प्रदेश की मोहन सरकार ने फिर लिया 6 हजार करोड़ का कर्ज, 15 दिनों में दूसरी बार बाजार से उठाया लोन

भोपाल  राज्य सरकार ने 15 दिनों के भीतर दूसरी बार 6000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। इससे पहले 18 फरवरी को भी सरकार ने इसी राशि का ऋण लिया था। इस वित्तीय वर्ष में अब तक सरकार कुल 47,000 करोड़ रुपये का कर्ज उठा चुकी है। लगातार बढ़ रहा कर्ज राज्य सरकार अगस्त 2024 से अब तक हर महीने बाजार से कर्ज ले रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह ऋण विकास परियोजनाओं और अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए लिया गया है। कर्ज सीमा के भीतर लेने का दावा वित्त विभाग ने बताया कि यह कर्ज वित्तीय नियमों के तहत लिया गया है और सरकार के बजटीय प्रबंधन के दायरे में आता है। हालांकि, विपक्ष ने सरकार की ऋण नीति पर सवाल उठाए हैं और इसे राज्य की आर्थिक स्थिति के लिए चिंताजनक बताया है। प्रदेश सरकार अगस्त 2024 से अब तक हर महीने बाजार से कर्ज ले रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह ऋण विकास परियोजनाओं और अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए लिया गया है। यह कर्ज वित्तीय नियमों के तहत लिया गया है और सरकार के बजटीय प्रबंधन के दायरे में आता है। हालांकि, विपक्ष ने सरकार की ऋण नीति पर सवाल उठाए हैं और इसे राज्य की आर्थिक स्थिति के लिए कर्ज का उपयोग और भविष्य की योजना सरकार का कहना है कि यह ऋण बुनियादी ढांचे, बिजली क्षेत्र और कल्याणकारी योजनाओं में खर्च किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कर्ज की अदायगी की योजना भी बनाई जा रही है ताकि वित्तीय संतुलन बना रहे। मुफ्तखोरी की योजनाओं को पूरा करने में जा रहा कर्ज का एक बड़ा हिस्सा     वर्तमान वित्त वर्ष में राज्य सरकार अगस्त 2024 से अमूमन हर माह नियमित रूप से बाजार से कर्ज उठा रही है।     वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक गतिविधियों और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए कर्ज लिया जा रहा है।     यह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम में निर्धारित सीमा के भीतर है। सरकार राज्य सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में तीन प्रतिशत तक कर्ज ले सकती है।     आधा प्रतिशत और कर्ज बिजली सहित अन्य क्षेत्रों में अधोसंरचना सुधार के काम करने पर लिया जा सकता है।     राज्य सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज का एक बड़ा हिस्सा मुफ्त की योजनाओं को पूरा करने में ही चला जाता है। वर्ष 2024-25 में सरकार 65 हजार करोड़ रुपये तक कर्ज ले सकती है। वित्तीय वर्ष 24-25 में लिया कर्ज वर्ष- कर्ज (राशि करोड़ में)     06 अगस्त 2024- 5,000     27 अगस्त 2024- 5,000     24 सितंबर 2024- 5,000     08 अक्टूबर 2024-5,000     26 नवंबर 2024 – 5,000     24 दिसंबर 2024 -5,000     31 दिसंबर 2024 – 5,000     18 फरवरी 2025 -6,0000     4 मार्च 2025- 6,000 कुल – 47 हजार करोड़ रुपये   recent visitors 37

ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर एश्टन एगर के कहा- आप कोहली पर दबाव नहीं बना सकते

नई दिल्ली गेंदबाज अक्सर एकदिवसीय क्रिकेट में विराट कोहली को बांधने के लिए संघर्ष करते हैं और ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर एश्टन एगर के अनुसार, इसका एक प्रमुख कारण स्ट्राइक रोटेट करने की उनकी बेजोड़ क्षमता है। चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की सेमीफाइनल जीत के बाद एगर ने कोहली की 84 रन की पारी को खेल प्रबंधन में "मास्टरक्लास" बताया, और इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे अंतराल ढूंढने और स्कोरबोर्ड को चालू रखने की उनकी क्षमता दबाव बनाना लगभग असंभव बना देती है।   एगर ने कहा, 'उन्हें गेंदबाजी करने का यह निराशाजनक हिस्सा है। बात यह नहीं है कि वह बाउंड्री से कितना नुकसान करता है – बात यह है कि आप उस पर दबाव नहीं बना सकते। जब तक गेंद वास्तव में घूम नहीं रही हो तब तक आपको ऐसा कभी महसूस नहीं होता कि आप उसके ऊपर हैं। और आपको एकदिवसीय क्रिकेट में इस तरह की बहुत सारी पिचें नहीं मिलती हैं।' कोहली की 98 गेंदों में 84 रन की पारी भारत के लक्ष्य का पीछा करने में अहम भूमिका रही क्योंकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के 264 रन को 4 विकेट शेष रहते ही पार कर लिया। स्ट्रोकप्ले से अधिक, स्कोरबोर्ड को चालू रखने की उनकी क्षमता ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को निराश किया। कोहली की पारी विकेटों के बीच दौड़ में मास्टरक्लास थी। उनके 84 रनों में से 64 रन एकल और दो रनों से आए, जो अनावश्यक जोखिम उठाए बिना पारी को आगे बढ़ाने की उनकी क्षमता का प्रमाण है। एगर ने बताया कि स्पिन के खिलाफ कोहली की तकनीक, विशेष रूप से गेंद को पूरी तरह से रखने की उनकी क्षमता, उन्हें गेंदबाजी करने के लिए सबसे कठिन बल्लेबाजों में से एक बनाती है। उन्होंने कहा, 'उसके पास आपकी सर्वश्रेष्ठ गेंद को हिट करने की शानदार क्षमता है – मध्य स्टंप के शीर्ष पर, थोड़ा दूर घूमती हुई – बल्ले का चेहरा दूसरों की तुलना में थोड़ा अधिक समय तक पकड़कर। वह इसे आखिरी सेकंड में खोलता है और इसे कवर-पॉइंट गैप में मारता है। ऐसा करने में वह शायद दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है, और उस पर दबाव बनाना बहुत मुश्किल है।' recent visitors 41

मौसम ने बदली करवट, भोपाल, इंदौर-ग्वालियर संभाग में लुढ़का रात का तापमान

भोपाल मध्य प्रदेश के मौसम में लगातार परिवर्तन देखने को मिल रहा है। जहां अभी तक तापमान लगातार बढ़ रहा था वहीं अब तेज हवाओं की वजह से तापमान में चार डिग्री तक गिरावट देखी गई है।  प्रदेश के पश्चिमी हिस्से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में दिन के तापमान में 4.2 डिग्री तक की गिरावट हुई है। मंगलवार को हवा की रफ्तार 10 से 12Km प्रतिघंटा तक रही। ऐसा ही मौसम बुधवार को भी रहेगा। इसके बाद दिन के पारे में फिर से 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो जाएगी। वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव, 9 मार्च से नया सिस्टम मौसम विभाग के के अनुसार वर्तमान में  एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस पाकिस्तान के पास एक्टिव है। टर्फ भी गुजर रहा है। इस वजह से हवा चल रही है और प्रदेश के पारे में गिरावट देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले एक-दो दिन तक ऐसा ही मौसम बन रहेगा इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 9 मार्च से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो सकता है। ऐसा होने पर दो दिन बाद प्रदेश में भी असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, बारिश होने के अभी आसार नहीं है। ज्यादातर शहरों के तापमान में आई गिरावट मंगलवार को मौसम में बदलाव देखने को मिला। ज्यादातर शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है। पचमढ़ी में पारा 27.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि खरगोन में 35.6 डिग्री, खंडवा में 35.1 डिग्री, नर्मदापुरम में 34.5 डिग्री, मंडला में 34 डिग्री, मलाजखंड में 33.5 डिग्री, रतलाम-उमरिया में 33.2 डिग्री और दमोह में पारा 33 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 31 डिग्री, इंदौर में 30.5 डिग्री, ग्वालियर में 30.9 डिग्री, उज्जैन में 31.2 डिग्री और जबलपुर में पारा 32.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को शिवपुरी में 4.2 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 28 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह इंदौर-गुना में 2.6 डिग्री, भोपाल में 1.2 डिग्री, धार में 2.3 डिग्री, रतलाम में 1.8 डिग्री, उज्जैन में 1.8 डिग्री की गिरावट हुई। बैतूल, खंडवा, पचमढ़ी, रायसेन, खजुराहो, नौगांव, सागर में भी मामूली गिरावट हुई। इससे पहले सोमवार-मंगलवार की रात में भी पारे में गिरावट दर्ज की गई। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 5 मार्च: भोपाल में आसमान साफ रहेगा, लेकिन हवा की वजह से दिन का पारा 28 डिग्री तक पहुंच सकता है। ऐसा ही मौसम इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी देखने को मिलेगा। 6 मार्च: इस दिन भी दिन-रात के तापमान में गिरावट हो सकती है। recent visitors 52

लुई फिलिप ने भोपाल में पेश किया ‘मूड्स ऑफ समर’ कलेक्शन

लुई फिलिप ने भोपाल में पेश किया 'मूड्स ऑफ समर' कलेक्शन गर्मियों के लिए आरामदायक और स्टाइलिश कपड़ों का कलेक्‍शन जिन्‍हें पहनकर आप बीच किनारे धूप में टहल सकते हैं या फिर सुहावनी शाम का आनंद उठा सकते हैं भोपाल  आदित्य बिरला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड के प्रीमियम मेन्सवियर ब्रांड लुईस फिलिप ने 'मूड्स ऑफ समर' कलेक्‍शन पेश किया है। इस कलेक्‍शन में दिए गए परिधान गर्मियों के लिए बहुत अच्छे हैं और बेहद खूबसूरत लगते हैं। यह ऐसे कपड़े हैं जो पहनने में आरामदायक हैं और दिखने में भी शानदार हैं। इसे उन लोगों के लिए बनाया गया है जो गर्मियों में घूमने-फिरने और आराम करने का आनंद लेते हैं। यह कलेक्‍शन आज के ज़माने के पुरुषों के लिए डिजाइन किया गया है जोकि उन्‍हें गर्मियों में भी स्टाइलिश और आरामदायक रखेगा। ये कपड़े ऐसे हैं कि आप उन्हें दिन में पूल के किनारे भी पहन सकते हैं और रात में किसी पार्टी में भी। इसमें लिनेन और कॉटन जैसे हल्के कपड़े हैं, जो गर्मियों के लिए बहुत अच्छे हैं। कपड़ों की सिलाई बहुत अच्छी है और डिज़ाइन भी ट्रेंडी हैं। चाहे आपको दिन में घूमने जाना हो या रात में किसी पार्टी में, इस कलेक्‍शन में हर तरह के कपड़े हैं। इसमें लिनेन शर्ट, आरामदायक चिनोस, रंगीन पोलो, शॉर्ट्स, हल्के ब्लेज़र और साटन के ईवनिंग वियर्स भी हैं। कुल मिलाकर, ‘मूड्स ऑफ समर’ कलेक्‍शन उन पुरुषों के लिए है जो गर्मियों में आरामदायक और स्टाइलिश दिखना चाहते हैं। इस लॉन्च के बारे में, सुश्री फरीदा कलियादान, चीफ ऑपरेटिंग ऑफीसर, लुईस फिलिप ने कहा, "यह कलेक्‍शन गर्मियों के मौसम के लिए बिल्कुल सही है – चाहे वह समुद्र तट के किनारे की शांति हो या एक हलचल भरे यूरोपीय शहर की एनर्जी। ' मूड्स ऑफ समर' कलेक्‍शन उन पुरुषों के लिए डिजाइन किया गया है जिन्‍हें हर सीजन में कम्‍फर्ट के साथ-साथ दिखने में सुंदर कपड़े चाहिए। इसमें प्रीमियम फैब्रिक का इस्‍तेमाल किया गया है, यह बेहद महीन कारीगरी से बनाए गए हैं और इसमें दुनिया के सबसे खूबसूरत जगहों से प्रेरित रंगों को शामिल किया गया है।  यह कलेक्‍शन अपने आप में ही गर्मियों से प्‍यार करने का तोहफा है।” इस कलेक्‍शन में हर अवसर के लिए कपड़े हैं प्रत्येक कलेक्‍शन स्‍टाइल की एक यात्रा है, जो अलग-अलग गंतव्यों और सांस्कृतिक प्रेरणाओं के सार को कैद करती है। यह एक ऐसी वार्डरोब तैयार करता है जिसमें खूबसूरती और रोमांच दोनों मौजूद हैं। •    लिनन बाय नेचर: यह गर्मियों के लिए बहुत जरूरी कपड़े हैं। इन्हें खास रंगों में बनाया गया है जैसे हल्के रंग, एकदम सफेद और ऐसे रंग जो धूप में खिले हुए लगते हैं। ये कपड़े उन पुरुषों के लिए हैं जो आराम और स्टाइल दोनों चाहते हैं। •    टेल्‍स ऑफ मसाई: अफ्रीका की समृद्ध कला और शिल्प परंपराओं से प्रेरित, इस कलेक्‍शन में बोल्ड प्रिंट, अर्दी-टोन वाले रंग और जटिल एम्‍ब्रॉयडरी की बारीकियां हैं जो हर लुक में रोमांच की भावना पैदा करते हैं। •    लैंड ऑफ सकुरा: एक व्यावसायिक यात्री की खुशी, यह कलेक्‍शन जापान की नजरअंदाज की गई सुंदरता का संयोजन आधुनिक बिजनेस सिल्हूट के साथ करता है। यह स्‍टाइल और स्थिरता दोनों को महत्व देने वालों के लिए गर्मियों का एक आदर्श फॉर्मल कलेक्‍शन है। •    कार्निवल लिनेन: यह कपड़ों का एक ऐसा कलेक्‍शन है जो रंगों और मस्ती से भरपूर है। इसमें जिंदादिल प्रिंट्स और खूबसूरत रंग एवं डिज़ाइन हैं जो आपको खुश कर देंगे और आपको गर्मियों की दोपहर और शाम की याद दिलाते हैं। •    कसीनो कॉउचर: यह कपड़ों का एक ऐसा कलेक्‍शन है जो उन रातों के लिए एकदम सही है जब आप खास दिखना चाहते हैं। इसमें चमकदार साटिन, पुराने डिज़ाइन और खूबसूरत बारीकियां हैं, जो आपको पुराने जमाने का ग्लैमर देते हैं। •    कोरियन कनेक्ट: जहां परंपरा का मिलन आधुनिकता से होता है। यह कपड़ों का एक ऐसा कलेक्‍शन है जो पूर्वी एशिया की कला और डिज़ाइन से प्रेरित है। इसमें खूबसूरत सिलहॉट, सुंदर फूलों के डिज़ाइन और सादगी है, जो युवाओं के लिए नए स्टाइल के कपड़े बनाते हैं। दुनिया भर की प्रेरणाओं से तैयार किया गया, 'मूड्स ऑफ समर' दुनिया भर के सबसे अच्छे डिज़ाइनों से बनाया गया है। इसमें ऐसे कपड़े हैं जो दिखने में बहुत अच्छे हैं और पहनने में भी आरामदायक हैं। इसके सिलहॉट बेहद आरामदायक हैं, इन्‍हें पहनकर कहीं भी जा सकते हैं और यह लुक से समझौता किये बगैर आपको गज़ब का कम्‍फर्ट देते हैं। कलेक्‍शन में सॉफ्ट-वाश्‍ड लिनेन खूबसूरत कट्स और प्रिंट के साथ पेश किये गये हैं, इनसे आप अपनी वार्डरोब को वर्सेटाइल एवं विशिष्‍ट बना सकते हैं। चाहे आपको किसी बिजनेस मीटिंग में जाना हो या समुद्र के किनारे घूमना हो, इस संग्रह में हर तरह के कपड़े हैं। इनकी सिलाई बहुत अच्छी है, जिससे ये लंबे समय तक चलते हैं।  इसमें लिनेन जैसे हल्के कपड़े हैं, जो गर्मियों के लिए बहुत अच्छे हैं। ‘मूड्स ऑफ समर’ सिर्फ कपड़ों का कलेक्‍शन नहीं है, बल्कि यह स्‍टाइल की एक यात्रा है। यह आपको दुनिया की खूबसूरत जगहों की सैर कराता है। यह कलेक्‍शन आपको अलग-अलग जगहों की याद दिलाता है, जैसे कि इटली का अमाल्फी तट या मालदीव के खूबसूरत बीच। इसमें लिनेन जैसे हल्के कपड़े हैं, जो गर्मियों के लिए बहुत अच्छे हैं। चाहे आपको किसी पार्टी में जाना हो या समुद्र तट पर घूमना हो, इस कलेक्‍शन में हर तरह के कपड़े हैं। इन कपड़ों को बनाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से प्रेरणा ली गई है। यह कलेक्‍शन आपको एक स्टाइलिश और ट्रेंडी लुक देता है। यह कलेक्‍शन उन लोगों के लिए है जो गर्मियों में आरामदायक और स्टाइलिश दिखना चाहते हैं, और जो दुनिया की खूबसूरती को पसंद करते हैं।   लुई फिलिप का 'मूड्स ऑफ समर' कलेक्शन भोपाल में 4 लुई फिलिप स्टोर्स, देश भर में अधिकृत खुदरा विक्रेताओं, ऑनलाइन www.louisphilippe.abfrl.in और ब्रांड के मोबाइल ऐप के माध्यम से उपलब्ध है। recent visitors 60

विद्या भारती केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है: मोहन भागवत

भोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के परम पूजनीय सरसंघचालक मोहन भागवत जी ने आज विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान (वीबीएबीएसएस) के पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं के पंचदिवसीय प्रशिक्षण शिविर का औपचारिक उद्घाटन किया। यह शिविर भोपाल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय, शारदा विहार में आयोजित किया गया है। इस अवसर पर संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी, विद्या भारती के अध्यक्ष डी. रामकृष्ण राव, महामंत्री अवनीश भटनागर सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र में अवनीश भटनागर ने अतिथियों का परिचय कराया, जिसके उपरांत अध्यक्ष डी. रामकृष्ण राव ने शिविर की संकल्पना प्रस्तुत की। युगानुकूल परिवर्तन में भारत की अग्रणी भूमिका: अपने संबोधन में परम पूजनीय सरसंघचालक मोहन भागवत जी ने कहा कि विद्या भारती केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय पुनर्निर्माण का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि संघ केवल शाखा संचालन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज परिवर्तन की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व में हो रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक बदलावों को भारत की सनातन परंपरा के आलोक में दिशा देने की आवश्यकता है। आज जब वैश्विक परिदृश्य में कई विकृतियां उभर रही हैं, तब भारत ही वह ध्रुव तारा है जो सही दिशा प्रदान कर सकता है। इसके लिए समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास हेतु भारतीय परंपराओं पर आधारित शिक्षा, संस्कृति और नीति निर्माण को बढ़ावा देना आवश्यक है। संघ का व्यापक प्रभाव: उन्होंने उल्लेख किया कि विद्या भारती द्वारा किए जा रहे कार्यों का वैश्विक स्तर पर प्रभाव देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इसकी व्यापकता को स्वीकार किया है। यह प्रमाणित करता है कि संघ और उसके सहयोगी संगठनों का कार्य केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वैश्विक महत्व भी है। समाज जागरण की आवश्यकता: भागवत जी ने कहा कि आज समाज में नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमें केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मानवता, करुणा और सत्य जैसे मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित समाज का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भारत को एक आदर्श समाज मॉडल के रूप में प्रस्तुत करना होगा, जो संपूर्ण विश्व को शांति और समरसता की ओर ले जाने में सक्षम हो। संघ कार्यकर्ताओं से आह्वान: परम पूजनीय सरसंघचालक जी ने सभी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे अपने विचार और कार्यों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य करें। उन्होंने पंच परिवर्तन, विमर्श परिवर्तन, और सज्जन शक्ति जागरण को संघ के आगामी कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। शिविर के आगामी सत्रों में विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे कार्यकर्ताओं को समाज जागरण के लिए और अधिक प्रभावी रूप से तैयार किया जा सके। recent visitors 52

ग्वालियर कलेक्टर ने निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त निर्देश, विद्यार्थियों को निश्चित दुकान से खरीदी के लिए बाध्य करता है तो होगी कड़ी कार्रवाई

 ग्वालियर ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किए हैं. यदि कोई स्कूल विद्यार्थियों और अभिभावकों को स्कूल की यूनिफॉर्म, कॉपी, किताबें और अन्य स्टेशनरी किसी निश्चित दुकान से खरीदने के लिए बाध्य करता है, तो ऐसे स्कूलों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 के तहत कार्रवाई की जाएगी. स्कूलों को कलेक्टर का अल्टीमेटम यह आदेश ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने जारी करते हुए स्कूल संचालकों को स्पष्ट रूप से अल्टीमेटम दे दिया है. उन्होंने कहा है कि 8 मार्च तक आवश्यक रूप से स्कूल प्रबंधन द्वारा सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करते हुए ड्रेस और पुस्तक की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करने के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन की बैठक भी आयोजित की जाए, जिसमें आदेश के परिपालन में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए. शिकायतों के बाद कार्रवाई कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि आम लोगों की ओर से शिकायत प्राप्त हो रही थी कि ग्वालियर के विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है. विद्यालय प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को पाठ्य पुस्तक, स्टेशनरी, पठन सामग्री, बैग, यूनिफॉर्म, स्पोर्ट्स किट, ट्रांसपोर्ट सुविधा के लिए बाध्य किया जा रहा है. इसी शिकायत को ध्यान रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर दिया गया है, जिसमें स्कूल प्रबंधन द्वारा आदेश का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उल्लंघन करने पर इनके खिलाफ होगी कार्रवाई कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. यदि कोई इसका उल्लंघन करता है तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 (सरकारी आदेशों का उल्लंघन) और अन्य सुसंगत अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी. विद्यालय द्वारा आदेश का पालन नहीं करने पर प्राचार्य संचालक के साथ-साथ शाला का प्रबंधक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के समस्त सदस्य भी दोषी माने जाएंगे. recent visitors 44

धनिकोर्ता गांव के सीने में दर्द और खांसी से 13 ग्रामीणों की मौत , जांच में जुटा स्वास्थ्य अमला

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड के धनिकोर्ता गांव में पिछले एक महीने के भीतर 13 ग्रामीणों की रहस्यमयी मौतों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। इन मौतों का कारण सीने में दर्द और खांसी की शिकायत बताया जा रहा है। इसके बाद ग्रामीणों की हालत तेजी से बिगड़ रही है और उनकी जान जा रही है। गांव में लगभग हर घर से मौत की खबर आ रही है, जिससे वहां भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। ग्रामीणों के बताया कि मृतकों में ज्यादातर वे लोग शामिल हैं, जिन्होंने शुरुआत में सीने में दर्द और खांसी की शिकायत की थी। जांच शुरू कर दी गई इसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही समय में उनकी मौत हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंच चुकी है और जांच शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य अमले ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की निगरानी शुरू की है और संभावित कारणों का पता लगाने के लिए नमूने एकत्र किए हैं। हालांकि, अभी तक मौतों के सटीक कारण का खुलासा नहीं हो सका है। पुरानी घटनाओं ने बढ़ाई चिंता सुकमा जिले में इस तरह की रहस्यमयी मौतों का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2020-22 के दौरान कोंटा ब्लाक के रेगड़गट्टा गांव में 61 ग्रामीणों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। वहीं, वर्ष 2024 में छिंदगढ़ ब्लाक के चितलनार गांव में उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद 15 दिनों के भीतर सात लोगों की जान चली गई थी। इसके साथ ही इतकल व अन्य गांवों में वर्ष 2020-24 के बीच 44 मौतें हुई थी। इन घटनाओं ने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं और बीमारियों की रोकथाम को लेकर सवाल खड़े किए हैं। recent visitors 44