रायपुर नगर निगम में आज सभापति का चुनाव, 3 बजे तक फाइनल हो जाएगा नाम

रायपुर रायपुर नगर निगम में आज सभापति का चुनाव होगा। कलेक्टर द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पूरी प्रक्रिया के लिए तीन घंटे का समय तय किया गया है। दोपहर 12 बजे से इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो दोपहर तीन बजे तक पूरी हो जाएगी। इस दौरान निगम के सभापति और अपील समिति का चुनाव होना है। जारी अधिसूचना के अनुसार निगम के सभाकक्ष में दोपहर 12 बजे से प्रथम सम्मिलन शुरू होगा। इससे पहले भाजपा ने 10:30 बजे अपने पार्षदों की बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि पर्यवेक्षक धरमलाल कौशिक सभापति के नाम की घोषणा करेंगे। हालांकि, भाजपा के वरिष्ठ पार्षद सूर्यकांत राठौर का नाम इस चुनाव में सबसे आगे माना जा रहा है। वहीं, पैनल में तीन नाम चर्चा में रखे गए हैं। सूर्यकांत के अलावा दूसरा नाम भाजपा पार्षद मनोज वर्मा और सरिता दुबे का शामिल है। चर्चा है कि भाजपा की ओर से बैठक के दौरान एक नाम पर सहमति बन जाएगी, उसी के मुताबिक फार्म भरा जाएगा। चुनाव की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी सभापति और अपील समिति के चुनाव में दोपहर 12 बजे से 12: 45 बजे तक नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके बाद 12: 45 से एक बजे तक नामों की संवीक्षा की जाएगी और सही पाए गए नामों का प्रकाशन किया जाएगा। अगर नामांकन के दौरान कोई आपत्ति नहीं आती है तो चुनाव प्रक्रिया का समापन हो जाएगा। अगर आवश्यक हुआ तो मतदान प्रक्रिया होगी, जिसे 1: 30 बजे से तीन बजे तक पूरा किया जाएगा। सीनियर नेता और प्रभावी नेतृत्व के धनी हैं सूर्यकांत पांचवीं बार के पार्षद सूर्यकांत राठौर भाजपा के सीनियर नेता हैं। उन्हें निगम के नियमों और प्रविधानों की गहरी समझ है, जिससे उनका नाम सभापति पद के लिए सबसे आगे चल रहा है। इसके अतिरिक्त, राठौर एक बार नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। हालांकि, ये दोनों नेता ओबीसी वर्ग से आते हैं। अगर महिला को सभापति बनाया गया, तो सरिता दुबे का नाम चल रहा है। मगर, महापौर और सभापति एक ही वर्ग से हो जाएंगे, इसलिए इनके नाम पर संशय बना हुआ है। इससे भाजपा का जातिगत समीकरण बिगड़ जाएगा। recent visitors 42

मार्च में ठंड ने मारी पलटी , भोपाल, जबलपुर, इंदौर में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड

भोपाल मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज इस बार काफी चौंका रहा है. दिसंबर-जनवरी में जहां ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए तो अब मार्च में जाते- जाते फिर रिकॉर्ड बना दिया है. जबलपुर, भोपाल और इंदौर में ठंड ने 10 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. यहां मार्च के महीने में रात का तापमान 10 सालों बाद 10 डिग्री के नीचे चला गया है. इसके साथ ही 13 जिलों में पिछले 24 घंटे में ठंड ने जबर्दस्त वापसी की है. कहां कितना रहा तापमान? बात करें मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों की तो भोपाल में बीती रात तापमान 9.8 दर्ज किया गया. वहीं जबलपुर में 9.6, उज्जैन में 9, इंदौर में 10.8 और ग्वालियर में 11.6 डिग्री सेल्सियस तक पारा गिर गया. इससे पहले जहां दिन और रात के तापमान में बढ़ोत्तरी का अनुमान लगाया जा रहा था, तो वहीं पश्चिमी विक्षोभ के असर से मध्य प्रदेश के मौसम ने फिर लोगों को चौंका दिया. मार्च में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड मौसम विभाग के 2015 के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10 सालों में मार्च के महीने में भोपाल, जबलपुर और इंदौर में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया. मार्च 2015 में भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर में 11.5 डिग्री सेल्सियस और इंदौर में 10.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. मार्च में दिन गर्म और रातें रहती हैं ठंडी मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले दस सालों में मार्च में दिन काफी गर्म होते हैं और रातें कुछ हद तक ठंडी. पिछले दस सालों में मार्च के मौसम में दिन और रात के तापमान में 20 से लेकर 27 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर देखने मिला है. वहीं कई बार हल्की बारिश भी दर्ज की जाती है. हालांकि, इस बार मार्च की ठंड ने एक दशक बाद फिर चौंकाया है. क्यों पड़ी मार्च में इतनी ठंड? मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र कुमार के मुताबिक, '' पश्चिमी हिमालय में दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने से अति भारी बारिश व बर्फबारी हुई है. इसके बाद पिछले तीन दिनों से उत्तरी हवाएं मध्य प्रदेश में आ रही हैं. इन्हीं बर्फीली हवाओं की वजह से मध्य प्रदेश में लंबे अरसे के बाद मार्च में कोल्ड वेव की स्थिति बनी है. जैसे-जैसे नए वेदर पैटर्न एक्टिव होंगे और हवा की रफ्तार बदलेगी, वैसे-वैसे ठंड का असर कम होगा. होली के बाद मध्य भारत में कई शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.'' आगे कैसा रहेगा एमपी का मौसम? बात करें आने वाले दिनों की तो फिलहाल मौसम विभाग ने बारिश होने की कोई संभावना नहीं जताई है. हालांकि, 9 मार्च को नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने से मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में 10 मार्च के बाद फिर मौसम बदलेगा. अगले 24 घंटे में तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखने मिलेगा. बता दें कि पिछले 24 घंटे में शाजापुर का गिरवर सबसे ठंडा रहा. यहां तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं बड़वानी में 7.5, सीहोर में 7.7, मंडला में 8, उमरिया में 8.2 और खजुराहो में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. recent visitors 62

21 वीं बार सजेगा छींद वाले हनुमान का दरबार भोपाल में

भोपाल 21 वीं बार सजेगा छींद वाले हनुमान का दरबार प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार को भोपाल में आयोजित होने वाली एक शाम छींद वाले दादाजी के नाम संगीत में श्रृंखला का 21 व सुंदरकांड पाठ कल शनिवार को समय 5 से रात्रि 8 बजे के मध्य श्री परशुराम मंदिर शिवाजी नगर भोपाल हाल में आयोजित किया गया है डॉ अनिल भार्गव वायु ने बताया कि पाठ के उपरांत उन सनातन प्रेमियों को सम्मानित किया जाएगा जिनके संपूर्ण मार्च माह में जन्मदिन एवं विवाह वर्षगांठ की तिथियां है जगत 20 पाठों में 729 धर्म प्रेमी महानुभावों को श्री सुंदरकांड पारिवारिक मंडल सम्मानित कर चुका है। कल के पाठ में फूलों की होली का भी एक बहुत सुंदर आयोजन रखा गया है। पंडित बच्चन आचार्य ने बताया कि इस प्रकार के धार में का आयोजन पहली बार भोपाल शहर में हो रहा है जिसकी धर्म ध्वजा पूरे प्रदेश और विदेशों तक पहुंच चुकी है। recent visitors 45

मनरेगा में फर्जीवाड़ी पर अधिकारियों का फर्जीवाड़े को दबाने के लिए नया खेल 8 से 15 दिन के सभी मस्टर किए जीरो

 गुना  गुना जिले की पंचायतों में मनरेगा फर्जीवाड़ी की खबरें मीडिया में प्रकाशित होने के बाद जनपद अधिकारियों ने पंचायतों में 8 से 10 दिन के मस्टरों को जीरो करना शुरू कर दिया है, यदि सरकार गुना जिले की मनरेगा योजना की 1 वर्ष के सभी मस्टरों की जांच करवाती है तो निश्चित ही यह प्रदेश का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा गुना में मनरेगा  योजना में निकल सकता है, फर्जीवाड़ी की खबरें मिडिया मे प्रकाशित होने के बाद से ही मनरेगा इंजीनियर से लेकर जनपद सीईओ तक मामले को रफा दफा कर ने की जुगाड़ में लग गए हैं, मनरेगा योजना के 6 माह के सभी पंचायतों के मस्टर और मनरेगा साइट पर अपलोड किए गए लाइव लोकेशन फोटो की जांच की जाए तो इसमें सरपंच सचिव इंजीनियर से लेकर कई अधिकारी इस फर्जीवाड़े मे हिस्सेदार निकल सकते हैं,   इसमें देखने वाली बात यह भी है आज से पहले गुना जिले में इंजीनियरों  के द्वारा कितनी पंचायतों के मस्टर जीरो किए गए हैं recent visitors 31

बैतूल की कोयला खदान ढहने से 3 की मौत, 3.5 किमी अंदर हुआ हादसा

बैतूल मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की कोयला खदान में छत का हिस्सा ढहने से तीन कर्मचारियों की मौत हुई है। मौके पर पुलिस और रेस्क्यू टीमें पहुंच गई हैं। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। बताया जा रहा है कि कोयला खदान के एक फेज की स्लैब अचानक ढह गई। बैतूल के एसपी निश्चल झारिया के मुताबिक हादसे में शिफ्ट इंचार्ज गोविंद, ओवर मेन हरि चौहान और माइनिंग सरदार रामदेव पंडौले की जान गई है। बैतूल के पाथाखेड़ा क्षेत्र में वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड की छतरपुर-1 खदान है। यहां गुरुवार दोपहर को खदान की 10 मीटर ऊंची छत गिर गई। खदान के कंट्यूनर माइनर सेक्शन में कोयला काटते वक्त यह हादसा हुआ। चपेट में आने से तीन लोगों की जान चली गई। बचाव टीम ने घटनास्थल से तीनों कर्मचारियों के शवों को बाहर निकाला। जानकारी के मुताबिक हादसे के वक्त खदान के अंदर 25-26 लोग विभिन्न सेक्शनों में काम करने में जुटे थे। कोयला काटते समय खदान की छत गिर छतरपुर वन खदान में कंट्यूनर माइनर मशीन चल रही थी। कोयला काटते समय अचानक खदान की छत गिर गई। बताया जा रहा है कि अधिकारी और वर्कर खदान में निरीक्षण के लिए उतरे थे। जिस सेक्शन में हादसा हुआ वह जॉय माइनिंग सर्विस का है। इसमें ऑस्ट्रेलियाई मशीन लगी है। कंपनी कोलकाता की है। हादसे में इनकी हुई मौत     गोविंद कोसरिया (उम्र 37 वर्ष), पद- शिफ्ट इंचार्ज     रामप्रसाद चौहान (उम्र 46 वर्ष), पद- माइनिंग सरदार     रामदेव पंडोले (उम्र 49 वर्ष), पद- ओवरमैन गोविंद कोसरिया छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के रोहंगी गांव के रहने वाले थे। दो साल पहले 23 मई 2023 को उनका तबदला छत्तीसगढ़ से एमपी के पाथाखेड़ा स्थित डब्ल्यूसीएल खदान में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर हुआ था। वे यहां छतरपुर वन कोयला खदान में तैनात थे। 9 गोविंद ने 2019 में कोयला कंपनी जॉइन की थी। यहां उनके परिवार में पत्नी प्रियंका है। रामप्रसाद चौहान पाथाखेड़ा के हॉस्पिटल कॉलोनी में रहते थे। उन्होंने 13 दिसंबर 2004 में कोयला कंपनी जॉइन की थी। उनके परिवार में पत्नी उमा, 13 साल की बेटी पूर्वी और 10 साल का बेटा जितेंद्र है। रामदेव पंडोले एसपीए के पद पर तैनात थे। रामदेव ने 29 जुलाई 1995 को कोयला कंपनी में नौकरी शुरू की थी। वे शोभापुर कॉलोनी में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी सरिता और दो बेटे अंकुश (24) और पियूष (22) है। कलेक्टर ने आर्थिक मदद देने के दिए निर्देश कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक निश्चल झारिया भी घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर जरूरी निर्देश दिए। विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे भी मौके पर पहुंचे हैं। कलेक्टर ने जीएम, डब्ल्यूसीएल को लाइफ कवर स्कीम से डेढ़ लाख की सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। साथ ही एक्सग्रेसिया, ग्रेच्युटी , कंपनसेशन और पीएफ, लाइफ इनकेशमेंट की राशि भी जल्द देने के निर्देश दिए हैं। बगैर सपोर्ट की छत के नीचे पहुंच गए भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि 2 फुट मोटा और ढाई मीटर लंबा रूफ गिरा था, जिसमें दबने से 3 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि टीम मशीन से कोयला खुदाई के बाद तुरंत मौके पर चली गई थी। ये लोग बगैर सपोर्ट की छत के नीचे पहुंच गए थे। जहां यह हादसा हुआ। जांच के लिए नागपुर से आई टीम, कोल इंडिया की टीम भी आएगी इस मामले की जांच के लिए नागपुर से टीम पहुंच गई है। शु्क्रवार सुबह तक कोल इंडिया की जांच टीम भी यहां पहुंच जाएगी। सूत्रों के मुताबिक इस हादसे की जांच के लिए कोल इंडिया की एडी टीम यहां पहुंचेगी। यह टीम एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपेगी। बताया जा रहा है कि कोयला खदान हादसों में दो से ज्यादा मौतों को डिजास्टर एक्सीडेंट की श्रेणी में रखा जाता है। अगर इसे कोल इंडिया ने ज्यादा गंभीरता से लिया तो इसकी कोर्ट ऑफ इंक्वारी भी हो सकती है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के जज के नेतृत्व में जांच कमेटी घटना की जांच करती है। सेफ्टी मेंबर्स की अनुशंसा पर यह होता है। इसकी अपील हादसे के तीस दिन के भीतर की जा सकती है। बैतूल की घटना पर श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने जताया दुख बैतूल की छतरपुर कोयला खदान की छत गिरने से 3 मजदूरों की मृत्यु का दुखद समाचार मिला है। हमारे प्रमुख सचिव ने कलेक्टर बैतूल और श्रम अधिकारी से बात की है। मृतक श्रमिकों के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि और ईश्वर परिवारों को शक्ति दें। मृतकों के परिजन को कलेक्टर बैतूल ने WCL को लाइफ कवर स्कीम से 1.5 लाख रुपए के साथ ही एक्सग्रेशिया, ग्रेच्युटी, पीएफ और क्षतिपूर्ति देने हेतु तत्काल निर्देश दिए गए हैं। recent visitors 57

नगर निगम कमिश्नर के आदेशों पर प्रॉपर्टी टैक्स विभाग द्वारा अभियान शुरू कर दिया, प्रॉपर्टी टैक्स विभाग की बड़ी कार्रवाई

अमृतसर नगर निगम कमिश्नर गुलप्रीत सिंह औलख के आदेशों पर प्रॉपर्टी टैक्स विभाग द्वारा अभियान शुरू कर दिया गया है। वर्ष 2024 -25 के वित्त वर्ष को पूरा होने में मात्र 25 दिन शेष रह गए हैं। नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स विभाग का इस वित्त वर्ष में प्रॉपर्टी टैक्स एकत्रित करने का निर्धारित लक्ष्य 50 करोड़ रुपए है। प्रॉपर्टी टैक्स विभाग ने आज तक 34.14 करोड़ रुपए ही एकत्रित किए है। निगम कमिश्नर के आदेशों पर प्रॉपर्टी टैक्स विभाग के अधिकारियों द्वारा डिफॉल्टर पार्टियों के विरुद्ध शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आज ईस्ट जोन के अधिकारियों द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स न अदा करने पर एक होटल, एक रेस्टोरेंट, एक डेयरी और एक वाइन शॉप को सील कर दिया है। कुछ पार्टियों ने मौके पर किया भुगतान ईस्ट जोन के सुपरिंटेंडेंट प्रदीप राजपूत ने बताया कि डिफॉल्टर पार्टियों के विरुद्ध लगातार अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम द्वारा चार जगह पर सीलिंग की गई है। उन्होंने बताया कि कुछ पार्टियों ने सीलिंग से बचने के लिए मौके पर ही भुगतान कर दिया है। उन्होंने बताया की सील किए गए दी सीक्रेट गार्डन रेस्टोरेंट, एक वाइन शॉप दोनों बटाला रोड, एक होटल ओम रेजिडेंसी बस स्टैंड के निकट और एक गुरिंदर डेयरी शामिल है। उन्होंने बताया कि बटाला रोड पर स्थित टिप टॉप, सुंदर नगर स्थित तीन दुकानदारों ने भी मौके पर भुगतान करके अपनी प्रॉपर्टी सील होने से बचा ली है। सुपरिटेंडेंट प्रदीप राजपूत ने बताया कि सीलिंग टीम में सतेंद्र सिंह इंस्पेक्टर, सुखदेव इंस्पैक्टर, अजीत सिंह क्लर्क, गौतम, बैजनाथ और पुलिस स्टाफ शामिल था। recent visitors 58

गुनहगार तहव्वुर राणा की अर्जी फिर खारिज,अमेरिकी कोर्ट में प्रत्यर्पण रोकने की मांग की थी, कहा- पाकिस्तानी मुस्लिम हूं, भारत गया तो मारा जाऊंगा

वाशिंगटन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से 2008 मुंबई हमलों के दोषी तहव्वुर राणा को बड़ा झटका लगा है. भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की उनकी याचिका खारिज कर दी गई है. जज एलेना कगान ने तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की याचिका खारिज की. 26/11 मुंबई हमले के दोषी तहव्वुर राणा ने भारत प्रत्यर्पण किए जाने से बचने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. राणा ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनके प्रत्यर्पण पर इमरजेंसी स्टे लगाया जाए. याचिका में तहव्वुर राणा ने कहा था कि अगर मुझे भारत प्रत्यर्पित किया गया तो मुझे प्रताड़ित किया जाएगा. मैं भारत में ज्यादा सर्वाइव नहीं कर पाऊंगा. तहव्वुर राणा ने याचिका में क्या कहा था? राणा ने अमेरिकी कोर्ट के समक्ष अपनी याचिका में कहा था कि पाकिस्तान मूल का मुस्लिम होने की वजह से उसे भारत में बहुत अधिक प्रताड़ित किया जाएगा. ह्यूमन राइट्स वॉच 2023 की वर्ल्ड रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की बीजेपी सरकार धार्मिक अल्पसंख्यकों विशेष रूप से मुस्लिमों के साथ भेदभाव करती है. याचिका में कहा गया था कि भारत की सरकार लगातार तानाशाही होती जा रही है और इसके पर्याप्त कारण हैं कि भारत सरकार को सौंपे जाने पर उसे प्रताड़ित किया जाएगा. तहव्वुर राणा ने कहा था कि वह कई तरह की बीमारियों से जूझ रहा है. वह पार्किंसंस की समस्या से भी जूझ रहा है. ऐसी जगह नहीं भेजा जाए, जहां राष्ट्रीय, धार्मिक और सांस्कृतिक तौर पर उन्हें निशाना बनाया जाएगा. कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर राणा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था. उसने आर्मी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई की और पाकिस्तान आर्मी में 10 साल तक बतौर डॉक्टर काम काम किया. लेकिन तहव्वुर राणा को अपना काम पसंद नहीं आया और उसने ये नौकरी छोड़ दी. भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने वाला तहव्वुर राणा अभी कनाड़ा का नागरिक है. लेकिन हाल में वह शिकागो का निवासी था, जहां उसका बिजनेस है. अदालत के दस्तावेजों के मुताबिक, उसने कनाड़ा, पाकिस्तान, जर्मनी और इंग्लैंड की यात्राएं की है और वहां रहा है, वह लगभग 7 भाषाएं बोल सकता है. अदालत के दस्तावेज बताते हैं कि 2006 से लेकर नवंबर 2008 तक तहव्वुर राणा ने पाकिस्तान में डेविड हेडली और दूसरे लोगों के साथ मिलकर साजिश रची. इस दौरान तहव्वुर राणा ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और हरकत उल जिहाद ए इस्लामी की मदद की और मुंबई आतंकी हमले की प्लानिंग की और इसे अमली जामा पहनाने में मदद की. आतंकी हेडली इस मामले में सरकारी गवाह बन गया है. 26 नवंबर 2008 को क्या हुआ था? 26 नवंबर 2008 को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर आतंकी हमला हुआ था. आतंकियों के इस हमले को नाकाम करने के लिए 200 एनएसजी कमांडो और सेना के पचास कमांडो को मुंबई भेजा गया था. इसके अलावा सेना की पांच टुकड़ियों को भी वहां तैनात किया गया था. हमले के दौरान नौसेना को भी अलर्ट पर रखा गया था. मुंबई के आतंकी हमले को नाकाम करने के अभियान में मुंबई पुलिस, एटीएस और एनएसजी के 11 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे. इनमें एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे, एसीपी अशोक कामटे, एसीपी सदानंद दाते, एनएसजी के कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट एसआई विजय सालस्कर, इंसपेक्टर सुशांत शिंदे, एसआई प्रकाश मोरे, एसआई दुदगुड़े, एएसआई नानासाहब भोंसले, एएसआई तुकाराम ओंबले, कांस्टेबल विजय खांडेकर, जयवंत पाटिल, योगेश पाटिल, अंबादोस पवार और एम.सी. चौधरी शामिल थे.   recent visitors 62