Tuesday, July 7, 2026 8:21 pm

पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से ग्रीन शुल्क की अनिवार्यता – उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा

जयपुर उपमुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा ने मंगलवार को विधान सभा में कहा कि राज्य सरकार द्वारा वाहनों पर ग्रीन शुल्क पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से लिया जाता है। यह शुल्क राज्य के सभी पंजीकृत वाहनों पर लागू है। उन्होंने बताया कि इस शुल्क का भार किसान वर्ग पर अत्यंत कम है। उपमुख्यमंत्री ने शून्य काल के दौरान सदन के सदस्य श्री केसाराम चौधरी द्वारा ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाए गए प्रश्न पर जवाब दिया। उन्होंने पुराने ट्रैक्टर पर टैक्स कम करने एवं प्रतिमाह पेनल्टी माफ करने के संबंध में कहा कि यह पेनल्टी वाहनों का समय पर पंजीकरण कराने के लिए लगाई जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा पेनल्टी व टैक्स कम करने के निर्देश केंद्र सरकार द्वारा जारी अग्रिम आदेशों की अनुपालना में ही किए जा सकेंगे। recent visitors 60

चैंपियंस ट्रॉफी– भारत को 265 रन का टारगेट: सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ऑलआउट; शमी को 3, जडेजा–वरुण को 2–2 विकेट; स्मिथ–कैरी की फिफ्टी

Champions Trophy 2025- India has a target of 265 runs दुबई । 38वें ओवर की तीसरी बॉल पर अक्षर ने ग्लेन मैक्सवेल को बोल्ड किया। 37वें ओवर की तीसरी बॉल में मोहम्मद शमी ने स्टीव स्मिथ (73 रन) को फुलटॉस पर बोल्ड किया।चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया टॉस जीतकर बल्लेबाजी कर रहा है। 49 ओवर के बाद टीम का स्कोर 10 विकेट के नुकसान पर 264 रन है।नाथन एलिस (10 रन) को शमी ने कोहली के हाथों कैच कराया। उन्होंने स्टीव स्मिथ (73 रन) और कूपर कोनोली (शून्य) के विकेट लिए। एलेक्स कैरी (60 रन) श्रेयस अय्यर के डायरेक्ट थ्रो पर रनआउट हुए। वरुण चक्रवर्ती ने बेन ड्वारशस (19 रन) और ट्रैविस हेड (39 रन) के विकेट लिए। अक्षर ने ग्लेन मैक्सवेल को बोल्ड किया। रवींद्र जडेजा ने जोश इंग्लिस (11 रन) और मार्नस लाबुशेन (29 रन) को पवेलियन भेजा। मैच दुबई के इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है। recent visitors 96

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भेजा 20 करोड़ का मानहानि नोटिस, नेता प्रतिपक्ष बोले- न डरे हैं, न डरेंगे

 भोपाल मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को 20 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है. मंत्री पर जमीन खरीद घोटाले और परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद यह नोटिस जारी किया गया है. राजपूत ने सिंघार पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए नोटिस में 15 दिनों के भीतर जवाब देने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गोविंद सिंह राजपूत पर आरोप लगाया था कि उन्होंने परिवहन मंत्री रहते हुए परिवहन विभाग के भ्रष्टाचार से प्राप्त धन से 1250 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी. इसके अलावा, सिंघार ने पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा के मामले को उठाते हुए परिवहन घोटाले में राजपूत की संलिप्तता का दावा किया था. इन आरोपों को राजपूत ने सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की साजिश करार दिया. सिंघार ने कहा था-राजपूत ने खरीदी 400 करोड़ की जमीनें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 15 फरवरी को कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर कई आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था "2019 से 2024 तक गोविंद सिंह राजपूत और परिवार के लोगों के लोगों ने करोड़ों की जमीन खरीदी. उन्होंने रजिस्ट्री के कागजात दिखते हुए कहा था कि मंत्री गोविंद सिंह, पत्नी सविता सिंह, पुत्र आकाश सिंह, आदित्य सिंह के नाम पर सागर शहर में तिलीमाफी, बशियाभान्या, कनेरादेव, भापेल, जैसीनगर, झिला, नरयावली सहित कई क्षेत्रों में 150 एकड़ से ज्यादा जमीन की खरीदारी का रिकॉर्ड दर्ज है. उन्होंने पूछा था कि आखिर क्यों सौरभ शर्मा और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद भी डायरी में छिपे नाम सामने नहीं आ रहे हैं." नोटिस से बढ़ी सिंघार की मुश्किलें उनके आरोपों के बाद मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने 20 करोड़ के मानहानी का नोटिस उमंग सिंघार को भेज दिया है. वकील के माध्यम से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगाए गए हैं. नोटिस में 15 दिनों में नेता प्रतिपक्ष से जवाब देने के लिए कहा गया है. वहीं मानहानि नोटिस मामले में उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया X पर प्रतिक्रिया दी है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि "नोटिस का जवाब भी देंगे और कोर्ट भी जाएंगे. न डरे हैं, न डरेंगे! नोटिस के जवाब में उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ट्वीट किया, "नोटिस का जवाब भी देंगे और कोर्ट भी जाएंगे. न डरेंगे, न झुकेंगे." सिंगार ने अपने आरोपों पर कायम रहते हुए कहा कि वे इस मामले को कानूनी रूप से लड़ेंगे. गोविंद सिंह राजपूत ने नोटिस में स्पष्ट किया कि उमंग सिंघार के 'बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण' आरोपों ने उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाया है. नोटिस में सिंगार से माफी मांगने के साथ-साथ 20 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है. यह विवाद भोपाल की सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, और अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि यह मामला कोर्ट में क्या मोड़ लेता है. recent visitors 39

ट्रंप ने यूक्रेन की आर्मी मदद पर लगाई रोक, अब पुतिन से कैसे लोहा लेंगे जेलेंस्की

न्यूयॉर्क रूस और यूक्रेन के बीच लगभग तीन साल से युद्ध चल रहा है। इस दौरान अमेरिका ने यूक्रेन को हर तरह से मदद दी है। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद हालात पूरी तरह से बदल गए हैं। हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिका का दौरा किया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात की थी। लेकिन इस दौरान दोनों के बीच जमकर बहस हुई, जिसके बाद जेलेंस्की व्हाइट हाउस से बिना प्रेस वार्ता के निकल गए। अब राष्ट्रपति ट्रम्प ने जेलेंस्की को झटका देते हुए यूक्रेन को मिलने वाली मिलिट्री मदद पर रोक लगा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति निवास व्हाइट हाउस ने इस संबंध में जानकारी दी है। व्हाइट हाउस का कहना है कि पिछले सप्ताह यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की केसाथ तीखी बहस के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को मिलने वाली सभी तरह की मिलिट्री मदद पर रोक लगा दी है। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अमेरिका अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ तौर पर कह दिया है कि उनका ध्यान शांति पर है। हमें चाहिए कि हमारे साझेदार भी उस लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध हों। हम अपनी सहायता रोक रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह समाधान में योगदान दे रही है। ट्रंप का यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। इसके मुताबिक ऐसी मदद से जो अमेरिका से अभी तक यूक्रेन नहीं पहुंची है, उसे भी रोक दिया गया है। इसमें पोलैंड तक पहुंच चुका सामान भी शामिल है। यूक्रेन और अमेरिका ने नहीं दिया जवाब व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक, यूक्रेन को रोकी गई मदद तब तक बहाल नहीं की जाएगी। जब तक राष्ट्रपति ट्रंप को यह यकीन नहीं हो जाता कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की वास्तव में शांति चाहते हैं। यूक्रेन को सैन्य मदद रोके जाने को लेकर फिलहाल अमेरिकी रक्षा विभाग और न ही राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से कोई टिप्पणी आई है। वहीं अमेरिकी सहायता रोके जाने पर यूक्रेन राष्ट्रपति जेलेंस्की की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी का कहना है कि इस सहायता पर रोक लगाना पूरी तरह से स्थाई नहीं है। यह एक विराम है। एक अरब डॉलर की मदद रुकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे एक अरब डॉलर के हथियार और गोला-बारूद संबंधी मदद पर असर पड़ सकता है। इन्हें जल्द ही यूक्रेन को डिलीवर किया जाना था। इधर यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि उसके पास सिर्फ गर्मियों तक रूस से लड़ने के लिए आपूर्ति है। ऐसे में रूस से लडाई के लिए यूक्रेन संसाधनों की कमी से जूझ सकता है। यूरोपीय देशों पर बढ़ेगा यूक्रेन की मदद का दबाव रूस के खिलाफ युद्ध में अब अमेरिका के यूक्रेन की मदद नहीं करने से यूरोपीय देशों पर यूक्रेन की मदद का दबाव बनेगा। अब तक कई यूरोपीय देशों ने इस युद्ध में यूक्रेन की मदद की है, लेकिन उतनी नहीं जितनी अमेरिका ने की है। अमेरिका ने इस युद्ध की शुरुआत से ही यूक्रेन को वित्तीय सहायता के साथ ही सैन्य सहायता भी मुहैया कराई है। लेकिन अब इस पर रोक लगा दी गई है। जिससे यूरोपीय देशों पर इस युद्ध में यूक्रेन को कमजोर न पड़ने देने का दबाव बनेगा। रूस को मिलेगा अमेरिका का सीधा समर्थन ट्रंप और जेलेंस्की की बहस के बाद अमेरिका और यूक्रेन में तकरार आ गई है। इस बहस का सीधा फायदा रूस को मिलेगा। ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अच्छे दोस्त हैं। ट्रंप के फिर से राष्ट्रपति बनने के बाद से ही उनका झुकाव रूस की ओर रहा है। अब इस युद्ध में अमेरिका की तरफ से रूस को सीधा समर्थन मिल सकता है। हालांकि अमेरिका, रूस की इस युद्ध में कोई मदद नहीं करेगा, लेकिन अमेरिका की तरफ से रूस को समर्थन जरूर मिलेगा। व्हाइट हाउस की तरफ से कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप का मकसद शांति स्थापित करना है। हम चाहते हैं कि हमारा सहयोगी भी शांति के लिए प्रतिबद्ध हो। आज हम अपनी सहायता को रोक रहे हैं और उसकी समीक्षा कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह समाधान में सहयोग दे रही है। इधर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूक्रेन की मदद करने पर पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनके प्रशासन की भी जमकर आलोचना की है। अमेरिका और यूक्रेन के बीच खनिज सौदे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, '…यह हमारे लिए बहुत बड़ी बात है क्योंकि बाइडेन ने बहुत ही मूर्खतापूर्ण तरीके से एक देश को युद्ध लड़ने के लिए 350 बिलियन डॉलर दे दिए… हमें कुछ नहीं मिला… हम 350 बिलियन डॉलर से अपनी पूरी अमेरिकी नौसेना का पुनर्निर्माण कर सकते थे…' recent visitors 46

सर्बियाई विपक्षी सांसदों ने सरकार की नीतियों के विरोध में संसद के अंदर धुआंधार ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके

बेलग्रेड यूरोपीय देश सर्बिया की संसद में विपक्षी सांसदों ने भारी बवाल मचाया है. विपक्षी सांसदों ने संसद में एक के बाद एक कई स्मोक ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके जिससे संसदीय सत्र में भारी अव्यवस्था फैल गई. संसद में हाथापाई भी देखने को मिली. संसदीय सत्र के लाइव टेलीविजन प्रसारण में दिखाया गया कि सर्बियाई विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को सरकार की नीतियों के विरोध में संसद के अंदर स्मोक ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके. इसके बाद पूरे संसद में काला और गुलाबी धुआं फैल गया. विपक्षी सांसद सरकार से नाराज प्रदर्शन कर रहे छात्रों का भी समर्थन कर रहे थे. किस बात पर नाराज विपक्ष ने संसद में मचाया उत्पात चार महीने पहले सर्बिया में रेलवे स्टेशन की छत गिरने से 15 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए जो अब सरकार के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं. विधान सभा सत्र में, सर्बियाई प्रगतिशील पार्टी (एसएनएस) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन ने सत्र के एजेंडे को मंजूरी दी जिसके बाद कुछ विपक्षी नेता अपनी सीट से उठकर संसद के अध्यक्ष की तरफ दौड़े. इस दौरान सुरक्षा गार्ड्स से उनकी हाथापाई देखने को मिली. वहीं, कुछ विपक्षी सांसदों ने स्मोक ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके. लाइव प्रसारण में संसद की इमारत के अंदर काला और गुलाबी धुआं उठता दिखाई दिया. स्पीकर एना ब्रनाबिक ने कहा कि इस दौरान दो सांसद घायल हुए हैं, जिनमें से एक, एसएनएस पार्टी की जैस्मिना ओब्राडोविक को स्ट्रोक हुआ है और उसकी हालत गंभीर है. उन्होंने सत्र में कहा, 'संसद काम करना और सर्बिया की रक्षा करना जारी रखेगी.' मंगलवार को सर्बियाई संसद को देश की यूनिवर्सिटीज के लिए धनराशि बढ़ाने वाला कानून पारित करना था. इस कानून की मांग को लेकर दिसंबर से ही सर्बिया के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. संसद में देश के प्रधानमंत्री मिलोस वुसेविक के इस्तीफे पर भी चर्चा होनी थी लेकिन सत्तारूढ़ गठबंधन ने सत्र के एजेंडे में कई ऐसे मुद्दों को रखा जिससे विपक्ष बुरी तरह भड़क गया.   संसदीय सत्र के लाइव टेलीविजन प्रसारण में दिखाया गया कि सर्बियाई विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को सरकार की नीतियों के विरोध में संसद के अंदर धुआंधार ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके. इसके बाद पूरे संसद में काला और लाल धुआं फैल गया. विपक्षी सांसद सरकार से नाराज प्रदर्शन कर रहे छात्रों का भी समर्थन कर रहे थे. recent visitors 53

सीएम योगी ने संभल का जिक्र करते हुए कहा- जो हमारा है, हमें मिल जाना चाहिए, इससे इतर कुछ नहीं

लखनऊ यूपी विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था से लेकर विकास कार्यों का विस्तार से ब्योरा दिया। इस दौरान समाजवादी पार्टी पर जमकर हमले किए। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के आंकड़ों को गलत बताया और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव को चच्चू कहकर एक बार फिर तंज भी कसा। सीएम योगी ने संभल का जिक्र करते हुए कहा कि जो हमारा है, हमें मिल जाना चाहिए। इससे इतर कुछ नहीं। सीएम योगी ने कहा कि एक शरारत के तहत संभल के 68 तीर्थों और 19 कूपों की निशानी मिटाने की कोशिश की गई। उसको खोजना हमारा काम था। हमने 54 तीर्थ खोजे और 19 कूपों को भी पाया। सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ में 66 करोड़ लोग पहुंचे लेकिन एक भी अपराध की घटना नहीं हुई है। महाकुंभ में जो आया, वो अभिभूत हो गया। सभी लोग सुरक्षित घर लौटे हैं। महाकुंभ में लूट, छेड़खानी, रेप या हत्या की एक भी घटना नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा भले डॉ. राममनोहर लोहिया को अपना आदर्श मानती हो लेकिन उनके बताए रास्ते पर नहीं चलती है। सपा लोहिया के आदर्शों से दूर जा चुकी है। लोहिया जी ने कहा था कि राम, कृष्ण, शंकर भारत के आदर्श हैं लेकिन सपा को इन तीन देवताओं पर कोई भरोसा नहीं है। उपचुनाव की चर्चा करते हुए उन्होंने सपा नेता शिवपाल सिंह यादव पर तंज कसा। कहा कि चुनाव कैसे जीता जाता है यह चच्चू से बेहतर कौन जानता है। सीएम ने कहा कि महाकुंभ में भारत के विकास और विरासत की छाप दिखाई दी। महाकुंभ में कोई जाति, धर्म, क्षेत्र का भेदभाव नहीं दिखाई दिया। सीएम योगी ने महाकुंभ से हुए आर्थिक लाभ के बारे में विधानसभा में बताया। recent visitors 40

शिविर में पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गुण भी सिखाए जाएंगे: भागवत

भोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में विद्याभारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं के पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का औपचारिक उद्घाटन किया है। बता दें कि ये शिविर भोपाल के सरस्वती विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय, शारदा विहार में आयोजित किया जा रहा है। अभ्यास वर्ग में देश भर के 700 से ज्यादा पूर्ण कालिक कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर विद्या भारती के विद्यालयों और पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को शिक्षा की नई टेक्नोलॉजी से अपडेट रखने के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गुण भी सिखाए जाएंगे। वहीं, ट्रेनिंग कैंम्प के आखिरी दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, आरएसएस के विचारक और विद्या भारती के वरिष्ठ सलाहकार सुरेश सोनी का संबोधन होगा। 5 दिनों चलेगा ट्रेनिंग कैम्प केरवा डैम रोड स्थित शारदा विहार में 5 दिन चलने वाले इस अभ्यास वर्ग में एनसीईआरटी, सीबीएसई डायरेक्टर, भाषा भारती अध्यक्ष समेत शिक्षा के क्षेत्र से जुडे़ अधिकारी और विशेषज्ञ सत्रों में शामिल होंगे। पूरे अभ्यास वर्ग में कुल 22 सत्र रहेंगे। recent visitors 19