Friday, July 10, 2026 9:05 pm

शरत कमल के 20 साल के करियर पर लगा पूर्ण विराम, अचानक किया संन्यास का ऐलान, हो गए भावुक

मुंबई  भारत के महान टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंत शरत कमल ने बुधवार को घोषणा की कि चेन्नई में इस महीने के अंत में होने वाला डब्ल्यूटीटी कंटेंडर टूर्नामेंट उनके करियर का आखिरी टूर्नामेंट होगा। यह टूर्नामेंट 25 से 30 मार्च तक खेला जाएगा। 42 वर्षीय शरत ने कहा, "मैंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट चेन्नई में खेला था और अब यहीं पर मेरा आखिरी टूर्नामेंट होगा। यह पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर मेरा आखिरी मुकाबला होगा।" एक करियर जो प्रेरणा बना शरत कमल ने अपने दो दशक लंबे करियर में कई उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में सात स्वर्ण पदक और एशियाई खेलों में दो कांस्य पदक जीते। पिछले साल पेरिस ओलंपिक में उन्होंने पांचवीं और आखिरी बार भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहां वह उद्घाटन समारोह में भारत के संयुक्त ध्वजवाहक भी थे। 6 बार के गोल्ड मेडलिस्ट हैं कमल शरत ने राष्ट्रमंडल खेलों में छह स्वर्ण पदक जीते हैं जबकि एशियाई खेलों में दो कांस्य अपने नाम किये. पिछले साल पेरिस में पांचवां और आखिरी ओलंपिक खेलने वाले इस दिग्गज ने कहा, 'मैने राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों में पदक जीते हैं. ओलंपिक पदक मैं नहीं जीत सका. उम्मीद है कि मैं आने वाली युवा प्रतिभाओं के जरिये अपना सपना पूरा कर सकूंगा.' 20 साल के सफर को किया याद शरत कमल ने कहा, 'चलिए 40 साल पहले की बात करते हैं, जब मैं दो साल का था. तब मैंने पहली बार अपने हाथ में रैकेट पकड़ा था, मुझे नहीं पता था कि यह मेरा सबसे लंबा साथी बन जाएगा. मैं इसे पूरी तरह से छोड़ नहीं रहा हूं, लेकिन यह निश्चित रूप से बड़ी भीड़ के सामने बड़ी टेबल पर हमारे लिए अंत है. अपने बंदना और रैकेट को थोड़ा आराम देने का समय आ गया है. इस खेल ने मुझे जो खुशियाँ, प्यार, दर्द, सबक और सभी लोगों का दिया है, उसके लिए मैं शब्दों से परे आभारी हूँ. हर छोटी-बड़ी चीज़ हमेशा मेरे साथ रहेगी.' ओलंपिक पदक का सपना अधूरा अपने करियर के अंत की घोषणा करते हुए शरत ने कहा, "मैंने राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में पदक जीते, लेकिन ओलंपिक पदक हासिल नहीं कर सका। मुझे उम्मीद है कि आने वाली युवा प्रतिभाएं मेरा यह सपना पूरा करेंगी।" शरत वर्तमान में आईटीटीएफ (अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ) रैंकिंग में दुनिया के 42वें नंबर के खिलाड़ी हैं और भारत के सर्वोच्च रैंकिंग वाले टेबल टेनिस खिलाड़ी भी। इंस्टाग्राम पर शेयर किया भावुक संदेश शरत ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक लंबा संदेश पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अपने करियर के लिए आभार व्यक्त किया और नए चरण में खुद को फिर से तलाशने का वादा किया। उन्होंने लिखा, "मैं यह नहीं कह रहा कि मैं पूरी तरह से खेल छोड़ रहा हूं, लेकिन यह निश्चित रूप से दर्शकों की भीड़ के सामने बड़ी टेबल पर खेलने का अंत है। अब मेरे 'बंदाना' और 'रैकेट' को थोड़ा आराम देने का समय है।" दो साल की उम्र से शुरू हुआ सफर शरत ने अपने संदेश में उस समय को याद किया जब उन्होंने महज दो साल की उम्र में पहली बार रैकेट पकड़ा था। उन्होंने कहा, "मैं नहीं जानता था कि यह मेरा सबसे लंबे समय तक चलने वाला साथी बन जाएगा। इस खेल ने मुझे खुशी, प्यार, दर्द और सबक दिया है। हर छोटी चीज हमेशा मेरे साथ रहेगी।" एथलीट आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में नई भूमिका शरत वर्तमान में भारतीय ओलंपिक संघ के एथलीट आयोग के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा, "यह कल्पना करना कठिन है कि जब मैं टेबल टेनिस नहीं खेलूंगा, तो जीवन कैसा होगा। लेकिन ऐसा होगा ही।" recent visitors 54

पंजाब पुलिस भर्ती 1700 से ज्यादा पदों पर निकली , अच्छी सैलरी, जानें आयु पात्रता और लास्ट डेट

 पुलिस विभाग में सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका है। पंजाब पुलिस ने  1764 कांस्टेबल के पदों पर भर्ती निकाली है। आवेदन की आखिरी तारीख 13 मार्च है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार punjabpolice.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बिहार पुलिस सब ऑर्डिनेट कमीशन (Bihar Police Sub-Ordinate Service Commission, BPSC) ने एक्‍साइज सब इंस्‍पेक्‍टर के पदों पर भर्तियां निकाली हैं।बीपीएससी के माध्‍यम से होने वाली ये भर्तियां मध निषेध, उत्‍पाद व निबंधन विभाग में सब इंस्‍पेक्‍टर (Sub-Inspector Prohibition) के पदों पर होनी हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार bpssc.bih.nic.in पर जाकर 27 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। कुल पद : 1,746 वैकेंसी वैकेंसी डिटेल:     जिला पुलिस कैडर: 1,261     सशस्त्र पुलिस कैडर: 485 आयु सीमा: उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा की न्यूनतम सीमा 18 वर्ष और अधिकतम सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें आयु की गणना 1 जनवरी 2025 से की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में नियमानुसार छूट दी जाएगी।शारीरिक मानकों के अनुसार, पुरुष उम्मीदवारों की न्यूनतम लंबाई 5 फुट 7 इंच (170.2 से.मी.) और महिला उम्मीदवारों की न्यूनतम लंबाई 5 फुट 2 इंच (157.5 से.मी.) होनी चाहिए। पात्रता मानदंड: कांस्टेबल (जिला और सशस्त्र पुलिस कैडर): उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड/ विश्वविद्यालय से 10+2 या इसके समकक्ष होना चाहिए।भूतपूर्व सैनिकों के मामले में, न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिकुलेशन होगी। सैलरी: कांस्टेबल पदों के लिए फाइनली सेलेक्ट होने वाले कैंडिडेट्स को 19,900/- रुपये पे स्केल और सेवा में शामिल होने की तारीख से तीन साल के लिए 19,900/- रुपये प्रति महीने की न्यूनतम सैलरी मिलेगी। आवेदन शुल्क : सामान्य श्रेणी के लिए 1,200 रुपये।केवल पंजाब राज्य के भूतपूर्व सैनिक (ईएसएम)/ईएसएम के वंशज के लिए 500 रुपये।सभी राज्यों के एससी/एसटी उम्मीदवार और केवल पंजाब राज्य के पिछड़े वर्ग के लिए 700 रुपये। ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) उम्मीदवार के लिए 500 रुपये। चयन प्रक्रिया: उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT), शारीरिक दक्षता परीक्षण (PST) और शारीरिक मापन परीक्षण (PMT) के माध्यम से किया जाएगा। कांस्टेबल के पदों पर उम्मीदवारों का कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट लिया जाएगा। पहला पेपर 100 और दूसरा 50 अंक का होगा। आवेदन की आखिरी तारीख: 13 मार्च 2025 कुल पद : 28 वैकेंसी डिटेल:     अनारक्षित 12     ईडब्ल्यूएस 03     ईबीसी 05     बीसी 03     बीसी महिला 01     एससी 04 आयु सीमा: उम्मीदवारों की न्यूनतम उम्र 20 वर्ष और अधिकतम उम्र 37 वर्ष पुरुषों के लिए तय की गई है। वहीं महिलाओं के लिए ऊपरी आयुसीमा 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आयुसीमा की गणना 1 अगस्त 2024 के आधार पर की जाएगी। वहीं ऊपरी आयुसीमा में आरक्षित वर्गों को छूट मिलेगी। योग्यता: उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना चाहिए या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त उसके समकक्ष परीक्षा में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सामान्य और ओबीसी पुरुष अभ्यर्थियों की हाइट 165 CMS होनी चाहिए। अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए 160 CMS तय की गई है। वहीं सभी वर्ग की महिला अभ्यर्थियों की हाइट 155 CMS तय की गई है।पुरुषों के लिए 1.6 किमी की दौड़ 6 मिनट 30 सेकेंड और महिलाओं को 1 किमी की दौड़ 6 मिनट में लगानी होगी। इसके अलावा अभ्यर्थियों से हाइ जंप, लॉन्ग जंप और गोला फेंक भी फिकवाया जाएगा। सैलरी: चयनित अभ्यर्थियों को लेवल-06 के मुताबिक प्रति माह वेतन मिलेगा। आवेदन शुल्क : सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस और अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को आवेदन के दौरान 700 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं राज्य के एससी/एसटी/महिला अभ्यर्थियों के लिए 400 आवेदन शुल्क तय किया गया है। चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा (प्रारंभिक और मुख्य), फिजिकल, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, मेडिकल एग्जामिनेशन आदि चरणों के जरिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।   recent visitors 51

गाड़ी चलाते समय बजाया हूटर तो चलेगा डंडा! पुलिस मुख्यालय ने विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश

भोपाल मध्य प्रदेश में निजी वाहनों पर लाल, पीली, नीली फ्लैश लाइट, हूटर और VIP स्टीकर लगाकर रौब झाड़ने वाले चालकों के खिलाफ पुलिस अब सख्त कार्रवाई करने जा रही है. पुलिस मुख्यालय ने भोपाल और इंदौर के पुलिस कमिश्नर सहित सभी जिलों के SP को निर्देश जारी किए हैं. 1 मार्च से 15 मार्च तक 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. यह कदम अनधिकृत वाहनों की बढ़ती संख्या और अवांछित गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है. पुलिस मुख्यालय का निर्देश पुलिस मुख्यालय ने अपने पत्र में कहा, "प्रदेश में मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ निजी वाहनों पर हूटर, फ्लैश लाइट (लाल, पीली, नीली बत्ती), VIP स्टीकर और गलत नंबर प्लेट के मामले बढ़ रहे हैं. कार्यवाही न होने से ऐसे चालकों को प्रोत्साहन मिल रहा है." पत्र में एक हालिया घटना का जिक्र है, जहां एक जिले में VIP भ्रमण के दौरान ऐसा वाहन पकड़ा गया और उसके खिलाफ BNS और मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया. सभी जिलों से इसी तरह की कार्रवाई की अपेक्षा की गई है. रिपोर्ट 18 मार्च तक ईमेल  cell02_ptri@mppolice.gov.in या aig_ptri@mppolice.gov.in  पर मांगी गई है. अभियान का दायरा1 से 15 मार्च तक चलने वाले इस अभियान में चार मुख्य बिंदुओं पर फोकस होगा:   – हूटर का दुरुपयोग   – फ्लैश लाइट (लाल, पीली, नीली बत्ती) का अनधिकृत इस्तेमाल   – VIP स्टीकर का गलत प्रयोग   – गलत नंबर प्लेट वाले वाहन दिग्विजय की मांग से शुरुआत इस अभियान की पृष्ठभूमि में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का हालिया पत्र भी है. कुछ समय पहले उन्होंने DGP को पत्र लिखकर ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. उनका कहना था कि यह चलन न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों में भय और भ्रम भी पैदा करता है. अब पुलिस मुख्यालय के निर्देश से यह मांग कार्रवाई में बदल रही है. सड़क पर बढ़ेगा शिकंजा यह अभियान निजी वाहनों के जरिए रौब दिखाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. पुलिस का कहना है कि यह कदम अवैध गतिविधियों को हतोत्साहित करेगा और नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा हूटर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस मुख्यालय ने जताई नाराजगी पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देश में यह भी कहा गया कि कुछ दिन पहले VIP विजिट के दौरान एक ऐसा अनाधिकृत वाहन भी पकड़ा गया था, लेकिन उसके बाद भी मध्य प्रदेश के सड़कों पर अनवरत रूप से हूटर समेत प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग निजी वाहन चालकों द्वारा धडल्ले से किया जा रहा है. मध्य प्रदेश में निजी वाहनों पर अनाधिकृत सामग्री के उपयोग के मामले तेजी से बढ़े हैं गौरतलब है. प्रदेश में मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ निजी वाहनों पर हूटर, वाहन पर फ्लैश लाइट (लाल, पीली, नीली बत्ती), VIP स्टीकर व गलत नम्बर प्लेट के मामले तेजी से बढ़े हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से उन्हें प्रोत्साहन मिल रहा है. जारी निर्देश में कहा गया है कि ऐसे अनाधिकृत वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है recent visitors 50

अरुणपति त्रिपाठी शराब घोटाला मामला में कोर्ट ने ईओडब्ल्यू को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाला मामले में आबकारी विभाग के निलंबित अफसर अरुणपति त्रिपाठी की क्रिमिनल रिवीजन पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने ईओडब्ल्यू को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शराब घोटाले मामले में मई 2023 में आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और शराब वितरण कंपनी सीएसएमसीएल के पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था. पूछताछ के बाद ईडी की विशेष अदालत ने जेल भेज दिया था. त्रिपाठी ने विशेष अदालत में जमानत अर्जी लगाई थी, जिसे खारिज कर दिया गया. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत याचिका लगाई. राहत नहीं मिलने पर त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में दोबारा जमानत अर्जी लगाई, जिस पर उन्हें जमानत दी गई थी. उल्लेखनीय है कि त्रिपाठी के मामले में ईओडब्ल्यू ने भी संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया था. विभाग ने बिना शासन की अनुमति लिए ही कार्रवाई कर ली थी. इसे त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में चुनौती देकर क्रिमिनल रिवीजन प्रस्तुत की. इसमें कहा गया कि धारा 9 के अंतर्गत ऐसे मामलों में शासन की अनुमति पहले लेनी चाहिए. जस्टिस अरविन्द कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में आज सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद कोर्ट ने ईओडब्ल्यू को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब तलब किया है. मामले में अगली सुनवाई 17 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में संभावित है. recent visitors 38

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास मध्यप्रदेश को “स्टार्ट-अप और नवाचार का केंद्र” बनाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीआईएस-भोपाल में देश के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न पर काम करते हुए मध्यप्रदेश भी तेजी के साथ एक मजबूत स्टार्ट-अप हब के रूप में उभर रहा है। प्रदेश सरकार नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए युवा उद्यमियों की आकांक्षाओं के अनुकूल स्टार्ट-अप कल्चर को विकसित करने की दिशा में प्रभावी रणनीति अपना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास मध्यप्रदेश को "स्टार्ट-अप और नवाचार का केंद्र" बनाना है, जहां युवा उद्यमियों के आइडियाज को सफल व्यवसायों में बदलने के लिए अनुकूल माहौल और पूरा सहयोग मिले। जीआईएस-भोपाल में आयोजित ‘फ्यूचर-फ्रंटियर : स्टार्ट-अप पिचिंग’ सेशन नें प्रदेश के स्टार्ट-अप्स इकोसिस्टम को पंख दे कर ग्लोबल बना दिया है। आधुनिक तकनीक के इस युग में देश के स्टार्ट-अप जगत में मध्यप्रदेश बहुत तेजी से अपनी उपस्थिति दर्ज चुका है। जीआईएस-भोपाल में 20 से अधिक यूनिकॉर्न के संस्थापकों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है। स्टार्ट-अप पर फोकस्ड सेशन ‘फ्यूचर-फ्रंटियर : स्टार्ट-अप पिचिंग’ में शामिल होने के लिए कुल 180 स्टार्ट-अप्स ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 25 हाईली पोटेंशियल स्टार्ट-अप्स ने प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के विश्लेषण के बाद उन्हें जरूरी मार्गदर्शन और निवेश के अवसर भी मिले। इस सेशन में कुल 47 स्टार्ट-अप शामिल हुए थे। इनमें से 19 स्टार्ट-अप्स को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट प्राप्त हुए। आईआईसीई ने 4 स्टार्ट-अप्स में रुचि दिखाई, एसजीएसआईटीएस ने 3 स्टार्ट-अप्स में, सिल्वर नीडल वेंचर्स ने 3 स्टार्ट-अप्स में, आईटीआई ग्रोथ ने 3 स्टार्ट-अप्स में, ईज़ीसीड ने 7 स्टार्ट-अप्स में, सीफंड ने 3 स्टार्ट-अप्स में, वेंचर कैटालिस्ट्स ने 10 स्टार्ट-अप्स में, वीएएसपीएल इनिशिएटिव्स ने 4 स्टार्ट-अप्स में, एआईस-आरएनटीयू ने 5 स्टार्ट-अप्स में तथा इक्वैनिमिटी इन्वेस्टमेंट्स ने 5 स्टार्ट-अप्स में निवेश की अभिरुचि प्रदर्शित की। स्टार्ट-अप्स को मिल रही है वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन मध्यप्रदेश में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिये महिलाओं, अनुसूचित जाति, जनजाति के उद्यमियों के स्टार्ट-अप्स को पहले निवेश पर 18 फीसदी, अधिकतम 18 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिल रही है। अन्य स्टार्ट-अप्स को पहले निवेश पर 15 प्रतिशत सहायता, अधिकतम 15 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके साथ इन्क्यूबेटर विस्तार के लिए 5 लाख रुपये का एक मुश्त अनुदान, स्टार्ट-अप्स के ऑफिस किराए में 50 फीसदी राशि की वापसी (तीन वर्षों तक प्रतिमाह 5,000 रुपये) की भी व्यवस्था की गई है। नीति में पेटेंट कराने पर 5 लाख रुपये तक की सहायता और पेटेंट फाइल करने की प्रक्रिया में आवश्यक सहायता का भी प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप्स को विशेष प्रोत्साहन मध्यप्रदेश में इस समय 4,900 से अधिक स्टार्ट-अप संचालित हो रहे हैं। इनमें से करीब 44 प्रतिशत स्टार्ट-अप्स महिलाओं द्वारा संचालित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा लक्ष्य 'स्टार्ट-अप इंडिया' के तहत पंजीकृत स्टार्ट-अप्स की संख्या को 100 प्रतिशत तक बढ़ाना और कृषि एवं खाद्य क्षेत्र में स्टार्ट-अप्स को 200 प्रतिशत तक बढ़ावा देना है। इसके लिए प्रदेश में 72 इनक्यूबेटर कार्यरत हैं और उत्पाद-आधारित स्टार्ट-अप्स को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार की स्टार्ट-अप नीति और क्रियान्वयन योजना के अंतर्गत स्टार्ट-अप्स को वित्तीय मदद, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में सहायता और नीतिगत मदद मुहैया कराई जा रही है। नई स्टार्ट-अप नीति के तहत वित्तीय अनुदान के पात्र स्टार्ट-अप्स को कुल निवेश का 18 फीसदी (अधिकतम 18 लाख रुपये) का अनुदान दिया जा रहा है। नई नीति में वित्तीय प्रोत्साहन, अधोसंरचना सहायता और क्षमता निर्माण कार्यक्रम शामिल हैं।   recent visitors 40

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे की शादी कल जोधपुर में होगी

भोपाल बेटे की शादी की तैयारी का जायजा लेने और कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे किसान मेले के समापन समारोह में शिरकत करने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को जोधपुर पहुंचे। केंद्रीय मंत्री चौहान के बेटे कार्तिकेय की शादी अमानत से हो रही है। अमानत प्रसिद्ध शूज निर्माता कंपनी लिबर्टी के अनुपम बंसल की बेटी है। शादी की सभी तैयारियां शुरू हो चुकी है। 6 मार्च को उम्मेद भवन पैलेस में कार्तिकेय और अमानत सात फेरे लेंगे। शिवराज ने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया। शादी में मेहमानों को राजस्थानी जायके का स्वाद मिलेगा। मेन्यू में मारवाड़ी केर सांगरी की सब्जी, गुलाब जामुन की सब्जी और जोधपुर का फेमस मिर्ची बड़ा खास तौर पर शामिल किया गया है। उम्मेद भवन पैलेस में 6 मार्च को कार्तिकेय और अमानत बंसल सात फेरे लेंगे। कार्तिकेय शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे हैं, जबकि अमानत प्रसिद्ध शूज निर्माता कंपनी लिबर्टी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुपम बंसल की बेटी हैं। मेहमानों के ठहरने के लिए पैलेस सहित जोधपुर के चार होटल बुक किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आज 66वां जन्मदिन है। उन्होंने इस मौके पर उम्मेद पैलेस में पौधारोपण किया। कार्तिकेय और अमानत की 6 मार्च को शादी है। उम्मेद पैलेस में आज मेहंदी की रस्म होगी। रात को संगीत का प्रोग्राम होगा। मंत्री अपनी पत्नी साधना सिंह, बड़े बेटे कार्तिकेय (दूल्हा), छोटे बेटे कुणाल, छोटी बहू रिद्धि और कुछ रिश्तेदारों के साथ मंगलवार को ही जोधपुर पहुंच गए थे। आज भी मेहमानों का आना जारी रहेगा। दोपहर में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्रसिंह तोमर आएंगे। एयरपोर्ट पर आई जोधपुरी लस्सी एयरपोर्ट पर सभी मेहमानों का स्वागत कलाकारों ने स्वर लहरियों से किया गया। मेहमानों का एयरपोर्ट पर लस्सी और काजू कतली से मुंह मीठा करवाया गया। एयरपोर्ट पर सभी मेहमानों के लिए रेड कारपेट बिछाया गया। चार्टर विमान से आएंगे मेहमान कार्तिकेय और अमानत की शादी के कार्यक्रम जोधपुर में मंगलवार से शुरू हो गए। इसके लिए केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ जोधपुर पहुंचे। इनके अलावा अन्य मेहमानों के आने का सिलसिला बुधवार सुबह से शुरू होगा। सूत्रों की मानें तो एयरपोर्ट पर करीब 12 चार्टर विमान उतरेंगे। शादी को लेकर क्या बोले पिता-पुत्र     शिवराज सिंह-"बेटियों को हमेशा बेटों से बढ़कर माना है। अब हमारे घर में भी बेटी आ रही है। उसके स्वागत में सभी लगे हुए हैं।"     दूल्हे कार्तिकेय-"सांस्कृतिक नगरी में नए जीवन की शुरुआत करने की खुशी है। शादी की तैयारियों का सारा जिम्मा परिवार ने संभाला है।" देर रात इंदौर पहुंची बारात का स्वागत केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बड़े पुत्र कार्तिकेय की बारात देर रात इंदौर पहुंची। बसों से आई बारात का स्वागत करने बड़ी संख्या में भाजपा नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंगलवार सुबह बारात इंदौर एयरपोर्ट से जोधपुर के लिए रवाना हो गई, जहां 6 मार्च को उम्मेद पैलेस में शादी का आयोजन होगा। मेहमानों को मिलेगा राजस्थानी जायका, जानें शादी में क्या होगा खास… मिर्ची बड़े के साथ-साथ जोधपुर की प्रसिद्ध मिठाइयां होंगी समारोह से जुड़े सूत्रों के अनुसार- केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान इस पूरे आयोजन को बहुत ही सादगीपूर्ण रखने के पक्ष में हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़े वेंडर्स को भी इस बारे में बताया था। इस कारण शादी का खाना पूरी तरह शाकाहारी होगा। उसमें भी खासतौर पर राजस्थान के देसी पकवानों को शामिल किया गया है। हाई प्रोफाइल मेहमानों को मारवाड़ी व्यंजनों को परोसा जाएगा। जानकारों की मानें तो मेन्यू में केर सांगरी, गट्टे की सब्ज़ी, कचौरी और मिर्ची बड़े के साथ-साथ जोधपुर की प्रसिद्ध मिठाइयां होंगी। गुलाब जामुन, राजभोग व चक्की की सब्जी और चपाती के साथ बाजरे का सोगरा भी परोसा जाएगा। हल्दी सहित वर निकासी की रस्म संपन्न कार्तिकेय और अमानत की शादी के फंक्शन भोपाल में 2 मार्च से शुरू हो गए हैं। हल्दी की रस्म अदा की गई थी। 3 मार्च की शाम को वर निकासी के अवसर पर गणेश अंबिका पूजन संपन्न हुआ। एयरपोर्ट पर उतरेंगे एक दर्जन चार्टर विमान कार्तिकेय और अमानत की शादी के कार्यक्रम जोधपुर में आज से शुरू हो जाएंगे। इसके लिए केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ आज जोधपुर आएंगे। इनके अलावा अन्य मेहमानों के आने का सिलसिला बुधवार सुबह से शुरू होगा। सूत्रों की मानें तो इन दो दिनों में जोधपुर एयरपोर्ट पर ही करीब 12 चार्टर विमान भी उतरेंगे। देश की राजनीतिक हस्तियां होंगी शामिल विवाह समारोह में देशभर से करीब 300 से ज्यादा VVIP मेहमानों के जोधपुर आने की उम्मीद है। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, गजेंद्रसिंह शेखावत, जनरल वीके सिंह, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी व प्रेमचंद बैरवा, कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर सहित देश व प्रदेश के कई अन्य मंत्री भी शादी समारोह में शिरकत करेंगे। मेहमानों के रुकने के लिए पैलेस सहित चार होटल बुक रिश्तेदारों और अन्य VVIP के लिए उम्मेद भवन पैलेस में इंतजाम किया गया है। इसके अलावा होटल आईटीसी वेलकम, रेडिसन और अजीत भवन में भी बुकिंग की जा चुकी है। पिछले साल हुई थी सगाई अमानत बंसल ने लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से साइकोलॉजी की पढ़ाई की है। दोनों की सगाई पिछले साल 17 अक्टूबर को दिल्ली में हुई थी। recent visitors 47

दमोह : आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष में 322 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा

दमोह दमोह जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शराब दुकानों के ई-टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आबकारी विभाग ने इस बार बड़ा बदलाव करते हुए जिले की सभी 58 शराब दुकानों को एक ही समूह में बांट दिया है। इससे पहले ये दुकानें चार समूहों में विभाजित थीं। आबकारी विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 322 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। इस बार शराब ठेकों के आवंटन के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन छोटे कारोबारियों के लिए प्रतिस्पर्धा करना कठिन हो जाएगा। बड़े कारोबारियों और सिंडिकेट को मिलेगा लाभ शराब दुकानों को एक समूह में रखने के कारण छोटे ठेकेदारों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। टेंडर आवेदन के लिए डिपॉजिट राशि तो जमा कर सकते हैं, लेकिन टेंडर पास होने पर समूह की रिजर्व प्राइस का 10 प्रतिशत (लगभग 32 करोड़ रुपये) बैंक गारंटी के रूप में देना अनिवार्य होगा। यह शर्त छोटे कारोबारियों के लिए भारी साबित हो सकती है, जबकि बड़े कारोबारी और सिंडिकेट आसानी से इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। पिछली प्रक्रिया क्यों हुई थी निरस्त? फरवरी 2024 में दमोह जिले के शराब ठेकों की लॉटरी प्रणाली के जरिए नीलामी होनी थी। इस नीति के तहत, 20 प्रतिशत राशि बढ़ाते हुए 322 करोड़ रुपये का टारगेट रखा गया था। हालांकि, किसी भी ठेकेदार ने न तो लॉटरी प्रक्रिया में भाग लिया, न ही नवीनीकरण (रिनुअल) के लिए आवेदन दिया। इस वजह से लॉटरी प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी और अब ई-टेंडरिंग प्रणाली अपनाई गई है। ठेकेदारों में असमंजस, कौन होगा विजेता? इस नई नीति से जिले के शराब ठेकेदारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वर्ष 2024-25 में शराब दुकानें चार समूहों में विभाजित थीं और कुल 270 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य था। इस बार 20 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 322 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है और पूरा जिला एक समूह में शामिल किया गया है। अब देखना यह होगा कि दमोह का कोई ठेकेदार इस चुनौती को स्वीकार करता है या कोई बाहरी बड़ा समूह इस नीलामी को जीतता है। राजस्व बढ़ेगा इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी रविंद्र खरे ने बताया कि आयुक्त के निर्देशानुसार जिले की 58 दुकानों को एक समूह में शामिल करते हुए ई-टेंडर प्रक्रिया लागू की गई है। यह निर्णय सरकार की नई आबकारी नीति के तहत लिया गया है और राजस्व बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।   recent visitors 40