उत्तराखंड के हर्षिल में बोले पीएम मोदी- मुझे मां गंगा ने गोद ले लिया है…

हर्षिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक दिन के दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे, जहां उन्होंने मुखबा गांव में मां गंगा की पूजा-अर्चना की और हर्षिल में लोगों को संबोधित किया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने मां गंगा के प्रति गहरी आस्था जताते हुए कहा कि उनके आशीर्वाद से ही उन्हें दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का मौका मिला और काशी तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हुआ.  उन्होंने कहा, "मां गंगा की कृपा से मैं आज उनके मायके मुखबा गांव आया हूं. यह उनका दुलार और स्नेह है कि मैं उनके इस बच्चे के रूप में यहां खड़ा हूं.  पीएम ने यह भी दोहराया कि काशी में उन्होंने कहा था, "मुझे मां गंगा ने बुलाया है. फिर साबित हुए सबसे बडे़ ब्रांड एंबेसडर प्रधानमंत्री एक बार फिर उत्तराखंड केे लिए सबसे बडे़ ब्रांड एंबेसडर साबित हुए हैं। केदारनाथ धाम का उदाहरण सामने हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सक्रियता से श्रद्धालुओं के पहुंचने के नए रिकार्ड बने हैं। शीतकालीन यात्रा का हिस्सा बनने की इच्छा प्रधानमंत्री ने 28 जनवरी को राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ के मौके पर ही जाहिर कर दी थी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव ही है, वह कार्यक्रम में बदलाव के बावजूद मुखवा-हर्षिल पहुंच गए। शीतकालीन यात्रा का सबसे बड़ा प्रमोशन उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन यात्रा का सबसे बड़ा प्रमोशन कर दिया है। इस यात्रा के प्रमोशन के लिए इससे पहले कभी इतने गंभीर प्रयास नहीं हुए। उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा के साथ प्रधानमंत्री के जुड़ाव के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जो प्रयास किए थे, उसका सार्थक परिणाम सामने आया है। बहुत कम समय में उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा और पर्यटन देश-दुनिया की नजरों में आ गए हैं।     मां गंगा की कृपा से ही मुझे दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का सौभाग्य मिला है.     मां गंगा के आशीर्वाद से मैं काशी तक पहुंचा, अब सांसद के रूप में काशी की सेवा कर रहा हूं     मैंने काशी में कहा भी था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है.     कुछ महीने पहले मुझे यह अनुभूति हुई कि जैसे में मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है.        यह मां गंगा का ही दुलार है, अपने इस बच्चे के प्रति उनका स्नेह है कि आज मैं उनके मायके मुखबा गांव आया हूं.     मां गंगा की कृपा से ही मुझे दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का सौभाग्य मिला है.     मां गंगा के आशीर्वाद से मैं काशी तक पहुंचा, अब सांसद के रूप में काशी की सेवा कर रहा हूं     मैंने काशी में कहा भी था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है.      कुछ महीने पहले मुझे यह अनुभूति हुई कि जैसे में मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है.        यह मां गंगा का ही दुलार है, अपने इस बच्चे के प्रति उनका स्नेह है कि आज मैं उनके मायके मुखबा गांव आया हूं.     जब मैं बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए बाबा के चरणों में गया था, तो बाबा के दर्शन के बाद मेरे मुंह से कुछ भाव प्रकट हुए थे, और मैं बोल पड़ा था कि यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा. वे शब्द मेरे थे, भाव मेरे थे, लेकिन उनके पीछे सामर्थ्य देने की शक्ति स्वयं बाबा केदारनाथ ने दी थी. आखिरी गांव नहीं प्रथम गांव: पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि 1962 में जब चीन ने भारत पर हमला किया तो जादूंग गांव को खाली करवा दिया गया था.  तब से यह गांव खाली थी. हमने इन गांवों को फिर से बसाने और टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने का अभियान चलाया है. पहले सीमावर्ती गांवों को आखिरी गांव कहा जाता था. हमने यह सोच बदल दी. हमने कहा यह हमारे आखिरी गांव नहीं है, अब यह हमारे प्रथम गांव हैं. हमने वाइब्रेंट विलेज योजना शुरू की है. हर साल 50 लाख यात्री पहुंच रहे हैं उत्तराखंड पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले हर साल औसतन 18 लाख यात्री आते थे अब हर साल 50 लाख यात्री आते थे. 50 नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन को विकसित किया जाएगा. उत्तराखंड के बॉर्डर वाले इलाकों को भी पर्यटन का विशेष लाभ देना है. उत्तराखंड में कोई भी सीजन… ऑफ सीजन ना हो: पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि अभी कल ही केंद्रीय कैबिनेट ने केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट और हेमकुंड रोपवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है.  केदारनाथ रोपवे बनने के बाद जो यात्रा 8 से 9 घंटे में पूरी होती है, अब उसे लगभग 30 मिनट में पूरा कर लिया जाएगा. इससे बुजुर्गों, बच्चों के लिए केदारनाथ यात्रा और सुगम हो जाएगी. उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए हमारी डबल इंजन सरकार मिलकर काम कर रही है. चारधाम All Weather Road, आधुनिक एक्सप्रेस वे, राज्य में रेलवे, विमान और हेलीकॉप्टर सेवाओं का विस्तार पिछले 10 वर्षों में तेजी से हुआ है. recent visitors 52

मंत्री प्रवेश वर्मा ने किए महाकाल के दर्शन, पूजा-पाठ के साथ-साथ संकल्प भी लिया

उज्जैन दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चुनाव में हराने वाले दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा गुरुवार को भगवान महाकाल की शरण में पहुंचे. उन्होंने परिवार के साथ भगवान महाकाल की विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना की.  दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा गुरुवार को रविवार के साथ उज्जैन पहुंचे. धार्मिक यात्रा पर उज्जैन पहुंचे प्रवेश वर्मा ने सीधे महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना की. पंडित राजेश शर्मा और आकाश शर्मा ने पूजा अर्चना संपन्न कराई. उल्लेखनीय है कि प्रवेश शर्मा दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहब सिंह वर्मा के पुत्र हैं और वे इस बार मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल थे लेकिन एन वक्त पर वे दौड़ में पीछे रह गए. पंडित राजेश शर्मा ने बताया कि दिल्ली के मंत्री प्रवेश शर्मा ने भगवान महाकाल की आराधना करने के साथ-साथ संकल्प भी लिया है. महाकालेश्वर मंदिर समिति के उप प्रशासक एस एल सोनी की ओर से बताया गया कि दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा का पूजा अर्चना के बाद मंदिर समिति की ओर से सम्मान भी किया गया. मंदिर समिति की परंपरा है कि जो भी वीआईपी मंदिर पहुंचते हैं उनका समिति की ओर से अभिनंदन किया जाता है. पहले भी भगवान महाकाल के दरबार में आ चुके हैं वर्मा दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा पहले भी भगवान महाकाल के दरबार में आ चुके हैं. वे धार्मिक यात्रा के दौरान मीडिया के सवालों से भी बचते रहे. हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि भगवान महाकाल के दर्शन की अभिलाषा थी जो कि आज पूरी हो गई है. recent visitors 62

2026 तमिलनाडुचुनाव से पहले बीजेपी और एआईएडीएमके के बीच तल्खी कम होती नजर आ रही

चेन्नई 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और एआईएडीएमके के बीच तल्खी कम होती नजर आ रही है। दोनों पार्टियों के बड़े नेताओं ने गठबंधन के संकेत दिए हैं। एआईडीएमके के प्रमुख ई के पलानीस्वामी से जब बीजेपी से गठबंधन की संभावनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 6 महीने इंतजार करिए। उन्होंने मेलमिलाप की संभावनाओं को खारिज नहीं किया। दूसरी ओर, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के.अन्नामलाई ने भी ऐसे ही एक सवाल के जवाब में डिप्लोमैटिक बयान देते हुए कहा कि राजनीति में कोई किसी का स्थायी दुश्मन नहीं होता है। हमारा लक्ष्य एक ही है, डीएमके को हराना। दिसंबर में भी उन्होंने संकेत देते हुए कहा था कि गठबंधन पर फैसला करने के लिए पर्याप्त समय है। देखते हैं कि 2025 में यह कैसे आगे बढ़ता है। अकेले लड़कर अन्नामलाई ने बढ़ाया बीजेपी का वोट प्रतिशत बीजेपी और एआईएडीएमके कई चुनाव साथ लड़ चुकी है, हालांकि 1998 के बाद कई बार दोनों के रिश्ते जुड़े और टूटे भी। सितंबर 2023 में बीजेपी नेता अन्नामलाई ने द्रविड़ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरई को लेकर बयान दिया। अपने बयान में उन्होंने दावा किया कि अन्नादुरई ने 1956 में मदुरै में एक कार्यक्रम में हिंदू धर्म का अपमान किया था, इस कारण उन्हें छिपना पड़ा और माफी मांगनी पड़ी। उनके इस बयान के बाद दोनों पार्टियों के रिश्ते तल्ख हो गए। एआईडीएमके अन्नामलाई के इस्तीफे और माफीनामे पर अड़ गई, फिर गठबंधन टूट गया। 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले नजदीक आने की चर्चा चली मगर बीजेपी नेता अन्नामलाई ने एआईडीएमके से गठबंधन का विरोध किया था। लोकसभा चुनाव में अन्नामलाई ने की मेहनत रंग लाई और तमिलनाडु में बीजेपी का वोट प्रतिशत बढ़ गया। बीजेपी से अलग होने पर एआईएडीएमके का नुकसान 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके को 37.70 फीसदी और एआईएडीएमके को 33.29 फीसदी वोट मिले थे। एआईएडीएमके के साथ चुनाव लड़ने वाली बीजेपी को 2.62 प्रतिशत वोट मिले थे और 4 विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी। लोकसभा चुनाव में बीजेपी क्षेत्रीय पार्टी पीएमके, डीएमडीके और आईजेके साथ चुनाव लड़ी। लोकसभा चुनाव में बीजेपी को तमिलनाडु में एक भी नहीं मिली, मगर वोट प्रतिशत 11.24 हो गया। एनडीए गठबंधन को 18.28 प्रतिशत वोट मिला जबकि गठबंधन तोड़ने के बाद एआईएडीएमके का वोट प्रतिशत खिसककर 20.46 प्रतिशत पर पहुंच गया। विधानसभा चुनाव के मुकाबले एआईडीएमके के वोट में करीब 12.5 फीसदी की गिरावट हुई। बीजेपी ने पैर पसारे तो डीएमके का वोट भी घटा दूसरी ओर, लोकसभा चुनाव में 22 सीट जीतने के बाद भी डीएमके के वोट 6.59 फीसदी की गिरावट हुई। 2021 के विधानसभा के मुकाबले पार्टी को करीब 11 फीसदी का नुकसान हुआ। उसे 26.93 फीसदी वोट मिले जबकि सात पार्टियों वाले इंडिया गठबंधन को 46.97 प्रतिशत वोट मिले। डीएमके को गठबंधन में चुनाव लड़ने का तगड़ा फायदा मिला। तीन बड़ी पार्टियों के बीच गठबंधन की संभावना बढ़ी अब विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना बन रही है। फिल्म स्टार थलापति विजय अपनी नई पार्टी तमिलग वेट्री कषगम (टीवीके) के साथ मैदान में कूद चुके हैं और सियासी जमीन की तलाश में जुटे हैं। बीजेपी ने अपनी ताकत बढ़ाई है और पैर मजबूत करने की तैयारी कर रही है। जयललिता के निधन के बाद अंतर्कलह से जूझ रही एआईएडीएमके दोबारा सत्ता हासिल करने के लिए तत्पर है। अगर तीनों पार्टियां गठबंधन करती हैं तो राज्य में उलटफेर की संभावना बढ़ जाएगी। recent visitors 66

किसानों को अब तक नहीं मिला 2023-24 का गन्ना का पेमेंट, भाजपा विधायक के सवाल पर स्पीकर ने समय पर पेमेंट के साथ दिए जांच के निर्देश

रायपुर  विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन पंडरिया विधानसभा स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाने की माली हालत पर विधायक भावना बोहरा ने ध्यानाकर्षण में सवाल उठाया. विधायक ने बताया कि किसानों को 2023-24 का गन्ने का पेमेंट नहीं मिला है. न समर्थन मूल्य का भुगतान हो रहा , और न ही बोनस का. इस पर स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने समयबद्ध पेमेंट के साथ सारे बिंदुओं पर जांच के निर्देश दिए. भाजपा विधायक भावना बोहरा ने ध्यानाकर्षण में सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में शक्कर कारखाने की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़े हैं. 8 हजार किसान गन्ना बेचते हैं. हर किसान के परिवार मे 5-6 लोग हैं. किसानों को अब तक 2023-24 का गन्ना का पेमेंट नहीं मिला है. न समर्थन मूल्य का भुगतान हो रहा और न ही बोनस का. विधायक ने बताया कि शुगर फैक्टरी पर 81 करोड़ का लोन था, जिसके एवज में ब्याज समेत 121 करोड़ पटाया जा चुका है. उन्होंने मांग की कि ब्याज की दर को घटाया जाए, साथ ही गन्ना पेराई की दर 350 रुपए दी जा रही है, जबकि प्राइवेट कंपनी 450 रुपए दिया जा रहा है. उन्होंने मांग की कि शक्कर कारखाना को सहकारिता विभाग से कम दर पर अतिरिक्त ऋण दिया जाए, ताकि उसका आर्थिक संकट दूर हो सके. सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार इस पर गंभीर है. आर्थिक संकट दूर करने विशेषज्ञों का सलाह लेकर कार्रवाई की जाएगी. विधायक ने कहा कि कुप्रबंधन का भार किसानों पर पड़ रहा है. बीजेपी विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा, नेता वहां जाकर अपने लोगों को काम देने का दबाव डालते हैं. एक हाईपावर कमेटी भेजकर उसकी समीक्षा कर शक्कर कारखाने के बेहतरी के लिए काम करें. मंत्री ने कहा कि जल्द ही किसानों की भुगतान की व्यवस्था करेंगे, साथ ही कमेटी बनाकर व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे. विधायक अजय चंद्राकर ने समय अवधि निर्धारण करने की मांग की. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, हाई पावर कमेटी भेजकर तत्काल व्यवस्था कीजिए. मंत्री ने कहा, जल्द से जल्द कार्यवाही करेंगे. नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने कहा कि अध्यक्ष महोदय आपके क्षेत्र में आपके सपनों को साकार करने बना है. एशिया के सबसे बेस्ट कारखाने में से एक है. सहकारिता एक बेहतर दुनिया की निर्माण कर सकती है. इस कारखाने को कुप्रबंधन से बचाते हुए इसे नहीं बेचने का आश्वासन दीजिए. मंत्री ने कहा कि 2006 में यह कारखाना बना था. कुछ कुप्रबंधन की वजह से यह स्थिति बनी है. इसे बेहतर करने का काम करेंगे. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समयबद्ध पेमेंट कराने का निर्देश देते हुए कहा कि साथ ही सारे बिंदु पर जांच हो जाए. recent visitors 42

26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा ने भारत प्रत्यर्पण से बचने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

मुंबई 26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा ने भारत प्रत्यर्पण किए जाने से बचने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. राणा ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि उनके प्रत्यर्पण पर इमरजेंसी स्टे लगाया जाए. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में तहव्वुर राणा की ओर से दायर की गई याचिका की एक्सक्लूसिव कॉपी है. याचिका में तहव्वुर राणा ने कहा है कि अगर मुझे भारत प्रत्यर्पित किया गया तो मुझे प्रताड़ित किया जाएगा. मैं भारत में ज्यादा सर्वाइव नहीं कर पाऊंगा. उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि पाकिस्तान मूल का मुस्लिम होने की वजह से उसे भारत में बहुत अधिक प्रताड़ित किया जाएगा. ह्यूमन राइट्स वॉच 2023 की वर्ल्ड रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की बीजेपी सरकार धार्मिक अल्पसंख्यकों विशेष रूप से मुस्लिमों के साथ भेदभाव करती है. याचिका में कहा गया है कि भारत की सरकार लगातार तानाशाही होती जा रही है और इसके पर्याप्त कारण हैं कि भारत सरकार को सौंपे जाने पर उसे प्रताड़ित किया जाएगा. तहव्वुर राणा ने कहा कि वह कई तरह की बीमारियों से जूझ रहा है. वह पार्किंसंस की समस्या से भी जूझ रहा है. ऐसी जगह नहीं भेजा जाए, जहां राष्ट्रीय, धार्मिक और सांस्कृतिक तौर पर उन्हें निशाना बनाया जाएगा. कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर राणा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था. उसने आर्मी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई की और पाकिस्तान आर्मी में 10 साल तक बतौर डॉक्टर काम काम किया. लेकिन तहव्वुर राणा को अपना काम पसंद नहीं आया और उसने ये नौकरी छोड़ दी. भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने वाला तहव्वुर राणा अभी कनाड़ा का नागरिक है. लेकिन हाल में वह शिकागो का निवासी था, जहां उसका बिजनेस है. अदालत के दस्तावेजों के मुताबिक, उसने कनाड़ा, पाकिस्तान, जर्मनी और इंग्लैंड की यात्राएं की है और वहां रहा है, वह लगभग 7 भाषाएं बोल सकता है. अदालत के दस्तावेज बताते हैं कि 2006 से लेकर नवंबर 2008 तक तहव्वुर राणा ने पाकिस्तान में डेविड हेडली और दूसरे लोगों के साथ मिलकर साजिश रची. इस दौरान तहव्वुर राणा ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और हरकत उल जिहाद ए इस्लामी की मदद की और मुंबई आतंकी हमले की प्लानिंग की और इसे अमली जामा पहनाने में मदद की. आतंकी हेडली इस मामले में सरकारी गवाह बन गया है. 26 नवंबर 2008 को क्या हुआ था? 26 नवंबर 2008 को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर आतंकी हमला हुआ था. आतंकियों के इस हमले को नाकाम करने के लिए 200 एनएसजी कमांडो और सेना के पचास कमांडो को मुंबई भेजा गया था. इसके अलावा सेना की पांच टुकड़ियों को भी वहां तैनात किया गया था. हमले के दौरान नौसेना को भी अलर्ट पर रखा गया था. मुंबई के आतंकी हमले को नाकाम करने के अभियान में मुंबई पुलिस, एटीएस और एनएसजी के 11 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे. इनमें एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे, एसीपी अशोक कामटे, एसीपी सदानंद दाते, एनएसजी के कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट एसआई विजय सालस्कर, इंसपेक्टर सुशांत शिंदे, एसआई प्रकाश मोरे, एसआई दुदगुड़े, एएसआई नानासाहब भोंसले, एएसआई तुकाराम ओंबले, कांस्टेबल विजय खांडेकर, जयवंत पाटिल, योगेश पाटिल, अंबादोस पवार और एम.सी. चौधरी शामिल थे.   recent visitors 51

मध्य प्रदेश में फिर चली तबादला एक्सप्रेस ,उज्जैन समेत कई जिलों में ASP, DSP बदले

भोपाल राज्य पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले हुए हैं, जिनमें 8 आईपीएस अधिकारियों समेत 60 राज्य सेवा के पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इसके अलावा, 68 अन्य अधिकारियों, जिनमें ASP (अपर पुलिस अधीक्षक) और DSP (उप पुलिस अधीक्षक) शामिल हैं, के भी तबादले किए गए हैं। इस फेरबदल के तहत कई जिलों में अहम जिम्मेदारियों का आवंटन किया गया है, जो राज्य पुलिस प्रशासन के लिए एक नया दिशा निर्देश साबित होगा। ट्रांसफर आदेश जारी कर दिए गए हैं CM  मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन के साथ-साथ छिंदवाड़ा जिले में भी बड़ा बदलाव हुआ है।  आईपीएस अधिकारी मयूर खंडेलवाल को उज्जैन का ASP  बनाया गया है, जबकि आईपीएस अधिकारी आयुष गुप्ता को छिंदवाड़ा जिले का एएसपी बनाया गया है।  इसके अलावा रीवा और भोपाल में भी पुलिस विभाग में ट्रांसफर हुए हैं। गृह विभाग की तरफ से यह सभी ट्रांसफर आदेश जारी कर दिए गए हैं। पुलिस विभाग में ट्रांसफर हो सकते हैं इन्हें मिली नई जिम्मेदारी उन्होंने बताया कि रीवा में पोस्टेड एडिशनल एसपी दिनेश कुमार कौशल को विशेष शाखा भोपाल में नई जिम्मेदारी दी गई है. इसी तरह भोपाल में विशेष शाखा में सदस्य अमित सक्सेना को एआईजी पुलिस मुख्यालय भोपाल के रूप में पोस्टिंग दी गई है. इसी तरह विशेष शाखा रीवा में पदस्थ एडिशन एसपी संतोष सिंह भदोरिया को सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल में पोस्टिंग दी गई है.   किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी? अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त भोपाल मयूर खंडेलवाल को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उज्जैन, इंदौर में पोस्टेड नरेंद्र रावत को एडिशनल एसपी खरगोन, ग्वालियर सीएसपी आयुष गुप्ता को एडिशनल छिंदवाड़ा, अभिषेक रंजन को एडिशनल एसपी सिंगरौली, सतना में पोस्टेड विदिता डागर को एडिशनल एसपी छतरपुर, आदर्श कांत शुक्ला को एडिशनल एसपी बेहर, सीहोर एडिशनल एसपी गितेश गर्ग को एडिशनल एसपी धार, रीवा से ओमप्रकाश को बालाघाट, चंबल जोन में पोस्टेड राजेश कुमार शर्मा को इंदौर, पीटीएस पंचमढी से निमिषा पांडे को भोपाल, मुकेश कुमार को एडिशनल एसपी मेहर से पुलिस अधीक्षक पीटीएस पोस्टिंग दी गई है. इन शहरों में भी हुआ फेरबदल जबलपुर सीसी विवेक कुमार गौतम को उप पुलिस अधीक्षक डिंडोरी, छिंदवाड़ा एसडीओपी सौरभ तिवारी को एसडीओपी मंडला, एसडीओपी कुरवई विदिशा से मनीष राज को मंडला, ग्वालियर से विवेक कुमार शर्मा को एसडीओपी कटंगी बालाघाट, सिंगरौली एडिशनल एसपी शिवकुमार वर्मा को एडिशनल एसपी मंडला के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई है. इसी तरह एडिशनल एसपी खरगोन मनोहर सिंह बारिया को जावरा बटालियन में पदस्थ किया गया है. उज्जैन में एडिशनल एसपी डॉक्टर चंचल नागर को एडिशनल एसपी मेहर बनाया गया है. रतलाम से विशाल सिंह को इंदौर बटालियन भेजा गया है. एडिशनल एसपी रीवा अनिल कुमार सोनकर को पुलिस अधीक्षक अजाक रेंज भोपाल की जिम्मेदारी दी गई है. इंदौर अजाक रेंज पुलिस अधीक्षक शकुंतला रुहल को एडिशनल एसपी खरगोन बनाकर भेजा गया है. इंदौर से प्रवीण भूरिया को एडिशनल एसपी शिवपुरी, उमरिया पीटीएस से प्रतिमा पटेल को पुलिस अधीक्षक अजाक रेंज सागर बनाकर भेजा गया है. भोपाल के साथ-साथ उज्जैन, छिंदवाड़ा, खरगोन, धार, उमरिया, सागर, बालाघाट, ग्वालियर, रतलाम, जबलपुर, कटनी समेत कई अहम जिलों में थाना प्रभारियों के भी थोकबंद ट्रांसफर किए हैं। गृह विभाग की तरफ से आज सुबह ही सभी के ट्रांसफर के आदेश दिए हैं।  माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पुलिस विभाग में और भी कई बड़ी सर्जरी देखने को मिल सकती है, क्योंकि नए डीजीपी के जिम्मेदारी संभालने के बाद पुलिस विभाग में ट्रांसफर हो सकते हैं। इस फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आईपीएस अधिकारियों के अलावा, राज्य सेवा के अधिकारियों को भी नई कार्यक्षेत्र में पदस्थापित किया गया है। इनमें से कुछ अधिकारियों का नाम और उनके नए कार्यक्षेत्र इस प्रकार हैं: आईपीएस मयूर खंडेलवाल को ASP उज्जैन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मयूर खंडेलवाल का नाम हमेशा से अपनी कड़ी मेहनत और पेशेवर क्षमता के लिए जाना जाता है। उन्हें अब उज्जैन जिले की कानून व्यवस्था संभालने का अवसर मिला है, जहां उन्हें विभिन्न चुनौतियों का सामना करना होगा। आईपीएस आयुष गुप्ता को ASP छिंदवाड़ा नियुक्त किया गया है। आयुष गुप्ता की कार्यशैली को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती रही है, और अब उन्हें छिंदवाड़ा में कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। recent visitors 33

ग्वालियर चंबल में सिंचाई के लिए जल संकट, राजस्थान 1800 क्यूसेक पानी ही छोड़ रहा : मंत्री तुलसी सिलावट

ग्वालियर  मध्य प्रदेश को सिंचाई के लिए नहरों में पर्याप्त पानी देने के लिए रोजाना 3500 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड (क्यूसेक) के फ्लो रेट से पानी की जरूरत है। लेकिन राजस्थान की ओर से 1800 क्यूसेक पानी ही मप्र के हिस्से की नहरों में छोड़ा जा रहा है। इस कारण ग्वालियर चंबल में सिंचाई के लिए जल संकट के हालात बन गए हैं। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने राजस्थान के मंत्री को फोन कर अपनी आपत्ति दर्ज की है। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने  इस संबंध में राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत से टेलीफोन पर बात कर कम पानी दिए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई। इसके साथ ही मप्र के चंबल संभाग में बन रही जलसंकट की स्थिति से अवगत कराया। सिलावट ने रावत को बताया कि सिंचाई के लिए चंबल की नहरों में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसानों में आक्रोश है। किसानों की फसलों को सूखने से बचाने के लिए सिलावट ने मांग की कि पार्वती एक्वाडक्ट पर मप्र की जरूरत और मांग के हिसाब से 3500 क्यूसेक पानी रोजाना छोड़ना सुनिश्चित किया जाए। अधिकारी अपने स्तर पर  पिछले दो दिन से कर रहे थे बात पिछले दो दिन से मप्र के जल संसाधन विभाग के अधिकारी अपने स्तर पर राजस्थान के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर रहे थे, लेकिन जब समस्या का कोई हल नहीं निकला तो अधिकारियों ने राजनीतिक स्तर पर समाधान निकालने के लिए मंत्री तुलसी सिलावट को इसकी जानकारी दी। सिलावट के फोन करने के बाद राजस्थान ने बुधवार को पानी का फ्लो बढ़ाना शुरू किया। आपत्ति के बाद 1800 क्यूसेक से बढ़ाकर पानी 2200 क्यूसेक किया गया है।    recent visitors 23