भड़काऊ रैलियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस कमिश्नर को सौंपा पत्र

जयपुर जयपुर में 14 मार्च को धुलंडी के दिन जौहरी बाजार, बड़ी चौपड़, हवामहल, चांदी की टकसाल और आमेर रोड सहित कई क्षेत्रों में असामाजिक तत्वों द्वारा मोटरसाइकिल और कारों के झुंड में रैली निकालने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस दौरान देशविरोधी और भड़काऊ नारेबाजी की गई, जिससे आमजन में भय और अशांति का माहौल बन गया। इस घटना को लेकर हवामहल विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। महिलाओं और पर्यटकों से अभद्रता का आरोप विधायक बालमुकुंदाचार्य ने बताया कि रैली में शामिल उपद्रवी चार-चार लोगों के समूह में मोटरसाइकिल पर सवार थे। इन तत्वों ने स्थानीय नागरिकों, देशी-विदेशी पर्यटकों से दुर्व्यवहार किया, मकानों के बाहर खड़े वाहनों के शीशे तोड़ दिए और गोविंद देव जी मंदिर आने वाली महिलाओं से अभद्रता व आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से जयपुर की छवि धूमिल हुई है और सनातन धर्मावलंबियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। 16 मार्च को भी दोहराई गई घटना विधायक ने आरोप लगाया कि 16 मार्च को भी आमेर रोड और रामगढ़ मोड़ पर इसी तरह की रैली निकालकर फिर से आपराधिक कृत्यों को अंजाम दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन ने ऐसी भड़काऊ रैलियों की अनुमति दी थी? यदि नहीं, तो 14 मार्च की घटना के बावजूद 16 मार्च को दोबारा रैली निकालने की अनुमति कैसे दी गई? दोषियों और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग विधायक बालमुकुंदाचार्य ने प्रशासन से मांग की है कि  दोनों दिन की घटनाओं में शामिल दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। बिना अनुमति इस तरह की रैली निकालने वाले तत्वों पर कार्रवाई हो। वहीं, पुलिस प्रशासन की लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आमजन के बीच असंतोष बढ़ सकता है और प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।   recent visitors 34

सीएम योगी का आयुष्मान योजना को लेकर बड़ा ऐलान, मरीज और डॉक्टर दोनों को राहत

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वन ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य बड़ा है और इसके लिए हर विभाग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार की जरूरत है। साथ ही मरीजों की सुविधा और डॉक्टरों की सहूलियत का भी ध्यान रखना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत अथवा मुख्यमंत्री जन आरोग्य के अंतर्गत पंजीकृत किसी भी अस्पताल का बकाया न रखा जाए। इलाज के बाद अधिकतम 01 माह के भीतर नियमानुसार अस्पताल का भुगतान कर दिया जाना चाहिए। नए अस्पतालों को इम्पैनल करें। आवश्यकता अनुसार इम्पैनलमेंट नियमों में व्यवहारिकता का ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने रविवार रात बजट खर्च व वन ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था पर विभागों के कामकाज की समीक्षा करते में यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतिगत जड़ता की स्थिति नहीं होनी चाहिए। आम लोगों को सुविधा के लिए जरूरत पर नीतियों में बदलाव करें। रिफॉर्म करें। सरलीकरण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी शासकीय कार्मिकों को 'मिशन कर्मयोगी' से जोड़ा जाना है। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जाए। कार्मिकों के क्षमता संवर्धन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इसकी मॉनीटरिंग की जाए। सीडी रेशियो की जनपदवार मॉनीटरिंग की जा रही है। सभी जिलों को इसके लिए काम करने की जरूरत है। जीडीपी के आंकड़ों में महाकुम्भ से जुड़े डेटा को जरूर शामिल किया जाए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुम्भ प्रयागराज के आयोजन से अर्थव्यवस्था पर इसका गहरा असर पड़ा है। इस वर्ष जीडीपी के अंतिम आंकड़ों को तैयार करते समय महाकुम्भ से जुड़े डेटा को जरूर शामिल किया जाए। ऊर्जा विभाग के शीर्ष अधिकारी फील्ड में उतरें ऊर्जा विभाग के शीर्ष अधिकारी फील्ड में उतरें सभी डिस्कॉम की नियमित अंतराल पर समीक्षा की जाए। उपभोक्ताओं से संवाद करें। उनकी व्यवहारिक समस्याओं को सुनें और यथोचित निस्तारण कराएं। जनता से सीधा संवाद होना चाहिए। सभी जिलों में आंगनबाड़ी का अपना भवन हो मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में आंगनबाड़ी का अपना भवन हो, राज्य सरकार द्वारा इसके लिए हर तरह का सहयोग दिया जाएगा। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही के लिए प्रस्ताव तैयार करें। निर्माणाधीन राज्य विश्वविद्यालयों के निर्माण कार्य की थर्ड पार्टी ऑडिट कराई जाए। गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। recent visitors 38

कांग्रेस आज मुसलमानों को 4% आरक्षण दे रही , कल वह खुद के लिए राजनीति में 4% आरक्षण मांगेगी: रामेश्वर शर्मा

भोपाल  कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने सार्वजनिक खरीद पारदर्शिता (KTPP) अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद मुस्लिम ठेकेदारों को टेंडर में चार प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है। इस पर बीजेपी हमलावर हो गई है। मध्य प्रदेश के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने  मुस्लिम ठेकेदारों को 4% आरक्षण देने की नीति की कड़ी आलोचना की है। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस संविधान विरोधी होती जा रही है।   कांग्रेस ‘एक कांग्रेस थी’ की स्थिति में आ जाएगी- रामेश्वर शर्मा    बीजेपी विधायक शर्मा ने कहा कि कांग्रेसियों को ये समझ लेना चाहिए कि सोनिया जी ने तो अपने परिवार को लोकसभा और राज्यसभा भेजकर उनके भरण-पोषण की व्यवस्था कर ली है। लेकिन आने वाले राजनीतिक दिनों में यदि यही हालात रहे तो हिन्दुस्तान की राजनीति में जो कांग्रेस ‘एक कांग्रेस थी’ की स्थिति में आ जाएगी। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस आज मुसलमानों को 4% आरक्षण दे रही है, कल वह खुद के लिए राजनीति में 4% आरक्षण मांगेगी। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि हिन्दुस्तान की राजनीति जग चुकी है, हर नागरिक सशक्त और सावधान है। वह यह देख रहा है कि कौन तुष्टिकरण करके भारत की संस्कृति के साथ खिलवाड़ कर रहा है। कांग्रेस ये खिलवाड़ बंद करे अन्यथा हिन्दू समाज जागेगा और कांग्रेस का प्रतिकार करेगा। कर्नाटक सरकार ने लिया है ये फैसला कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने मुस्लिम ठेकेदारों को 4 प्रतिशत रिजर्वेशन देने का फैसला किया है। सिद्धारमैया की अध्यक्षता में हुई कर्नाटक कैबिनेट की बैठक में सरकारी टेंडरों में मुस्लिम ठेकेदारों को 4 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया। कैबिनेट ने कर्नाटक सार्वजनिक खरीद पारदर्शिता (KTPP) अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिसका मकसद मुस्लिम ठेकेदारों को टेंडर में चार प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है।  recent visitors 45

9 महीने के इंतजार के बाद सुनीता विलियम्स की वापसी तय, जानें पूरा शेड्यूल

वाशिंगटन भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर के लिए राहत की खबर है। 9 महीने से ISS (इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन) में फंसे दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के लिए भेजा गया Crew Dragon स्पेसक्राफ्ट सफलतापूर्वक ISS से जुड़ चुका है। 16 मार्च को डॉकिंग प्रक्रिया पूरी हुई, और अब वे 19 मार्च को धरती पर वापसी करेंगे। 14 मार्च को लॉन्च हुए Crew-10 मिशन ने ISS तक पहुंचकर चार नए अंतरिक्ष यात्रियों को वहां पहुंचाया और वापसी के लिए रास्ता साफ कर दिया। सुनीता और विलमोर को सिर्फ एक हफ्ते बाद लौटना था, लेकिन बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट की तकनीकी खराबी के चलते वे 9 महीने तक फंसे रह गए। अब NASA और SpaceX के इस मिशन के जरिए उनकी वापसी संभव हो रही है, और पूरी दुनिया इस ऐतिहासिक पल का इंतजार कर रही है। कैसे हुई Crew-10 की लॉन्चिंग? 14 मार्च को स्पेसएक्स ने Crew-10 मिशन लॉन्च किया था। इस मिशन के तहत फॉल्कन-9 रॉकेट से Crew Dragon कैप्सूल को अंतरिक्ष में भेजा गया। यह मिशन NASA के कमर्शियल क्रू प्रोग्राम के तहत भेजी गई 11वीं क्रू फ्लाइट थी। इस सफल लॉन्चिंग के बाद अब सुनीता विलियम्स की वतन वापसी की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं। क्या होती है डॉकिंग प्रक्रिया? डॉकिंग वो प्रक्रिया होती है, जिसमें स्पेसक्राफ्ट अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से जुड़ता है। इसके पूरा होते ही अंतरिक्ष यात्री अपने स्पेससूट उतारते हैं और कार्गो को उतारने की तैयारी शुरू होती है। इसके बाद हैच खोलकर ISS में प्रवेश किया जाता है। NASA इस मौके पर Crew-10 के स्वागत समारोह का सीधा प्रसारण भी करेगा। सुनीता विलियम्स की वापसी पर डोनाल्ड ट्रंप की नजर सुनीता विलियम्स की वापसी पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने टेस्ला के मालिक एलन मस्क से अनुरोध किया था कि इस मिशन को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर को सुरक्षित वापस लाया जा सके। स्पेसक्राफ्ट में कौन-कौन आया ISS? इस मिशन के तहत ISS में चार नए एस्ट्रोनॉट पहुंचे हैं— NASA की कमांडर: ऐनी मैक्कलेन पायलट: अयर्स जापान की JAXA एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री: ताकुया ओनिशी रूस के कोस्मोनॉट: किरिल पेसकोव ये स्पेसक्राफ्ट वापसी में अटलांटिक महासागर में लैंड कर सकता है। 9 महीने से ISS में फंसी थीं सुनीता विलियम्स सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर पिछले साल 5 जून को ISS गए थे। उन्हें एक हफ्ते बाद लौटना था, लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में तकनीकी खराबी आ जाने की वजह से वे 9 महीने से अंतरिक्ष में फंसे हुए थे। अब Crew-10 मिशन उनकी वापसी सुनिश्चित करेगा। कैसा है इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन जहां 9 महीने से फंसी हैं सुनीता विलियम्स इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन वो अंतरिक्ष में मौजूद वो प्लेटफॉर्म है जहां अंतरिक्ष जाने वाली सवारियां उतरती हैं, यहां पर रहती हैं और विज्ञान के बड़-बड़े एक्सपेरिमेंट करती हैं. लेकिन धरती से यहां की जिंदगी एकदम ही अलग है. आप ये जानकर अचंभित हो सकते हैं कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में 24 घंटे में 16 बार सूर्योदय और 16 बार सूर्यास्त होता है. ऐसा क्यों होता है हम आपको आगे बताएंगे? भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स इसी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में 9 महीने से फंसी है और धरती वापसी का इंतजार कर रही हैं. अगर आप समझते हैं कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन अथवा दिल्ली एयरपोर्ट जैसा कोई स्थायी बना हुआ ढांचा है तो आप गलत हैं. दरअसल इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन कोई स्थिर संरचना नहीं है, बल्कि सतत घुमते रहने वाला एक बड़ा अंतरिक्ष यान है. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन लगातार पृथ्वी का चक्कर काटते रहता है. धरती से कितना दूर है इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पृथ्वी से 403 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी के चक्कर लगाता रहता है. इस दौरान इसमें अंतरिक्ष यात्री मौजूद रहते हैं. यानी कि सुनीता विलियम्स पिछले 9 महीनों से लगातार पृथ्वी के चक्कर लगा रही है. इसका एक मतलब यह भी है कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन धरती से 403 किलोमीटर की दूरी पर है. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की स्पीड लेकिन सबसे दंग करने वाला है इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की स्पीड. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन 17500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा करता है. इसे किलोमीटर में कहें तो इसका मतलब ये होगा कि 28163 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पृथ्वी की परिक्रमा करता है. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की साइज अमेरिकी स्पेस एंजेसी नासा के अनुसार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का आकार पांच बेडरूम वाले घर या दो बोइंग 747 जेटलाइनर जितना है. यहां 6 लोगों की टीम और कुछ मेहमान रह सकते हैं. इस वक्त स्पेस स्टेशन में 8 लोग हैं. पृथ्वी पर अंतरिक्ष स्टेशन का वजन लगभग दस लाख पाउंड यानी कि 453592.37 किलोग्राम होगा. अगर इसके सभी छोर को मिलाकर इसका आकार मापा जाए तो इसकी लंबाई फुटबॉल मैदान के बराबर होगी. इस स्पेस स्टेशन में इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, जापान और यूरोप के प्रयोगशाला मॉड्यूल शामिल हैं. 90 घंटे का दिन और 90 घंटे की रात का राज इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में 24 घंटे में 16 सूर्योदय और 16 सूर्यास्त देखने का अनुभव होता है. इसे आप इस तरह से भी कह सकते हैं कि यहां 90 मिनट का दिन और 90 मिनट की रात होती है और ऐसा 24 घंटे में 16-16 बार होता है. ऐसा पृथ्वी के आकार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की बहुत तेज गति के कारण संभव होता है. लगभग 28 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पृथ्वी की परिक्रमा करता है. इसमें उसे 90 मिनट लगते हैं. यानी कि एक चक्कर लगाने में 90 मिनट. स्पेस स्टेशन में क्रू 10 के सदस्यों ने रविवार को सुनीता विलियम्स समेत दूसरे अंतरिक्ष यात्रियों से मुलाकात की. इसका मतलब है कि 24 घंटे में ISS पृथ्वी के चारों ओर लगभग 16 चक्कर (24 घंटे ÷ 90 मिनट = 16) लगाता है. चूंकि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन हर 90 मिनट में एक चक्कर पूरा करता है, इसका मतलब है कि हर चक्कर के दौरान ये स्पेस स्टेशन लगभग 45 मिनट दिन (सूर्य की रोशनी में) और लगभग 45 मिनट रात (पृथ्वी की छाया में) रहता है. इसलिए हर … Read more

ऑक्शन में अनसोल्ड रहे भारतीय ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर की चमकेगी किस्मत, IPL 2025 में ये टीम दे सकती है मौका

नई दिल्ली भारतीय ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर को नवंबर में हुए IPL 2025 मेगा ऑक्शन में कोई खरीदार नहीं मिला था। वे ऑक्शन में अनसोल्ड रहे थे। हालांकि, अब जल्द उनको गुड न्यूज मिल सकती है। वे आईपीएल 2025 में खेल सकते हैं। वे घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन गेंद और बल्ले से कर रहे हैं और इसका इनाम उनको आईपीएल में मिल सकता है। लखनऊ सुपर जायंट्स टीम कई चोटों से गुजर रही है। ऐसे में उनको एलएसजी में मौका मिल सकता है और इसका हिंट भी मिल चुका है। रेड बॉल क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन करने वाले शार्दुल ठाकुर जून में शुरू हो रहे इंग्लैंड के दौरे की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन साथ ही साथ उनको आईपीएल में मौका मिल सकता है। वे हाल ही में लखनऊ सुपर जायंट्स के ट्रेनिंग कैंप में स्पॉट किए गए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, वे एलएसजी की ट्रेनिंग जर्सी भी पहने नजर आए। चेन्नई सुपर किंग्स, दिल्ली कैपिटल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के लिए खेल चुके हैं। शार्दुल ठाकुर के एलएसजी की ओर से आईपीएल 2025 में मौका मिलने के चांस इसलिए भी लग रहे हैं, क्योंकि राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स भी एलएसजी के ओनर की ही टीम थी। शार्दुल ने हाल ही में एलएसजी के खिलाड़ियों के साथ होली मनाई। हालांकि, रविवार को एलएसजी ट्रेनिंग किट पहने शार्दुल ठाकुर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, लेकिन फ्रेंचाइजी या आईपीएल की ओर से अभी तक उनके साइनिंग की पुष्टि नहीं हुई है। पिछले सीजन में सीएसके के लिए खेलने वाले शार्दुल ठाकुर को मेगा ऑक्शन से पहले फ्रेंचाइजी ने रिलीज कर दिया था और ऑक्शन में भी उनको खरीदा नहीं था। इसके पीछे का कारण ये था कि वे नौ मैच आईपीएल 2024 में खेले और सिर्फ पांच विकेट निकाल पाए। बल्ले से उनका योगदान 21 रनों का रहा। जेद्दाह में दो दिन चले ऑक्शन में उनको दोनों दिन किसी भी टीम ने नहीं खरीदा। हालांकि, अब लखनऊ की टीम में उनको इसलिए भी मौका मिल सकता है, क्योंकि उनके तीन पेसर चोटिल हैं, जिनमें मयंक यादव, मोहसिन खान और आवेश खान का नाम शामिल है। इसके अलावा मिचेल मार्श एक बल्लेबाज के तौर पर बैक इंजरी के चलते उपलब्ध होंगे। recent visitors 31

मोदी सरकार ने ‘चंद्रयान-5’ मिशन को दी मंजूरी, जापान भी करेगा सहयोग; इसरो प्रमुखवी नारायणन

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने महत्वाकांक्षी ‘चंद्रयान-5 मिशन’ को मंजूरी दे दी है. इस मिशन के तहत, चंद्रमा की सतह का अध्ययन करने के लिए 250 किलोग्राम का रोवर भेजा जाएगा. ISRO के अध्यक्ष वी. नारायणन ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि यह मिशन जापान के सहयोग से संचालित किया जाएगा. रविवार को एक सम्मान समारोह में बोलते हुए ISRO प्रमुख ने कहा कि ‘चंद्रयान-5’ को हाल ही में हरी झंडी मिली है. उन्होंने बताया कि इससे पहले ‘चंद्रयान-3’ मिशन के तहत 25 किलोग्राम का रोवर ‘प्रज्ञान’ चंद्रमा पर भेजा गया था, जो सफलतापूर्वक लैंड हुआ था. इस बार चंद्रयान-5 में अधिक क्षमता वाला रोवर भेजा जाएगा, जिससे चंद्रमा की सतह पर और गहराई से अध्ययन किया जा सकेगा ‘चंद्रयान-4’ मिशन पर काम जारी बता दें, ISRO ने चंद्रयान-3 मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था, जिसमें लैंडर ‘विक्रम’ ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की थी. यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा. इससे पहले, ISRO ‘चंद्रयान-4’ मिशन पर भी काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा से मिट्टी और चट्टानों के नमूने लाना है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे 2027 में लॉन्च किया जा सकता है.  ‘चंद्रयान-5 मिशन’ का मकसद? चंद्रयान मिशनों का मकसद चंद्रमा की सतह और वहां मौजूद खनिजों का अध्ययन करना है. इसरो के वैज्ञानिक लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं और भारत को स्पेस रिसर्च के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं. चंद्रयान-5 मिशन के ऐलान के बाद देशभर में वैज्ञानिक समुदाय में उत्साह है, और अब सभी की नजरें इस नए मिशन पर टिकी हैं. जापान के साथ मिलकर चंद्रयान-5 मिशन को अंजाम देगा इसरो नारायणन ने कहा, 'अभी तीन दिन पहले ही हमें चंद्रयान-5 मिशन के लिए मंजूरी मिली है। हम इसे जापान के साथ मिलकर करेंगे।' चंद्रयान-4 मिशन के 2027 में लॉन्च होने की उम्मीद है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा से एकत्र किए गए नमूने लाना है। इसरो की भविष्य की परियोजनाओं के बारे में नारायणन ने कहा कि गगनयान सहित विभिन्न मिशनों के अलावा, भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन- भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की योजनाएं चल रही हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने हाल ही में अपने अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग – स्पैडेक्स की सफल अनडॉकिंग करने में भी सफलता हासिल की। इससे चंद्रयान-4 और अन्य भविष्य के मिशनों के लिए मंच तैयार हो गया।  recent visitors 48

श्रीलंकाई ऑलराउंडर थिसारा परेरा ने जडे 12 गेंदों पर 12 छक्के, कर दिया ये कारनामा, लोग हो गए हैरान

कोलम्बो क्रिकेट में बल्लेबाजी के दौरान एक ओवर में छह छक्के जड़ना अब तक कुछ ही खिलाड़ियों के लिए मुमकिन हो सका है। ऐसा कारनामा करने वाले खिलाड़ी की गिनती मुश्किल से उंगलियों पर की जा सकती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा खिलाड़ी भी है जिसने 12 गेंदों पर 12 छक्के जड़े हैं? यह कारनामा किया है श्रीलंकाई ऑलराउंडर थिसारा परेरा ने, जो न केवल बल्ले बल्कि गेंदबाजी में भी अपनी छाप छोड़ चुके हैं। थिसारा परेरा का बेमिसाल रिकॉर्ड थिसारा परेरा, जिनका क्रिकेट करियर बहुत ही प्रभावशाली रहा है, ने एक के बाद एक दो बार क्रिकेट की दुनिया को हैरान किया। उनका नाम उन गिने-चुने खिलाड़ियों में शामिल है जिन्होंने एक ही ओवर में छह छक्के मारे। परेरा ने 2021 और 2025 में दो अलग-अलग मौकों पर 1 ओवर में छह छक्के जड़े। यह कारनामा किसी भी बल्लेबाज के लिए सपना ही होता है, लेकिन परेरा ने इसे हकीकत बना दिया। 2025 में, थिसारा परेरा ने एशियन लीजेंड लीग में श्रीलंकन लायंस के कप्तान के तौर पर एक नया इतिहास रचा। पारी के आखिरी ओवर में, परेरा ने आर्यन खान की गेंदों पर छह छक्के जड़े। इस ओवर में तीन वाइड गेंदें भी आईं, जिसके कारण ओवर में कुल 39 रन बने। इस शानदार प्रदर्शन ने परेरा को मात्र 35 गेंदों में शतक बनाने का मौका दिया। उनकी 36 गेंदों की पारी में कुल 108 रन थे, जो न केवल उनकी शानदार बैटिंग का प्रमाण था, बल्कि यह भी दिखाता है कि वह अब भी क्रिकेट के मैदान पर कितने खतरनाक हैं। 2021 में किया था ऐसा ही कारनामा यह पहली बार नहीं था जब थिसारा परेरा ने क्रिकेट जगत को चौंकाया था। 2021 में, जब वह श्रीलंकाई आर्मी टीम के लिए खेल रहे थे, उन्होंने ब्लूमफील्ड क्रिकेट एंड एथलेटिक क्लब के खिलाफ एक ओवर में ही छह छक्के जड़े थे। इस पारी में उन्होंने 13 गेंदों पर 52 रन बनाए थे। यह प्रदर्शन यह साबित करता है कि परेरा न केवल एक बेहतरीन गेंदबाज रहे हैं, बल्कि एक विस्फोटक बल्लेबाज भी हैं। आईपीएल में महेंद्र सिंह धोनी के साथ खेल चुके हैं थिसारा परेरा थिसारा परेरा ने आईपीएल में भी अपनी शानदार भूमिका निभाई है। वह महेंद्र सिंह धोनी के साथ चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल चुके हैं, जहां उन्होंने खुद को पिंच हिटर के तौर पर साबित किया। धोनी जैसे कप्तान के साथ खेलते हुए परेरा ने अपनी बैटिंग से कई मैचों में तेजी से रन जुटाए और टीम के लिए मैच जीतने में अहम भूमिका निभाई। परेरा के बल्ले से अंत के ओवरों में अक्सर छक्के की बारिश देखने को मिलती थी, और यही कारण था कि उन्हें अंत में बल्लेबाजी करने के लिए भेजा जाता था। क्यों है यह रिकॉर्ड इतना खास? परेरा का यह रिकॉर्ड इसलिए और भी खास है क्योंकि वह एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने 12 गेंदों में 12 छक्के जड़े हैं। क्रिकेट में छक्के मारना हर बल्लेबाज का सपना होता है, लेकिन इस तरह का रिकॉर्ड बनाना किसी के लिए भी असंभव सा लगता है। परेरा ने यह कर दिखाया, और यही कारण है कि वह क्रिकेट जगत में अपनी एक अलग पहचान बना चुके हैं।   recent visitors 38