की अनूठी छाप देखने को मिली. महाकुंभ में जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं देखा गया." बकौल सीएम योगी- इस बार के महाकुंभ में 66 करोड़ 30 लाख लोगों ने स्नान किया. ये विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन था.  इसकी दुनिया भर में प्रशंसा हो रही है. दुनिया भर के मीडिया ने कहा कि इतना बड़ा आयोजन किसी चमत्कार से कम नहीं है. मगर कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें सिर्फ कमियां ही नजर आ रही थीं.     recent visitors 55

भोपाल के प्रमुख मार्गों पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज सहित महापुरूषों के नाम पर द्वार बनाए जाएंगे-मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का गौरवशाली इतिहास रहा है। प्रदेश के समृद्ध अतीत से वर्तमान पीढ़ी को अवगत कराने और हमारी संपन्न सांस्कृतिक धरोहर के प्रकटीकरण के लिए राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज सहित महापुरूषों के नाम पर द्वार बनाए जाएंगे। भोपाल सहित प्रदेश के कई स्थानों की पहचान यहां के शासकों से रही है। चक्रवर्ती सम्राट के रूप में शासन करने वाले सम्राट विक्रमादित्य की वीरता, न्याय, त्याग, दानशीलता, पराक्रम, पुरुषार्थ और सुशासन से इतिहास में उन्हें विशेष स्थान प्राप्त हुआ। अद्वितीय शासक रहे राजा भोज ने बड़े तालाब सहित अनेकों रचनाओं का निर्माण कराया, जो आज भी भोपाल सहित प्रदेश के कई भागों में उनकी स्मृतियों को जीवंत करती हैं। महापुरूषों के नाम पर द्वार निर्माण की राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेशवासी अपने गौरवशाली अतीत से परिचित होंगे और उन्हें गर्व की की अनुभूति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।   recent visitors 22

दिल्ली HC ने सागर धनखड़ हत्याकांड में पहलवान सुशील कुमार को दी नियमित जमानत

नई दिल्ली दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को सागर धनखड़ हत्याकांड में पहलवान सुशील कुमार को नियमित जमानत दे दी। सागर धनखड़ हत्याकांड में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। धनखड़ की हत्या 4 मई 2021 की रात को की गई थी। न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने 50,000 रुपये के जमानत बांड और इतनी ही राशि के दो जमानती पेश करने पर सुशील कुमार को नियमित जमानत दे दी। विस्तृत आदेश अभी अपलोड किया जाना बाकी है। इससे पहले उन्हें जुलाई 2023 में घुटने की सर्जरी के लिए 7 दिन की अंतरिम जमानत दी गई थी। सुशील कुमार अन्य आरोपियों के साथ जूनियर पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। आरोपी सुशील कुमार का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता आरएस मलिक और सुमित शौकीन ने किया। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि वह साढ़े तीन साल से अधिक समय से हिरासत में है।   वकील ने तर्क दिया कि पिछले तीन वर्षों में अभियोजन पक्ष के 186 गवाहों में से लगभग 30 से पूछताछ की गई है। सागर और अन्य पीड़ितों को 4 मई, 2021 की रात छत्रसाल स्टेडियम में आरोपी व्यक्ति ने कथित तौर पर पीटा था। वह घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। सुशील कुमार देश के सबसे सफल एथलीटों में से एक हैं। उन्होंने बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीता और चार साल बाद 2012 के लंदन ओलंपिक में सुशील कुमार ने रजत पदक जीता। recent visitors 30

वरमाला के बाद दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे भी लिए, लेकिन विदाई से पहले कुल देवता को लेकर बहस छिड़ी

बाराबंकी यूपी के बाराबंकी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां धूमधाम से एक शादी संपन्न हुई। वरमाला के बाद दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे भी लिए। लेकिन विदाई से ठीक पहले वर पक्ष और वधू पक्ष में कुल देवता को लेकर बहस छिड़ गई। वधू पक्ष ने दोनों परिवार के कुल देवता के एक न होने की बात कही। मामला इस कदर बढ़ गया कि थाने तक बात पहुंची। आखिर में बारात बिन दुल्हन के ही वापस लौट गई। ये मामला सफदरगंज थाना क्षेत्र के उधौली गांव का है। जहां रविवार की शाम को असन्द्रा थाना क्षेत्र के ग्राम पूरे तेलमहा पारा इब्राहिमपुर के रहने वाले बालकराम के बेटे आशीष कुमार की बारात गाजे बाजे साथ बारात आई थी। वधू पक्ष ने बड़े ही धूमधाम से वर पक्ष का स्वागत किया। नास्ते के बाद शादी की रस्में शुरू हो गईं। वरमाला के बाद दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे भी लिए। लेकिन जब सुबह विदाई की बारी आई तो कुल देवता को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। किसी ने दोनों परिवारों के कुल देवता के एक न होने की आवाज उठाई। दुल्हन रंजना कुमारी उर्फ शिवरंजना ने भी ससुराल जाने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि हमारे व दूल्हा आशीष के कुल देवता अलग-अलग है। इस बात पर दोनों पक्षों में बहस होने लगी। आखिर में मामला थाने पहुंचा। जहां वर पक्ष ने वधू पक्ष पर जेवर हड़पने की नीयत से देवता एक न होने की बात कहने की बात कही। वहीं वधू पक्ष का कहना है कि वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान दूल्हे ने शराब पी रखी थी। ग्रामीणों के अनुसार विवाह समारोह में सारी रस्में हो गई थीं। रात करीब साढ़े 12 बजे अचानक दूल्हे के कोट की जेब में कुलदेवता की चमड़े की तस्वीर देख दुल्हन रंजना बिफर पड़ी और देवता अलग-अलग होने की बात कहते हुए शादी से इनकार कर दिया। recent visitors 43

मध्यप्रदेश पुलिस के e-Rakshak App को मिला FICCI स्मार्ट पुलिसिंग अवॉर्ड

भोपाल नई दिल्ली में 4 मार्च 2025 को आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस के अत्याधुनिक e-Rakshak App को प्रतिष्ठित FICCI स्मार्ट पुलिसिंग अवॉर्ड 2024 से सम्मानित किया गया। भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (FICCI) द्वारा पुलिसिंग में डिजिटल नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इस वर्ष इस पुरस्कार के लिए सम्पूर्ण भारत से 200 से अधिक नामांकन प्राप्त हुए थे, जिनका गहन मूल्यांकन करने के पश्चात मध्यप्रदेश पुलिस के e-Rakshak App को इस प्रतिष्ठित अवार्ड के लिए चयनित किया गया। इस अवसर पर श्री जी.के. पिल्लई पूर्व गृह सचिव, भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस के श्री चंचल शेखर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, भोपाल को इस अभिनव पहल के लिए FICCI स्मार्ट पुलिसिंग अवॉर्ड 2024 से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर मध्यप्रदेश पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने प्रसन्नता व्यक्त की और SCRB के समस्त अधिकारियों को बधाई दी।   e-Rakshak App: पुलिसिंग में डिजिटल क्रांति जनता की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए "MP e-Rakshak – The Smart Cop App" विकसित किया गया है। यह ऐप बीट स्तर पर कार्यरत पुलिसकर्मियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर उन्हें अपराधियों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान में मदद करता है। पहले पुलिसकर्मियों को अपराधियों की पहचान मुख्य रूप से व्यक्तिगत अनुभव और जान-पहचान के आधार पर करनी पड़ती थी, लेकिन अब इस ऐप के माध्यम से संपूर्ण मध्यप्रदेश के अपराधियों की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो जाती है। इससे संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की त्वरित वेरिफिकेशन संभव हो पाती है, जिससे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।   ऐप के प्रमुख फीचर्स आदतन अपराधियों की जानकारीः पुलिसकर्मी अपने कार्यक्षेत्र में मौजूद अपराधियों की पूरी जानकारी ऐप के माध्यम से देख सकते हैं। गश्त के दौरान त्वरित पहचानः किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के नाम को अपराधियों के डेटाबेस में सर्च किया जा सकता है। Face Recognition Module: किसी भी आरोपी की फोटो अपलोड करने पर उससे मिलते-जुलते अपराधियों के रिकॉर्ड तत्काल प्राप्त किए जा सकते हैं। फोटो मिलान के बाद डेटा सुरक्षित रूप से हटा दिया जाता है। Vehicle Search: वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर या चेसिस नंबर से उसकी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यह सुविधा RTO डेटाबेस से भी जुड़ी हुई है, जिससे चोरी या अपराध में शामिल वाहनों की त्वरित पहचान हो सके।       ऐप विकास में योगदान इस महत्वपूर्ण तकनीकी नवाचार को विकसित करने में श्री हेमंत चौहान (उप पुलिस महानिरीक्षक, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो), आर. एस. प्रजापति (सहायक पुलिस महानिरीक्षक), प्रांजलि शुक्ला (सहायक पुलिस महानिरीक्षक, सीसीटीएनएस), इंद्रा नामदेव (निरीक्षक, सीसीटीएनएस), हीरा सिंह ठाकुर (सहायक उपनिरीक्षक), सुरेंद्र रघुवंशी (सहायक उपनिरीक्षक) एवं अर्शदीप सिंह (प्रधान आरक्षक) का विशेष योगदान रहा। इस पुरस्कार से मध्यप्रदेश पुलिस को डिजिटल पुलिसिंग में अपनी भूमिका को और अधिक सशक्त करने की प्रेरणा मिलेगी, जिससे अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। recent visitors 44

एलजी की तारीफ करते हुए उनकी तुलना केदारनाथ के एक पत्थर से की: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि एलजी वीके सक्सेना ने आम आदमी पार्टी के शासन के दौरान दिल्ली को बचाया। गुप्ता ने एलजी की तारीफ करते हुए उनकी तुलना केदारनाथ के एक पत्थर से की जिसकी वजह से वहां आपदा के समय मंदिर की रक्षा हो पाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी पत्थर की तरह एलजी ने दिल्ली में काम किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को एलजी वीके सक्सेना के साथ भलस्वा लैंडफिल साइट का निरीक्षण किया। यहां हटाए गए कूड़े के पहाड़ के स्थान पर बांस रोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘पिछली सरकार तो केवल पहाड़ों की बात करती थी, पर पहाड़ का शिला भी नहीं पकड़ पाए। यहां जो काम हो रहा है और जो टारगेट सेट किया गया है। उसमें केंद्र सरकार का सहयोग है। इस साइट से हटाई गई चीजों (कूड़े) का इस्तेमाल एनएचएआई की कई परियोजनाओं और डीडीए ग्राउंड को समतल करने में किया जा रहा है। लाखों टन मैटेरियल यहां से वहां लगाया गया।’ मुख्यमंत्री ने कहा, 'हम हर महीने निरीक्षण करेंगे और तीनों लैंडफिल साइटों का दौरा करेंगे। एक साल के अंदर हम यह सुनिश्चित करेंगे कि लैंडफिल की ऊंचाई कम हो और ग्रीन लैंड विकसित हो ताकि आने वाले दिनों में अच्छी परियोजनाएं शुरू की जा सकें। हमारा मिशन दिल्ली को साफ और सुंदर बनाना है। दिल्ली सरकार मिशन मोड पर काम कर रही है। डबल इंजन की सरकार डबल रफ्तार से काम करेगी।' इस दौरान मुख्यमंत्री ने एलजी की तारीफ करते हुए कहा, 'जैसे केदारनाथ में जब बादल फटा था तो वहां एक शिला थी, उसने मंदिर को बचाए रखा कि बादल का पानी मंदिर को बहाकर ना ले जाए, ऐसे ही शिला का काम आपने उस सरकार (आम आदमी पार्टी की सरकार) के समय किया कि इस दिल्ली के प्रांगन, दिल्ली के मंदिर को बचाकर रखा।' लगाए जा रहे बांस, जिनसे मिलता है ज्यादा ऑक्सीजन: LG एलजी ने कहा कि भलस्वा लैंडफिल साइट पर एक नई शुरुआत हुई है, जो पिछले दो साल में मेहनत करके जमीन को खाली कराया गया था, वहां पौधारोपण की शुरुआत हुई है। 2 हजार बांस के पेड़ लगाए गए हैं। 54 हजार और पौधे लगाए गए हैं। बांस के पेड़ों को जानबूझकर लगाया गया है, क्योंकि यह 30 फीसदी अधिक ऑक्सजीन देता है। दिल्ली एक प्रदूषित शहर है, इसको हमारी सरकार प्रदूषण मुक्त करने वाली है। इसके लिए नई शुरुआत है। बांस पानी कम इस्तेमाल करता है और बढ़ता बहुत जल्दी है। एक साल में 20-25 फीट की हाईट हो जाएगी। अब जब आप हाईवे से गुजरेंगे तो आपको कूड़े का पहाड़ नहीं ग्रीन पैच दिखेगा। recent visitors 55

भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 264 पर किया ढेरम भारत के सामने रखा 265 का लक्ष्य

दुबई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का पहला सेमीफाइनल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.3 ओवर में सभी विकेट खोकर 264 रन बनाए हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान स्टीव स्मिथ ने सर्वाधिक 73 रन बनाए। एलेक्स कैरी 61 और ट्रेविस हेड ने 39 रन का योगदान दिया। भारत के लिए मोहम्मद शमी ने तीन वरुण चक्रवर्ती और रविंद्र जडेजा ने 2-2 विकेट लिए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही है। सलामी बल्लेबाद कूपर कॉनली बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। उन्हें मोहम्मद शमी ने पवेलियन का रास्ता दिखाया। ट्रेविस हेड ने धीमी शुरुआत के बाद ताबड़तोड़ बड़े शॉट खेले और जब भारत के लिए खतरा बन रहे थे तो वरुण चक्रवर्ती ने उन्हें अपनी जाल में फंसाया। हेड 33 गेंद में 39 रन बनाकर आउट हुए। मार्नस लाबुशेन 36 गेंद में 29 रन बनाकर आउट हुए। लाबुशेन ने स्मिथ के साथ तीसरे विकेट के लिए 56 रन की साझेदारी की। जोश इंग्लिस 12 गेंद में 11 रन ही बना सके। स्टीव स्मिथ 96 गेंद में 73 न बनाकर आउट हुए। कप्तान ने अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। ग्लेन मैक्सवेल सात रन ही बना सके। बेन 29 गेंद में 19 रन बनाकर आउट हुए। एलेक्स कैरी ने 57 गेंद में 61 रन बनाए। नाथन एलिस ने 10 रन बनाए। हार्दिक ने जंपा को क्लीन बोल्ड करके ऑस्ट्रेलिया की पारी का अंत किया।   ऑस्ट्रेलिया ने बनाए 264 रन ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल में 49.3 ओवर में सभी विकेट खोकर 264 रन बनाए हैं। भारत के लिए मोहम्मद शमी ने तीन विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया ने 49 ओवर में बनाए 262 रन ऑस्ट्रेलिया ने 49 ओवर में 9 विकेट खोकर 256 रन बना लिए हैं। मोहम्मद शमी ने आखिरी ओवर में नाथन एलिस को पवेलियन का रास्ता दिखाया। recent visitors 51