Wednesday, July 8, 2026 2:44 am

मथुरा की होली, राधारानी मंदिर में कब होगी होली?

मथुरा, बरसाना और नंदगांव की होली पूरे देश में प्रसिद्ध है. यहां न सिर्फ रंग बल्कि, फूल, लड्‌डू, छड़ी और लठ्‌ठ से भी होली खेली जाती है. बांके बिहारी मंदिर में रंगोत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. मथुरा के बरसाने में बंसा श्रीराधारानी मंदिर में 7 मार्च 2025 को लड्‌डूमार होली खेली जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लड्डूमार होली के दिन लोगों पर लड्डू फेंके जाते हैं और जिसके लड्डू लगते हैं वो अत्यंत सौभाग्यशाली होते हैं. मथुरा और वृंदावन में 10 मार्च 2025 को फूलों की होली खेली जाएगी. इस दिन रंगभरी एकादशी भी है. रंगभरी एकादशी से काशी में भी रंगोत्सव शुरू हो जाता है. ब्रज में होलिका दहन 13 मार्च 2025 को किया जाएगा. वहीं 14 मार्च को मथुरा, गोकुल, बरसाना, नंदगाव सहित पूरे भारत में रंगों से होली खेली जाएगी. ब्रज में होली का उत्सव 22 मार्च तक चलेगा. ब्रज में होली की शुरुआत बसंत पंचमी से हो जाती है, जो 40 दिन तक चलती है. बसंत पंचमी के दिन वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में सुबह श्रृंगार आरती के बाद भगवान के गालों पर गुलाल लगया जाता है. recent visitors 58

शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का एक और मामला उजागर, टीचर ने छात्रा से मांगे 50 हजार रुपये

Ratlam: Another case of corruption exposed in the education department, teacher demanded 50 thousand rupees from a student रतलाम! मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के आलोट क्षेत्र में स्थित न्यू आर्यवीर सीनियर सेकंडरी स्कूल के एक शिक्षक प्रदीप सिंह को 12वीं कक्षा की एक छात्रा से 50 हजार रुपये मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी टीचर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 6 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। प्रैक्टिकल का रिजल्ट बिगाड़ने की धमकी आरोप के अनुसार, शिक्षक प्रदीप सिंह ने छात्रा को धमकाया कि अगर उसने पैसे नहीं दिए, तो उसका प्रैक्टिकल परीक्षा का रिजल्ट खराब कर दिया जाएगा और उसका भविष्य बर्बाद हो जाएगा। इतना ही नहीं, आरोपी शिक्षक ने कथित रूप से छात्रा को उसके माता-पिता की जान से मारने की धमकी भी दी। छात्रा के परिजनों की शिकायत पर कार्रवाई पीड़िता की शिकायत के बाद परिजनों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, एक मार्च को छात्रा स्कूल की एक्सट्रा क्लास में गई थी, जहां टीचर प्रदीप सिंह ने उसे अलग बुलाकर पैसे लाने के लिए धमकाया। जब छात्रा ने घर आकर अपने माता-पिता से 50 हजार रुपये मांगे, तो उन्होंने कारण पूछा, जिस पर छात्रा ने पूरा मामला उजागर कर दिया। इसके बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पुलिस जांच में जुटी शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में आरोपी पर लगे आरोप सही पाए गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की हरकतों में शामिल रहा है। शिक्षा विभाग पर उठे सवाल इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक शिक्षक, जो बच्चों को सही दिशा देने के लिए जिम्मेदार होता है, अगर इस तरह के अपराध में लिप्त पाया जाता है, तो यह पूरे शिक्षा तंत्र के लिए एक चिंता का विषय बन जाता है। इस मामले के उजागर होने के बाद अभिभावकों में भी भय और आक्रोश है। पुलिस जल्द ही पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी और आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। recent visitors 108

आरक्षक के करतूतों से परेशान पीड़ित दंपति ने एसपी से की शिकायत

बालोद  पुलिस का काम अपराध रोकना और कानून व्यवस्था बनाए रखना होता है, लेकिन बालोद कोतवाली थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री कराने के लिए पुलिस वाले ही दबाव बना रहे हैं और उनसे रंगदारी मांगी जा रही है. एक ग्रामीण व्यक्ति ने बालोद एसपी से शिकायत की है और एक पुलिस कर्मी पर आरोप लगाया है कि आरक्षक ने उनके घर तक शराब पहुंचाई और अवैध शराब की बिक्री करने उसपर दवाब बनाया.वहीं पुलिस कर्मी ने इसके लिए ऑनलाइन के जरिये शराब बेचने वाले से करीब 62 हजार रुपये भी वसूल लिया. जिसके चलते पीड़ित दंपति को अपना घर तक गिरवी रखने की नौबत आ गई. आरक्षक के दवाब में आकर शराब की अवैध बिक्री करने वाले को जेल भी जाना पड़ा है. आरक्षक के करतूतों से परेशान होकर नेवारीकला निवासी दिलीप सतनामी और उनकी पत्नी लता बाई ने एसपी से शिकायत की है. वहीं पूरे मामले को गम्भीरता से लेते हुए एसपी एस आर भगत ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है. अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस विभाग अपने ही कर्मचारी पर क्या कार्रवाई करता है. recent visitors 59

आज फिर निवेशकों को फिर लगा जोर का झटका, थोड़ी ही देर में निकला दम…

मुंबई शेयर बाजार में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन भी जोरदार तेजी (Stock Market Rise) के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) खुलने के साथ ही 500 अंक से ज्यादा चढ़कर ओपन हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी करीब 100 अंक उछल गया. लेकिन महज 15 मिनट के कारोबार में ही बाजी फिर पलट गई और सेंसेक्स-निफ्टी रेड जोन में आ गए. इस बीच देश के सबसे बड़ी कंपनी मुकेश अंबानी की रिलायंस का शेयर (Reliance Share) सबसे तेज रफ्तार से भागता दिखाई दिया. तूफानी तेजी, फिर फिसल गया बाजार शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर BSE Sensex अपने पिछले बंद 73,730.23 की तुलना में 500 अंक से ज्यादा उछलकर 74,308.30 के स्तर पर ओपन हुआ, लेकिन 15 मिनट तक तेजी में कारोबार करने के बाद अचानक बाजी पलटी और सेंसेक्स करीब 100 अंक की गिरावट में ट्रेडिंग करने लगा. NSE Nifty की बात करें, तो अपने पिछले बंद 22,337.30 की तुलना में बढ़कर 22,476.35 के स्तर पर ओपनिंग करने के बाद ये 22,491 तक उछला और फिर धड़ाम हो गया. सेंसेक्स की तरह ये भी लाल निशान में कीरब 30 अंक गिरकर कारोबार करता दिखा. इन 10 शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव के बावजूद Reliance Share, Tata Motors Share और Asian Paints Share करीब 2 फीसदी के आस-पास बढ़त लेकर कारोबार करता नजर आया. मिडकैप में शामिल Castrol India Share (3.67%), Hindustan Petrolium Share (3.46%), Gland Pharma Share (3.10%) और IREDA Share (3.09%) उछला, इसके अलावा स्मॉलकैप में Rout Share (10.89%), Sapphire Share (9.53%) और KPIL Share (7%) चढ़कर कारोबार कर रहा था. खुलते ही बिखर गए ये शेयर गिरावट वाले शेयरों पर नजर डालें, तो लार्जकैप कंपनियों में शामिल Bharti Airtel Share (-1.16%), Titan Share (-1.09%) और मिडकैप कैटेगरी में Jublifoods Share (-1.73%), Bharti Hexa Share (-1.67%), MaxHealth Share (-1.10%) फिसला, तो स्मॉलकैप कंपनियों में शामिल Gensol Share शुरुआती कारोबार में ही 10% गिरकर 335.35 रुपये पर आ गया. इसके अलावा EKI Share (-5%), Azad Engineering Share (-5%) गिरकर कारोबार कर रहा था. बुधवार को शुरुआत से अंत तक भागा था बाजार बीते कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में रौनक लौटी थी और सेंसेक्स-निफ्टी ने ओपनिंग के साथ ही तूफानी तेजी पकड़े रखी, जो मार्केट क्लोज होने तक जारी रही. निफ्टी 50 बुधवार को 254.65 अंक या 1.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,337.30 पर बंद हुआ था, तो वहीं सेंसेक्स 740.30 अंक या 1.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,730.23 पर बंद हुआ था. पहले से मिल रहे थे तेजी के संकेत बता दें कि गुरुवार को शेयर बाजार में तेजी के संकेत पहले से ही मिलने लगे थे, प्री-ओपन मार्केट में ही सेंसेक्स करीब 600 अंक की बढ़त में दिख रहा था. अमेरिकी बाजार जहां ग्रीन जोन में क्लोज हुए थे. US Markets में Dow Jones में 1.14% की उछाल आई, तो S&P500 में 1.12%, जबकि Nasdaq में 1.46% की वृद्धि हुई. वहीं एशियाई बाजारों में शुरुआत अच्छी देखने को मिली. साउथ कोरिया का कोस्पी में 0.61 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था, जापान का निक्केई भी 0.82% चढ़कर कारोबार कर रहा था. हांगकांग के हैंगसैंग इंडेक्स में जबरदस्त 2.55% की तेजी देखने को मिली, तो गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) भी रफ्तार पकड़े नजर आया.     recent visitors 61

मुख्यमंत्री की घोषणा पर मेले के आयोजन के लिए मिलेगी 50 लाख रुपए की राशि

रायपुर : गुरूदर्शन मेले में उमड़ रही श्रद्धा की बयार, देशभर से आ रहे श्रद्धालु गुरूदर्शन मेले में उमड़ रही श्रद्धा की बयार मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं और सुरक्षा का व्यापक विस्तार मुख्यमंत्री की घोषणा पर मेले के आयोजन के लिए मिलेगी 50 लाख रुपए की राशि मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड का होगा निर्माण रायपुर बाबा गुरु घासीदास की जन्मस्थली और कर्मस्थली गिरौदपुरी में आयोजित गुरूदर्शन मेला अपनी भव्यता और आस्था के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। 04 से 06 मार्च तक चलने वाले इस मेले में छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत से हजारों श्रद्धालु आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने इस बार मेले को भव्य स्वरूप में आयोजित करने  के लिए  50 लाख रुपए की राशि की घोषणा की है, जो पूर्व में 25 लाख रुपए थी। इसके साथ ही, मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड के निर्माण की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री साय ने स्वयं गुरू गद्दी का दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की और मेले की भव्यता बढ़ाने और श्रद्धालुओं को अधिक सुविधा प्रदान करने के लिए मेला बजट को दोगुना करने के साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री साय की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड निर्माण के लिए स्थल निरीक्षण एवं माप-जोख करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशानिर्देश पर  इस वर्ष मेले में  श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। गुरूदर्शन मेला न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र है। इस वर्ष मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से इसे और भव्य और सुव्यवस्थित बनाया गया है। प्रशासन द्वारा की गई इन सुविधाओं की बढ़ोतरी से श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा। गुरूदर्शन मेले का यह ऐतिहासिक विस्तार श्रद्धालुओं की सेवा और आस्था को नई ऊँचाई पर ले जाने वाला साबित होगा। गुरुदर्शन मेले में श्रद्धालुओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है, जिसके अंतर्गत चिकित्सा सहायता केंद्रों की संख्या 2 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है और एंबुलेंस की संख्या 4 से बढ़ाकर 8 की गई है। निःशुल्क भोजन सेवा को भी विस्तार देते हुए अब 24 स्थानों पर 212 समूहों द्वारा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जो पहले 20 स्थानों पर 175 समूहों द्वारा संचालित थी। पेयजल व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है, जिसमें स्थायी नल कनेक्शन की संख्या 110 से बढ़ाकर 195 कर दी गई है और पानी टैंकरों की संख्या 8 से बढ़ाकर 18 कर दी गई है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, जिसमें पुलिस कंट्रोल रूम की संख्या 3 से बढ़ाकर 9 कर दी गई है, सुरक्षा बलों की संख्या 450 से बढ़ाकर 1150 की गई है और पहली बार 36 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी नियमित मॉनिटरिंग हो रही है ।सुरक्षाकर्मियों को 130 वायरलेस सेट भी प्रदान किए गए हैं। अग्नि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब 1 के बजाय 3 अग्निशमन वाहन तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। मेले में विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया है, जिसमें ट्रांसफार्मरों की संख्या 10 से बढ़ाकर 13 कर दी गई है और विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में बैकअप जनरेटर की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए शौचालयों की संख्या 4 से बढ़ाकर 16 कर दी गई है, स्नानागार की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 की गई है, और अतिरिक्त रूप से 80 सीटर स्थायी शौचालय की भी व्यवस्था की गई है। स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या 80 से बढ़ाकर 291 कर दी गई है ताकि मेले में स्वच्छता बनी रहे। इस वर्ष पहली बार गिरौदपुरी मेला डॉट कॉम नामक वेबसाइट लॉन्च की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को मेला स्थल की जानकारी, आवश्यक मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक सेवाओं की ऑनलाइन जानकारी मिल सके। इससे श्रद्धालु यात्रा संबंधी सूचनाएं, पार्किंग व्यवस्था, धार्मिक स्थलों की जानकारी और अन्य सुविधाओं की पूरी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। recent visitors 53

एमपी गजब : BEO-Clerk together defrauded ने मिल कर शिक्षा विभाग को लगाया 5 करोड़ का चुना: शिक्षकों का वेतन रिश्तेदारों के खातों में डाला, प्राचार्यों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा

भोपाल (कमलेश)। मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग के कर्मचारी भ्रष्टाचार करने के लिए पत्नियों और रिश्तेदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका खुलासा शिक्षा विभाग की ही जांच में हुआ है। पिछले महीने रायसेन के सिलवानी बीईओ दफ्तर में 1 करोड़ के गबन के मामले में 26 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। BEO-Clerk together defrauded इनमें शिक्षा विभाग के कर्मचारी, प्राचार्य और रिटायर्ड प्राचार्य शामिल हैं। इनके अलावा जिन 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, वो इन कर्मचारियों की पत्नियां और रिश्तेदार हैं। ये एकलौता मामला नहीं है। 5 अन्य जिलों में भी गबन के ऐसे ही मामले सामने आए हैं, जिनमें पत्नियों और रिश्तेदारों के अकाउंट में भ्रष्टाचार की करीब 5 करोड़ की रकम ट्रांसफर की गई। 10 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में भी ये मामला उठ सकता है। आखिर किस तरह पत्नी और रिश्तेदारों के खातों से किया गया भ्रष्टाचार और इन मामलों में क्या एक्शन लिया गया, पढ़िए रिपोर्ट… अब जानिए, कैसे किया एक करोड़ का गबन रायसेन के जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक के मुताबिक, ये पूरा हेरफेर साल 2018 से 2022 के बीच किया गया। सिलवानी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ क्लर्क चंदन अहिरवार इस गबन का मास्टरमाइंड है। चंदन के पास विकासखंड के अंतर्गत आने वाले हर स्कूल के शिक्षक की बैंक अकाउंट डिटेल होती थी। रजक बताते हैं कि 2022 तक शिक्षक और अतिथि शिक्षकों की सैलरी का भुगतान वेंडर के जरिए होता था। तब ऑफलाइन ट्रांजेक्शन भी हो जाता था। इसी का फायदा आरोपियों ने उठाया है। चंदन शिक्षक और अतिथि शिक्षकों के नाम के आगे अपने रिश्तेदार या पत्नी का बैंक अकाउंट दर्ज कर वेतन और मानदेय की राशि ट्रांसफर करता था। उसने पत्नी सुमन अहिरवार के बैंक अकाउंट में 37 लाख रुपए जमा कराए। इसी तरह इस गबन में शामिल बाकी लोगों ने भी करीब 58 लाख रुपए की रकम पत्नियों और रिश्तेदारों के अकाउंट में जमा कराई। प्राचार्यों की भी मिलीभगत, 3 रिटायर हो चुकेजिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक बताते हैं कि सरकार ने पहले स्कूल के प्राचार्यों को ही डीडीओ (आहरण एवं संवितरण) के अधिकार दिए थे। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि शिक्षकों को सैलरी के लिए संकुल कार्यालय पहुंचना पड़ता था। मगर, शिक्षा विभाग के कर्मचारी और प्राचार्यों ने मिलीभगत कर इस व्यवस्था को पलीता लगाया। रजक के मुताबिक, इस दौरान पांच स्कूलों के प्राचार्यों को डीडीओ की जिम्मेदारी दी गई थी। इनके साइन से ही रिश्तेदारों के खातों में ये राशि पहुंचाई गई। इसमें इनकी बराबर की भागीदारी है। गड़बड़ी सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच की गई तो इनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब जानिए, कैसे किया पूरा गबन पासवर्ड बांट दिया: नियमों के मुताबिक, डीडीओ अपना पासवर्ड किसी को साझा नहीं कर सकता। जांच में पाया गया कि डीडीओ ने अपना पासवर्ड कर्मचारियों को दे दिया। इसका इस्तेमाल कर कोषालय से पैसा निकाला गया। महीने की समीक्षा नहीं हुई: नियमानुसार हर महीने भुगतान की समीक्षा करना जरूरी है, ताकि गड़बड़ियों का पता लगाया जा सके। सिलवानी बीईओ दफ्तर में ये प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। इससे ये पता नहीं चला कि सही व्यक्ति के खाते में पैसा पहुंचा या नहीं। ई-भुगतान का सत्यापन नहीं: हर महीने ये जांच होना चाहिए कि जो भी ऑनलाइन भुगतान किए हैं, वो सही बैंक अकाउंट में पहुंचे या नहीं। यहां इस प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। असली दावेदारों का नाम गायब किया: जब किसी व्यक्ति को भुगतान किया जाता है, तो उसका नाम और बैंक खाता सरकारी डेटाबेस में दर्ज करना जरूरी होता है। जांच में पाया गया कि इस प्रक्रिया को भी नहीं अपनाया गया। बिल तैयार करने में लापरवाही: कोषालय संहिता 2020 के नियमों के अनुसार, बिल (देयक) बनाने की जिम्मेदारी क्रिएटर की होती है। उसे सॉफ्टवेयर में अपने पासवर्ड से लॉगिन कर भुगतान लेने वाले व्यक्ति का नाम, बैंक खाता नंबर दर्ज करना होता है। अप्रूवर इस बिल की जांच कर कोषालय में जमा करता है। जांच में पाया गया कि इस प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। स्वीकृति आदेश में अनियमितता: जब किसी भुगतान को स्वीकृत किया जाता है, तो उसके साथ स्वीकृति आदेश (Approval Order) संलग्न किया जाता है। लेकिन जांच में पाया गया कि कई मामलों में अलग-अलग भुगतान के लिए एक ही स्वीकृति आदेश का उपयोग किया गया। इसके अलावा, कई अधूरे स्वीकृति आदेश भी जारी किए गए और कुछ मामलों में आदेश अटैच ही नहीं किए गए। ऐसे पांच और मामलों की जांच की जा रही है रायसेन का ये अकेला मामला नहीं है। पिछले दो साल में गबन के ऐसे 5 और मामले हैं, जिनकी विभागीय जांच की जा रही है। इनमें भी विभागीय अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारियों की मिलीभगत पाई गई है। छिंदवाड़ा: रिश्तेदार-पत्नी और बहन के खातों में 1 करोड़ 32 लाख ट्रांसफर छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 1.32 करोड़ रुपए के गबन का खुलासा जुलाई 2024 में हुआ था। जबलपुर वित्त विभाग की टीम ने सात दिन की जांच के बाद यह फर्जीवाड़ा पकड़ा। इस मामले में पूर्व बीईओ एमआई खान और चौरई संकुल के बाबू तौसिफ खान की मिलीभगत पाई गई। आरोपियों ने कोरोना में मृत कर्मचारियों की सहायता राशि भी हड़प ली और सरकारी धन को अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया गया। वित्त विभाग की टीम को जुन्नारदेव में तकरीबन 1 करोड़ 44 लाख के घोटाले की आशंका थी। इसमें से 1 करोड़ 32 लाख की पुष्टि हो चुकी है। क्या हुआ: जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल ने बताया कि आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। सभी को निलंबित कर दिया है। उनसे राशि वसूल करने की प्रक्रिया जारी है। Read more : स्कूलों में शारीरिक दंड पर पूर्ण प्रतिबंध,बच्चों को मारने पर शिक्षकों पर होगी कार्रवाई: एमपी सरकार का बड़ा फैसला  ग्वालियर: अलग-अलग खातों में 47 लाख ट्रांसफर ग्वालियर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय डबरा में 2024 में 47 लाख रुपए के गबन का मामला सामने आया था। इस गड़बड़ी को भोपाल की ऑडिट टीम ने पकड़ा था। यह राशि सात अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई, जिनमें तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी विकास … Read more

किसान सेवाराम ने कृषि विभाग की योजनाओं का सही लाभ उठाकर अपने खेतों में हरियाली बिखेरी

रायपुर मेहनत, सही दिशा और सरकारी सहयोग से कोई भी किसान अपनी किस्मत बदल सकता है। जशपुर विकासखंड के ग्राम जिलिंग के किसान सेवाराम की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिन्होंने कृषि विभाग की योजनाओं का सही लाभ उठाकर अपने खेतों में हरियाली बिखेरी और अपने परिवार के सपनों को साकार किया। सेवाराम के पास 2.8 हेक्टेयर कृषि भूमि थी, जहां वे वर्षों से परंपरागत तरीके से खेती कर रहे थे। वे मुख्य रूप से देशी धान और अन्य फसलें उगाते थे, लेकिन उत्पादन कम होने के कारण मेहनत के अनुरूप लाभ नहीं मिल पा रहा था। हर साल लागत ज्यादा और मुनाफा कम होने से उनका मनोबल गिरता जा रहा था। सेवाराम की किस्मत तब बदली, जब उन्होंने कृषि विभाग से संपर्क किया। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने उन्हें सही मार्गदर्शन दिया और किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने में मदद की। इसके माध्यम से उन्हें रासायनिक खाद और बैंक लोन की सुविधा मिली, जिससे उनकी खेती में बड़ा बदलाव आया। इसके अलावा, कृषि विभाग की सहायता से सेवाराम को उच्च गुणवत्ता वाले धान (एम.टी.यू. 1256), उड़द (प्रक्ष उड़द-1), अरहर (सी.जी. अरहर) और रागी बीज प्राप्त हुए। नई तकनीकों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों को अपनाने से उनकी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इस साल उनकी मेहनत रंग लाई और फसल उत्पादन पिछले साल की तुलना में कहीं अधिक हुआ। इस सफलता से उत्साहित सेवाराम ने कहा, पहले लागत ज्यादा थी, लेकिन आमदनी कम होती थी। अब सरकारी योजनाओं के सहारे खेती करना आसान और लाभकारी हो गया है। इस बार अच्छी फसल से हुई आमदनी से मैंने अपने घर के निर्माण का सपना पूरा किया है। कृषि विभाग की योजनाओं से मिली सहायता और उनकी मेहनत की बदौलत आज सेवाराम न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं, बल्कि वे अपने गांव के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं। उन्होंने अपनी सफलता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और कृषि विभाग को धन्यवाद देते हुए कहा कि अगर सरकार इसी तरह किसानों का साथ देती रही, तो हर किसान उन्नति की राह पर आगे बढ़ सकेगा। recent visitors 49