Friday, July 3, 2026 8:12 am

बीजापुर पुलिस ने पत्रकार मुकेश चंद्रकार हत्याकांड की चार्जशीट मंगलवार को कोर्ट में पेश की

बीजापुर  छत्तीसगढ़ की बीजापुर पुलिस ने पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या के मामले में मंगलवार को कोर्ट में 1200 पेजों की चार्जशीट दाखिल की। पुलिस ने इस हत्याकंड में चार लोगों को आरोपी बनाया है। फिलहाल चारों आरोपी जगदलपुर जेल में हैं। आरोपियों के खिलाफ इस चार्जशीट में 70 से ज्यादा गवाह के बयान दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, मुकेश की हत्या मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर ने करवाई थी। मुकेश ने ठेकेदार के खिलाफ घटिया सड़क निर्माण के काम को उजागर किया था। हत्या मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व करने वाले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने बताया- “जांच के दौरान, डिजिटल और फिजिकल सबूतों को बारीकी से निगरानी की गई। इस चार्जशीट में उन सभी बातों का उल्लेख किया गया है।" उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं कि सभी चार आरोपियों को अदालत से कड़ी सजा मिले। 20 लाख रुपये का लगा था जुर्माना उन्होंने हत्या के पीछे की वजह का खुलासा करते हुए कहा- “आरोपी सुरेश इस बात से नाराज था कि मुकेश ने खराब सड़क निर्माण कार्य को उजागर क्यों किया। मामला उजागर होने के बाद उसके खिलाफ जांच हुई थी और ठिकानों पर जीएसटी छापे भी पड़े थे। उस पर लगभग 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। हत्या से पहले सुरेश ने मुकेश को कई बार फोन किया था। वह चिंतित था कि उसका साम्राज्य टूट जाएगा। अधिकारी ने बताया कि हत्या से कुछ दिन पहले, सुरेश ने मुकेश से मुलाकात की थी और उसे धमकी दी थी। 1 जनवरी को हुई थी हत्या मुकेश की हत्या 1 जनवरी की रात को हुई थी। 1 जनवरी से वह लापता था जिसके बाद उसके भाई ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने खोज शुरू की थी। 3 जनवरी को मुकेश का शव छतनपारा में सुरेश की एक प्रॉपर्टी में बने सेप्टिक टैंक के पास बरामद हुआ था। पुलिस के अनुसार, सुरेश के भाई रितेश और एक कर्मचारी महेंद्र रामटेके ने हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस का कहना है कि मुकेश को लोहे की रॉड से कई बार मारा गया और फिर उसके शव को टैंक में फेंक दिया गया, जिसे बाद में कंक्रीट से ढक दिया गया था। सुरेश चंद्राकर के भाई रितेश, दिनेश और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके को गिरफ्त में लेने के बाद तीन दिन बाद हैदराबाद से सुरेश को गिरफ्तार किया गया था। 100 करोड़ की लागत से बनी थी सड़क पूरा मामला बीजापुर जिले के गंगालूर से मिरतुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क का है। मुकेश ने इस सड़क के निर्माण में हुए घोटाले का खुलासा किया था। मुकेश चंद्राकर के खुलासे के बाद सुरेश ने हत्या की साजिश रची थी। recent visitors 19

रंगपंचमी पर करीला मेला में आएंगे सीएम मोहन यादव: कलेक्टर-एसपी ने की तैयारियों की समीक्षा

अशोकनगर देश के एकमात्र सीता माता मंदिर में 18 मार्च से 20 मार्च तक रंगपंचमी मेला लगा है। इस मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ये मंदिर एमपी के अशोकनगर जिले के करीला में स्थित है और देशभर में ‘मां जानकी मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध है। यहां सीता माता भगवान राम के बिना विराजमान हैं। मेले से एक दिन पहले ही करीब एक लाख श्रद्धालु करीला(Karila Dham) पहुंच गए और इसके लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का दौर शुरू हो गया था। जहां पर 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान 250 सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी तो वहीं सुरक्षा में करीब 1500 पुलिस जवान तैनात होंगे। रंगपंचमी पर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव(CM Mohan Yadav) भी मां जानकी के दर्शन करने पहुंचेंगे। पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली कलेक्टर ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल, शौचालय, बिजली व्यवस्था, पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए हेलीपैड की व्यवस्था का निरीक्षण किया। साथ ही सुरक्षा प्रबंधों और मां जानकी माता के दर्शन की व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 1500 पुलिस जवान तैनात मां जानकी मंदिर करीला(Maa Janki Temple Karila) में 18 मार्च से 20 मार्च तक रंगपंचमी(Rang Panchami) मेला लगेगा। सोमवार को सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं व दुकानदार सामान लेकर पहुंचना शुरू हो गए, तो वहीं बड़ी संख्या में महिला-पुरुष पैदल ही करीला के लिए जाते दिखे। पुलिस आरआई शिवमंगलसिंह के मुताबिक, 1500 पुलिस जवान तैनात रहेंगे, जिनमें करीब 800 से अधिक पुलिस जवान बाहर से बुलाए गए हैं जिनमें ग्वालियर, शिवपुरी व गुना का पुलिस बल और एसएएफ की चार कंपनी शामिल रहेंगी। वहीं 19 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव करीला आएंगे, इससे अतिरिक्त पुलिस बल लगेगा और इसके लिए हेलीपेड़ भी बनाया गया है। यह भी खास -श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े, इससे रास्तों में ग्रामीणों ने अभी से ट्यूबवेल चालू कर दिए हैं, ताकि रास्तों पर श्रद्धालुओं को आसानी से पानी मिल सके। -कलेक्टर सुभाषकुमार द्विवेदी ने कंपोजिट मदिरा दुकान बंगलाचौराहा व कंपोजिट मदिरा दुकान बहादुरपुर पर 19 मार्च को शराब क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। -पेयजल के लिए अंडरग्राउंड लाइन बिछाकर मेला क्षेत्र में टोंटियां लगाई गई हैं तो वहीं 250 टैंकर व 13 ट्यूबवेल सहित पानी टंकियों से भी पेयजल की व्यवस्था की गई है। -श्रद्धालुओं को बैठने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर पहली बार जिले की सभी जनपद पंचायतें मेला क्षेत्र में बड़े-बड़े टेंट लगा रही हैं, ताकि मेले में श्रद्धालु यहां बैठ सकें। -कंट्रोल रूम बनाया गया है, जरूरत पर श्रद्धालु फोन नंबर 9243982678, 9243980255, 924381883, 9243985103, 9243982659 व 9243993269 पर कॉल करें। दुकानों से 21 लाख रु.से अधिक की राशि की वसूली जनपद पंचायत के मुताबिक मेले में 915 दुकानों के लिए जगह चिन्हित की है और प्रत्येक दुकान की आवंटन राशि ढ़ाई हजार रुपए है। सोमवार शाम तक 726 दुकानों का आवंटन हो गया और इससे 18.15 लाख रुपए की राशि दुकानदारों ने जमा की, हालांकि अभी 189 दुकानें आवंटन के लिए शेष हैं। वहीं फुटपाथ व सडक़ किनारे भी छोटी दुकानें लग गईं, जिनसे करीब तीन लाख रुपए की राशि की वसूली की गई है। इससे मेले में दुकानें लगवाने के एवज में जनपद पंचायत अब तक करीब 21 लाख रुपए की राशि वसूल कर चुकी है। वहीं 189 शेष दुकानों की वजह व अन्य छोटी दुकानें लगने से राशि वसूली की संख्या बढ़ जाएगी। recent visitors 36

पीएम मोदी पिछले जन्म में महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज थे, लोकसभा में छिड़ा विवाद: भाजपा सांसद

नई दिल्ली संसद में चल रहे बजट सत्र के दौरान ओडिशा के बारगढ़ से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद प्रदीप पुरोहित ने पीएम मोदी को लेकर एक विवादित दावा किया। सोमवार को अपने संबोधन के दौरान प्रदीप पुरोहित ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पिछले जन्म में मराठा साम्राज्य के संस्थापक और महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज थे। इस बयान ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया, जहां इसे छत्रपति शिवाजी महाराज के सम्मान और उनकी विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है। आखिर क्या बोल गए भाजपा सांसद? प्रदीप पुरोहित ने अपने भाषण में एक संत से मुलाकात का जिक्र किया, जिन्होंने कथित तौर पर उन्हें बताया कि नरेंद्र मोदी का पूर्व जन्म छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में हुआ था। उन्होंने कहा, "मैं जिस क्षेत्र से आता हूं वहां एक गंधमर्दन पहाड़ी क्षेत्र है। एक गिरिजा बाबा संत वहां रहते हैं। एक दिन बातचीत चल रही थी तो उन्होंने हमें बताया कि देश के आज जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं वे अपने पूर्व जन्म में महाराज छत्रपति शिवाजी थे। इसलिए आज वे भारत को दुनिया में सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बनाने की भावना से काम कर रहे हैं।" पुरोहित ने इसे एक आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संबंध के रूप में पेश करने की कोशिश की, लेकिन उनके इस दावे ने तुरंत विवाद को जन्म दे दिया। इस बयान के बाद सोशल मीडिया, खासकर एक्स प्लेटफॉर्म पर, लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। कई यूजर्स ने इसे छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करार दिया। विपक्षी दलों ने इस बयान को हाथोंहाथ लिया और बीजेपी पर निशाना साधा। कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं ने इसे छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत का राजनीतिकरण करने का प्रयास बताया। मुंबई की कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड ने वीडियो शेयर करते हुए मराठी में लिखा, "अखंड भारत के आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज का बार-बार अपमान करने तथा महाराष्ट्र और दुनिया भर के शिव प्रेमियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए भाजपा नेतृत्व द्वारा एक सुनियोजित साजिश रची जा रही है। इन लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की मानद टोपी नरेंद्र मोदी के सिर पर रखकर शिवाजी महाराज का घोर अपमान किया है। और अब इस भाजपा सांसद का यह घिनौना बयान सुनिए… हम शिवाजी का बार-बार अपमान करने के लिए भाजपा की सार्वजनिक रूप से निंदा करते हैं। भाजपा शिव-द्रोही है। हम शिवाजी का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। नरेंद्र मोदी को तुरंत देश से माफी मांगनी चाहिए और इस सांसद को निलंबित करना चाहिए।" शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "भाजपा के इन बेशर्म चाटुकारों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी की छत्रपति शिवाजी महाराज से तुलना बिल्कुल अस्वीकार्य है।" ऐतिहासिक संदर्भ और विवाद छत्रपति शिवाजी महाराज 17वीं सदी के मराठा शासक थे, जिन्होंने मुगल शासक औरंगजेब के खिलाफ स्वराज की स्थापना की थी। उनकी वीरता, रणनीति और प्रशासनिक कुशलता उन्हें भारतीय इतिहास में एक महान नायक बनाती है, खासकर महाराष्ट्र में, जहां वे एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक प्रतीक हैं। ऐसे में, उनके नाम को किसी भी समकालीन नेता से जोड़ना स्वाभाविक रूप से संवेदनशील और विवादास्पद हो जाता है। वैसे अब तक बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। recent visitors 21

CM देवेंद्र फडणवीस- छावा मूवी के आने के बाद से ही लोगों में मुगल शासक औरंगजेब के खिलाफ गुस्सा बढ़ गया

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में हिंसा के बीच बॉलीवुड फिल्म 'छावा' का जिक्र किया है। उन्होंने दावा किया है कि इस फिल्म के आने के बाद से ही लोगों में मुगल शासक औरंगजेब के खिलाफ गुस्सा बढ़ गया है। सोमवार को भी औरंगजेब के मकबरे के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के बाद अफवाह के चलते हिंसा भड़क गई थी। उन्होंने कहा, 'छावा मूवी ने औरंगजेब के खिलाफ लोगों में गुस्सा भड़का दिया है। सभी को महाराष्ट्र को शांत रखने की जरूरत है।' साथ ही उन्होंने नागपुर की हिंसा को साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि नागपुर हिंसा के दौरान भीड़ ने कुछ चुनिंदा घरों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया; यह एक साजिश प्रतीत होती है। हिंसा में कई घरों और वाहनों को निशाना बनाया गया था। सीएम फडणवीस ने सदन में कहा, 'नागपुर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने विरोध प्रदर्शन किया। अफ़वाह फैलाई गई कि धार्मिक सामग्री वाली चीज़ें जला दी गईं….यह एक सुनियोजित हमला लगता है। किसी को भी कानून- व्यवस्था अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है।' उन्होंने साफ किया है, 'पुलिस पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, सख्त कार्रवाई की जाएगी।' उन्होंने जानकारी दी है कि हिंसा में 3 डीसीपी समेत 33 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वहीं, 5 आम नागरिक घायल हुए हैं और उनमें से एक ICU में है। नागपुर में हिंसा पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके में तब हिंसा भड़क उठी जब अफवाह फैली कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए आंदोलन के दौरान धर्मग्रंथ जलाया गया है। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया जिससे छह आम नागरिक और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। क्या हुई कार्रवाई नागपुर के संरक्षक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मंगलवार को कहा कि शहर में हुई हिंसा के सिलसिले में कम से कम 45 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और हिंसा के दौरान 34 पुलिसकर्मी तथा पांच अन्य लोग घायल हुए हैं। मंत्री ने कहा कि हिंसा के दौरान 45 वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई और उन्होंने सभी समुदायों के सदस्यों से शहर में शांति बनाए रखने तथा किसी भी असामाजिक तत्व का समर्थन नहीं करने की अपील की। एकनाथ शिंदे क्या बोले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि जो लोग अब भी औरंगजेब की प्रशंसा कर रहे हैं, वे ‘‘देशद्रोही’’ हैं। उन्होंने कहा कि मुगल बादशाह ने राज्य पर कब्जा करने की कोशिश की थी और लोगों पर अनेक अत्याचार किए थे। शिंदे ने कहा कि दूसरी ओर, मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज एक ‘‘दैवीय शक्ति’’ थे, जो वीरता, बलिदान और हिंदुत्व की भावना के लिए डटे रहे। recent visitors 20

जॉर्ज सोरोस के संगठनों पर ईडी ने मारे छापे, अडानी-हिंडनबर्ग मामले में खूब उछला था इनका नाम

बेंगलुरु  अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस समर्थित ओपन सोसाइटी फाउंडेशन (OSF) और उससे जुड़ी कुछ संस्थाओं के खिलाफ बेंगलुरु में प्रवर्तन निदेशालय ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की है. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. दरअसल ईडी ने विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (FEMA) के ‘‘उल्लंघन’’ से संबंधित जांच के सिलसिले में मंगलवार को छापेमारी की कार्रवाई की. सूत्रों ने बताया कि फेमा के तहत ओएसएफ और कुछ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के परिसरों की तलाशी ली जा रही है. उन्होंने कहा कि यह मामला ओएसएफ द्वारा कथित रूप से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त करने और कुछ लाभार्थियों द्वारा फेमा दिशा-निर्देशों का कथित उल्लंघन कर इन निधियों का उपयोग किए जाने से संबंधित है. ईडी की कार्रवाई पर ओएसएफ की तरफ से फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं मिली है. कौन हैं जॉर्ज सोरोस ज्योजी श्वार्ट्ज उर्फ जॉर्ज सोरोस, हंगरी मूल के मशहूर अमेरिकी कारोबारी हैं. अमेरिका और ब्रिटेन के शेयर बाजारों में जॉर्ज सोरोस एक बड़ा नाम है. सोरोस ने हेज फंड से तगड़ी कमाई की है. साल 1970 में सोरोस फंड मैनेजमेंट की शुरुआत की थी. खास बात है कि जॉर्ज सोरोस को बैंक ऑफ इंग्लैंड को बर्बाद करने वाला व्यक्ति भी कहा जाता है. क्योंकि, 1992 में उन्होंने ब्रिटिश पाउंड के खिलाफ दांव लगाकर एक ही दिन में 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई की थी. विवाद से घिरे रहते जॉर्ज सोरोस जनवरी 2023 में भी जॉर्ज सोरोस का नाम उस वक्त भारत में चर्चा में आया था जब अडानी ग्रुप के शेयरों में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद भारी बिकवाली हुई थी.  हंगरी-अमेरिकी राजनीतिक कार्यकर्ता सोरोस और उसके संगठन ओएसएफ पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारत के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है. अडानी-हिंडनबर्ग विवाद के दौरान उनके बयानों की भी पार्टी ने आलोचना की थी. बता दें कि जॉर्ज सोरोस फाइनेंशियल समझ के लिए काफी मशहूर हैं. लेकिन, उन्हें अर्थव्यवस्थाओं को अस्थिर करने के लिए भी जाना जाता है. इसके लिए उनकी भारत समेत कई देशों में आलोचना होती रहती है. जॉर्ज सोरोस समर्थित ओएसएफ ने 1999 में भारत में संचालन शुरू किया था. recent visitors 36

इजरायल ने उत्तरी गाजा पट्टी खाली करने के आदेश दिया, हमास के ‘The End’ का प्लान!

 गाजा इजरायल की सेना ने सीजफायर को ठेंगा दिखाकर हमास पर आक्रामक रुख अख्तियार किया है. इजरायल के गाजा पर अब तक के भयावह हमले में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. लेकिन इजरायल का गुस्सा शांत नहीं हो रहा. उसने हमास के खात्मे का प्लान बना लिया है. इजरायल ने उत्तरी गाजा पट्टी खाली करने के आदेश दे दिए हैं. इजरायल की मंशा हमास को जड़ से उखाड़ फेंकने की है. 19 जनवरी को इजराइल-हमास में शुरू हुए सीजफायर के बाद इजराइल का गाजा में यह सबसे बड़ा हमला है. इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने यह हमले इसलिए कराए क्योंकि सीजफायर पर हो रही बातचीत आगे नहीं बढ़ रही थी. वहीं, हमास ने इजरायल के इन हमलों को सीजफायर का उल्लंघन बताते हुए कहा कि इजरायल ने बिना किसी उकसावे के हमले किए हैं. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने हमास पर दबाव बनाने के लिए गाजा से मिस्र जाने वाले राफा क्रॉसिंग को बंद रखने के निर्देश दिए हैं. इसका मकसद मरीजों तक इलाज की पहुंच रोकना है. इससे पहले इजराइल ने गाजा में राहत सामग्री, तेल और दूसरी चीजें लेकर जाने वाली गाड़ियों का रास्ता रोक दिया था. मालूम हो कि इजरायल और हमास युद्धविराम समझौते का पहला चरण एक मार्च को खत्म हो गया था. इसके बाद से इजरायल की ओर से गाजा पर हमले जारी है. इजरायली सेना आईडीएफ का कहना है कि यह हमला हमास के आतंकियों को निशाना बनाने के लिए किया गया था. सीजफायर का पहला चरण एक मार्च को खत्म हो गया है. पहले चरण में हमास ने 33 बंधक छोड़े हैं. वहीं इजराइल ने दो हजार से फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया है. इजराइल और हमास में बीच सीजफायर के दूसरे फेज पर अभी तक बातचीत शुरू नहीं हो पाई है. इस फेज में लगभग 60 बंधकों को रिहा किया जाना था.   recent visitors 49

पृथ्वी शॉ को 10 बजे सोने और डाइट बदलने की दी सलाह, हालत देख दोस्त का छलका दर्द

नई दिल्ली पृथ्वी शॉ को एक समय पर भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा माना जा रहा था। उन्होंने घरेलू क्रिकेट के साथ इंटरनेशनल स्तर पर भी अपनी एक अलग पहचान बना ली थी। कई लोग उन्हें विराट कोहली के बाद भारतीय क्रिकेट में बड़े खिलाड़ी के रूप में देख रहे थे। हालांकि भारत के अंडर-19 विश्व कप के कप्तान का करियर बहुत ही जल्दी ढलान पर चला गया। वह आईपीएल 2025 के मेगा नीलामी में अनसोल्ड रहे और फिर मुंबई की रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में भी जगह नहीं बना सके। इस मुश्किल समय में पृथ्वी शॉ को उनके करीबी दोस्त और पंजाब किंग्स के स्टार क्रिकेटर शशांक सिंह ने उन्हें करियर को पटरी पर लाने वाली सलाह दी है। शुभांकर मिश्रा के साथ पॉडकास्ट पर शशांक सिंह ने कहा कि पृथ्वी शॉ को कम आंका गया है और अगर वह अपने बेसिक्स पर वापस जाएं तो वह कुछ भी हासिल कर सकते हैं। शशांक सिंह ने कहा, ''पृथ्वी शॉ को कम आंका गया है। अगर वह अपनी पुरानी चीजों पर काम करे, वह सब कुछ हासिल कर सकता है। मैं उसको तब से जानता हूं जब वह 13 साल का था। क्योंकि मैंने मुंबई में उनके साथ क्लब क्रिकेट खेला है। अगर आप मुझसे पूछें कि उनके साथ क्या गलत है, तो उनका कुछ चीजों पर अलग नजरिया है।'' उन्होंने आगे कहा, ''शायद वह अपने डेली रूटीन में कुछ बदलाव कर सकता है, जैसे रात 11 बजे के बजाय 10 बजे सो सकता है, या शायद अपने डाइट में सुधार कर सकता है। ये भारतीय क्रिकेट के लिए सबसे बेहतर चीज होगी। शायद वह कर (चीजें बदल) रहा है। उसे मेरी सलाह की जरूरत नहीं है। शायद उसे पहले से ही 10 बेहतर लोग सलाह दे रहे हैं।'' recent visitors 50