Friday, July 3, 2026 4:51 pm

कांग्रेस नेत्री ने परशुराम से की Aurangzeb की तुलना, पार्टी के अल्टीमेटम के बाद मांगनी पड़ी माफी

जबलपुर कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले की एक महिला पार्टी नेता को सोशल मीडिया पर हिंदू देवता परशुराम की तुलना मुगल शासक औरंगजेब से करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस भेजा है. नोटिस में पार्टी ने रेखा विनोद जैन से 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा है. जबलपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ शर्मा की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है, "आपने न केवल भारतीय संविधान का बल्कि कांग्रेस पार्टी के संविधान का भी उल्लंघन किया है, जिससे पार्टी की धर्मनिरपेक्ष छवि धूमिल हुई है." उन्होंने कहा कि जैन के कृत्य ने कांग्रेस पार्टी की धर्मनिरपेक्ष नीति का उल्लंघन किया है और यह अनुशासनहीनता के दायरे में आता है. '48 घंटे के अंदर माफी…' सौरभ शर्मा ने कहा, "आपके द्वारा किए गए कृत्य के आधार पर आपको यह कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है और इसे मिलने के 48 घंटों के अंदर आपको पोस्ट के संबंध में अपने कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और अपना जवाब भेजना चाहिए." नोटिस में आगे चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने माफी नहीं मांगी या संतोषजनक जवाब नहीं भेजा, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. कांग्रेस लीडर ने पोस्ट में क्या कहा था? कांग्रेस लीडर रेखा विनोद जैन ने पोस्ट में कहा था, "औरंगजेब ने अपने भाई का सिर काटकर अपने पिता को भेंट किया, जबकि परशुराम ने अपनी मां का सिर काटा था. औरंगजेब क्रूर था, कोई भी उसे आदर्श नहीं मानता. मुसलमान भी अपने बच्चों का नाम औरंगजेब नहीं रखते लेकिन हिंदुत्व के अनुयायी परशुराम के मंदिर भी बनाते हैं." हालांकि, रेखा ने बाद में पोस्ट हटा दी और अपने कृत्य के लिए माफी मांगते हुए कहा कि उनका किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था. रेखा विनोद ने एक अलग पोस्ट में कहा, "जैसे ही यह बात मेरे संज्ञान में आई, मैंने तुरंत उस पोस्ट को वॉल से हटा दिया. इसके साथ ही, मैं आपकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए सभी से माफी मांगती हूं." हालांकि, सत्तारूढ़ बीजेपी ने कांग्रेस को घेरने की कोशिश करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी की हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करना आदत बन गई है.   recent visitors 41

सौरभ शर्मा, चेतन गौर, शरद जायसवाल की न्यायिक हिरासत 29 मार्च तक बढ़ी, लोकायुक्त विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाया

भोपाल मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के करोड़पति आरक्षक सौरभ शर्मा केस में बड़ी अपडेट सामने आई है. सौरभ शर्मा, चेतन गौर, शरद जायसवाल की न्यायिक हिरासत 29 मार्च तक बढ़ा दी गई है. लोकायुक्त विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाया है. सौरभ शर्मा को आरटीओ घोटाले में गिरफ्तार किया गया था. फिलहाल जांच एजेंसियो की पूछताछ जारी है. इधर, पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में एसआईटी कोर्ट में चार्टशीट पेश होगी. मालूम हो कि 1 जनवरी 2025 की रात युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में चुनवा दिया गया था. 2 जनवरी को मुकेश के भाई युकेश ने कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. 3 जनवरी की देर शाम मोबाइल (गूगल) लोकेशन के आधार पर मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के चट्टान पारा स्थित बाड़ा से पुलिस ने मुकेश की बॉडी को बरादम किया था. इस मामले में सरकार ने एसआईटी जांच के आदेश दिए थे. सुरेश के भाई रितेश, दिनेश और कर्मचारी महेंद्र रामटेके को गिरफ्त में लेने के 3 दिन बाद हैदराबाद से सुरेश को गिरफ्तार किया गया था. मामला गंगालूर से मिरतुर 100 करोड़ की लागत वाली सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की रिपोर्टिंग से जुड़ा हुआ था. रिपोर्टिंग से नाराज सुरेश ने हत्या की साजिश रची थी. फिलहाल इस मामले के सभी आरोपी जेल में बंद हैं. जिस जगह से मुकेश का शव बरामद हुआ था एसआईटी ने उसे सील कर रखा है. हत्या के बाद से सुरेश की प्रापर्टी कुर्की करने की लगातार मांग उठ रही है. मामले में भ्रष्टाचार के संलिप्तत को लेकर पीडब्ल्यूडी के पूर्व ईई, एसडीओ समेत 4 लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बड़ा बयान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इस पूरे मामले में छोटी मछलियों पर कार्रवाई की गई लेकिन बड़ी मछलियों को हाथ तक नहीं लगाया गया. पूरी कांग्रेस पार्टी इस मामले में गोविंद सिंह राजपूत और उनके सहयोगियों पर कार्रवाई की मांग कर रही है. इसी कड़ी में कल हम लोकायुक्त गए थे. आज हम लोग eow आए हैं. 3-3 एजेंसियां काम कर रही हैं, लेकिन अब तक यह पता नहीं लगा पाई आखिर 52 किलो सोना और कैश किसका था eow के अधिकारियों ने जांच कर आश्वाशन दिया है. आने वाले समय में हम प्रधानमंत्री को भी शिकायत करेंगे. रजिस्ट्री से लेकर तमाम साक्ष्य दिए हैं. उसके बाद भी कार्रवाई से बच रही है जांच एजेंसियां. हमने सदन में स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की लेकिन चर्चा भी नहीं हुई. recent visitors 37

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की परीक्षाएं एक अप्रैल से, स्मार्ट वाॅच-ब्लूटूथ मिला तो रद्द होगी परीक्षा

भोपाल  बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) की यूजी की प्रथम से तीसरे वर्ष की परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रायोगिक परीक्षाएं 13 मार्च से शुरू कर दी गई हैं। बीयू के बीए, बीएससी, बीकाम, बीएससी (होम साइंस), बीए मैनेजमेंट, बीबीए, बीसीए, बीपीईएस के प्रथम वर्ष और तीसरे वर्ष की सैद्धांतिक परीक्षाएं एक अप्रैल से शुरू होंगी। वहीं पीजी की सेमेस्टर परीक्षाएं मई में आयोजित होंगी।     इन परीक्षाओं में करीब 1.80 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। प्रदेश के आठ जिलों में संबद्ध कालेजों के लिए इस बार परीक्षाओं के दौरान नकल पर रोक के लिए बीयू ने कड़े आदेश जारी किए हैं।     अगर कोई विद्यार्थी नकल करते पकड़ाया या किसी के पास स्मार्ट फोन, स्मार्ट वाॅच, ब्लूटूथ जैसे इलेक्ट्रानिक उपकरण पाए गए तो उत्तरपुस्तिका जब्त कर विवि को भेजी जाएगी और परीक्षा निरस्त होगी।     इसके अलावा अगर परीक्षा शुरू होने के बाद कोई विद्यार्थी आधे घंटे बाद परीक्षा कक्ष से बाहर जाता है तो उसे दूसरी उत्तरपुस्तिका दी जाएगी। विवि ने परीक्षा के संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। परीक्षार्थी की तलाशी ली जाएगी     बीयू ने सभी कॉलेजों के प्राचार्य व केंद्राध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा केंद्र पर हर परीक्षार्थी की तलाशी ली जाए।     प्रतिबंधित सामग्री जैसे पुस्तकें, गाइड,मोबाइल, हस्तलिखी सामग्री,स्मार्ट वाॅच, इलेक्ट्रानिक उपकरण आदि को बाहर ही जमा करा ली जाए। इसे आलमारी में बंद किया जाएगा।     यदि परीक्षा कक्ष में विद्यार्थी के पास नकल सामग्री प्राप्त होती है तो अनुचित साधन प्रतिवेदन फार्म पर जानकारी भरकर विद्यार्थी से हस्ताक्षर कराना है।     अनुचित साधन फार्म पर वीक्षक या केंद्रध्यक्ष द्वारा हस्ताक्षर कराकर उत्तरपुस्तिका को पैकेट में बंद कर भेजे जाएं। केंद्र कम बनाए जाएंगे ताकि निगरानी सख्ती से हो     बीयू इस बार नकल प्रकरण पर रोक के लिए उड़नदस्तों की टीम को तैनात किया है और विवि में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।इसके माध्यम से परीक्षार्थियों की निगरानी की जाएगी।     साथ ही अधिक निगरानी के लिए इस बार केंद्रों की संख्या कम की जाएगी। इससे सख्ती से निगरानी की जा सके। वहीं जिन केंद्रों पर सिर्फ 50 या 60 विद्यार्थी शामिल होते थे।     उन केंद्रों को बंद किया जाएगा।विवि प्रबंधन इस बार परीक्षा केंद्रों को दिए जाने वाले खर्च को कम करेगा।   recent visitors 32

इजराइल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 200 लोगों की हुई मौत, फिलिस्तीनी अधिकारियों ने दी जानकारी

 गाजा जराइल ने मंगलवार सुबह गाजा पट्टी क्षेत्र में हमास के ठिकानों को निशाना बनाते हुए सिलसिलेवार हवाई हमले किए। फिलिस्तीनी अधिकारियों ने हमले में कम से कम 200 से अधिक लोगों की मौत की जानकारी दी है। कहा जा रहा है जनवरी में युद्धविराम के प्रभावी होने के बाद से यह गाजा में अब तक का सबसे भीषणतम हमला है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि युद्धविराम को बढ़ाने के लिए वार्ता में कोई खास प्रगति नहीं होने के कारण उन्होंने हमले का आदेश दिया। नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा, ‘‘इजराइल अब सैन्य ताकत बढ़ाकर हमास के खिलाफ कार्रवाई करेगा।’’ फिर से संघर्ष जारी होने की आशंका रातभर हुए हमलों ने शांति का दौर खत्म कर दिया है और 17 माह से जारी संघर्ष के फिर से शुरू होने की आशंका को बढ़ा दिया है जिसमें 48,000 से ज्यादा फलस्तीनी मारे गए थे और गाजा तबाह हो गया। हमास द्वारा बंधक बनाकर रखे गए लगभग 24 इजराइली नागरिकों के भविष्य के बारे में इजराइल के हमलों के कारण संशय की स्थिति पैदा हो गई है जिनके बारे में माना जाता है कि वे अब भी जीवित हैं। हमास ने एक बयान में इजराइल की ओर से किए गए हमलों की निंदा की और कहा कि इन हमलों ने बंधकों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। 'बेगुनाह लोगों के खिलाफ…' हमास के एक अधिकारी ताहिर नुनू ने इजरायली हमलों की आलोचना की है. उन्होंने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का मोरल टेस्ट हो रहा है, या तो वह कब्जे वाली सेना द्वारा किए गए अपराधों की वापसी की अनुमति दे या फिर गाजा में बेगुनाह लोगों के खिलाफ आक्रामकता और जंग को खथ्म करने की प्रतिबद्धता को लागू करे." गाजा में तमाम जगहों पर विस्फोटों की आवाजें सुनी जा सकती थीं और मिडिल गाजा के अल-अक्सा हॉस्पिटल में एम्बुलेंस पहुंच रही थीं." युद्ध विराम को लेकर क्या हुआ था? जंग को रोकने के लिए युद्ध विराम पर सहमति बनने के दो महीने बाद ताजे हमले  हुए हैं. छह हफ्ते में हमास ने करीब 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले में करीब तीन दर्जन बंधकों को रिहा किया. लेकिन दो हफ्ते पहले युद्ध विराम का पहला चरण खत्म होने के बाद से, दोनों पक्ष करीब 60 बचे बंधकों को रिहा करने और युद्ध को पूरी तरह से खत्म करने के मकसद से दूसरे चरण के साथ आगे बढ़ने के तरीके पर सहमत नहीं हो पाए हैं. नेतन्याहू ने बार-बार जंग को फिर से शुरू करने की धमकी दी है और इस महीने की शुरुआत में हमास पर दबाव बनाने के लिए घेरे हुए क्षेत्र में सभी खाद्य और सहायता डिलीवरी को रोक दिया.   हमास ने कही ये बात वहीं, एक इजराइली अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि इजराइल हमास के उग्रवादियों, इसके नेताओं और बुनियादी ढांचों पर हमला कर रहा है तथा हवाई हमलों से परे अभियान को और बढ़ाने की योजना बना रहा है। इस बीच हमास ने चेतावनी दी है कि मंगलवार की सुबह इजरायल के नए हवाई हमलों ने उनके बीच हुए सीजफायर को तोड़ दिया है। उसने साथ ही धमकी भरे अंदाज में यह भी कहा कि इजरायल की इस हरकत ने बंधकों के भाग्य को खतरे में डाल दिया है। वहीं, इजरायल ने कहा कि उसने सीजफायर को बढ़ाने के लिए चल रही बातचीत में कोई प्रगति न देखते हुए गाजा पट्टी में हवाई हमले किए हैं। recent visitors 55

29 मार्च : शनि गोचर और इसी दिन सूर्यग्रहण भी, इन 3 राशियों पर पड़ेगा अशुभ प्रभाव

करीब 30 साल बाद 29 मार्च 2025 को शनि गुरु की मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। इस राशि में शनि ढाई वर्ष तक विराजमान रहेंगे। शनि के मीन गोचर का प्रभाव देश-दुनिया के साथ सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। शनि गोचर के दिन ही साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। शनि मीन गोचर व सूर्य ग्रहण एक ही दिन होने का प्रभाव कुछ राशियों के लिए उथल-पुथल भरा रहेगा। इन राशि वालों को आर्थिक, पारिवारिक व शारीरिक रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जानें शनि गोचर व सूर्य ग्रहण का संयोग किन राशियों पर डालेगा अशुभ प्रभाव- 1. मेष राशि- 29 मार्च 2025 को सूर्य ग्रहण वाले दिन शनि के मीन राशि में प्रवेश करने से मेष राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती प्रारंभ होगी। इस अवधि में मेष राशि वालों को आर्थिक, मानसिक व शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। करियर में विघ्न-बाधाएं आ सकती हैं। ग्रहण का प्रभाव आपकी राशि के 12वें भाव में होगा, जिससे खर्च की अधिकता रह सकती है। मानसिक तनाव भी हो सकता है। 2. कुंभ राशि– सूर्य ग्रहण के दिन शनि के मीन गोचर से कुंभ राशि वालों को अशुभ परिणाम मिल सकते हैं। कार्यों में आकस्मिक बाधा व आर्थिक हानि के संकेत हैं। बनते हुए कार्यों के बिगड़ने की संभावना है। ग्रहण का प्रभाव आपकी राशि के द्वितीय भाव में होगा, जिसके कारण आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव व परिवार में अनबन हो सकती है। वाणी पर कंट्रोल रखें। 3. मीन राशि– सूर्य ग्रहण और शनि गोचर का संयोग मीन राशि पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस दौरान आपको सेहत से जुड़ी परेशानियां व आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ग्रहण का प्रभाव मीन राशि के प्रथम भाव में होगा, जिसके कारण आपके आत्मविश्वास में कमी रहेगी। recent visitors 33

आज सेंसेक्स ने लगाई 500 अंकों की छलांग, निफ्टी भी भागा… इन 10 शेयरों में तूफानी तेजी

मुंबई शेयर बाजार में तेजी (Stock Market Rise) का सिलसिला जारी है और सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी सेंसेक्स-निफ्टी ने ग्रीन जोन में कारोबार की शुरुआत की. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 500 अंक की तेजी के साथ ओपन हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स (Nifty-50) ने भी 100 अंक की उछाल के साथ कारोबार शुरू किया. लगातार दूसरे दिन बाजार में हरियाली के बीच सबसे ज्यादा उछलने वाले शेयरों की लिस्ट में ICICI Bank और Axis Bank समेत जोमैटो और टाटा मोटर्स आगे रहे. खुलते ही उछल पड़े सेंसेक्स-निफ्टी शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई के सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,169.95 के लेवल से चढ़कर 74,608.66 पर ओपन हुआ और ये कुछ ही देर में 573 अंक की जोरदार उछाल के साथ 74,743 के लेवल पर जा पहुंचा. दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी भी अपने पिछले बंद 22,508.75 की तुलना में जोरदार तेजी लेते हुए 22,662.25 पर ओपन हुआ और मिनटों में सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 178 अंक उछल गया और 22,687 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया. 1637 शेयर बढ़त के साथ ग्रीन जोन में ओपन शुरुआती कारोबार में ही शेयर बाजार में करीब 1637 कंपनियों के शेयरों ने जोरदार रफ्तार के साथ ग्रीन जोन में ट्रेडिंग शुरू की. इसके अलावा 571 कंपनियों के स्टॉक्स ऐसे थे, जो बाजार चढ़ने के बावजूद गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए. वहीं 131 शेयरों की स्थिति जस की तस रही, यानी इनमें कोई चेंज देखने को नहीं मिला. शुरुआती कारोबार में सबसे तेज भागने वाले शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व शामिल रहे, तो वहीं TCS, ONGC, Tech Mahindra और Tata Consumer के शेयर रेड जोन में ओपन हुए. आज के टॉप गेनर बने ये शेयर बात करें, शेयर मार्केट में लगातार दूसरे कारोबारी दिन आई तेजी के बीच शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा रफ्तार के साथ भागने वाले शेयरों के बारे में, तो ICICI Bank Share (2.30%), Zomato Share (2.11%), Axis Bank Share (2.10%), M&M Share (1.90%) और Tata Motors Share (1.50%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों में से Manyavar Share (3.62%), IREDA Share (3.55%), Paytm Share (2.60%) की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था, तो वहीं Tata Tech Share (2.43%) और RVNL Share (2.16%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. सोमवार को दिनभर रही थी तेजी बीते कारोबारी दिन सोमवार को भी Sensex-Nifty ने दिनभर तेजी के साथ कारोबार किया था और अंत में बढ़त के साथ बंद हुए थे. बीएसई Sensex मार्केट ओपन होने के साथ 73,830.03 के लेवल पर ओपन हुआ था और कारोबार के दौरान 74,376.35 के लेवल तक उछला था. हालांकि, बाजार बंद होते-होते इसकी रफ्तार कुछ धीमी पड़ी थी, फिर भी ये 341.05 अंक की तेजी लेकर 74,169.95 पर क्लोज हुआ था. इसी तरह एनएसई का Nifty भी 22,353.15 के लेवल पर खुलने के बाद 22,577 तक उछला था और अंत में 112.45 अंकों की बढ़त लेकर 22,509.65 के लेवल पर क्लोज हुआ था. recent visitors 41

अब बॉक्सिंग भी 2028 लास एंजिलिस ओलंपिक में हुई शामिल, आईओसी बोर्ड ने मंजूरी दी

नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक खेलों में मुक्केबाजी को फिर से शामिल करने की मंजूरी दे दी है। इस निर्णय का स्वागत करते हुए, विश्व मुक्केबाजी के अध्यक्ष बोरिस वैन डेर वोर्स्ट ने कहा कि यह ओलंपिक मुक्केबाजी के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय है और इससे ओलंपिक खेलों में मुक्केबाजी की बहाली को बल मिला है। बताना चाहेंगे तत्कालीन अंतर्राष्ट्रीय महासंघ को लेकर चल रही चिंताओं के कारण फरवरी 2022 में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति सत्र द्वारा अनुमोदित 2028 लॉस एंजिल्‍स खेलों के प्रारंभिक खेल कार्यक्रम में मुक्केबाजी को शामिल नहीं किया गया था। पिछले साल राष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघों को एक नए अंतरराष्ट्रीय महासंघ के बारे में आम सहमति बनाने को कहा गया था पिछले साल, अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने यह स्पष्ट कर दिया था कि 2028 ओलंपिक खेलों के खेल कार्यक्रम में मुक्केबाजी को शामिल करने के लिए राष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघों को एक नए अंतरराष्ट्रीय महासंघ के बारे में आम सहमति बनानी होगी। 26 फरवरी को बोर्ड ने 84 राष्ट्रीय महासंघों वाली विश्व मुक्केबाजी को अस्थायी रूप से मान्यता देने का फैसला किया शासन और खेल अखंडता के संबंध में विभिन्न मानदंडों के मूल्यांकन के बाद, 26 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति कार्यकारी बोर्ड ने 84 राष्ट्रीय महासंघों वाली विश्व मुक्केबाजी को अस्थायी रूप से मान्यता देने का फैसला किया।   recent visitors 24