दिल्ली में एक बार फिर बड़ी लूट की घटना, चांदनी चौक में एक बदमाश 80 लाख रुपए कैश से भरे बैग को लूटकर भाग गया

नई दिल्ली दिल्ली में एक बार फिर लूट की बड़ी घटना को अंजाम दिया गया है। चांदनी चौक में एक 'टोपीवाला' वाला बदमाश 80 लाख रुपए कैश से भरे बैग को लूटकर भाग गया। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है। पुलिस पीड़ित शख्स से भी पूछताछ कर रही है। घटना सोमवार 17 मार्च की है। शाम करीब 6.15 बजे हवेली हैदर कुली चांदनी चौक में आर के गुजराती आंगड़िया के कर्मचारी से नकदी से भरा बैग लूट लिया गया। काले रंग के बैग में 80 लाख रुपए थे। लूट के वक्त बदमाश ने चार राउंड फायरिंग भी की। पूरी घटना एक सीसीटीवी में कैद हो गई है। 48 सेकेंड के वीडियो में दिख रहा है कि पीड़ित कर्मचारी एक काले रंग के बैग को पीठ पर लादे हुए पैदल चला जा रहा है। कुछ दुकानें बंद हैं तो कुछ खुली है। बाजार में दुकानों पर कुछ लोग भी मौजूद हैं। इस बीच कर्मचारी के पीछे एक शख्स टोपी पहने और मास्क लगाए हुए आ रहा है। उसके हाथ में पिस्टल है और गली में पीछे-पीछे आ रहा है। वह अचानक बैग वाले शख्स को दबोच लेता है और बंदूक दिखाकर बैग छीन लेता है। वह चार राउंड फायरिंग भी करता है। इसके बाद वह भाग निकलता है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लुटेरे की तलाश शुरू कर दी है। recent visitors 46

मऊगंज में पुलिस की ताबड़तोड़कार्रवाई, हत्याकांड में शामिल 20 आरोपी गिरफ्तार, अभी-भी जारी है धरपकड़

 रीवा  मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गड़रा में पुलिस की टीम पर पर हमला और एएसआइ की हत्या के मामले में पुलिस ने अब तक दो एफआइआर दर्ज की हैं। पुलिस ने लगभग डेढ़ सौ लोगों पर मारपीट, हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा, सरकारी काम में बाधा व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों मामलों में अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपितों में एक यूट्यूबर पत्रकार सहित सरपंच व पूर्व सरपंच शामिल हैं। तीनों पर घटना के पहले षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है। इसके बाद इलाके में तनाव बढ़ गया, जिसके चलते भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जिसमे 06 आरोपियों  निशा कोल, प्रेमवती कोल, बृजलाल कोल, विनोद कोल, अंशु कोल और रमेश साहू के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. सख्त कानूनी कार्रवाई, न्यायालय में पेशी पुलिस ने गिरफ्तार किए गए 20 आरोपियों को हिरासत में लिया गया. इस मामले में  06 आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1), 127 (2), 132, 296, 115 (2), 351 (3), 109, 191 (2), 191 (3), 190, 121(2) समेत अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. गांव में बढ़ी पुलिस चौकसी गड़रा गांव में हुई इस हिंसा के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया. पुलिस लगातार तलाशी अभियान चला रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही. प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं. पुलिस का सख्त संदेश इस घटना के बाद पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें. डीजीपी पहुंचे बलिदानी के घर, सहायता राशि समेत नौकरी का दिया भरोसा प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सोमवार को बलिदानी एएसआई रामचरण गौतम के गृह ग्राम जिले के पवैया गांव पहुंचे। जहां उन्होने शहीद के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक के स्वजनों को सांत्वना दी। इस दौरान डीजीपी ने शहीद के परिवार के सदस्यों को बताया कि सरकार ने कर्तव्य निवर्हन में शहीद हुए एएसआई रामचरण गौतम के परिवार को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी बात कहीं है। यह है मामला मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। शनिवार की शाम सूचना पर पहुंची पुलिस पर भी ग्रामीणों ने हमला कर दिया था। हमले में एएसआइ की मौत से क्षेत्र में तनाव फैल गया था। सोमवार को अलग-अलग दो एफआईआर में तकरीबन डेढ़ सौ लोगों के विरुद्ध मामला पंजीकृत कर 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है। अंकिता ने बताई मऊगंज में हुए खौफनाक मंजर की पूरी कहानी मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में शनिवार को एएसआई समेत एक युवक की हत्या कर दी गई। एसडीओपी ने मऊगंज में हुए खौफनाक मंजर की पूरी कहानी बताई है। वहीं इसे लेकर ब्राह्मण समाज ने एक दिवस बंद का ऐलान किया है। सोमवार को रीवा और मऊगंज बंद रहेगा। एसडीओपी ने बताई पूरी कहानी SDOP अंकिता शूल्या ने बताया कि कैसे यह पूरी घटना हुई थी। उन्होंने बताया कि जिस कमरे में वह बंद थी, आरोपी उसी कमरे में आग लगाने की बात कर रहे थे। आरोपियों की मांग थी कि जिन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है, उन्हें छोड़ दे और एसडीओपी को ले जाए। अंकिता ने बताया कि वह करीब एक घंटे तक कमरे में बंद थी। पुलिस टीम ने हवाई फायरिंग कर एसडीओपी को मुक्त कराया और शव को कब्जे में लेकर वहां से निकाला गया। डीआईजी और एसपी के बोलने पर भी आरोपियों ने पुलिसकर्मियों को छोड़ने से इनकार कर दिया था। SDOP अंकिता ने बताया कि गांव के लोगों ने युवक की हत्या की थी। हमारा कर्तव्य था कि उन्हें सजा मिले। अपनी जान को जोखिम में डालकर अंकिता शूल्या अपने कर्तव्य पर डटी रही। कई घंटो तक पथराव चलता रहा, हमारे कई पुलिसकर्मी घायल हुए, लेकिन शव को छोड़ना सही नहीं था। ब्राह्मण समाज ने बंद का किया ऐलान रीवा और मऊगंज के ब्राह्मण समाज ने बंद का आव्हान किया है। व्यापारी से कहा कि वो इसमें सहयोग करें। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित संजय त्रिपाठी ने कहा कि हम लोग ब्राह्मण पर हो रहे अत्याचार खिलाफ लड़ेंगे और उन्हें इंसाफ दिलाएंगे। ऐसे उपजा विवाद बताया गया कि मऊगंज के गडरा गांव के निवासी द्विवेदी परिवार ने अशोक कोल को अपनी जमीन बेंची थीं। जिसके कुछ पैसे भी बकाया थे। दो माह पहले मऊगंज में अशोक आदिवासी की बाइक से एक्सिडेंट हुआ था और बाईक एक भैंस से टकरा गई थीं। जिसमें अशोक आदिवासी की मौत हो गई थीं। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम करवाया था। पीएम रिपोर्ट में एक्सीडेंट से मौत होना पाया गया था, लेकिन मृतक अशोक आदिवासी के परिजनों द्विवेदी परिवार के बेटे सनी द्विवेदी पर सुनियोजित तरीके से हत्या करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद मामले पर पुलिस के अधिकारियों ने एडिशनल एसपी रैंक के आधिकारी से जांच करवाई थी। जांच के बाद पाया गया की एक्सीडेंट के कारण ही अशोक कोल की मौत हुई थी। होली के दूसरे दिन हुई घटना इसके बाद शनिवार को होली के ठीक दूसरे दिन दोपहर के वक्त सनी द्विवेदी उसी अशोक आदिवासी परिवार की दुकान पर समान लेने गया था, जिसकी मौत का आरोप परिजनों ने सनी द्विवेदी पर लगाया था। इसी बीच आदिवासी परिवार के लोगों ने सनी को किराने की दुकान पर ही बंधक बना लिया। इसकी सूचना सनी के परिजनों को हुई तो वह आदिवासी परिवार से बातचीत करने पहुंचे। तभी आदिवासी परिवार के … Read 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गर्मी में कलेक्टर, नगरीय निकायों तथा पंचायतों को सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ लगाने के दिए निर्देश: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गर्मी के मौसम को देखते हुए जिलों के कलेक्टर, नगरीय निकायों तथा पंचायतों को सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उपयुक्त स्थलों पर छाया की व्यवस्था भी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संबंध में जन प्रतिनिधियों से भी अपील की है। उन्होंने कहा कि जन सामान्य के लिए ग्रीष्म ऋतु में प्याऊ लगवाने की परंपरा प्राचीन काल से रही है। जल संरक्षण के साथ-साथ जल की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को दिए संदेश के माध्यम से प्रदेशवासियों से जल गंगा अभियान के अंतर्गत बूंद- बूंद जल बचाने के लिए संचालित होने वाली गतिविधियों में सहभागिता करने का भी आव्हान किया।   recent visitors 30

44 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक ई-नीलामी: देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी

रायपुर : खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता और नवाचार का नया अध्याय: खनिज प्रबंधन में डिजिटल युग की नई शुरुआत 2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक 11,581 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित 44 खनिज ब्लॉकों की  सफलतापूर्वक ई-नीलामी: देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी बैलाडीला क्षेत्र में तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त: 9,362 विकास कार्यों को दी गई मंजूरी राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की योजना  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पारदर्शी खनन नीति, ई-नीलामी, डिजिटल निगरानी और पर्यावरण-संवेदनशील खनन रणनीतियों को अपनाकर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नए आयाम दिए हैं।खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित उत्खनन के चलते बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ के खनिज राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के गठन के समय की तुलना में खनिज राजस्व में 30 गुना वृद्धि हुई है, जो 2023-24 में 13,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और 2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक ही 11,581 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया जा चुका है। यह पारदर्शी खनन नीति और प्रभावी प्रशासन का परिणाम है। अब तक 44 खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी सफलतापूर्वक की जा चुकी है, जिसमें अब तक चूना पत्थर के 14, लौह अयस्क के 9, बॉक्साइट के 11, स्वर्ण के 3, निकल, क्रोमियम के 2, ग्रेफाइट के 2, ग्लूकोनाइट के 2 और लिथियम के 1 खनिज ब्लाक की निलामी की गई है। प्रदेश में अब तक 10 क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स ब्लॉक्स की सफलतापूर्वक नीलामी भारत सरकार द्वारा देश के आर्थिक एवं सामरिक विकास को ध्यान में रखते हुए क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के लिए राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन की घोषणा जनवरी, 2025 में की गई है। इस के अनुरूप प्रदेश में विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 से ही क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के अन्वेषण / खोज पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके तहत 56 अन्वेषण परियोजनाओं में से 31 परियोजनाओं अंतर्गत क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स पर कार्य किये जा रहे है। प्रदेश में अब तक 10 क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स ब्लॉक्स जिसमें लिथियम का 1, स्वर्ण का 3, निकल, क्रोमियम का 2, ग्रेफाइट का 2 ग्लूकोनाइट के 2 मिनरल ब्लॉक की नीलामी की गई है। देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी की कार्यवाही भारत सरकार द्वारा की गई है जिसके तहत् जिला कोरबा के कटघोरा लिथियम ब्लॉक को मेसर्स साउथ मायकी मायनिंग कंपनी को 76 प्रतिशत प्रीमियम राशि पर आबंटित किया गया है। राज्य के सुकमा एवं कोरबा जिले में भी लिथियम अन्वेषण कार्य किया जा रहा है जिसमें लिथियम के भण्डार पाये जाने की पूर्ण संभावना है। बैलाडीला लौह अयस्क: भारत के खनन क्षेत्र का मजबूत स्तंभ  बैलाडीला क्षेत्र भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क भंडारों में से एक है। यहां तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी है, जिसे मार्च 2025 तक पूरा किया जाएगा। इसके अलावा कांकेर जिले के हाहालद्दी लौह अयस्क खनिज ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। पर्यावरण संतुलन और पारदर्शी निगरानी प्रणाली पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए खनन क्षेत्र को अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक रूप से संचालित करने के लिए सरकार ने कई नई पहल की हैं। सेटेलाइट इमेजरी और माइनिंग सर्विलियेंस सिस्टम के माध्यम से अवैध खनन की निगरानी की जा रही है। गौण खनिज खानों में सुव्यवस्थित और वैज्ञानिक पद्धति से खनन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार बेहतर कार्य करने वाले पट्टेधारियों को ‘स्टार रेटिंग’ प्रणाली के तहत प्रोत्साहित कर रही है। खनिज राजस्व से सामाजिक विकास और बुनियादी सुविधाओं में निवेश खनिज राजस्व का एक बड़ा हिस्सा प्रदेश के सामाजिक विकास में निवेश किया जा रहा है। जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त हुई है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और कौशल विकास सहित 9,362 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इससे खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में महत्वपूर्ण सुधार हो रहा है। खनिज अन्वेषण कार्यों का विस्तार और नई परियोजनाएँ राज्य सरकार ने चूना पत्थर, बॉक्साइट, लौह अयस्क और ग्रेफाइट सहित कुल 13 खनिज परियोजनाओं में अन्वेषण कार्य शुरू किया है। प्रारंभिक सर्वेक्षणों में चूना पत्थर के 283 मिलियन टन, लौह अयस्क के 67 मिलियन टन और बॉक्साइट के 3 लाख टन भंडार का अनुमान लगाया गया है। स्वर्ण, ग्रेफाइट और ग्लूकोनाइट जैसे खनिजों की खोज भी की जा रही है, जिससे राज्य के खनन क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, सूरजपुर जिले के जाजावल क्षेत्र में यूरेनियम ब्लॉक के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। कोल बेड मीथेन पूर्ववर्ती कोरिया जिले में वेदांता लिमि. एवं ऑईलमैक्स को पेट्रोलियम अन्वेषण लायसेंस स्वीकृत किया गया है। मैंगनीज ओर इंडिया लि. (मोईल) द्वारा सीएमडीसी के साथ प्रदेश में प्रथम बार बलरामपुर क्षेत्र में खनिज मैगनीज का भंडार चिन्हित किया गया है। मुख्य खनिजों के लिए अन्वेषण हेतु केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की गई है। इसी तर्ज पर खनिज विभाग द्वारा राज्य के गौण खनिजों के व्यवस्थित विकास एवं अन्वेषण के लिए राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की योजना पर कार्य किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से छत्तीसगढ़ देश के समृद्ध राज्यों में से एक है। कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर, बॉक्साइट, स्वर्ण, निकल, क्रोमियम और प्लेटिनम समूह के तत्व सहित कुल 28 प्रकार के खनिजों की प्रचुरता ने इस राज्य को देश के खनन क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका में ला खड़ा किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों, सतत विकास की रणनीतियों और कुशल प्रशासनिक प्रयासों के चलते छत्तीसगढ़ भारत के अग्रणी औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। खनिज संपदा के माध्यम से प्रदेश न केवल आर्थिक मजबूती प्राप्त कर रहा है, बल्कि हरित और सतत विकास की दिशा में भी अग्रसर हो रहा है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध खनिज संपदा और रणनीतिक पहल के साथ भारत के माइनिंग हब के … Read more

एक अफवाह और धधक उठा नागपुर,DCP समेत 30 पुलिसकर्मी घायल, 65 हुए गिरफ्तार

नागपुर महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार की रात भीषण हिंसा देखने को मिली है। नागपुर के महल इलाके में पथराव, कई गाड़ियों में तोड़फड़ और आसपास के इलाके में आगजनी की गई है। इस घटना के बाद से ही शहर में तनाव की स्थिति है। ऐसे में नागपुर शहर के कोतवाली, गणेशपेठ, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरा नगर और कपिल नगर पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है।नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर कुमार सिंघल ने बताया है कि यह कर्फ्यू अगले आदेश तक लागू रहेगा। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इस हिंसा में 35  पुलिसकर्मी घायल हैं। वहीं, 65 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है।हिंसा और आगजनी के बाद नागपुर के कई स्कूलों में छुट्टी का ऐलान. पुलिस ने क्या बताया? नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ रविंदर सिंघल ने कहा, "स्थिति नियंत्रण में है। एक तस्वीर जलाई गई थी जिसके बाद लोग जमा हुए और उनके निवेदन पर हमने कार्रवाई की। लोगों का प्रतिनिधिमंडल मुझसे मिलने मेरे ऑफिस भी आया था। हमने FIR दर्ज की है… घटना करीब 8:30 बजे की है। 2 वाहन जलाए गए हैं।" CM फडणवीस क्या बोले? नागपुर में हुई हिंसा पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "नागपुर के महल इलाके में जिस तरह से स्थिति तनावपूर्ण हुई, वह बेहद निंदनीय है। कुछ लोगों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी की। यह गलत है। मैं स्थिति पर नजर रख रहा हूं। मैंने पुलिस कमिश्नर से कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है, उठाएं। अगर कोई दंगा करता है या पुलिस पर पत्थरबाजी करता है या समाज में तनाव पैदा करता है, तो ऐसे सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे नागपुर की शांति को भंग न होने दें। अगर कोई तनाव पैदा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" हमने नागपुर में कभी ऐसी घटना नहीं देखी- बावनकुले महाराष्ट्र के मंत्री और राज्य भाजपा प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, "नागपुर में जो स्थिति निर्माण हुई है, जिन लोगों ने भी वो स्थिति निर्माण की है, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस प्रशासन वहां मौजूद है…नागपुर की जनता बहुत संवेदनशील है…हमने नागपुर में कभी ऐसी घटना नहीं देखी। जिस प्रकार से घटना घटी है, किसी समाज कंटकों ने नागपुर को अशांत करने की कोशिश की है…हम सभी से अनुरोध करते हैं कि किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें…प्रशासन का सपोर्ट करें…महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और हम सब घटना पर नजर रखे हुए हैं…अभी वहां स्थिति नियंत्रण में है।" recent visitors 28

इस साल 1,400 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ, जो अमेरिका और यूरोप के संयुक्त उत्पादन से अधिक : रेल मंत्री

● 31 मार्च तक भारतीय रेल 1.6 बिलियन टन कार्गो कैरिज के साथ दुनिया के टॉप 3 देशों में शामिल होगा। ● प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में सभी ICF कोच को LHB में बदला जाएगा। ● भविष्य में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जैसे हादसे को रोकने के लिए 10 महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। ● हमारा कमिटमेंट गरीब से गरीब व्यक्ति के लिए है: रेल मंत्री   भोपाल केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को राज्यसभा में रेल मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा के दौरान भारतीय रेल की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भारतीय रेल यात्रियों को किफायती किराए पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्थान हासिल कर रही है। जहां हमारे देश में रेलवे का किराया आस-पास के देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के रेल किराए से भी कम है तो वहीं पश्चिमी देशों में रेल किराया तो भारत की अपेक्षा 10-20 गुना अधिक है। रेल यात्रियों दी जा रही सब्सिडी पर रेल मंत्री ने कहा कि अभी ट्रेन से प्रति किलोमीटर यात्रा की लागत ₹1.38 है, लेकिन यात्रियों से केवल 73 पैसे लिए जाते हैं, यानी 47% सब्सिडी दी जाती है। वित्त वर्ष 2022-23 में यात्रियों को ₹57,000 करोड़ की सब्सिडी दी गई, जो 2023-24 (प्रोविजनल फिगर) में बढ़कर करीब ₹60,000 करोड़ हो गई। हमारा लक्ष्य न्यूनतम किराए पर सुरक्षित और बेहतर सेवाएं देना है। रेल विद्युतीकरण के फायदों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि यात्रियों और कार्गो की बढ़ती संख्या के बावजूद ऊर्जा खर्च स्थिर है। भारतीय रेल 2025 में ‘Scope 1 नेट जीरो’ और 2030 तक ‘Scope 2 नेट जीरो’ हासिल करेगी। रेल मंत्री ने बताया कि बिहार के मढौरा कारखाने में बने लोकोमोटिव का निर्यात जल्द शुरू होगा। भारतीय रेल के पैसेंजर कोच मोज़ाम्बिक, बांग्लादेश और श्रीलंका को निर्यात किए जा रहे हैं, साथ ही लोकोमोटिव भी मोज़ाम्बिक, सेनेगल, श्रीलंका, म्यांमार और बांग्लादेश को निर्यात हो रहे हैं। बोगी के अंडर-फ्रेम यूनाइटेड किंगडम, सऊदी अरब, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया को और प्रपल्शन पार्ट्स फ्रांस, मैक्सिको, जर्मनी, स्पेन, रोमानिया और इटली को निर्यात किए जा रहे हैं।   इस साल भारत में 1,400 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ, जो अमेरिका और यूरोप के संयुक्त उत्पादन से अधिक है। साथ ही, 2 लाख नए वैगन बेड़े में जोड़े गए हैं। रेल मंत्री ने बताया कि 31 मार्च को समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में भारतीय रेल 1.6 बिलियन टन कार्गो ढोकर दुनिया के टॉप 3 देशों में शामिल होगा, जिसमें चीन, अमेरिका और भारत होंगे। यह रेलवे की बढ़ती क्षमता और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में ऐलान किया कि रेल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए, 41,000 LHB कोच तैयार किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में सभी ICF कोच को LHB में बदला जाएगा। लंबी रेल, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, फॉग सेफ्टी डिवाइस और 'कवच' सिस्टम तेजी से लागू किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए वैष्णव ने कहा कि पहले रेलवे को ₹25,000 करोड़ का समर्थन मिलता था, जो अब बढ़कर ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। इससे बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है। वहीं 50 नमो भारत ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है, जो कम दूरी की यात्रा के लिए AC और नॉन-AC विकल्पों के साथ है। हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे लेकर रेल मंत्री ने सदन को बताया कि इस दुखद हादसे की जांच हाई-लेवल कमेटी कर रही है। CCTV फुटेज समेत सभी डेटा सुरक्षित रखा गया है, करीब 300 लोगों से बातचीत कर फैक्ट्स की जांच हो रही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए 10 महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। रेल मंत्री ने कहा कि हमारा कमिटमेंट गरीब से गरीब व्यक्ति के लिए है। यही वजह है कि जनरल कोचों की संख्या एसी कोचों की तुलना में ढ़ाई गुना अधिक बढ़ाई जा रही है। वर्तमान प्रोडक्शन प्लान के अनुसार 17 हजार नॉन-एसी कोचों के मैन्युफैक्चरिंग का प्रोग्राम है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय रेल की वित्तीय स्थिति अच्छी है और इसमें लगातार सुधार के प्रयास जारी हैं। रेलवे ने कोविड महामारी से जुड़ी चुनौतियों पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया है। यात्रियों की संख्या बढ़ रही है और माल ढुलाई में वृद्धि देखी जा रही है। अब रेलवे का राजस्व करीब 2 लाख 78 हजार करोड़ रुपये है और 2 लाख 75 हजार करोड़ के खर्चे हैं। भारतीय रेल सभी बड़े खर्चे खुद के इनकम से कर रही है, जो कि रेलवे के बेहतर प्रदर्शन से संभव हुआ है राज्यसभा में दिए गए अपने बयान में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भरोसा दिलाया कि रेलवे भविष्य में और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली के रूप में उभरेगा। recent visitors 38

फिल्म “छावा” का विशेष शो हुआ ओपन थियेटर में

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज 17वीं सदी में शासक रहे छत्रपति संभाजीराव महाराज के जीवन और संघर्ष पर बनी फिल्म "छावा" देखी। लक्ष्मण उतेकर द्वारा निर्देशित इस फिल्म को मध्यप्रदेश सरकार ने टैक्स फ्री भी किया है। अशोका लेक व्यू परिसर में ओपन थियेटर में हुए फिल्म के विशेष प्रदर्शन को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अलावा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री परिषद के सदस्यों और अनेक जन प्रतिनिधियों ने देखा और फिल्म की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह राष्ट्र प्रेम का संदेश देने वाली प्रेरक फिल्म है। मध्यप्रदेश सरकार ऐसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी भारत के गौरवशाली इतिहास से अवगत करवाने वाली फिल्मों को प्रोत्साहित करेगी। राज्य सरकार भारत के वीर शासकों और देशभक्तों के संघर्ष की गाथा को प्रस्तुत करने वाले सिनेमा को आगे बढ़ाने में पूर्ण सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज जितने साहसी और वीर थे वैसे ही उनके सुपुत्र छत्रपति संभाजीराव महाराज भी थे। वे ऐसे शासक थे जिन्होंने देश के लिए राष्ट्र प्रेम का अदभुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा 300 वर्ष से अधिक पुराने दौर को सिनेमा के परदे पर जीवंत किया गया है। फिल्म के निर्माता निर्देशक और कलाकार बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज विश्व में भी काफी उथल-पुथल है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत अपनी विरासत और संस्कृति के संरक्षण के साथ विकास की ओर बढ़ रहा है। निश्चित ही ऐसी फिल्म जनप्रतिनिधियों के साथ देखना मेरे लिए एक सुखद संयोग है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज की वीरता पर आधारित एक काव्य रचना भी पढ़कर सुनाई।   recent visitors 30