Friday, July 3, 2026 6:48 am

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण समिति की बैठक

जयपुर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत फसल कटाई प्रयोगों पर एग्रीकल्चर इन्श्योरेन्स कम्पनी द्वारा लगाये गये आपत्तियों के निस्तारण हेतु बीमा कम्पनी के प्रतिनिधियों एवं राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण समिति के सदस्यों के साथ मंगलवार को पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्री राजन विशाल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में शासन सचिव ने नागौर और डीडवाना-कुचामन जिलों के खरीफ 2023 की फसल कटाई प्रयोगों की आपत्तियों के निस्तारण हेतु इन जिलों के अधिकारियों एवं बीमा कम्पनी प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर योजना प्रावधान के अनुरूप कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये। श्री राजन विशाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे फसल कटाई प्रयोगों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की गाईडलाइन के अनुसार पूर्ण ईमानदारी से समय पर संपादित करें।   उल्लेखनीय है कि खरीफ 2023 का 1 हजार 603 करोड़ रूपये एवं रबी 2023-24 के 1 हजार 52 करोड़ रूपये के क्लेम पात्र फसल बीमा पॉलिसी धारक कृषकों को वितरित किये जा चुके हैं। शेष फसल बीमा क्लेम की राशि अतिशीघ्र किसानों को वितरित कर दी जायेगी। वर्तमान सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत कृषकों को अब तक लगभग 3 हजार 349 करोड़ रूपये की राशि वितरित की जा चुकी है। बैठक में आयुक्त कृषि सुश्री चिन्मयी गोपाल, आयुक्त उद्यानिकी श्री सुरेश कुमार ओला, अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) सीकर श्री रामनिवास पालीवाल, संयुक्त निदेशक कृषि (फसल बीमा) डॉ. जगदेव सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि (नागौर) श्री हरीश मेहरा, संयुक्त निदेशक कृषि (डीडवाना-कुचामन) श्री शंकर लाल बेड़ा, सब डिविजनल अधिकारी श्री ओमप्रकाश, आर्थिक एवं सांख्यिकी उप निदेशक श्री रामकुमार राव सहित विभागीय अधिकारी और इन्श्योरेन्स कम्पनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। recent visitors 38

अब दुबई या जॉर्जिया की यात्रा गोवा, मनाली या मुंबई जाने से सस्ती पड़ रही है, टूरिज्म इंडस्ट्री चौंकाने वाला दावा

गोवा सोचिए, आप किसी वीकेंड पर रिलैक्स करने का प्लान बना रहे है और आपके सामने दो ऑप्शन हैं – गोवा या दुबई। अब ज़रा चौंकने के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि दुबई की ट्रिप अब गोवा से सस्ती पड़ रही है! यह कोई मज़ाक नहीं, बल्कि एंजेल इन्वेस्टर उज्जवल सुतारिया का कहना है कि भारत में ट्रैवल अब इतना महंगा हो गया है कि लोग विदेश घूमने को बेहतर विकल्प मान रहे हैं। क्या भारत अपने ही टूरिज्म बूम को खत्म कर रहा है? आइए जानते हैं कि रियल एस्टेट की बढ़ती कीमतों से लेकर होटल-रेस्टोरेंट्स के महंगे टैरिफ तक, कैसे भारत का ट्रैवल सेक्टर आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है।   एंजेल इन्वेस्टर उज्जवल सुतारिया ने एक अहम सवाल उठाया है – "क्या भारत अपने ही पर्यटन उद्योग को महंगा बनाकर खुद को बाहर कर रहा है?" उनका कहना है कि अब दुबई या जॉर्जिया की यात्रा गोवा, मनाली या मुंबई जाने से सस्ती पड़ रही है। जो कभी एक आम आदमी के लिए किफायती यात्रा विकल्प (affordable travel options) था, वह अब सिर्फ उन लोगों के लिए रह गया है जो ऊंची कीमत चुकाने को तैयार हैं। लेकिन इसकी वजह सिर्फ ₹400 वाली एयरपोर्ट चाय या महंगे होटल किराए नहीं हैं।   रियल एस्टेट की मार से महंगा हुआ टूरिज्म सुतारिया के अनुसार, बढ़ती रियल एस्टेट कीमतें भारत के पर्यटन सेक्टर को प्रभावित कर रही हैं। पिछले एक दशक में संपत्ति की कीमतें आसमान छू गई हैं, जिससे होटल और रेस्टोरेंट्स को अपना निवेश निकालने के लिए दरें बढ़ानी पड़ रही हैं। सुतारिया ने कुछ चौंकाने वाले आंकड़े भी दिए हैं जैसे कि: – पर्यटन केंद्रों में प्रॉपर्टी की कीमतें गैर-पर्यटक इलाकों से 150% ज्यादा हो गई हैं। -अयोध्या में जमीन के दाम कुछ ही सालों में 10 गुना बढ़ चुके हैं। – बेंगलुरु और हैदराबाद में 2019 से अब तक 90% वृद्धि हुई है। -भारत का रियल एस्टेट मार्केट 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, सुतारिया इसे सिर्फ संकट नहीं मानते, बल्कि स्टार्टअप्स और उद्यमियों के लिए नए अवसर भी देखते हैं। उनका मानना है कि सस्ते ठहरने के विकल्प, ऑफबीट डेस्टिनेशन और बेहतर ट्रांसपोर्ट सुविधाएं इस स्थिति को बदल सकती हैं। उन्होंने आखिर में एक सवाल करते हुए लिखा- "क्या यह बदलाव भारतीय पर्यटन को बेहतर बनाएगा या इसे और महंगा कर देगा?"   recent visitors 28

सचिन मीणा के घर गूंजी किलकारी, सीमा हैदर ने बेटी को दिया जन्म, घर आई लक्ष्मी

 ग्रेटर नोएडा पाकिस्तानी भाभी के नाम से मशहूर सीमा हैदर पांचवी बार मां बन गई है। यह बच्चा सीमा और सचिम मीणा का है। हैदर ने ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में मंगलवार सुबह करीब साढ़े चार बजे बच्ची को दिया जन्म। करीब दो साल पहले चार बच्चों के साथ पाकिस्तान से दुबई और नेपाल के रास्ते सीमा भारत आई थी। हालांकि उसे अभी तक भारत की नागरिकता नहीं मिली है। दोनों की मुलाकात ऑनलाइन पबजी गेम खेलते हुई थी। इसके बाद दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और सीमा बच्चों सहित अपने प्रेमी सचिन के पास रहन के लिए आ गई। दिसंबर में दी थी गुड न्यूज सीमा और सचिन ने पिछले साल दिसंबर के महीने में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था। वीडियो में सीमा के गर्भवती होनी की जानकारी दी गई थी। दोनों काफी खुश दिखाई दे रहे थे। वीडियो में हैदर प्रेग्नेंसी किट दिखाते हुए सचिन को पिता बनने की खुशखबरी दे रही थीं। जिसके बाद सचिन सीमा को गले लगा लेता है। तब सीमा ने बताया था कि वह सात महीने की गर्भवती है। जल्द ही उनके घर किलकारी गूंजने वाली है। 2023 में आई थी भारत सीमा हैदर अपने चार बच्चों के साथ 13 मई 2023 अवैध रूप से भारत आई थी। उसे अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करने की वजह से 4 जुलाई 2023 को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने सचिन मीणा को उसे शरण देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। 7 जुलाई को उसे स्थानीय अदालत से जमानत मिल गई थी। सीमा ने पुलिस को बताया था कि उसने और सचिन ने नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज के साथ शादी की थी। गौतमबुद्ध नगर में की थी शादी जमानत मिलने के बाद सीमा और सचिन ने गौतमबुद्ध नगर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी। तब से दोनों रबूपुरा में पति-पत्नी के तौर पर रह रहे हैं। सीमा और सचिन की कहानी भारत-पाकिस्तान सहित सोशल मीडिया पर काफी मशहूर है। सीमा वीडियो के जरिए फैंस को अपडेट देती रहती हैं। सीमा के वकील विक्रम सिंह ने पाकिस्तानी भाभी की नागरिकता को लेकर कहा कि उनके खिलाफ अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने को लेकर दर्ज केस का निस्तारण हो जाए। इसके बाद कुछ हो सकता है। recent visitors 118

अपने विभागों से संबंधित विकास कार्यों के लिए 100 दिनों की योजना बनाई: मंत्री प्रवेश वर्मा

नई दिल्ली दिल्ली के पीडब्ल्यूडी और जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने विधायकों के साथ बैठक कर अपने विभागों से संबंधित विकास कार्यों के लिए 100 दिनों की योजना बनाई। दिल्ली की नई भाजपा सरकार के एजेंडे में सड़कों और नालों की मरम्मत, सीवर की सफाई और जल निकासी प्रबंधन, बाढ़ और जलभराव की समस्या, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई और लंबित विकास परियोजनाओं में तेजी लाना शामिल है। वर्मा ने कहा, “सालों से दिल्ली में कोई काम नहीं हुआ क्योंकि कोई इरादा नहीं था। स्थिति अब इतनी खराब हो गई है कि हमें लोगों को राहत देने के लिए युद्धस्तर पर काम करने की जरूरत है। सड़कों की मरम्मत, सीवरों की सफाई और नालियों को साफ करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। हमारी प्राथमिकता विकास है और अगले 100 दिनों में दिल्ली के लोगों को बदलाव दिखेगा। हम अधिक से अधिक इलाकों की समस्याओं को दूर करने का हर संभव प्रयास करेंगे। भाजपा सरकार सिर्फ वादे नहीं करती, हम लोगों की सेवा के लिए काम करते हैं।” दिल्ली सचिवालय में आयोजित बैठक में शकूर बस्ती, त्रिलोकपुरी, पटपड़गंज, लक्ष्मी नगर, मुंडका, नांगलोई जाट, मोती नगर, मादीपुर (पश्चिम क्षेत्र), मंगलापुरी और किराड़ी के विधायक शामिल हुए। बैठक में पीडब्ल्यूडी, दिल्ली जल बोर्ड और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी मौजूद थे। प्रवेश वर्मा ने एचटी को बताया कि विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए विधायकों और संबंधित अधिकारियों के साथ आमने-सामने बैठक करने का फैसला लिया गया है। वर्मा ने कहा कि अब हर विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं को सीधे अधिकारियों के सामने रख रहा है और संबंधित विभागों को समाधान के लिए तत्काल निर्देश दिए जा रहे हैं। भाजपा सरकार दिल्लीवासियों को राहत पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर काम करेगी। इस पहल का असर अगले 100 दिनों में जमीनी स्तर पर दिखाई देगा। recent visitors 35

ओबीसी महासभा जिला कार्यकारिणी भोपाल के द्वारा कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

OBC Mahasabha District Executive Bhopal submitted a memorandum to the Chief Minister through the Collector भोपाल (सुशील दामले) ! राजधानी स्थित कलेक्टर कार्यालय में ओबीसी महासभा के कार्यकर्ताओं ने,प्रदर्शन कर कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राज्यपाल महोदय,एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा वही ओबीसी महासभा के अध्यक्ष ने हमें बताया कि,मध्यप्रदेश मैं तत्काल 27% आरक्षण लागू किया जाए,13% होल्ड हटाकर अबिलंब पिछड़ा वर्ग के चयनित विद्यार्थियों को जॉइनिंग दी जाए,देश मैं जाति जनगणना सरकार करवाये,तथा जनगणना उपरांत देश के अंदर संख्या के अनुपात मैं हिस्सेदारी दी जाये प्राइवेट सेक्टर मैं आरक्षण लागू किया जाये,किसानों कि फसलों के दाम बढ़ाये जाएं, जब किसानों कि फसलें खेत में रहती,तब फसलों के दाम ज्यादा होते हैं,जैसे ही किसानों की फसल घर आती हैं,लगभग 25% दाम कम कर दिए जाते हैं,और कर्ज मैं दबे हुए किसानों को मजबूरी में अपनी फसल कम रेट में बेचनी पड़ती हैं,और ऐसी अनेकों मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा recent visitors 91

होली के बाद UP पुलिस में हुए तबादले, 32 IPS और 17 DSP को मिली नई जिम्मेदारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बार फिर आईपीएस अफसरों के तबादलों का बड़ा कदम उठाया है। इस बार कुल 32 आईपीएस अफसरों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर तैनात किया गया है। इस फेरबदल में कई महत्वपूर्ण अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। महत्वपूर्ण तैनाती: – डॉ. प्रीतिंदर सिंह को डीआईजी पीएसी मध्य जोन बनाया गया है, वे पहले डीजीपी मुख्यालय से अटैच थे। – आलोक कुमार को संभल का सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) बनाया गया है। – अपर्णा कुमार को डीआईजी मानवाधिकार लखनऊ में तैनात किया गया है। – अशोक कुमार को एसपी क्षेत्रीय अभिसूचना गोरखपुर की जिम्मेदारी दी गई है। – एलवी एंटोनी देव कुमार को एडीजी रूल्स एंड मैनुअल लखनऊ का कार्यभार सौंपा गया है। – अतुल शर्मा को डीआईजी पीएसी कानपुर अनुभाग सौंपा गया है। – शैलेंद्र कुमार राय को एसपी लोक शिकायत डीजीपी मुख्यालय लखनऊ बनाया गया है। – देवेंद्र कुमार को अपर पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर की जिम्मेदारी दी गई है। – आयुष श्रीवास्तव को अपर पुलिस अधीक्षक जौनपुर बनाया गया है। – इसके अलावा आलोक कुमार को संभल का सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) बनाया गया है। अन्य महत्वपूर्ण तैनाती: – बजरंगबली को सेनानायक 37वीं वाहिनी पीएसी कानपुर, – कमलेश बहादुर को सेनानायक 25वीं वाहिनी पीएसी रायबरेली, – लाल भरत कुमार पाल को सेनानायक 49वीं वाहिनी पीएसी नोएडा, – दिनेश यादव को सेनानायक 41वीं वाहिनी PAC गाजियाबाद, – अजय प्रताप को सेनानायक 48वीं वाहिनी PAC सोनभद्र, – अनिल कुमार यादव को डीसीपी वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट, – रोहित मिश्रा को एसपी डीजीपी मुख्यालय लखनऊ PAC बाराबंकी, – नेपाल सिंह को सेनानायक 39वीं वाहिनी PAC मिर्जापुर, -शिवराम यादव को एसपी पीटीएस मेरठ, – दीपेंद्र नाथ चौधरी को डीसीपी कानपुर पुलिस कमिश्नरेट बनाया गया है। प्रमोशन के बाद DIG बने 12 अफसरों को मिली तैनाती: प्रमोशन के बाद 12 आईपीएस अफसरों को डीआईजी की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें से कुछ प्रमुख तैनाती इस प्रकार हैं: – हेमंत कुटियाल को डीआईजी एसएसएफ लखनऊ, – स्वप्निल ममगाई को डीआईजी पीएसी मेरठ – शालिनी को डीआईजी पीएसी मुरादाबाद, – अरुण कुमार श्रीवास्तव को डीआईजी पीएसी अयोध्या अनुभाग, – डी प्रदीप कुमार को पुलिस महानिरीक्षक/अतिरिक्त सचिव पुलिस भर्ती बोर्ड लखनऊ, – कमला प्रसाद यादव को डीआईजी एंटी करप्शन लखनऊ, – सूर्यकांत त्रिपाठी को डीआईजी फायर सर्विस मुख्यालय लखनऊ, – विकास कुमार वैद्य को डीआईजी स्थापना डीजीपी मुख्यालय लखनऊ, – तेज़ स्वरूप सिंह को डीआईजी कार्मिक डीजीपी मुख्यालय लखनऊ, – सुनीता सिंह को डीआईजी पीएसी मुख्यालय लखनऊ, – राजेश कुमार सक्सेना को डीआईजी पीटीएस सुल्तानपुर, – हृदयेश कुमार को डीआईजी ईओडब्ल्यू मुख्यालय लखनऊ बनाया गया है।   recent visitors 41

BJP ने बताया मुस्लिमों को फायदा पहुंचाने वाला- बंगाल में OBC आरक्षण पर बवाल, SC पहुंची ममता सरकार

कोलकाता पश्चिम बंगाल में ओबीसी आरक्षण को लेकर एक बार फिर से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग नए सिरे से जातिगत पिछड़ेपन की समीक्षा कर रहा है और यह प्रक्रिया तीन महीने में पूरी हो जाएगी। मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने राज्य सरकार की दलील सुनते हुए मामले को जुलाई तक के लिए टाल दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए कोर्ट से अनुरोध किया कि इस मुद्दे पर आगे की सुनवाई तीन महीने बाद की जाए, जिसके बाद पीठ ने उनकी बात मान ली। वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ से ममता सरकार की इस पहल को मुस्लिमों को फायदा पहुंचाने वाला करार दिया है। हाई कोर्ट ने रद्द की थी कई जातियों की ओबीसी सूची यह मामला उस समय गरमाया जब 22 मई 2024 को कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा 2010 से अब तक कई जातियों को दी गई ओबीसी आरक्षण की सूची को अवैध करार दे दिया। कोर्ट ने पाया कि इन जातियों को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने का आधार केवल धर्म था, जो संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ है। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि 77 मुस्लिम जातियों को ओबीसी सूची में शामिल करना पूरे मुस्लिम समाज का अपमान है। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया था कि जिन लोगों को पहले ही आरक्षण का लाभ मिल चुका है या जो सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं, उनकी नौकरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बीजेपी ने लगाया 'मुस्लिम तुष्टिकरण' का आरोप वहीं पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा सियासी तूल पकड़ चुका है। बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर आरोप लगाया है कि राज्य सरकार एक जातिगत सर्वे करा रही है, जिसका मकसद मुस्लिम ओबीसी को फायदा पहुंचाना और हिंदू ओबीसी को पीछे करना है। बीते दिनों बीजेपी महासचिव जगन्नाथ चटर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "टीएमसी सरकार का यह सर्वे केवल राजनीतिक तुष्टिकरण के लिए है। वे मुस्लिम समुदाय की आर्थिक जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं ताकि सरकारी लाभ उन्हीं को दिया जा सके, जबकि हिंदू ओबीसी को इससे बाहर रखा जा रहा है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस सर्वे के सवालों को इस तरह से तैयार किया गया है जिससे समुदायों के बीच फूट डाली जा सके। चटर्जी के मुताबिक, "सवालों में यह पूछा गया है कि उनके इलाकों में पानी की सुविधा कैसी है और क्या वे अपने पड़ोसियों के साथ खाना साझा करते हैं। यह एक सोची-समझी साजिश है ताकि सांप्रदायिक तनाव पैदा किया जा सके।" नई जातियों से जुड़ी ठोस जानकारी दीजिए: सुप्रीम कोर्ट वहीं सुप्रीम कोर्ट पहले ही पश्चिम बंगाल सरकार से यह मांग कर चुका है कि वह ओबीसी सूची में शामिल नई जातियों की सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन से जुड़ी ठोस जानकारी पेश करे। कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि इन जातियों को ओबीसी में शामिल करने से पहले किसी तरह की कानूनी सलाह ली गई थी या नहीं। अब जब राज्य सरकार ने तीन महीने में पूरी समीक्षा करने की बात कही है, तो जुलाई में सुप्रीम कोर्ट इस पर अंतिम फैसला ले सकता है। इस बीच, पश्चिम बंगाल में राजनीतिक घमासान और तेज होने के आसार हैं। recent visitors 30